"50 लाख लौटाने की मांग पर रंगदारी का झूठा केस!" पीड़ित दंपती का बड़ा आरोप, एसएसपी और आईजी से उच्चस्तरीय जांच की मांग

गया। गया शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित गोड़िया मठ मोहल्ला निवासी अमित कुमार और उनकी पत्नी शिल्पा गुप्ता ने बुधवार को प्रेस वार्ता कर बिल्डर विकास कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज 50 लाख रुपये की रंगदारी और पिस्तौल दिखाकर जान से मारने की धमकी का मामला पूरी तरह झूठा और साजिश के तहत दर्ज कराया गया है। दंपती ने जिला पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

अमित कुमार ने बताया कि विकास कुमार उनके चचेरे भाई हैं। पारिवारिक रिश्ते पर भरोसा करते हुए उन्होंने "गजाधर टावर" नामक निर्माण परियोजना में अपनी पत्नी शिल्पा गुप्ता, सुमित कुमार, नीलम देवी और सुरेश प्रसाद के साथ मिलकर करीब 40 लाख रुपये का निवेश किया था। समझौते के अनुसार, उन्हें 35 लाख रुपये में एक 2BHK फ्लैट दिया जाना था, साथ ही निवेश की गई राशि लौटाने की बात भी स्टांप पेपर पर लिखित रूप से दर्ज की गई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब तय समय पर उन्होंने अपनी राशि की मांग की तो विकास कुमार लगातार टालमटोल करते रहे। बाद में जब वह अपने पैसे की मांग करने उनके कार्यालय पहुंचे तो उनके खिलाफ रंगदारी मांगने और हथियार के बल पर धमकी देने का मामला दर्ज करा दिया गया। अमित कुमार का कहना है कि कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज इस बात का प्रमाण है कि वे बिना किसी हथियार के सामान्य रूप से कार्यालय पहुंचे थे। ऐसे में रंगदारी और पिस्तौल दिखाने के आरोप पूरी तरह निराधार हैं।

शिल्पा गुप्ता ने कहा कि उनके परिवार की मेहनत की कमाई वापस न करनी पड़े, इसलिए उनके पति को झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कुमार पहले भी लोगों को बड़े-बड़े प्रोजेक्ट का लालच देकर पैसे लेते रहे हैं और बाद में रकम लौटाने से बचने के लिए विवाद खड़ा कर देते हैं। परिवार का सदस्य होने के कारण उन्होंने भी उन पर विश्वास किया, लेकिन बदले में धोखा मिला।

दंपती ने गया के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और मगध रेंज के आईजी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि सीसीटीवी फुटेज, लिखित समझौते और अन्य साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की जाए तो सच्चाई स्वतः सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी निर्दोष व्यक्ति पर झूठे आरोप लगाकर उसे कानूनी विवाद में फंसाना न्याय व्यवस्था के साथ खिलवाड़ है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।

रिटायर्ड सैनिक की पत्नी ने न्याय के लिए लगा रही है थाने की चक्कर, उसके निजी जमीन पर अन्य व्यक्तियों द्वारा कब्जा कर मकान बनाने का लगाया आरोप

पीड़ित महिला ने सुनाई आप-बीती, कही पति कैंसर के इलाज के लिए हॉस्पिटल में है भर्ती, इधर दबंगों ने जमीन पर कब्जे का किया प्रयास

गया: गया जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र के हरिगांव गांव के चुका बिगहा टोला की रहने वाली एक महिला ने अपनी खरीदी हुई जमीन पर कथित अवैध कब्जा, जबरन निर्माण और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), मध्य प्रक्षेत्र, गया से न्याय की गुहार लगाई है।पीड़िता का कहना है कि आईजी से मिलने के बाद भी थाना का चक्कर लगाना पड़ रहा है,और थाने की पुलिस कोई कार्रवाई नही कर रही है। पीड़िता ने बताया कि उनके पति रिटायर्ड सैनिक हैं और इस वक्त वह कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज कराने के लिए नई दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में भर्ती हैं। इसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने उनकी अनुपस्थिति का लाभ उठाकर मेरे निजी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास शुरू कर दिया.

