मऊ: खराब प्रगति पर तीन नगर निकायों के ईओ को नोटिस
मऊ। विकास कार्यों और साफ-सफाई की खराब प्रगति पर जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने तीन नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों (ईओ) को नोटिस जारी कर सुधार के निर्देश दिए हैं। डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सड़क किनारे कूड़ा मिला तो जिम्मेदार अधिकारियों की खैर नहीं
डीएम ने नगर क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने और सड़क किनारे कूड़ा मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सख्ती
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराने तथा मानकों की अनदेखी करने वाले खराब प्रदर्शन वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश भी दिए गए।

डीएम का संदेश साफ है—लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, काम में गुणवत्ता और शहर की सफाई सर्वोच्च प्राथमिकता है।
लूट के आरोपित को पकड़ने पहुंची पुलिस से भिड़ीं महिलाएं, धक्का-मुक्की का वीडियो वायरल
देवरिया के सल्लहपुर गांव में गिरफ्तारी के दौरान हुआ विवाद, महिला पुलिसकर्मियों को चोट लगने की सूचना; वीडियो सामने आने के बाद जांच में जुटी पुलिस

देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में भटनी थाना क्षेत्र स्थित सल्लहपुर गांव में लूट के मामले में वांछित विकास यादव को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम और उसके परिवार की महिलाओं के बीच झड़प हाे गई। शनिवार काे धक्का-मुक्की का वीडियाे वायरल हाे रहा है, जिसका संज्ञान लेकर पुलिस टीम ने जांच शुरू कर दी है।

भाटपाररानी के क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि भटनी पुलिस की टीम शुक्रवार रात लूट के मामले में वांछित विकास यादव को गिरफ्तार करने सल्लहपुर गांव पहुंची थी। इसी दौरान आरोपित के परिवार के लोगों और पुलिस टीम के बीच विवाद हो गया। परिवार के लोगों ने घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो शनिवार को सामने आया। वीडियो में परिवार के लोग युवक को पुलिस के साथ ले जाने से रोकते और पुलिसकर्मियों से बहस करते नजर आ रहे हैं। धक्का-मुक्की भी किया गया है।

क्षेत्राधिकारी ने बताया कि झड़प के दौरान महिला पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। इसका वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अब यह जांच कर रही है कि झड़प किन परिस्थितियों में हुई। वास्तव में क्या-क्या घटनाक्रम हुआ, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है, जिसकाे लेकर जांच की जा रही है।
गोंडा में सत्ता के संरक्षण में सरकारी नजूल भूमि पर कब्जा, हाईकोर्ट के आदेश को भी ठेंगा - कांग्रेस*

*गोंडा।* शहर के टेढ़ी बाजार, सुभाषनगर वार्ड-22 में स्थित सार्वजनिक कुएं और 3 बिस्सा सरकारी नजूल भूमि पर अवैध कब्जे का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। कलेक्ट्रेट गोंडा में तैनात सहायक स्वागती पूनम वर्मा पर अपने पद का दुरुपयोग कर सार्वजनिक संपत्ति पर परिवार को अवैध रूप से काबिज कराने का गंभीर आरोप है।

मामले को लेकर शहर कांग्रेस कमेटी गोंडा के शहर उपाध्यक्ष मुकेश सोनी ने प्रशासन पर सीधा हमला बोला है।

मुकेश सोनी, शहर उपाध्यक्ष, कांग्रेस कमेटी, गोंडा ने कहा -

> "यह सिर्फ अतिक्रमण नहीं, यह सरकारी तंत्र का मजाक है। एक सरकारी कर्मचारी खुद स्वीकार करती है कि जमीन सरकारी नजूल की है, फिर भी उस पर टीनशेड डालकर कब्जा किया हुआ है। 2020 से लगातार नगर पालिका, डीएम, कमिश्नर तक शिकायतें दी गईं, लेकिन फाइलें कलेक्ट्रेट में ही दबा दी जाती हैं।"

> "माननीय उच्च न्यायालय लखनऊ ने याचिका संख्या 161/2025 में दिनांक 27.02.2025 को कब्जा हटाने का स्पष्ट आदेश दिया। आदेश की कॉपी 06.05.2025 को डीएम गोंडा को दी गई। 19.05.2025 को डीएम को रजिस्टर्ड शिकायत दी गई, 01.10.2026 को 10 रुपये के ई-स्टाम्प शपथ पत्र IN-UP12932887099100Y पर रिमाइंडर दिया गया, फिर भी प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। यह दर्शाता है कि कर्मचारी को उच्च अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है।"

