फेसबुक के माध्यम से होने वाले साइबर फ्रॉड के प्रति गोण्डा पुलिस ने चलाया व्यापक जागरूकता अभियान, आमजन को किया जागरूक
*गोण्डा।* जनपद में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आमजनमानस को जागरूक करने के उद्देश्य से आज दिनांक 09.10.2026 को गोण्डा पुलिस की साइबर सेल टीम एवं जनपद के समस्त थानों द्वारा व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के अंतर्गत आज का प्रमुख विषय “Facebook प्लेटफॉर्म के माध्यम से होने वाले साइबर फ्रॉड से सावधान” रहा। इस दौरान आमजन को फेसबुक के माध्यम से होने वाली विभिन्न प्रकार की साइबर ठगी के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें परिचितों, रिश्तेदारों एवं अधिकारियों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर रुपये मांगना, फर्जी विज्ञापनों एवं ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर भुगतान लेकर सामान न भेजना, कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देकर फर्जी निवेश एवं ट्रेडिंग में रुपये लगवाना, मैसेंजर पर संदिग्ध लिंक भेजकर बैंकिंग जानकारी, ओटीपी एवं पासवर्ड चुराना, फर्जी लोन एवं नौकरी के नाम पर रजिस्ट्रेशन/प्रोसेसिंग फीस मांगना तथा फेसबुक अकाउंट हैक कर परिचितों से रुपये मांगना आदि प्रमुख हैं। गोण्डा पुलिस द्वारा आमजन से अपील की गई कि फेसबुक पर किसी परिचित के नाम से रुपये मांगने पर संबंधित व्यक्ति से फोन पर संपर्क कर सत्यापन अवश्य करें, अपने अकाउंट में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू रखें, मजबूत पासवर्ड का प्रयोग करें तथा किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड अथवा क्लिक न करें। अपना ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड, आधार, पैन एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। फेसबुक पर प्रदर्शित आकर्षक ऑफर, सस्ते सामान, नौकरी, लोन एवं निवेश संबंधी योजनाओं की सत्यता जांचे बिना विश्वास न करें और न ही भुगतान करें। किसी भी संदिग्ध अकाउंट को ब्लॉक एवं रिपोर्ट करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें तथा आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। गोण्डा पुलिस आमजनमानस से अपील करती है कि सोशल मीडिया का उपयोग सतर्कता एवं सावधानी के साथ करें तथा साइबर अपराधों से बचाव संबंधी जानकारी अपने परिवार एवं परिचितों के साथ साझा कर सभी को जागरूक बनाएं।
*गोण्डा पुलिस का साइबर सुरक्षा संदेश —*

“सोशल मीडिया पर दोस्ती हो या कारोबार, बिना सत्यापन न करें विश्वास और न करें भुगतान।”
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, पुलिसिया बदसुलूकी पर मनाया काला दिवस

*लोकतंत्र की विश्वसनीयता के लिए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी: डॉ. उमाशंकर पांडेय*

*इंडिया गठबंधन के नेताओं पर पुलिस की बर्बरता लोकतंत्र और संविधान पर हमला: अभिषेक सिंह राणा*

सुलतानपुर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर गुरुवार को जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दों, कथित वोट चोरी और इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ पुलिस की बदसलूकी के विरोध में जोरदार प्रदर्शन करते हुए काला दिवस मनाया। जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय से निकाला गया जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पहुंचा, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और लोकतंत्र एवं मताधिकार की रक्षा के लिए आवाज बुलंद की। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश प्रवक्ता उमाशंकर पांडे ने किया।

