प्रहलाद नगरी जन कल्याण समिति में बड़ा बदलाव*

Sb न्यूज़ ब्यूरो रितेश मिश्रा
हरदोई। प्रदेश अध्यक्ष कुमुदनी देवी ने महिला विंग की जिला कार्यकारिणी भंग कर दी है। अब नए सिरे से पुनर्गठन होगा। भक्त प्रहलाद जी की पावन नगरी को आगे बढ़ाने के लिए कर्मठ और सक्रिय लोगों को नई टीम में मौका दिया जाएगा।
"पुलिस स्मृति दिवस-2026" को शस्त्र झुके, दी श्रद्धांजलि,

फर्रुखाबाद।

पुलिस स्मृति दिवस 2026

पर पुलिस लाइन फतेहगढ़ में कर्तव्य पालन के दौरान शहीद हुए पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा नमन किया गया एवं उन्हें भावभीनी श्रद्धांजली अर्पित की गई। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि

पुलिस स्मृति दिवस हर साल इसलिए मनाया जाता कि जवानों में देश के प्रति भावना जागृत रहे।

गाजे-बाजे के साथ निकली मां दुर्गा की भव्य विसर्जन शोभायात्रा

अमृतपुर, फर्रुखाबाद ।कस्बा अमृतपुर के फखरपुर रोड स्थित पछाये मोहल्ले में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा का दशहरा के अवसर पर मंगलवार को श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ विसर्जन किया गया। इस दौरान मां दुर्गा सेवा समिति की ओर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
श्रद्धालु मां दुर्गा की प्रतिमा को प्राचीन ठाकुरद्वारा ले गए, जहां आचार्य घनश्याम पांडेय ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई। इसके बाद प्रतिमा को वापस पंडाल में लाया गया और ट्रैक्टर पर विराजमान कर अमृतपुर कस्बे के प्रमुख मार्गों से भव्य शोभायात्रा निकाली गई।शोभायात्रा में डीजे पर बज रहे भक्ति गीतों की धुन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। मां दुर्गा के जयकारों से पूरा कस्बा भक्तिमय हो गया। महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने उत्साह के साथ शोभायात्रा में भाग लिया।शोभायात्रा के बाद मां दुर्गा की प्रतिमा को बलीपट्टी रानीगांव स्थित गंगा घाट ले जाया गया। यहां दूध, दही, चीनी, पंचामृत और गंगाजल से स्नान कराने के बाद विधि-विधान के साथ प्रतिमा का विसर्जन किया गया। भक्तों ने मां से परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। शोभायात्रा के दौरान थाना प्रभारी राजीव कुमार पांडेय, उपनिरीक्षक कल्लू सिंह, चौकी इंचार्ज राहुल कुमार सहित पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस की निगरानी में शोभायात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।ग्राम प्रधान सचिन देव तिवारी, पूर्व प्रधान प्रदीप सिंह राठौर उर्फ भद्दू भैया, जिला पंचायत सदस्य अजय कुमार सिंह चौहान, जितेंद्र सिंह चौहान, जितेंद्र सिंह गहलवार सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
आयोजन में ज्ञानेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, अमित सिंह, श्यामवीर सिंह, अरुण कुमार, कौशलेंद्र सिंह, शिवम सिंह, मंगल सिंह, प्रवल सोमवंशी और अमर सोमवंशी सहित अन्य सदस्यों ने सहयोग किया।
नए उत्तर प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नहीं : मुख्यमंत्री योगी
-पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर साझा की प्रदेश में आए बदलाव की नई तस्वीर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस स्मृति दिवस पर बलिदान हुए पुलिस कर्मियों को नमन किया। बुधवार को उन्होंने नए उत्तर प्रदेश में आए बदलाव की तस्वीर भी 'एक्स' पर साझा करते हुए कहा कि नए उत्तर प्रदेश में कानून से ऊपर कोई भी नहीं है।

मुख्यमंत्री योगी ने लिखा कि आज पुलिस स्मृति दिवस पर मैं उन सभी वीर पुलिस कार्मिकों को कृतज्ञतापूर्वक नमन करता हूं, जिन्होंने देश की सुरक्षा, समाज की शांति और नागरिकों के जीवन की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। कर्तव्य की वेदी पर अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर पुलिस कार्मिकों का शौर्य, साहस और समर्पण हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत है।

