नई मंडी गौशाला में भारत विकास परिषद सम्राट द्वारा गौ सेवा कार्यक्रम आयोजित
आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। आज दिनांक 14 अक्टूबर 2026 को नई मंडी गौशाला में भारत विकास परिषद सम्राट द्वारा गौ सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संजय मिश्रा, प्रांतीय प्रकल्प संयोजक (क्षय रोग सेवा) उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता एवं बार संघ पदाधिकारी सुनील दत्त शर्मा ने सहभागिता की।

कार्यक्रम का आयोजन  गौरी शर्मा एवं मोनिका शर्मा, पत्नी शाखा अध्यक्ष विनय शर्मा, तथा शाखा सचिव कुलदीप भारद्वाज के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम के संयोजक इं. प्रमोद कुमार गुप्ता, धर्मेंद्र त्यागी एवं विजय भार्गव रहे।

इस अवसर पर संजय मिश्रा ने गौ सेवा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज में सेवा, करुणा, संवेदनशीलता एवं जीवमात्र के प्रति प्रेम की भावना को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया। गौ सेवा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का अभिन्न अंग है, जो हमें निस्वार्थ सेवा एवं मानवीय मूल्यों की प्रेरणा देती है।

गौ माता की सेवा एवं संरक्षण के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे आकर अपना योगदान देना चाहिए।
राष्ट्रीय सुरक्षा सबसे अहम: स्टारलिंक को न दी जाए मंज़ूरी*
स्वदेशी जागरण मंच दुनिया के सबसे अमीर बिज़नेसमैन एलन मस्क के गैर-ज़िम्मेदाराना बयानों की कड़ी निंदा करता है। यह मामला एलन मस्क की कंपनी 'स्टारलिंक' से जुड़ा है, जिसने भारत में कमर्शियल सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विस शुरू करने और चलाने के लिए लाइसेंस के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसे अभी तक लाइसेंस नहीं मिला है (हालांकि आवेदन को ख़ारिज भी नहीं किया गया है)। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर उनकी कंपनी से मांगी गई जानकारी का जवाब देने के बजाय, एलन मस्क ने भारतीय बिज़नेस और सरकार पर परोक्ष रूप से आरोप लगाने का रास्ता चुना। ऐसा लगता है कि स्टारलिंक शायद उन खास ज़रूरतों को पूरा करने के लिए तैयार नहीं है। नतीजतन, ऐसा लगता है कि एलन मस्क या तो सरकार के खिलाफ़ जनता का दबाव बनाकर लाइसेंस हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं या फिर हताशा में ऐसे बयान दे रहे हैं।

यह समझना ज़रूरी है कि स्टारलिंक की टेक्नोलॉजी भारत की रेगुलेटरी ज़रूरतों को पूरा करने में एक बड़ी चुनौती पेश करती है। स्टारलिंक डेटा को ग्राउंड स्टेशन तक पहुंचने से पहले सीधे सैटेलाइट के बीच ट्रांसमिट करने के लिए लेज़र-बेस्ड सैटेलाइट लिंक का इस्तेमाल करती है। भारत सरकार इस सिस्टम की जांच कर रही है ताकि यह पक्का किया जा सके कि सुरक्षा से जुड़ी इमरजेंसी के दौरान डेटा भारतीय गेटवे को बायपास न कर सके। एक अहम रेगुलेटरी शर्त यह है कि स्टारलिंक सरकार के कहने पर अपनी सर्विस को ठीक-ठीक तरीके से सीमित करने में सक्षम हो; लेकिन स्टारलिंक ने इस ज़रूरत को पूरा करने का वादा नहीं किया है, या हो सकता है कि उनकी टेक्नोलॉजी इसकी इजाज़त न देती हो।

वर्तमान में भारत कानून-व्यवस्था से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसी स्थितियों में, इंटरनेट-बेस्ड सोशल मीडिया अक्सर अफवाहों और देश-विरोधी नैरेटिव को बढ़ावा देता है। अलगाववाद, आतंकवाद, दंगे, विरोध-प्रदर्शन और ऐसी ही घटनाओं के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अक्सर इंटरनेट सर्विस को रोकना ज़रूरी हो जाता है।

