मिशन शक्ति 6.0: अपनों ने छोड़ा बेसहारा, पुलिस ने बांटा त्योहार का सहारा
प्रदेश के 314 आश्रय गृहों में रह रहीं 12,870 महिलाओं और बालिकाओं को बांटी गईं जरूरी वस्तुएं
आगरा में बुजुर्ग महिला ने पुलिस के सामने बयां किया अपना दर्द
लखनऊ। अपनों ने साथ छोड़ दिया, लेकिन जिंदगी की मुश्किल घड़ी में उत्तर प्रदेश पुलिस ने सहारे का हाथ बढ़ाया। मिशन शक्ति 6.0 के तहत प्रदेशभर में पुलिस अधिकारियों ने नारी संरक्षण गृहों और आश्रय गृहों में रह रहीं महिलाओं और बालिकाओं के साथ दशहरा और दीपावली की खुशियां साझा कीं। इस दौरान उन्हें खाद्य सामग्री, साड़ियां, कंबल और अन्य जरूरी वस्तुएं वितरित की गईं।
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 11 से 20 अक्टूबर तक चलाए जा रहे मिशन शक्ति 6.0 अभियान के तहत 14 अक्टूबर को प्रदेश के सभी पुलिस आयुक्तालयों और जिलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस के अनुसार, प्रदेश के 314 नारी संरक्षण गृहों और आश्रय गृहों में रह रहीं 12,870 महिलाओं और बालिकाओं को करीब 22 हजार पैकेट सामग्री वितरित की गई।
तीन बेटों ने छोड़ा, पड़ोस के बच्चे ने बढ़ाया मदद का हाथ
आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र स्थित रामलाल वृद्धाश्रम में रह रही एक बुजुर्ग महिला की कहानी अपनों की बेरुखी और इंसानियत की मिसाल दोनों को सामने लाती है। महिला ने पुलिस अधिकारियों से बातचीत के दौरान अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने बताया कि उनके तीन बेटे हैं, लेकिन तीनों ने उन्हें घर से निकाल दिया था। इसके बाद उन्हें किराये के कमरे में रहना पड़ा, जहां भोजन तक की व्यवस्था नहीं थी।
इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला एक स्कूली बच्चा उनकी परेशानी देखकर अपना टिफिन उन्हें देने लगा। बच्चा कई दिनों तक अपने घरवालों को बताए बिना बुजुर्ग महिला के लिए खाना लेकर जाता रहा। बाद में उसने अपनी मां को इस बारे में बताया। इसके बाद बच्चे की मां ने बुजुर्ग महिला को वृद्धाश्रम पहुंचाया। वह पिछले करीब 15 वर्षों से वहीं रह रही हैं।
पुलिस अधिकारियों से बातचीत के दौरान बुजुर्ग महिला की आंखों से आंसू छलक पड़े। उनकी कहानी ने यह संदेश दिया कि रिश्तों की बेरुखी के बीच भी किसी अनजान व्यक्ति की छोटी-सी मदद किसी जरूरतमंद के लिए बड़ा सहारा बन सकती है।
महिला सुरक्षा के लिए प्रदेशभर में अभियान
मिशन शक्ति 6.0 के तहत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए कई अन्य गतिविधियां भी चलाई गईं।
पुलिस के अनुसार, मंदिरों और पूजा पंडालों में 18,866 महिला चौपाल आयोजित की गईं। इनमें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित 7,05,167 पर्चे वितरित किए गए। वाहन जांच के दौरान 2,20,281 वाहनों की जांच की गई और 4,287 वाहनों से काली फिल्म उतरवाई गई। यातायात नियमों के उल्लंघन पर करीब 22 हजार वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
वहीं, एंटी रोमियो दल ने 29,907 स्थानों पर अभियान चलाकर 2,73,935 लोगों की जांच की। इस दौरान 383 मामले दर्ज किए गए, 415 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 1,05,524 लोगों को चेतावनी दी गई।
इसके अलावा, भरण-पोषण भत्ते और घरेलू विवादों से संबंधित न्यायालय के 29,026 समन तामील कराए गए। ग्राम पंचायतों और वार्डों में 13,086 चौपाल आयोजित हुईं, जिनमें 5,18,485 लोगों ने भाग लिया। इन कार्यक्रमों में 4,44,583 प्रचार सामग्री वितरित की गई।
पुलिस के मुताबिक, मौके पर मिले 21,056 प्रार्थना पत्रों में से 2,085 का निस्तारण किया गया। साथ ही 98 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 1,860 के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई।
सुरक्षा के साथ अपनत्व का संदेश
मिशन शक्ति 6.0 के तहत आश्रय गृहों में रहने वाली महिलाओं और बालिकाओं के साथ त्योहार मनाने की पहल का उद्देश्य उन्हें यह एहसास कराना है कि वे समाज से अलग-थलग नहीं हैं। जरूरत के समय सहयोग, सम्मान और संवेदनशीलता भी सुरक्षा का अहम हिस्सा हैं।
आगरा की बुजुर्ग महिला की कहानी बताती है कि कभी-कभी अपनों से मिला दर्द गहरा होता है, लेकिन किसी बच्चे की छोटी-सी पहल भी जिंदगी में उम्मीद जगा सकती है। यही संदेश इस अभियान की मानवीय पहल को खास बनाता है।
Oct 15 2026, 18:43
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