दुर्गा पूजा पंडाल में विद्युत से जुड़ी आवश्यक सावधानियां बरतें आयोजन समिति : सर्वेश दुबे

जौनपुर। शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर शांति, सुरक्षा और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विद्युत विभाग ने विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र, सिंगरामऊ के अवर अभियंता सर्वेश कुमार दुबे ने दुर्गा पंडालों में बिजली सुरक्षा को लेकर एक जरूरी गाइडलाइन जारी की है। उन्होंने पूजा समितियों से विशेष अनुरोध किया है कि नवरात्रि के दौरान पंडालों में अत्यधिक भीड़-भाड़ को देखते हुए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके और दुर्गा पूजा का यह पावन महाउत्सव पूरी तरह से सुरक्षित और सफल रहे। विद्युत विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, सुरक्षा के मद्देनजर किसी भी स्थिति में दुर्गा पूजा पंडाल की स्थापना एच०टी० (हाई टेंशन) या एल०टी० (लो टेंशन) लाइन के तारों के नीचे न की जाए। इसके साथ ही, पंडालों को विद्युत परिवर्तक (ट्रांसफार्मर) अथवा बिजली के पोल के नजदीक स्थापित करने की सख्त मनाही है। अवर अभियंता ने स्पष्ट किया है कि पंडाल के भीतर वायरिंग और सजावट का काम केवल अनुभवी एवं लाइसेंस प्राप्त ठेकेदार से ही कराया जाए। विद्युत सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पंडाल में उचित क्षमता का फ्यूज और एम०सी०बी० (MCB) लगवाना अनिवार्य किया गया है। वायरिंग के लिए केवल आईएसआई (ISI) मार्क वाले और सही क्षमता के केबलों का ही उपयोग करने की सलाह दी गई है।
दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विभाग ने सख्त निर्देश दिए हैं कि पंडाल में रखे सभी विद्युत उपकरणों की अर्थिंग सुनिश्चित की जाए। सजावट के लिए इस्तेमाल होने वाले बिजली के तार कहीं से भी कटे-फटे या खुले नहीं होने चाहिए और सभी जॉइंट्स पर अच्छी क्वालिटी का इंसुलेशन टेप जरूर लगा हो। एक बेहद महत्वपूर्ण निर्देश में कहा गया है कि कोई भी विद्युत केबल पंडाल में लगे लोहे के पाइप से सीधी न छुए, बल्कि पाइप और केबल के बीच कुचालक (इंसुलेटर) या सूखी लकड़ी का अनिवार्य रूप से प्रयोग किया जाए। इसके अतिरिक्त, पंडालों में अत्यधिक गर्मी और शॉर्ट सर्किट के खतरे को कम करने के लिए यथासंभव हैलोजन लाइट के उपयोग से बचने और उनकी जगह एलईडी (LED) बल्बों का इस्तेमाल करने की अपील की गई है। बिजली चोरी और अवैध कनेक्शनों पर सख्त रुख अपनाते हुए अवर अभियंता सर्वेश दुबे ने कहा है कि पंडाल में सजावट या प्रकाश के लिए कटिया (अवैध हुकिंग) लगाकर विद्युत का प्रयोग बिल्कुल न करें। इसके लिए समितियों को नियमानुसार विद्युत विभाग में आवेदन करके अस्थाई विद्युत संयोजन (अस्थायी कनेक्शन) अवश्य प्राप्त कर लेना चाहिए। विभाग ने पूजा समितियों को सतर्क करते हुए कहा है कि जिस विद्युत उपकेंद्र से पंडाल को बिजली की आपूर्ति हो रही है, वहां के कंट्रोल रूम, अवर अभियंता (JE) और उपखंड अधिकारी (SDO) का मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से अपने पास डायरी या बोर्ड पर नोट करके रखें, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति या आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उनसे संपर्क कर सहायता ली जा सके।
जनसमस्याओं को लेकर मऊ में सक्रियता बढ़ी
मऊ। जनसमस्याओं को लेकर मऊ में सक्रियता बढ़ती नजर आ रही है। इसी क्रम में सोमवार को कल्पना राय के पौत्र अनंत राय जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं और जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अनंत राय ने संबंधित समस्याओं की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया।