इसके अलावा, स्टारलिंक सैटेलाइट लेज़र लिंक का इस्तेमाल करके एक-दूसरे से बातचीत हो सकती है। भारत को चिंता है कि भारतीय इंटरनेट ट्रैफ़िक घरेलू गेटवे से न गुज़रकर विदेशी इंफ्रास्ट्रक्चर से होकर जा सकता है, जिससे कानूनी निगरानी और नियम लागू करना मुश्किल हो जाएगा। सरकार चाहती है कि भारतीय ट्रैफ़िक भारत के अंदर मौजूद गेटवे से होकर गुज़रे।

साथ ही, यह भी डर है कि सैटेलाइट इंटरनेट का इस्तेमाल दुश्मन ताकतों, तस्करों या विद्रोही समूहों द्वारा पारंपरिक टेलीकॉम नेटवर्क के दायरे से बाहर बातचीत करने के लिए किया जा सकता है। संवेदनशील सीमाओं और संघर्ष वाले इलाकों के पास अनधिकृत टर्मिनल चलते हुए पाए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने कई जांचों में स्टारलिंक के उपकरण भी बरामद किए हैं।

गौर करने वाली बात है कि भारत ने अब तक स्वदेशी तकनीक का इस्तेमाल करके ब्रॉडबैंड और मोबाइल डेटा सेवाएं दी हैं। इन सेवाओं की खासियत यह है कि ये न केवल दुनिया में सबसे सस्ती हैं - आम तौर पर चीन में लगने वाली लागत का 17 प्रतिशत और अमेरिका में लगने वाली लागत का सिर्फ़ 1 प्रतिशत ही है - बल्कि ज़रूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों में इन्हें रोका या सीमित भी किया जा सकता है; एक ऐसी गारंटी जो शायद स्टारलिंक की स्पेस-बेस्ड लेज़र तकनीक नहीं दे सकती। इसके अलावा, भारत में मौजूदा टेलीकॉम ऑपरेटर ज़रूरत पड़ने पर सुरक्षा और जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करते रहे हैं और उनकी तकनीक राष्ट्रीय सुरक्षा की ज़रूरतों के अनुरूप है।

स्वदेशी जागरण मंच की स्टारलिंक से जुड़ी सुरक्षा संबंधी चिंताएं यूक्रेन, ईरान, रूस, चीन, ताइवान, दक्षिण अफ्रीका, ब्राज़ील, वेनेजुएला, सूडान और कई अन्य देशों के अनुभवों पर आधारित हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा विश्लेषण के लिए सबसे अहम केस स्टडीज़ यूक्रेन, ईरान, रूस, चीन और ताइवान माने जाते हैं।

स्वदेशी जागरण मंच यह बात रिकॉर्ड पर लाना चाहता है कि यह घटना अपनी तरह की पहली घटना नहीं है। मोबाइल इंटरनेट तकनीक में लगातार सुधार और विकास हुआ है। 2G से 3G, 4G और उसके बाद 5G तकनीक तक के सफर ने मोबाइल डेटा की स्पीड को लगातार बढ़ाया है। भारत सरकार ने 2019 में 5G तकनीक लाने की कोशिशें शुरू की थीं, हालांकि उस समय तक देश में यह तकनीक पूरी तरह विकसित नहीं हुई थी। 5G तकनीक को लेकर वैश्विक प्रतिस्पर्धा कुछ ही कंपनियों तक सीमित थी, जिनमें चीन की हुआवे कीमत के मामले में सबसे आगे थी। तब स्वदेशी जागरण मंच ने सुरक्षा चिंताओं के कारण हुआवे को ट्रायल में शामिल करने का विरोध किया था। एसजेएम के विरोध के बाद, न तो हुआवेई और न ही किसी दूसरी चीनी कंपनी, जेडटीई , को ट्रायल करने की इजाज़त दी गई। इस बीच, 5G तकनीक विकसित करने पर काम कर रही भारतीय कंपनियों और वैज्ञानिकों ने आखिरकार 5G विकसित कर लिया, जिसे आम तौर पर 5Gi के नाम से जाना जाता है। आज, देश में पहले से मौजूद स्वदेशी 4G टेक्नोलॉजी के साथ-साथ कई जगहों पर 5Gi टेक्नोलॉजी भी शुरू की जा चुकी है।