कांग्रेस कार्यकर्ता जिला कांग्रेस कार्यालय से लाल डिग्गी चौराहा, सुपर मार्केट, डाकखाना चौराहा, गंदानाला, जिला चिकित्सालय, बस स्टैंड, विकास भवन और तिकोनिया पार्क होते हुए कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पहुंचे। पूरे रास्ते कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा को लेकर नारे लगाए। इस मौके पर प्रदेश प्रवक्ता उमाशंकर पांडे ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। चुनाव लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है और यदि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता, मतदाता सूची तथा मताधिकार को लेकर सवाल उठते हैं तो उनका जवाब देना सरकार और चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। विपक्ष की आवाज को दबाने के बजाय उठाए जा रहे सवालों का संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ जिस तरह का पुलिसिया व्यवहार किया जा रहा है, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। कांग्रेस डरने या दबने वाली नहीं है और लोकतंत्र, संविधान तथा जनता के मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने केंद्र सरकार और चुनाव व्यवस्था पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस तरह से इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ पुलिस ने बर्बरतापूर्ण रवैया अपनाया है, वह सीधे तौर पर लोकतंत्र के खिलाफ है। आजाद भारत में पहली बार ऐसी तस्वीर देखने को मिल रही है, जहां लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठाने वाले लोगों के साथ पुलिसिया बर्बरता की जा रही है।उन्होंने कहा कि आज पूरा देश काला दिवस मना रहा है। यह केवल कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई है। जब जनता के वोट और मताधिकार पर सवाल खड़े हों और लोकतांत्रिक तरीके से सवाल पूछने वालों को दबाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया जाए, तो यह पूरे लोकतांत्रिक ढांचे के लिए गंभीर खतरे की घंटी है।

अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि कथित वोट चोरी और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर देशभर में गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इन सवालों का जवाब देने के बजाय विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस किसी भी कीमत पर लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं करेगी। सत्ता चाहे जितना दमन कर ले, कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के मताधिकार और संविधान की रक्षा के लिए सड़क से लेकर हर लोकतांत्रिक मंच तक संघर्ष करते रहेंगे।उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ पुलिस की बदसलूकी लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। लोकतंत्र में विरोध करना अपराध नहीं, बल्कि जनता के सवालों को उठाना विपक्ष का संवैधानिक अधिकार है।पुलिस की लाठी और दमन से कांग्रेस की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। कांग्रेस का संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता के अधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होती।

शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने कहा कि आज का काला दिवस लोकतंत्र को बचाने के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब विपक्ष चुनाव प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों से जुड़े गंभीर सवाल उठाता है तो उसे दबाने का प्रयास किया जाता है। कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर इन सवालों को मजबूती से उठाएंगे। प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट राजेश तिवारी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता सूची की विश्वसनीयता को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए। लोकतांत्रिक सवालों का जवाब दमन से नहीं, बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता से दिया जाना चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र बचाओ, संविधान बचाओ और मताधिकार की रक्षा के नारे लगाते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस देशभर में चल रहे आंदोलन के माध्यम से लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की मांग कर रही है। सुलतानपुर में भी कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन कर स्पष्ट कर दिया कि लोकतंत्र और संविधान से जुड़े मुद्दों पर पार्टी पीछे हटने वाली नहीं है।

इस मौके पर फिरोज अहमद, सियाराम तिवारी,निकलेश सरोज,राहुल त्रिपाठी, सलाउद्दीन हाशमी, रणजीत सिंह सलूजा,इश्तियाक अहमद,हामिद राईन,संतोष वर्मा,वरुण मिश्र,मोहित तिवारी,शहबाज खान,विवेक सिंह,सुव्रत सिंह,आवेश अहमद,राहुल मिश्रा,शारिक अल्वी,विजयपाल गौतम,मानस तिवारी,अनवर अंसारी, ओम प्रकाश त्रिपाठी,नंदलाल मौर्य,प्रदीप सिंह,विवेक श्रीवास्तव,विनोद पाण्डेय,जनेश्वर उपाध्याय,सुरेश चंद्र मिश्रा,अखण्ड मिश्रा,आर बी पाण्डेय,उस्मान खान,धर्मराज मिश्र,ममनून आलम,मोहसिन सलीम,पवन मिश्रा,राम किशोर,अवधेश गौतम,जयराज गौतम,नरोत्तम वर्मा,नफीस पठान,दरोगा सिंह,इमरान अहमद,राम प्रकाश मिश्रा,दीपक सोनी,सूरज कुमार,देवेंद्र तिवारी,अतीक अहमद,मनोज शुक्ला,नजीरुद्दीन समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
मानवता की मिसाल: रानीपुर रजमो की असहाय वृद्धा को मिली करकट की छत, 'अंबिका सेवा संस्थान' ने 4 घंटे में बदला मंज़र

उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़ :: मोहम्मदपुर विकासखंड के रानीपुर रजमो में  कड़कड़ाती धूप हो या मूसलाधार बारिश—हर मौसम में एक महिला सालों से महज़ एक बांस और फटे प्लास्टिक के सहारे अपनी जिंदगी काटने को मजबूर थी। गरीबी और बेबसी के बीच वह महिला हर दिन जीवन से लड़ाई लड़ रही थी। लेकिन कहते हैं न कि जहां प्रशासनिक उदासीनता खत्म होती है, वहीं से निस्वार्थ जनसेवा का मार्ग प्रशस्त होता है। अंबिका सेवा संस्थान सामाजिक संगठन के युवाओं ने इस महिला के जीवन में उम्मीद की एक नई किरण जगाई है।घटना तीन दिन पुरानी है, जब अंबिका सेवा संस्थान की टीम रानीपुर रजमो के ग्रामीण इलाके से गुजर रही थी। मूसलाधार बरसात के बीच केवल एक बांस के बल पर टिके प्लास्टिक के नीचे भीगती हुई उस महिला का करुण दृश्य जब सामाजिक कार्यकर्ताओं ने देखा, तो उनका दिल पसीज गया। संस्थान ने बिना एक पल गंवाए यह संकल्प लिया कि इस असहाय महिला को तुरंत राहत पहुंचाई जाएगी।
दो दिन बाद अंबिका सेवा संस्थान के बैनर तले एक विशेष 'मदद अभियान' शुरू किया गया। संस्थान के कार्यकर्ताओं ने गांव पहुंचकर कमर कसी और महज 4 घंटे की कड़ी मेहनत में बल्लियों के सहारे करकट (टिनशेड) की एक मजबूत छत खड़ी कर दी। सालों बाद उस महिला के सिर पर प्लास्टिक की जगह एक सुरक्षित छत नसीब हुई। छत का ढांचा तैयार करने के साथ-साथ टीम ने महिला को जीवन यापन के लिए आवश्यक सामग्रियां भी सौंपी:ओढ़ने के लिए कंबल, पहनने के लिए नई साड़ी व कपड़े। और खाने-पीने की सभी जरूरी सामग्रियां।
जनहितकारी और त्वरित कार्य में टीम के प्रत्येक सदस्य का समर्पण देखने लायक था। इस पूरे राहत अभियान में संस्थान के प्रभारी अभिषेक उपाध्याय, प्रमोद सोनी, पवन अस्थाना, लकी श्रीवास्तव, रिंकू विश्वकर्मा एवं शैलेश प्रजापति की भूमिका अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय रही। इन युवाओं ने अपनी लगन से साबित कर दिया कि समाज सेवा केवल बातों में नहीं, बल्कि धरातल पर उतरकर की जाती है।
स्थानीय ग्रामीणों ने अंबिका सेवा संस्थान की इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। सालों से बेसहारा को कुछ घंटों में एक सुरक्षित सहारा देकर संस्थान ने मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की है।
महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनीं अलमास अख़्तर, गंभीर मरीज की मदद के लिए किया रक्तदान

अल-फलाह फाउंडेशन फ्री ब्लड डोनेट ग्रुप के संस्थापक ज़ाकिर हुसैन की भांजी ने पेश की मानवता की मिसाल, महिलाओं से रक्तदान के लिए आगे आने की अपील

मोहम्मद खालिद खान की रिपोर्ट

फूलपुर आजमगढ़, 9 अक्टूबर ।

रक्तदान महादान है और किसी जरूरतमंद को समय पर रक्त उपलब्ध कराना उसके परिवार के लिए उम्मीद की नई किरण बन सकता है। इसी मानवीय भावना का परिचय देते हुए अल-फलाह फाउंडेशन फ्री ब्लड डोनेट ग्रुप के संस्थापक जनाब ज़ाकिर हुसैन साहब की भांजी अलमास अख़्तर ने आजमगढ़ ब्लड बैंक में रक्तदान कर मानवता, सामाजिक जिम्मेदारी और महिला सशक्तिकरण की प्रेरणादायक मिसाल पेश की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद आजमगढ़ के ग्राम शेरावां से संबंधित शाहिद साहब की बुज़ुर्ग वाल्दा की हालत गंभीर थी और उन्हें B+ (बी पॉजिटिव) ब्लड ग्रुप के रक्त की आवश्यकता थी। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए अलमास अख़्तर ने आगे आकर रक्तदान किया और जरूरतमंद परिवार की सहायता में अपना योगदान दिया।

