कन्नौज में कम मानदेय, काम ज्यादा; समय से भुगतान न मिलने पर समूह सखियों ने उठाई आवाज

पंकज श्रीवासरव/विवेक कुमार

कन्नौज जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में समूह सखी के पद पर कार्य कर रही महिलाओं ने अपने मानदेय और कार्यभार को लेकर नाराजगी जताई है। महिलाओं का आरोप है कि उनसे काम अधिक कराया जाता है, लेकिन इसके बदले उन्हें मात्र दो हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है। इतना ही नहीं, यह राशि भी समय से नहीं मिलती, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

समूह सखी के पद पर कार्यरत महिलाओं ने बताया कि उन्हें गांवों में घर-घर जाकर महिलाओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देनी पड़ती है। इसके अलावा भी उन्हें कई जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। महिलाओं का कहना है कि काम की जिम्मेदारियां अधिक होने के बावजूद उन्हें मिलने वाला मानदेय बेहद कम है।

महिलाओं ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और ग्राम प्रधानों को मिलने वाले भुगतान की तुलना करते हुए अपने मानदेय में बढ़ोतरी की मांग उठाई। उनका कहना है कि अधिक काम करने के बावजूद उन्हें पर्याप्त पारिश्रमिक नहीं मिल रहा है। समय से मानदेय का भुगतान न होने के कारण उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। समूह सखियों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि उनके कार्यभार को देखते हुए मानदेय में बढ़ोतरी की जाए और भुगतान समय से सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक समस्याओं का सामना न करना पड़े।
महिला सम्मान पर कांग्रेस की चुप्पी के खिलाफ भाजपा महिला मोर्चा का जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन, राहुल-प्रियंका से पूछे तीखे सवाल


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा के नेतृत्व में सोमवार को ‘महिला जन आक्रोश’ के अंतर्गत ‘नारी शक्ति हुंकार आंदोलन—महिलाओं के सम्मान में नारी शक्ति मैदान में’ कार्यक्रम के तहत जिला मुख्यालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस सांसद एवं जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के पूर्व प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजाम के खिलाफ 11 छात्राओं की शिकायतों और विश्वविद्यालय की कार्रवाई के मामले में कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल उठाए गए।

प्रदर्शन के दौरान महिला मोर्चा की पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर कांग्रेस नेतृत्व के कथित दोहरे रवैये के खिलाफ आवाज बुलंद की। महिला कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की बात करने वाले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा इस प्रकरण पर खुलकर अपनी बात क्यों नहीं रख रहे हैं।

‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ का नारा देने वाली कांग्रेस 11 बेटियों के साथ खड़ी होगी या अपने सांसद के साथ?

भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किया कि प्रियंका गांधी वाड्रा का चर्चित नारा ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ क्या केवल राजनीतिक मंचों तक सीमित है? यदि 11 छात्राएं शिकायत लेकर सामने आई हैं, तो उनके न्याय की मांग पर कांग्रेस नेतृत्व की स्पष्ट प्रतिक्रिया क्यों नहीं दिखाई दे रही है?

भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि महिलाओं के सम्मान का मुद्दा राजनीतिक सुविधा से नहीं, बल्कि सिद्धांतों और जवाबदेही से तय होना चाहिए। किसी भी व्यक्ति का पद, राजनीतिक दल या प्रभाव निष्पक्ष जांच और जवाबदेही से ऊपर नहीं हो सकता।

महिला मोर्चा ने कांग्रेस नेतृत्व से मांग की कि वह इस मामले में अपना रुख स्पष्ट करे और संबंधित सांसद के विरुद्ध पार्टी स्तर पर क्या कार्रवाई की जाएगी, इसकी जानकारी सार्वजनिक करे। साथ ही, शिकायतकर्ता छात्राओं को निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।

मनीषा अम्बष्ट ने कहा—महिला सम्मान पर दोहरा मापदंड स्वीकार नहीं

भाजपा महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष मनीषा अम्बष्ट ने कहा, “कांग्रेस के नेता महिला सम्मान और महिला सशक्तीकरण की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। प्रियंका गांधी वाड्रा ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ का नारा देती हैं, लेकिन जब 11 छात्राओं की शिकायतों का मामला सामने आता है, तब कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वह छात्राओं के न्याय के साथ खड़ी है या अपने सांसद के बचाव में मौन है। महिला सम्मान पर दोहरा मापदंड नहीं चल सकता। हम मांग करते हैं कि मामले में निष्पक्ष जांच हो और दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।”

भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी के लिए नारी का सम्मान, सुरक्षा और स्वाभिमान सर्वोपरि है। महिलाओं के सम्मान की बात करने वाले राजनीतिक दलों को कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों पर कायम रहना चाहिए। 11 छात्राओं की शिकायतों के मामले में कांग्रेस नेतृत्व को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। संस्थाओं को राजनीतिक पद और पार्टी से ऊपर उठकर नियमों के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। हम चाहते हैं कि शिकायतकर्ता छात्राओं को न्याय मिले और किसी भी स्तर पर राजनीतिक संरक्षण न्याय के रास्ते में बाधा न बने।”

उन्होंने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा महिलाओं के सम्मान, अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज लगातार बुलंद करता रहेगा।

ये पदाधिकारी एवं वरिष्ठ नेता रहे उपस्थित

धरना-प्रदर्शन में भाजपा महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष मनीषा अम्बष्ट, ब्लॉक प्रमुख प्रियंका बिंद, जिला संयोजिका स्नेहलता श्रीवास्तव, जिला मंत्री सरिता बिंद, महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मी बिंद, संजू सरोज, सोशल मीडिया प्रभारी एवं जिला उपाध्यक्ष नीलम दुबे, रीना बरनवाल, प्रमिला चौहान, खुशबू उमर, मंडल अध्यक्ष रन्नो देवी, संजू श्रीवास्तव एवं सविता चौहान सहित बड़ी संख्या में महिला मोर्चा की पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष हौसला प्रसाद पाठक, संतोष पांडेय एवं कन्हैयालाल मिश्र, पूर्व विधायक रविंद्र नाथ त्रिपाठी तथा वरिष्ठ भाजपा नेता नागेंद्र सिंह सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

भाजपा महिला मोर्चा ने स्पष्ट संदेश दिया कि महिला सम्मान केवल नारा नहीं, बल्कि जवाबदेही का विषय है। महिलाओं के अधिकारों और न्याय के सवाल पर किसी भी राजनीतिक दल की चुप्पी को लेकर सवाल पूछे जाते रहेंगे।
सुल्तानपुर में छात्राओं के कथित यौन शोषण के मामले को लेकर बीजेपी की महिला नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया
सुल्तानपुर।नगर के तिकोनिया पार्क से शुरू हुआ यह प्रदर्शन जुलूस के रूप में कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचा. इस दौरान महिला नेताओं ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले में पार्टी की चुप्पी पर सवाल उठाए. प्रदर्शन का नेतृत्व बीजेपी की काशी प्रांत की क्षेत्रीय मंत्री वंदना सिंह ने किया.

दरअसल, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय यानी JNU के प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद अंगोमछा अकोईजम से जुड़ा 11 छात्राओं के कथित यौन शोषण का मामला चर्चा में है. इस मामले को लेकर सुल्तानपुर में बीजेपी की महिला नेताओं ने नाराजगी जताई. प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के साथ होने वाले किसी भी तरह के उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
बीजेपी की महिला नेत्रियां नगर के तिकोनिया पार्क में एकत्र हुईं. यहां से जुलूस निकालते हुए कांग्रेस कार्यालय तक पहुंचीं. प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने मामले को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए और पार्टी से अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की. महिला नेताओं का कहना था कि छात्राओं के साथ कथित उत्पीड़न जैसे गंभीर मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए. प्रदर्शन की अगुवाई कर रहीं काशी प्रांत की क्षेत्रीय मंत्री वंदना सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले ने कांग्रेस का दोगला चरित्र उजागर कर दिया है. उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न के खिलाफ बीजेपी आवाज उठाती रहेगी. इस पूरे मामले में प्रदर्शनकारी महिला नेताओं ने कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल उठाए. दी गई जानकारी के अनुसार, खबर लिखे जाने तक कांग्रेस पार्टी की ओर से इस प्रदर्शन और लगाए गए आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने विधान परिषद निर्वाचन की तैयारियों के दृष्टिगत बूथों का किया निरीक्षण*
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश विधान परिषद आगरा खण्ड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन की तैयारियों के दृष्टिगत एम0आई0सी0, फतेहगढ़ और क्रिश्चियन इण्टर कॉलेज, फर्रुखाबाद में बनाए गए बूथों का जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह द्वारा संयुक्त रूप से निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया तथा संबंधित अधिकारियों को निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने निर्वाचन से संबंधित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने तथा बूथों पर आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने निर्वाचन कार्य में संलग्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न हो सके।
इस दौरान संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
भदोही सदर में अमित सिंह प्रिंस की एंट्री से सियासी पारा चढ़ा, बोले- कोई हाउस लड़े, मैं हर हाल में लड़ूंगा चुनाव*

