मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए 17 एवं 24 अक्टूबर को लगेंगे विशेष कैम्प

*जनपद के सभी 2978 मतदेय स्थलों पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक उपस्थित रहेंगे बीएलओ*

*मतदेय स्थल वाले विद्यालय एवं कार्यालय निर्धारित तिथियों पर खुले रखने के निर्देश*

*गोण्डा, 14 अक्टूबर 2026* - मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में निर्वाचक नामावली में पंजीकरण से छूटे हुए नागरिकों तथा प्रथम बार मतदान करने वाले युवा मतदाताओं के नाम शामिल किए जाने के लिए गोण्डा में विशेष अभियान के तहत 17 अक्टूबर (शनिवार) एवं 24 अक्टूबर (शनिवार) को विशेष कैम्प आयोजित किए जाएंगे।

विशेष अभियान के अंतर्गत जनपद के सातों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के सभी 2978 मतदेय स्थलों पर सुबह 10 बजे से अपराह्न 4 बजे तक कैम्प लगाए जाएंगे। इस दौरान संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) अपने आवंटित मतदेय स्थलों पर उपस्थित रहकर मतदाता सूची में नाम सम्मिलित कराने से संबंधित दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करेंगे।

अभियान की महत्ता एवं समयबद्धता को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि उक्त दोनों तिथियों पर जनपद के ऐसे सभी प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालयों, इंटर कॉलेजों, महाविद्यालयों तथा अन्य कार्यालयों को निर्धारित समय तक खुला रखा जाए, जहां मतदेय स्थल स्थापित हैं।

संबंधित प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक, प्राचार्य एवं विभागाध्यक्ष को निर्देशित किया गया है कि वे बूथ लेवल अधिकारियों को आवश्यकतानुसार मेज, कुर्सी आदि उपलब्ध कराते हुए उनके कार्यों में सहयोग सुनिश्चित करें। साथ ही संबंधित विभागाध्यक्षों एवं कार्यालयाध्यक्षों को अपने अधीनस्थ ऐसे सभी भवनों को निर्धारित समयावधि में खुला रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों एवं संस्थानों को निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे और विशेष अभियान का प्रभावी संचालन किया जा सके।
जिलाधिकारी ने मनरेगा के तहत निर्मित तालाब का किया स्थलीय निरीक्षण

*हारीपुर में विकास कार्यों की गुणवत्ता एवं उपयोगिता की ली जानकारी, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश*


*मनरेगा कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जनोपयोगिता पर विशेष जोर*

*गोण्डा 14 अक्टूबर,2026*।
विकासखंड झंझरी की ग्राम पंचायत हारीपुर में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 में निर्मित तालाब का जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तालाब की वर्तमान स्थिति का जायजा लेते हुए मौके पर उपस्थित डीसी मनरेगा एवं खण्ड विकास अधिकारी झंझरी से तालाब के निर्माण तथा योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से तालाब के निर्माण की स्वीकृति, कार्य की लागत, कार्यदिवसों के सृजन तथा इससे ग्रामीणों को प्राप्त होने वाले लाभ के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने तालाब के रखरखाव, जल संचयन की स्थिति तथा वर्तमान उपयोगिता का भी अवलोकन किया।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से यह भी जानकारी प्राप्त की कि मनरेगा के अंतर्गत निर्मित इस परिसंपत्ति का ग्रामीणों को किस प्रकार लाभ मिल रहा है।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि मनरेगा के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ ऐसी स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण किया जाना चाहिए, जिनसे गांव के लोगों को दीर्घकाल तक लाभ मिल सके।

जल संरक्षण एवं जल संचयन से जुड़े कार्यों को विशेष महत्व देते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि तालाबों सहित अन्य जलस्रोतों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप मनरेगा के तहत कराए जा रहे सभी कार्यों में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। पूर्ण हो चुके कार्यों का नियमित निरीक्षण करते हुए उनकी उपयोगिता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं के अंतर्गत निर्मित परिसंपत्तियों का अधिकतम लाभ ग्रामीण जनता को मिलना चाहिए।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास कार्यों की निरंतर निगरानी की जाए तथा कार्यों के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