उनका यह कदम इस बात का प्रमाण है कि मानवता की सेवा के लिए उम्र या महिला-पुरुष का भेदभाव नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और दूसरों के दुख-दर्द को समझने वाला दिल मायने रखता है। अलमास अख़्तर ने रक्तदान करके महिलाओं को भी इस पुनीत कार्य में आगे आने का प्रेरणादायक संदेश दिया।

आज भी समाज में रक्तदान को लेकर महिलाओं के मन में कई तरह की आशंकाएं और भ्रांतियां देखने को मिलती हैं। ऐसे में अलमास अख़्तर का यह प्रयास जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। चिकित्सकीय जांच में पात्र पाए जाने पर महिलाएं भी निर्धारित स्वास्थ्य मानकों का पालन करते हुए रक्तदान कर सकती हैं।

अल-फलाह फाउंडेशन फ्री ब्लड डोनेट ग्रुप के संस्थापक जनाब ज़ाकिर हुसैन साहब लंबे समय से जरूरतमंद मरीजों तक रक्त पहुंचाने के मानवीय उद्देश्य से जुड़े हुए हैं। उनकी भांजी अलमास अख़्तर का यह सराहनीय कदम सेवा, संवेदना और इंसानियत की भावना को और मजबूत करता है।

शम्स तबरेज़ खान ने की रक्तदान के लिए आगे आने की अपील

संकल्प सेवा कल्याण टीम (SSWT), उत्तर प्रदेश के संस्थापक एवं वरिष्ठ कर्मचारी नेता शम्स तबरेज़ खान ने अलमास अख़्तर के इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और युवाओं से रक्तदान के प्रति जागरूक होने की अपील की।

उन्होंने कहा, “रक्तदान केवल एक सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि इंसानियत के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। जब किसी बुज़ुर्ग या गंभीर मरीज को रक्त की आवश्यकता होती है, तब समय पर रक्त उपलब्ध कराना उसके परिवार के लिए बड़ी राहत बन सकता है। अलमास अख़्तर ने आगे आकर यह संदेश दिया है कि महिलाएं भी रक्तदान के क्षेत्र में प्रेरणादायक भूमिका निभा सकती हैं। मैं सभी स्वस्थ एवं चिकित्सकीय रूप से पात्र नागरिकों से अपील करता हूं कि वे स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आएं और जरूरतमंदों की मदद को अपना सामाजिक दायित्व समझें।”

शम्स तबरेज़ खान ने कहा कि रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना समाज के प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने लोगों से रक्तदान संबंधी भ्रांतियों को दूर करने, जरूरतमंद मरीजों की सहायता करने और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

अलमास अख़्तर का यह प्रयास समाज को यह संदेश देता है कि मानवता की कोई सीमा नहीं होती। आपका एक नेक कदम किसी जरूरतमंद परिवार के चेहरे पर मुस्कान ला सकता है।
प्रतिभा खोज–2026 का भव्य समापन: ग्रामीण प्रतिभाओं को मिला मंच, विजेता छात्र-छात्राओं का हुआ सम्मान
उपेन्द्र कुमार पांडेय


आजमगढ़::श्री शिवा डिग्री कॉलेज, तेरही, कप्तानगंज, आजमगढ़ में आयोजित तीन दिवसीय ‘प्रतिभा खोज–2026’ अंतर-विद्यालयीय एवं महाविद्यालय स्तरीय प्रतियोगिता  का गुरुवार को पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह के साथ उत्साहपूर्ण एवं गरिमामयी वातावरण में समापन हुआ। आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों की अंतर्निहित प्रतिभाओं को पहचानना, उनकी रचनात्मक एवं बौद्धिक क्षमताओं को प्रोत्साहित करना तथा उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना रहा।

