।। অত‍্যাধুনিক সাকশন মেশিনে দুর্যোগ পরবর্তী জমা জল নিষ্কাশনের উদ্যোগ বসিরহাটে ।।



বসিরহাট : দুর্যোগ পরবর্তী জমা জল নিয়ে সমস্যায় পড়েছেন বসিরহাট পৌরসভার বিভিন্ন ওয়ার্ডের বাসিন্দারা। টানা কয়েক মাসের বৃষ্টি এবং গত এক সপ্তাহ ধরে দক্ষিণবঙ্গ জুড়ে এক নাগাড়ে বৃষ্টির জেরে শহর বসিরহাটের একাধিক এলাকায় জল জমে যায়। ড্রেনের জল ঠিকমতো বের হতে না পারায় বিস্তীর্ণ এলাকা জলমগ্ন হয়ে পড়ে। কোথাও কোথাও নোংরা জল পেরিয়েই বাসিন্দাদের যাতায়াত করতে হচ্ছিল। এর ফলে চর্মরোগের পাশাপাশি মশাবাহিত রোগের প্রকোপ বাড়ার আশঙ্কাও তৈরি হয়।

এই পরিস্থিতিতে জমা জল দ্রুত নিষ্কাশনের উদ্যোগ নিলেন বসিরহাট দক্ষিণের বিজেপি নেতা ডাঃ শৌর্য্য ব্যানার্জি। বসিরহাট পৌরসভার পৌর প্রশাসকের সহযোগিতায় অত‍্যাধুনিক সাকশন ও জেটিং মেশিন ব্যবহার করে জল নিষ্কাশনের কাজ শুরু করা হয়। বসিরহাট পৌরসভার ১৮ ও ২১ নং ওয়ার্ডের পাশাপাশি ১০নং ওয়ার্ডের বিভিন্ন এলাকাতেও জমে থাকা জল সরানোর ব্যবস্থা করা হয়। ডাঃ শৌর্য্য ব্যানার্জির অভিযোগ, দীর্ঘদিন ধরে নিকাশি ব্যবস্থার যথাযথ রক্ষণাবেক্ষণ না হওয়ার কারণেই বৃষ্টির পর বিভিন্ন এলাকায় জল জমে থাকছে। তার দাবি, বিগত সরকারের আমলে দীর্ঘ ১৫ বছর ধরে নিকাশি ব্যবস্থা নিয়ে পর্যাপ্ত কাজ হয়নি। ড্রেনগুলির বর্তমান বেহাল পরিস্থিতি তারই প্রমাণ বলে দাবি করেন তিনি। অন্যদিকে, স্থানীয় এক বাসিন্দার অভিযোগ, ১০ নম্বর ওয়ার্ডের কাউন্সিলরও এলাকায় নিকাশি সমস্যা সমাধানে কার্যকর ভূমিকা নেননি। ফলে বৃষ্টির পর জলমগ্ন অবস্থায় চরম দুর্ভোগে পড়তে হচ্ছে সাধারণ মানুষকে। তার দাবি, এই পরিস্থিতিতে ডাঃ শৌর্য্য ব্যানার্জি যেভাবে মানুষের পাশে দাঁড়িয়ে জল নিষ্কাশনের উদ্যোগ নিয়েছেন, তা প্রশংসনীয়।

'जिनके खिलाफ लड़ाई लड़ी, वही वामपंथी आज ममता के दोस्त', मुख्यमंत्री शुभेंदु का तंज

*कोलकाता:* रविवार सुबह कोलकाता के साल्टलेक स्थित बीजेपी कार्यालय में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि तृणमूल और वामपंथी अब करीब आ रहे हैं।

शुभेंदु ने कहा, सीपीएम के खिलाफ लड़ाई लड़कर ही पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस बनाई थी, आज वही एक-दूसरे का हाथ थाम रहे हैं। पिछले 2-3 दिनों से प्रेस कॉन्फ्रेंस और फेसबुक पर यह साफ दिख रहा है।