शिकायत पत्र के अनुसार, पीड़िता रिंकुमनी देवी ने आरोप लगाया है कि गांव के कुछ लोगों ने उनकी खरीदी हुई भूमि पर जबरन निर्माण कार्य शुरू करने की कोशिश की। विरोध करने पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया तथा उन्हें और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। महिला का आरोप है कि दबंग प्रवृत्ति के लोग लगातार उन पर दबाव बना रहे हैं ताकि वे अपनी जमीन छोड़ दें।

आवेदन में कई लोगों के नाम का उल्लेख करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। पीड़िता का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो किसी भी समय बड़ा विवाद या अप्रिय घटना हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर शिकायत करने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे आरोपितों का मनोबल बढ़ गया है।

महिला ने अपने आवेदन में यह भी बताया है कि भूमि विवाद का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। न्ययालय में वाद लंबित रहने के बावजूद विपक्षी पक्ष कथित रूप से विवादित भूमि पर निर्माण कराने का प्रयास कर रहा है। उनका कहना है कि न्यायिक प्रक्रिया जारी होने के बावजूद कानून की अनदेखी कर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।

पीड़िता के अनुसार, उन्होंने पहले भी बेलागंज थाना में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक, मध्य प्रक्षेत्र, गया को आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, अवैध निर्माण पर रोक लगाने तथा उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि दस्तावेज़ पर लगी प्राप्ति मुहर से होती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।

इस संबंध में बेलागंज थाना अध्यक्ष से बात किया गया तो उनका कहना था कि मामला जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है, सीओ के दोबारा पुलिस प्रोटेक्शन मांगा जाएगा तो उपलब्ध कराया जाएगा यह जो मामला है सीओ से जुड़ा मामला है. मारपीट का भी और आरोप लगाया जा रहा है, इसकी जांच की जा रही है.

मगध मोटर्स में नई टाटा टियागो की भव्य लॉन्चिंग, पेट्रोल, CNG और EV विकल्पों के साथ ग्राहकों के लिए हुई पेश

गया: गया शहर के प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल शोरूम मगध मोटर्स में टाटा मोटर्स की लोकप्रिय हैचबैक नई टाटा टियागो की भव्य लॉन्चिंग की गई। इस अवसर पर ग्राहकों, शहर के गणमान्य लोगों, बैंक एवं फाइनेंस कंपनियों के प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि टाटा मोटर्स के रीजनल मैनेजर निमेष कुमार, डिप्टी रीजनल मैनेजर प्रभात कुमार, SBI के प्रतिनिधि, IMA के प्रेसिडेंट एवं रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों ने संयुक्त रूप से नई टाटा टियागो का अनावरण कर इसे आधिकारिक रूप से ग्राहकों के लिए लॉन्च किया।

कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि नई टाटा टियागो को आधुनिक ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। आकर्षक एक्सटीरियर, प्रीमियम इंटीरियर, एडवांस इंफोटेनमेंट सिस्टम, बेहतर कनेक्टिविटी फीचर्स, दमदार सेफ्टी तकनीक और शानदार ड्राइविंग अनुभव इसे अपने सेगमेंट की एक बेहतरीन कार बनाते हैं। सबसे खास बात यह है कि यह कार पेट्रोल, CNG और इलेक्ट्रिक (EV) तीनों विकल्पों में उपलब्ध है, जिससे ग्राहकों को अपनी आवश्यकता और बजट के अनुसार बेहतर विकल्प मिल सकेगा।

मगध मोटर्स के महाप्रबंधक प्रवीण कुमार ने बताया कि नई टाटा टियागो के सभी वेरिएंट की बुकिंग शुरू हो चुकी है। ग्राहकों के लिए टेस्ट ड्राइव, आकर्षक फाइनेंस योजनाएं और एक्सचेंज ऑफर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने शहरवासियों से शोरूम पहुंचकर नई टियागो का अनुभव लेने और अपनी पसंद के मॉडल की बुकिंग कराने की अपील की।

कार्यक्रम में मगध मोटर्स के निदेशक सुधीर कुमार सिंह, शोरूम के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न बैंक एवं फाइनेंस कंपनियों के प्रतिनिधि, शहर के गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में ग्राहक मौजूद रहे।

'मैं अब घर वापस नहीं आऊंगा...' बहन को मैसेज भेजकर लापता हुआ छात्र, बैग और लैपटॉप लेकर निकला था घर से