समारोह का शुभारंभ सम्मानित अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में आदरणीय श्री अखिलेश त्रिपाठी जी, आदरणीय शमोहम्मद अहमर जी तथा इंटरमीडिएट कॉलेज, कप्तानगंज के प्रबंधक आदरणीय श्री अखिलेश सिंह जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर एस.बी. इंटर कॉलेज, कप्तानगंज के प्राचार्य आदरणीय श्री शम्भूनाथ जी श्री गांधी स्मारक इंटर कॉलेज के प्राचार्य आदरणीय श्री राजेश सिंह जी किसान मजदूर इंटर कॉलेज, ओरा के प्राचार्य आदरणीय श्री संजीव कुमार भारती जी इंटरमीडिएट कॉलेज, कप्तानगंज के प्राचार्य आदरणीय श्री राजीव रंजन गोयल जी तथा पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज के प्राचार्य आदरणीय श्री रजनीश सिंह जी उपस्थित रहे। सभी सम्मानित अतिथियों एवं प्राचार्यगण ने विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
तीन दिवसीय आयोजन में निबंध लेखन, वाद-विवाद, पत्र लेखन, पोस्टर मेकिंग, क्विज़, रंगोली एवं काव्य-पाठ जैसी विविध प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। वाद-विवाद में *‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता: वरदान या अभिशाप’* तथा पोस्टर मेकिंग में *‘एक पृथ्वी, एक भविष्य—पर्यावरण संरक्षण हेतु संकल्प’* जैसे समसामयिक विषयों पर विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, तार्किक क्षमता एवं सृजनात्मक अभिव्यक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

अंतर-विद्यालयीय प्रतियोगिताओं में **काजल, सलोनी चौबे, वंदना निषाद, प्रसिद्ध सिंह, साहिबा बानो, गुंजन यादव, अमृता कुमारी, प्रिया गौड़, प्रेमलता, मृदुल उपाध्याय एवं सृष्टि यादव** सहित विभिन्न विद्यालयों के अनेक छात्र-छात्राओं ने उल्लेखनीय स्थान प्राप्त किए। वहीं महाविद्यालय स्तर पर **अंकिता सिंह, काजल तिवारी, अंशु मौर्या, अंजली गुप्ता, प्रिया सोनकर, श्वेता चौहान, आयुष यादव, शिवांगी मौर्या, अंजली राजभर, सुजाता कुमारी, मनीषा कनौजिया एवं सोनम** सहित अन्य प्रतिभागियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रबंधक **आदरणीय श्री अमित कुमार मिश्र जी** ने ग्रामीण विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ रचनात्मक एवं बौद्धिक विकास के अवसर प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रतिभाएँ संसाधनों की मोहताज नहीं होतीं, उन्हें केवल उचित मंच एवं प्रोत्साहन की आवश्यकता होती है। इसी उद्देश्य से  ‘संवाद शृंखला’जैसी पहल के माध्यम से विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, संवाद एवं अभिव्यक्ति की संस्कृति विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

महाविद्यालय के प्राचार्य *आदरणीय प्रो० संत कुमार यादव जी** ने विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम, अनुशासन एवं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए प्रतियोगिताओं को व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। कार्यक्रम का प्रभावशाली एवं सुव्यवस्थित मंच संचालन महाविद्यालय की सहायक आचार्य सुश्री आशिया बानो जी ने किया। उन्होंने प्रेरक प्रसंगों एवं जीवन की वास्तविक संघर्षपूर्ण कहानियों के माध्यम से विशेष रूप से ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, बड़े सपने देखने एवं निरंतर प्रयास करते रहने का संदेश दिया। अंत में सभी विजेता विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं आयोजन से जुड़े समस्त सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। समारोह का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि “प्रतिभा को अवसर, प्रयास को सम्मान और सपनों को नई उड़ान देना ही शिक्षा की वास्तविक सार्थकता है।”
कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, शिक्षणेत्तर कर्मचारीगण, आयोजन समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
सदरपुर में मनरेगा की हाजिरी पर सवाल, 300 रुपये देकर मजदूरों से काम कराने का आरोप
70 श्रमिकों की दर्ज हाजिरी के बाद दूसरी पंचायत के मजदूरों से काम कराने का दावा, मस्टर रोल और फोटो की निष्पक्ष जांच की मांग