*टिकट मिले या न मिले, चुनाव लड़ने का ऐलान; भाजपा, सपा और बसपा के संभावित समीकरणों के बीच बढ़ी हलचल*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही । विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे भदोही की सियासत में दावेदारों की सक्रियता बढ़ने लगी है। भदोही सदर सीट से जिला पंचायत सदस्य अमित सिंह प्रिंस ने चुनाव लड़ने की घोषणा कर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। बड़े व्यवसायी और समाजसेवी अमित सिंह प्रिंस की युवाओं में अच्छी पकड़ मानी जा रही है। इन दिनों वह रेंज रोवर, लैंड क्रूजर, डिफेंडर जैसी करोड़ों रुपये के लग्जरी वाहनों के काफिले के साथ क्षेत्र में जनसंपर्क करते नजर आ रहे हैं। सोमवार को औराई स्थित अपने आवास पर प्रेस वार्ता में उन्होंने साफ किया कि पार्टी को लेकर अभी पत्ते नहीं खोलेंगे, लेकिन टिकट मिले या न मिले, चुनाव हर हाल में लड़ेंगे। पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह के बेटे की संभावित दावेदारी पर भी उन्होंने दो टूक कहा कि कोई हाउस लड़े, लेकिन वह चुनाव जरूर लड़ेंगे। उन्होंने क्षेत्र की तस्वीर बदलने और जनता की सेवा करने का संकल्प जताते हुए अपना मेनिफेस्टो भी जारी किया है। अमित सिंह प्रिंस बीजेपी से वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य हैं।

•टिकट को लेकर पत्ते नहीं खोले, चुनाव लड़ने पर अडिग–

अमित सिंह प्रिंस ने प्रेस वार्ता में कहा कि पार्टी को लेकर समय आने पर खुलासा करेंगे। उनके इस बयान के बाद चर्चा है कि वह भाजपा, सपा या बसपा में से किसी दल का टिकट हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि किसी दल से टिकट नहीं मिलने पर भी वह चुनाव मैदान में उतरेंगे। ऐसे में उनकी दावेदारी तीनों प्रमुख दलों से टिकट मांग रहे संभावित प्रत्याशियों के समीकरणों को प्रभावित कर सकती है। बीजेपी से टिकट की दावेदारी करेंगे या नहीं, इस पर उन्होंने कहा कि जो गार्जियन लोग कहेंगे, समय बताएगा।

•कपसेठी हाउस की चर्चा पर भी दो टूक–

भदोही सदर सीट से पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह के बेटे के भी चुनाव लड़ने की चर्चा है। उनसे पूछा गया कि यदि कपसेठी हाउस से कोई उम्मीदवार मैदान में उतरता है, तो क्या वह चुनाव लड़ेंगे? इस पर अमित सिंह प्रिंस ने दो टूक कहा कि कोई हाउस लड़े, लेकिन वह चुनाव लड़ेंगे। उनके इस बयान के बाद सीट पर संभावित मुकाबले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

