इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रावासों में प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ी, अब 26 अक्टूबर तक मिलेगा मौका
स्नातक और एलएलबी पाठ्यक्रमों के छात्र-छात्राओं को राहत, आवंटित छात्रावास में प्रक्रिया पूरी कर ले सकेंगे प्रवेश

प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने छात्र-छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय के छात्रावासों में प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाकर 26 अक्टूबर कर दी है। अब स्नातक (यूजी) और विधि स्नातक (एलएलबी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी सोमवार, 26 अक्टूबर तक अपने आवंटित छात्रावास में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। विश्वविद्यालय के इस निर्णय से उन विद्यार्थियों को राहत मिलेगी, जो किसी कारणवश निर्धारित समय में छात्रावास में प्रवेश नहीं ले पाए थे।

विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. सूर्या भान सिंह ने शनिवार को बताया कि विश्वविद्यालय के छात्रावासों में प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाई गई है। जिन छात्र-छात्राओं को मेरिट के आधार पर छात्रावास आवंटित किया गया है, वे निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए 26 अक्टूबर तक प्रवेश ले सकते हैं।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय की जनसंपर्क अधिकारी प्रो. जया कपूर ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी आवास संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी प्रयासरत है। छात्रावास में प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाने का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय देना है, ताकि कोई भी पात्र विद्यार्थी केवल समय की कमी के कारण प्रवेश से वंचित न रह जाए।

उन्होंने कहा कि संबंधित छात्र-छात्राएं अपने आवंटित छात्रावास के वार्डन या अधीक्षक से संपर्क कर प्रवेश की औपचारिकताएं समय से पूरी कर लें। विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द प्रवेश प्रक्रिया पूरी करें, जिससे नए शैक्षणिक सत्र में उन्हें छात्रावास की सुविधा का लाभ मिल सके।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी छात्रावासों के वार्डन और अधीक्षकों को भी इस संबंध में सूचना भेज दी है, ताकि विद्यार्थियों को प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने में आवश्यक सहयोग मिल सके।
श्रावस्ती: चोरी की सूचना पर कार्रवाई न करने वाले चौकी प्रभारी निलंबित
श्रावस्ती। उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जनपद में चोरी की सूचना पर कार्रवाई और घटनास्थल का निरीक्षण न करने के आरोप में पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने शनिवार को लक्ष्मनपुर बाजार चौकी प्रभारी जितेंद्र कुमार राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि, 15 अक्टूबर को लक्ष्मनपुर बाजार निवासी बुद्धू उर्फ रफातुल्ला ने चौकी प्रभारी को 50 हजार रुपये चोरी होने की सूचना दी थी। आरोप है कि सूचना मिलने के बावजूद उपनिरीक्षक ने न तो घटनास्थल का निरीक्षण किया और न ही कोई विधिक कार्रवाई की। इसके अलावा मामले से उच्चाधिकारियों को भी अवगत नहीं कराया गया।

प्रकरण की जांच में पदीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही और अनियमितता सामने आने पर पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया। साथ ही मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच के लिए विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी/ जिला निर्वाचन अधिकारी ने तहसील सदर एवं करनैलगंज के बूथों का किया निरीक्षण


*पात्र नागरिकों एवं युवा मतदाताओं का पंजीकरण अभियान की प्राथमिकता*


*विशेष अभियान के तहत जिलाधिकारी ने पांच मतदेय स्थलों का किया निरीक्षण*


*युवा एवं प्रथम बार के मतदाताओं का नाम निर्वाचक नामावली में शामिल करने पर विशेष जोर*


*निर्वाचक नामावली के निरन्तर पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम के अंतर्गत बूथों पर व्यवस्थाओं का लिया जायजा*


*लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल*


*गोण्डा, 17 अक्टूबर 2026*। विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के निरन्तर पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम के अंतर्गत निर्वाचक नामावली में पंजीकरण से छूटे हुए पात्र नागरिकों तथा प्रथम बार मतदान करने वाले युवा मतदाताओं के नाम सम्मिलित किए जाने के उद्देश्य से दिनांक 17 अक्टूबर 2026 को विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने जनपद के पांच मतदेय स्थलों का निरीक्षण कर निर्वाचन संबंधी गतिविधियों का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ने तहसील सदर के अंतर्गत पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय, हारीपुर स्थित बूथ का निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त तहसील करनैलगंज के अंतर्गत पूर्व माध्यमिक विद्यालय, बालपुर प्रथम में स्थापित चार मतदेय स्थलों का भी निरीक्षण किया। इस प्रकार जिलाधिकारी ने कुल पांच मतदेय स्थलों पर पहुंचकर विशेष अभियान के अंतर्गत संचालित निर्वाचन संबंधी कार्यों का अवलोकन किया।
निरीक्षण का उद्देश्य निर्वाचक नामावली के पुनरीक्षण कार्य को प्रभावी ढंग से संचालित करना तथा यह सुनिश्चित करना रहा कि पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने का अवसर प्राप्त हो सके।

निर्वाचक नामावलियों के निरन्तर पुनरीक्षण-2026 कार्यक्रम के अंतर्गत ऐसे पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में सम्मिलित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिनका नाम अभी तक निर्वाचक नामावली में दर्ज नहीं हो पाया है। विशेष रूप से प्रथम बार मतदान करने के लिए पात्र हो रहे युवाओं को पंजीकरण के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ना इस अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
मतदाता सूची में पात्र नागरिकों का नाम सम्मिलित होना निष्पक्ष, समावेशी एवं सहभागी निर्वाचन प्रक्रिया की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे में विशेष अभियान के माध्यम से नागरिकों को पंजीकरण का अवसर उपलब्ध कराने तथा निर्वाचन संबंधी कार्यों की निगरानी पर विशेष बल दिया जा रहा है।

जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन द्वारा किए गए निरीक्षण को निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण कार्य की निगरानी एवं प्रभावी क्रियान्वयन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे और युवा मतदाता समय से अपना पंजीकरण करा सकें।

निर्वाचक नामावली का शुद्ध, अद्यतन एवं समावेशी होना लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक है। विशेष अभियान के माध्यम से पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे निर्वाचन प्रक्रिया में जनभागीदारी को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।

निरीक्षण के दौरान तहसीलदार सदर गोण्डा मनीष कुमार, नायब तहसीलदार गोण्डा जयशंकर सिंह तथा नायब तहसीलदार कर्नलगंज हलधरमऊ अतुल पाल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
जमीन विवाद से परेशान किसान ने खुद को लगाई आग
जौनपुर में गंभीर रूप से झुलसा किसान अस्पताल में भर्ती

वीडियो बनाकर लगाए आरोप; पुलिस जांच में जुटी

जौनपुर । उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के लाइन बाजार थाना क्षेत्र के परियावा गांव में जमीन विवाद से परेशान एक किसान ने शनिवार सुबह खुद को आग लगा ली। गंभीर रुप से झुलसे किसान काे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बाजार थाना क्षेत्र के परियावा गांव के 35 वर्षीय किसान दिनेश कुमार मौर्य ने आज सुबह खुद काे आग लगा ली और गंभीर रूप से झुलस गए। झुलसी हालत में उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आत्मदाह से पहले किसान ने एक वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने पड़ोसियों और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।

किसान दिनेश के मुताबिक, शुक्रवार को वह अपनी बहन को बीएचयू में भर्ती कराने गए थे। इसी दौरान ग्राम प्रधान ने उनकी जमीन पर सड़क निर्माण शुरू करा दिया। उनकी पत्नी और बेटे लकी ने इसका विरोध किया तो आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ अभद्रता की और मोबाइल छीन लिया। शनिवार भोर में घर लौटने पर दिनेश को सड़क निर्माण की जानकारी हुई। इससे परेशान होकर उन्होंने वीडियो बनाया, जिसमें अपनी पीड़ा और जमीन विवाद से जुड़ी बातें बताईं। इसके बाद उन्होंने खुद को आग लगा ली। घटना में उनके हाथ, पैर और गर्दन गंभीर रूप से झुलस गए। मामले में लाइन बाजार थानाध्यक्ष का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।