> "यदि एक सरकारी कर्मचारी ही सरकारी जमीन हड़प लेगी और न्यायालय के आदेश की अवहेलना करेगी, तो आम जनता न्याय के लिए कहां जाएगी? यह उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली 1956 का खुला उल्लंघन है। अगर शीघ्र ही सार्वजनिक कुएं एवं रोड पटरी को कब्जा मुक्त नहीं कराया गया तो  माननीय उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की जाएगी। इसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।"

*मामले का पूरा घटनाक्रम -*
1. 15.09.2020 को पहली बार नगर पालिका अध्यक्ष को लिखित शिकायत।
2. जांच को प्रभावित करने के लिए परिवार के सदस्यों के नाम से सिविल कोर्ट में वाद संख्या 130/2021 दायर।
3. प्रशासन द्वारा कार्रवाई न करने पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका।
4. हाईकोर्ट के आदेश दिनांक 27.02.2025 के बाद भी कब्जा बरकरार।

मोहल्लेवासियों में इसको लेकर भारी आक्रोश है। सार्वजनिक कुएं के बंद होने से लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
गोपीगंज में दुर्गा प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा, पूजन शुरू: पूर्व विधायक उदयभान सिंह के बेटे आशीष सिंह ने की आरती*



रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। शारदीय नवरात्र की सप्तमी पर शनिवार को देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ रही। वहीं, नगर और ग्रामीण इलाकों में बनाए गए पूजन पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसके साथ ही दर्शन और पूजन का क्रम शुरू हो गया।

गोपीगंज के काली मोहाल में मां सिंह वाहिनी श्रृंगार समिति शिवम क्लब ने प्रतिमा स्थापित की। पुरोहित शशिकला पाठक और विनय पाठक ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्राण प्रतिष्ठा कराई।

पूर्व विधायक उदयभान सिंह के बेटे आशीष कुमार सिंह ने मुख्य यजमान के तौर पर विधि-विधान से पूजन और आरती की। उन्होंने कहा कि त्योहारों की परंपरा को बनाए रखना समय की मांग है।

आशीष सिंह ने व्यवस्थापक रामकृष्ण खट्टू के प्रयासों की सराहना की। इस मौके पर रामकृष्ण खट्टू, नरऊरी गुरु, सुरेश तिवारी, मोहित बाबू, राजकुमार कौशल, विजय मोदनवाल, डब्लू मौर्य, मनीष मौर्य, दीपक प्रजापति, महेश गुप्ता (पंडा), धीरज सिंह, मंटू सिंह और मिट्ठू जायसवाल समेत कई लोग मौजूद रहे।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने तहसील करनैलगंज में आयोजित पिंक सम्पूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की सुनी समस्याए


*पिंक सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का शतप्रतिशत समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश-जिलाधिकारी*


*पिंक सम्पूर्ण समाधान दिवस करनैलगंज में 112 शिकायतों में से 10 का मौके पर ही किया गया निस्तारण*


*पिंक सम्पूर्ण समाधान दिवस के उपरान्त विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को दिया योजनाओं का लाभ*


*मिशन शक्ति कार्यक्रम अन्तर्गत कक्षा 12 की छात्रा सृष्टि शुक्ला एक दिवस के लिए बनी सांकेतिक जिलाधिकारी समाधान दिवस में की सुनवाई*


*गोण्डा 17 अक्टूबर, 2026*।
शासन की मंशानुरूप जनसामान्य की शिकायतों एवं समस्याओं का एक ही स्थल पर निस्तारण कराने के उद्देश्य से जनपद के समस्त तहसीलों में पिंक सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें तहसील करनैलगंज में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन तथा पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा तथा "मिशन शक्ति" कार्यक्रम अन्तर्गत कक्षा 12 की छात्रा सृष्टि शुक्ला एक दिवस के लिए बनी सांकेतिक जिलाधिकारी ने आये हुये फरियादियों की समस्याओं को सुना तथा शिकायतों का त्वरित एवं समयबद्ध गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने हेतु सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को प्रेषित किया गया।