•जाहिद बेग, रविंद्र नाथ त्रिपाठी और दादा चौहान के बीच नए समीकरण?–

मौजूदा समय में भदोही सदर सीट से समाजवादी पार्टी के जाहिद बेग विधायक हैं, जिन्हें अखिलेश यादव का करीबी माना जाता है। पिछली बार भाजपा से रविंद्र नाथ त्रिपाठी विधायक रहे थे और इस बार भी भाजपा से उनकी दावेदारी मानी जा रही है। मुस्लिम आबादी की अच्छी-खासी हिस्सेदारी के चलते चर्चा है कि सपा जाहिद बेग को दोबारा उम्मीदवार बना सकती है। वहीं, हरिशंकर उर्फ दादा चौहान बसपा से प्रत्याशी रह चुके हैं। ऐसे में अमित सिंह प्रिंस के हर हाल में चुनाव लड़ने के ऐलान से तीनों प्रमुख दलों के संभावित उम्मीदवारों के सामने नए राजनीतिक समीकरणों की चुनौती खड़ी हो सकती है।

•बोले- किसी को प्रतिद्वंद्वी नहीं मानता, हर रोज खुद से लड़ता हूं–

अमित सिंह प्रिंस ने कहा कि वह किसी को अपना प्रतिद्वंद्वी नहीं मानते, बल्कि हर रोज खुद से लड़ते हैं। उनका कहना है कि यदि जनप्रतिनिधियों ने वास्तव में भदोही पर ध्यान दिया होता, तो क्षेत्र की हालत ऐसी नहीं रहती। वह भदोही की तस्वीर बदलने और जनता की सेवा का अवसर पाने के लिए चुनाव मैदान में आ रहे हैं। उन्होंने अपनी दावेदारी के साथ ही लंबा-चौड़ा मेनिफेस्टो भी जारी किया है, जिसमें क्षेत्र के कई छोटे-बड़े मुद्दों को शामिल किया गया है।

फिलहाल अमित सिंह प्रिंस ने किसी राजनीतिक दल के साथ जाने को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन उनके चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद भदोही सदर सीट को लेकर सियासी गलियारों में हलचल बढ़ गई है। अब देखना होगा कि उनकी दावेदारी किस राजनीतिक दिशा में आगे बढ़ती है।
जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में चक्रवाती तूफान, तेज आंधी तथा अत्याधिक वर्षा (अतिवृष्टि) के कारण किसानों के खेतों एवं भूमि पर गिरे वृक्षों के न

सुलतानपुर,मा0 मुख्यमंत्री जी, उ0प्र0 द्वारा दिये गये निर्देश के क्रम में जिलाधिकारी इन्द्रजीत सिंह की अध्यक्षता में वन विभाग के अधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में चक्रवाती तूफान, तेज आंधी तथा अत्याधिक वर्षा (अतिवृष्टि) के कारण किसानों के खेतों एवं भूमि पर गिरे वृक्षों के संदर्भ में बैठक आयोजित की गयी। उक्त बैठक में जिलाधिकारी महोदय द्वारा किसानों के आवेदनों पर त्वरित कार्यवाही की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये।
      
जिलाधिकारी द्वारा परिवहन अनुमति हेतु नियमानुसार आवश्यक अभिवहन अनुज्ञा पत्र प्राथमिकता के आधार जारी करने हेतु, यातायात एवं मार्ग अवरोधक को तत्काल समाधान एवं जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर तथा स्थलीय निरीक्षण कर प्रभावित किसानों के समस्या के निराकरण हेतु निर्देशित किया गया।
       
उत्तर प्रदेश सरकार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन अनुभाग-5 की अधिसूचना सं०-24/81-5-2020-07-93 दिनांक 07.01.2020 द्वारा 29 प्रजातियों को व्यक्तिगत कृषित या आकृषित भूमि पर स्थित प्रजातियों को प्रतिबन्धित प्रजाति की श्रेणी में रखा गया हैः-
(1) आम (देशी/तुकमी), (2) नीम (3) साल, (4) महुआ, (5) बीजा साल, (6) पीपल, (7) बरगद, (8) गूलर, (9) पाकड़, (10) अर्जुन (11) प्लास (12) बेल, (13) चिरौंजी, (14) खिरनी (15) कैंथा, (16) इमली, (17) जामुन, (18) असना, (19) कुसुम, (20) रीठा, (21 भिलावा), (22) तून, (23) सनई, (24) हल्दी, (25) बाकली / करधई, (26) धौ, (27) खैर, (28) शीशम, (29) सागौन उक्त के अतिरिक्त व्यक्तिगत कृषित या आकृषित भूमि पर स्थित प्रजातियो को छूट की श्रेणी में रखा गया है। उत्तर प्रदेश शासन, वन एवं वन्यजीव अनुभाग-2 की अधूिसचना संख्या-2536/14-2-2017 -377/76 टीसी दिनांक 31.10.2017 द्वारा वन क्षेत्र के बाइर अवस्थित आम (देशी/तुकमी/ कलमी), नीम, साल, महुआ, व खैर प्रजातियों के लिए अभिवहन पास अनिवार्य है। उक्त के अतिरिक्त प्रजातियाँ पर अभिवहन हेतु छूट प्रदान की गयी है।
       