मामले में जिलाधिकारी सैमुअल पाल ने बताया कि लाइन बाजार थाना क्षेत्र के परियावा गांव निवासी दिनेश मौर्य ने आज सुबह अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया था, जिनका जिला अस्पताल में प्रारंभिक इलाज शुरू कर दिया गया है। सीएमएस को निर्देशित किया गया है कि उनका बेहतर इलाज किया जाए। डॉक्टरों ने प्रथम दृष्ट्या उनके लगभग 40 फीसदी बर्न इंजरी बताई है।डीएम ने बताया कि इस मामले में हम लोगों ने रेवेन्यू टीम को भी एक्टिवेट किया है। तहसीलदार, नायब तहसीलदार और लेखपाल को मौके पर भेजकर प्रकरण के सही तथ्यों की जानाकरी कराई जा रही है।

शुरूआत जानकारी में पता चला है कि 14 अक्टूबर को उस गांव में ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में पंचायत की गई थी। जिसमें एक रास्ता गांव के लोग इस्तेमाल कर रहे हैं और 300 मीटर की सड़क बनने की बात तय हुई थी। आपसी सहमति के आधार पर जो आदमी आत्मदाह करने वाला है उन्हीं की स्वेच्छा से उस रास्ते को प्रधान ने बनाने के लिए आगे बढ़ाया। लेकिन 15 अक्टूबर को बीच में कुछ कहासुनी हो गई और आपसी तालमेल बिगड़ गया। प्रधान द्वारा आज जब सड़क बनाने का प्रयास किया जा रहा था, जहां राजस्व अभिलेखों और नक्शा के अनुसार वहां पर कोई रास्ता नहीं है तथा काश्तकार की जमीन है।

इसलिए उन्होंने इसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रधान द्वारा बात नहीं मानी गई और उस पर रास्ता बनने लगे, इसी के कारण प्रथम दृष्ट्या आत्मदाह करने का मामला प्रतीत हो रहा है। उनके परिवार से बातचीत की जा रही है और उनकी समस्या पूरी तरीके से हल की जाएगी। प्रकरण में एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
10 वर्षों में चंदवतपुर घाट पर कई मौतें, फिर भी नहीं बना पुल - भाजपा सरकार की नाकामी, फिर डूबा 30 वर्षीय युवक

*गोंडा।* देहात कोतवाली क्षेत्र के चंदवतपुर घाट (टेढ़ी नदी) पर दर्दनाक हादसा हो गया। पिपरा पदुम गांव निवासी 30 वर्षीय युवक पुत्तन शुक्ला नहाते समय नदी में डूब गए। सूचना पर पुलिस और SDRF की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। सपा नेता सूरज सिंह ने पहुँचकर परिजन से भेंट की।

बताया जा रहा है कि पिछले 10 वर्षों में पुल न होने के कारण इस घाट पर कई लोगों की जान जा चुकी है।

स्थानीय कक्षा 9 के छात्र अंशुमान तिवारी ने बताया कि उसे पिछले 15 दिनों से अपने कपड़े-जूते उतारकर सिर पर रखकर इस घाट को पार करके स्कूल जाना पड़ रहा है।

मौके पर पहुंचे समाजवादी पार्टी के नेता व गोंडा सदर के पूर्व प्रत्याशी सूरज सिंह ने सरकार पर जमकर निशाना साधा।

