विकसित भारत–जी राम जी योजनान्तर्गत रोजगार सृजन एवं ग्रामीण विकास कार्यों का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण, श्रमिकों से किया संवाद
ग्राम पंचायत गांधी में श्रमदान कर फावड़ा चलाया, महिला श्रमिकों से जानी योजनाओं की जानकारी एवं मजदूरी भुगतान की स्थिति
फर्रुखाबाद। विकसित भारत–जी राम जी योजनान्तर्गत शासन द्वारा निर्धारित विशेष रोजगार सृजन दिवस अभियान के अंतर्गत आज जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर द्वारा विकासखंड राजेपुर की ग्राम पंचायत गांधी में श्रमिकों के साथ श्रमदान किया गया तथा फावड़ा चलाकर चल रहे विकास कार्यों में सहभागिता की गई। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, जिला परियोजना निदेशक/उपायुक्त श्रम रोजगार एवं खंड विकास अधिकारी राजेपुर भी कार्यस्थल पर उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने मौके पर उपस्थित महिला श्रमिकों से बातचीत कर उनकी समस्याओं, कार्य की स्थिति तथा योजना के अंतर्गत मिलने वाली मजदूरी के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
जिलाधिकारी ने महिला श्रमिकों से विकसित भारत–जी राम जी योजना के अंतर्गत उपलब्ध रोजगार के अवसरों, कार्यस्थल पर सुविधाओं तथा मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। मौके पर उपस्थित महिला श्रमिकों रामा देवी, विमला एवं काजल आदि ने बताया कि उन्हें प्रतिदिन 300 रुपये के हिसाब से मजदूरी उनके खाते में प्राप्त होती है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित रोजगारपरक कार्यों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा पात्र श्रमिकों को योजना का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराया जाए।
इस दौरान ग्राम रोजगार सेवक गांधी द्वारा जानकारी दी गई कि नौसारा से दहेलिया डामर रोड तक मिट्टी कार्य कराया जा रहा है। इस कार्य की लंबाई 937 मीटर तथा चौड़ाई 05 मीटर है। कार्य की अनुमानित प्राक्कलन लागत 2,54,327 रुपये है, जिससे लगभग 790 मानव दिवस सृजित होंगे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कार्य की गुणवत्ता एवं प्रगति पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य को समय से पूर्ण कराया जाए। अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी राशिद अली ने बताया कि विकासखंड राजेपुर की 81 ग्राम पंचायतों में विकसित भारत–जी राम जी योजनान्तर्गत 132 कार्य वर्तमान में संचालित हैं।
*आरआरसी सेंटर का निरीक्षण कर तत्काल मरम्मत के निर्देश*
जिलाधिकारी द्वारा ग्राम शेराखार गोंटिया स्थित आरआरसी सेंटर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्राम सचिव अश्वनी यादव ने अवगत कराया कि बाढ़ के कारण आरआरसी सेंटर क्षतिग्रस्त हो गया है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षतिग्रस्त आरआरसी सेंटर की तत्काल मरम्मत कराकर उसे सुचारु रूप से संचालित कराया जाए, ताकि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित गतिविधियां प्रभावित न हों। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने तथा अपशिष्ट के उचित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत निरीक्षण के समय उपजिलाधिकारी अमृतपुर भी उपस्थित रहीं। जिलाधिकारी ने पंचायत सहायक अंजली देवी से संवाद कर पंचायत भवन में संचालित कार्यों एवं ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी प्राप्त की।
पंचायत सहायक ने बताया कि कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से ग्रामीणों को 307 प्रकार की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं । प्रत्येक सेवा के लिए निर्धारित शुल्क मात्र 30 रुपये है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय सेवाओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराई जाए तथा सेवाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से प्रदान किया जाए।
*फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की समीक्षा, किसानों से किया संवाद*
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जन्म-मृत्यु पंजीकरण, फैमिली आईडी तथा फार्मर रजिस्ट्री से संबंधित कार्यों की जानकारी भी प्राप्त की। फार्मर रजिस्ट्री के संबंध में पंचायत सहायक, कानूनगो एवं उपजिलाधिकारी अमृतपुर से विस्तृत जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने उन किसानों से दूरभाष पर वार्ता की, जिन्होंने अभी तक फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है। उन्होंने किसानों से रजिस्ट्री न कराने के कारणों तथा इसमें आ रही समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त की, ताकि समस्याओं का समयबद्ध समाधान कराया जा सके।
*आरआरसी सेंटर निर्माण की समस्या का तत्काल समाधान करने के निर्देश*
ग्राम प्रशासक रीतू पाठक द्वारा गांव में आरआरसी सेंटर के निर्माण में आ रही समस्या से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया। जिलाधिकारी ने मौके पर उपस्थित जिला पंचायत राज अधिकारी एवं उपजिलाधिकारी अमृतपुर को निर्देशित किया कि प्रकरण का तत्काल संज्ञान लेकर समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे आरआरसी सेंटर का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा हो सके और ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा पंचायत स्तर पर संचालित सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए नियमित निरीक्षण एवं सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा मौके पर प्राप्त शिकायतों एवं समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।
1 hour and 53 min ago
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