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार के कृत्यों पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में माफिया राज था। उस समय अराजक तत्वों के हौसले इतने बुलंद थे कि मथुरा के जवाहर बाग में कानून की रक्षा करते हुए वीर पुलिस अधिकारियों को प्राणों का बलिदान देना पड़ा।

पुलिस को मिली कार्रवाई की स्वतंत्रता

मुख्यमंत्री ने साफ किया कि नए उत्तर प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नहीं है। उत्तर प्रदेश उपद्रव से उत्सव प्रदेश बना है। पुलिस को अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की स्वतंत्रता मिली है। 2.26 लाख से अधिक पुलिस भर्तियों, प्रशिक्षण क्षमता में 10 गुना वृद्धि, सात बड़े शहरों में कमिश्नरेट प्रणाली, प्रत्येक जनपद में साइबर थाने तथा प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क की स्थापना से पुलिस व्यवस्था अधिक सक्षम, आधुनिक और जवाबदेह बनी है। गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत 88 हजार 973 अपराधियों पर कार्रवाई और 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति की जब्ती अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि हमारा संकल्प है कि वीर पुलिस कार्मिकों के बलिदान और उनके परिवारों के त्याग को सदैव स्मरण रखते हुए हम उत्तर प्रदेश को सुरक्षित, न्यायपूर्ण और भयमुक्त बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।
मिर्ज़ापुर में मायके आई विवाहिता का संदिग्ध परिस्थितियों में नदी में मिला शव, मचा हड़कंप

मीरजापुर। जिले के हलिया-लालगंज मार्ग स्थित कोटाघाट बेलन नदी में बुधवार को 25 वर्षीय विवाहिता का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। नदी में शव मिलने की सूचना पर सैकड़ों की संख्या में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची लालगंज और हलिया पुलिस ने शव को नदी से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटनास्थल पर पुल के ऊपर विवाहिता का दुपट्टा और चप्पल मिलने से उसके नदी में कूदने की आशंका जताई जा रही है। हलिया थाना क्षेत्र के मवई कला गांव निवासी फूल चंद की 25 वर्षीय पुत्री नीटू का शव लालगंज थाना क्षेत्र के कोटाघाट स्थित बेलन नदी में मिला। घटना की जानकारी होते ही स्वजनों में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे लालगंज इंस्पेक्टर वेद प्रकाश पांडेय, हलिया थानाध्यक्ष राजीव कुमार श्रीवास्तव, तिलांव चौकी प्रभारी अनिल सिंह तथा उपनिरीक्षक घनश्याम सिंह और महेंद्र प्रताप यादव ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई। इसके बाद पुलिस ने शव को नदी से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकारी के अनुसार नीटू की शादी मई 2026 में वाराणसी के सिगरा निवासी रणजीत के साथ हुई थी। वह इन दिनों अपने मायके आई हुई थी। बुधवार को उसका शव बेलन नदी में मिलने की खबर से परिवार में मातम छा गया। विवाहिता की मां ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी को पति द्वारा प्रताड़ित किया जाता था। इससे परेशान होकर उसने यह कदम उठाया होगा। हालांकि, विवाहिता की मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी। नीटू दो बहनों और एक भाई में शामिल थी। उसकी मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद गांव में भी शोक का माहौल है। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
ट्रैक्टर ट्रॉली और ट्रक में टक्कर, आधा दर्जन घायल
*दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए अयोध्या जा रहा था ट्रक

