साढ़े तीन हजार शिक्षक सीखेंगे भाषा और संख्या का ज्ञान
रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाने वाले साढ़े तीन हजार शिक्षक भाषा और संख्या का ज्ञान सीखेंगे। अगस्त के पहले सप्ताह में सभी बीआरसी में एफएलएन प्रशिक्षण शुरू होगा। इसमें शिक्षकों को विभिन्न बैच में मास्टर ट्रेनर ज्ञान देंगे। इसके लिए 35 मास्टर ट्रेनरों की ड्यूटी लगाई गई है। जिले में कुल 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित हैं। जिसमें एक लाख 33 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए सरकार तमाम प्रयास कर रही है। नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद पठन-पाठन की जटिलताओं को कम किया जा रहा है। इसके लिए शिक्षकों को जरूरी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान में गत दिनों सभी 30 एआरपी समेत ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया गया। अब यह मास्टर ट्रेनर ज्ञानपुर, भदोही, डीघ, औराई, सुरियावां और अभोली ब्लॉक संसाधन केंद्र पर शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने बताया कि अगस्त के पहले सप्तह में एफएलएन प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा। इसमें शिक्षकों को भाषा और गणित को बेहतर ढंग से पढ़ाने की जानकारी दी जाएगी।
काशी नरेश विश्वविद्यालय ने AI-रेडी कैंपस के लिए:वेडिकुलम टेक्नोलॉजीज़ के साथ किया समझौता ज्ञापन*
रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। काशी नरेश विश्वविद्यालय, भदोही ने उच्च शिक्षा को उद्योग और आधुनिक तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से वेडिकुलम टेक्नोलॉजीज़ प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता कुलपति प्रोफेसर उमा श्रीवास्तव के नेतृत्व में किया गया, जिसमें वेडिकुलम टेक्नोलॉजीज़ के समन्वयक श्री देवेंद्र तिवारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रोफेसर रमेश चंद्र यादव और डॉ. सुशील कुमार भी मौजूद थे।
समझौता ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर को 'AI-रेडी कैंपस' के रूप में विकसित करना है। इसके तहत शिक्षकों का क्षमता संवर्धन, विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता में वृद्धि, उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण, डोमेन स्टूडियो की स्थापना और अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रोफेसर रश्मि सिंह ने, जो इस एमओयू की समन्वयक हैं, इन उद्देश्यों की जानकारी दी।
इस साझेदारी के अंतर्गत, विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), उभरती प्रौद्योगिकियों, कौशल विकास, इंटर्नशिप, उद्योग विशेषज्ञों के व्याख्यान, लाइव प्रोजेक्ट, प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम और प्लेसमेंट सहायता जैसी सुविधाएँ मिलेंगी। वहीं, शिक्षकों को नवीनतम तकनीकों पर प्रशिक्षण, अनुसंधान सहयोग और अकादमिक क्षमता विकास के अवसर प्राप्त होंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) के अनुरूप है। इसका लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण, नवाचार आधारित और रोजगारपरक शिक्षा को सशक्त बनाना है। इससे विद्यार्थियों को उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा और विश्वविद्यालय में नवाचार, अनुसंधान तथा उद्योग-शिक्षा सहयोग की संस्कृति को गति मिलेगी।
यह समझौता शुक्रवार से प्रभावी होगा। इसके तहत दोनों संस्थान शिक्षा, अनुसंधान, कौशल विकास और उद्योग-शिक्षा सहयोग के क्षेत्र में संयुक्त रूप से विभिन्न कार्यक्रम संचालित करेंगे। इसी क्रम में विश्वविद्यालय परिसर में एक जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसका संयोजन डॉक्टर. रवि कुमार यादव, डॉक्टर गीता यादव और डॉक्टर विपुल कुमार ने किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों को AI, उभरती प्रौद्योगिकियों और भविष्य के रोजगार अवसरों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
बाबा बड़े शिव धाम पर कांवरियों की सेवा जारी: सावन माह में समिति के सदस्य जुटे


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। गोपीगंज में सावन माह के दौरान बाबा बड़े शिव धाम पर कांवरियों और श्रद्धालुओं की सेवा का क्रम जारी है। बाबा बड़े शिव धाम सेवा समिति, गोपीगंज के सदस्य शुक्रवार, को भी धाम पर पहुंचे कांवरियों की सेवा में पूरे समर्पण के साथ जुटे रहे।
समिति द्वारा धाम परिसर में आने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। दूर-दराज क्षेत्रों से पैदल या अन्य साधनों से बाबा बड़े शिव का दर्शन-पूजन करने पहुंच रहे कांवरियों को विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता श्रद्धालुओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लगातार सेवा कार्य में लगे हुए हैं। सावन के पवित्र महीने में बाबा बड़े शिव धाम पर बढ़ती भीड़ के बीच समिति द्वारा किए जा रहे इन सेवा कार्यों से कांवरियों को काफी सहूलियत मिल रही है।
बाबा बड़े शिव धाम सेवा समिति के रामकृष्ण खट्टू ने बताया कि भगवान शिव के भक्तों की सेवा करना स्वयं में एक पुण्य का कार्य है। इसी भावना के साथ समिति पूरे सावन माह में सेवा कार्य को निरंतर जारी रखने का प्रयास कर रही है।
धाम परिसर में पहुंचने वाले कांवरियों में भी समिति की सेवा भावना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। श्रद्धालु बाबा बड़े शिव का दर्शन कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं और अपनी मनोकामनाओं के साथ बाबा के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं।
नेशनल हाईवे सर्विस लेन पर गहरे गड्ढे:बारिश में पानी भरने से दुर्घटनाएं बढ़ीं, मरम्मत की मांग
नितेश श्रीवास्तव


भदोही। राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी सर्विस लेन पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
बरसात के दिनों में इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। इस वजह से दोपहिया वाहन चालक अक्सर फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। वहीं, चार पहिया वाहनों को भी आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, सड़क की मरम्मत लंबे समय से नहीं कराई गई है। लगातार जलभराव और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और पैदल राहगीरों को भी इस मार्ग से गुजरने में काफी परेशानी होती है।
शाम और रात के समय स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, क्योंकि पानी से भरे गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि संबंधित विभाग से कई बार शिकायतें की गई हैं, लेकिन अब तक सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई है।
सुरेश कुमार, अनिल मिश्रा, राजराम गुप्ता और राजकुमार बिंद जैसे स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इन गड्ढों को भरकर सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
एम्स की तर्ज पर बनाया जाए सुपर स्पेशलिटी अस्पताल