जिलाधिकारी ने किसानों से अपील है कि व्यक्तिगत कृषित या आकृषित भूमि पर स्थित 29 प्रजातियों के वृक्ष आंधी तूफान एवं तीव्र वर्षा के कारण गिर गये हो तो उनके बोटा बनाने एवं अभिवहन पास बनवाने हेतु वन विभाग से सम्पर्क करें। यदि कोई कठिनाई प्रतीत होती है तो वह निम्नलिखित नम्बरों पर सम्पर्क कर सहयोग प्राप्त कर सकते हैः-

1. श्री अंजनी कुमार श्रीवास्तव, उप प्रभागीय वनाधिकारी, सुलतानपुर-    9235707045
2. श्री राज कुमार मौर्या, क्षेत्रीय वन अधिकारी, सुलतानपुर-                     9651562057
3. श्री गौरव सिंह, क्षेत्रीय वन अधिकारी, लम्भुआ-                                   7839434755
4. श्री पंकज चौधरी, क्षेत्रीय वन अधिकारी, कादीपुर-                              9899614259
5. श्री मो० जायर, क्षेत्रीय वन अधिकारी, जयसिंहपुर-                              9453946163
भाकियू ने विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर चलाया जन जागरण अभियान
संभल।भारतीय किसान यूनियन (बीआरएसएस) भारत राष्ट्रीय सेवक संघ द्वारा गुरुवार को ग्राम - चंदायन में जनजागरण अभियान के तहत बैठक का आयोजन किया गया ! बैठक की अध्यक्षता चौ. ऋषिपाल सिंह एवं संचालन राजीव कुमार ने किया !
बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष सम्भल कामेन्द्र चौधरी ने कहा कि संगठन द्वारा जन जागरण अभियान के माध्यम से संगठन को गांव-गांव मजबूत करने, अधिक से अधिक किसानों और युवाओं को संगठन से जोड़ने तथा ब्लॉक, तहसील और ग्राम स्तर पर कार्यकारिणियों को सक्रिय करने पर जोर दिया गया ! किसानों की समस्याओं का समाधान तभी प्रभावी तरीके से कराया जा सकता है, जब किसान एकजुट होकर अपनी बात शासन-प्रशासन के सामने रखें ! किसान अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर एकजुट रहें। संगठन का उद्देश्य किसानों की आवाज को मजबूती से शासन-प्रशासन तक पहुंचाना और समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास करना है ! कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे किसानों के बीच लगातार संपर्क बनाए रखें और उनकी समस्याओं को संगठन के माध्यम से उचित मंच तक पहुंचाएं ! साथ ही आवारा पशुओं से फसलों को होने वाले नुकसान, एक्सप्रेस वे की सर्विस रोड पर गांव के चिन्हित बोर्ड, रहस्यमयी बुखार की रोकथाम हेतु स्प्रे एवं कीटनाशक का छिड़काव, राशन कार्ड, आवास सहित तमाम लाभकारी योजनाओं में पारदर्शिता, गन्ने का उचित मूल्य, समय पर भुगतान, बिजली, सिंचाई, खाद-बीज तथा रेल विस्तारीकरण एवं सरकारी विभागों से संबंधित समस्याओं के समाधान पर जोर दिया ! जिला प्रभारी सुभाष चाहल ने कहा कि संगठन किसानों की समस्याओं को केवल ज्ञापन तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर अधिकारियों से वार्ता, धरना-प्रदर्शन और अन्य लोकतांत्रिक तरीकों से भी मजबूती से आवाज उठाई जाएगी ! कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे किसानों के बीच लगातार संपर्क बनाए रखें, उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनें और संगठन के माध्यम से उन्हें उचित मंच तक पहुंचाएं ! कार्यकारिणी द्वारा संगठन विस्तार करते हुए सईद अहमद को ग्राम सचिव, महबूब को ग्राम सचिव, महमूद को ग्राम प्रभारी, वकार को ग्राम महासचिव नियुक्त किया गया !
मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष सम्भल कामेन्द्र चौधरी, जिला संगठन मंत्री चौ. ऋषिपाल सिंह, जिला प्रभारी सुभाष चाहल, जिला सचिव (कि. मो.) गौरव सेहरावत, जिला महामंत्री (अ. मो.) इस्माइल खां, जिला मंत्री (अ. मो.) सुफियान पाशा, तहसील संरक्षक सेवक सैनी, तहसील महासचिव राजीव कुमार, तहसील अध्यक्ष (अ. मो.) मेंहदी हसन, तहसील प्रभारी मो. अमान, ब्लॉक अध्यक्ष संभल धीरेन्द्र त्यागी, ब्लॉक प्रभारी नरेन्द्र चौधरी, ब्लॉक उपाध्यक्ष मो. हसन, वरिष्ठ कार्यकर्ता मुस्कुरान, जाबिर अली, ताहिर हुसैन, सोनू कुमार, अनिल कुमार, सईद अहमद, महबूब अली, वकार आद सहित तमाम कार्यकर्ता उपस्थित रहे !