सैटेलाइट-आधारित इंटरनेट में आत्मनिर्भरता

यह सच है कि भारत ने अमेरिका, यूरोप और रूस जैसे देशों की तुलना में स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में देर से कदम रखा, लेकिन यह भी उतना ही सच है कि भारत तेज़ी से ग्लोबल स्पेस क्षेत्र में एक अहम और मुख्य खिलाड़ी बनकर उभरा है। भारत के PSLV और चंद्रयान मिशन पहले ही ग्लोबल बेंचमार्क स्थापित कर चुके हैं; वहीं, गगनयान, निसार, चंद्रयान-4, शुक्रयान और इंडियन स्पेस स्टेशन जैसे प्रोजेक्ट स्पेस सेक्टर में भारत की बढ़ती अहमियत के प्रतीक बन रहे हैं। भारत स्पेस मौसम विज्ञान, कम्युनिकेशन और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में कई देशों की मदद भी कर रहा है। इंटरनेट सेवाओं के क्षेत्र में, प्राइवेट स्टार्टअप अब भारत के पब्लिक सेक्टर के उद्यमों के साथ-साथ अपनी जगह बना रहे हैं।
भारत के प्रयासों से विकसित कम्युनिकेशन सैटेलाइट्स का एक समूह (कॉन्स्टेलेशन) अभी काम कर रहा है। ये सैटेलाइट टेलीकम्युनिकेशन, ब्रॉडबैंड और ब्रॉडकास्टिंग सेवाओं में मदद करते हैं, साथ ही सोशल और पॉलिटिकल कम्युनिकेशन को भी मदद  करते हैं। इस क्षेत्र में भारत की क्षमताएं लगातार बढ़ रही हैं; इसके अलावा, सरकारी नीतियां स्पेस सेक्टर में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा दे रही हैं, जिससे आत्मनिर्भर स्पेस टेक्नोलॉजी का विकास तेज़ी से हो रहा है।

अगर एलन मस्क की स्टारलिंक को लाइसेंस नहीं मिलता है क्योंकि वह भारत सरकार की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को दूर नहीं कर पाती है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि भारत सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सर्विस नहीं दे पाएगा। असल में, अगर देश की अपनी सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सर्विस शुरू करने में थोड़ी देर भी होती है, तब भी हम स्टारलिंक की तुलना में बहुत सस्ती सर्विस दे पाएंगे और साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा का भी ध्यान रख पाएंगे।

यह साफ़ है कि स्टारलिंक की इंटरनेट सर्विस की कीमत मौजूदा मोबाइल और ब्रॉडबैंड दरों से काफी ज़्यादा होगी। हालांकि, अगर राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर स्टारलिंक को रोका जाता है—जो कि पूरी तरह से सही कदम होगा—तो इससे देश की अपनी सैटेलाइट-आधारित इंटरनेट सर्विस के विकास को बहुत बढ़ावा मिलेगा। इससे देश के दूर-दराज़ इलाकों में सस्ती दरों पर इंटरनेट सेवा मिल पाएगी। नतीजतन, जैसे अभी शहरों और गांवों में डेटा बहुत कम दरों पर मिलता है, वैसे ही आत्मनिर्भर स्पेस-बेस्ड इंटरनेट भी जल्द ही दूर-दराज़ इलाकों में उपलब्ध हो सकेगा।
स्वदेशी जागरण मंच सरकार से अपील करता है कि वह स्टारलिंक को अपनी कमर्शियल सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विस शुरू करने की इजाज़त न दे। एसजेएम का पक्का मानना है कि स्टारलिंक को रोकने से अमेरिका जैसे व्यापारिक साझेदारों को यह संदेश भी जाएगा: अगर उनमें राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर ऊंचे टैरिफ लगाकर भारतीय आयात—जैसे कि हस्तशिल्प उत्पाद—को मनमाने ढंग से रोकने की हिम्मत है, तो भारत को भी अपनी जायज़ राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के आधार पर स्टारलिंक को रोकने का पूरा अधिकार है।
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए 17 एवं 24 अक्टूबर को लगेंगे विशेष कैम्प