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही के भाजपा सांसद डॉ. विनोद कुमार बिंद ने कंधिया क्षेत्र में औद्योगिक विकास योजना के तहत अधिग्रहित भूमि पर एम्स की तर्ज पर आधुनिक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के स्थापना की मांग की है। सांसद ने लोकसभा में नियत 377 के तहत यह मुद्दा उठाया। बताया कि जिले के कंधिया क्षेत्र में औद्योगिक विकास की योजना के तहत बड़े पैमाने पर भूमि का अधिग्रहण किया गया था, लेकिन प्रस्तावित योजना अपेक्षित रूप से अभी तक आगे नहीं बढ़ पाई है। 2002 से यह मामला लंबित है, ऐसे में इस जमीन पर एम्स की तर्ज पर एक आधुनिक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की स्थापना की मांग की है। सांसद ने कहा कि लंबे समय से उपरोक्त प्रस्तावित योजना अपेक्षित रूप से आगे नहीं बढ़ पा रही है। जिसकी वजह से कंधिया क्षेत्र की जो भूमि है, उसका उपयोग जनहित में अभी तक नहीं हो पा रहा है। ऐसे में अगर अस्पताल बनता है तो भदोही, वाराणसी, जौनपुर समेत आसपास के जनपदों के लाखों लोगों को उच्च स्तरीय चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगे। सांसद डॉ. विनोद बिंद ने कहा कि उन्होंने यह मामला नियम 377 के तहत संसद में उठाया है। कहा कि एक चिकित्सक होने के नाते लोगों की स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरतों को समझते हैं। जिसके लिए उन्होंने वहां पर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की मांग की है।सांसद ने कहा कि लंबे समय से उपरोक्त प्रस्तावित योजना अपेक्षित रूप से आगे नहीं बढ़ पा रही है। जिसकी वजह से कंधिया क्षेत्र की जो भूमि है, उसका उपयोग जनहित में अभी तक नहीं हो पा रहा है। ऐसे में अगर अस्पताल बनता है तो भदोही, वाराणसी, जौनपुर समेत आसपास के जनपदों के लाखों लोगों को उच्च स्तरीय चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगे। सांसद डॉ. विनोद बिंद ने कहा कि उन्होंने यह मामला नियम 377 के तहत संसद में उठाया है। कहा कि एक चिकित्सक होने के नाते लोगों की स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरतों को समझते हैं। जिसके लिए उन्होंने वहां पर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की मांग की है।
गिराई हाईवे पर बैरिकेडिंग, कांवड़िये भ्रमित:गोपीगंज नगर प्रवेश मार्ग पर लगा बैरिकेड, हाईवे से गुजर रहे
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कांवड़ यात्रा को लेकर जिले में पुख्ता व्यवस्थाएं होने के बावजूद कुछ जगहों पर कमियों के कारण कांवड़ियों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। गोपीगंज के गिराई में फ्लाईओवर के पास बने कट पर लगाए गए बैरिकेड के कारण कांवड़िये भ्रमित होकर नगर में प्रवेश करने के बजाय सीधे हाईवे से निकल जा रहे हैं।

यह स्थिति तब है जब नगर का उत्तरी लेन भी कांवड़ियों के लिए आरक्षित किया गया है। प्रयागराज-वाराणसी के बीच गिराई के पास गोपीगंज नगर के लिए खोले गए प्रवेश मार्ग पर बैरिकेडिंग लगाकर हाईवे पर 'कांवड़िया मार्ग' का बोर्ड लगा दिया गया है, जिससे कांवड़िये सीधे आगे बढ़ रहे हैं।

व्यापार मंडल अध्यक्ष श्रीकांत जायसवाल ने बताया कि पहले कांवड़िये नगर से होकर गुजरते थे, जिससे वे नगर से ही खाने-पीने का सामान खरीदते थे। साथ ही नगर के शिवालयों में दर्शन-पूजन और विश्राम भी करते थे। बैरिकेडिंग के कारण अब यह सब प्रभावित हो रहा है।

इसी तरह, औराई-मिर्जापुर रोड के किनारे इन दिनों एक हस्तशिल्प प्रदर्शनी का मेला लगा है। यहां दोपहर से लेकर आधी रात तक कांवड़ियों की लेन पर बाइक और चार पहिया वाहन खड़े रहते हैं। इससे कांवड़ियों को दिक्कत होती है और जाम की स्थिति भी बनती है, खासकर शुक्रवार, शनिवार और रविवार को मिर्जापुर से जौनपुर जाने वाले पश्चिमी लेन पर भारी भीड़ रहती है।

जिला एवं पुलिस प्रशासन सुरक्षित कांवड़ यात्रा के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। यातायात प्रभारी राकेश सिंह ने बताया कि यातायात पुलिस लगातार भ्रमण कर रही है और अगर ऐसा है तो खड़े वाहनों का चालान किया जाएगा। वहीं, हाईवे पर नगर के कट के पास पुलिसकर्मी तैनात हैं, जो जरूरत पड़ने पर कांवड़ियों के लिए लेन खोल रहे हैं।
नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार: कोइरौना पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत की कार्रवाई

