जीरो टॉलरेंस पुलिस की कार्यशैली का हिस्सा बने,अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई करें: डीजीपी राजीव कृष्ण
अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस महानिदेशक ने दिए निर्देश
त्योहारों में डूबने और करंट से होने वाली जनहानि रोकने के लिए शून्य जनहानि का लक्ष्य तय
लखनऊ। पुलिस महानिदेशक यूपी राजीव कृष्ण ने कहा कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस केवल एक नीति नहीं, बल्कि पुलिस की कार्यशैली और दृष्टिकोण का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। किसी भी अपराध या कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटना के बाद केवल कार्रवाई करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके मूल कारणों का पता लगाकर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना भी जरूरी है। उन्होंने चोरी, नकबजनी, चेन स्नेचिंग सहित अन्य अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस गश्त बढ़ाने, बीट पुलिसिंग को प्रभावी बनाने और पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने गुरुवार को पुलिस मुख्यालय में प्रदेश के सभी जोनल अपर पुलिस महानिदेशकों, पुलिस आयुक्तों, परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षकों, पुलिस उपमहानिरीक्षकों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ऑनलाइन उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक की। बैठक में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, आगामी त्योहारों की सुरक्षा, लंबित विवेचनाओं, जनशिकायतों, गुमशुदा बच्चों की बरामदगी और यातायात व्यवस्था सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई।
बीट पुलिसिंग मजबूत करने और गश्त बढ़ाने पर जोर
डीजीपी ने निर्देश दिया कि बीट पुलिसकर्मियों से प्राप्त सूचनाओं का प्रभावी इस्तेमाल किया जाए और उनकी जिम्मेदारियों की नियमित समीक्षा हो। क्षेत्राधिकारियों को बीट पुलिसकर्मियों की नियमित बैठक लेकर उन्हें क्षेत्र की संवेदनशील गतिविधियों, मादक पदार्थों की अवैध बिक्री और स्थानीय स्तर पर इनके निर्माण जैसी गतिविधियों की पहचान के संबंध में स्पष्ट निर्देश देने को कहा गया।
चोरी, नकबजनी, चेन स्नेचिंग और संपत्ति संबंधी अन्य अपराधों की रोकथाम के लिए प्रमुख बाजारों, संवेदनशील क्षेत्रों और आवश्यक स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। पुलिस गश्त में उपलब्ध वाहनों और तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने तथा निर्धारित जिम्मेदारियों में लापरवाही मिलने पर संबंधित पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करने को कहा गया। अपराधियों, संदिग्ध वाहनों और घटनाओं से जुड़ी सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान करने के लिए यक्ष ऐप की विशेष सुविधा का प्रभावी इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया गया।
थानों पर जनसुनवाई और शिकायतों के निस्तारण को प्राथमिकता
डीजीपी ने थाना और चौकी स्तर पर आम लोगों की शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुनने और उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों का व्यवहार जनहित के अनुरूप होना चाहिए। जनशिकायतों और जनसुनवाई से जुड़े मामलों की संख्या का विश्लेषण कर उनकी वजहों का पता लगाया जाए। शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही मिलने पर पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से जिम्मेदारी तय की जाए।
कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले संवेदनशील मामलों में स्थानीय सूचना तंत्र को मजबूत करने तथा संभावित विवादों और सामाजिक या जातीय तनाव से संबंधित सूचनाओं का समय पर संकलन एवं विश्लेषण करने के निर्देश भी दिए गए। महत्वपूर्ण सूचनाओं को समयबद्ध तरीके से वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने और आवश्यकतानुसार पहले से तैयारी करने पर बल दिया गया।
त्योहारों में डूबने और करंट से होने वाली जनहानि रोकने के निर्देश
आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए डीजीपी ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। मूर्ति विसर्जन और स्नान से जुड़े आयोजनों के दौरान डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत, सुरक्षित स्थान और निगरानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
झांकियों और जुलूसों के दौरान बिजली के तारों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का पालन कराने तथा पुराने विवादों और मार्गों से जुड़ी संवेदनशीलताओं का पहले से आकलन करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने त्योहारों के दौरान डूबने और करंट से होने वाली जनहानि को शून्य तक लाने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा।
यक्ष ऐप पर सत्यापन के बाद भी अपराध करने वालों पर कार्रवाई
डीजीपी ने अपराध के साप्ताहिक और अन्य उपलब्ध आंकड़ों का गहन विश्लेषण कर उन क्षेत्रों तथा अपराधों की पहचान करने के निर्देश दिए, जहां घटनाओं में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि अपराधों के मूल कारणों का पता लगाकर उनका प्रभावी निराकरण किया जाए।
यक्ष ऐप पर सत्यापन के बाद भी अपराध करने वाले अपराधियों की गतिविधियों की विशेष समीक्षा करने को कहा गया। ऐसे अपराधियों द्वारा बार-बार अपराध करने की वजहों का पता लगाकर उनकी निगरानी, निरोधात्मक कार्रवाई और अन्य प्रभावी उपायों के जरिए अपराध की पुनरावृत्ति रोकने पर जोर दिया गया।
लंबित विवेचनाओं और अनसुलझे गंभीर मामलों की नियमित समीक्षा
पुलिस महानिदेशक ने 60 और 90 दिन से अधिक समय से लंबित विवेचनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पुराने मामलों की वर्षवार समीक्षा कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने तथा विवेचनाओं की नियमित निगरानी करने को कहा गया।
लूट, हत्या, चेन स्नेचिंग सहित अन्य गंभीर अपराधों के ऐसे मामलों, जिनमें अपराधियों का पता नहीं चल सका है, की व्यक्तिगत स्तर पर समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। जिन क्षेत्रों में ऐसे मामले अधिक लंबित हैं, वहां विशेष कार्ययोजना बनाकर साक्ष्य संकलन, तकनीकी विश्लेषण और प्रभावी विवेचना के जरिए अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
गुमशुदा बच्चों की बरामदगी सर्वोच्च प्राथमिकता
डीजीपी ने गुमशुदा बच्चों की शीघ्र और सुरक्षित बरामदगी को अत्यंत संवेदनशील विषय बताते हुए संबंधित मामलों में त्वरित और समन्वित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिन क्षेत्रों में बच्चों के लापता होने की घटनाएं अधिक हैं, वहां विशेष समीक्षा कर उनके गुमशुदा होने के संभावित कारणों और घटनाओं के सामान्य स्वरूप का विश्लेषण करने को कहा गया।
मानव तस्करी रोधी थानों की टीमों को बच्चों के परिजनों से संपर्क कर विस्तृत जानकारी जुटाने, विभिन्न मामलों के बीच समानताओं का अध्ययन करने और उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल कर बच्चों की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
यातायात सुधार और पुलिस प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर जोर
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए चलाए जा रहे अभियानों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं और यातायात जाम की घटनाओं में कमी आई है। इसके बावजूद डीजीपी ने शहरी क्षेत्रों में जाम के प्रमुख कारणों और यातायात के दबाव का विश्लेषण कर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कार्ययोजना बनाने तथा उसे प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।
बैठक में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा आई-गॉट मंच के माध्यम से एक करोड़ से अधिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे करने की उपलब्धि पर डीजीपी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता में लगातार सुधार होना चाहिए। सप्ताहांत में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में ऐसे विषयों को प्राथमिकता दी जाए, जिनका लाभ थानों, बीट पुलिसिंग और पुलिसकर्मियों के दैनिक कार्यों में सीधे तौर पर दिखाई दे।
डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अपराध नियंत्रण, जनशिकायतों के निस्तारण, महिला एवं बाल सुरक्षा, त्योहारों की व्यवस्था और पुलिस के व्यवहार में सुधार जैसे विषयों पर निरंतर निगरानी रखी जाए, ताकि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।

अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस महानिदेशक ने दिए निर्देश

प्रदेश के 314 आश्रय गृहों में रह रहीं 12,870 महिलाओं और बालिकाओं को बांटी गईं जरूरी वस्तुएं
फर्रुखाबाद । युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से बचाकर स्वस्थ एवं रचनात्मक जीवन की ओर अग्रसर करने के उद्देश्य से नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत स्वर्गीय ब्रह्मदत्त द्विवेदी स्पोर्ट्स स्टेडियम, फतेहगढ़ में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सांसद मुकेश राजपूत की उपस्थिति में हुए इस कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए अपनी क्षमता का उपयोग शिक्षा, खेल और अन्य सकारात्मक कार्यों में करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय तथा जिला समाज कल्याण अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
फर्रुखाबाद। स्वास्थ्य केंद्रों पर परिवार नियोजन के साधनों की उपलब्धता बनाए रखने और उनकी जरूरत का सही आकलन करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था को मजबूत कर रहा है। अब परिवार नियोजन सामग्री की मांग दर्ज करने, इंडेंट तैयार करने और सामग्री जारी किए जाने की प्रक्रिया को पोर्टल के माध्यम से संचालित करने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय का उद्देश्य है कि संबंधित स्वास्थ्य इकाइयों की आवश्यकता का पता समय रहते चले और लाभार्थियों को जरूरी साधन उपलब्ध कराने में अनावश्यक देरी न हो।