भाकियू प्रतिनिधिमंडल ने एक्सईएन विद्युत को सौंपा ज्ञापन, समय रहते सुधार न होने पर आंदोलन की चेतावनी
संभल।भारतीय किसान यूनियन (बीआरएसएस) भारत राष्ट्रीय सेवक संघ द्वारा सोमवार को जिला उपाध्यक्ष मिंकू चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अधिशासी अभियन्ता विद्युत वितरण खंड सम्भल रघुनाथ तित्तल को ज्ञापन सौंपा !
जिला अध्यक्ष सम्भल कामेन्द्र चौधरी ने कहा कि बिजलीघर सिंहपुरसानी एवं लखौरी जलालपुर में अघोषित बिजली कटौती की जा रही है ! जिसको लेकर संगठन में आक्रोश है ! बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया जाए, अघोषित कटौती पर प्रभावी रोक लगाई जाए, गलत एवं बढ़े हुए बिजली बिलों की जांच कर उनका नियमानुसार संशोधन किया जाए तथा मीटर रीडिंग और बिल वितरण व्यवस्था को नियमित बनाया जाए। इसके अतिरिक्त बिजली संबंधी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीण उपभोक्ताओं को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार विद्युत कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें ! उपभोक्ताओं को समय से बिल मिलना आवश्यक है। यदि मीटर रीडिंग नियमित रूप से नहीं ली जाती और बिल समय पर जारी नहीं होते, तो उपभोक्ताओं को भुगतान करने में कठिनाई होती है। कई बार एक साथ अधिक राशि का बिल आने से ग्रामीण परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है। इसलिए मीटर रीडरों की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर उन्हें प्रत्येक माह समय से मीटर रीडिंग लेने और सही बिल जारी करने के निर्देश दिए जाएं ! ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की समस्या के कारण किसानों, मजदूरों, व्यापारियों, विद्यार्थियों तथा आम ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं जिला उपाध्यक्ष मिंकू चौधरी ने कहा कि अघोषित बिजली कटौती से घरेलू कार्य प्रभावित होते हैं ! संगठन किसानों की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाता रहा है। बिजली आम जनता की मूलभूत आवश्यकता है और किसानों की खेती भी काफी हद तक बिजली आपूर्ति पर निर्भर करती है। ऐसे में विद्युत विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध तरीके से उनका समाधान करना चाहिए ! स्पष्ट किया कि किसानों और आम उपभोक्ताओं के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय अधिकारियों से लगातार संवाद किया जाएगा ! चेतावनी देते हुए कहा कि समय रहते सुधार नहीं किया जाता है तो संगठन आंदोलन को विवश होगा ! जिसका जिम्मेदार पूर्णतः शासन व प्रशासन होगा !
मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष सम्भल कामेन्द्र चौधरी, जिला उपाध्यक्ष मिंकू चौधरी, जिला सचिव निर्देश कुमार, जिला प्रचार मंत्री सन्तवीर सिंह, जिला मंत्री (अ. मो.) सुफियान पाशा, तहसील संरक्षक सेवक सैनी, तहसील प्रभारी मो. अमान, ब्लॉक महामंत्री मनीराम गूर्जर, ब्लॉक उपाध्यक्ष मो. हसन, वरिष्ठ कार्यकर्ता रिंकू सिंह, मेवाराम सैनी, मुस्कुरान, महबूब अली, हिलाल, जाकिर अली, मुनाजिर, अंकित कुमार एवं महिला मोर्चा से जिला सचिव नन्हिया देवी, ब्लॉक सचिव निशा देवी, दिलवरी बेगम, शीला देवी, सुदेश देवी आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे !
ग्रा, पत्रकार एसोसिएशन बलरामपुर अध्यक्ष ने सा, स्वा, अधीक्षक को किया सम्मानित