उनके इस दौरे को क्षेत्रीय समस्याओं को प्रशासन के सामने रखने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।
प्रशासन के सामने उन्होंने समस्याओं को लेकर अपनी बात रखी |
मऊ शहर में महिला पुलिसकर्मियों का शक्ति प्रदर्शन, मिशन शक्ति के तहत निकला जागरूकता मार्च
मऊ। महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश देने के लिए मऊ शहर में महिला पुलिसकर्मियों ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए जागरूकता मार्च निकाला।

मिशन शक्ति अभियान के तहत पुलिसकर्मियों ने महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।

इस दौरान महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस की सक्रियता दिखाई दी।

अभियान का उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना, अपराधों के प्रति जागरूक करना और जरूरत पड़ने पर पुलिस की सहायता लेने के लिए प्रेरित करना है।

संदेश साफ है—महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए पुलिस प्रतिबद्ध है।
मऊ: मिशन शक्ति फेज-6 के तहत घोसी में निकला जागरूकता मार्च
घोसी (मऊ)। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर मिशन शक्ति फेज-6 के तहत यम यश पूर्वांचल बालिका इंटर कॉलेज, नदवा सराय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

विद्यालय की छात्राओं, शिक्षकों और घोसी थाना पुलिस की सहभागिता में प्रमुख स्थानों पर पैदल जागरूकता मार्च निकाला गया। इस दौरान महिला सुरक्षा, अधिकार और सशक्तिकरण से जुड़े पोस्टर-बैनर के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया।

कार्यक्रम के जरिए नारी सुरक्षा, नारी सम्मान और नारी स्वावलंबन का संदेश दिया गया।
काशी काव्य संगम की 105 वीं काव्य गोष्ठी संपन्न
वाराणसी । साहित्यिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था काशी काव्य संगम की 105 वीं काव्यगोष्ठी रविवार 11 अक्टूबर 2026 को डीएलडब्ल्यू पुस्तकालय संस्थान ब.रे.का. सभागृह में संपन्न हुई।गोष्ठी की अध्यक्षता वाराणसी के उत्कृष्ट साहित्यकार धर्मेन्द्र गुप्ता साहिल ने किया तथा मुख्य अतिथि के रूप में मुंबई महानगर के चर्चित कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप उपस्थित थे।मंच का खूबसूरत संचालन वाणीपुत्र वरिष्ठ कलमकार परमहंस तिवारी परम ने किया। उक्त 105 वीं काव्यगोष्ठी में जनपद वाराणसी के आसपास मिर्जापुर, भदोही, आजमगढ़, जौनपुर, प्रयागराज,गाजीपुर जिलों से साहित्यकारों की उपस्थिति देखी गई जिसमें अखलाक भारतीय,आलोक सिंह बेताब,जयप्रकाश मिश्रा धानपुरी, गणेश सिंह प्रहरी,सूर्यदीप कुशवाहा व्यंग्यकार,रेखा सिंह,डॉ आलोक त्रिपाठी,डॉ नसीमा निशा,परमहंस तिवारी परम,डॉ महेंद्र अलंकार, रामनरेश नरेश,टीकाराम शर्मा आचार्य,त्रिभुवन सिंह भुवन,दिनेश दत्त पाठक,गौतम अरोड़ा सरस,विजय चंद्र त्रिपाठी,करुणा सिंह,अनु मिश्रा, गिरीश पांडे कौशिकेय,समीम ग़ाज़ीपुरी,प्रदीप कुमार,मृत्युंजय त्रिपाठी मलंग,पूनम गुप्ता पूर्वी, भुलक्कड़ बनारसी,अहमद हबीबी, कुंवर सिंह कुंवर,डॉ संजय सिंह सागर जौनपुर,गीतकार के. आर.स्नेही जौनपुर,विकास पांडे विदीप्त,माधुरी मिश्रा मधु,आनंद कृष्ण मासूम,डॉ शिव प्रकाश साहित्य,विमल बिहारी, विंध्याचल पांडे शगुन,दीपक शर्मा नवेद्धु,डॉ रामानंद दीक्षित,सीताराम राय विक्रांत,डॉ छोटेलाल सिंह मनमीत, श्रीनाथ सोनांचली,अजय केसरी,रामगोपाल, फुर्तिला बनारसी की पावन उपस्थिति रही। उपस्थित सभी कवि एवं कवयित्रियों ने अपने अपने विधाओं में काव्यपाठ करके सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। अध्यक्षता कर रहे साहिल जी ने उपस्थित सभी साहित्यकारों का अभिनन्दन किया तथा अपने कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के साथ मुंबई से पधारे कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप का अंगवस्त्र से सम्मान किया। मुख्य अतिथि दीप ने काशी काव्य संगम के सभी पदाधिकारियों एवं कलमकारों का स्नेह भरा धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अपना छंद सुनाया।अंत में संचालक परमहंस तिवारी परम ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए गोष्ठी का समापन किया।
श्री महाराजा अग्रसेन जयंती समारोह धूमधाम से सम्पन्न
बलरामपुर: अग्रवाल सभा, बलरामपुर द्वारा 67वें श्री महाराजा अग्रसेन जयंती समारोह में कार्यक्रमों का आयोजन 4 अक्टूबर से प्रारंभ किया गया। बच्चों, महिलाओं एवं पुरुषों के लिए विभिन्न प्रकार की खेलकूद एवं अन्य विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में श्री हनुमान गौशाला में गौसेवा करने के साथ साथ हरा चारा, गुड़ व चूनी इत्यादि भी प्रदान किया गया।