गोंडा।जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत गोंडा अयोध्या हाइवे पर मंगलवार रात लगभग 9.30 बजे ट्रैक्टर ट्रॉली और ट्रक की आमने सामने टक्कर हो गई,यह हादसा राजा सगरा चौराहे के पास हुआ।हादसे में ट्रैक्टर ट्रॉली पर सवार छह लोग घायल हो गये।हादसे के बाद सभी छह घायलों को एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वजीरगंज पहुंचाया गया,जहाँ उनका इलाज चल रहा है।पुलिस के अनुसार ट्रैक्टर ट्रॉली सवार लोग दुर्गा प्रतिमा अयोध्या स्थित सरयू नदी में विसर्जित करके गोंडा लौट रहे थे कि इसी दौरान गोंडा से दुर्गा प्रतिमा लेकर अयोध्या जा रहे ट्रक से उनकी टक्कर हो गई।हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई तथा स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।घायलों की पहचान किए जाने का प्रयास स्थानीय पुलिस द्वारा किया जा रहा है।वजीरगंज थाना प्रभारी दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि ट्रैक्टर ट्रॉली सवार छह लोग घायल हुए हैं और सभी का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वजीरगंज में चल रहा है।फिलहाल घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।पुलिस मामले की जांच कर रही है।हादसे की सूचना मिलते ही वजीरगंज पुलिस मौके पर पहुंची तथा दोनों वाहनों को सड़क से हटवाकर हाइवे पर आवागमन प्रारंभ करवा दिया।परिणामस्वरूप गोंडा से अयोध्या और अयोध्या से गोंडा की तरफ वाहन आ जा रहे हैं।थाना प्रभारी ने बताया कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
देवरियाः झोपड़ी में आग लगने से पिता-पुत्री समेत तीन की मौत, एक महिला गंभीर रूप से घायल
देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। भटनी थाना क्षेत्र के नोनापार गांव में मंगलवार-बुधवार की मध्य रात्रि को एक झोपड़ी में आग लगने से तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में एक 3 साल की मासूम बच्ची भी शामिल है। वहीं, इस हादसे में गंभीर रूप से घायल एक महिला को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है।

आग लगते ही आसपास के लोग आग बुझाने में जुट गए और अग्निशमन टीम को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन टीम तत्काल मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इसके बाद घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भटनी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जितेंद्र पुत्र लालचंद्र (32), बालकिशन पुत्र अदालत और जितेंद्र की तीन वर्षीय पुत्री शनि को मृत घोषित कर दिया। वहीं, जितेंद्र की पत्नी लीला की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया है।घटना की सूचना मिलने पर देवरिया के एसपी अभिजीत आर. शंकर समेत अन्य पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और घटना की जानकारी ली।

भाटपार रानी के क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि रात्रि में लगभग डेढ़ बजे के आसपास ग्राम नोनापार, थाना क्षेत्र भटनी में एक झोपड़ी में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना पर तत्काल थाना पुलिस व अग्निशमन टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया। इसके बाद घायलों को सीएचसी भटनी ले जाया गया, जहां जितेंद्र पुत्र लालचंद्र, उम्र 32 वर्ष, बालकिशन पुत्र अदालत और शनि पुत्री जितेंद्र, आयु 3 वर्ष, को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, लीला पत्नी जितेंद्र को हालत गंभीर होने के कारण रेफर कर दिया गया। प्रकरण में आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है। फिलहाल आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
समाजसेवी रत्नाकर मिश्रा की भाभी सुदामा देवी का निधन
जौनपुर। मीरा भायंदर के वरिष्ठ समाजसेवी रत्नाकर मिश्रा की भाभी सुदामा देवी का गत दिनों 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे अत्यंत दयालु और धार्मिक प्रवृत्ति की महिला थी। उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वाराणसी में की गई उनकी अंत्येष्टि में उनके परिवार के रत्नाकर मिश्र, पूर्व प्रधान कमलाकर मिश्र, सुधाकर मिश्र,वेदाकर मिश्र,दिवाकर मिश्र समेत सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।  महाराष्ट्र के पूर्व राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह, विधायक रमेश चंद्र मिश्र, ब्लॉक प्रमुख विनय सिंह समेत अनेक लोगों ने उनके घर पहुंच कर शोक संवेदना व्यक्त की। मीरा भायंदर के भाजपा नेता सुरेश सिंह, वरिष्ठ समाजसेवी राजेश मिश्रा, एडवोकेट डीके पांडे, भवन निर्माता सुरेंद्र उपाध्याय, परिवहन समिति के सभापति एडवोकेट राजकुमार मिश्रा, उत्तर भारतीय मोर्चा के जिला अध्यक्ष संतोष दिक्षित, भाजपा जिला महामंत्री बृजेश तिवारी, नगरसेवक विवेक उपाध्याय, एड अरुणा सत्यप्रकाश पांडे,सुरेंद्र तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, पत्रकार राजेश उपाध्याय, जयदयाल शुक्ला समेत अनेक लोगों ने गहरा दुख प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।
शिवा शर्मा प्रकरण में बड़ा एक्शन, 50-50 हजार के तीन इनामी आरोपी नागपुर से गिरफ्तार

