भाजपा विधायक विनोद सिंह ने कार्यकर्ताओं के साथ संवाद संगोष्ठी में लिया हिस्सा
सुल्तानपुर में भाजपा विधायक विनोद सिंह ने कार्यकर्ताओं के साथ संवाद संगोष्ठी में हिस्सा लिया. कटका बाजार में आयोजित इस कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ हजारों की संख्या में समर्थक शामिल हुए. इस दौरान विधायक ने अपने पिछले पांच साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सुल्तानपुर में विकास के क्षेत्र में इतिहास रचने का काम हुआ है. सड़क, बिजली, पुल और दूसरी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई काम कराए गए हैं, जिनका लाभ आम जनता को मिल रहा है.

विधायक विनोद सिंह ने तहसील से जुड़ी समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि बल्दीराय तहसील में शामिल 57 गांवों के लोगों को अपने जरूरी कामकाज के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था. ग्रामीणों की इस समस्या को देखते हुए उन्होंने प्रयास किया, जिसके बाद इन गांवों को बल्दीराय तहसील से हटाकर सुल्तानपुर सदर तहसील में शामिल कराया गया. उन्होंने इसे क्षेत्र के लोगों को राहत पहुंचाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया.

विधायक ने शहर में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि सीताकुंड घाट पर पांच करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य कराया जा रहा है. इसके साथ ही गोलाघाट से टेढ़ुई तक सड़क चौड़ीकरण का काम भी चल रहा है. गोमती नदी पर नए पुल का निर्माण भी कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से शहर और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी और विकास को नई गति मिलेगी. विधायक के मुताबिक, ये सभी कार्य सुल्तानपुर के विकास की नई इबारत लिख रहे हैं.

इस दौरान विनोद सिंह ने पूर्व विधायक अनूप संडा पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कार्यकाल में सुल्तानपुर की जनता के विकास पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया. विधायक ने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद क्षेत्र में सैकड़ों सड़कों का निर्माण कराया गया है और हजारों की संख्या में सोलर लाइटें लगवाई गई हैं. इसके अलावा जनता की सुविधाओं से जुड़े कई अन्य कार्य भी कराए गए हैं.

विधायक विनोद सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार के नेतृत्व में सुल्तानपुर में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं. कटका बाजार में आयोजित इस संवाद संगोष्ठी के माध्यम से उन्होंने अपने पांच साल के कार्यकाल की उपलब्धियां जनता के सामने रखीं और विकास कार्यों को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को भी रेखांकित किया.
मऊ: भीटी इलाके में कई लोगों को टक्कर मारने वाला वाहन चालक पकड़ा गया
मऊ। भीटी इलाके में कई लोगों को टक्कर मारने के बाद मौके से भाग रहे वाहन चालक को पुलिस ने पकड़ लिया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, टक्कर की घटना में प्रभावित लोगों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। वाहन और चालक के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
बाराबंकी में प्रेमिका के घर के पीछे पेड़ से लटका मिला युवक का शव
मौत से पहले वीडियो बनाकर प्रेमिका के परिजनों पर प्रताड़ना और धमकी देने का लगाया था आरोप, पुलिस जांच में जुटी


बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में फतेहपुर और मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र की सीमा पर मंगलवार सुबह प्रेमिका के घर के पीछे कटहल के पेड़ से युवक का शव लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव काे कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

फतेहपुर थाना प्रभारी अमित प्रताप सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान माेहम्मदपुर खाला क्षेत्र निवासी मोहित वर्मा के रूप में हुई है। वह फतेहपुर कस्बे में किराये के कमरे में रहकर डेंटल क्लीनिक पर काम करता था। मौत से कुछ घंटे पहले मोहित ने वीडियो बनाकर ग्राम प्रधान और परिजनों को भेजा था। वीडियो में उसने प्रेमिका के परिजनों पर मानसिक प्रताड़ना और धमकी देने के आरोप लगाए थे। वीडियो में उसने अपनी जान देने की बात भी कही थी।