शनिवार को श्रीरामपुर कोर्ट मैदान में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सभा थी। उस सभा को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु ने कहा, "श्रीरामपुर कोर्ट मैदान की सभा जनशून्य थी। सबने देखा। 150 लोग थे। हमने 170 पुलिस दी थी। राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मिलाकर 200 मीडिया कर्मी थे। पुलिस-सिविक वॉलंटियर मिलाकर भी कुल 500 लोग नहीं होंगे। बहुत कठिन स्थिति है। फिर जो टुकड़े-टुकड़े गैंग है, उनकी भाषा में ही कल मेरे पास दो बार हारी नई पार्टी की नई नेत्री ममता AITC, जिसका घास पर जोड़ा फूल भी गया है, और तृणमूल कांग्रेस का बैनर भी गया है, उन्होंने भी कल श्रीरामपुर की सभा से आजादी के नारे लगाए हैं।"

उन्होंने आगे कहा, पूर्व मुख्यमंत्री ने जिस भाषा में बात की है, उसी भाषा में रेजीनगर जाकर कई चुनाव हारे मोहम्मद सलीम ने भी बात की है।

चुनाव आयोग के SIR पर मुख्यमंत्री ने कहा, शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त और दो चुनाव आयुक्तों की तस्वीर ने साबित कर दिया है कि SIR का फैसला अकेले का नहीं है, तीनों ने मिलकर सर्वसम्मति से लिया है। केरल में SIR मीठा है, लेकिन पश्चिम बंगाल में कड़वा।

उन्होंने कहा, "चुनाव में बुरी तरह हारकर भ्रामक बातें करके 2 करोड़ 92 लाख वोट पाने वाली चुनी हुई सरकार पर चुनाव आयोग को घसीट कर जिस भाषा में हमला कर रहे हैं, जो झूठा प्रचार कर रहे हैं, उससे साबित होता है कि आप भारी जनादेश मानने को तैयार नहीं हैं।"
'যাঁদের বিরুদ্ধে লড়াই, সেই বামেরাই বন্ধু মমতার', কটাক্ষ মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দুর
*কলকাতা:* রবিবার সকালে কলকাতার সল্টলেকে বিজেপি কার্যালয়ে সাংবাদিক বৈঠক করলেন মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী। বৈঠকে তাঁর দাবি, তৃণমূল ও বামেরা কাছাকাছি আসছে।

শুভেন্দুর কথায়, সিপিএমের বিরুদ্ধে লড়াই করেই প্রাক্তন মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের তৃণমূল কংগ্রেস তৈরি হয়েছিল, এখন তারাই একে অপরের হাত ধরেছে। গত ২-৩ দিন ধরে সাংবাদিক সম্মেলন ও ফেসবুকে তা দেখা যাচ্ছে।

শনিবার শ্রীরামপুর কোর্ট ময়দানে প্রাক্তন মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের সভা ছিল। সেই সভা প্রসঙ্গে মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু বলেন, "জনশূন্য শ্রীরামপুর কোর্ট ময়দানের সভা। সকলে দেখেছেন। ১৫০টা লোক ছিল। আমরা ১৭০টা পুলিশ দিয়েছিলাম। জাতীয়-আন্তর্জাতিক মিলিয়ে ২০০টা মিডিয়া ছিল। পুলিশ-সিভিক ভলান্টিয়ার নিয়েও সব মিলিয়ে ৫০০ জন হবে না। খুব কঠিন অবস্থা। আবার যারা টুকরে টুকরে গ্যাং, তাদের ভাষাতেও গতকাল আমার কাছে দু’বার হারা নতুন পার্টির নতুন নেত্রী মমতা AITC-র যার ঘাসের উপর জোড়াফুলও গিয়েছে, আবার তৃণমূল কংগ্রেসের ব্যানারও গিয়েছে, তিনিও গতকাল আজাদি স্লোগান দিয়েছেন শ্রীরামপুরের সভা থেকে"।

তিনি আরও বলেন, প্রাক্তন মুখ্যমন্ত্রী যে ভাষায় কথা বলেছেন, একই ভাষায় রেজিনগরে গিয়ে একাধিক নির্বাচনে হারা মহম্মদ সেলিমও কথা বলেছেন।