बहसूमा (मेरठ)। हस्तिनापुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत सदरपुर में जी राम जी मनरेगा के तहत 70 श्रमिकों की हाजिरी दर्ज किए जाने के मामले में सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि अगले दिन मौके पर दूसरी ग्राम पंचायत के मजदूरों से 300 रुपये देकर काम कराया गया। शिकायतकर्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, 70 श्रमिकों की हाजिरी दर्ज होने के मामले में बीडीओ और ग्राम पंचायत सचिव से फोन पर संपर्क करने के बाद मौके पर जाकर स्थिति देखी गई। आरोप है कि दूसरी ग्राम पंचायत से आठ मजदूरों को 300 रुपये देकर बुलाया गया था। मौके पर मौजूद मजदूरों के नाम संबंधित मस्टर रोल में दर्ज नहीं होने की बात सामने आई। आरोप यह भी है कि मजदूरों से कुछ देर घास छिलवाई गई और इसके बाद उन्हीं मजदूरों से अन्य कार्यस्थलों पर भी तस्वीरें खिंचवाई गईं।

इस मामले में सवाल उठ रहा है कि जब मजदूरों के नाम मस्टर रोल में दर्ज नहीं थे, तो उन्हें किस आधार पर काम पर बुलाया गया? ग्राम पंचायत में 70 श्रमिकों की दर्ज हाजिरी का सत्यापन किस तरह किया गया? क्या अलग-अलग कार्यस्थलों पर खिंचवाई गई तस्वीरें वास्तविक कार्य की स्थिति दर्शाती हैं?

शिकायतकर्ता ने मांग की है कि ग्राम पंचायत सदरपुर में दर्ज 70 श्रमिकों की हाजिरी, मस्टर रोल, कार्यस्थल की तस्वीरों और मौके पर काम करने वाले मजदूरों का भौतिक सत्यापन कराया जाए। साथ ही संबंधित अभिलेखों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए।

उन्होंने कहा कि यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

अब बड़ा सवाल यह है कि कागजों में कितने मजदूरों की हाजिरी दर्ज है और मौके पर वास्तव में कितने मजदूर काम कर रहे थे? मामले में संबंधित अधिकारियों की जांच और कार्रवाई पर नजर रहेगी।
हस्तिनापुर ब्लॉक के सदरपुर के सेक्रेटरी देवेंद्र सिंह को फोन मिलाया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया
फर्रुखाबाद में नवचयनित होमगार्ड अभ्यर्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण 12 से 20 अक्टूबर तक

फर्रुखाबाद। होमगार्ड मुख्यालय, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के पत्र के अनुपालन में जनपद हेतु उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा चयनित कुल 420 होमगार्ड पुरुष एवं महिला अभ्यर्थियों के स्वास्थ्य परीक्षण की कार्यवाही 12 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ की जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा गठित समिति के माध्यम से शासनादेशों के अनुसार अभ्यर्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक सत्यापन किया जाएगा।

जिला कमाण्डेंट होमगार्ड्स,डी0एन0 सिंह के अनुसार नवचयनित अभ्यर्थियों का चिकित्सकीय परीक्षण पुलिस लाइन, फतेहगढ़ में निर्धारित तिथियों पर प्रातः 09:00 बजे से किया जाएगा। अभ्यर्थियों को अपने निर्धारित क्रमांक एवं तिथि के अनुसार प्रातः 08:00 बजे पुलिस लाइन, फतेहगढ़ में उपस्थित होना अनिवार्य होगा, ताकि स्वास्थ्य परीक्षण से पूर्व होमगार्ड हेल्प डेस्क पर आवश्यक कार्यवाही पूर्ण की जा सके।

स्वास्थ्य परीक्षण का निर्धारित कार्यक्रम निम्न प्रकार है—

12 अक्टूबर 2026: क्रमांक 01 से 54 तक, 50 पुरुष अभ्यर्थी।

13 अक्टूबर 2026: क्रमांक 55 से 107 तक, 50 पुरुष अभ्यर्थी।

14 अक्टूबर 2026: क्रमांक 108 से 161 तक, 50 पुरुष अभ्यर्थी।

15 अक्टूबर 2026: क्रमांक 162 से 217 तक, 50 पुरुष अभ्यर्थी।

16 अक्टूबर 2026: क्रमांक 218 से 269 तक, 50 पुरुष अभ्यर्थी।
17 अक्टूबर 2026: क्रमांक 270 से 331 तक, 50 पुरुष अभ्यर्थी।