*जनपद के सभी 2978 मतदेय स्थलों पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक उपस्थित रहेंगे बीएलओ*

*मतदेय स्थल वाले विद्यालय एवं कार्यालय निर्धारित तिथियों पर खुले रखने के निर्देश*

*गोण्डा, 14 अक्टूबर 2026* - मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में निर्वाचक नामावली में पंजीकरण से छूटे हुए नागरिकों तथा प्रथम बार मतदान करने वाले युवा मतदाताओं के नाम शामिल किए जाने के लिए गोण्डा में विशेष अभियान के तहत 17 अक्टूबर (शनिवार) एवं 24 अक्टूबर (शनिवार) को विशेष कैम्प आयोजित किए जाएंगे।

विशेष अभियान के अंतर्गत जनपद के सातों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के सभी 2978 मतदेय स्थलों पर सुबह 10 बजे से अपराह्न 4 बजे तक कैम्प लगाए जाएंगे। इस दौरान संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) अपने आवंटित मतदेय स्थलों पर उपस्थित रहकर मतदाता सूची में नाम सम्मिलित कराने से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करेंगे।

अभियान की महत्ता एवं समयबद्धता को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि उक्त दोनों तिथियों पर जनपद के ऐसे सभी प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालयों, इंटर कॉलेजों, महाविद्यालयों तथा अन्य कार्यालयों को निर्धारित समय तक खुला रखा जाए, जहां मतदेय स्थल स्थापित हैं।

संबंधित प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक, प्राचार्य एवं विभागाध्यक्ष को निर्देशित किया गया है कि वे बूथ लेवल अधिकारियों को आवश्यकतानुसार मेज, कुर्सी आदि उपलब्ध कराते हुए उनके कार्यों में सहयोग सुनिश्चित करें। साथ ही संबंधित विभागाध्यक्षों एवं कार्यालयाध्यक्षों को अपने अधीनस्थ ऐसे सभी भवनों को निर्धारित समयावधि में खुला रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों एवं संस्थानों को निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे और विशेष अभियान का प्रभावी संचालन किया जा सके।
जिलाधिकारी ने मनरेगा के तहत निर्मित तालाब का किया स्थलीय निरीक्षण

*हारीपुर में विकास कार्यों की गुणवत्ता एवं उपयोगिता की ली जानकारी, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश*


*मनरेगा कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जनोपयोगिता पर विशेष जोर*

*गोण्डा 14 अक्टूबर,2026*।
विकासखंड झंझरी की ग्राम पंचायत हारीपुर में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 में निर्मित तालाब का जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तालाब की वर्तमान स्थिति का जायजा लेते हुए मौके पर उपस्थित डीसी मनरेगा एवं खण्ड विकास अधिकारी झंझरी से तालाब के निर्माण तथा योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से तालाब के निर्माण की स्वीकृति, कार्य की लागत, कार्यदिवसों के सृजन तथा इससे ग्रामीणों को प्राप्त होने वाले लाभ के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने तालाब के रखरखाव, जल संचयन की स्थिति तथा वर्तमान उपयोगिता का भी अवलोकन किया।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से यह भी जानकारी प्राप्त की कि मनरेगा के अंतर्गत निर्मित इस परिसंपत्ति का ग्रामीणों को किस प्रकार लाभ मिल रहा है।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि मनरेगा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ ऐसी स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण किया जाना चाहिए, जिनसे गांव के लोगों को दीर्घकाल तक लाभ मिल सके।