जनसुनवाई के दौरान तहसील करनैलगंज में कुल 112 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुये जिसमें से 10 प्रार्थना पत्रों का मौके पर ही निस्तारित किया गया, शेष 102 प्रार्थना पत्रों को निर्धारित समय सीमा के अन्तर्गत सभी प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करते हुये आख्या समय से तहसील में उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये।

सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि समाधान दिवस में प्राप्त होने वाले शिकायतों के निस्तारण हेतु टीम गठित किया जाय, तथा टीम द्वारा शिकायत का मौके पर स्थलीय जांच के समय पर दोनों पक्षों को बुलाकर उनकी समस्याओं को सुनकर  पूरी गुणवत्ता के साथ निस्तारण करना सुनिश्चित किया जाय।  

सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान उन्होंने कहा कि अवैध अतिक्रमण तथा चकमार्ग के मामले में संयुक्त रूप से राजस्व एवं पुलिस फोर्स की संयुक्त टीम मौके पर भेजकर निस्तारित कराना सुनिश्चित करें। साथ ही उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि तालाब जमीन की पैमाइश, अवैध कब्जा, चकरोड, नाली, अवैध अतिक्रमण आदि को राजस्व एवं पुलिस फोर्स की संयुक्त टीम के साथ हटवाने का कार्य करें। शिकायतकर्ताओं को मौके पर बुलाएं। उसके आने पर लिखित रूप से उल्लेख करें और निस्तारण के प्रकरण का फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी भी करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण मौके पर जाकर पूरी गुणवत्ता के साथ करें अन्यथा संबंधित विभाग के अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सम्पूर्ण समाधान दिवस के अंत में जिलाधिकारी ने वहां पर उपस्थित सभी संबंधित विभाग के जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि संपूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण करना सुनिश्चित करें।

*तहसील करनैलगंज में जनसुनवाई के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों मुख्यमंत्री आवास स्वीकृति पत्र,  क्षय रोग रोगियों को पोषण पोटली, आयुष्मान भारत के लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड के  लाभार्थियों को राशन कार्ड, कृषि विभाग के लाभार्थियों को बीज का मिनि किट सहित अन्य विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृत प्रमाण पत्र जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन, पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा तथा एक दिन के लिए बनाई गई सांकेतिक जिलाधिकारी सृष्टि शुक्ला एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के द्वारा वितरित किया गया।*

इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर संतलाल, उपजिलाधिकारी कर्नलगंज कुमार सत्यम जीत, तहसीलदार करनैलगंज, नायब तहसीलदार अतुल पाल, जिला विकास अधिकारी आदित्य तिवारी, उपनिदेशक कृषि संतोष कुमार द्विवेदी, परियोजना निदेशक डीआरडीए सुशील कुमार पाण्डेय, जिला पंचायत राज अधिकारी जीडी जैन, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार, जिला प्रोवेशन अधिकारी गौरव मिश्रा, एलडीएम विनोद तिवारी, जिला कृषि अधिकारी तथा अन्य विभागों के अधिकारीगण सहित अन्य सभी जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
3 शातिर चोर गिरफ्तार, 5 किलो कॉपर वायर बरामद:भदोही पुलिस ने अंतर्जनपदीय गैंग का किया खुलासा, चोरी में इस्तेमाल बाइक भी मिली

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही पुलिस ने अंतर्जनपदीय चोर गैंग के 3 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 5 किलो कॉपर वायर और चोरी में इस्तेमाल एक मोटरसाइकिल मिली है। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर यह कार्रवाई हुई।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुकेश उर्फ प्रधान (25), गोली बनवासी (25) और सर्वेश उर्फ अर्जुन बनवासी (20) के रूप में हुई है। मुकेश इस गैंग का लीडर है। ये सभी भदोही जिले के रहने वाले हैं।

यह गैंग रात में घरों और ट्यूबवेलों में सेंध लगाकर चोरी करता था। इन्होंने सुरियावां, ज्ञानपुर और दुर्गागंज थाना क्षेत्रों में कई चोरियां की थीं। चोरी के स्टेबलाइजर तोड़कर ये उसमें से तांबे का तार निकालते थे और उसे बेचने की फिराक में रहते थे।