गया। गया जिले के गुरारू थाना क्षेत्र के रुकूनपुर गांव से एक छात्र के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला सामने आया है। घर से दोस्त से किताब लेने की बात कहकर निकला युवक देर रात तक वापस नहीं लौटा। इस बीच उसके मोबाइल नंबर से बहन के पास एक ऐसा संदेश आया, जिसने पूरे परिवार को चिंता और सदमे में डाल दिया। मैसेज में लिखा था—"मैं अब घर वापस नहीं आऊंगा।" इसके बाद से युवक का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसकी तलाश में जुटी हुई है।

जानकारी के अनुसार, गुरारू थाना क्षेत्र के रुकूनपुर गांव निवासी संतोष कुमार का छोटा पुत्र शिवम कुमार उर्फ छोटू गुरुवार की सुबह करीब 9 बजे घर से निकला था। उसने अपने पिता से किताब खरीदने के लिए पैसे मांगे और बताया कि पटना से उसका एक दोस्त गया स्टेशन आ रहा है, जिससे उसे किताब लेनी है। यह कहकर वह घर से निकल गया।

परिजनों के अनुसार, घर से निकलने के करीब तीन घंटे बाद शिवम के मोबाइल नंबर से उसकी बहन के मोबाइल पर एक संदेश आया, जिसमें लिखा था, "मैं अब घर वापस नहीं आऊंगा।" यह संदेश पढ़ते ही परिवार के लोगों के होश उड़ गए। परिजनों ने तुरंत शिवम से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला।

इसके बाद रिश्तेदारों और परिचितों के यहां भी उसकी तलाश की गई, लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चला। बताया जाता है कि शिवम कुमार (छोटू) करीब दो वर्ष पहले पटना में रहकर पढ़ाई करता था। बाद में वह अपने गांव लौट आया और वहीं रहकर आगे की पढ़ाई कर रहा था। घर से निकलते समय वह अपने साथ एक बैग और लैपटॉप भी लेकर गया था। इसी वजह से परिजन आशंका जता रहे हैं कि वह किसी योजना के तहत घर से निकला हो सकता है, हालांकि उसके द्वारा भेजे गए संदेश ने परिवार की चिंता और बढ़ा दी है।.

अपने बेटे की तलाश में पिता संतोष कुमार रात में ही मुगलसराय और वाराणसी तक पहुंचे। उन्होंने रेलवे स्टेशन और अन्य संभावित स्थानों पर काफी खोजबीन की, लेकिन शिवम का कोई सुराग नहीं मिल सका। लगातार तलाश के बाद भी जब कोई जानकारी नहीं मिली, तब उन्होंने गुरारू थाना पहुंचकर लिखित आवेदन देते हुए अपने पुत्र की सकुशल बरामदगी की गुहार लगाई।

इस मामले में गुरारू थाना अध्यक्ष ने बताया कि युवक के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की गई है। जांच में उसकी अंतिम लोकेशन सासाराम मिली है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ अन्य सभी पहलुओं की जांच कर रही है। संभावित स्थानों पर पुलिस टीम को सक्रिय किया गया है और युवक की सकुशल बरामदगी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल पूरे गांव में इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है। परिजन बेटे की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही युवक का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा। अगर किसी को नजर पड़ती है तो इस नंबर पर कॉल करें: 8521101910, 9304365306

गया के चेरकी में खुला मगध बर्न एवं मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, अब गांव में मिलेगा शहर जैसी सुपर स्पेशलिस्ट इलाज की सुविधा

गया: गया जिले के गया-शेरघाटी मुख्य मार्ग स्थित चेरकी में शुक्रवार का दिन ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। यहां मगध बर्न एवं मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का भव्य शुभारंभ किया गया। अस्पताल का उद्घाटन टिकारी विधायक अजय दांगी एवं गुरुआ विधायक डॉ. उपेंद्र प्रसाद ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, चिकित्सक और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

