दुर्गा पूजा पंडालों एवं विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा, स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के जिलाधिकारी ने दिए निर्देश*

*संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय से संयुक्त निरीक्षण कर कमियों का तत्काल निस्तारण कराएं: जिलाधिकारी*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही ‌। जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने शारदीय नवरात्रि, दुर्गा पूजा एवं दशहरा के दृष्टिगत जनपद में स्थापित दुर्गा पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था तथा अग्नि एवं अन्य दुर्घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी अधिकारी अपने-अपने विभागीय दायित्वों का पूर्ण जिम्मेदारी, तत्परता एवं लगन के साथ निर्वहन करें तथा आपसी समन्वय स्थापित करते हुए समस्त पूजा पंडालों का संयुक्त निरीक्षण सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने समस्त उपजिलाधिकारियों, विद्युत विभाग, पुलिस, अग्निशमन विभाग एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं के प्रवेश एवं निकास के लिए पृथक-पृथक मार्ग, मजबूत बैरिकेडिंग, भीड़ नियंत्रण तथा आपातकालीन निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए। पंडालों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, सुरक्षित विद्युत वायरिंग, अस्थायी संरचनाओं की मजबूती तथा अग्निशमन वाहनों के आवागमन के लिए पर्याप्त स्थान की व्यवस्था का परीक्षण किया जाए।

उन्होंने लोक निर्माण विभाग को पंडालों तक पहुंचने वाले मार्गों, सड़कों पर गड्ढों, बैरिकेडिंग की मजबूती एवं अन्य अवरोधों की जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। वहीं, पुलिस अधिकारियों को पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, यातायात नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था तथा संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया। इसके साथ ही प्राथमिक उपचार, आपातकालीन निकासी मार्ग तथा आवश्यकतानुसार एम्बुलेंस एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि दुर्गा प्रतिमा विसर्जन स्थलों पर साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। विसर्जन स्थलों तक पहुंचने वाले मार्गों एवं आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने के साथ ही रात्रि के समय पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और विसर्जन प्रक्रिया सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

उन्होंने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान पाई जाने वाली कमियों को संबंधित आयोजकों के माध्यम से तत्काल दूर कराया जाए। किसी भी प्रकार की गंभीर कमी अथवा संभावित दुर्घटना की आशंका होने पर प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि दशहरा मेले एवं प्रतिमा विसर्जन के दौरान सतर्कता बरतते हुए व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी करें तथा निरीक्षण में पाई गई कमियों और उनके निस्तारण के संबंध में अनुपालन आख्या उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
हनुमान ने लगाई लंका में आग, धू-धू कर जली स्वर्णनगरी
**लंका दहन की लीला देख भावविभोर हुए दर्शक, जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा रामलीला मैदान**

**बहसूमा (मेरठ)।** कस्बा बहसूमा में श्री आदर्श रामलीला कमेटी के तत्वावधान में चल रही रामलीला में शनिवार देर रात लंका दहन की लीला का भव्य मंचन किया गया। भगवान हनुमान द्वारा लंका को आग के हवाले करने का दृश्य देखकर दर्शक भावविभोर हो गए। इस दौरान रामलीला मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।

रामलीला मंचन के अनुसार, भगवान श्रीराम की आज्ञा पाकर हनुमान माता सीता की खोज में समुद्र पार कर सौ योजन दूर लंका पहुंचते हैं। वहां लंकिनी उनका रास्ता रोकती है, लेकिन हनुमान उसका वध कर आगे बढ़ जाते हैं। इसके बाद वह अशोक वाटिका पहुंचकर वहां उत्पात मचाते हुए वाटिका को उजाड़ देते हैं। इसकी सूचना रावण तक पहुंचती है तो वह अपने पुत्र अक्षय कुमार को हनुमान से मुकाबला करने के लिए भेजता है। हनुमान अक्षय कुमार का वध कर देते हैं।

इसके बाद हनुमान का सामना मेघनाद से होता है। मेघनाद उन्हें बंदी बनाकर रावण के दरबार में ले जाता है। वहां रावण क्रोधित होकर हनुमान की पूंछ में आग लगाने का आदेश देता है। इसके बाद हनुमान अपने पराक्रम का परिचय देते हुए पूरी लंका में आग लगा देते हैं। देखते ही देखते स्वर्णनगरी लंका धू-धू कर जलने लगती है। लंका दहन का दृश्य देखकर उपस्थित दर्शकों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए।