নির্বাচন কমিশনের SIR প্রসঙ্গে মুখ্যমন্ত্রী বলেন, শনিবার মুখ্য নির্বাচন কমিশনার ও দুই নির্বাচন কমিশনারের ছবি প্রমাণ করে দিয়েছে যে SIR-এর সিদ্ধান্ত একার নয়, তিনজন মিলে সর্বসম্মতিক্রমে নিয়েছেন। কেরালায় SIR মিষ্টি, কিন্তু পশ্চিমবঙ্গে তিতা।

তাঁর সংযোজন, "নির্বাচনে গোহারা হেরে বিভ্রান্তিকর কথাবার্তা বলে ২ কোটি ৯২ লক্ষ ভোট পাওয়া নির্বাচিত সরকারকে ইলেকশন কমিশনকে জড়িয়ে যে ভাষায় আক্রমণ করছেন, তার মধ্যে দিয়ে প্রমাণ হয় বিপুল জনাদেশ মানতে আপনারা রাজি নন।"

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वयस्क होने के बाद भी शारीरिक रूप से दिव्यांग बेटे की जिम्मेदारी पिता की ही: हाई कोर्ट*
*कोलकाता:* संतान के वयस्क हो जाने के बाद भी यदि वह गंभीर शारीरिक रूप से दिव्यांग है और अपनी दिव्यांगता के कारण खुद कमाकर अपना भरण-पोषण, रहना, खाना और इलाज नहीं कर पाता है, तो उस दिव्यांग बेटे के भरण-पोषण की जिम्मेदारी पिता की ही रहेगी। शारीरिक रूप से दिव्यांग एक बेटे के भरण-पोषण से जुड़े मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है।

फैसला सुनाते हुए जस्टिस उदय कुमार ने कहा कि सिर्फ वयस्क हो जाने से पिता की भरण-पोषण की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती।

मामले की शुरुआत 2005 में हुई थी। समित प्रमाणिक के खिलाफ उनकी पत्नी टुम्पा प्रमाणिक और उनके नाबालिग बेटे सुदीप्त प्रमाणिक ने भरण-पोषण की मांग को लेकर मुकदमा किया था। 2012 में ट्रायल कोर्ट ने मां के व्यक्तिगत भरण-पोषण की मांग को खारिज कर दिया था, लेकिन दिव्यांग बेटे के लिए हर महीने 3 हजार रुपये भरण-पोषण का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ पिता की याचिका को भी हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था। बाद में पुनर्विचार याचिका पर फिर से हाई कोर्ट में मामला दायर हुआ।

उस याचिका को खारिज करते हुए अदालत ने निचली अदालत के 2022 और 2023 के आदेश को बरकरार रखा है। साथ ही, बकाया भरण-पोषण से जुड़ी कार्यवाही को जल्द पूरा करने के लिए ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया है।

फैसले में जस्टिस उदय कुमार ने कहा कि 70 से 75 प्रतिशत शारीरिक दिव्यांगता से पीड़ित वयस्क संतान यदि अपना भरण-पोषण करने में असमर्थ है, तो उस पर CrPC की धारा 125(1)(C) की सुरक्षा लागू हो सकती है। साथ ही धारा 127 के तहत पहले के भरण-पोषण के आदेश को जारी रखने या परिस्थिति के अनुसार बदलने की गुंजाइश है।

अदालत ने यह भी कहा कि दिव्यांग वयस्क संतान के अधिकारों की रक्षा के लिए मां या करीबी रिश्तेदार अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। इसलिए मां की तरफ से आवेदन करने के अधिकार को लेकर पिता की आपत्ति को भी अदालत ने खारिज कर दिया।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि भरण-पोषण की जिम्मेदारी किसी भी हालत में स्थायी नहीं है। भविष्य में यदि दिव्यांग संतान आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो जाता है, तो इसे रद्द करने के लिए आवेदन किया जा सकता है।