फर्रुखाबाद। मुख्य विकास अधिकारी के द्वारा दिये गये निर्देश पर विकास खण्ड कमालगंज क्षेत्र में उर्वरक बिकी केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय मेसर्स छोटे खाद भण्डार खुदागंज के अभिलेख अपूर्ण पाये गये तथा रेटबोर्ड / स्टाकबोर्ड, लगा नहीं पाया गया। 01 सितम्बर 2026 के बिकी रजिस्टर का प्रारूप बदलने पर जनपद के सभी खुदरा विक्रेताओं को नये प्रारूप पर रजिस्टर का रखरखाब किये जाने के निर्देश दिये गये थे, जिसका अनुपालन नहीं किया इस कारण लाइसेन्स निलम्बित किया गया, तथा गौरी खाद भण्डार खुदागंज बिना नोटिस चस्पा किये बन्द कर पालायन कर गये इसलिए लाइसेन्स निलम्बित किया गया। नियमित छापामार कार्यवाही जारी रहेगी। जनपद को आई०पी०एल० कम्पनी की बी०ए०पी० रैक 15 अक्टूबर 2026 को लगने की सम्भावना है, जिससे जनपद को 1500 मै०टन (30000 बोरी) समितियों पर एवं 1000 मै०टन (20000 बोरी) निजी क्षेत्र के बिकी केन्द्रों पर कुल 2500 मै०टन (50000 बोरी) प्राप्त होगी जो सीधे रैक प्वाइन्ट से सहकारी समितियों / निजी बिकी केन्द्रों को आपूर्ति की जायेगी। मेसर्स पी०पी०एल० कम्पनी की डी०ए०पी० रैक भी 16 अक्तूबर 2026 तक लगने की सम्भावना है, जिससे आवश्यकतानुसार डी०ए०पी० मिलेगी। लगातार उर्वरकों की आपूर्ति जारी है। वर्तमान में माह अक्टूबर का यूरिया लक्ष्य 5928 मै०टन के सापेक्ष 27672 मै०टन, डी०ए०पी० लक्ष्य 6578 मै०टन के सापेक्ष 10706 मै०टन, पोटास लक्ष्य 2906 मै०टन के सापेक्ष 8297 मै०टन, एनी०पी०के० लक्ष्य 11142 मै०टन के सापेक्ष 22269 मै०टन, सिंगल सुपर फास्फेट लक्ष्य 12112 मै०टन के सापेक्ष 16905 मै०टन की उपलब्धता सुनिश्चित हो चुकी है। जनपद में उर्वरक की कोई कमी नहीं है किसानो को उनकी मॉग के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध है और नियमित उर्वरकों की आवक जारी है। किसी प्रकार की कोई कमी नहीं होने दी जायेगी। जनपद के सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया जाता है कि वे अपनी दुकान पर रेटबोर्ड एवं स्टाकबोर्ड में नियमित दुकान में उपलब्ध उर्वरक स्टाक एवं उसके निर्धारित मूल्य का अंकन करना सुनिश्चित करें, तथा अभिलेखों (स्टाक एवं बिकी रजिस्टर) का नियमित रखरखाव करें, साथ ही किसान भाइयों को उर्वरक बिकी की रसीद भी उपलब्ध करायेंगे। क्षेत्र भ्रमण के समय किसी भी विक्रेता द्वारा दिये गये निर्देशों का अनुपालन ना करने पर उसके ख़िलाफ़ करवाई की जाएगी । उन्होंने कहा कि निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरकों का विक्रय करता है, तो सम्बन्धित विक्रेता के विरूद्ध उर्वरक नियमों के तहत कार्यवाही की जायेगी। कृषको से अपील है कि उर्वरक कय करते समय अपना आधार कार्ड, खतौनी एवं फार्मर आई०डी० लेकर बिकी केन्द्र पर जायें, यदि किसी कारण से फार्मर आई०डी० नहीं बनी हो तो खतौनी के आधार पर उर्वरक प्राप्त कर सकते है। उर्वरक से सम्बन्धित किसी भी समस्या के आने पर जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में स्थापित कन्ट्रोल रूम नम्बर 05692-297733 पर किसी भी कार्य दिवस में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
फर्रुखाबाद।
जौनपुर। सोशल मीडिया पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी, राज्यसभा सांसद श्रीमती सोनिया गांधी एवं लोकसभा सांसद श्रीमती प्रियंका गांधी को मुकेश सिंह राजपूत नाम के व्यक्ति द्वारा अभद्र् टिप्पणी एवं गालियां दिए जाने के खिलाफ आक्रोशित कांग्रेसियों ने पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी राकेश मिश्रा के नेतृत्व में थाना प्रभारी खुटहन विक्रम लक्ष्मण सिंह को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया जाने की मांग की। कांग्रेस पार्टी के जिला उपाध्यक्ष राकेश मिश्रा ने तहरीर देते हुए कहा कि राहुल गांधी जी देश ,संविधान, लोकतंत्र और जनता को मिले मताधिकार को बचाने की लड़ाई लड रहे हैं। राहुल गांधी जी के इस महाआंदोलन से फिरका परस्त ताकतें बौखलाकर उन्हें गालियां देते हुए साजिश कर रहे हैं। कांग्रेस नेता राकेश मिश्रा ने कहा कि श्रीमती सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी जी का पूरा जीवन देश की सेवा में समर्पित है। ये सब देश के लिए बलिदान होने वाले परिवार से हैं। राकेश मिश्रा ने मुकेश सिंह राजपूत को तत्काल गिरफ्तार किए जाने की मांग करते हुए कहा कि राहुल गांधी जी सहित कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को गालियां देने से कांग्रेसियों की भावनाये आहत हुई है। इस मौके पर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता विनोद त्रिपाठी, कांग्रेस कमेटी खुटहन के ब्लाक अध्यक्ष विपिन शर्मा, शोसल मीडिया के जिला प्रभारी शैलेन्द्र यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
Oct 15 2026, 18:49
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