इसके बाद हनुमान अशोक वाटिका में माता सीता से मिलकर उन्हें अपना परिचय देते हैं और भगवान श्रीराम का संदेश सुनाते हुए विश्वास दिलाते हैं कि प्रभु श्रीराम जल्द ही अपनी पूरी सेना के साथ लंका पर आक्रमण कर उन्हें रावण के बंधन से मुक्त कराएंगे।

इस अवसर पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष बिंदर चाहल, शुभम लांबा, दिले सिंह प्रजापति, राहुल सूर्यवंशी, शिवम माहेश्वरी, दीपक गर्ग, अमित गोयल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
नवरात्रि में माता दुर्गा की भव्य मूर्ति स्थापित करने वाले रामजीत गौतम का सम्मान

जौनपुर। नवरात्रि में माता दुर्गा की उपासना का विशेष धार्मिक, आध्यात्मिक और मानसिक महत्व है। इन नौ दिनों में मां शक्ति के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि में पिछले 5 वर्षों से लगातार माता दुर्गा की मूर्ति की स्थापना कर पूरी श्रद्धा और निष्ठा के साथ उपासना करने वाले एक दलित परिवार का वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे के नेतृत्व भी क्षेत्र के युवा समाजसेवियों द्वारा सम्मान किया गया। जनपद के बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित कुशहा बडेरी गांव में रहने वाले रामजीत गौतम पिछले 5 वर्षों से लगातार अपने घर पर माता दुर्गा की भव्य मूर्ति की स्थापना करते आ रहे हैं। उनका बेटा और बहू 9 दिन तक उपवास रखते हैं। पंडित रुद्र पाठक प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं। श्री गौतम ने बताया कि बचपन से ही उनके मन में माता रानी के प्रति गहरी श्रद्धा की। उन्होंने 38 वर्षों तक देश के प्रख्यात उद्योगपति मुकेश अंबानी के कोलाबा मुंबई स्थित आवास पर माली का काम किया। अत्यंत विनम्र और उदार रामजीत गौतम सनातन धर्म के साथ-साथ सभी धर्म का सम्मान करते हैं। उनका मानना है कि सभी धर्म मानवता, प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है। उनका सम्मान करने वालों में पत्रकार शिवपूजन पांडे, पत्रकार प्रमोद पांडे, पुष्यमित्रदुबे, अवधेश यादव, प्रमोद यादव, पूर्व ग्राम प्रधान चंचल सिंह, एडवोकेट विनोद कुमार यादव तथा वीरेंद्र नाविक का समावेश रहा।
शंकरगढ़ : मवैया मोड़ स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर में नवदुर्गा पूजा और भाव जागरण का आयोजन , उमड़ी भक्तों की भीड़
प्रयागराज

Sb न्यूज से ब्यूरो चीफ विश्वनाथ प्रताप सिंह

शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत मवैया मोड़ स्थित प्रतिष्ठित नीलकंठ महादेव मंदिर में शारदीय / चैत्र नवदुर्गा महोत्सव के पावन अवसर पर भब्य धार्मिक आयोजनों का सिलसिला जारी है । अष्टमी के विशेष अवसर पर मंदिर परिसर में मां दुर्गा की आराधना के साथ-साथ सुंदरकांड पाठ और रात्रि जागरण का आयोजन किया जा रहा है , जिस में क्षेत्र भारती श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है ।

