गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 7.0 की तैयारियों पर मंथन, तीन लाख लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य
21 से 24 नवंबर तक चलेगा अभियान, भारत-नेपाल सीमा से सटे सात जिलों के 300 गांवों में पहुंचेंगी चिकित्सा टीमें
बलरामपुर। नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन, अवध प्रांत की ओर से आयोजित गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 7.0 की तैयारियों को लेकर रविवार को बलरामपुर स्थित निदान हॉस्पिटल में समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में यात्रा के सफल संचालन, सीमावर्ती एवं दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने तथा चिकित्सा शिविरों के आयोजन की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इस वर्ष यात्रा के माध्यम से करीब तीन लाख लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बैठक में श्री गुरु गोरखनाथ सेवा न्यास एवं यात्रा के अध्यक्ष प्रो. एमएलबी भट्ट, निदेशक कल्याण सिंह कैंसर संस्थान, न्यासी डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह 'धीरू', राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक सौम्य अग्रवाल, विभाग प्रचारक प्रवीण, जिला प्रचारक जितेंद्र, सीमा जागरण मंच के उपाध्यक्ष प्रो. जेपी पांडेय, जिला संयोजक राम कृपाल शुक्ला, सह संयोजक डॉ. शरद प्रताप सिंह, शैलेंद्र सिंह और राधेश्याम वर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
सात जिलों के 300 गांवों में पहुंचेंगी चिकित्सा टीमें
बैठक में प्रो. एमएलबी भट्ट ने बताया कि गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा का आयोजन आगामी 21, 22, 23 और 24 नवंबर 2026 को किया जाएगा। अभियान के तहत उत्तर प्रदेश के भारत-नेपाल सीमा से सटे सात जिलों के करीब 300 गांवों को शामिल किया गया है। इनमें पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि अभियान में देशभर के लगभग 1,500 चिकित्सकों और 150 चिकित्सा संस्थानों की सहभागिता प्रस्तावित है। चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को चिकित्सा परामर्श, आवश्यक दवाएं और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
थारू बहुल और दुर्गम क्षेत्रों पर रहेगा विशेष जोर, 70 गावों में लगेगा निशुल्क कैंप
यात्रा के जिला संयोजक राम कृपाल शुक्ला ने बताया कि गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा भारत-नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जाने वाला सेवा अभियान है। इसके माध्यम से दूरस्थ और दुर्गम गांवों में रहने वाले लोगों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाता है। इस बार भी थारू बहुल गांवों सहित ऐसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की योजना है, जहां स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचना लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने बताया कि चार विकास खंडों के 70 गावों में निःशुल्क स्वास्थ्य कैंप लगाया जाएगा जिसमें थारू जनजाति के लोगों का इलाज किया जायेगा साथ दवा का भी वितरण किया जायेगा।
बैठक में सातों जिलों के चयनित गांवों में स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन, यात्रा के प्रस्तावित मार्ग, चिकित्सा टीमों की तैनाती और स्थानीय जरूरतों के अनुसार संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विचार-विमर्श किया गया। मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने और आवश्यक दवाओं के वितरण के लिए समुचित व्यवस्था तैयार करने पर जोर दिया गया।
दवा वितरण की व्यवस्थाओं की समीक्षा
यात्रा के सफल संचालन के लिए आवास एवं प्रवास, परिवहन, दवा आपूर्ति और वितरण, प्रचार-प्रसार तथा मुख्य व्यवस्था टोली की जिम्मेदारियों पर भी चर्चा हुई। विभिन्न कार्य टोलियों के बीच समन्वय स्थापित कर निर्धारित समयसीमा में तैयारियां पूरी करने पर सहमति बनी। इसके साथ ही देशभर से आने वाले चिकित्सकों और चिकित्सा संस्थानों की सेवाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने की रणनीति पर भी विचार किया गया। बलरामपुर में आयोजित होने वाले मेगा स्वास्थ्य शिविर की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। शिविर में चिकित्सकों की सहभागिता, मरीजों के पंजीकरण, चिकित्सकीय परामर्श, दवा वितरण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर रूपरेखा तैयार करने पर जोर दिया गया।
आयोजकों ने कहा कि गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा केवल चिकित्सा शिविरों के आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाने और समाज में सेवा एवं सहयोग की भावना को मजबूत करने का प्रयास है। बैठक में सभी संबंधित कार्यकर्ताओं, चिकित्सकों और चिकित्सा संस्थानों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए यात्रा के सातवें संस्करण को सफल बनाने का आह्वान किया गया।
बैठक के दौरान एन.एम.ओ.के नवनिर्वाचित बलरामपुर जिले के जिला अध्यक्ष निदान हॉस्पिटल संचालक डॉ शरद प्रताप सिंह, मेगा कैंप संयोजक डॉ धीरेन्द्र प्रताप सिंह धीरू, सह संयोजक नीलमणि शुक्ला, सह संयोजक मनीष गुप्ता, डीपी सिंह, संजय शुक्ला, भानु प्रकाश, शुभेंद्र मिश्रा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
Oct 11 2026, 19:14
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