निरीक्षण के अवसर पर डीसी मनरेगा जनार्दन प्रसाद, खण्ड विकास अधिकारी झंझरी डीसी एनआरएलएम जेएन राव, ग्राम पंचायत सचिव सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड, राजस्व वसूली एवं विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित*


*आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लापरवाही पर सख्ती, कई अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश*


*पुराने राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी लाएं अधिकारी, असंतुष्ट फीडबैक मिलने पर होगी विभागीय कार्रवाई*


*गोण्डा 14 अक्टूबर,2026*।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित राजस्व विभाग, कर-करेत्तर राजस्व वसूली एवं विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने विभागवार अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने तथा जनसमस्याओं के निस्तारण में संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों एवं उनके निस्तारण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि केवल औपचारिक निस्तारण पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। जिन तहसीलों में लेखपाल स्तर पर सर्वाधिक असंतुष्ट फीडबैक प्राप्त हो रहे हैं, उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करते हुए निलंबन की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लापरवाही एवं असंतुष्ट फीडबैक पाए जाने पर *खण्ड विकास अधिकारी* इटियाथोक, पंडरी कृपाल, वजीरगंज, रुपईडीह, छपिया, मनकापुर एवं नवाबगंज; *खण्ड शिक्षा अधिकारी* मुजेहना, बेलसर, पंडरी कृपाल, कटरा बाजार, झंझरी, रुपईडीह एवं हलधरमऊ; *सीएचसी अधीक्षक* करनैलगंज, तरबगंज, इटियाथोक, रुपईडीह एवं परसपुर; *सीडीपीओ* कटरा बाजार एवं करनैलगंज तथा सहायक विकास अधिकारी पंचायत इटियाथोक, वजीरगंज, रुपईडीह, नवाबगंज, बभनजोत, मनकापुर, छपिया, पंडरीकृपाल, मुजेहना एवं *अधिशासी अधिकारी* नगर पंचायत बेलसर का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही अथवा असंतुष्ट फीडबैक मिलने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने समस्त उपजिलाधिकारियों, तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों को न्यायालयों में लंबित तीन से पांच वर्ष पुराने वादों की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत अधिक से अधिक पुराने वादों का नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को समय से न्याय मिल सके। बैठक में विभागीय जवाबदेही, राजस्व वसूली में प्रगति तथा जनशिकायतों के प्रभावी निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया।
बहराइच : नहर में मिले युवक के शव की हुई पहचान, मुंबई में करता था मजदूरी
बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के मटेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपरहवा नहर में बोरी में बंद मिले युवक के शव की पहचान हो गई है। मृतक की पहचान बस्ती जिले के रुधौली थाना क्षेत्र के गंधरिया बुजुर्ग गांव निवासी आकाश कसौंधन (30) के रूप में हुई है। वह मुंबई में मजदूरी करता था। युवक का शव मिलने के बाद से ही पुलिस उसकी मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी है।

जानकारी के मुताबिक, रविवार को शंकरपुर इलाके के पिपरहवा नहर में एक बोरी के अंदर युवक का शव मिला था। शव की पहचान नहीं होने पर पुलिस ने उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया और आसपास के जिलों में प्रसारित कराई थीं। आशंका जताई जा रही थी कि युवक की हत्या कर शव को बोरी में बंद कर नहर में फेंका गया होगा। सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीरों के आधार पर मृतक के परिजन बहराइच पहुंचे। मोर्चरी में रखे शव की पहचान आकाश कसौंधन के रूप में की गई। परिजनों के मुताबिक, आकाश ने सितंबर के अंतिम दिनों में गुजरात जाने की बात कही थी। हालांकि, वह बहराइच कैसे पहुंचा और उसके साथ क्या हुआ, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। नौ सितंबर को उसने आखिरी बार अपनी बहन से बातचीत की थी। मटेरा थाना प्रभारी प्रेम पाल सिंह ने बताया कि युवक का शव नहर में कैसे पहुंचा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था की निर्माता और नए भारत की भाग्य विधाता बन रहीं यूपी की नारी : योगी आदित्यनाथ

-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां कूष्मांडा को बताया सृजन, ऊर्जा व समृद्धि की सनातन प्रतीक