वहीं, मृतक के पिता ने बेटे की हत्या कर शव पेड़ से लटकाने का आरोप लड़की के परिवार पर लगाया है। थाना प्रभारी अमित प्रताप सिंह ने बताया ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस वीडियो और परिजनों के आरोपों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा।
मध्यस्थता अभियान 3.0 एवं मेगा/बृहद विधिक सेवा शिविर के सफल ,आयोजन हेतु बैठक सम्पन्न

जनपद न्यायाधीश के आदेश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में मध्यस्थता अभियान 3.0 एवं मेगा/बृहद विधिक सेवा शिविर के सफल आयोजन के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नोडल अधिकारी अपर जिला जज संजय कुमार षष्ठम द्वारा की गई और बैठक का संचालन सचिव  जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया।

बैठक में मध्यस्थता अभियान 3.0 के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक मामलों को चिन्हित कर उन्हें मध्यस्थता के माध्यम से आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित कराना है, जिससे वादकारियों को त्वरित एवं सुलभ न्याय प्राप्त हो सके तथा न्यायालयों में लंबित वादों की संख्या में कमी लाई जा सके। इस संबंध में मध्यस्थ लोगों को निर्देशित किया गया कि न्यायालयों द्वारा मध्यस्थता हेतु संदर्भित मामलों में संबंधित पक्षकारों के मध्य शीघ्र सुलह-समझौता कराने का प्रयास करते हुए अधिक से अधिक मामलों का आपसी सहमति के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करें।

बैठक में आगामी मेगा बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर के आयोजन के संबंध में भी चर्चा की गई। शिविर का उद्देश्य आमजन को विभिन्न विधिक सेवाओं, शासकीय कल्याणकारी योजनाओं एवं विधिक सहायता से संबंधित सुविधाओं की जानकारी प्रदान करने के साथ-साथ पात्र लाभार्थियों को इन योजनाओं एवं सेवाओं से लाभान्वित करना है। इसके लिए व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाने तथा विभिन्न विभागों के समन्वय से जनसामान्य तक विधिक सेवाओं एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में उपस्थित सभी मध्यस्थगण को मध्यस्थता अभियान 3.0 को सफल बनाने तथा मेगा/बृहद विधिक सेवा शिविर के माध्यम से अधिकाधिक पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित कराने हेतु सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
इस दौरान बैठक में मध्यस्थ जवाहर सिंह गंगवार, सगीर अहमद खाँ, प्रभाशंकर औदिच्य,  उमा मिश्रा, स्नेहलता,  राजरानी, आनन्द यादव, धर्मेन्द्र कुमार, नन्द किशोर, अजिता मिश्रा, आलोक कुमार त्रिपाठी, जगदीश चन्द्र सागर, सतीश कुमार, समीर राजा एवं जेल विजिटर मो० अताउलहक सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
मिशन शक्ति फेज-6 के तहत महिला पुलिसकर्मियों एवं एनसीसी छात्राओं ने संभाली यातायात व्यवस्था, सड़क सुरक्षा का दिया संदेश


फर्रुखाबाद।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के निर्देशन में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के उद्देश्य से संचालित *मिशन शक्ति अभियान फेज-6* के अंतर्गत जनपद में यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान मिलिट्री चौराहा, फतेहगढ़ पर महिला थाना की मिशन शक्ति टीम, यातायात पुलिस एवं गवर्नमेंट इंटर कॉलेज की एनसीसी छात्राओं ने संयुक्त रूप से यातायात व्यवस्था के संचालन में सहभागिता कर सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। महिला पुलिसकर्मियों एवं छात्राओं ने यातायात प्रबंधन में सहयोग करते हुए आमजन को यातायात नियमों के पालन के प्रति प्रेरित किया।

इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक फतेहगढ़ एवं यातायात पुलिस के टीएसआई प्रभारी द्वारा एनसीसी छात्राओं को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा तथा यातायात संचालन की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। छात्राओं को व्यावहारिक रूप से यातायात प्रबंधन से अवगत कराते हुए सड़क पर अनुशासन एवं सतर्कता के महत्व को समझाया गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत आमजन एवं वाहन चालकों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही, यातायात नियमों से संबंधित पम्पलेट वितरित कर लोगों को सुरक्षित एवं जिम्मेदार यातायात व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
जनपद  पुलिस का संदेश यातायात नियमों का करें सम्मान, सुरक्षित रहे हर इंसान।
यातायात नियमों का पालन करने का संकल्प लें, स्वयं सुरक्षित रहें और दूसरों की सुरक्षा में भी सहभागी बनें।
मऊ  | मिशन शक्ति फेज-6 के तहत NCC महिला कैडेट्स ने संभाली यातायात व्यवस्था
मऊ। पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में मिशन शक्ति फेज-6 अभियान के अंतर्गत महिला NCC कैडेट्स को महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, अधिकार एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया।
जागरूकता कार्यक्रम के बाद महिला NCC कैडेट्स ने सड़क पर यातायात संचालन की जिम्मेदारी संभाली।

कैडेट्स ने वाहन चालकों एवं राहगीरों को यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने तथा सड़क सुरक्षा के प्रति सजग रहने के लिए जागरूक किया।
महिला NCC कैडेट्स की इस पहल के माध्यम से महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ सड़क सुरक्षा का संदेश भी आमजन तक पहुंचाया गया।

पुलिस विभाग द्वारा मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने और उन्हें जागरूक करने के लिए लगातार विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
Mirzapur : देवरी कला में उद्यान विभाग का भव्य आयोजन, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ड्रैगन फ्रूट का हुआ शिलान्यास
ड्रैगन फ्रूट के साथ हरी मिर्च, मशरूम, टमाटर, खीरा की खेती से बदलेगी किसानों की किस्मत : दिनेश प्रताप सिंह


मीरजापुर। उद्यान विभाग के स्वर्णिम 51 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रगति के पथ पर उद्यान के स्वर्णिम 51 वर्ष के तहत मंगलवार को मड़िहान के देवरी कला, विन्ध्य यूनिवर्सिटी के पास मड़िहान में मंडलीय औद्यानिक उन्नयन गोष्ठी एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ड्रैगन फ्रूट का शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के उद्यान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह रहे। उन्होंने शिलान्यास करते हुए कहा कि विन्ध्याचल, वाराणसी और आजमगढ़ मंडल के किसानों के लिए यह सेंटर वरदान साबित होगा।अपने संबोधन में मंत्री ने कहा, "ड्रैगन फ्रूट कम लागत, कम पानी में अधिक मुनाफा देने वाली फसल है। यह किसानों की आय दोगुनी करने का सबसे सशक्त माध्यम है। सरकार चाहती है कि किसान परंपरागत खेती से निकलकर ड्रैगन फ्रूट जैसी विदेशी और औषधीय फसलों की ओर बढ़ें। "उन्होंने किसानों से हरी मिर्च, मशरूम, टमाटर, खीरा आदि की खेती पर भी जोर देने को कहा। उन्होंने कहा कि इन फसलों की बाजार में साल भर मांग रहती है और पॉली हाउस व शेड नेट के माध्यम से इसकी खेती कर किसान कम समय में ज्यादा लाभ कमा सकते हैं। उद्यान विभाग द्वारा इस पर 50 प्रतिशत तक अनुदान भी दिया जा रहा है। कार्यक्रम में मड़िहान विधायक रमाशंकर सिंह पटेल, मझवां विधायक सुचिष्मिता मौर्य, एमएलसी विनीत सिंह, उद्यान विभाग निदेशक भानु प्रकाश, संयुक्त निदेशक राजीव वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम, मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार सिंह सहित तीनों मंडलों के उद्यान अधिकारी और सैकड़ों प्रगतिशील किसान मौजूद रहे। कार्यक्रम में किसानों को उन्नत बीज, ड्रिप इरिगेशन और उद्यान विभाग की योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
सड़क हादसे में घायलों की मदद करने वालों को मिलेगा सम्मान
यूपी में 27 राहवीरों को पुरस्कृत करने की तैयारी

