तेज रफ्तार बाइक खंभे से टकराई, 22 वर्षीय युवक की मौत
फर्रुखाबाद।फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र में नेकपुर गुमटी के पास शुक्रवार को तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे लगे खंभे से टकरा गई। हादसे में बाइक सवार 22 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।

जानकारी के अनुसार, लालजीत सक्सेना पुत्र स्वर्गीय बलबीर बाइक से घर से फतेहगढ़ की ओर जा रहा था। नेकपुर गुमटी के पास रेलवे क्रॉसिंग के सामने अचानक उसकी बाइक सड़क किनारे लगे खंभे से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि लालजीत गंभीर रूप से घायल हो गया।

परिजन आनन-फानन में उसे डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे आवास विकास स्थित एक निजी नर्सिंग होम ले गए, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

लालजीत की मौत से पत्नी निशा और उसकी तीन साल की मासूम बेटी के सिर से पिता का साया उठ गया। मां समेत परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया गया कि लालजीत चार भाइयों में सबसे छोटा था। परिवार में तीन बहनें भी थीं, जिनमें एक भाई और एक बहन की पहले ही मौत हो चुकी है। अब परिवार में दो भाई शेष हैं।

अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।
उप्र विधान परिषद चुनाव : सुबह 10 बजे 8.58 फीसदी हुआ मतदान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर शुक्रवार की सुबह आठ बजे से मतदान जारी है। उप्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक पूर्वाह्न 10 बजे तक इन सीटों पर 8.58 फीसदी मतदान हुआ है। गोरखपुर फैजाबाद खंड शिक्षक क्षेत्र में सबसे अधिक 14.05 फीसदी मतदान दर्ज हुआ है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक लखनऊ खंड स्नातक क्षेत्र में सुबह 10 बजे तक 5.37 फीसदी मतदान हुआ है। वाराणसी खंड स्नातक क्षेत्र में पांच प्रतिशत, आगरा खंड स्नातक क्षेत्र में 7.37, मेरठ खंड स्नातक क्षेत्र में 8.47, इलाहाबाद झांसी खंड स्नातक क्षेत्र में 3.75 फीसदी मतदान हुआ है।

लखनऊ खंड शिक्षक क्षेत्र में 5.65 फीसदी, वाराणसी खंड शिक्षक 11, आगरा खंड शिक्षक क्षेत्र में 9.56, मेरठ खंड शिक्षक क्षेत्र में 11.07, बरेली मुरादाबाद खंड शिक्षक क्षेत्र में 13.02 फ़ीसदी, गोरखपुर फैजाबाद खंड शिक्षक क्षेत्र में 14.05 फ़ीसदी मतदान हुआ है।
अमेठी में ढाई साल की बच्ची को युवक ने सड़क पर पटका, हालत गंभीर
अमेठी। उत्तर प्रदेश के जिले व कोतवाली क्षेत्र अमेठी के कस्बे स्थित कलवारन टोला में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। घर के बाहर खेल रही ढाई वर्षीय मासूम बच्ची को एक युवक ने कथित तौर पर उठाकर सड़क पर पटक दिया। घटना में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार, बीते शाम बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान एक युवक ने उसके साथ मारपीट करते हुए उसे सड़क पर पटक दिया। घटना देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों को अपनी ओर आता देख युवक नाली में घुस गया। इसके बाद लोगों ने कड़ी मशक्कत कर उसे बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। उधर, गंभीर रूप से घायल बच्ची को परिजन तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अमेठी ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

अमेठी के पुलिस उपाधीक्षक श्वेताभ भास्कर ने शुक्रवार को बताया कि आरोपी युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक को पुलिस निगरानी में लेकर अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है। घायल बच्ची की भी हालत सामान्य है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की समीक्षा बैठक हुई सम्पन्न*