बलरामपुर 12 अक्टूबर ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उ, प्र, जनपद बलरामपुर अध्यक्ष शीतला प्रसाद मिश्रा व बलरामपुर तहसील अध्यक्ष अमरेश सोनी द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उतरौला के अधीक्षक डॉ सी,पी, सिह को सम्मानित किया गया तथा बधाई की गई। विगत दिनों उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक द्वारा लखनऊ में इनको आयुष्मान से सम्मानित किया गया था।
बताया जाता है कि डॉक्टर सीपी सिंह एक अच्छे डॉक्टर के साथ-साथ अपने अस्पतालों में मानवता के मिसाल बने हुए हैं हर मरीज को संतुष्ट करने का प्रयास उनके द्वारा किया जा रहा है।
ऑनलाइन बैनामा नामांतरण व्यवस्था के खिलाफ लामबंद हुए अधिवक्ता, एडीएम को सौंपा ज्ञापन
लेखपालों की मनमानी और भ्रष्टाचार का आरोप, वकीलों ने की पुरानी दाखिल-खारिज व्यवस्था बहाल करने की मांग

बलरामपुर में युवा अधिवक्ताओं का विरोध, राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन देकर उठाई ऑनलाइन प्रक्रिया रद्द करने की मांग

बलरामपुर: राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा लागू की गई बैनामा नामांतरण की ऑनलाइन व्यवस्था के विरोध में जिले के अधिवक्ता उतर आए हैं। जिला युवा अधिवक्ता एसोसिएशन बलरामपुर ने सोमवार को राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संदीप केला को सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नई व्यवस्था के कारण काश्तकारों का उत्पीड़न बढ़ा है और लेखपाल विभिन्न बिंदुओं पर रिपोर्ट लगाने के नाम पर मोटी रकम की मांग कर रहे हैं। एसोसिएशन ने चेताया कि मांग पूरी न होने पर किसानों के बैनामे खारिज करने की धमकियां दी जा रही हैं।

एसोसिएशन के अध्यक्ष मृगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि नई व्यवस्था से न केवल आम जनता परेशान है, बल्कि वकीलों का कार्यक्षेत्र सीमित होने से उनकी आजीविका पर भी सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नामांतरण मूलतः एक न्यायिक प्रक्रिया है, जिसे गुण-दोष के आधार पर सक्षम न्यायालय द्वारा तय किया जाना ही न्यायसंगत है। ऑनलाइन व्यवस्था ने इस न्यायिक संतुलन को बिगाड़कर भ्रष्टाचार के नए रास्ते खोल दिए हैं।

एसोसिएशन ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि किसानों व अधिवक्ताओं के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए बैनामा नामांतरण और दाखिल-खारिज की ऑनलाइन व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। संगठन ने पूर्व की भांति ऑफलाइन न्यायिक प्रक्रिया को पुनः लागू करने के लिए शासनादेश पारित कराने का अनुरोध किया है। इस अवसर पर एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारी और कई अधिवक्ता मौजूद रहे।