अस्पताल के शुरू होने से अब गया, शेरघाटी, गुरुआ, आमस, डोभी, बाराचट्टी और आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों को गंभीर बीमारियों और जटिल सर्जरी के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। अस्पताल में प्लास्टिक सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. संजय कुमार, न्यूरो सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. वीर अभिमन्यु पंडित एवं डॉ. राकेश कुमार, यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. कौशल कुमार, जनरल फिजिशियन डॉ. रजनीकांत, ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ डॉ. राहुल कुमार, जनरल सर्जन डॉ. चंदन कुमार तथा मैक्सिलो-फेशियल सर्जन डॉ. अमित कुमार अपनी सेवाएं देंगे।

प्लास्टिक सर्जन डॉ. संजय कुमार ने बताया कि अस्पताल में जले हुए मरीजों का अत्याधुनिक इलाज, पुराने जख्मों का उपचार, त्वचा कैंसर, सफेद दाग (विटिलिगो) की सर्जरी, जलने से शरीर में आई विकृतियों का ऑपरेशन, हर्निया, बवासीर, लेप्रोस्कोपिक सर्जरी, स्तन की गांठ का उपचार, फ्रैक्चर एवं प्लास्टर सुविधा, घुटना, कंधा और कमर दर्द का इलाज, गठिया (आर्थराइटिस), हड्डी एवं जोड़ की सर्जरी, दुर्घटना में कटे हाथ या उंगली को माइक्रो सर्जरी से जोड़ने, कटी नसों की मरम्मत, चेहरे की हड्डियों की सर्जरी और कॉस्मेटिक सर्जरी जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा जन्मजात हाथ एवं अंगुलियों की समस्याओं का भी विशेषज्ञ इलाज किया जाएगा।

इस मौके पर प्लास्टिक सर्जरी डॉ. संजय कुमार ने भावुक होते हुए कहा कि उनका जन्म चेरकी गांव में ही हुआ है। वर्षों तक शहरों में मरीजों का सफल इलाज करने के बाद अब अपने गांव और आसपास के लोगों की सेवा करने का सपना पूरा हुआ है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को बेहतर और किफायती चिकित्सा उपलब्ध कराना ही उनका उद्देश्य है, ताकि आर्थिक अभाव के कारण किसी मरीज को इलाज से वंचित न रहना पड़े। उद्घाटन समारोह में डॉ. संतोष कुमार, डॉ. एस.के. सुमन, डॉ. चंदन कुमार, विनोद कुमार जया, पिंटू प्रजापति, बलवीर कुमार, कुमारी गीता, अमृता कुमारी एवं सविता किरण सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अस्पताल के शुभारंभ से क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है और उम्मीद जताई जा रही है कि यह संस्थान ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का नया केंद्र बनेगा।

भरत तिवारी समाजसेवी नहीं, आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा व्यक्ति था : रंजीत कुशवाहा

भोजपुर एनकाउंटर को लेकर जदयू नेता ने रखा पक्ष, कहा- अपराधियों की कोई जाति नहीं होती

गया। भोजपुर में हुए चर्चित एनकाउंटर मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के बीच गया जिला युवा जदयू के जिला उपाध्यक्ष सह नगर प्रखंड 20 सूत्री कार्यक्रम समिति सदस्य रंजीत कुशवाहा ने गुरुवार को प्रेस वार्ता कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी को समाजसेवी बताने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि उसके सोशल मीडिया और गतिविधियों को देखने से अलग तस्वीर सामने आती है।

गया जिला युवा जदयू के जिला उपाध्यक्ष रंजीत कुशवाहा ने दावा किया कि भरत तिवारी पहले से ही आपराधिक गिरोह से जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी के सोशल मीडिया अकाउंट पर सरकार विरोधी पोस्ट के साथ-साथ हथियार लहराते हुए कई वीडियो मौजूद हैं। ऐसे व्यक्ति को समाजसेवी बताना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति स्वयं रिवॉल्वर लेकर चलता हो और पुलिस के सामने हथियार तानता दिखाई देता हो, वह समाज सेवा नहीं बल्कि कानून को चुनौती देने का काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई को एकतरफा तरीके से देखने के बजाय पूरे घटनाक्रम को समझने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, पुलिस ने पहले आत्मसमर्पण करने का अवसर दिया था, लेकिन बाद में जानकारी सामने आई कि भरत तिवारी की ओर से भी गोलीबारी की गई। ऐसे में पुलिस को अपनी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति पुलिस पर हथियार तानता है और गोली चलाने की क्षमता रखता है, तो पुलिस के पास कार्रवाई के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता।