फर्रुखाबाद। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में अधिकार मित्रों की बैठक कर उनके कार्यों के समीक्षा की गई की गई। इस दौरान अधिकार मित्रों ने न्यायिक अधिकारियों एवं प्राधिकरण से जुड़े अधिकारियों को मल्यार्पण कर व स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विधिक सेवा कार्यों, जनसामान्य तक निःशुल्क कानूनी सहायता पहुंचाने तथा विधिक जागरूकता के महत्व से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।
इस दौरान जिला जज नीरज कुमार, अपर जिला जज/नोडल अधिकारी D.L.S.A संजय कुमार, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण न्यायधीश  बिंदिया भटनागर, पूर्व बार एसोसिएशन फतेहगढ़ अध्यक्ष जवाहर सिंह गंगवार, प्रशासनिक अधिकारी  D.L.S.A राम सिंह मौर्य तथा लीगल एड डिफेंस काउंसिल के डिप्टी चीफ सुरेन्द्र कुमार राणा को अधिकार मित्रों द्वारा मल्यार्पण कर व स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।
बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से संचालित विधिक सहायता एवं जागरूकता कार्यक्रमों में अधिकार मित्रों की भूमिका के महत्व को रेखांकित किया गया। अधिकार मित्र समाज के जरूरतमंद, वंचित एवं पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी उपलब्ध कराने तथा उन्हें न्याय व्यवस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को सम्मानित कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन सुरेंद्र कुमार राणा डिप्टी चीफ़ लीगल एड डिफेंस काउंसिल द्वारा किया गया।
इस मौके पर अधिकार मित्रों हेतराम, सुबोध, निधि, सरिता,धन देवी, दया प्रभा,अखिलेश,आलोक, नरेंद्र परिहार, गौरव,प्रमोद,राजीव, अनुज, आदि अधिकार मित्र उपस्थिति रहे।
गोरखपुर-फैजाबाद खण्ड शिक्षक MLC चुनाव आज, गोण्डा में 12 केंद्रों पर होगा मतदान
*2805 मतदाता 16 प्रत्याशियों के भाग्य का करेंगे फैसला, सुबह 8 से शाम 4 बजे तक डाले जाएंगे वोट


गोण्डा।गोरखपुर-फैजाबाद खण्ड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र-2026 के लिए आज जनपद में मतदान होगा। जिले में कुल 12 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ 2805 मतदाता 16 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। मतदान सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा।जिला प्रशासन ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। सभी 12 मतदान केंद्रों को 12 सेक्टरों में बांटा गया है। प्रत्येक केंद्र पर जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती के साथ-साथ माइक्रो ऑब्जर्बरों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।मतदान प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक स्वयं भ्रमणशील रहकर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
आचार्य शांतनु महाराज की कथा का दूसरा दिन, जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा जौनपुर
जौनपुर। बीआरपी इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के द्वितीय दिवस पर पूज्य आचार्य शांतनु महाराज ने भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के पावन प्रसंग का भावपूर्ण एवं अद्भुत वर्णन किया। महाराज के श्रीमुख से कथा का श्रवण कर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। उनके दिव्य भजनों ने श्रोताओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। कथा पंडाल में भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा तथा जय श्रीराम के जयघोष गूँजते रहे। श्रीराम जन्मोत्सव के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, धर्म और लोककल्याण के संदेश से जोड़ा। महाराज के भावपूर्ण प्रवचन और भजनों ने उपस्थित जनसमूह को आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कराई। इस अवसर पर अनेक गणमान्य जनों की उपस्थिति रही। इनमें अंबरीश (राष्ट्रीय मंत्री, VHP), महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज् मंत्री कृपाशंकर सिंह, ओम प्रकाश सिंह (प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा), रमेश चन्द्र मिश्रा (विधायक, बदलापुर), अशोक उपाध्याय (क्षेत्र कुटुंब प्रबोधन), डॉ. आर. एन. त्रिपाठी (सदस्य, लोक सेवा आयोग), सतीश सिंह (पूर्व प्रत्याशी, मल्हनी), पप्पू माली (राष्ट्रीय सचिव, अपना दल एस), विनय सिंह (ब्लॉक प्रमुख, मुफ्तीगंज), विनय सिंह (ब्लॉक प्रमुख, महाराजगंज), डॉ. इंद्र प्रताप सिंह (श्रद्धा हॉस्पिटल), पंकज सिंह कौशिक, डॉ. विनोद कन्नौजिया एवं ऋतुराज सिंह ‘छोटू’ सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
जौनपुर में मनाया गया अमित शाह का जन्मदिन, कृपाशंकर सिंह द्वारा 62 जरूरतमंद लोगों को कान की मशीनें वितरित
जौनपुर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के 62वें जन्मदिवस के अवसर पर जौनपुर में पूर्व लोकसभा प्रत्याशी एवं महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह के नेतृत्व में श्रवण बाधित लोगों को 62 कान की मशीनें वितरित की गईं। इस पहल का उद्देश्य श्रवण संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे जरूरतमंद लोगों को सहायता उपलब्ध कराना तथा उनके दैनिक जीवन को अधिक सहज बनाने में सहयोग देना रहा।
इस अवसर पर कृपाशंकर सिंह ने कहा की जरूरतमंदों की सहायता और समाज के वंचित वर्गों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। जन्मदिवस जैसे विशेष अवसरों को सेवा और जनकल्याण के कार्यों से जोड़कर समाज के जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जाना चाहिए। आगे उन्होंने कहा कि श्रवण बाधित लोगों के लिए कान की मशीनें उपयोगी सहायक उपकरण हैं। इनके माध्यम से सुनने में कठिनाई का सामना कर रहे लोगों को बातचीत करने, परिवार एवं समाज के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने और सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने में मदद मिल सकती है। कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश दिया गया। जरूरतमंद लोगों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराना उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने तथा उन्हें सामाजिक जीवन में अधिक सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस मौके पर भाजपा प्रवक्ता ओमप्रकाश सिंह,ब्लॉक प्रमुख राहुल सिंह, विनय सिंह, मुकेश सिंह, रत्नाकर सिंह, धर्मेंद्र यादव, श्याम राज सिंह, महामंत्री पियूष गुप्ता, उपाध्यक्ष पर्मेंद्र चौहान, रामकेवल यादव, सुधीर सिंह,जिला दिव्यांगजन अधिकारी राजेश नागर, डॉ राजेश सिंह, सहित सैकड़ो लोग रहे!
शिवा शर्मा हत्याकांड : मॉडल श्रद्धा दुबे समेत तीन आरोपित 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गये
- मंगलवार को नागपुर में किए गये थे गिरफ्तार, गुरुवार काे हजरतगंज कोतवाली लाए गये