समारोहों की श्रृंखला में अंतिम दिवस 11 अक्टूबर को प्रातः श्री महाराजा अग्रसेन जी का पूजन, हवन संपन्न हुआ और 11 बजे से 4 बजे तक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

सायंकाल में श्री महाराजा अग्रसेन जी को माल्यार्पण करके पूजन व आरती के पश्चात सचिव विनोद बंसल द्वारा वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। अध्यक्ष सौम्य अग्रवाल द्वारा अपने सम्बोधन में समाज द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों के बारे में बताया गया। तत्पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद पुरस्कार वितरण संपन्न हुआ। साथ ही अग्रकुल समाज के मेधावी बच्चों को विभिन्न कक्षाओं में सर्वोत्कृष्ट अंकों के आधार पर स्वर्णिम पदक एवं सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।जयंती समारोह के समस्त कार्यक्रमों में उपाध्यक्ष देवीकांत अग्रवाल एवं अजय अग्रवाल (बल०), सहसचिव सुनील अग्रवाल एवं शुभम बंसल सहित आलोक अग्रवाल, सुशील हमीरवासिया, मनीष तुलस्यान, अजय अग्रवाल , पवन अग्रवाल, प्रवीन अग्रवाल, साकेत तुलस्यान, शरद अग्रवाल, अभिषेक सिंघल, अरुण केडिया, यश अग्रवाल सहित अन्य कार्यकारिणी सदस्यों का विशेष सहयोग रहा।
कन्नौज में कम मानदेय, काम ज्यादा; समय से भुगतान न मिलने पर समूह सखियों ने उठाई आवाज

पंकज श्रीवासरव/विवेक कुमार

कन्नौज जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में समूह सखी के पद पर कार्य कर रही महिलाओं ने अपने मानदेय और कार्यभार को लेकर नाराजगी जताई है। महिलाओं का आरोप है कि उनसे काम अधिक कराया जाता है, लेकिन इसके बदले उन्हें मात्र दो हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है। इतना ही नहीं, यह राशि भी समय से नहीं मिलती, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

समूह सखी के पद पर कार्यरत महिलाओं ने बताया कि उन्हें गांवों में घर-घर जाकर महिलाओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देनी पड़ती है। इसके अलावा भी उन्हें कई जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। महिलाओं का कहना है कि काम की जिम्मेदारियां अधिक होने के बावजूद उन्हें मिलने वाला मानदेय बेहद कम है।