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की चतुर्थी पर मां कूष्मांडा के चरणों में श्रद्धा निवेदित की। उन्होंने प्रदेशवासियों को सृजन, ऊर्जा और समृद्धि की सनातन प्रतीक मां कूष्मांडा की आराधना का संदेश भी बताया। उन्होंने बुधवार को कहा कि जहां नारी को शक्ति व अवसर मिलता है, वहां अभाव परिश्रम में, परिश्रम आत्मनिर्भरता में और आत्मनिर्भरता समृद्धि में बदलती है।

2017 से पहले महिलाओं के लिए नहीं था अवसर

मुख्यमंत्री योगी ने 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा कि उत्तर प्रदेश की नारी अब केवल विकास की लाभार्थी नहीं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था की निर्माता और नए भारत की भाग्य विधाता बन रही है। वर्ष 2017 से पहले महिलाओं के लिए न अवसर था, न संसाधन और न ही सरकार के पास नीति और नीयत।

गांव की बहनों को आत्मनिर्भरता की नई राह से जोड़ रही सरकार

योगी ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार गांव की बहनों को आत्मनिर्भरता की नई राह से जोड़ रही है। बीसी सखी गांवों में बैंकिंग सेवाओं की सशक्त कड़ी हैं। लखपति दीदी आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बन गई हैं। ड्रोन दीदी खेती में आधुनिक तकनीक का नेतृत्व कर रही हैं। स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओज) के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका, उद्यमिता और कृषि आधारित रोजगार के अवसरों का विस्तार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने लिखा कि अब महिलाएं केवल परिवार की समृद्धि का आधार नहीं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था की संचालक और नए उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा की नेतृत्वकर्ता बन रही हैं। जब गांव की नारी समृद्ध होगी, तभी उत्तर प्रदेश सही मायने में समृद्ध और सशक्त बनेगा।
रबी सीजन के लिए नकद मूल्य पर मिलेगा आलू का बीज, पहले आओ -पहले पाओ
कुफरी आनंद, ख्याति और मोहन प्रजातियों के बीज की दरें तय

ऑनलाइन आवेदन के बाद पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर होगा वितरण

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में रबी सीजन 2026-27 में आलू की खेती करने वाले किसानों को उद्यान विभाग की ओर से नकद मूल्य पर आलू का बीज उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए विभाग ने विभिन्न प्रजातियों और बीज के आकार के अनुसार दरें निर्धारित कर दी हैं। इच्छुक किसान और आलू उत्पादक किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) विभाग के समेकित पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह जानकारी बुधवार को

जिला उद्यान अधिकारी मेवा राम ने दी।

उन्होंने बताया कि कुफरी आनंद, कुफरी ख्याति और कुफरी मोहन प्रजातियों के आलू बीज की बिक्री के लिए दरें निर्धारित की गई हैं। कुफरी आनंद के सीड साइज बीज की कीमत 3630 रुपये प्रति क्विंटल रखी गई है। वहीं, कुफरी ख्याति और कुफरी मोहन प्रजातियों के सीड साइज बीज की दर 3630 रुपये प्रति क्विंटल तथा ओवर साइज बीज की दर 3040 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की गई है।

उन्होंने बताया कि जनपद प्रयागराज के लिए इन प्रजातियों के आलू बीज का आवंटन किया गया है। बीज प्राप्त करने के इच्छुक किसान और आलू उत्पादक एफपीओ विभाग के समेकित पोर्टल potato.uphorticulture.in पर आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के बाद आवेदन पत्र जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय, विकास भवन स्थित कक्ष संख्या 85 में जमा करना होगा।

मेवाराम ने बताया कि किसानों को आलू बीज का वितरण पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। इसलिए इच्छुक किसान समय से आवेदन कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर लें, ताकि रबी सीजन में आलू की खेती के लिए उन्हें बीज प्राप्त करने में सुविधा हो सके।
नता दर्शन के दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बुधवार को अपने आवास पर सुबह आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों से आत्मीय भेंट एवं संवाद किया। इस दौरान उन्होंने लोगों की समस्याओं, अपेक्षाओं एवं जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों को गंभीरतापूर्वक सुना। उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर जोर देते हुए अधिकारियों से वार्ता की। उन्होंने निर्देशित किया कि जनसमस्याओं का समाधान शीघ्र, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि जनसेवा ही हमारा संकल्प है और जनसमस्याओं का समाधान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनना और उनका उचित समाधान सुनिश्चित करना है।

