मिशन शक्ति के पहले दिन 67,951 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
- 55,574 बालिकाओं और 12,377 बालकों को महिला सुरक्षा, बाल अधिकारों और हेल्पलाइन की दी गई जानकारी
लखनऊ, 11 अक्टूबर 2026। मिशन शक्ति अभियान के छठे चरण के तहत रविवार को प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के पहले दिन कुल 67,951 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। इनमें 55,574 बालिकाएं और 12,377 बालक शामिल रहे। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को महिला सुरक्षा, बाल संरक्षण, अधिकारों और आपातकालीन सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक किया गया।
विद्यालयों में पोस्टर एवं चार्ट निर्माण, जागरूकता रैली, संवाद और नाट्य प्रस्तुतियों के जरिए महिला सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन का संदेश दिया गया। कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों में सुरक्षा के प्रति सजगता बढ़ाने के साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना और जरूरत पड़ने पर सहायता लेने के लिए प्रेरित करना रहा।
- हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी
अभियान के दौरान छात्र-छात्राओं को महिला सुरक्षा और बाल संरक्षण से जुड़ी प्रमुख हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी गई। इनमें वुमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस आपातकालीन सेवा 112 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 शामिल हैं। विद्यार्थियों को बताया गया कि उत्पीड़न, परेशानी या आपात स्थिति में इन सेवाओं का उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है। हेल्पलाइन नंबरों पर आधारित पोस्टर और चार्ट बनाकर बच्चों को उनके महत्व से भी परिचित कराया गया।
- जागरूकता से मजबूत होगा सुरक्षित समाज : संदीप सिंह
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य छात्राओं और महिलाओं को उनके अधिकारों तथा सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना है। विद्यालयों में हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर बच्चों को यह समझाया जा रहा है कि किसी भी परेशानी या आपात स्थिति में सहायता कैसे प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जागरूकता और आत्मविश्वास के माध्यम से ही सुरक्षित समाज के निर्माण की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाए जा सकते हैं।
- विद्यालयों में गतिविधियों की नियमित निगरानी के निर्देश
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान के तहत प्रत्येक विद्यालय में निर्धारित गतिविधियों का प्रभावी संचालन और विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। पोस्टर, रैली, संवाद और अन्य रचनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से बालिकाओं में सुरक्षा, आत्मसम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूकता विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यक्रमों की नियमित निगरानी करने और निर्धारित माध्यम से गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
- नाट्य प्रस्तुतियों और रैलियों से दिया नारी सम्मान का संदेश
प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में मिशन शक्ति के संदेश को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया। कई विद्यालयों में छात्राओं ने मां दुर्गा का रूप धारण कर नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से सामाजिक बुराइयों के अंत और नारी सम्मान का संदेश दिया। वहीं, विद्यार्थियों ने पोस्टर और बैनर के साथ जागरूकता रैलियां निकालकर महिला सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक किया। कक्षाओं में आयोजित संवाद और गतिविधियों के माध्यम से बालिकाओं को अपने अधिकारों, सुरक्षा और आत्मविश्वास के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया।
कुछ विद्यालयों में महिला पुलिसकर्मियों ने भी कार्यक्रमों में सहभागिता की। छात्राओं के साथ संवाद कर उन्हें सुरक्षा संबंधी उपायों, सहायता प्राप्त करने के तरीकों और अपनी समस्याओं के बारे में खुलकर आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि असुरक्षित परिस्थिति में चुप रहने के बजाय किसी भरोसेमंद व्यक्ति या संबंधित सहायता तंत्र से संपर्क करना जरूरी है।
- 12 अक्टूबर को बालिका अधिकारों पर होंगे कार्यक्रम
मिशन शक्ति अभियान का छठा चरण 11 से 19 अक्टूबर तक संचालित किया जा रहा है। इसके तहत 12 अक्टूबर को परिषदीय विद्यालयों और केजीबीवी में बालिकाओं के अधिकारों पर केंद्रित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें बाल अधिकारों की जानकारी, सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श की पहचान, शिकायत निवारण व्यवस्था तथा विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम शामिल होंगे।
अभियान के प्रभावी संचालन के लिए जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को गतिविधियों की निगरानी करने, विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने और निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान के माध्यम से बच्चों में सुरक्षा, आत्मसम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूकता विकसित करने के साथ विद्यालयों में सुरक्षित एवं संवेदनशील वातावरण तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
Oct 11 2026, 18:39
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