सबसे अलग है बंग सोसाइटी का चार दिवसीय दुर्गा पूजा समारोह*

उपेन्द्र कुमार पांडेय


आजमगढ़। शहर से सटे जाफरपुर में आयोजित बंग सोसायटी की चार दिवसीय दुर्गा पूजा अपनी अनूठी परंपरा और सामाजिक समरसता के लिए खास पहचान रखती है। वर्ष 1956 से चली आ रही इस परंपरा में सप्तमी से नवमी तक माता रानी को केवल फलाहार ही नहीं, बल्कि पूरे भोजन (चार दालों की खिचड़ी, सब्जी, चटनी, पापड़ और शाम को हलवा-पूरी) का भोग लगाया जाता है। भोग के बाद सभी भक्त बिना किसी भेदभाव के जमीन पर एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करते हैं और अंत में अपनी पत्तल भी स्वयं उठाते हैं। पूजा के लिए पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा से विशेष पुरोहित और ढाकी कलाकार बुलाए गए हैं, जहां आरती के दौरान पारंपरिक धुनोची नृत्य मुख्य आकर्षण रहता है। 16 अक्टूबर को प्रतिमा स्थापना के साथ शुरू हुए इस उत्सव में 17 से 20 अक्टूबर तक सामूहिक प्रसाद वितरण होगा और 21 अक्टूबर विजयादशमी को सिधारी स्थित कृत्रिम तालाब में प्रतिमा विसर्जन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में 1,079 मरीजों को मिला उपचार, 484 पुरुष और 425 महिलाओं ने कराया पंजीकरण
34 स्वास्थ्य केंद्रों पर लगा आरोग्य मेला, टीबी, मधुमेह, त्वचा रोग और उच्च रक्तचाप समेत विभिन्न बीमारियों की हुई जांच

फर्रुखाबाद। जनपद में रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले के माध्यम से लोगों को उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपचार, चिकित्सकीय परामर्श और विभिन्न बीमारियों की जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में आयोजित आरोग्य मेले में जनपद के 34 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। मेले में कुल 1,079 मरीजों का पंजीकरण कर उन्हें चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया।

आरोग्य मेले में 484 पुरुष, 425 महिलाएं और 170 बच्चों का पंजीकरण किया गया। मरीजों की जांच एवं उपचार के लिए 151 चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती रही। मेले का उद्देश्य आमजन को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ ही बीमारियों की समय रहते पहचान कर उचित उपचार सुनिश्चित करना रहा।

त्वचा रोग के 275 और मधुमेह के 165 मरीजों की हुई जांच

आरोग्य मेले में विभिन्न बीमारियों से संबंधित मरीजों की जांच की गई। रिपोर्ट के अनुसार त्वचा रोग से संबंधित 275, मधुमेह के 165, श्वसन संबंधी समस्याओं के 135 तथा गैस्ट्रो संबंधी समस्याओं के 135 मरीजों की जांच एवं उपचार किया गया। इसके अतिरिक्त उच्च रक्तचाप के 56, गर्भवती महिलाओं के 34 तथा टीबी के संदिग्ध 23 मरीजों की पहचान की गई। एनीमिया से संबंधित सात मरीज भी चिह्नित किए गए। मरीजों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श देते हुए जरूरत के अनुसार आगे की जांच एवं उपचार के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

टीबी, हेपेटाइटिस और मलेरिया की जांच पर भी जोर

मेले में टीबी के 23 संदिग्ध मरीजों को चिह्नित करने के साथ हेपेटाइटिस-बी के 20 और हेपेटाइटिस-सी के 21 कार्ड टेस्ट किए गए। मलेरिया की जांच के लिए 92 रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट किए गए, जिनमें कोई सकारात्मक मामला दर्ज नहीं हुआ। डेंगू के 38 टेस्ट किए गए, जिनमें भी कोई सकारात्मक मामला सामने नहीं आया। इसके अलावा 12 मरीजों की आंखों की जांच की गई तथा 210 बुखार से पीड़ित मरीजों का परीक्षण किया गया।