इस अवसर पर ब्रजेश पाठक ने जनसुनवाई में आए नागरिकों के प्रति आत्मीयता व्यक्त करते हुए उनका अभिवादन किया तथा पावन नवरात्र के अवसर पर सभी के सुख, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि सबकी सेवा, सबका सम्मान ही हमारा ध्येय है। इसी भावना के साथ प्रदेश सरकार जनता की समस्याओं के समाधान एवं जनकल्याण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
Mirzapur: विंध्याचल धाम पहुंचे भोजपुरिया स्टार पवन सिंह बोले भाई.. कल्याण करें...!
जौनपुर के बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह और MLC बृजेश सिंह प्रिंसू संग किया दर्शन-पूजन,


विंध्याचल, मिर्जापुर। देश के विख्यात देवी धामों में से एक विंध्याचल देवी धाम में शारदीय नवरात्र मेला में जहां देश के कोने-कोने से भक्तों की भीड़ उमड़ रहीं हैं वहीं आम से लेकर खास जनों का भी मां के दरबार में हाजिरी लगाने की होड़ लगी हुई है। मंगलवार की रात बिहार बीजेपी के विधान परिषद सदस्य तथा
भोजपुरी फिल्म जगत के पावर स्टार पवन सिंह मां विंध्यवासिनी धाम विंध्याचल पहुंचे। यहां उन्होंने विधि-विधान से मां के दर्शन-पूजन किए और आशीर्वाद लिया। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं में उन्हें देखने के लिए भारी उत्साह देखा गया। पवन सिंह ने हाथ जोड़कर मां से सभी के सुख-समृद्धि की कामना की।
शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन भोजपुरी फिल्म जगत के सुपर स्टार पवन सिंह के साथ में यूपी के जौनपुर जिले के पूर्व सांसद बाहुबली धनंजय सिंह तथा विधान परिषद सदस्य बृजेश सिंह प्रिंसू ने भी एक साथ माँ विंध्यवासिनी धाम विंध्याचल पहुंचे थे। उन्होंने विधि-विधान से माँ का दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान भोजपुरी स्टार पवन सिंह तथा बाहुबली धनंजय सिंह को देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी थी। बिल्कुल सादगी से पहुंचे पवन सिंह और धनंजय सिंह ने मां विंध्यवासिनी देवी में आस्था जताते हुए राजनीतिक के मुद्दे पर कुछ भी बोलने से इंकार करते हुए अपनी इस यात्रा का उद्देश्य घर-परिवार और देश-समाज के कल्याण समृद्धि से जोड़ते हुए कहां माई कल्याण करेंगी।
जिलाधिकारी ने एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र एवं ग्राम पंचायत सचिवालय का किया निरीक्षण, संबंधित अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

*ग्राम पंचायतों में स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश*

फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर द्वारा तहसील अमृतपुर के विकासखण्ड राजेपुर अंतर्गत ग्राम शेराखार कोटिया में निर्मित एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र तथा ग्राम पंचायत कमालुद्दीनपुर स्थित ग्राम पंचायत सचिवालय का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन एवं ग्राम पंचायतों के कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर विशेष जोर दिया।

ग्राम शेराखार कोटिया में निर्मित एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा ठोस अपशिष्ट के समुचित संग्रहण, पृथक्करण एवं निस्तारण की व्यवस्था को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है। ग्राम पंचायत स्तर पर कूड़े का नियमित संग्रहण किया जाए तथा गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग करके नियमानुसार निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे गांवों में स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बना रहे।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र का नियमित एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए। केंद्र में उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग किया जाए तथा साफ-सफाई की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने तथा ग्राम पंचायत स्तर पर जनसहभागिता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

जिलाधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत कमालुद्दीनपुर स्थित ग्राम पंचायत सचिवालय का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सचिवालय की व्यवस्थाओं एवं ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत सचिवालय को ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान तथा शासकीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के प्रभावी केंद्र के रूप में संचालित किया जाए। ग्राम पंचायत सचिवालय में अभिलेखों का सुव्यवस्थित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए तथा शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं ग्राम पंचायत स्तर के कर्मचारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों को अपने कार्यों के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े तथा उनकी समस्याओं का नियमानुसार समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। ग्राम पंचायतों में स्वच्छता, आधारभूत सुविधाओं एवं जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा विकास कार्यों में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनाए रखना सभी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम पंचायतों में संचालित विकास कार्यों एवं स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाए। संबंधित अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता से करें तथा शासन की योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने के लिए प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निरीक्षण के दौरान दिए गए दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए ग्राम पंचायतों में स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन एवं जनसुविधाओं की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए।
औद्योगिक आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए एनडीआरएफ एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा संयुक्त मॉक एक्सरसाइज आयोजित

*इण्डेन बॉटलिंग प्लांट, गैसिंगपुर में गैस रिसाव से आग लगने की स्थिति का किया गया सफल मॉक ड्रिल अभ्यास*

फर्रुखाबाद। 8वीं वाहिनी एनडीआरएफ, गाजियाबाद एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में औद्योगिक आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने, विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करने तथा आपदा के दौरान त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संयुक्त मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया गया।

संयुक्त मॉक एक्सरसाइज के प्रथम चरण में कलेक्ट्रेट सभागार में ओरिएंटेशन कम कोऑर्डिनेशन कॉन्फ्रेंस एवं टेबल टॉप एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, फर्रुखाबाद के साथ आपदा प्रबंधन से संबंधित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं हितधारक शामिल हुए। बैठक में औद्योगिक आपदा की स्थिति में अपनाई जाने वाली कार्यवाही, विभागीय जिम्मेदारियों, आपसी समन्वय, राहत एवं बचाव कार्यों तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस दौरान इण्डेन बॉटलिंग प्लांट, गैसिंगपुर, फर्रुखाबाद के मुख्य संयंत्र प्रबंधक द्वारा इन्सिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम पर पावरपॉइंट प्रस्तुतीकरण किया गया। इसके माध्यम से आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों की भूमिका, संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा त्वरित प्रतिक्रिया की प्रक्रिया पर जानकारी दी गई। बैठक में आगामी मॉक ड्रिल के लिए इण्डेन बॉटलिंग प्लांट, गैसिंगपुर को चिन्हित करते हुए गैस रिसाव के कारण आग लगने की काल्पनिक स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के संचालन की रूपरेखा तैयार की गई।

इस दौरान सुबह  इण्डेन बॉटलिंग प्लांट, गैसिंगपुर में औद्योगिक आपातकालीन स्थिति में गैस रिसाव के कारण आग लगने की घटना पर आधारित संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अभ्यास के दौरान आपदा की सूचना प्राप्त होने पर संबंधित विभागों द्वारा की जाने वाली त्वरित कार्रवाई, राहत एवं बचाव कार्यों, अग्निशमन व्यवस्था, चिकित्सा सहायता, यातायात प्रबंधन तथा विभिन्न एजेंसियों के मध्य समन्वय का अभ्यास किया गया।

मॉक ड्रिल में 8वीं वाहिनी एनडीआरएफ, गाजियाबाद के डिप्टी कमांडेंट डॉ. कुबेर शर्मा एवं निरीक्षक श्री भीम सिंह सहित जिला प्रशासन के उप जिलाधिकारी सदर, सहायक परिवहन अधिकारी, सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, इण्डेन बॉटलिंग प्लांट, गैसिंगपुर के मुख्य संयंत्र प्रबंधक तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, के आपदा विशेषज्ञ एवं संबंधित हितधारकों ने प्रतिभाग किया।

संयुक्त मॉक एक्सरसाइज का उद्देश्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों में संभावित दुर्घटनाओं के दौरान जन-धन की हानि को न्यूनतम करना, उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करना, विभिन्न विभागों की तैयारियों का आकलन करना तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए कार्यप्रणाली को सुदृढ़ बनाना रहा।

एनडीआरएफ एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त प्रयासों से मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। इस अभ्यास से औद्योगिक आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों के संचालन तथा संबंधित विभागों के मध्य समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी।