गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 7.0 की तैयारियों पर मंथन, तीन लाख लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य
21 से 24 नवंबर तक चलेगा अभियान, भारत-नेपाल सीमा से सटे सात जिलों के 300 गांवों में पहुंचेंगी चिकित्सा टीमें

बलरामपुर। नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन, अवध प्रांत की ओर से आयोजित गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा 7.0 की तैयारियों को लेकर रविवार को बलरामपुर स्थित निदान हॉस्पिटल में समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में यात्रा के सफल संचालन, सीमावर्ती एवं दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने तथा चिकित्सा शिविरों के आयोजन की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इस वर्ष यात्रा के माध्यम से करीब तीन लाख लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

बैठक में श्री गुरु गोरखनाथ सेवा न्यास एवं यात्रा के अध्यक्ष प्रो. एमएलबी भट्ट, निदेशक कल्याण सिंह कैंसर संस्थान, न्यासी डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह 'धीरू', राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक सौम्य अग्रवाल, विभाग प्रचारक प्रवीण, जिला प्रचारक जितेंद्र, सीमा जागरण मंच के उपाध्यक्ष प्रो. जेपी पांडेय, जिला संयोजक राम कृपाल शुक्ला, सह संयोजक डॉ. शरद प्रताप सिंह, शैलेंद्र सिंह और राधेश्याम वर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

सात जिलों के 300 गांवों में पहुंचेंगी चिकित्सा टीमें

बैठक में प्रो. एमएलबी भट्ट ने बताया कि गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा का आयोजन आगामी 21, 22, 23 और 24 नवंबर 2026 को किया जाएगा। अभियान के तहत उत्तर प्रदेश के भारत-नेपाल सीमा से सटे सात जिलों के करीब 300 गांवों को शामिल किया गया है। इनमें पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि अभियान में देशभर के लगभग 1,500 चिकित्सकों और 150 चिकित्सा संस्थानों की सहभागिता प्रस्तावित है। चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को चिकित्सा परामर्श, आवश्यक दवाएं और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

थारू बहुल और दुर्गम क्षेत्रों पर रहेगा विशेष जोर, 70 गावों में लगेगा निशुल्क कैंप

यात्रा के जिला संयोजक राम कृपाल शुक्ला ने बताया कि गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा भारत-नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जाने वाला सेवा अभियान है। इसके माध्यम से दूरस्थ और दुर्गम गांवों में रहने वाले लोगों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाता है। इस बार भी थारू बहुल गांवों सहित ऐसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की योजना है, जहां स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचना लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने बताया कि चार विकास खंडों के 70 गावों में निःशुल्क स्वास्थ्य कैंप लगाया जाएगा जिसमें थारू जनजाति के लोगों का इलाज किया जायेगा साथ दवा का भी वितरण किया जायेगा।

बैठक में सातों जिलों के चयनित गांवों में स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन, यात्रा के प्रस्तावित मार्ग, चिकित्सा टीमों की तैनाती और स्थानीय जरूरतों के अनुसार संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विचार-विमर्श किया गया। मरीजों को बेहतर चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने और आवश्यक दवाओं के वितरण के लिए समुचित व्यवस्था तैयार करने पर जोर दिया गया।

दवा वितरण की व्यवस्थाओं की समीक्षा

यात्रा के सफल संचालन के लिए आवास एवं प्रवास, परिवहन, दवा आपूर्ति और वितरण, प्रचार-प्रसार तथा मुख्य व्यवस्था टोली की जिम्मेदारियों पर भी चर्चा हुई। विभिन्न कार्य टोलियों के बीच समन्वय स्थापित कर निर्धारित समयसीमा में तैयारियां पूरी करने पर सहमति बनी। इसके साथ ही देशभर से आने वाले चिकित्सकों और चिकित्सा संस्थानों की सेवाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने की रणनीति पर भी विचार किया गया। बलरामपुर  में आयोजित होने वाले मेगा स्वास्थ्य शिविर की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। शिविर में चिकित्सकों की सहभागिता, मरीजों के पंजीकरण, चिकित्सकीय परामर्श, दवा वितरण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर रूपरेखा तैयार करने पर जोर दिया गया।

आयोजकों ने कहा कि गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा केवल चिकित्सा शिविरों के आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाने और समाज में सेवा एवं सहयोग की भावना को मजबूत करने का प्रयास है। बैठक में सभी संबंधित कार्यकर्ताओं, चिकित्सकों और चिकित्सा संस्थानों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए यात्रा के सातवें संस्करण को सफल बनाने का आह्वान किया गया।

बैठक के दौरान एन.एम.ओ.के नवनिर्वाचित बलरामपुर जिले के जिला अध्यक्ष निदान हॉस्पिटल संचालक डॉ शरद प्रताप सिंह, मेगा कैंप संयोजक डॉ धीरेन्द्र प्रताप सिंह धीरू, सह संयोजक नीलमणि शुक्ला, सह संयोजक मनीष गुप्ता, डीपी सिंह, संजय शुक्ला, भानु प्रकाश, शुभेंद्र मिश्रा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
बोर्ड परीक्षा : ऑनलाइन हाजिरी से तय होगा केंद्र बनने का मानक


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण में विद्यार्थियों की शैक्षणिक मेधा और ऑनलाइन उपस्थिति महत्वपूर्ण होगी। वर्ष 2025 तक स्कूल भवन, कमरों की संख्या और बुनियादी सुविधाओं को आधार माना जाता था। परिषद ने इन मानकों के साथ कुछ नए बिंदु भी जोड़ दिया है। इसमें ऑनलाइन हाजिरी को भी शामिल कर लिया गया है। डीआईओएस कार्यालय ने विद्यालयों में भौतिक संसाधनों और सुविधाओं का सत्यापन कर रिपोर्ट परिषद को भेज दी है। अब 22 अक्तूबर तक केंद्र निर्धारण की सूची जारी हो सकती है।



जिले में तीन राजकीय इंटर काॅलेज, 38 राजकीय हाईस्कूल और 25 वित्तपोषित समेत 194 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। परीक्षा की तिथि अभी तय नहीं है, लेकिन केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में है। इसके लिए जिला केंद्र निर्धारण समिति ने विद्यालयों का भौतिक सत्यापन किया था।

परिषद के नए निर्देशों के मुताबिक विद्यालयों की रैंकिंग और रेटिंग तय करने में बायोमेट्रिक या ऑनलाइन माध्यम से दर्ज दैनिक उपस्थिति अहम आधार होगी। जिन स्कूलों में लगातार 180 दिनों तक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज हुई होगी, उन्हें परीक्षा केंद्रों की सूची में प्राथमिकता दी जाएगी। विद्यार्थियों के प्रदर्शन और परीक्षा में मिले अंकों को भी स्कूल की रेटिंग में शामिल किया जाएगा।



डीआईओएस अंशुमान ने बताया कि सभी विद्यालयों की सत्यापन रिपोर्ट परिषद को भेज दी गई है। 22 अक्तूबर तक केंद्रों की सूची जारी हो सकती है। इसके बाद विद्यालयों से आपत्तियां ली जाएंगी। आपत्तियों का निस्तारण कर सूची 27 से 28 अक्टूबर तक वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।
कर्मचारी महासंघ की कार्यकारिणी का विस्तार, चार पदाधिकारियों को मिली अहम जिम्मेदारियां
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के राकेश चंद्र वरिष्ठ उपाध्यक्ष अभिषेक वाजपेयी, मनीष मिश्रा और शिव कुमार को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई है। शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ, जनपद के तत्वावधान में सातनपुर मंडी रोड, स्थित कैंप कार्यालय में कार्यकारिणी विस्तार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राकेश कुमार सारस्वत ने की।
इस दौरान संगठन को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कार्यकारिणी का विस्तार किया गया। साथ ही राकेश चंद्र को महासंघ का वरिष्ठ उपाध्यक्ष और अभिषेक वाजपेयी को उपाध्यक्ष पद पर मनोनीत किया गया।

इस दौरान उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ के मनीष मिश्रा एवं  शिव कुमार को भी उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। साथ ही, आशा व्यक्त की कि सभी पदाधिकारी कर्मचारी हितों की रक्षा, संगठन की मजबूती और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से कार्य करेंगे।

इस मौके पर उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष प्रमोद दीक्षित, मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेन्द्र राजपूत, महासंघ के कोषाध्यक्ष  विजय शंकर तिवारी, अशोक कुमार, मोहनीश सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन संगठन की एकता, मजबूती और कर्मचारी हितों के प्रति समर्पण के संकल्प के साथ हुआ।
शहरी क्षेत्रों में टीकाकरण अभियान को मिली गति, 17 जीरो डोज बच्चों तक पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
नियमित टीकाकरण से जोड़ने की पहल सफल

*सीएमओ के निर्देशन में सामुदायिक सहभागिता और जनसंपर्क के जरिए छूटे हुए बच्चों को टीकाकरण से जोड़ने पर जोर

फर्रुखाबाद। जनपद में नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों को सुरक्षा कवच प्रदान करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहरी क्षेत्रों में विशेष टीकाकरण अभियान चलाया गया। 10 अक्टूबर को आयोजित संयुक्त फील्ड विजिट एवं विशेष टीकाकरण सत्र के दौरान समन्वित प्रयासों से 17 जीरो डोज एवं टीकाकरण से वंचित बच्चों को टीकाकरण सेवाओं से जोड़ने में सफलता मिली। इस पहल से शहरी क्षेत्रों में नियमित टीकाकरण का दायरा बढ़ाने और बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देश पर आयोजित हुआ । इस अभियान में डा सर्वेश  यादव अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ आर  सी माथुर   उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डीसी हिना खान, आईओ अक्षय, बीआरटी, गावी-सीएसओ टीम तथा स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों ने संयुक्त रूप से सहभागिता की। टीम ने क्षेत्र में भ्रमण कर टीकाकरण से छूटे बच्चों की पहचान, परिवारों से संपर्क और उन्हें टीकाकरण के प्रति जागरूक करने पर विशेष ध्यान दिया।

अभियान की सफलता में बीसी अरफात, हसीन, संजीव और कविता की सक्रिय भूमिका रही। स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों के सहयोग से परिवारों तक पहुंच बनाई गई और उन्हें बच्चों के नियमित टीकाकरण के महत्व के बारे में समझाया गया। सामुदायिक स्तर पर किए गए इन प्रयासों से 17 जीरो डोज एवं टीकाकरण से वंचित बच्चों को टीकाकरण सेवाओं से जोड़ना संभव हुआ।

स्वास्थ्य विभाग का जोर केवल टीकाकरण सत्र आयोजित करने तक सीमित न रहकर ऐसे बच्चों और परिवारों तक पहुंच बनाने पर है, जो किसी कारणवश नियमित टीकाकरण से छूट जाते हैं। इसके लिए क्षेत्रीय टीमों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और समुदाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर टीकाकरण सेवाओं की पहुंच बढ़ाई जा रही है।

इस संयुक्त अभियान से शहरी क्षेत्रों में समुदाय की भागीदारी मजबूत हुई है और जीरो डोज बच्चों की संख्या कम करने के प्रयासों को गति मिली है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे बच्चों को चिह्नित कर नियमित टीकाकरण से जोड़ने तथा उनके टीकाकरण की निरंतरता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि कोई भी बच्चा आवश्यक टीकों से वंचित न रहे।
आगामी त्योहारों के दृष्टिगत रिजर्व पुलिस लाइन गोण्डा में बलवा ड्रिल का आयोजन कर पुलिस बल को कराया गया अभ्यास
*गोण्डा।* आजआगामी त्योहारों के दृष्टिगत रिजर्व पुलिस लाइन गोण्डा में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री अजीत कुमार रजक की उपस्थिति में बलवा ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस बल को त्योहारों के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ नियंत्रण तथा किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए विभिन्न अभ्यास कराए गए। बलवा ड्रिल के दौरान पुलिस बल को दंगा नियंत्रण उपकरणों के प्रयोग, भीड़ को नियंत्रित करने, उपद्रव की स्थिति में प्रभावी कार्रवाई करने तथा परिस्थितियों के अनुसार संयमित एवं सतर्क रहकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने का अभ्यास कराया गया। साथ ही, किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में पुलिस बल द्वारा त्वरित प्रतिक्रिया देने, आपसी समन्वय स्थापित करने तथा आवश्यकतानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के संबंध में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। ड्रिल का उद्देश्य आगामी त्योहारों के दौरान उत्पन्न होने वाली संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस बल को शारीरिक एवं मानसिक रूप से तैयार रखना, दंगा नियंत्रण संबंधी कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाना तथा जनपद में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है। गोण्डा पुलिस द्वारा आगामी त्योहारों को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। गोण्डा पुलिस आमजन से अपील करती है कि त्योहारों को आपसी भाईचारे एवं सौहार्द के साथ मनाएं तथा शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।
बिजली विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर पर धमकी देने और ₹93 हजार मांगने का आरोप
उपभोक्ता प्रेमचन्द राजभर ने उच्चाधिकारियों से की निष्पक्ष जांच और सही बिल बनाने की मांग

नगरा, बलिया। नगरा विद्युत उपखंड से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां ग्राम पड़री निवासी उपभोक्ता प्रेमचन्द राजभर ने बिजली विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर अजितेश यादव पर धमकी देने तथा ₹93,000 की मांग किए जाने का आरोप लगाया है। उपभोक्ता के अनुसार, उन्हें बार-बार कोर्ट के चक्कर लगवाने और बर्बाद करने की धमकी दी जाती है। इससे वह परेशान हैं और उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले में कार्रवाई की मांग की है।

प्रेमचन्द राजभर का आरोप है कि बिजली बिल को लेकर शिकायत करने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि बिजली बिल वास्तविक मीटर रीडिंग और नियमानुसार खपत के आधार पर बनाया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि मीटर की वर्तमान रीडिंग, पूर्व के बिलों तथा विभागीय रिकॉर्ड का मिलान कराकर बिल की जांच की जाए और त्रुटि मिलने पर संशोधित बिल जारी किया जाए।

उपभोक्ता ने मामले में संबंधित एसडीओ की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि शिकायतकर्ता को डराने-धमकाने के बजाय उसकी समस्या का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों से कथित ₹93,000 की मांग का आधार स्पष्ट कराने, धमकी के आरोपों की जांच कराने और दोष सिद्ध होने पर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

उपभोक्ता का कहना है कि उन्हें न्याय मिलने के साथ-साथ वास्तविक मीटर रीडिंग के आधार पर सही बिजली बिल भी मिलना चाहिए। अब देखना है कि विभाग के उच्चाधिकारी मामले को संज्ञान में लेकर क्या कार्रवाई करते हैं
समाजवादी पार्टी कार्यालय पर मनाई गई लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती
संजीव सिंह बलिया। आजादी की लड़ाई के महायोद्धा, सम्पूर्ण क्रांति के अग्रदूत एवं महान समाजवादी चिंतक लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की जयंती समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय, बलिया पर श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित समाजवादी पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार मौर्य ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी का संपूर्ण जीवन देश की आजादी, लोकतंत्र की रक्षा, सामाजिक न्याय और जन अधिकारों के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि जयप्रकाश नारायण जी ने अपने संघर्षों और विचारों से देश की राजनीति को नई दिशा दी। सम्पूर्ण क्रांति का उनका आह्वान अन्याय, भ्रष्टाचार और व्यवस्था परिवर्तन के विरुद्ध जनशक्ति को संगठित करने का ऐतिहासिक प्रयास था। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और नौजवानों को लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा तथा समाज में समानता स्थापित करने की प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने कहा कि बलिया की धरती ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण जैसे महान क्रांतिकारी को जन्म देकर देश को गौरवान्वित किया है। उनके बताए रास्ते पर चलना और समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय एवं अधिकार पहुंचाने के लिए संघर्ष करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

वक्ताओं ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी का संपूर्ण जीवन लोकतंत्र, सामाजिक न्याय, जन अधिकारों और शोषणमुक्त समाज की स्थापना के संघर्ष को समर्पित रहा। उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और स्वतंत्रता के बाद भी अन्याय, भ्रष्टाचार तथा तानाशाही प्रवृत्तियों के खिलाफ जनआंदोलनों का नेतृत्व किया। उनकी सम्पूर्ण क्रांति की विचारधारा आज भी देश के युवाओं और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है।
मऊ तमसा नदी में युवक ने लगाई छलांग, तलाश में जुटी पुलिस और एनडीआरएफ की टीम
मुहम्मदाबाद गोहना (मऊ)। कोतवाली क्षेत्र के पट्टी गांव निवासी 18 वर्षीय आकाश गोंड ने रविवार दोपहर पारिवारिक विवाद के बाद तमसा नदी के पुल से छलांग लगा दी।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से युवक की तलाश शुरू कराई। काफी प्रयास के बाद भी जब युवक का पता नहीं चला तो एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया।

समाचार लिखे जाने तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका था।

जानकारी के अनुसार, आकाश रविवार दोपहर करीब दो बजे साइकिल से तमसा नदी के पुल पर पहुंचा था।

बताया जा रहा है कि पारिवारिक विवाद के बाद उसने अचानक नदी में छलांग लगा दी। पुल से गुजर रहे लोगों ने युवक को नदी में कूदते देखा तो शोर मचाया और तत्काल पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही वलीदपुर चौकी प्रभारी नूरआलम मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद से नाव के सहारे नदी में युवक की तलाश शुरू कराई। काफी मशक्कत के बावजूद युवक का पता नहीं चलने पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कमलकांत वर्मा पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।

इसके बाद एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। टीम ने नदी में उतरकर युवक की तलाश शुरू की। देर तक चले तलाशी अभियान के बावजूद आकाश का कोई सुराग नहीं मिल सका। घटना के बाद से परिजन चिंतित हैं और युवक के सकुशल मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हसीबखान हाउस अरेस्ट किए गए
 
     
बलरामपुर 11 अक्टूबर पूरे देश में इस समय मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सीजेपी समेत कांग्रेस पार्टी और समाजवादी पार्टी भी इस्तीफे की मांग को लेकर धरना और प्रदर्शन लगातार कर रही हैं। जिसका अच्छा खासा फर्क दिल्ली के जंतर मंतर पर पड़ता दिखाई पड़ रहा है। और काफी बड़ा आंदोलन दिल्ली के जंतर मंतर पर देखा जा भी जा रहा है। इसी क्रम में कांग्रेस पार्टी के सांसद और विपक्ष के सबसे ताकतवर माने जाने वाले नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ एक प्रदर्शन की तारीख 12 अक्टूबर को तय की है। जिससे पूरे देश में काफी हलचल मानी जा रही है। कांग्रेस पार्टी के राहुल गांधी के आह्वान पर होने वाले 12 तारीख के आंदोलन को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी काफी संघर्षशील नजर आ रही है। कांग्रेस पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्वी जोन प्रभारी हसीब खान काफी बड़ी संख्या में अपने समर्थकों और कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारी के साथ हजारों की संख्या में दिल्ली कूच करने वाले ही थे की पुलिस ने हसीब खान को उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया। इसके बाद काफी राजनीतिक सरगर्मियां पूरे प्रदेश में देखी गई। जिसके बाद बताया जा रहा है कि कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्वी जोन प्रभारी हसीब खान और पुलिस अधिकारियों से काफी तीखी बहस हुई। पुलिस ने बताया जा रहा है कि हसीब खान के आवास पर उन्हें दिल्ली जाने से रोकने के लिए, हसीब खान के आवास पर पुलिस का पहरा भी लगा दिया गया है। हालांकि हसीब खान ने बताया कि किसी भी कीमत पर राहुल गांधी के आह्वान पर हम हमारे हजारों समर्थक और हमारे कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी दिल्ली पहुंचेंगे। इस तरह प्रशासन के रवैया से काफी नाराज दिखाई पड़े कांग्रेस उपाध्यक्ष और पूर्वी जोन प्रभारी हसीब खान। कहां की राहुल गांधी के आह्वान पर पार्टी के लिए जितनी भी संघर्ष करनी पड़े हम सब कांग्रेसी संघर्ष के लिए तैयार है। चाहे जो भी किमत चुकानी हो हम कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी कार्यकर्ता और सम्मानित जनता सब तैयार है। अब देखने वाली बात यह है। कि 12 तारीख को होने वाले कांग्रेस पार्टी के प्रदर्शन में जंतर मंतर पर क्या कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंच पाएंगे यह तो आने वाला वक्त बताएगा।
मिशन शक्ति के पहले दिन 67,951 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
- 55,574 बालिकाओं और 12,377 बालकों को महिला सुरक्षा, बाल अधिकारों और हेल्पलाइन की दी गई जानकारी
लखनऊ, 11 अक्टूबर 2026। मिशन शक्ति अभियान के छठे चरण के तहत रविवार को प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के पहले दिन कुल 67,951 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। इनमें 55,574 बालिकाएं और 12,377 बालक शामिल रहे। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण, अधिकारों और आपातकालीन सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक किया गया।
विद्यालयों में पोस्टर एवं चार्ट निर्माण, जागरूकता रैली, संवाद और नाट्य प्रस्तुतियों के जरिए महिला सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन का संदेश दिया गया। कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों में सुरक्षा के प्रति सजगता बढ़ाने के साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना और जरूरत पड़ने पर सहायता लेने के लिए प्रेरित करना रहा।
- हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी
अभियान के दौरान छात्र-छात्राओं को महिला सुरक्षा और बाल संरक्षण से जुड़ी प्रमुख हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी गई। इनमें वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस आपातकालीन सेवा 112 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 शामिल हैं। विद्यार्थियों को बताया गया कि उत्पीड़न, परेशानी या आपात स्थिति में इन सेवाओं का उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है। हेल्पलाइन नंबरों पर आधारित पोस्टर और चार्ट बनाकर बच्चों को उनके महत्व से भी परिचित कराया गया।
- जागरूकता से मजबूत होगा सुरक्षित समाज : संदीप सिंह
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य छात्राओं और महिलाओं को उनके अधिकारों तथा सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना है। विद्यालयों में हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर बच्चों को यह समझाया जा रहा है कि किसी भी परेशानी या आपात स्थिति में सहायता कैसे प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जागरूकता और आत्मविश्वास के माध्यम से ही सुरक्षित समाज के निर्माण की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाए जा सकते हैं।
- विद्यालयों में गतिविधियों की नियमित निगरानी के निर्देश
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान के तहत प्रत्येक विद्यालय में निर्धारित गतिविधियों का प्रभावी संचालन और विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। पोस्टर, रैली, संवाद और अन्य रचनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से बालिकाओं में सुरक्षा, आत्मसम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूकता विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यक्रमों की नियमित निगरानी करने और निर्धारित माध्यम से गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
- नाट्य प्रस्तुतियों और रैलियों से दिया नारी सम्मान का संदेश
प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में मिशन शक्ति के संदेश को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया। कई विद्यालयों में छात्राओं ने मां दुर्गा का रूप धारण कर नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से सामाजिक बुराइयों के अंत और नारी सम्मान का संदेश दिया। वहीं, विद्यार्थियों ने पोस्टर और बैनर के साथ जागरूकता रैलियां निकालकर महिला सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया। कक्षाओं में आयोजित संवाद और गतिविधियों के माध्यम से बालिकाओं को अपने अधिकारों, सुरक्षा और आत्मविश्वास के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया।
कुछ विद्यालयों में महिला पुलिसकर्मियों ने भी कार्यक्रमों में सहभागिता की। छात्राओं के साथ संवाद कर उन्हें सुरक्षा संबंधी उपायों, सहायता प्राप्त करने के तरीकों और अपनी समस्याओं के बारे में खुलकर आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि असुरक्षित परिस्थिति में चुप रहने के बजाय किसी भरोसेमंद व्यक्ति या संबंधित सहायता तंत्र से संपर्क करना जरूरी है।
- 12 अक्टूबर को बालिका अधिकारों पर होंगे कार्यक्रम
मिशन शक्ति अभियान का छठा चरण 11 से 19 अक्टूबर तक संचालित किया जा रहा है। इसके तहत 12 अक्टूबर को परिषदीय विद्यालयों और केजीबीवी में बालिकाओं के अधिकारों पर केंद्रित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें बाल अधिकारों की जानकारी, सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श की पहचान, शिकायत निवारण व्यवस्था तथा विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम शामिल होंगे।
अभियान के प्रभावी संचालन के लिए जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को गतिविधियों की निगरानी करने, विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने और निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान के माध्यम से बच्चों में सुरक्षा, आत्मसम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूकता विकसित करने के साथ विद्यालयों में सुरक्षित एवं संवेदनशील वातावरण तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।