प्रमुख हस्तियों और कमेटियों का रहा विशेष योगदान : मंदिर के पुजारी गोपाल महाराज पूजा पाठ संपन्न कराने वाले पंडित आशुतोष पांडे तथा नीलकंठ महादेव युवा कमेटी की सदस्यों की विशेष प्रयासों से आयोजित किया गया है । आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय युवाओं और गणमान्य नागरिकों की सक्रिय भूमिका रही है। इस धार्मिक अनुष्ठान की गरिमा बढ़ाने के लिए जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष प्रिंस परिहार , अमित सिंह , कुलदीप पांडे, हिमांशु केसरवानी, सूर्य प्रताप सिंह अंशु केसरवानी ,अजय तिवारी, राहुल केसरवानी , निखिल केसरवानी, साहिल, राहुल विश्वकर्मा , सुनील,अर्पित सिंह, शिवम सिंह, कान्हा,अनबित, लक्ष्य , पार्थ , आदर्श पीयूष, अंश कृष्णा अन्य विशिष्ट सदस्य भी विशेष रूप से शामिल हुए और मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त किया।
भक्तों का उमड़ा  सैलाब : उत्सव और अनुष्ठान की भव्यता को देखते हुए अभी से ही मंदिर  परिसर में दूर -दराज से आए भक्तों का भारी हुजूम एकत्रित होना शुरू हो गया है। पूरा क्षेत्र माता के जयकारों और भक्ति में भजनों से गूंज उठा है। सुरक्षा और शांति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। आयोजकों ने सभी क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करने और मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।
विंध्याचल में पर्यटन का तेजी से विस्तार, 'विंध्य त्रिकोण' से यूपी में शक्तिपीठ पर्यटन को मिल रही रफ्तार*
*शारदीय नवरात्रि विशेष :*


*विंध्यवासिनी, काली खोह और अष्टभुजा मंदिरों में 2025 में 1.84 करोड़ दर्शनार्थी पहुंचे, दो वर्षों में करीब 60 प्रतिशत की वृद्धि*

*मां विंध्यवासिनी धाम में अगस्त 2026 तक करीब 90 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन*

*विंध्याचल बनेगा यूपी के शक्तिपीठ सर्किट का प्रमुख केंद्र- जयवीर सिंह*

मिर्जापुर, 18 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के विंध्याचल में धार्मिक पर्यटन का दायरा अब मां विंध्यवासिनी मंदिर से आगे बढ़कर संपूर्ण 'विंध्य त्रिकोण' तक विस्तारित हो रहा है। मां विंध्यवासिनी, मां काली खोह और मां अष्टभुजा मंदिरों में वर्ष 2025 के दौरान कुल करीब 1.84 करोड़ दर्शनार्थी पहुंचे। वर्ष 2023 में यह संख्या लगभग 1.15 करोड़ थी। इस तरह दो वर्षों में तीनों मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या में करीब 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच सदियों पुरानी विंध्य त्रिकोण परिक्रमा अब धार्मिक पर्यटन की नई पहचान बन रही है। उत्तर प्रदेश सरकार भी शक्तिपीठ सर्किट विकसित कर इस आस्था पथ को विस्तार देने की दिशा में काम कर रही है। पारंपरिक रूप से यह धार्मिक यात्रा मां विंध्यवासिनी मंदिर से शुरू होकर मां काली खोह मंदिर पहुंचती है और मां अष्टभुजा मंदिर में पूरी होती है। इस परिक्रमा के माध्यम से श्रद्धालु एक ही यात्रा में देवी के तीन स्वरूपों के दर्शन करते हैं।

*मां विंध्यवासिनी धाम श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र*
विंध्य त्रिकोण अंतर्गत मां विंध्यवासिनी धाम श्रद्धालुओं की पहली पसंद बना हुआ है। धाम में दर्शनार्थियों की संख्या में लगातार हो रही बढ़ोतरी इसकी गवाही दे रही है। वर्ष 2023 में जहां करीब 73 लाख श्रद्धालु मां के दरबार पहुंचे थे, वहीं 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 78.15 लाख और साल 2025 में करीब 1.20 करोड़ तक पहुंच गया। यानी दो साल में श्रद्धालुओं की संख्या में करीब 64 फीसदी का उछाल आया। आस्था का यह सिलसिला 2026 में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। जनवरी से अगस्त तक ही करीब 90 लाख श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी के दर्शन कर चुके थे। यह संख्या पिछले पूरे साल के कुल दर्शनार्थियों की करीब 75 फीसदी है। खास बात यह है कि यह आंकड़ा शारदीय नवरात्र के पहले का है। ऐसे में नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की आमद बढ़ने के साथ धाम में दर्शनार्थियों की संख्या नया रिकॉर्ड बना सकती है।

