श्रीराम कथा के प्रचार-प्रसार के लिए जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति ने प्रचार गाड़ी को किया रवाना
जौनपुर। आगामी 20 से 29 अक्टूबर 2026 तक जौनपुर में आयोजित होने वाली श्रीराम कथा के प्रचार-प्रसार के लिए आज माँ जयंती टूर एवं ट्रेवल्स, सुंदरनगर, जौनपुर से प्रचार गाड़ी का शुभारम्भ किया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति ने हरी झंडी दिखाकर प्रचार गाड़ी को रवाना किया।
सेवा भारती समिति के मार्गदर्शन एवं ज्ञानप्रकाश सिंह के द्वारा मुख्य रूप से आयोजित होने वाली इस श्रीराम कथा का उद्देश्य भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा एवं उनके जीवन मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाना है। प्रचार गाड़ी के माध्यम से नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में श्रीराम कथा का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, जिससे अधिकाधिक श्रद्धालु इस धार्मिक आयोजन से जुड़े और भगवान राम के आदर्शो का अपने जीवन मे आत्मसात करें।
बताते चले की भाजपा के वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञानप्रकाश सिंह का इस धार्मिक आयोजन का मुख्य उद्देश्य यह है की जनपद वासियों के जीवन मे खुशहाली आये और लोगो मे भाईचारा बढे, जिससे लोग आगे बढ़ सके और आनंद की अनुभूति कर सके।
इस अवसर पर भाजपा महामंत्री पियूष गुप्ता, कुंवर प्रदीप सिंह ‘रिंकू’, मधुकर तिवारी, रमेश सिंह "रामा", सुनील यादव, बबलू दूबे, नरेंद्र विश्वकर्मा, मयंक नारायण, नीरज श्रीवास्तव, शैलेंद्र सोनकर, आनंद सिंह, आशीष द्विवेदी, गीता दूबे, रजनी साहू, किरन सिंह, अंजू सिंह सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।![]()

जौनपुर। आगामी 20 से 29 अक्टूबर 2026 तक जौनपुर में आयोजित होने वाली श्रीराम कथा के प्रचार-प्रसार के लिए आज माँ जयंती टूर एवं ट्रेवल्स, सुंदरनगर, जौनपुर से प्रचार गाड़ी का शुभारम्भ किया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति ने हरी झंडी दिखाकर प्रचार गाड़ी को रवाना किया।

मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ)। शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन रविवार को नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विभिन्न दुर्गा मंदिरों में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कलश स्थापित किया। घरों में भी लोगों ने व्रत रखकर माता दुर्गा के प्रथम स्वरूप माता शैलपुत्री की आराधना की।
गोंडा।आम आदमी पार्टी, जिलाध्यक्ष अजय कुमार मिश्र उर्फ़ अज्जू पण्डित ने आरोप लगाया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने उन्हें और उनके साथियों को गोंडा स्थित जिला कार्यालय पर रोक रखा है।उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से पहले ही दिल्ली जाने और जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की सूचना सार्वजनिक की गई थी। यह प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध तथा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के विरोध में प्रस्तावित था। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी श्री संजय सिंह जी के आह्वान पर लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए यह कदम उठाया जा रहा था।जिलाध्यक्ष अजय कुमार मिश्र उर्फ़ अज्जू पण्डित ने कहा कि SIR की प्रक्रिया को लेकर विभिन्न राज्यों में मतदाताओं के नाम काटे जाने, पात्र मतदाताओं के मताधिकार प्रभावित होने तथा चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आम आदमी पार्टी इन मुद्दों पर जवाबदेही की मांग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस प्रकार मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर आशंकाएँ सामने आ रही हैं, उनसे आम जनमानस में अपने मताधिकार को लेकर चिंता पैदा हुई है। इन मुद्दों पर निष्पक्ष जाँच और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।उन्होंने बताया कि दिल्ली रवाना होने के लिए उनकी तैयारी पूरी थी और सामान की पैकिंग भी हो चुकी थी। उनके साथ जिला मीडिया प्रभारी मनोज कुमार गुप्ता, करनैलगंज विधानसभा क्षेत्र के निवासी एवं जिला उपाध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह उर्फ़ राजू जी तथा जिला उपाध्यक्ष साधू शरण वर्मा जी सहित अन्य साथी अपने निजी साधन से दिल्ली जाने वाले थे।अजय कुमार मिश्र ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर साझा की गई सूचना को संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधिकारी सुबह लगभग सात बजे उनके आवास पर पहुँचे। उस समय वह घर से निकल चुके थे। बाद में परिजनों से इसकी जानकारी मिलने पर उन्हें पता चला कि पुलिस उनकी तलाश में आई थी। उन्होंने बताया कि उस समय वह आम आदमी पार्टी के जिला कार्यालय पर मौजूद थे और पुलिस वहाँ भी पहुँच गई। उनके अनुसार, सुबह लगभग साढ़े सात बजे से उन्हें और उनके साथियों को जिला कार्यालय से बाहर निकलकर दिल्ली जाने से रोका जा रहा है। जिलाध्यक्ष ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कोई राजनीतिक दल शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने और जनहित के मुद्दों को उठाने के लिए दिल्ली जाना चाहता है, तो उसे रोकने का क्या औचित्य है? क्या सरकार और प्रशासन आलोचना तथा विरोध की आवाज से इतना असहज हैं कि नागरिकों को अपनी बात रखने के लिए भी स्वतंत्र नहीं छोड़ा जा रहा है?उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र की बुनियाद हैं। किसी भी राजनीतिक दल या नागरिक की आवाज को दबाने के बजाय उसके सवालों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने का आरोप लगाते हुए इस कार्रवाई पर सवाल उठाए।
*मंदिरों में पुलिस व पीएसी तैनात
Oct 11 2026, 19:16
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