पुलिस ने इनके पास से एक इनवर्टर, एक बैटरा, एक स्टेबलाइजर, 220 रुपये नकद और सेंधमारी के औजार भी बरामद किए हैं। आरोपियों ने पूछताछ में अपना गिरोह सक्रिय होने की बात कबूल की है।
उप्र में 2017 से पहले था रूल ऑफ माफिया, हमने लागू किया ‘रूल ऑफ लॉ : मुख्यमंत्री योगी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ में डाॅ राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में रुल ऑफ माफिया था, लेकिन हमने कानून की किताब से उसे निकालकर ‘रूल ऑफ लॉ’ को ईमानदारी से लागू किया। । आज पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था को कोई चुनौती नहीं दे सकता है। समारोह में उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर मेधावी छात्रों को सम्मानित करने के साथ ही 260 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को आयोेजित डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में पिछली सरकारों के माफिया राज का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में एक समय ऐसा था, जब वहां एक माफिया पर कोई कानून लागू नहीं होता था। हालात ऐसे थे कि मुख्यमंत्री, राज्यपाल और न्यायाधीश तक उसके लिए कोई मायने नहीं रखते थे।



मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब माफिया का काफिला निकलता था तो पहले उसी को रास्ता दिया जाता था। वह जिस जमीन पर पैर रख देता था, वह उसकी हो जाती थी। हमने प्रदेश में कानून का राज कायम किया। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति या पद संविधान से ऊपर नहीं हो सकता। साथ ही विद्यार्थियों को अन्याय के खिलाफ खड़े होने, जड़ों से जुड़े रहने और निरंतर अध्ययन करते रहने की सीख दी और कहा कि गांवों में जमीन और पारिवारिक विवादों के समाधान में योगदान दें। गलत काम का दबाव आए तो सिद्धांतों से समझौता न करें। विद्यार्थियों से कहा कि राम जैसा कर्म, मर्यादा और वचन हो, कृष्ण जैसा हृदय होना चाहिए, शिव जैसा मस्तिष्क होना चाहिए, सत्य बोलना धर्म का आचरण करना चाहिए।

पहले यूपी को लेकर थी नकारात्मक धारणा

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश को लेकर यह धारणा थी कि यहां निवेश सुरक्षित नहीं है, कनेक्टिविटी कमजोर है और विकास की संभावनाएं सीमित हैं। सबको यही लगता था कि उत्तर प्रदेश नहीं सुधर सकता। इस सोच को बदलने के लिए इच्छाशक्ति और परिणाम देने वाली कार्ययोजना जरूरी थी। प्रदेश में कानून का राज स्थापित करना इसी परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमने प्रदेश को माफियाराज से मुक्त कर कानून का शासन स्थापित किया। पहले हाल यह था कि प्रयागराज के एक माफिया के सामने प्रशासनिक और संवैधानिक पदों से जुड़े लोगों के काफिले तक रुक जाते थे। लेकिन, अब कानून के राज में प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

‘विकसित भारत’ 2047 की पैरवी करेंगे विधि विद्यार्थी

मुख्यमंत्री ने इस दीक्षांत समारोह को एक काल्पनिक मुकदमे के रूप में प्रस्तुत करते हुए कहा कि यदि ‘विकसित भारत 2047’ एक केस है, तो 140 करोड़ भारतीय उसके याची हैं और युवा विधिवेत्ता उनके अधिवक्ता हैं। इस मुकदमे में तथ्य, साक्ष्य, तर्क और ईमानदार पैरवी की आवश्यकता होगी। इसका प्रतिवादी कोई व्यक्ति या राजनीतिक दल नहीं, बल्कि वह यथास्थितिवादी सोच है, जो यह मानने को तैयार नहीं होती कि परिवर्तन संभव है।

मई 2014 के बाद देश में सुधारों को गति

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि देश की स्वतंत्रता, संविधान का लागू होना, आपातकाल, न्यायपालिका के ऐतिहासिक निर्णयों और देश में हुए सुधारों को हमारी यात्रा की महत्वपूर्ण तिथियों के रूप में देखा जा सकता है। 15 अगस्त 1947 को देश स्वतंत्र हुआ और 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ। 25 जून 1975 को आपातकाल लागू होने की घटना ने ‘रूल ऑफ लॉ’ और ‘रूलर के लॉ’ के बीच का अंतर स्पष्ट किया। मई 2014 के बाद देश में सुधारों की प्रक्रिया को गति मिली। अप्रासंगिक हो चुके 1,500 से अधिक कानून समाप्त किए गए। जन विश्वास अधिनियम के माध्यम से 42 कानूनों के 183 प्रावधानों में छोटी-छोटी चूकों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया। दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता, जीएसटी, अनुच्छेद 370 से संबंधित बदलाव और नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सुधार का अर्थ केवल नए कानून बनाना नहीं, बल्कि उन पुराने कानूनों को हटाना भी है जिनकी प्रासंगिकता समाप्त हो चुकी है।