जल संरक्षण एवं जल संचयन से जुड़े कार्यों को विशेष महत्व देते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि तालाबों सहित अन्य जलस्रोतों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप मनरेगा के तहत कराए जा रहे सभी कार्यों में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। पूर्ण हो चुके कार्यों का नियमित निरीक्षण करते हुए उनकी उपयोगिता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं के अंतर्गत निर्मित परिसंपत्तियों का अधिकतम लाभ ग्रामीण जनता को मिलना चाहिए।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास कार्यों की निरंतर निगरानी की जाए तथा कार्यों के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

निरीक्षण के अवसर पर डीसी मनरेगा जनार्दन प्रसाद, खण्ड विकास अधिकारी झंझरी डीसी एनआरएलएम जेएन राव, ग्राम पंचायत सचिव सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड, राजस्व वसूली एवं विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित*


*आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लापरवाही पर सख्ती, कई अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश*


*पुराने राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी लाएं अधिकारी, असंतुष्ट फीडबैक मिलने पर होगी विभागीय कार्रवाई*


*गोण्डा 14 अक्टूबर,2026*।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित राजस्व विभाग, कर-करेत्तर राजस्व वसूली एवं विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने विभागवार अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने तथा जनसमस्याओं के निस्तारण में संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों एवं उनके निस्तारण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि केवल औपचारिक निस्तारण पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। जिन तहसीलों में लेखपाल स्तर पर सर्वाधिक असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त हो रहे हैं, उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करते हुए निलंबन की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लापरवाही एवं असंतुष्ट फीडबैक पाए जाने पर *खण्ड विकास अधिकारी* इटियाथोक, पंडरी कृपाल, वजीरगंज, रुपईडीह, छपिया, मनकापुर एवं नवाबगंज; *खण्ड शिक्षा अधिकारी* मुजेहना, बेलसर, पंडरी कृपाल, कटरा बाजार, झंझरी, रुपईडीह एवं हलधरमऊ; *सीएचसी अधीक्षक* करनैलगंज, तरबगंज, इटियाथोक, रुपईडीह एवं परसपुर; *सीडीपीओ* कटरा बाजार एवं करनैलगंज तथा सहायक विकास अधिकारी पंचायत इटियाथोक, वजीरगंज, रुपईडीह, नवाबगंज, बभनजोत, मनकापुर, छपिया, पंडरीकृपाल, मुजेहना एवं *अधिशासी अधिकारी* नगर पंचायत बेलसर का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही अथवा असंतुष्ट फीडबैक मिलने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने समस्त उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों को न्यायालयों में लंबित तीन से पांच वर्ष पुराने वादों की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत अधिक से अधिक पुराने वादों का नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को समय से न्याय मिल सके। बैठक में विभागीय जवाबदेही, राजस्व वसूली में प्रगति तथा जनशिकायतों के प्रभावी निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया।
बहराइच : नहर में मिले युवक के शव की हुई पहचान, मुंबई में करता था मजदूरी
बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के मटेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपरहवा नहर में बोरी में बंद मिले युवक के शव की पहचान हो गई है। मृतक की पहचान बस्ती जिले के रुधौली थाना क्षेत्र के गंधरिया बुजुर्ग गांव निवासी आकाश कसौंधन (30) के रूप में हुई है। वह मुंबई में मजदूरी करता था। युवक का शव मिलने के बाद से ही पुलिस उसकी मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी है।