- साढ़े छह घंटे श्रद्धा, बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश से हुई पूछताछ, मेडिकल के बाद कोर्ट में पेश किया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चर्चित कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड में आरोपित मॉडल श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और उनके ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश को काेर्ट के आदेश पर गुरुवार काे दस दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। लखनऊ में न्यायालय में पेश करने से पहले हजरतगंज कोतवाली से सिविल अस्पताल ले जाकर इन तीनों आरोपितों की मेडिकल जांच करायी गयी। पुलिस अब न्यायिक हिरासत के बाद इस हत्याकांड से जुडे़ कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों का पता लगायेगी।

इसके पहले मंगलवार को नागपुर में गिरफ्तार किये गये इन तीनों आरोपितों मॉडल श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और उनके ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश को लेकर पुलिस लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली पहुंची। यहां शिवा शर्मा हत्याकांड के बारे में पूछताछ की गयी। इसके बाद तीनों आराेपिताे का सिविल अस्पताल में मेडिकल कराया गया और इसके बाद सीजीएम कोर्ट में पेश किया गया। काेर्ट ने दलीलें सुनने के बाद तीनाें आराेपिताें काे दस दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया।

इस दाैरान हजरतगंज काेतवाली से लेकर सिविल अस्पताल और न्यायालय तक पुलिस व्यवस्था सख्त रही। पेशी पर ले जाते समय मीडिया ने श्रद्धा दुबे से बात करने की काेशिश भी की लेकिन उसने बात नहीं की। इन तीनों आरोपितों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में हजरतगंज थाने में श्रद्धा, रश्मि, दानिश, आदिल और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मऊ में 14 केंद्रों पर होगी पीईटी परीक्षा, 37,440 अभ्यर्थी होंगे शामिल

सीसीटीवी की निगरानी में होगी परीक्षा, नकल और अव्यवस्था पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

मऊ। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी)-2026 को नकलविहीन, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

जिले में परीक्षा के लिए 14 केंद्र बनाए गए हैं, जहां छह पालियों में कुल 37,440 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी के साथ पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।

जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापकों और प्रधानाचार्यों की बैठक हुई।

इसमें परीक्षा की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और अभ्यर्थियों की सुविधाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह क्रियाशील रहने चाहिए।

किसी केंद्र पर कैमरे बंद मिलने पर तत्काल उन्हें चालू कराया जाए। परीक्षा से जुड़ी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। परीक्षा ड्यूटी में अधिकृत कर्मचारियों को ही नियमानुसार मोबाइल फोन रखने की अनुमति होगी। अभ्यर्थियों के बैग सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी प्रत्येक केंद्र पर सुनिश्चित की जाएगी। परीक्षा में बाधा डालने या अव्यवस्था फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। आपात स्थिति से निपटने के लिए डायल-112 सेवा भी सक्रिय रहेगी। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के सदस्य अशरफी आलम ने कहा कि परीक्षा शासन की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार कराई जाएगी।

जिले में प्रत्येक पाली में 6,240 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। इसके लिए 14 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 14 स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। परीक्षा 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 को आयोजित होगी। प्रथम पाली सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक चलेगी।

जिलाधिकारी ने परीक्षा से एक दिन पहले सभी केंद्रों पर साफ-सफाई, परिवहन और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी अभय पांडेय, जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
मऊ प्रधान चुनाव को चुनौती देने वाली निगरानी याचिका निरस्त, लाली देवी की जीत बरकरार
द्वितीय अपर जनपद न्यायाधीश दीप नारायण तिवारी ने अधीनस्थ न्यायालय के आदेश को किया पुष्ट, फर्जी मतदान के आरोप साक्ष्यों से नहीं हुए साबित

मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ) : ग्राम पंचायत अलाउद्दीनपट्टी में वर्ष 2021 में हुए ग्राम प्रधान के चुनाव को चुनौती देने वाली सिविल निगरानी याचिका न्यायालय ने निरस्त कर दी है। द्वितीय अपर जनपद न्यायाधीश दीप नारायण तिवारी की अदालत ने निगरानीकर्ता बिंदु यादव की याचिका खारिज करते हुए अधीनस्थ न्यायालय द्वारा तीन फरवरी 2023 को पारित आदेश की पुष्टि कर दी। इस आदेश के साथ ही निर्वाचित प्रधान लाली देवी के चुनाव को चुनौती देने वाली न्यायिक कार्यवाही में निगरानी स्तर पर राहत की मांग खारिज हो गई।

न्यायिक अभिलेख के अनुसार, वर्ष 2021 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में लाली देवी पत्नी शिव प्रसाद यादव ग्राम पंचायत अलाउद्दीनपट्टी से प्रधान निर्वाचित हुई थीं। चुनाव में पराजित प्रत्याशी बिंदु यादव पत्नी विजय प्रताप यादव ने निर्वाचन परिणाम को चुनौती देते हुए उपजिलाधिकारी न्यायालय, मुहम्मदाबाद गोहना में चुनाव याचिका दाखिल की थी।

इसमें मतदान एवं मतगणना में अनियमितता बरते जाने और फर्जी मतदान के माध्यम से परिणाम प्रभावित किए जाने का आरोप लगाया गया था। अधीनस्थ न्यायालय ने सुनवाई के बाद तीन फरवरी 2023 को चुनाव याचिका निरस्त कर दी थी। इस आदेश के विरुद्ध बिंदु यादव ने सिविल निगरानी संख्या 13/2023 प्रस्तुत की।

80 से अधिक मतपत्रों में अनियमितता का आरोप

निगरानीकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया था कि चुनाव में गांव से बाहर रहने वाले तथा मृत व्यक्तियों के नाम पर मतदान कराया गया।

इसके अतिरिक्त लगभग 80 मतपत्रों के प्रतिपर्ण पर मतदाताओं के हस्ताक्षर अथवा अंगूठे का निशान प्राप्त किए बिना मतदान कराए जाने का आरोप भी लगाया गया। याचिका में कहा गया था कि इन मतपत्रों में अधिकांश पर विपक्षी प्रत्याशी के चुनाव चिह्न पर मुहर लगी थी। दोनों प्रत्याशियों के बीच केवल 40 मतों का अंतर होने के आधार पर मतपत्रों का निरीक्षण कराने और आवश्यक होने पर पुनर्मतगणना कराए जाने की मांग की गई थी।

साक्ष्य के अभाव में नहीं मिला हस्तक्षेप का आधार

निगरानी पर सुनवाई के दौरान द्वितीय अपर जनपद न्यायाधीश दीप नारायण तिवारी ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों एवं उभयपक्ष के अधिवक्ताओं के तर्कों का परीक्षण किया।

न्यायालय ने पाया कि कथित अनियमितताओं के संबंध में मतदान के दौरान पीठासीन अधिकारी के समक्ष लिखित शिकायत किए जाने का कोई साक्ष्य अभिलेख पर उपलब्ध नहीं था।

मृत एवं अनुपस्थित मतदाताओं के नाम पर मतदान कराए जाने के आरोपों के समर्थन में संबंधित व्यक्तियों का स्पष्ट विवरण और पर्याप्त साक्ष्य भी प्रस्तुत नहीं किए गए थे।
न्यायालय ने यह भी पाया कि मतदान के दौरान प्रत्याशी के एजेंटों की मौजूदगी के बावजूद कथित अनियमितताओं के संबंध में मौके पर आपत्ति दर्ज कराए जाने का प्रमाण नहीं मिला।

मतपत्रों के प्रतिपर्ण पर हस्ताक्षर अथवा अंगूठे का निशान न होने के आरोप भी उपलब्ध साक्ष्यों से प्रमाणित नहीं हुए। इन तथ्यों के आधार पर न्यायालय ने अधीनस्थ न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप योग्य कोई प्रत्यक्ष अथवा सारभूत विधिक त्रुटि नहीं पाई।

परिणामस्वरूप सिविल निगरानी संख्या 13/2023 निरस्त कर दी गई और तीन फरवरी 2023 के आदेश की पुष्टि की गई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को अपना-अपना निगरानी व्यय स्वयं वहन करने का निर्देश भी दिया।