2029-30 तक वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2013 में भारत को दुनिया की पांच नाजुक अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, जबकि आज वह दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। इस बदलाव ने भारत के प्रति वैश्विक विश्वास को मजबूत किया है। इसी तरह यूपी को अब वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए विजन डॉक्यूमेंट जारी किया गया है और कार्ययोजना लागू की गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2029-30 तक यह लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा। उन्हाेंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति और विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कानून के शासन, निष्पक्षता और आमजन के विश्वास को मजबूत बनाए रखना जरूरी है। पीड़ित को सम्मान देना और न्याय को सुलभ बनाना इस विश्वास के प्रमुख आधार हैं।

एआई सहायक बने, अंतिम निर्णय मनुष्य के विवेक से हो

तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका पर मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक ने अपराध और साक्ष्य, दोनों का स्वरूप बदल दिया है। एआई ने शोध, आंकड़ों के विश्लेषण और संभावित परिणामों के आकलन को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ नई चुनौतियां भी सामने आई हैं। डीपफेक के माध्यम से किसी व्यक्ति का चेहरा और आवाज इस तरह प्रस्तुत की जा सकती है कि देखने-सुनने वाला उसे वास्तविक मान ले। ऐसे में डिजिटल साक्ष्य की प्रामाणिकता की वैज्ञानिक जांच करना आवश्यक होगा। जब किसी दूसरे देश में बैठा अपराधी किसी व्यक्ति की जीवनभर की कमाई एक झटके में उड़ा लेता है, तो उसकी पहचान और उस तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इन परिस्थितियों में युवा विधिवेत्ताओं को तकनीक और कानून, दोनों की समझ विकसित करनी होगी।

सभी 75 जनपदों में साइबर थाने स्थापित

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में साइबर थाने स्थापित किए गए हैं। प्रदेश के 1,583 थानों में साइबर हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई है। राज्य में फॉरेंसिक संस्थान भी स्थापित किया गया है। एआई प्रज्ञा कार्यक्रम के माध्यम से 10 लाख युवाओं को एआई, डेटा एनालिटिक्स और साइबर सिक्योरिटी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नए आपराधिक कानूनों में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य को मान्यता दी गई है। सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले मामलों में फॉरेंसिक जांच अनिवार्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई न्यायाधीश या विधिवेत्ता के विवेक का विकल्प नहीं हो सकता। श्रीमद्भगवद्गीता में श्रीकृष्ण अर्जुन को ज्ञान देने के बाद निर्णय लेने का अधिकार उनके विवेक पर छोड़ते हैं। इसी भाव को आज की तकनीकी भाषा में ‘ह्यूमन इन द लूप’ कहा जा सकता है। मशीन सुझाव दे सकती है, लेकिन अंतिम निर्णय मनुष्य को ही लेना होगा। एआई को सहायक बनाइए, सारथी नहीं। सारथी आपका विवेक और धर्म होना चाहिए। मशीन ड्राफ्ट तैयार कर सकती है, लेकिन उसमें लापरवाही की कीमत कोई निर्दोष व्यक्ति अपनी स्वतंत्रता से चुका सकता है। इसलिए मशीन कोड लिख सकती है, लेकिन कोड ऑफ कंडक्ट का पालन विधिवेत्ता को ही करना होगा।

अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की खुशहाली ही विकास की कसौटी

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत की वास्तविक कसौटी समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन में आने वाला बदलाव है। महात्मा गांधी ने ग्राम स्वराज और पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अंत्योदय के माध्यम से इसी भावना को व्यक्त किया। विकास का आकलन सबसे ऊंचे पायदान पर बैठे व्यक्ति की आर्थिक स्थिति से नहीं, बल्कि सबसे नीचे खड़े व्यक्ति की स्थिति से किया जाना चाहिए। गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई “जासु राज प्रिय प्रजा दुखारी, सो नृप अवसि नरक अधिकारी” स्पष्ट करती है कि शासन और व्यवस्था की सार्थकता जनकल्याण में निहित है।