महिलाओं ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और ग्राम प्रधानों को मिलने वाले भुगतान की तुलना करते हुए अपने मानदेय में बढ़ोतरी की मांग उठाई। उनका कहना है कि अधिक काम करने के बावजूद उन्हें पर्याप्त पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है। समय से मानदेय का भुगतान न होने के कारण उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। समूह सखियों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि उनके कार्यभार को देखते हुए मानदेय में बढ़ोतरी की जाए और भुगतान समय से सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक समस्याओं का सामना न करना पड़े।
महिला सम्मान पर कांग्रेस की चुप्पी के खिलाफ भाजपा महिला मोर्चा का जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन, राहुल-प्रियंका से पूछे तीखे सवाल


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा के नेतृत्व में सोमवार को ‘महिला जन आक्रोश’ के अंतर्गत ‘नारी शक्ति हुंकार आंदोलन—महिलाओं के सम्मान में नारी शक्ति मैदान में’ कार्यक्रम के तहत जिला मुख्यालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस सांसद एवं जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के पूर्व प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजाम के खिलाफ 11 छात्राओं की शिकायतों और विश्वविद्यालय की कार्रवाई के मामले में कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल उठाए गए।

प्रदर्शन के दौरान महिला मोर्चा की पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर कांग्रेस नेतृत्व के कथित दोहरे रवैये के खिलाफ आवाज बुलंद की। महिला कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की बात करने वाले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा इस प्रकरण पर खुलकर अपनी बात क्यों नहीं रख रहे हैं।

‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ का नारा देने वाली कांग्रेस 11 बेटियों के साथ खड़ी होगी या अपने सांसद के साथ?

भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किया कि प्रियंका गांधी वाड्रा का चर्चित नारा ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ क्या केवल राजनीतिक मंचों तक सीमित है? यदि 11 छात्राएं शिकायत लेकर सामने आई हैं, तो उनके न्याय की मांग पर कांग्रेस नेतृत्व की स्पष्ट प्रतिक्रिया क्यों नहीं दिखाई दे रही है?

भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि महिलाओं के सम्मान का मुद्दा राजनीतिक सुविधा से नहीं, बल्कि सिद्धांतों और जवाबदेही से तय होना चाहिए। किसी भी व्यक्ति का पद, राजनीतिक दल या प्रभाव निष्पक्ष जांच और जवाबदेही से ऊपर नहीं हो सकता।

महिला मोर्चा ने कांग्रेस नेतृत्व से मांग की कि वह इस मामले में अपना रुख स्पष्ट करे और संबंधित सांसद के विरुद्ध पार्टी स्तर पर क्या कार्रवाई की जाएगी, इसकी जानकारी सार्वजनिक करे। साथ ही, शिकायतकर्ता छात्राओं को निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।

मनीषा अम्बष्ट ने कहा—महिला सम्मान पर दोहरा मापदंड स्वीकार नहीं

भाजपा महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष मनीषा अम्बष्ट ने कहा, “कांग्रेस के नेता महिला सम्मान और महिला सशक्तीकरण की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। प्रियंका गांधी वाड्रा ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ का नारा देती हैं, लेकिन जब 11 छात्राओं की शिकायतों का मामला सामने आता है, तब कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वह छात्राओं के न्याय के साथ खड़ी है या अपने सांसद के बचाव में मौन है। महिला सम्मान पर दोहरा मापदंड नहीं चल सकता। हम मांग करते हैं कि मामले में निष्पक्ष जांच हो और दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।”

भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी के लिए नारी का सम्मान, सुरक्षा और स्वाभिमान सर्वोपरि है। महिलाओं के सम्मान की बात करने वाले राजनीतिक दलों को कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों पर कायम रहना चाहिए। 11 छात्राओं की शिकायतों के मामले में कांग्रेस नेतृत्व को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। संस्थाओं को राजनीतिक पद और पार्टी से ऊपर उठकर नियमों के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। हम चाहते हैं कि शिकायतकर्ता छात्राओं को न्याय मिले और किसी भी स्तर पर राजनीतिक संरक्षण न्याय के रास्ते में बाधा न बने।”