गोल्डन कार्ड और टेलीमेडिसिन से भी मिली सुविधा

आरोग्य मेले में पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड बनाने की प्रक्रिया के तहत चार कार्ड बनाए गए। छह मरीजों को टेलीमेडिसिन के माध्यम से परामर्श उपलब्ध कराया गया तथा दो आभा आईडी बनाई गईं। आवश्यकता के अनुसार मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के लिए भी संदर्भित किया गया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक सुलभ बनाने पर जोर देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का उद्देश्य लोगों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही प्राथमिक उपचार, आवश्यक जांच और चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया कि मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करते हुए उनकी समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें तथा गंभीर या संदिग्ध रोगियों को आवश्यकतानुसार उच्च चिकित्सा केंद्रों पर भेजें।

आरोग्य मेले के माध्यम से जनपद में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास जारी हैं।
श्री बालाजी परिवार का 51वां  मासिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन

*संवाददाता कायमगंज*

कायमगंज नगर के पृथ्वी दरवाजा रेलवे रोड पर श्री बालाजी परिवार द्वारा आयोजित 51वां मासिक सुंदरकांड पाठ अत्यंत श्रद्धा,उल्लास और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ बालाजी के दीवाने परिवार के पीयूष अग्रवाल एवं प्रियंका अग्रवाल ने बाबा के विग्रह का विधि-विधान से पूजन-अर्चन एवं पावन ज्योति प्रज्वलित कर किया।
बाबाजी के दरबार को अत्यंत नयनाभिराम व भव्य रूप में सजाया गया था, दरबार का अलौकिक स्वरूप देखकर उपस्थित श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
इसके उपरांत प्रियंका अग्रवाल ने मधुर स्वर में संगीतमय सुंदरकांड का पाठ प्रस्तुत कर समूचे वातावरण को भक्ति रस से सराबोर कर दिया।
पाठ के मध्य भजनों की मनमोहक श्रृंखला शुरू हुई, जिसमें मनोज कौशल ने श्री राधारानी के भजनों से श्रोताओं को भाव विभोर किया, वहीं सिया शर्मा एवं रुचि ने पावन नवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में माता रानी के मधुर भजनों की शानदार प्रस्तुति दी।
इसके बाद सामूहिक हनुमान चालीसा एवं महाआरती संपन्न हुई बाद श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों पर पारंपरिक गरबा व डांडिया नृत्य किया। अंत में जलपान एवं प्रसाद वितरण के साथ धार्मिक अनुष्ठान का समापन हुआ।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
डी मोनफोर अकादमी में डांडिया की धूम, माताओं ने बिखेरे सांस्कृतिक रंग

**‘मिस बेस्ट अटायर’ बनीं मेघा, साक्षी ने जीता ‘मिस ग्रेसफुल’ का खिताब**

**रामराज (मेरठ)।** डी मोनफोर अकादमी में शनिवार, 17 अक्टूबर को नवरात्रि के पावन अवसर पर डांडिया उत्सव धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। रंग-बिरंगी सजावट, पारंपरिक परिधान और डांडिया की मधुर धुनों के बीच विद्यालय परिसर उत्सव के रंगों से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम में प्री-नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों की माताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

उत्सव के दौरान माताओं ने पारंपरिक वेशभूषा में आकर्षक डांडिया नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। संगीत और नृत्य के साथ आयोजित मनोरंजक खेलों में भी प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में उत्साह, उमंग और भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिली।

इस अवसर पर उत्कृष्ट परिधान और आकर्षक व्यक्तित्व के लिए विशेष पुरस्कार भी दिए गए। एलकेजी की छात्रा त्रिशिका की माता मेघा ने ‘मिस बेस्ट अटायर’ का खिताब अपने नाम किया, जबकि प्री-नर्सरी के छात्र शुभ की माता साक्षी को ‘मिस ग्रेसफुल’ चुना गया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच आपसी सहयोग एवं सौहार्द को बढ़ावा देते हैं। साथ ही भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना मजबूत करते हैं।