*काली खोह और अष्टभुजा मंदिरों में भी बढ़े श्रद्धालु*
मां विंध्यवासिनी धाम के साथ मां काली खोह और मां अष्टभुजा मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ तेजी से बढ़ी है। विंध्याचल में धार्मिक पर्यटन के विस्तार का असर इन दोनों मंदिरों में दर्शनार्थियों की संख्या पर भी दिख रहा है। वर्ष 2023 में मां काली खोह और मां अष्टभुजा मंदिरों में कुल करीब 42.36 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे। वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 64 लाख हो गया। यानी दो साल में श्रद्धालुओं की संख्या में 51 फीसदी से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। आंकड़े बताते हैं कि विंध्याचल आने वाले श्रद्धालु अब मां विंध्यवासिनी के दर्शन के साथ मां काली खोह और मां अष्टभुजा के दरबार में भी हाजिरी लगा रहे हैं। इससे विंध्य त्रिकोण की परिक्रमा धार्मिक पर्यटन के प्रमुख आकर्षण के रूप में उभर रही है।

*विंध्याचल बनेगा शक्तिपीठ सर्किट का केंद्र- मंत्री*
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'विंध्याचल में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या विकास कार्यों के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विंध्याचल धाम को एक मंदिर तक सीमित रखने के बजाय संपूर्ण शक्ति पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विंध्याचल प्रदेश के विस्तारित शक्तिपीठ सर्किट का प्रमुख केंद्र बनेगा। इससे देश-विदेश के श्रद्धालुओं को उत्तर प्रदेश की समृद्ध शक्ति उपासना परंपरा से जोड़ने और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।'

*विकास कार्यों से मजबूत हो रहा आधारभूत ढांचा*
विंध्याचल में श्रद्धालुओं की सुविधाओं और धार्मिक स्थलों के कायाकल्प पर करीब 208.09 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इसके तहत मां की पैड़ी, संपर्क मार्गों, परिक्रमा पथ, आसपास की सड़कों और मुख्य मंदिर परिसर में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। विंध्यवासिनी स्वरूप देवी मंदिर के आसपास के विकास के साथ अष्टभुजा और काली खोह क्षेत्र में भी बुनियादी सुविधाएं मजबूत की जा रही हैं। पहाड़ी मंदिरों तक पहुंच आसान बनाने में रोपवे ने अहम भूमिका निभाई है। इससे बुजुर्गों और परिवारों को विशेष सहूलियत मिली है।

वहीं, त्रिकोण परिक्रमा योजना के तहत मां काली खोह क्षेत्र के विकास के लिए 35.50 करोड़ रुपये की परियोजना अक्टूबर में निविदा प्रक्रिया तक पहुंच गई। इन प्रयासों से स्पष्ट है कि सरकार का जोर अब केवल मुख्य मंदिर तक सीमित न रहकर पूरे विंध्य त्रिकोण को सुविधायुक्त धार्मिक पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने पर है।

*यूपीएसटीडीसी ने शुरू किए दो धार्मिक टूर पैकेज*
विंध्याचल में सुविधाओं के विस्तार के साथ धार्मिक पर्यटन को संगठित रूप देने की पहल भी तेज हुई है। 'विजिट माय स्टेट' पहल के तहत उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) ने दो विशेष यात्रा पैकेज शुरू किए हैं। दो दिन और एक रात के पहले पैकेज में वाराणसी और विंध्याचल को जोड़ा गया है। इसके तहत पर्यटक काशी के मंदिरों व घाटों के साथ 'विंध्य त्रिकोण' के तीनों देवी मंदिरों में दर्शन कर सकेंगे। वहीं, दो रात और तीन दिन का दूसरा पैकेज लखनऊ, वाराणसी, विंध्याचल और प्रयागराज को एक धार्मिक यात्रा सर्किट में पिरोता है। इससे श्रद्धालु मां के धाम में शक्ति उपासना की परंपरा से रूबरू होने के साथ काशी और संगम क्षेत्र के प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन भी कर सकेंगे।

*धार्मिक पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा- अमृत अभिजात*
अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि 'विंध्याचल में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या प्रदेश की सर्किट आधारित पर्यटन रणनीति को मजबूती दे रही है। प्रदेश सरकार का जोर बेहतर कनेक्टिविटी, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं, दर्शन और सुव्यवस्थित यात्रा पैकेजों के जरिए श्रद्धालुओं का सफर आसान बनाने पर है। इससे पर्यटकों का ठहराव बढ़ने के साथ स्थानीय कारोबारियों और समुदायों को भी पर्यटन से होने वाली आय का लाभ मिल सकेगा।'