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कोइरौना पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने के मामले में वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वादिनी (पीड़िता की मां) की तहरीर पर थाना कोइरौना में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 148/26, धारा 65(1)/351(3) बीएनएस-2023 व 3/4(2) पॉक्सो एक्ट के तहत की गई है।

पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा था। इसी अभियान के तहत बुधवार को कोइरौना पुलिस टीम वांछित अपराधियों की तलाश कर रही थी।

मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने आरोपी को सीतामढ़ी गेट के पास टेम्पू स्टैंड से धर दबोचा। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान शिवबहादुर उर्फ टुनटुन पुत्र जगत कुमार निषाद उर्फ अंसारी, निवासी गोपालापुर कलिंजरा, थाना कोइरौना, जनपद भदोही के रूप में हुई है। उसकी उम्र 18 वर्ष बताई गई है।

गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष कोइरौना मनीष द्विवेदी, हेड कांस्टेबल शशिकांत, कांस्टेबल हरिनन्दन कुमार, महिला कांस्टेबल गुंजन और हेड कांस्टेबल (चालक) शैलेन्द्र कुमार यादव शामिल थे।
बात मनवाने के लिए टावर बन रहा हथियार, सुरक्षा की हो रही अनदेखी

*जिले में 15 दिनों के भीतर टावर पर चढ़ने की पांच घटनाएं*



रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में अपनी मांगों को मनवाने के लिए मोबाइल टावर पर चढ़ने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। बीते पांच महीनों में आठ और 15 दिन में पांच मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। मोबाइल टावर की सुरक्षा के विशेष इंतजाम न होने से आसानी से लोग टावरों पर चढ़ जाते हैं। इससे प्रशासन व आम लोगों की परेशानी बढ़ जाती है।
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जिले भर में अलग-अलग कंपनियों के दो से तीन दर्जन मोबाइल टावर हैं। मोबाइल टॉवरों की सुरक्षा घेरा और वहां कर्मचारियों की तैनाती न होने से आसपास के गांवों के लोगों की पहुंच वहां आसानी से हो जाती हैं। जिसके बाद अपनी बात मनवाने की जिद में लोग टावर पर चढ़कर घंटों ड्रामा करते हैं। जिले में इन दिनों टावर पर चढ़ने का प्रयोग तेजी से बढ़ा रहा है। सबसे अधिक गोपीगंज कोतवाली में इस तरह के मामले देखे जा रहे हैं। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से यह स्पष्ट है कि कुछ लोग अपनी मांगों को मनवाने के लिए मोबाइल टावर को विरोध प्रदर्शन का माध्यम बना रहे हैं। यह प्रवृत्ति न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि संबंधित व्यक्ति और बचाव कार्य में जुटे पुलिसकर्मियों के जीवन को भी खतरे में डालती है। मानवीय संवेदनाओं को देखते हुए पुलिस इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई भी नहीं कर पाती।

हालांकि बीते एक सप्ताह में पुलिस ने एक आरोपी को जेल भेजा है, वहीं एक पर प्राथमिकी भी दर्ज की है, लेकिन इससे मोबाइल टावरों पर चढ़ने की घटनाओं में कमी आएगी या नहीं, यह एक बड़ा सवाल है। जिले के प्रमुख टॉवरों पर सुरक्षा गार्डों की तैनाती, संवेदनशील स्थानों की नियमित निगरानी और इस प्रकार का कृत्य करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई जैसे कदम उठाए जाते तो इस पर लगाम भी लग सकता है।