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সাইবার অপরাধের বিরুদ্ধে পুলিশের অভিযান, গ্রেফতার ৫, উদ্ধার ১৪ এটিএম কার্ড ও ১০ চেকবুক
বসিরহাট : সাইবার অপরাধের হটস্পটে বসিরহাট জেলা পুলিশের অভিযান, গ্রেফতার ৫। সাইবার অপরাধের হটস্পট সংক্রান্ত তথ্যের ভিত্তিতে অভিযান চালিয়ে পাঁচজন সন্দেহভাজন অভিযুক্তকে গ্রেফতার করল বসিরহাট পুলিশ। অভিযানে সাতটি ব্যাঙ্ক পাসবুক, ১৪টি এটিএম কার্ড, দুটি সিম কার্ড এবং ১০টি চেকবুক উদ্ধার ও জব্দ করা হয়েছে।
পুলিশ সূত্রে জানা গিয়েছে, সাইবার অপরাধের সঙ্গে যুক্ত ব্যক্তিদের বিরুদ্ধে পাওয়া তথ্যের ভিত্তিতে নির্দিষ্ট এলাকায় তল্লাশি ও অভিযান শুরু করা হয়। অভিযানে এখনও পর্যন্ত পাঁচজনকে গ্রেফতার করা হয়েছে। তাদের কাছ থেকে উদ্ধার হওয়া ব্যাঙ্কের নথি, এটিএম কার্ড, সিম কার্ড ও চেকবুকের সূত্র ধরে সাইবার অপরাধের সঙ্গে তাদের যোগসূত্র খতিয়ে দেখছেন তদন্তকারীরা।
পুলিশের পক্ষ থেকে জানানো হয়েছে, এই চক্রের সঙ্গে আরও কেউ জড়িত রয়েছে কি না, তা খতিয়ে দেখা হচ্ছে। অভিযুক্ত অন্যান্য ব্যক্তিদের শনাক্ত করে গ্রেফতারের জন্য তদন্ত ও অভিযান অব্যাহত রয়েছে। সাইবার অপরাধের বিরুদ্ধে ধারাবাহিকভাবে নজরদারি ও আইনানুগ পদক্ষেপ চালানো হবে বলেও পুলিশ সূত্রে জানা গিয়েছে।

ছবি: সৌজন্যে সৌমাভ মণ্ডল।
পূর্বাঞ্চল সমাজের উদ্যোগে বীজপুরের বিধায়ক সুদীপ্ত দাসকে সম্বর্ধনা, ছোটদের হাতে তুলে দেওয়া হলো স্কুল ব্যাগ

*বীজপুর:* পুজোর আগেই মানবিক উদ্যোগ পূর্বাঞ্চল সমাজের। সংগঠনের পক্ষ থেকে বীজপুরের বিধায়ক সুদীপ্ত দাসকে সম্বর্ধনা দেওয়া হলো। পাশাপাশি এলাকার ছোট ছোট পড়ুয়াদের মধ্যে স্কুল ব্যাগ বিতরণ করা হয়।অনুষ্ঠানে উপস্থিত ছিলেন এলাকার বিশিষ্টজনেরা। পড়ুয়াদের হাতে নতুন ব্যাগ তুলে দেন বিধায়ক নিজেই।

অনুষ্ঠান শেষে সাংবাদিকদের মুখোমুখি হয়ে বিধায়ক সুদীপ্ত দাস বলেন, “পুজোর আগে ছাত্র-ছাত্রীদের মধ্যে বই বিতরণের এই অনুষ্ঠানে আমরা সবাই একসঙ্গে হয়েছি। সবার সঙ্গে পরিচয় হলো, আত্মীয়তার বন্ধন আরও দৃঢ় হলো।”

তিনি আরও বলেন, হিন্দু ধর্মে প্রায় সব দেবদেবীর হাতেই অস্ত্র থাকে, যার প্রতীকী অর্থ দুষ্টের দমন ও শিষ্টের পালন। দেশের অখণ্ডতা রক্ষায় সব ভারতীয়কে ঐক্যবদ্ধ থাকতে হবে। হিন্দু, মুসলিম, খ্রিস্টান, জৈন, পার্সি - যারাই ভারতীয়, তারাই এই দেশের নাগরিক। ‘ভারত মাতা কি জয়’ ও ‘বন্দে মাতরম’ স্লোগান দেশের প্রতি সম্মানের প্রতীক। যারা দেশের অখণ্ডতার বিরুদ্ধে কথা বলে, তাদের বিরুদ্ধে দলমত নির্বিশেষে সকলকে একজোট হয়ে রুখে দাঁড়াতে হবে, যাতে ভারতকে আর কখনও পরাধীনতার সম্মুখীন না হতে হয়। ছবি:প্রবীর রায়।