लखनऊ पुलिस और यूपी एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई, नागपुर पुलिस के सहयोग से श्रद्धा दुबे, चालक दानिश और रश्मि दुबे पकड़े गए

लखनऊ। हजरतगंज थाना क्षेत्र के शिवा शर्मा प्रकरण में फरार चल रहे तीन इनामी अभियुक्तों को लखनऊ पुलिस और उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (यूपी एसटीएफ) की संयुक्त टीम ने नागपुर पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार कर लिया। तीनों अभियुक्तों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर लखनऊ लाया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान श्रद्धा दुबे, चालक दानिश और रश्मि दुबे के रूप में हुई है। तीनों इस मामले में फरार चल रहे थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही थीं।

9 अक्टूबर को दर्ज हुआ था मुकदमा

पुलिस के मुताबिक, हजरतगंज थाने में 9 अक्टूबर 2026 को वादिनी रंजना शर्मा की लिखित तहरीर के आधार पर मुकदमा संख्या 216/2026 दर्ज किया गया था। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था।

प्रकरण में फरार चल रहे श्रद्धा दुबे, चालक दानिश और रश्मि दुबे की गिरफ्तारी के लिए प्रत्येक पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

नागपुर पुलिस के सहयोग से हुई गिरफ्तारी

20 अक्टूबर 2026 को लखनऊ पुलिस और यूपी एसटीएफ की संयुक्त टीम ने नागपुर पुलिस के सहयोग से तीनों इनामी अभियुक्तों को नागपुर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब नियमानुसार आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर उन्हें लखनऊ ला रही है।

पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है। प्रकरण से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
खुले में फेंका जा रहा मेडिकल वेस्ट, चंदौली का स्वास्थ्य विभाग बना ‘धृतराष्ट्र’! आखिर कब जागेंगे जिम्मेदार?*


चंदौली। नगर पालिका परिषद डीडीयू नगर के एमआरएफ प्लांट में पहले भारी मात्रा में मेडिकल कचरा मिलने का मामला सामने आया था। अब गोधना बाईपास चौराहे से आगे एक निजी अस्पताल के पास भी बायोमेडिकल वेस्ट पाए जाने की जानकारी मिली है। इन घटनाओं ने मेडिकल कचरे के सुरक्षित निस्तारण और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।

इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जांच कराने का आश्वासन दिया था। खबर प्रकाशित होने के करीब एक सप्ताह बाद भी, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जांच और कार्रवाई के परिणाम स्पष्ट नहीं हैं। क्या संबंधित अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया? क्या कचरे के स्रोत की पहचान हुई? क्या किसी संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की गई? इन सवालों पर स्वास्थ्य विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है।

*खतरे में लोगो की जान !*

खुले में पड़े बायोमेडिकल वेस्ट में इस्तेमाल की गई सुइयों और दूषित चिकित्सा सामग्री से चोट तथा संक्रमण का जोखिम हो सकता है। इससे सफाईकर्मियों बच्चों और अन्य लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसलिए कचरे का सुरक्षित निस्तारण और उसके स्रोत की पहचान जरूरी है।

जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को मामले की जांच कर अपनी-अपनी जिम्मेदारी के तहत उठाए गए कदमों की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन या लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

सवाल यह है कि मेडिकल कचरा मिलने की घटनाओं के बाद जांच कहां तक पहुंची? मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आश्वासन पर क्या कार्रवाई हुई? जब तक संबंधित विभाग इन सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं देते तब तक निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही पर सवाल बने रहेंगे।