विद्यालय की निर्देशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने कहा कि भारतीय त्योहार हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं। ऐसे आयोजन सभी को एक साथ खुशियां मनाने और अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं।

विद्यालय के निर्देशक डॉ. के.के. शर्मा ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास और सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। वहीं, उप-प्रधानाचार्या रितु चिकारा ने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त किया।

डांडिया उत्सव ने विद्यालय परिवार को एक साथ आकर खुशियां बांटने और भारतीय संस्कृति के रंगों में रंगने का यादगार अवसर प्रदान किया।
मंदिरों में महाष्टमी पर भक्तों की भींड़,माँ बाराही देवी में लंबी लाइन,सुरक्षा के सख्त इंतजाम
*माँ महागौरी की पूजा कर रहे भक्त


गोंडा।जिले में रविवार सुबह 4.30 बजे से ही शारदीय नवरात्रि के महाष्टमी के पवित्र अवसर पर जनपद के सभी देवी मंदिरों में भक्तों की भारी भींड़ लगी हुई है।लोग मंदिरों में पहुँच करके आज शारदीय नवरात्री के आठवें दिन माँ महागौरी की पूजा अर्चना करके उनका आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर मुकुंदपुर में स्थित 34वीं शक्तिपीठ माँ बाराही देवी मंदिर पर सुबह 4.30 बजे से ही भक्तों की भारी भींड़ लगी हुई है।अत्यधिक संख्या में लोग यहाँ पहुँच करके माँ बाराही देवी की पूजा अर्चना कर उनका आशीर्वाद ले रहे हैं।यहाँ पर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।मंदिर परिसर से लेकर लगभग एक किलोमीटर तक लंबी लाइन सड़क तक लगी हुई है।एक एक करके लोग लाइनों में लग करके मंदिर के अंदर जा रहे हैं और माँ बाराही की पूजा अर्चना कर रहे हैं तथा माँ बाराही देवी को नारियल और चुनरी चढ़ा रहे हैं।वहीं जिला मुख्यालय से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित माँ खैरा भवानी मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों की भारी भींड़ लगी हुई है।यहाँ पर लोग पूजा अर्चना करने के साथ साथ छोटे छोटे बच्चों का मुंडन करवाने में भी लगे हुए हैं।बताते चलें कि बड़ी संख्या में भक्त यहाँ अपने बच्चों का मुंडन करवाने के लिए आते हैं।भारी भींड़ को देखते हुए मंदिरों पर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।माँ काली भवानी मंदिर में भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।माँ काली भवानी मंदिर पर भी अत्यधिक संख्या में लोग पहुंचकर के माँ काली भवानी की पूजा अर्चना करके उनका आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं और यहाँ पर भी भक्तों की भारी भींड़ है।जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि आज दुर्गा महाष्टमी के अवसर पर  सभी देवी मंदिरों में भक्तों की भारी भींड़ है जिसके मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं,तो जिला पंचायत राज विभाग द्वारा सभी मंदिरों पर साफ सफाई कराया जा रहा है,ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
जिले में अभी तक नहीं तय हुए धान क्रय केंद्र,धान खरीद तैयारियों में सुस्ती
118 में से महज 27 क्रय केंद्र बने