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নন্দীগ্রাম উপনির্বাচনের কংগ্রেস প্রার্থী মিলন প্রধানের মুক্তির ভাগ্য ঝুলে রইল হাইকোর্টে
কলকাতা: নন্দীগ্রাম উপনির্বাচনের কংগ্রেস প্রার্থী মিলন প্রধানের শোন অ্যারেস্ট কার্যকর না-করার সিঙ্গল বেঞ্চের নির্দেশ খারিজ করল ডিভিশন বেঞ্চ ৷ শুক্রবার প্রধান বিচারপতি রবীন্দ্র ভি ঘুগে ও বিচারপতি ওম নারায়ণ রাই-এর ডিভিশন বেঞ্চ সিঙ্গল বেঞ্চের গতকালের রায় খারিজ করেছে ৷ গতকালই রাজ্য, বিচারপতি সৌগত ভট্টাচার্যের নির্দেশ চ্যালেঞ্জ করে প্রধান বিচারপতির ডিভিশন বেঞ্চের দ্বারস্থ হয় ৷

এদিন শুনানিতে প্রধান বিচারপতি বিচারপতি সৌগত ভট্টাচার্যের নির্দেশ নিয়ে একাধিক প্রশ্ন তোলেন। তিনি স্পষ্ট ভাষায় বলেন, "যদি গ্রেফতার হন, তাহলে আদালত জামিন দিতে পারে। যদি অভিযোগ দায়ের হয়, তাহলে আগাম জামিন দেওয়া যেতে পারে। কিন্তু একজন সিঙ্গেল জজ কখনই এইভাবে রক্ষাকবচ দিতে পারেন না। আমি বিস্মিত যে, সিঙ্গেল বেঞ্চ কীভাবে এই ধরনের নির্দেশ দিতে পারে।"

প্রধান বিচারপতির এই পর্যবেক্ষণের পরেই সিঙ্গেল বেঞ্চের রক্ষাকবচের নির্দেশ খারিজ হয়ে যায়। এর ফলে নন্দীগ্রামের কংগ্রেস প্রার্থী মিলন প্রধানের আইনি অস্বস্তি আরও বাড়ল বলেই মনে করছে রাজনৈতিক মহল।

অন্যদিকে ,নন্দীগ্রামের কংগ্রেস প্রার্থী মিলন প্রধানের জামিন মামলার শুনানি শেষ হল কলকাতা হাইকোর্টে। বিচারপতি তীর্থঙ্কর ঘোষের একক বেঞ্চে এই মামলার শুনানি হয়। শুনানি শেষে রায়দান স্থগিত রেখেছেন বিচারপতি। আগামী সোমবার এই মামলার রায় ঘোষণা করা হবে।জানা গিয়েছে, মিলন প্রধানের বিরুদ্ধে মোট ছ'টি মামলা রয়েছে। সেই ছ'টি মামলাতেই জামিনের আবেদন জানিয়ে আদালতের দ্বারস্থ হয়েছিলেন তাঁর আইনজীবী মিলন মুখোপাধ্যায়। শুক্রবার সেই জামিনের আবেদনের উপর দীর্ঘ শুনানি চলে।উভয় পক্ষের বক্তব্য শোনার পর বিচারপতি তীর্থঙ্কর ঘোষ রায়দান স্থগিত রাখার সিদ্ধান্ত নেন।
বারুইপুরে আইনজীবীকে ডিম ছোড়ার ঘটনায় কড়া হাইকোর্ট, স্বতঃপ্রণোদিত মামলা দায়ের

*কলকাতা:* বারুইপুর আদালত চত্বরে আইনজীবী সায়ন বন্দ্যোপাধ্যায়কে ডিম ছোড়ার ঘটনায় কড়া পদক্ষেপ নিল কলকাতা হাইকোর্ট। শুক্রবার এই ঘটনায় স্বতঃপ্রণোদিত মামলা দায়ের করার নির্দেশ দিল প্রধান বিচারপতির ডিভিশন বেঞ্চ।

