मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में 1,079 मरीजों को मिला उपचार, 484 पुरुष और 425 महिलाओं ने कराया पंजीकरण
34 स्वास्थ्य केंद्रों पर लगा आरोग्य मेला, टीबी, मधुमेह, त्वचा रोग और उच्च रक्तचाप समेत विभिन्न बीमारियों की हुई जांच
फर्रुखाबाद। जनपद में रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले के माध्यम से लोगों को उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपचार, चिकित्सकीय परामर्श और विभिन्न बीमारियों की जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में आयोजित आरोग्य मेले में जनपद के 34 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। मेले में कुल 1,079 मरीजों का पंजीकरण कर उन्हें चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया।
आरोग्य मेले में 484 पुरुष, 425 महिलाएं और 170 बच्चों का पंजीकरण किया गया। मरीजों की जांच एवं उपचार के लिए 151 चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती रही। मेले का उद्देश्य आमजन को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ ही बीमारियों की समय रहते पहचान कर उचित उपचार सुनिश्चित करना रहा।
त्वचा रोग के 275 और मधुमेह के 165 मरीजों की हुई जांच
आरोग्य मेले में विभिन्न बीमारियों से संबंधित मरीजों की जांच की गई। रिपोर्ट के अनुसार त्वचा रोग से संबंधित 275, मधुमेह के 165, श्वसन संबंधी समस्याओं के 135 तथा गैस्ट्रो संबंधी समस्याओं के 135 मरीजों की जांच एवं उपचार किया गया। इसके अतिरिक्त उच्च रक्तचाप के 56, गर्भवती महिलाओं के 34 तथा टीबी के संदिग्ध 23 मरीजों की पहचान की गई। एनीमिया से संबंधित सात मरीज भी चिह्नित किए गए। मरीजों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श देते हुए जरूरत के अनुसार आगे की जांच एवं उपचार के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
टीबी, हेपेटाइटिस और मलेरिया की जांच पर भी जोर
मेले में टीबी के 23 संदिग्ध मरीजों को चिह्नित करने के साथ हेपेटाइटिस-बी के 20 और हेपेटाइटिस-सी के 21 कार्ड टेस्ट किए गए। मलेरिया की जांच के लिए 92 रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट किए गए, जिनमें कोई सकारात्मक मामला दर्ज नहीं हुआ। डेंगू के 38 टेस्ट किए गए, जिनमें भी कोई सकारात्मक मामला सामने नहीं आया। इसके अलावा 12 मरीजों की आंखों की जांच की गई तथा 210 बुखार से पीड़ित मरीजों का परीक्षण किया गया।
गोल्डन कार्ड और टेलीमेडिसिन से भी मिली सुविधा
आरोग्य मेले में पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड बनाने की प्रक्रिया के तहत चार कार्ड बनाए गए। छह मरीजों को टेलीमेडिसिन के माध्यम से परामर्श उपलब्ध कराया गया तथा दो आभा आईडी बनाई गईं। आवश्यकता के अनुसार मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के लिए भी संदर्भित किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक सुलभ बनाने पर जोर देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का उद्देश्य लोगों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही प्राथमिक उपचार, आवश्यक जांच और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया कि मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करते हुए उनकी समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें तथा गंभीर या संदिग्ध रोगियों को आवश्यकतानुसार उच्च चिकित्सा केंद्रों पर भेजें।
आरोग्य मेले के माध्यम से जनपद में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास जारी हैं।
Oct 19 2026, 13:53
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