गोंडा।जिले में एक नवंबर से धान की खरीद शुरू होनी है,परन्तु प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां बहुत मंथर गति से चल रही हैं।रविवार सुबह 10.30 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष अब तक जिले में केवल 27 क्रय केंद्र ही बन पाए हैं।बताते चलें कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी जिले में कुल 118 धा न क्रय केंद्र खोले जाने हैं,परन्तु खरीद एजेंसियों की लेट लतीफी के कारण अब तक अधिकांश केंद्रों का निर्धारण नहीं हो सका है।कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार,इस वर्ष जिले में 1.30 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती की गई थी।फलत: विभाग ने लगभग चार लाख नौ हजार क्विंटल धान के उत्पादन की आशंका जताई है।वर्तमान में अगैती धान के फसलों की कटाई तेजी से शुरू हो चुकी है,जबकि कुछ क्षेत्रों में बालियां लग रही हैं।पिछले सितंबर माह में लगातार पांच दिनों तक हुई बारिश के कारण किसानों को पहले ही अत्यधिक नुकसान झेलना पड़ा था और अब जब फसल कटकर तैयार होने लगी है,तो समय पर सरकारी धान क्रय केंद्रों के सक्रिय न होने से किसानो के सामने नई समस्या खड़ी हो गई है।क्रय केंद्रों के अभाव में किसान अपनी मेहनत की उपज का उचित और लाभकारी मूल्य पाने से वंचित हो रहे हैं।समय पर धान क्रय केंद्र न शुरू होने के कारण कई किसान अपनी उपज को मंडियों में औने पौने दामों पर निजी व्यापारियों और बिचौलियों के हाथों बेचने को मजबूर हैं।वहीं खाद्य विपणन विभाग ने पिछले सप्ताह ही सभी संबंधित क्रय एजेंसियों से नये क्रय केंद्र खोलने को लेकर रिपोर्ट तलब किया था,परन्तु एजेंसियों ने खबर लिखे जाने तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किया है।कई एजेंसियां हर साल की तरह इस साल भी संबद्धता के सहारे ही केंद्रों के संचालन की तैयारी में दिखाई दे रही हैं।इस पूरे मामले पर जिला खाद्य एवं विपरण अधिकारी एन के पाठक ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि धान खरीद को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रक्रिया जारी है और जल्द ही  शष सभी क्रय केंद्रों की सूची तय कर किसानों की सुविधा के लिए जारी कर दी जाएगी।
मिशन शक्ति 6.0 के अंतर्गत सर्विलांस टीम व थाना कादरीगेट पुलिस टीम द्वारा 30 मिनट के अंदर खोया हुआ बैग सकुशल बरामद कर दम्पत्ति को सुपुर्द किया


फर्रुखाबाद। रविवार को पश्चिम बंगाल से जनपद में मंदिर दर्शन एवं भ्रमण के लिए आए दम्पत्ति का एक बैग थाना क़ादरी गेट क्षेत्र के ई-रिक्शा में छूट गया था। बैग में एंड्रॉयड मोबाइल, आधार कार्ड, नकदी, कपड़े एवं अन्य सामान रखा हुआ था। सूचना पर सर्विलांस टीम व थाना कादरीगेट पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए मात्र 30 मिनट के अंदर संबंधित ई-रिक्शा को खोजकर बैग एवं उसमें रखा समस्त सामान सकुशल दम्पत्ति के सुपुर्द कर दिया गया। अपना खोया हुआ सामान वापस पाकर दम्पत्ति ने फतेहगढ़ पुलिस का आभार व्यक्त किया ।
युवक फांसी पर झूला, हालत गंभीर, इलाज जारी


अमृतपुर,फर्रुखाबाद ।थाना क्षेत्र के ग्राम उजरामऊ निवासी 25 वर्षीय शिवम पुत्र ओमपाल सिंह जाटव ने शनिवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगा ली। परिजनों ने उसे फंदे पर लटका देखा तो चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में उसे अस्पताल पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार, शिवम सुबह करीब 11 बजे खेतों की ओर से घर लौटा था। इसके बाद वह कमरे में चला गया, जहां साड़ी के सहारे छत के कुंडे से फांसी लगा ली। परिजन उसे जमापुर स्थित निजी अस्पताल ले गए। हालत गंभीर होने पर उसे फर्रुखाबाद के नालामच्छरट्टा स्थित  अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सक के अनुसार, युवक की हालत गंभीर बनी हुई है और उपचार जारी है। युवक ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया, इसका कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
मऊ मुहम्मदाबाद गोहना में मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन, 194 मरीजों की हुई जांच
मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ)। शासन के निर्देश पर प्रत्येक रविवार को आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले के तहत रविवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े करहां समेत चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। मेले में चिकित्सकों ने विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचे मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक दवाएं वितरित कीं।