जानकारी के मुताबिक, रविवार को शंकरपुर इलाके के पिपरहवा नहर में एक बोरी के अंदर युवक का शव मिला था। शव की पहचान नहीं होने पर पुलिस ने उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया और आसपास के जिलों में प्रसारित कराई थीं। आशंका जताई जा रही थी कि युवक की हत्या कर शव को बोरी में बंद कर नहर में फेंका गया होगा। सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीरों के आधार पर मृतक के परिजन बहराइच पहुंचे। मोर्चरी में रखे शव की पहचान आकाश कसौंधन के रूप में की गई। परिजनों के मुताबिक, आकाश ने सितंबर के अंतिम दिनों में गुजरात जाने की बात कही थी। हालांकि, वह बहराइच कैसे पहुंचा और उसके साथ क्या हुआ, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। नौ सितंबर को उसने आखिरी बार अपनी बहन से बातचीत की थी। मटेरा थाना प्रभारी प्रेम पाल सिंह ने बताया कि युवक का शव नहर में कैसे पहुंचा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था की निर्माता और नए भारत की भाग्य विधाता बन रहीं यूपी की नारी : योगी आदित्यनाथ

-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां कूष्मांडा को बताया सृजन, ऊर्जा व समृद्धि की सनातन प्रतीक

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की चतुर्थी पर मां कूष्मांडा के चरणों में श्रद्धा निवेदित की। उन्होंने प्रदेशवासियों को सृजन, ऊर्जा और समृद्धि की सनातन प्रतीक मां कूष्मांडा की आराधना का संदेश भी बताया। उन्होंने बुधवार को कहा कि जहां नारी को शक्ति व अवसर मिलता है, वहां अभाव परिश्रम में, परिश्रम आत्मनिर्भरता में और आत्मनिर्भरता समृद्धि में बदलती है।

2017 से पहले महिलाओं के लिए नहीं था अवसर

मुख्यमंत्री योगी ने 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा कि उत्तर प्रदेश की नारी अब केवल विकास की लाभार्थी नहीं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था की निर्माता और नए भारत की भाग्य विधाता बन रही है। वर्ष 2017 से पहले महिलाओं के लिए न अवसर था, न संसाधन और न ही सरकार के पास नीति और नीयत।

गांव की बहनों को आत्मनिर्भरता की नई राह से जोड़ रही सरकार

योगी ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार गांव की बहनों को आत्मनिर्भरता की नई राह से जोड़ रही है। बीसी सखी गांवों में बैंकिंग सेवाओं की सशक्त कड़ी हैं। लखपति दीदी आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बन गई हैं। ड्रोन दीदी खेती में आधुनिक तकनीक का नेतृत्व कर रही हैं। स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओज) के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका, उद्यमिता और कृषि आधारित रोजगार के अवसरों का विस्तार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने लिखा कि अब महिलाएं केवल परिवार की समृद्धि का आधार नहीं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था की संचालक और नए उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा की नेतृत्वकर्ता बन रही हैं। जब गांव की नारी समृद्ध होगी, तभी उत्तर प्रदेश सही मायने में समृद्ध और सशक्त बनेगा।
रबी सीजन के लिए नकद मूल्य पर मिलेगा आलू का बीज, पहले आओ -पहले पाओ
कुफरी आनंद, ख्याति और मोहन प्रजातियों के बीज की दरें तय

ऑनलाइन आवेदन के बाद पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर होगा वितरण

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में रबी सीजन 2026-27 में आलू की खेती करने वाले किसानों को उद्यान विभाग की ओर से नकद मूल्य पर आलू का बीज उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए विभाग ने विभिन्न प्रजातियों और बीज के आकार के अनुसार दरें निर्धारित कर दी हैं। इच्छुक किसान और आलू उत्पादक किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) विभाग के समेकित पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह जानकारी बुधवार को

जिला उद्यान अधिकारी मेवा राम ने दी।

उन्होंने बताया कि कुफरी आनंद, कुफरी ख्याति और कुफरी मोहन प्रजातियों के आलू बीज की बिक्री के लिए दरें निर्धारित की गई हैं। कुफरी आनंद के सीड साइज बीज की कीमत 3630 रुपये प्रति क्विंटल रखी गई है। वहीं, कुफरी ख्याति और कुफरी मोहन प्रजातियों के सीड साइज बीज की दर 3630 रुपये प्रति क्विंटल तथा ओवर साइज बीज की दर 3040 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की गई है।