विंध्य त्रिकोण परिक्रमा को बढ़ावा मिलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही से होटल, परिवहन, गाइड और खानपान सेवाओं के साथ फूल-माला व प्रसाद कारोबार को विस्तार मिल सकता है। इससे धार्मिक पर्यटन को गति मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
प्रदेश सरकार के मनसाअनुरोप स्वच्छता सहित विभिन्न विभागों का औचक निरीक्षण सीएमओ बलरामपुर द्वारा किया गया।
बलरामपुर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मुकेश रस्तोगी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएससी तुलसीपुर का औचक निरीक्षण किया प्रदेश सरकार के अनुसार रूप स्वच्छता एवं विभिन्न विभागों पर निगरानी स्वरूप औचक निरीक्षण करने पर अस्पताल में 7 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए अनुपस्थित समय का अधिकारी द्वारा वेतन रोका गया बताते चले की सीएमओ द्वारा पैथोलॉजी, इमरजेंसी, लेबर रूम तथा दवा वितरण कच्छ का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया साथ ही अस्पताल परिसर में साफ सफाई बेहतर रखना तथा शौचालय साफ रखने मरीज को समय पर उपचार तथा जांच और दवाई उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
श्रीराम कथा एवं भव्य कलश यात्रा की तैयारियों को लेकर समन्वय बैठक

जौनपुर। बीआरपी इंटर कॉलेज, जौनपुर के मैदान में आगामी 21 से 29 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाली नौ दिवसीय श्रीराम कथा एवं 20 अक्टूबर को प्रस्तावित भव्य कलश यात्रा की तैयारियों को लेकर शनिवार को उत्सव मोटल के बैंक्वेट हॉल में श्रीराम कथा संचालन समिति की महत्वपूर्ण समन्वय बैठक हुई।
सेवा भारती, जौनपुर, काशी प्रांत के तत्वावधान में आयोजित बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, काशी प्रांत के प्रांत कार्यवाह मुरली पाल ने की। बैठक में कलश यात्रा एवं शोभायात्रा के मार्ग, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था तथा श्रीराम कथा आयोजन से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही कार्यों एवं दायित्वों का विभाजन करते हुए आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने आपसी समन्वय एवं सामूहिक सहभागिता के साथ आयोजन को सफल बनाने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए तथा सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन करने का संकल्प व्यक्त किया।
मुख्य आयोजक ज्ञानप्रकाश सिंह ने कहा कि श्रीराम कथा एवं भव्य कलश यात्रा की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। सभी कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों के समन्वित प्रयास से इस आध्यात्मिक आयोजन को भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने की पूरी तैयारी है। उन्होंने जनपदवासियों से श्रीराम कथा में सहभागी बनकर इस आध्यात्मिक आयोजन का लाभ लेने की अपील की। बताते चले की 20 अक्टूबर 2026 को भव्य कलश एवं शोभायात्रा निकाली जाएगी, जबकि 21 से 29 अक्टूबर 2026 तक बीआरपी इंटर कॉलेज मैदान में आचार्य शांतनु जी महाराज के श्रीमुख से नौ दिवसीय श्रीराम कथा का वाचन होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मुरली पाल, प्रान्त कार्यवाह, काशी प्रांत तथा संचालन डॉ. तेज सिंह, विभाग प्रमुख, सेवा भारती ने किया। इस अवसर पर अनिल गुप्ता (जिलाध्यक्ष, सेवा भारती), ब्रम्हेश शुक्ल, सुरेश सिंह, डॉ. संजय पाण्डेय, जयेश सिंह, प्रदीप सिंह "रिंकू", बबलू दूबे, मिंटू पाठक, मयंक नारायण, नारायण चौरसिया, विनय सिंह, आनंद सिंह, मनोज शुक्ल, जेपी श्रीवास्तव, ऋचा सिंह, मीना यादव, सोनी जायसवाल, प्रियंका श्रीवास्तव, रेखा त्रिपाठी, उर्वशी सिंह, प्रीति गुप्ता, रेनू पाठक, डॉ. अंजना श्रीवास्तव, डॉ. अंजना सिंह, डॉ. वंदना सरकार, रजनी साहू, मीरा अग्रहरी, मिलन गुप्ता, प्रांजल पटेल सहित अन्य विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
यूपी के पांच जिलों में जनसभाएं करेंगे आकाश आनंद, 26 नवंबर को पंजाब में भी कार्यक्रम
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद उत्तर प्रदेश में आगामी 28 अक्टूबर से जनसभाओं के जरिए पार्टी के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाएंगे। वह नवंबर के अंत तक प्रदेश के पांच जिलों में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। इसके अलावा संविधान दिवस के अवसर पर 26 नवंबर को पंजाब में आयोजित विचार संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे जबकि छह दिसंबर को बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर उत्तराखंड के हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। 

बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर आकाश आनंद के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि वह पार्टी और मूवमेंट के कार्यों को परिवार तथा रिश्ते-नातों से ऊपर प्राथमिकता देते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाने में जुट गए हैं। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज के लोगों को आकाश आनंद से काफी अपेक्षाएं हैं। आकाश आनंद की पहली जनसभा 28 अक्टूबर को बुलंदशहर में होगी। इसके बाद दो नवंबर को सहारनपुर, 20 नवंबर को अयोध्या, 22 नवंबर को आगरा और 29 नवंबर को कानपुर नगर में बसपा की ओर से आयोजित जनसभाओं को संबोधित करेंगे।

उन्होंने बताया कि 26 नवंबर को संविधान दिवस के अवसर पर पंजाब में बसपा की ओर से आयोजित विचार संगोष्ठी समारोह में आकाश आनंद मुख्य अतिथि के रूप में अपने विचार रखेंगे। इसके बाद छह दिसंबर को उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर आयोजित विचार संगोष्ठी समारोह और जनसभा को संबोधित करेंगे। मायावती ने आकाश आनंद की सक्रियता का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले दिनों पार्टी में जो अप्रिय घटनाक्रम हुए, उनके लिए आकाश आनंद से अधिक उनके रिश्तेदार अशोक सिद्धार्थ जिम्मेदार थे। इसी कारण अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर करने के साथ राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दी गई थी।

बसपा प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आकाश आनंद के कार्यक्रमों को सफल बनाने की अपील करते हुए कहा कि स्वार्थी तत्व तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने पार्टी के सभी लोगों से सतर्क रहने और आकाश आनंद को सौंपे गए कार्यक्रमों को पूरे तन, मन और धन से सफल बनाने को कहा।

मायावती ने अशोक सिद्धार्थ की पार्टी में वापसी की अटकलों को भी खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अशोक सिद्धार्थ को किसी भी स्थिति में और किसी भी कीमत पर दोबारा पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही मायावती ने बताया कि आनंद कुमार के छोटे बेटे ईशान आनंद, जो लंदन से वकालत की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं, उनके दिशा-निर्देशन में बसपा के दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में सहयोग करेंगे। वह विशेष रूप से पार्टी के चुनाव और अन्य कागजी कार्यों से संबंधित जिम्मेदारियों को निभाने में योगदान देंगे।
मऊ ग्राम सभा अमारी में भव्य सीता स्वयंवर का आयोजन, राम-सीता विवाह प्रसंग ने मोहा दर्शकों का मन
मऊ। जनपद मऊ के ग्राम सभा अमारी में शनिवार की रात्रि धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत भव्य सीता स्वयंवर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं ने पहुंचकर रामलीला के मनोहारी मंचन का आनंद लिया।

सीता स्वयंवर के प्रसंग में भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष भंग करने और माता सीता द्वारा श्रीराम को वरमाला पहनाने का दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसे देखकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

इसके साथ ही श्रीराम-सीता विवाह तथा लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न के विवाह से जुड़े प्रसंगों का भी भव्य मंचन किया गया।
पूरे कार्यक्रम के दौरान जय श्रीराम के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

आयोजन समिति के संयोजक अरविंद राय, अशोक राय राजेश राय, बेचू राय , सिकंदर राय, राहुल राय एवं ग्रामीणों की ओर से कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रही।
मऊ के ग्रामीण इलाकों में छाया घना कोहरा, ठंड का बढ़ा असर

मऊ। रविवार सुबह जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के कारण सुबह के समय दृश्यता कम हो गई, जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार भी धीमी नजर आई। ग्रामीण इलाकों में लोग ठंड से बचने के लिए अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेते दिखाई दिए।

कोहरे का असर खासकर खुले ग्रामीण मार्गों और खेत-खलिहानों के आसपास अधिक देखने को मिला।

सुबह की धुंध ने जनजीवन को प्रभावित किया, वहीं मौसम में ठंडक बढ़ने से लोगों को सर्दी का एहसास भी हुआ।