उन्होंने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा महिलाओं के सम्मान, अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज लगातार बुलंद करता रहेगा।

ये पदाधिकारी एवं वरिष्ठ नेता रहे उपस्थित

धरना-प्रदर्शन में भाजपा महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष मनीषा अम्बष्ट, ब्लॉक प्रमुख प्रियंका बिंद, जिला संयोजिका स्नेहलता श्रीवास्तव, जिला मंत्री सरिता बिंद, महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मी बिंद, संजू सरोज, सोशल मीडिया प्रभारी एवं जिला उपाध्यक्ष नीलम दुबे, रीना बरनवाल, प्रमिला चौहान, खुशबू उमर, मंडल अध्यक्ष रन्नो देवी, संजू श्रीवास्तव एवं सविता चौहान सहित बड़ी संख्या में महिला मोर्चा की पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष हौसला प्रसाद पाठक, संतोष पांडेय एवं कन्हैयालाल मिश्र, पूर्व विधायक रविंद्र नाथ त्रिपाठी तथा वरिष्ठ भाजपा नेता नागेंद्र सिंह सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

भाजपा महिला मोर्चा ने स्पष्ट संदेश दिया कि महिला सम्मान केवल नारा नहीं, बल्कि जवाबदेही का विषय है। महिलाओं के अधिकारों और न्याय के सवाल पर किसी भी राजनीतिक दल की चुप्पी को लेकर सवाल पूछे जाते रहेंगे।
सुल्तानपुर में छात्राओं के कथित यौन शोषण के मामले को लेकर बीजेपी की महिला नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया
सुल्तानपुर।नगर के तिकोनिया पार्क से शुरू हुआ यह प्रदर्शन जुलूस के रूप में कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचा. इस दौरान महिला नेताओं ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले में पार्टी की चुप्पी पर सवाल उठाए. प्रदर्शन का नेतृत्व बीजेपी की काशी प्रांत की क्षेत्रीय मंत्री वंदना सिंह ने किया.

दरअसल, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय यानी JNU के प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद अंगोमछा अकोईजम से जुड़ा 11 छात्राओं के कथित यौन शोषण का मामला चर्चा में है. इस मामले को लेकर सुल्तानपुर में बीजेपी की महिला नेताओं ने नाराजगी जताई. प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के साथ होने वाले किसी भी तरह के उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
बीजेपी की महिला नेत्रियां नगर के तिकोनिया पार्क में एकत्र हुईं. यहां से जुलूस निकालते हुए कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचीं. प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने मामले को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए और पार्टी से अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की. महिला नेताओं का कहना था कि छात्राओं के साथ कथित उत्पीड़न जैसे गंभीर मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए. प्रदर्शन की अगुवाई कर रहीं काशी प्रांत की क्षेत्रीय मंत्री वंदना सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले ने कांग्रेस का दोगला चरित्र उजागर कर दिया है. उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न के खिलाफ बीजेपी आवाज उठाती रहेगी. इस पूरे मामले में प्रदर्शनकारी महिला नेताओं ने कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाए. दी गई जानकारी के अनुसार, खबर लिखे जाने तक कांग्रेस पार्टी की ओर से इस प्रदर्शन और लगाए गए आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने विधान परिषद निर्वाचन की तैयारियों के दृष्टिगत बूथों का किया निरीक्षण*
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश विधान परिषद आगरा खण्ड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन की तैयारियों के दृष्टिगत एम0आई0सी0, फतेहगढ़ और क्रिश्चियन इण्टर कॉलेज, फर्रुखाबाद में बनाए गए बूथों का जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह द्वारा संयुक्त रूप से निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया तथा संबंधित अधिकारियों को निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने निर्वाचन से संबंधित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने तथा बूथों पर आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने निर्वाचन कार्य में संलग्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न हो सके।
इस दौरान संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।