उन्होंने बताया कि जनपद प्रयागराज के लिए इन प्रजातियों के आलू बीज का आवंटन किया गया है। बीज प्राप्त करने के इच्छुक किसान और आलू उत्पादक एफपीओ विभाग के समेकित पोर्टल potato.uphorticulture.in पर आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के बाद आवेदन पत्र जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय, विकास भवन स्थित कक्ष संख्या 85 में जमा करना होगा।

मेवाराम ने बताया कि किसानों को आलू बीज का वितरण पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। इसलिए इच्छुक किसान समय से आवेदन कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर लें, ताकि रबी सीजन में आलू की खेती के लिए उन्हें बीज प्राप्त करने में सुविधा हो सके।
नता दर्शन के दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बुधवार को अपने आवास पर सुबह आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों से आत्मीय भेंट एवं संवाद किया। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याओं, अपेक्षाओं एवं जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों को गंभीरतापूर्वक सुना। उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर देते हुए अधिकारियों से वार्ता की। उन्होंने निर्देशित किया कि जनसमस्याओं का समाधान शीघ्र, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि जनसेवा ही हमारा संकल्प है और जनसमस्याओं का समाधान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनना और उनका उचित समाधान सुनिश्चित करना है।

इस अवसर पर ब्रजेश पाठक ने जनसुनवाई में आए नागरिकों के प्रति आत्मीयता व्यक्त करते हुए उनका अभिवादन किया तथा पावन नवरात्र के अवसर पर सभी के सुख, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि सबकी सेवा, सबका सम्मान ही हमारा ध्येय है। इसी भावना के साथ प्रदेश सरकार जनता की समस्याओं के समाधान एवं जनकल्याण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
Mirzapur: विंध्याचल धाम पहुंचे भोजपुरिया स्टार पवन सिंह बोले भाई.. कल्याण करें...!
जौनपुर के बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह और MLC बृजेश सिंह प्रिंसू संग किया दर्शन-पूजन,


विंध्याचल, मिर्जापुर। देश के विख्यात देवी धामों में से एक विंध्याचल देवी धाम में शारदीय नवरात्र मेला में जहां देश के कोने-कोने से भक्तों की भीड़ उमड़ रहीं हैं वहीं आम से लेकर खास जनों का भी मां के दरबार में हाजिरी लगाने की होड़ लगी हुई है। मंगलवार की रात बिहार बीजेपी के विधान परिषद सदस्य तथा
भोजपुरी फिल्म जगत के पावर स्टार पवन सिंह मां विंध्यवासिनी धाम विंध्याचल पहुंचे। यहां उन्होंने विधि-विधान से मां के दर्शन-पूजन किए और आशीर्वाद लिया। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं में उन्हें देखने के लिए भारी उत्साह देखा गया। पवन सिंह ने हाथ जोड़कर मां से सभी के सुख-समृद्धि की कामना की।
शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन भोजपुरी फिल्म जगत के सुपर स्टार पवन सिंह के साथ में यूपी के जौनपुर जिले के पूर्व सांसद बाहुबली धनंजय सिंह तथा विधान परिषद सदस्य बृजेश सिंह प्रिंसू ने भी एक साथ माँ विंध्यवासिनी धाम विंध्याचल पहुंचे थे। उन्होंने विधि-विधान से माँ का दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान भोजपुरी स्टार पवन सिंह तथा बाहुबली धनंजय सिंह को देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी थी। बिल्कुल सादगी से पहुंचे पवन सिंह और धनंजय सिंह ने मां विंध्यवासिनी देवी में आस्था जताते हुए राजनीतिक के मुद्दे पर कुछ भी बोलने से इंकार करते हुए अपनी इस यात्रा का उद्देश्य घर-परिवार और देश-समाज के कल्याण समृद्धि से जोड़ते हुए कहां माई कल्याण करेंगी।