প্রধান বিচারপতি রবীন্দ্র ভি ঘুগে এবং বিচারপতি ওম নারায়ণ রায়ের ডিভিশন বেঞ্চ হাইকোর্টের রেজিস্ট্রার জেনারেলকে এই মামলা দায়ের করার নির্দেশ দিয়েছে। একইসঙ্গে এই মামলায় আদালত বান্ধব বা অ্যামিকাস কিউরি হিসেবে আইনজীবী সৈকত বন্দ্যোপাধ্যায়কে নিয়োগ করা হয়েছে।

শুনানিতে প্রধান বিচারপতি কড়া মন্তব্য করেন। তিনি বলেন, "আজকে একজন আইনজীবীকে আক্রমণ করা হয়েছে। কালকে এ, বি, সি-কে আক্রমণ করা হবে। এই ঘটনা মেনে নেওয়া যায় না। এই ঘটনা বন্ধ হওয়া দরকার।"

আদালত সূত্রে জানা গিয়েছে, আক্রান্ত আইনজীবী সায়ন বন্দ্যোপাধ্যায়ের আইনজীবী সব্যসাচী বন্দ্যোপাধ্যায়ের কাছে এই ঘটনা নিয়ে হলফনামা চেয়েছে আদালত। মামলার পরবর্তী শুনানি হবে আগামী অক্টোবর মাসের প্রথম সপ্তাহে।

উল্লেখ্য, বারুইপুর আদালত চত্বরে প্রকাশ্যে এক আইনজীবীর গায়ে ডিম ছোড়ার ঘটনায় আইনজীবী মহলে তীব্র চাঞ্চল্য ছড়িয়েছে। হাইকোর্টের এই হস্তক্ষেপকে অত্যন্ত তাৎপর্যপূর্ণ বলেই মনে করা হচ্ছে।

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এক পদেই থাকতে হবে, বিজেপিতে সংগঠনে বড় রদবদল, বাদ বহু পরিচিত মুখ

*কলকাতা:* ভোটের আগে সংগঠন গোছাতে বড় সার্জারি করল রাজ্য বিজেপি। রাজ্য কমিটি ও মোর্চার গুরুত্বপূর্ণ পদ থেকে এক ঝটকায় সরিয়ে দেওয়া হলো একাধিক হেভিওয়েট নেতাকে।

দলের অন্দরের খবর, ‘এক ব্যক্তি এক পদ’ ফর্মুলাতেই এই রদবদল। মন্ত্রিত্ব সামলাচ্ছেন যারা, তাঁদের আর সাংগঠনিক পদে রাখা হবে না। সেই নীতির কোপেই পদ হারালেন জগন্নাথ চট্টোপাধ্যায়, অগ্নিমিত্রা পাল, তাপস রায়ের মতো মন্ত্রীরা।

*যুব মোর্চায় বড় চমক:*

দীর্ঘদিন ধরে যুব মোর্চার দায়িত্বে থাকা ইন্দ্রনীল খাঁ-কে সরিয়ে দেওয়া হয়েছে। তাঁর জায়গায় নতুন মুখ আমতার বিধায়ক অমিত সামন্ত। শুধু মোর্চাই নয়, একসঙ্গে ৭টি সাংগঠনিক জেলার সভাপতিও বদলে ফেলেছে গেরুয়া শিবির।

*নতুন দায়িত্বে কারা এলেন:*
> মহিলা মোর্চা - ফাল্গুনী পাত্রকে সরিয়ে অঞ্জনা বসু
> যুব মোর্চা - অমিত সামন্ত
> ওবিসি মোর্চা - ধনঞ্জয় ঘোষ
> এসসি মোর্চা - বিশ্বজিৎ বিশ্বাস

*তবে নজর শর্বরীতে:*

এই রদবদলে সবচেয়ে বেশি আলোচনা যাদবপুরের বিধায়ক শর্বরী মুখোপাধ্যায়কে নিয়ে। তিনি মন্ত্রী নন, তবুও রাজ্য কমিটির সাধারণ সম্পাদকের মতো হাই-প্রোফাইল পদ থেকে তাঁকে সরিয়ে দেওয়া হয়েছে। ফলে দলের ‘এক ব্যক্তি এক পদ’-এর যুক্তি তাঁর ক্ষেত্রে ধোপে টিকছে না বলেই মত রাজনৈতিক মহলের।