युवा विधि स्नातकों से सीएम के चार आग्रह

मुख्यमंत्री ने युवा विधि स्नातकों के सामने चार प्रमुख आग्रह रखे। पहला, वे अन्याय के सामने मूक दर्शक न बनें, बल्कि न्याय की स्थापना में सक्रिय भूमिका निभाएं। दूसरा, अपनी जड़ों और गांवों से जुड़े रहें तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन और परिवार से संबंधित छोटे विवादों के समाधान में योगदान दें। तीसरा, नैतिक चरित्र और पेशेवर साख को सुरक्षित रखें तथा किसी भी अनुचित समझौते या शॉर्टकट से बचें। चौथा, नए कानूनों, न्यायिक निर्णयों और संशोधनों के प्रति स्वयं को लगातार अपडेट रखें और स्वाध्याय की आदत विकसित करें। सत्य बोलना, धर्म का आचरण करना और स्वाध्याय में आलस्य न करना किसी भी अधिवक्ता के लिए सबसे महत्वपूर्ण जीवन-मूल्य हैं।

140 करोड़ भारतीयों के विश्वास की जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह अभिभावकों के वर्षों के त्याग, प्रार्थनाओं और परिश्रम के साकार होने का अवसर है। विद्यार्थियों की डिग्री के पीछे उनके अभिभावकों की अनगिनत जागी हुई रातें और कठिन परिस्थितियों में किया गया संघर्ष है। युवा स्नातक अपनी डिग्री को केवल शैक्षणिक योग्यता का प्रमाणपत्र न मानें, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास के प्रतीक के रूप में देखें। जब भी कोई मुकदमा कठिन लगे या किसी निर्णय का दायित्व भारी महसूस हो, तब भारत के संविधान को अपना मार्गदर्शक बनाएं। फैसला इतिहास सुनाएगा, लेकिन बहस आपको करनी है।

समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस विक्रम नाथ, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अरुण भंसाली और उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय कुलपति प्राेफेसर अमर पाल सिंह भी मौजूद रहे।

मेधावी पदक से सम्मानित

समाराेह में बीए एलएलबी (ऑनर्स) में तेजस्विनी कौशल स्वर्ण, ईशा अग्रवाल रजत और निशा वर्मा कांस्य पदक प्राप्त किया। वहीं, एलएलएम में रूपल जायसवाल को स्वर्ण, चित्रा सिंह को रजत और सौम्या गिरी को कांस्य पदक प्रदान किया गया। बौद्धिक संपदा अधिकार में स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम में भी स्वर्ण और कांस्य पदक छात्राओं के नाम रहें। विश्वविद्यालय स्थित आंबेडकर ऑडिटोरि यम में आयोजित समारोह में 260 विद्यार्थियों और शोधार्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों की उपाधियां प्रदान की गई। इस वर्ष पदक हासिल करने में छात्राओं ने बाजी मारी है, कुल 20 पदकों में से 13 पर छात्राओं ने कब्जा किया है। जबकि सात पदक छात्रों के हिस्से में आए। बीए एलएलबी (ऑनर्स) में तेजस्विनी कौशल स्वर्ण, ईशा अग्रवाल रजत और निशा वर्मा कांस्य पदक प्रदान किया गया जबकि एलएलएम में रूपल जायसवाल को स्वर्ण, चित्रा सिंह को रजत और सौम्या गिरी को कांस्य पदक प्रदान किया गया। बौद्धिक संपदा अधिकार में स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम में भी स्वर्ण और कांस्य पदक छात्राओं के नाम रहे।
बहराइच : रास्ता बंद होने से परेशान महिला पानी की टंकी पर चढ़ी, तहसील परिसर में मचा हड़कंप
बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के कैसरगंज तहसील परिसर में शनिवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब घर का रास्ता बंद होने से परेशान एक महिला पानी की टंकी पर चढ़ गई। महिला का आरोप था कि बंजर भूमि पर कब्जे के विवाद के चलते उसके घर का रास्ता बंद किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए।

अधिकारियाें के करीब आधे घंटे समझाने के बाद महिला टंकी से नीचे उतरी। इस दौरान तहसील परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। कैसरगंज थाना प्रभारी राजकुमार पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। उपजिलाधिकारी कैसरगंज प्रशांत कुमार नायक ने बताया कि मामले में महिला और दूसरे पक्ष, दोनों ने हाईकोर्ट में मुकदमा दायर किया है। अदालत ने 23 अक्टूबर को प्रशासन से संबंधित दस्तावेज पेश करने को कहा है। कोर्ट के निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दुर्गा पूजा पंडाल में दीपक से लगी आग,3 घायल,2 मेडिकल कॉलेज रिफर