-केंद्र से मिली धनराशि, सड़क हादसे में घायलों की जान बचाने वालों को 25 हजार रुपये का पुरस्कार

-गुड सेमेरिटन योजना का नया स्वरूप है राहवीर योजना, 16वें वित्तीय चक्र में भी जारी रहेगी पहल

-योगी सरकार का प्रदेश में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर है खास जोर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की मदद कर उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए राहवीर योजना के तहत पुरस्कार दिए जाएंगे। केंद्र सरकार ने इस योजना के अंतर्गत राहवीरों को पुरस्कृत करने के लिए यूपी परिवहन विभाग को 10 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार ने बीते माह 21 सितंबर को जारी पत्र के माध्यम से इसकी जानकारी दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और जरूरत के समय घायलों की मदद करने वाले नागरिकों को प्रोत्साहित करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।

गुड सेमेरिटन से राहवीर योजना तक का सफर

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 3 अक्टूबर 2021 को गुड सेमेरिटन को पुरस्कृत करने की योजना शुरू की थी। इसके तहत पहले वित्तीय चक्र में 36 गुड सेमेरिटन को पांच-पांच हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई थी। इसके बाद 21 अप्रैल 2025 को मंत्रालय ने गुड सेमेरिटन योजना को नए नाम 'राहवीर योजना' के रूप में जारी किया। इसमें पुरस्कार राशि बढ़ाकर प्रति राहवीर 25 हजार रुपये कर दी गई। मंत्रालय ने योजना को 16वें वित्तीय चक्र में जारी रखने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में 21 सितंबर 2026 के पत्र के जरिए उत्तर प्रदेश को पुरस्कार वितरण के लिए 10 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।

उत्तर प्रदेश में 27 राहवीरों को पुरस्कार देने की तैयारी

परिवहन विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 27 राहवीरों को 25-25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि देने का प्रस्ताव है। इसके लिए जिला सड़क सुरक्षा समिति की अनुशंसा के आधार पर प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। सितंबर 2026 में इन राहवीरों को पुरस्कृत करने के लिए केंद्र सरकार से धनराशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। अब मंत्रालय की ओर से 10 लाख रुपये उपलब्ध कराए जाने से पुरस्कार वितरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वालों को मिलेगा प्रोत्साहन

राहवीर योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाने और उसकी जान बचाने में मदद करने वाले नागरिकों को सम्मानित करना है। दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में चिकित्सा सहायता मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में बिना किसी स्वार्थ के घायलों की मदद करने वाले लोगों को आर्थिक पुरस्कार देकर प्रोत्साहित करना इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है। योजना के तहत दुर्घटना पीड़ित को गोल्डन आवर यानी दुर्घटना के बाद के महत्वपूर्ण शुरुआती एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाने और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में योगदान देने वाले पात्र नागरिकों को पुरस्कृत किया जाता है। इससे लोगों को सड़क हादसों के समय घायलों की मदद के लिए आगे आने की प्रेरणा मिल सकती है।