সম্প্রতি যাদবপুর বিশ্ববিদ্যালয়ে অশান্তির ঘটনায় শর্বরীর উপস্থিতি এবং তাঁর কিছু মন্তব্য নিয়ে বিতর্ক তৈরি হয়েছিল। যাদবপুর বিশ্ববিদ্যালয় কসবা বিধানসভার মধ্যে পড়লেও যাদবপুরের বিধায়ক হিসেবে তিনি কেন সেখানে গেলেন, তা নিয়ে প্রশ্ন উঠেছিল। সেই বিতর্কের জেরেই কি এই অপসারণ? দলের অন্দরে জোর জল্পনা শুরু হয়েছে।

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।। বসিরহাটে সাইবার সচেতনতা কর্মসূচি, ১২০টি হারানো ফোন ও ১৪.৭০ লক্ষ টাকা ফেরালো পুলিশ ।।
বসিরহাট : বসিরহাট টাউন হলে শুক্রবার বসিরহাট পুলিশ জেলার উদ্যোগে বিশেষ সাইবার সচেতনতা কর্মসূচির আয়োজন করা হয়। ছাত্রছাত্রী ও প্রবীণ নাগরিকদের নতুন ধরনের সাইবার হুমকি, অনলাইন আর্থিক প্রতারণা ও তার থেকে সুরক্ষিত থাকার উপায় সম্পর্কে সচেতন করতেই এই কর্মসূচির আয়োজন করা হয়।
বসিরহাট পুলিশ জেলার পুলিশ সুপার, একটি রাষ্ট্রায়ত্ত ব্যাঙ্কের সাইবার বিশেষজ্ঞ দল এবং পুলিশের ঊর্ধ্বতন আধিকারিকদের যৌথ তত্ত্বাবধানে আলোচনা সভাটি পরিচালিত হয়। সেখানে অনলাইনে প্রতারণার বিভিন্ন কৌশল, সন্দেহজনক লিঙ্ক বা ফোনে প্রতারিত না হওয়া এবং আর্থিক প্রতারণার ঘটনা ঘটলে দ্রুত কী পদক্ষেপ করতে হবে, তা নিয়ে সচেতন করা হয়।
এদিনের অনুষ্ঠানে বসিরহাট পুলিশ জেলার উদ্যোগে উদ্ধার হওয়া প্রায় ১২০টি হারানো মোবাইল ফোন আনুষ্ঠানিকভাবে সেগুলির প্রকৃত মালিকদের হাতে তুলে দেওয়া হয়। দীর্ঘদিন পর হারানো ফোন ফিরে পেয়ে খুশি হন অনেকেই। পাশাপাশি সাইবার প্রতারণার শিকার হওয়া নাগরিকদের খোয়া যাওয়া আনুমানিক ১৪ লক্ষ ৭০ হাজার টাকা চেকের মাধ্যমে ফিরিয়ে দেওয়া হয়। পুলিশের তৎপরতায় প্রতারিত টাকা ও হারানো মোবাইল ফিরে পাওয়ায় স্বস্তি প্রকাশ করেন ক্ষতিগ্রস্তরা। পুলিশের পক্ষ থেকে জানানো হয়, বর্তমানে সাইবার অপরাধের ধরন দ্রুত বদলাচ্ছে। তাই অপরিচিত ফোন, মেসেজ, লিঙ্ক বা অনলাইন লেনদেনের ক্ষেত্রে সতর্ক থাকা এবং প্রতারণার শিকার হলে দ্রুত পুলিশ ও সংশ্লিষ্ট কর্তৃপক্ষকে জানানো অত্যন্ত জরুরি। অনুষ্ঠানের মাধ্যমে সাধারণ মানুষের মধ্যে সাইবার নিরাপত্তা নিয়ে সচেতনতা আরও বাড়ানোর বার্তা দেওয়া হয়।