*मूर्ति जलाने और लाठी डंडों  से पीटने का आरोप

गोंडा।जिले के उमरीबेगम गंज थाना क्षेत्र के पहलवान पुरवा गांव में दुर्गा पूजा पंडाल में दीपक से आग लग गई।आग की चपेट में आने से मां दुर्गा की प्रतिमा समेत कई छोटी प्रतिमाएं आंशिक रूप से जल गई।पंडाल में रखी ड्रेस और टेबल भी जल गई।घटना के बाद से गांव में लोगों में नाराजगी व्याप्त है।उमरीबेगम गंज थाने की पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दिया है।पीड़ित अखिलेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि वे लोग पूजा करने के लिए पंडाल में आए थे कि इसी दौरान रामदेव, सत्यदेव,रंजीत और गुल्लू ने उनके साथ मारपीट किया।आरोप है कि हमलावर लाठी डंडे लेकर आए थे और कुल्हाड़ी समेत लोहे की अन्य चीजों से हमला कर दिया।अखिलेश का कहना है कि मारपीट में उन्हें,राम सिंह और मिथलेश को चोटें आई हैं।जिसमें से राम सिंह और मिथलेश अस्पताल में भर्ती हैं।अखिलेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि लगभग चार महीने पहले भी गांव में पूजा पाठ के दौरान इन्हीं लोगों ने मारपीट किया था।उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष के लोगों ने पहले मूर्तियों को आग के हवाले किया और फिर उनके परिवार के लोगों के साथ मारपीट किया।पीड़ित के अनुसार, घटना के समय वे लोग खुद को बचाने में लगे थे,इसलिए हमलोग वीडियो नहीं बना सके।हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।मामले में पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने बताया कि मारपीट के दौरान जलते दीपक से पंडाल में आग लगी थी।मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।घटना में मारपीट और आग लगने की परिस्थितियों के जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सोई हुई सकारात्मक विवेक और करुणा को जगाना ही जागरण : ज्ञान प्रकाश सिंह
शाहपुर महोत्सव में रविंद्र सिंह ज्योति के गाये देवी गीतों पर झूमे दर्शक

जौनपुर। जागरण का अर्थ केवल रातभर जागना नहीं, बल्कि अपने भीतर की सोई हुई सकारात्मकता, विवेक और करुणा को जगाना है। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित शाहपुर शानी गांव में आयोजित शाहपुर महोत्सव के मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए  समाजसेवी तथा वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञान प्रकाश सिंह ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा के नौ स्वरूप और उनके शस्त्र हमारे भीतर छिपे साहस, धैर्य और बुराइयों (जैसे क्रोध, लोभ, अहंकार) को समाप्त करने वाली शक्तियों के प्रतीक हैं। इस अवसर पर सहकारी समिति के पूर्व चेयरमैन कुंवर वीरेंद्र सिंह, अमरावती ग्रुप के चेयरमैन रजनीकांत मिश्र, बानर सेना के अध्यक्ष अजीत सिंह, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रमोद सिंह, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, सुभाष सिंह नेता, अरुण कुमार सिंह,पूर्व प्रधानाचार्य रामफेर यादव, प्रधान चंद्रशेखर यादव, शिक्षक नेता प्रमोद यादव, राकेश मिश्रा, युवा समाजसेवी अमित सिंह, हृदय नारायण सिंह, शिव शंकर सिंह, सुभाष सिंह, सोनू सिंह समेत अनेक प्रतिष्ठित लोग उपस्थित रहे। लोकप्रिय गायक रविंद्र सिंह ज्योति द्वारा गए देवी गीतों पर लोग देर रात तक झूमते रहे। उनके साथ अर्चना तिवारी के गए गीतों को भी लोगों ने खूब पसंद किया। कार्यक्रम का संचालन गीतकार राना सिंह ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध समाजसेवी सतीश तिवारी ने की। अंत में कार्यक्रम के आयोजक गौरव सिंह, श्रीमती आरती सिंह तथा एनपीएस के प्रबंधक अरुण कुमार सिंह ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।