18 अक्टूबर 2026: क्रमांक 332 से 420 तक, 36 पुरुष अभ्यर्थी।

19 अक्टूबर 2026: क्रमांक 01 से 350 तक, 44 महिला अभ्यर्थी।
20 अक्टूबर 2026: क्रमांक 351 से 420 तक, 40 महिला अभ्यर्थी।

अभ्यर्थियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने साथ शैक्षिक योग्यता प्रमाण-पत्र, आरक्षण संबंधी प्रमाण-पत्र, ग्राम/मोहल्ले के दो प्रतिष्ठित व्यक्तियों द्वारा जारी चरित्र एवं पहचान संबंधी प्रमाण-पत्र, निर्धारित प्रारूप में चरित्र प्रमाण-पत्र तथा 12 पासपोर्ट साइज नवीनतम रंगीन फोटोग्राफ लेकर उपस्थित हों। इसके अतिरिक्त आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस अथवा पासपोर्ट में से किसी एक पहचान-पत्र की मूल प्रति एवं एक स्वप्रमाणित छायाप्रति भी साथ लाना अनिवार्य है।

अभ्यर्थी स्वास्थ्य परीक्षण एवं चरित्र सत्यापन से संबंधित जानकारी अपने ब्लॉक के थानों में तैनात होमगार्ड विभाग के अधिकारियों से प्राप्त कर सकते हैं। निर्धारित तिथि एवं क्रमांक के अनुसार उपस्थित न होने की स्थिति में अभ्यर्थी स्वयं उत्तरदायी होंगे।

जिला कमाण्डेंट, होमगार्ड्स, डी0एन0 सिंह ने सभी नवचयनित अभ्यर्थियों से निर्धारित तिथि एवं समय पर आवश्यक अभिलेखों सहित उपस्थित होकर स्वास्थ्य परीक्षण की प्रक्रिया पूर्ण कराने की अपील की है।
श्री आदर्श रामलीला में श्रीराम जन्म महोत्सव की लीला का मंचन
**भगवान श्रीराम के जन्म का प्रसंग देखकर भावविभोर हुए श्रद्धालु, जयकारों से गूंजा रामलीला परिसर**

**बहसूमा (मेरठ)।** कस्बा बहसूमा में श्री आदर्श रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला मंचन में शुक्रवार को श्रीराम जन्म महोत्सव की लीला का भव्य मंचन किया गया। कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुति से भगवान श्रीराम के जन्म के प्रसंग को जीवंत कर दिया। लीला के दौरान श्रद्धालु भगवान श्रीराम के जयकारे लगाते नजर आए। पूरा रामलीला परिसर भक्तिमय माहौल से गूंज उठा।

मंचन के दौरान कलाकारों ने दर्शाया कि जब धरती पर राक्षसों का अत्याचार बढ़ने लगा और ऋषि-मुनियों सहित आम जनमानस का जीवन संकट में पड़ गया, तब भगवान विष्णु ने धरती को पाप और अत्याचार से मुक्त कराने के लिए अयोध्या के राजा दशरथ के घर श्रीराम के रूप में अवतार लिया। भगवान श्रीराम के जन्म का प्रसंग प्रस्तुत होते ही रामलीला परिसर में उत्साह का माहौल बन गया। श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयकारों के साथ भगवान के जन्मोत्सव का स्वागत किया।

रामलीला देखने के लिए कस्बे और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मंचन के दौरान कलाकारों ने संवाद, अभिनय और भावपूर्ण प्रस्तुति के माध्यम से दर्शकों को धार्मिक प्रसंगों से जोड़े रखा। रामलीला आयोजन के माध्यम से लोगों को भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया जा रहा है।