ज्ञात हो, 21 जुलाई को औराई के उपरौठ में ओवरब्रिज बनवाने व चीनी मिल चालू करने की मांग को लेकर युवक टावर पर चढ़ गया था। इसी तरह से 22 जुलाई को किशुनदेवपुर में कंटेनर चालक सुरेन्द्र पांडेय मारपीट का आरोप लगाकर टावर पर चढ़ा था। इसके अलावा 30 जुलाई को बिरनई में एक गर्भवती महिला प्रेमी को बुलाने की जिद में टावर पर चढ़ी थी। दो अगस्त को धनापुर दक्षिणी में प्रेमिका को बुलाने की जिद कर विजय गौतम नाम का युवक टावर पर चढ़ा था। इसी तरह से तीन अगस्त को किशुनदेवपुर में पति को बुलाने की जिद में अंजली बिंद नाम की युवती टावर पर चढ़ गई थी।



एसपी अभिनव त्यागी का कहना है कि अपनी बात मनवाने का यह कल्चर ठीक नहीं है। आगे से टॉवर पर चढ़ने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। मोबाइल टॉवर कंपनियों को टॉवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो अब प्रशासन की ओर से वहां ताला लगाकर बंद कर दिया जाएगा।
चकवा महावीर मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़*
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। सावन मास के पहले मंगलवार को महावीर मंदिरों भक्तों की भीड़ लगी रही। सुबह से ही मंदिरों पर पवनसुत के दर्शन पूजन को श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। बड़ी संख्या में पहुंचे महिला, पुरुष श्रद्धालुओं व बच्चों तक ने हलुआ, पूड़ी, चना से लेकर अन्य सामग्री चढ़ाकर दर्शन पूजन किया। ऐतिहासिक चकवा महावीर मंदिर पर सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। दोपहर होते होते संख्या हजारों पहुंच गई। पूजन अर्चन का सिलसिला पूरे दिन चलता रहा। बच्चे-बूढे़ रहे हों या फिर महिला व पुरुष, जो भी पहुंचा पवनसुत को पूरी आस्था के साथ पूजन अर्चन करता व शीश नवाता रहा। श्रद्धालुओं की होने वाली भीड़ के चलते विविध तरह की दुकानें सजी थीं। इससे मंदिर परिसर में मेले जैसा नजारा दिख रहा था। महिलाएं घर गृहस्थी के सामानों तो बच्चे खान-पान की दुकानों पर डटे रहे।
सावन के पहले सोमवार पर शिवालयों में उमड़ी आस्था:भदोही के प्रमुख शिव मंदिरों में भक्तों ने किया जलाभिषेक
रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही जिले में श्रावण मास के पहले सोमवार को शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह 5 बजे मंदिरों के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं ने भगवान शंकर का जलाभिषेक और दर्शन-पूजन किया। इस दौरान मंदिरों में लंबी कतारें देखी गईं और सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात रहा।

गोपीगंज क्षेत्र के तिलंगा गांव स्थित प्राचीन बाबा तिलेश्वर नाथ धाम में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने गर्भगृह में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और विधि-विधान से पूजन किया। मान्यता है कि बाबा तिलेश्वर नाथ के दर्शन से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
यह मंदिर अपने आप में रहस्यमयी है, जहां शिवलिंग ऋतु के अनुसार अपना रंग बदलता है। अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने इस मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की थी। पूरे सावन मास तक मंदिर परिसर में मेले का भी आयोजन किया जाता है, जहां श्रद्धालु दर्शन-पूजन के साथ खरीदारी भी करते हैं।
जिले के अन्य प्रमुख शिवालयों जैसे बाबा बड़े शिव धाम, बाबा हरिहरनाथ मंदिर और बाबा सेमराध नाथ धाम में भी बड़ी संख्या में भक्तों ने जलाभिषेक और दर्शन किए।
श्रावण मास के पहले सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बड़े शिव मंदिर, गोपीगंज, सीतामढ़ी धाम (थाना कोइरौना) और सीतामढ़ी घाट/गंगा घाट क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंदिर परिसर, दर्शन मार्ग, बैरिकेडिंग व्यवस्था, पार्किंग स्थल, घाटों और यातायात व्यवस्था का गहनता से मुआयना किया। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।