विंध्याचल धाम: शारदीय नवरात्र का शुभारंभ, मां विंध्यवासिनी के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
मिर्ज़ापुर। शारदीय नवरात्र का शुभारंभ होते ही विख्यात देवी धाम विंध्याचल धाम में मां विंध्यवासिनी के दर्शन को लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े।
पौन फटने के बाद गंगा नदी में स्नान ध्यान करने के बाद मंगला आरती से ही भक्तों की कतार लगनी शुरू हो गई थी। 2526 पुलिसकर्मियों के कंधों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी; 222 सीसीटीवी कैमरों और चार ड्रोन से निगरानी हो रही है
मां विंध्यवासिनी धाम में रविवार को शारदीय नवरात्र का शुभारंभ हो गया। नवरात्र के प्रथम दिन मां विंध्यवासिनी के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री के दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भोर में मंगला आरती से ही भक्तों के मंदिर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालु कतारबद्ध होकर मां के दर्शन कर रहे हैं। नवरात्र के दौरान मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए प्रतिदिन 21 घंटे की व्यवस्था की गई है, जबकि चरण स्पर्श पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन कराने के लिए जिला प्रशासन ने मंदिर क्षेत्र में पांच प्रवेश द्वारों से दर्शन की व्यवस्था की है। गेट नंबर एक वीआईपी दर्शन, गेट नंबर दो न्यू वीआईपी मार्ग और गेट नंबर तीन झांकी दर्शन के लिए निर्धारित किया गया है। वहीं, गेट नंबर चार और पांच से गंगा घाट की ओर जाने की व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में जगह-जगह बैरिकेडिंग कर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि दर्शनार्थियों की आवाजाही व्यवस्थित बनी रहे।
*10 जोन और 21 सेक्टर में बंटा मेला क्षेत्र*
शारदीय नवरात्र मेले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। पूरे मेला क्षेत्र को 10 जोन और 21 सेक्टर में विभाजित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए कुल 2526 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही 363 ड्यूटी प्वाइंट बनाए गए हैं, जहां पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी संभालेंगे।
मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए 222 सीसीटीवी कैमरे और चार ड्रोन लगाए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए एटीएस के साथ क्यूआरटी, स्वाट, पीएसी, एसडीआरएफ और आरआरएफ की टीमें भी तैनात रहेंगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
*यातायात व्यवस्था के लिए 21 पार्किंग स्थल*
नवरात्र मेले में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 21 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए 170 जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के साथ ही मेला क्षेत्र में जाम की स्थिति से निपटने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।
*क्यूआर कोड मार्ग संकेतक से मिलेगी राह*
श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने और दर्शन के बाद वापस जाने में परेशानी न हो, इसके लिए मेला क्षेत्र में क्यूआर कोड आधारित मार्ग संकेतक लगाए गए हैं। इनके माध्यम से श्रद्धालुओं को निर्धारित मार्गों की जानकारी मिल सकेगी और वे रास्ता भटकने से बच सकेंगे। प्रशासन का प्रयास है कि मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
Oct 11 2026, 12:46
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
1- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
0.1k