स्नातक एवं शिक्षक विधान परिषद निर्वाचन को सकुशल संपन्न कराने के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट का प्रशिक्षण आयोजित*

*सेक्टर मजिस्ट्रेट को निर्वाचन संबंधी दायित्वों, मतदान प्रक्रिया एवं पोलिंग पार्टियों की रवानगी से लेकर मतपेटियों को स्ट्रांग रूम में जमा कराने तक की प्रक्रिया के संबंध में दी गई जानकारी

फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश विधान परिषद आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सकुशल संपन्न कराने के दृष्टिगत रखकर विकास भवन सभागार में सेक्टर मजिस्ट्रेटों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान सेक्टर मजिस्ट्रेटों को उनके दायित्वों, निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं, मतदान प्रक्रिया तथा निर्वाचन सामग्री की सुरक्षा के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। साथ ही, निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध एवं व्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

प्रशिक्षण में बताया गया कि 22 अक्टूबर, 2026 को जीआईसी, फतेहगढ़ से सभी 30 पोलिंग पार्टियों को निर्धारित समय पर रवाना किया जाएगा। सेक्टर मजिस्ट्रेट यह सुनिश्चित करेंगे कि संबंधित पोलिंग पार्टियां अपने निर्धारित मतदान स्थलों पर सकुशल पहुंच जाएं तथा उनके पहुंचने की सूचना समय से उपलब्ध कराई जाए। पोलिंग पार्टियों की रवानगी से लेकर मतदान स्थलों तक पहुंचने की प्रक्रिया पर सतत निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।
23 अक्टूबर, 2026 को मतदान दिवस* पर सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने आवंटित क्षेत्रों में भ्रमणशील रहकर मतदान संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे तथा निर्धारित समय पर मतदान प्रारंभ कराना सुनिश्चित करेंगे। मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर उसका त्वरित निराकरण कराने तथा निर्वाचन संबंधी दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। मतदान समाप्त होने के बाद सीलबंद मतपेटियों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित रूप से स्ट्रांग रूम में जमा कराने की व्यवस्था सेक्टर मजिस्ट्रेटों की देखरेख में सुनिश्चित की जाएगी।

प्रशिक्षण के दौरान यह भी अवगत कराया गया कि सभी सेक्टर मजिस्ट्रेटों को पृथक-पृथक फर्स्ट एड किट, एक मतपेटी तथा निर्वाचन संबंधी आवश्यक सामग्रियों का अलग थैला उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि मतदान प्रक्रिया के दौरान आवश्यकतानुसार इनका उपयोग किया जा सके और निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

उन्होंने सभी सेक्टर मजिस्ट्रेटों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पोलिंग पार्टियों के मतदान स्थलों तक पहुंचने वाले मार्गों का भ्रमण कर निरीक्षण करें। मतदान केंद्रों पर उपलब्ध आवश्यक सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का भी स्थलीय निरीक्षण करते हुए निर्धारित प्रारूप में निरीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। मतदान स्थलों तक पहुंचने वाले मार्गों तथा बूथों पर आवश्यक व्यवस्थाओं की पूर्व जांच करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदान के दिन पोलिंग पार्टियों एवं मतदान कार्मिकों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