श्री आदर्श रामलीला कमेटी की ओर से श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर रामलीला मंचन देखने की अपील की गई। आयोजन को लेकर दर्शकों में उत्साह बना हुआ है।
जनपद के  पुठरी स्थित शिव मंदिर के पर्यटन विकास कार्यों का भूमि पूजन सांसद एवं विधायक अमृतपुर द्वारा हुआ संपन्न*

फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा जनपद फर्रुखाबाद के महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटन स्थल बौद्ध विहार के पर्यटन विकास हेतु ₹ 77.13 लाख की लागत से विभिन्न विकास कार्य कराए जाएंगे। इन कार्यों का क्रियान्वयन *उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा कराया जाएगा।
आज सांसद मुकेश राजपूत एवं विधायक अमृतपुर सुशील कुमार शाक्य  द्वारा मोहम्मदाबाद में स्थित पुठरी
स्थित शिव मंदिर पर विधि-विधान पूर्वक भूमि पूजन कर परियोजना के विकास कार्यों का शुभारंभ किया गया।
*परियोजना के अंतर्गत मल्टीपरपज हॉल,इंटरलॉकिंग, किचन,लैंड एस्केपिंग सहित विभिन्न विकास कार्य शामिल हैं।
इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा क्षेत्र में धार्मिक एवं पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
इस मौके पर *जिला पर्यटन अधिकारी डॉ0 मकबूल, परियोजना प्रबंधन सी के चतुर्वेदी, सहायक परियोजना प्रबंधक  सुरेश मिश्रा, सहायक अभियंता श्री नलिन भदोरिया, jE  निशांत शर्मा उपस्थित रहे। उन्होंने परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित विकास कार्यों की जानकारी दी।
सांसद एवं विधायक द्वारा
इस महत्वपूर्ण पर्यटन विकास परियोजना के लिए माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह का हार्दिक आभार व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन एवं सहयोग से जनपद फर्रुखाबाद में पर्यटन विकास को निरंतर गति मिल रही है।
जनगणना-2027 के द्वितीय चरण हेतु फर्रुखाबाद में फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण प्रारंभ


फर्रुखाबाद। जिला जनगणना प्रभारी पारखी भार्गव ने बताया कि जनगणना-2027 के द्वितीय चरण जनसंख्या गणना के सफल संचालन के लिए जनपद में प्रशिक्षण गतिविधियां प्रारंभ कर दी गई हैं। इसी क्रम में जनपद के 70 फील्ड ट्रेनरों के प्रशिक्षण का आयोजन विकास भवन, फर्रुखाबाद में किया जा रहा है।

फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण दो स्लॉट में निर्धारित किया गया है। प्रथम स्लॉट का प्रशिक्षण 05 से 07 अक्टूबर 2026 तक तथा द्वितीय स्लॉट का प्रशिक्षण 08 से 10 अक्टूबर 2026 तक संचालित होगा। प्रशिक्षण के दौरान जनसंख्या गणना से संबंधित अवधारणाओं, प्रश्नावली, गणना प्रक्रिया, मोबाइल ऐप के संचालन तथा फील्ड स्तर पर कार्य के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

मास्टर ट्रेनरों द्वारा फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत यही फील्ड ट्रेनर जनपद के विभिन्न चार्जों में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।

जनगणना-2027 के द्वितीय चरण में स्व-गणना 16 से 30 नवंबर 2026 तक की जाएगी। इस अवधि में आमजन पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी एवं अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर स्व-गणना कर सकते हैं। इसके पश्चात 01 दिसंबर 2026 से 04 जनवरी 2027 तक जनसंख्या गणना का कार्य किया जाएगा, जिसमें प्रगणक अपने आवंटित क्षेत्रों में घर-घर जाकर निर्धारित विवरण एकत्र करेंगे। इसके बाद 05 से 09 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण दौर संचालित किया जाएगा।

प्रशिक्षण के दौरान फील्ड ट्रेनरों को जनगणना कार्य की शुद्धता, पूर्ण कवरेज, निर्धारित प्रक्रिया के अनुपालन तथा डिजिटल माध्यम से सही आंकड़े दर्ज करने से संबंधित आवश्यक जानकारी दी जा रही है, ताकि फील्ड स्तर पर जनगणना कार्य का प्रभावी एवं सुचारु क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।