पुरस्कार राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने की व्यवस्था

राहवीरों को पुरस्कार राशि उपलब्ध कराने के लिए परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के भारतीय रिजर्व बैंक के ई-कुबेर सीएनए खाते में 10 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इस व्यवस्था के माध्यम से स्वीकृत लाभार्थियों को पुरस्कार राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद के 170 ग्राम प्रहरियों को किया गया सम्मानित
ग़ाज़ियाबाद। मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदेश के 68 हजार ग्राम प्रहरियों को पुलिस सहयोग एवं अपराध नियंत्रण में उनके सराहनीय योगदान के लिए सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण पुलिस लाइन्स गाजियाबाद के परेड ग्राउंड में किया गया।
इसी क्रम में ग़ाज़ियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा 170 ग्राम प्रहरियों को पुलिस सहयोग एवं अपराध नियंत्रण में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। इस दौरान ग्राम प्रहरी बंधुओं को टॉर्च, लाठी, टिफिन, सीटी, डोरी एवं बैग प्रदान किए गए।मालूम हो कि पुलिस आयुक्त जे रविंद्र गौड़ आईपीएस ने ग्राम प्रहरियों का उत्साहवर्धन करते हुए सुरक्षित समाज, सशक्त गांव और अपराधमुक्त उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने में उनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त केशव कुमार चौधरी आईपीएस ने कहा कि, ग्राम प्रहरियों के सहयोग से पुलिस प्रशासन को अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा का वातावरण स्थापित करने में महत्त्वपूर्ण सहायता मिल रही है। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त द्वय मुख्यालय एवं कानून व्यवस्था, पुलिस उपायुक्त लाइन्स सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
फोन होते ही 30 मिनट में अस्पताल पहुंचेंगे डॉक्टर, हर केंद्र पर लगेगी सूची

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। मरीजों को 24 घंटे उपचार की सुविधा देने के लिए जिला अस्पताल, भदोही एमबीएस के साथ ही सभी सीएचसी पर तैनात ऑनकॉल चिकित्सकों की जिम्मेदारी बढ़ने वाली है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी केंद्रों पर ऑनकॉल डॉक्टरों और विशेषज्ञों की सूची लगाई जाएगी।


अस्पताल से कॉल जाने के बाद डॉक्टरों को 30 मिनट के अंदर पहुंचना होगा। पहले इसके लिए 40 मिनट का समय निर्धारित था, लेकिन जिला अस्पताल के गेट पर बीते सप्ताह प्रसव होने की घटना के बाद नियम में बदलाव किया गया है। मरीज की हालत गंभीर होने पर यदि ईएमओ ने संबंधित डॉक्टर को कॉल नहीं किया, तो उससे भी जवाब मांगा जाएगा।

महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय और महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय, भदोही सहित छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भदोही, सुरियावां, भानीपुर, डीघ, गोपीगंज और औराई में यह व्यवस्था लागू की जाएगी। यहां अक्सर रात में इमरजेंसी के दौरान मरीजों को चिकित्सक नहीं मिलते हैं, जिससे उन्हें परेशानी होती है।



इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग को बार-बार शिकायतें मिलती रहती हैं। इसे देखते हुए सभी अस्पतालों के नोटिस बोर्ड और इमरजेंसी वार्ड के बाहर ऑनकॉल डॉक्टरों के नाम और मोबाइल नंबर चस्पा किए जाएंगे। इससे रात में आने वाले मरीजों को उपचार कराने में सहूलियत होगी और डॉक्टरों से संपर्क करना आसान होगा। लापरवाही करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। नोटिस बोर्ड पर बाल रोग विशेषज्ञ, सर्जन, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, फिजिशियन, नेत्र सर्जन, ऑर्थो सर्जन और महिला रोग विशेषज्ञ सहित अन्य विशेषज्ञों की ड्यूटी की जानकारी दी जाएगी। ये डॉक्टर ओपीडी के बाद ऑनकॉल रहेंगे और जरूरत पड़ने पर उन्हें 24 घंटे कॉल किया जा सकेगा।


जिला अस्पताल सहित नौ स्वास्थ्य केंद्रों पर आनकाॅल डॉक्टरों और विशेषज्ञों की सूची चम्पा दी जाएगी। समय पर अस्पताल में उपस्थित नहीं होने वाले विशेषज्ञों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

डॉ एसके चक सीएमओ भदोही