प्रशिक्षण के माध्यम से सेक्टर मजिस्ट्रेटों को उनके दायित्वों के प्रति सजग करते हुए निर्देशित किया गया कि वे निर्वाचन संबंधी सभी कार्यों को गंभीरता, सतर्कता एवं जिम्मेदारी के साथ संपन्न कराएं, जिससे विधान परिषद निर्वाचन की प्रक्रिया शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्रभारी एवं परियोजना निदेशक कपिल कुमार, सहायक प्रशिक्षण प्रभारी एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल कुमार, जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी तथा सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
आमजन को गांव गांव में विधिक सेवा की दी जा रही जानकारी
फर्रुखाबाद।
जनपद न्यायाधीश के आदेशानुसार एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिंदिया भटनागर के निर्देशन में एक नवंबर 2026 को आयोजित होने वाले मेगा बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा आमजन को विभिन्न शासकीय कल्याणकारी योजनाओं एवं विधिक सेवाओं की जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से गुरुवार को जनपद की विभिन्न ग्राम पंचायतों में विधिक साक्षरता एवं जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस दौरान थाना कमालगंज में पराविधिक स्वयंसेवक यशपाल सिंह एवं ललित कुमार तथा बढपुर, थाना कादरी गेट, विकास खण्ड बढ़पुर में पराविधिक स्वयंसेवक  सरिता दुबे, अनीता बौध्द,  निधि राजपूत एवं  सत्यपाल द्वारा द्वारा विधिक साक्षरता एवं जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन को अवगत कराया गया कि एक नवंबर 2026 को आयोजित होने वाले मेगा बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को विधिक सेवाओं तथा विभिन्न शासकीय कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें लाभान्वित करना है।

कार्यक्रमों के दौरान महिला सशक्तीकरण, महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण, दिव्यांगजनों, निर्धन एवं कमजोर वर्गों, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कल्याणार्थ संचालित विभिन्न योजनाओं के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। इसके साथ ही आमजन को निःशुल्क विधिक सहायता एवं अन्य विधिक सेवाओं की उपलब्धता के संबंध में जागरूक किया गया।

उन्होंने कहा कि आमजन को मध्यस्थता अभियान 3.0 के संबंध में भी जानकारी दी गई। साथ ही सभी यह अभियान एक अगस्त 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य मध्यम्यता के माध्यम से आपसी सहमति से विवादों का समाधान कराना तथा पक्षकारों को शीघ्र एवं सुलभ न्याय प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना है।

ग्रामीणों को बताया गया कि मेगा बृद्ध विधिक सहायता एवं सेवा शिविर के माध्यम से विभिन्न शासकीय विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने तथा उन्हें अनुमन्य लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इस हेतु पात्र व्यक्तियों को संबंधित योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित इन विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य जनसामान्य तक विधिक सेवाओं एवं शासकीय कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुँचाना तथा समाज के पात्र एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को उनके अधिकारों एवं सुविधाओं से लाभान्वित करना है।
जिलाधिकारी राहुल पाण्डेय ने जनसुनवाई में सुनी शिकायतें
Sb न्यूज़ ब्यूरो रितेश मिश्रा
हरदोई आज कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई करते हुए जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना। जनसुनवाई के दौरान कुल 96 शिकायतें प्राप्त हुईं।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा फरियादियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी न्यायिक सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।
सकलडीहा में शराब तस्करों की दबंगई! थानेदार की गाड़ी में मारी टक्कर, बाल-बाल बचे
चंदौली। जिले के सकलडीहा थाना क्षेत्र में शराब तस्करों को पकड़ने के लिए की गई नाकेबंदी के दौरान बड़ा हादसा होने से टल गया। आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई से बचकर भागने की कोशिश में शराब तस्करों ने थानेदार की गाड़ी को टक्कर मार दी। घटना में थानेदार बाल-बाल बच गए। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचने की स्थिति बन गई।

जानकारी के अनुसार, शराब तस्करी की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहनों को रोकने के लिए नाकेबंदी की थी। इसी दौरान कथित तौर पर शराब तस्करों का वाहन सामने आया। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि पकड़े जाने के डर से वाहन सवारों ने भागने की कोशिश की और थानेदार की गाड़ी में टक्कर मार दी।

इस घटना में थानेदार की जान बाल-बाल बची। घटना के बाद शराब तस्करी और पुलिस की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, घटना में शामिल आरोपियों की पहचान, गिरफ्तारी और बरामदगी को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

अब सवाल यह है कि पुलिस की नाकेबंदी तोड़कर भागने वाले शराब तस्करों पर क्या कार्रवाई होती है और उन्हें कब तक गिरफ्तार किया जाता है?
चंदौली में 3 लाख की अफीम बरामद, उत्तराखंड और बरेली के दो तस्कर गिरफ्तार


चंदौली। जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अलीनगर पुलिस ने गुरुवार को 540 ग्राम अवैध अफीम के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, बरामद अफीम की अनुमानित कीमत करीब तीन लाख रुपये है। आरोपियों के कब्जे से तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से 15 अक्टूबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अलीनगर पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी। इसके आधार पर पुलिस ने रेवसा रिंग रोड सर्विस लेन के पास घेराबंदी कर चेकिंग शुरू की। इसी दौरान संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोकने का इशारा किया गया, लेकिन उस पर सवार दोनों व्यक्तियों ने भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया।

तलाशी के दौरान मोटरसाइकिल सवारों के पास मौजूद काले बैग में काली पन्नी के अंदर रखी 540 ग्राम अफीम बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के ट्रांजिट कैंप क्षेत्र निवासी सुरेंद्र पाल (29) और बरेली जिले के बारादरी थाना क्षेत्र निवासी लालता प्रसाद (48) के रूप में हुई है।

झारखंड से खरीदकर उत्तराखंड ले जाने का दावा

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वे झारखंड के चतरा और आसपास के क्षेत्रों से अज्ञात व्यक्तियों के जरिए अफीम खरीदकर उत्तराखंड के उधम सिंह नगर और बरेली में ऊंचे दामों पर बेचने के लिए ले जा रहे थे।

इस मामले में अलीनगर थाने में मुकदमा संख्या 636/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18/29/60 में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मंत्री नितिन अग्रवाल ने किसान मेले का किया शुभारंभ,

Sb न्यूज़ ब्यूरो रितेश मिश्रा
हरदोई अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस एवं राष्ट्रीय महिला किसान दिवस के अवसर पर गुरुवार को सामुदायिक कृषि परीक्षण एवं प्रदर्शन केंद्र, बिलग्राम चुंगी के निकट किसान मेला, कृषि ज्ञान सम्मेलन एवं जिला नामांकित रबी उद्योगपति का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के साजो-सामान एवं मद्यनिषेध कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। इस दौरान विभिन्न सामानों की ओर से लगाए गए स्टालों का लाभ कर किसानों को कृषि मंजूरी की जानकारी दी गई।
रिब्रांडिन अल्बर्ट अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। किसान इन फार्मूला का लाभ समूह अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकते हैं। किसान मेले में कृषि विभाग और अन्य संबंधित विवरणों की ओर से स्टॉल किसानों को सरकारी मंजूरी, आधुनिक उपकरणों और उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी प्रदान करने का प्रभावशाली माध्यम दिया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी घोषणा का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना, उनके जीवन स्तर में सुधार करना और उन्हें विकास के ढांचे से जोड़ना है। ग्रामीण क्षेत्र की अंतिम पंक्ति में स्टाक पात्र महिला तक का लाभ पहुंचाना आवश्यक है। महिलाओं की सुरक्षा का दायित्व है कि वे महिलाओं की सेवाओं को अखंडता और शिक्षा, स्वास्थ्य सहित सामाजिक सुविधाओं को मजबूत बनाने का निरंतर प्रयास करें।
महिलाएं अब रोजगार लेने वाली नहीं, देने वाली भी बनीं
जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती ने कहा कि महिलाएं स्वयं सहायता नशामुक्ति के माध्यम से अपनाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। मछली पालने का जहाज़, सुपरमार्केट, खाद्य संगठन, हस्तशिल्प और लघु उद्योगपति ग्रामीण महिलाएँ अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय दे रही हैं। अब केवल महिलाओं को रोजगार प्राप्त करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नौकरियों को भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं।
लागत उत्पाद उत्पादन वृद्धि पर जोर
ब्लॉक प्रमुख बावन ने कहा कि किसान मेले का मुख्य उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक खेती के प्रति आकर्षित करना, कृषि उत्पादन और ग्रेड हासिल करना और उनकी आय में वृद्धि के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है। किसानों को उन्नत कृषि तकनीक अपनाकर खेती की लागत कम करनी चाहिए और उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम करना चाहिए।
उप कृषि निदेशक एवं उप कृषि निदेशक (शोध) डॉ. कुमार ने किसानों के लिए व्यावसायिक स्वास्थ्य प्रबंधन, विभिन्न स्तरीय प्रयोग, उन्नतशील संयंत्र प्रबंधन की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से कृषि विशेषज्ञों की सलाह और वैज्ञानिक तकनीकों की सलाह और कृषि संबंधी सलाह की सलाह देते हुए कृषि संबंधी सलाह की जानकारी दी।
अधिकारियों और किसानों की रही दुकान
कार्यक्रम में जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, डिप्टी जिला अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र एवं संडीला के वैज्ञानिक, उपजिला कृषि प्रसार अधिकारी, सदर प्रभारी, भूमि परीक्षण प्रयोगशाला के प्रभारी, अनुसंधान केंद्र सचिवालय के प्रभारी, एनएएफएसएम के सलाहकार, कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद हैं।
चक्रवर्ती सम्राट ने पूरे भारतीय उपमहाद्वीप पर राज किया: संजय जायसवाल

जौनपुर। चक्रवर्ती सम्राट अशोक मौर्य, मौर्य वंश के तीसरे और भारत के इतिहास के सबसे महान व शक्तिशाली सम्राटों में से एक थे। उन्हें 'अशोक महान' और 'देवानांप्रिय प्रियदर्शी' (देवताओं के प्रिय) के नाम से भी जाना जाता है। उनका शासनकाल लगभग ईसा पूर्व 268 से 232 तक रहा जिसके दौरान उन्होंने लगभग पूरे भारतीय उपमहाद्वीप पर राज किया। उक्त बातें नगर पंचायत मछलीशहर के चेयरमैन संजय जायसवाल ने स्थानीय कस्बे के चन्द्रगुप्त मौर्य नगर के छैला मियां का पूरा में बनाये गये सम्राट अशोक मौर्य लाट का उद्घाटन करते हुये उपस्थित लोगों के बीच कही। इसके पहले श्री जायसवाल के पहुंचने पर उपस्थित लोगों ने माल्यार्पण करके उनका जोरदार स्वागत किया जिसके बाद उन्होंने फीता काटकर उद्घाटन करने के बाद सम्राट लाट के समक्ष शीश नवाया। साथ ही उपस्थित लोगों से सम्राट अशोक के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। इस अवसर पर संस्थापक सालिक राम मौर्य अवकाशप्राप्त शिक्षक, राजेन्द्र प्रसाद मौर्य, राजकुमार मौर्य, विजय मौर्य, कमलेश चन्द्र मौर्य, प्रदीप मौर्य, सुरेश चन्द्र मौर्य एडवोकेट, धर्मेन्द्र मौर्य सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
मिसाइल मैन डॉ. कलाम की 95वीं जयंती पर मदरसा
Sb ब्यूरो रितेश मिश्रा
बेहंदर, हरदोई।* क्षेत्र के मदरसा रहमानुल उलूम सरसंड में बृहस्पति को भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की 95वीं वर्षगांठ बेहद सम्मान और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर मदरसे के शिक्षकों और अतिथियों ने डॉ. कलाम के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों को संबोधित करते हुए मदरसे के प्रबंधक अशफ़ाक़ुर्रहमान और प्रधानाचार्य मोहयुद्दीन ने डॉ. कलाम के प्रेरक जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्ष 2002 से 2007 तक भारत के 11वें राष्ट्रपति रहे डॉ. कलाम का जीवन सादगी और उच्च विचारों का प्रतीक था। देश के प्रति उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें वर्ष 1981 में पद्म भूषण, 1990 में पद्म विभूषण और 1997 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया था। शिक्षक इरिंद, सुखविंदर, अम्बरीष कुमार और अर्पिता देवी ने बच्चों को डॉ. कलाम के पदचिह्नों पर चलने और शिक्षा के माध्यम से देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।वक्ताओं ने बच्चों को डॉ. कलाम के अद्वितीय व्यक्तित्व के बारे में बताते हुए कहा कि वे असाधारण सादगी, अदम्य हौसले और सच्चे राष्ट्रप्रेम की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने बच्चों को कलाम साहब के प्रसिद्ध संदेश को याद दिलाते हुए प्रेरित किया कि "सपने वो नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं, सपने वो हैं जो हमें सोने नहीं देते।" वक्ताओं ने बच्चों को डॉ. कलाम के पदचिह्नों पर चलने और शिक्षा के माध्यम से देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
          इस अवसर पर 'मेरा युवा भारत' युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक आसिम अली भी विशेष रूप से उपस्थित रहे और युवाओं को देश सेवा का संकल्प दिलाया।
सुरक्षित प्रसव की तैयारी गर्भावस्था से ही, एचआरपी महिलाओं की निगरानी को स्वास्थ्य विभाग ने दी प्राथमिकता
फर्रुखाबाद। गर्भावस्था के दौरान संभावित जटिलताओं को समय रहते पहचानना और प्रसव तक महिला की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखना सुरक्षित मातृत्व की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं यानी एचआरपी के प्रबंधन को प्राथमिकता दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में आशा और एएनएम के माध्यम से ऐसी महिलाओं का चिह्नीकरण, लाइन लिस्टिंग तथा नियमित संपर्क सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।

जोखिम की पहचान के साथ तय होगी आगे की देखभाल

उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की जानकारी मिलने के बाद संबंधित महिला का विवरण लाइन लिस्ट में दर्ज करना और उसके स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार आगे की कार्ययोजना बनाना जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि प्रत्येक चिह्नित महिला को समय पर जांच, चिकित्सकीय परामर्श, आवश्यक दवाएं और जरूरत पड़ने पर रेफरल की सुविधा मिल सके। साथ ही प्रसव कहां और किस प्रकार की चिकित्सकीय निगरानी में कराया जाना है, इसकी तैयारी भी पहले से की जा सके।

निर्धारित तिथियों पर जांच और विशेषज्ञ परामर्श

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक माह की 1, 9, 16 और 24 तारीख को निर्धारित स्वास्थ्य संस्थानों पर गर्भवती महिलाओं की जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श की व्यवस्था की गई है। एचआरपी महिलाओं की स्थिति के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह और उच्च स्वास्थ्य केंद्र पर रेफर करने की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि आवश्यकता के समय उपचार में देरी न हो।

एनीमिया के उपचार और प्रसव सेवाओं पर भी ध्यान

गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की स्थिति को देखते हुए जरूरत के अनुसार आयरन सुक्रोज और एफसीएम थेरेपी उपलब्ध कराने पर जोर है। गंभीर परिस्थितियों में रक्त की उपलब्धता तथा ब्लड ट्रांसफ्यूजन की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है। मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एएनएम और स्टाफ नर्सों का प्रशिक्षण कराया गया है। इसके साथ ही प्रसव सेवाओं को नए केंद्रों तक विस्तारित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रसव तक बना रहेगा फॉलोअप

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने कहा कि उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था में केवल शुरुआती पहचान पर्याप्त नहीं है। महिला की स्थिति के अनुसार लगातार निगरानी और समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना आवश्यक है। आशा, एएनएम, स्टाफ नर्स और चिकित्सकों के बीच बेहतर समन्वय से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि किसी भी संभावित जटिलता का समय रहते पता चल सके।