सूरज सिंह ने कहा -
"2017 से पहले कटरा से गोंडा तक का सड़क मार्ग सपा सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी के निर्देश पर माननीय पंडित सिंह जी के आग्रह पर बनवाया गया था। सड़क तो सपा ने बना दी, लेकिन पिछले 10 साल में भाजपा सरकार इस छोटे से चंदवतपुर घाट पर पुल का निर्माण तक नहीं करा पाई। इसी नाकामी के कारण आज फिर एक नौजवान की जान चली गई। यह हादसा नहीं, सरकार की लापरवाही से हुई हत्या है।"
उन्होंने कहा - "जब समाजवादी पार्टी की सरकार आएगी तो जनपद का सबसे पहला बड़ा काम चंदवतपुर घाट पर पुल का निर्माण कराया जाएगा।"
आनंद पांडेय ने गधियाँवा सहित अन्य दुर्गा पंडालों में किए माँ दुर्गा के दर्शन
प्रतापगढ़। जनपद के पट्टी तहसील के ग्राम गधियाँवा में उद्योगपति एवं समाजसेवी धर्मवीर आनंद पांडेय ने माँ दुर्गा के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर ग्रामवासियों ने उनका आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया। उनके आगमन से ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। अजीत पांडेय के आयोजन और सूरज पांडेय के संयोजन में आनंद पांडेय ने युवाओं से संवाद करते हुए सामाजिक एकता, आपसी सहयोग और सकारात्मक सोच के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने ग्राम गधियाँवा के लोगों के बीच आपसी सद्भाव, एकजुटता और सहयोग की भावना की सराहना करते हुए इसे समाज की मजबूती का आधार बताया। इस अवसर पर आनंद पांडेय ने अजीत पांडेय के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। अजीत पांडेय वर्तमान में मुंबई में अध्यापक हैं और उनके विशेष आमंत्रण पर ही आनंद पांडेय गांव पहुंचे थे। आनंद पांडेय ने ग्रामवासियों द्वारा दिए गए स्नेह, सम्मान और आत्मीय स्वागत के लिए सभी के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी प्रेम, सामाजिक समरसता और सहयोग की भावना समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम के दौरान ग्राम गधियावा की धार्मिक आस्था, सामाजिक एकजुटता और अतिथि सत्कार की परंपरा विशेष रूप से देखने को मिली। माँ दुर्गा के दर्शन और ग्रामीणों के साथ आत्मीय संवाद का यह अवसर गांव में चर्चा का विषय बना रहा।इस अवसर पर  पंकज पांडेय, प्रदीप पांडेय (प्रधान), श्री दिनेश कुमार पांडेय समाजसेवक , शिवकांत पांडेय, विनोद पांडेय , ऋतिक पांडेय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे ।
बृहद कन्या पूजन कार्यक्रम का आयोजन
गोंडा। स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मालवीय नगर में शारदीय नवरात्र के सप्तमी तिथि को बृहद कन्या पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कन्या पूजन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक प्रवीण जी एवं प्रधानाचार्य रवि कुमार शुक्ला एवं उनकी श्रीमती मोनिका शुक्ला ने उपस्थित कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन प्रसाद ग्रहण कराया इस दौरान विद्यालय के सभी आचार्य भैया बहन एवं गणमान्य जन उपस्थित रहे।
मऊ: खराब प्रगति पर तीन नगर निकायों के ईओ को नोटिस
मऊ। विकास कार्यों और साफ-सफाई की खराब प्रगति पर जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने तीन नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों (ईओ) को नोटिस जारी कर सुधार के निर्देश दिए हैं। डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सड़क किनारे कूड़ा मिला तो जिम्मेदार अधिकारियों की खैर नहीं
डीएम ने नगर क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने और सड़क किनारे कूड़ा मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सख्ती
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराने तथा मानकों की अनदेखी करने वाले खराब प्रदर्शन वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश भी दिए गए।

डीएम का संदेश साफ है—लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, काम में गुणवत्ता और शहर की सफाई सर्वोच्च प्राथमिकता है।
लूट के आरोपित को पकड़ने पहुंची पुलिस से भिड़ीं महिलाएं, धक्का-मुक्की का वीडियो वायरल
देवरिया के सल्लहपुर गांव में गिरफ्तारी के दौरान हुआ विवाद, महिला पुलिसकर्मियों को चोट लगने की सूचना; वीडियो सामने आने के बाद जांच में जुटी पुलिस

देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में भटनी थाना क्षेत्र स्थित सल्लहपुर गांव में लूट के मामले में वांछित विकास यादव को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम और उसके परिवार की महिलाओं के बीच झड़प हाे गई। शनिवार काे धक्का-मुक्की का वीडियाे वायरल हाे रहा है, जिसका संज्ञान लेकर पुलिस टीम ने जांच शुरू कर दी है।