मेले के दौरान अस्पताल अधीक्षक डॉ. फैयाज अहमद ने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को अपनी ड्यूटी पर मुस्तैदी से तैनात रहने के निर्देश दिए। उन्होंने मौसम में हो रहे बदलाव को देखते हुए लोगों को स्वच्छता के प्रति विशेष रूप से जागरूक करने पर जोर दिया।

स्वास्थ्य मेले में सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार, टाइफाइड, मलेरिया और शुगर से संबंधित मरीज बड़ी संख्या में पहुंचे। चारों स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल 194 मरीजों की जांच कर उन्हें दवा दी गई।

इस अवसर पर डॉ. जावेद अहमद, डॉ. संजय चौहान, डॉ. बलवंत समेत फार्मासिस्ट सरोज यादव, सूबेदार सरोज, रितेश कुमार राय, उपासना राय सहित एएनएम और स्टाफ नर्स विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर अपनी सेवाएं देते रहे।
सपा को बड़ा झटका: महासचिव मंटू मिश्रा ने छोड़ी पार्टी, पूर्व डीएम दिव्या मित्तल की 'जननीति भारत' में शामिल
'राजनीति नहीं, जननीति' मंत्र से जुड़ रहे है मिर्जापुर के मतदाता : दिव्या मित्तल
मीरजापुर। जिले की सियासत में बड़ा भूचाल आ गया है। समाजवादी पार्टी के महासचिव और प्रसिद्ध गायक मंटू मिश्रा ने सपा का दामन छोड़कर पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल की नई पार्टी 'जननीति भारत' का दामन थाम लिया है। मंटू मिश्रा के शामिल होने को जननीति भारत के लिए बड़ी मजबूती के तौर पर देखा जा रहा है। जानकारों का मानना है कि यह सिर्फ दल बदलने की नहीं, सोच बदलने की कहानी है। उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने 13 साल की प्रतिष्ठित सेवा छोड़कर जनसेवा का रास्ता चुना है। उनकी पार्टी का नाम ही चर्चा का विषय बना हुआ है। पार्टी का कहना है कि यह किसी परिवार या जाति की नहीं, बल्कि जन की नीति पर आधारित पार्टी है। दिव्या मित्तल ने जिले की पांच विधानसभा सीटों में से सबसे चर्चित सीट मिर्जापुर नगर (सदर) से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। यह सीट कभी किसी एक दल की जागीर नहीं रही है। 2002 से 2012 तक यह सीट सपा के कैलाश चौरसिया के पास रही, जबकि 2017 और 2022 में भाजपा के रत्नाकर मिश्रा ने जीत दर्ज की। 2022 के चुनाव में भाजपा ने सपा को 39,876 वोटों के अंतर से हराया था। इस सीट का जातीय समीकरण जननीति के लिए अनुकूल माना जा रहा है। यहां करीब डेढ़ लाख वैश्य, 50 हजार ब्राह्मण, 40 हजार मुस्लिम मतदाताओं के साथ बड़ा दलित-पिछड़ा वर्ग निर्णायक भूमिका में है। दिव्या मित्तल सितंबर 2022 से 2023 तक मिर्जापुर की डीएम रही हैं और लहुरिया दह गांव में पानी पहुंचाने जैसे कार्यों से उन्होंने जनता में अपनी पहचान बनाई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार ग्रामीण कार्यक्रमों में देर रात तक उमड़ रही भीड़ इस बदलाव का संकेत दे रही है