स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि प्रत्येक एचआरपी महिला को गर्भावस्था से लेकर प्रसव तक आवश्यक देखभाल मिले। नियमित फॉलोअप, समयबद्ध जांच और जरूरत के अनुसार उपचार एवं रेफरल के माध्यम से मातृ स्वास्थ्य की सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।
जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियां समय से पूर्ण करें अधिकारी: जिलाधिकारी

*मुख्य सचिव की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई समीक्षा के बाद जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों एवं कार्ययोजना की मुख्य सचिव द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जनगणना संबंधी तैयारियों, निर्धारित कार्यों की प्रगति तथा जनगणना को व्यवस्थित एवं सुचारु रूप से संपन्न कराने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के उपरांत जिलाधिकारी/प्रमुख जनगणना अधिकारी श्री शैलेष कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनगणना के द्वितीय चरण से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण कर ली जाएं, ताकि जनगणना का कार्य निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार व्यवस्थित, पारदर्शी एवं सुचारु रूप से संपादित हो सके।

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से स्व-गणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा इसके प्रति जनपदवासियों को जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्व-गणना के माध्यम से नागरिक अपने परिवार से संबंधित जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, जिससे अधिक से अधिक परिवार इस सुविधा का लाभ उठाते हुए जनगणना के राष्ट्रीय महत्व के कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें।

16 से 30 नवंबर तक घर बैठे मोबाइल से करें स्व-गणना

जिलाधिकारी श्री शैलेष कुमार ने जनपदवासियों से अपील की कि वे 16 नवंबर से 30 नवंबर, 2026 तक अपने मोबाइल फोन के माध्यम से घर बैठे स्व-गणना करें। इसके लिए जनगणना की आधिकारिक वेबसाइट https://se.census.gov.in पर जाकर स्व-गणना (Self Enumeration) विकल्प का चयन करें तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मांगी गई जानकारी दर्ज करें। उन्होंने कहा कि परिवार से संबंधित सभी 40 प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर सही, स्पष्ट एवं पूर्ण जानकारी भरना आवश्यक है, ताकि जनगणना के आंकड़े विश्वसनीय एवं उपयोगी बन सकें।

पांच प्रमुख श्रेणियों में संकलित की जाएंगी परिवार से संबंधित जानकारियां

जनगणना-2027 के अंतर्गत स्व-गणना के माध्यम से परिवार एवं उसके सदस्यों से संबंधित 40 प्रश्नों के जरिए पांच प्रमुख श्रेणियों में जानकारियां संकलित की जाएंगी। इनमें पहचान एवं परिवार, शिक्षा एवं भाषा, रोजगार, जन्म एवं प्रवास तथा अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल हैं। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि स्व-गणना की प्रक्रिया को जनसामान्य तक सरल एवं प्रभावी तरीके से पहुंचाया जाए, ताकि नागरिक प्रश्नों को समझकर सही जानकारी दर्ज कर सकें।

सटीक जनगणना आंकड़ों से तैयार होंगी बेहतर विकास योजनाएं

जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना के आंकड़े विकास योजनाओं के निर्माण, जनसंख्या की आवश्यकताओं के आकलन, संसाधनों के बेहतर नियोजन तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए प्रत्येक परिवार को अपनी जानकारी सही एवं वास्तविक रूप में दर्ज करनी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनगणना संबंधी दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करें तथा स्व-गणना के प्रति व्यापक जनजागरूकता बढ़ाएं।

जिलाधिकारी ने कहा कि “सही गणना, सशक्त समाज, समृद्ध भारत” के संकल्प को साकार करने के लिए प्रशासन के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि वे 16 से 30 नवंबर, 2026 तक स्व-गणना की सुविधा का लाभ उठाएं, सभी प्रश्नों के उत्तर सावधानीपूर्वक दर्ज करें और जनगणना-2027 को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।