भाटपाररानी के क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि भटनी पुलिस की टीम शुक्रवार रात लूट के मामले में वांछित विकास यादव को गिरफ्तार करने सल्लहपुर गांव पहुंची थी। इसी दौरान आरोपित के परिवार के लोगों और पुलिस टीम के बीच विवाद हो गया। परिवार के लोगों ने घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो शनिवार को सामने आया। वीडियो में परिवार के लोग युवक को पुलिस के साथ ले जाने से रोकते और पुलिसकर्मियों से बहस करते नजर आ रहे हैं। धक्का-मुक्की भी किया गया है।

क्षेत्राधिकारी ने बताया कि झड़प के दौरान महिला पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। इसका वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अब यह जांच कर रही है कि झड़प किन परिस्थितियों में हुई। वास्तव में क्या-क्या घटनाक्रम हुआ, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है, जिसकाे लेकर जांच की जा रही है।
गोंडा में सत्ता के संरक्षण में सरकारी नजूल भूमि पर कब्जा, हाईकोर्ट के आदेश को भी ठेंगा - कांग्रेस*

*गोंडा।* शहर के टेढ़ी बाजार, सुभाषनगर वार्ड-22 में स्थित सार्वजनिक कुएं और 3 बिस्सा सरकारी नजूल भूमि पर अवैध कब्जे का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। कलेक्ट्रेट गोंडा में तैनात सहायक स्वागती पूनम वर्मा पर अपने पद का दुरुपयोग कर सार्वजनिक संपत्ति पर परिवार को अवैध रूप से काबिज कराने का गंभीर आरोप है।

मामले को लेकर शहर कांग्रेस कमेटी गोंडा के शहर उपाध्यक्ष मुकेश सोनी ने प्रशासन पर सीधा हमला बोला है।

मुकेश सोनी, शहर उपाध्यक्ष, कांग्रेस कमेटी, गोंडा ने कहा -

> "यह सिर्फ अतिक्रमण नहीं, यह सरकारी तंत्र का मजाक है। एक सरकारी कर्मचारी खुद स्वीकार करती है कि जमीन सरकारी नजूल की है, फिर भी उस पर टीनशेड डालकर कब्जा किया हुआ है। 2020 से लगातार नगर पालिका, डीएम, कमिश्नर तक शिकायतें दी गईं, लेकिन फाइलें कलेक्ट्रेट में ही दबा दी जाती हैं।"

> "माननीय उच्च न्यायालय लखनऊ ने याचिका संख्या 161/2025 में दिनांक 27.02.2025 को कब्जा हटाने का स्पष्ट आदेश दिया। आदेश की कॉपी 06.05.2025 को डीएम गोंडा को दी गई। 19.05.2025 को डीएम को रजिस्टर्ड शिकायत दी गई, 01.10.2026 को 10 रुपये के ई-स्टाम्प शपथ पत्र IN-UP12932887099100Y पर रिमाइंडर दिया गया, फिर भी प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। यह दर्शाता है कि कर्मचारी को उच्च अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है।"

> "यदि एक सरकारी कर्मचारी ही सरकारी जमीन हड़प लेगी और न्यायालय के आदेश की अवहेलना करेगी, तो आम जनता न्याय के लिए कहां जाएगी? यह उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली 1956 का खुला उल्लंघन है। अगर शीघ्र ही सार्वजनिक कुएं एवं रोड पटरी को कब्जा मुक्त नहीं कराया गया तो  माननीय उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की जाएगी। इसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।"

*मामले का पूरा घटनाक्रम -*
1. 15.09.2020 को पहली बार नगर पालिका अध्यक्ष को लिखित शिकायत।
2. जांच को प्रभावित करने के लिए परिवार के सदस्यों के नाम से सिविल कोर्ट में वाद संख्या 130/2021 दायर।
3. प्रशासन द्वारा कार्रवाई न करने पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका।
4. हाईकोर्ट के आदेश दिनांक 27.02.2025 के बाद भी कब्जा बरकरार।

मोहल्लेवासियों में इसको लेकर भारी आक्रोश है। सार्वजनिक कुएं के बंद होने से लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।