सम्राट चौधरी के खिलाफ साजिश का लगाया आरोप, सरकार की कार्रवाई का किया समर्थन

प्रेस वार्ता के दौरान रंजीत कुशवाहा ने बिहार सरकार की कानून-व्यवस्था को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग इस मामले को राजनीतिक रंग देकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ साजिश रची जा रही है, लेकिन इससे उनके राजनीतिक कद पर कोई असर नहीं पड़ेगा। रंजीत कुशवाहा ने दावा किया कि बिहार में अपराधियों के खिलाफ जिस तरह की कार्रवाई हो रही है, उससे आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि अपराधियों को मुंहतोड़ जवाब देने का काम सरकार कर रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि अपराध को जाति के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। अपराधी की पहचान उसके अपराध से होती है, न कि उसकी जाति या समुदाय से। इसलिए किसी भी आपराधिक मामले को जातीय या राजनीतिक रंग देना समाज और कानून दोनों के हित में नहीं है।

बोधगया में जमीन कब्जाने का आरोप, विरोध करने पर महिला से मारपीट, वकील समेत पांच लोगों पर गंभीर आरोप, पुश्तैनी जमीन बचाने को महिला की गुहार

FIR के बाद भी गिरफ्तारी नहीं!

भूमाफियाओं के डर में जी रहा पीड़ित परिवार

गया: गया जिले के बोधगया थाना क्षेत्र के अमर बीघा गांव में जमीन विवाद को लेकर एक महिला ने गांव के ही कुछ दबंग लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अमर बीघा निवासी कौलेश्वरी देवी, पति जयराम पांडे ने आरोप लगाया है कि गांव के मुकेश कुमार राय समेत पांच लोग उनकी पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई तथा लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है।

मामले को लेकर पीड़िता ने बोधगया थाना में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई है और आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की है। पीड़िता कौलेश्वरी देवी ने मीडिया को बताया कि गांव के मुकेश कुमार राय (पिता कृष्णा राय), खुशी कुमार (पिता सुरेंद्र राय), टेनी कुमार, रोहित राय और सुरेंद्र राय मिलकर उनकी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि आरोपित लोग अक्सर गाली-गलौज करते हैं और जमीन छोड़ने का दबाव बनाते हैं। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई।

महिला ने आरोप लगाया कि हाल ही में हुई घटना के दौरान सुरेंद्र राय और मुकेश कुमार राय ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। उन्होंने कहा कि दोनों ने उनके बाल पकड़कर जमीन पर पटक दिया और लात-घूंसों से हमला किया। शोर-शराबा होने पर आसपास के लोगों के पहुंचने के बाद किसी तरह वह वहां से निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहीं। घटना के बाद वह काफी भयभीत हैं और उनका पूरा परिवार दहशत के माहौल में जी रहा है।

पीड़ित महिला कौलेश्वरी देवी का आरोप है कि मुकेश कुमार राय स्वयं को वकील बताते हैं और वकालत का प्रभाव दिखाकर लोगों पर दबाव बनाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि वकील का काम लोगों को न्याय दिलाना होता है, लेकिन मुकेश कुमार राय गरीब और कमजोर लोगों की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करते हैं।

महिला ने बताया की जमीन से जुड़े जिन दस्तावेजों के आधार पर दावा किया जा रहा है, वे पूरी तरह फर्जी हैं। उन्होंने प्रशासन से दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है।

पीड़ित महिला के अनुसार उनका गांव में लगभग 10 कट्ठा जमीन है, जिस पर आरोपितों की नजर है। उन्होंने कहा कि आरोपित लोग उन्हें खेत जोतने तक नहीं देते हैं और बार-बार धमकी देते हैं कि यदि जमीन पर गए तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार उन्हें गांव छोड़ने की धमकी दी गई और गोली मारने तक की बात कही गई। कौलेश्वरी देवी ने दावा किया कि मुकेश कुमार राय के खिलाफ बोधगया थाना में पहले से कई मामले दर्ज हैं। उनका कहना है कि इसके बावजूद पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे आरोपितों का मनोबल बढ़ा हुआ है।

उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाया तो भविष्य में कोई बड़ी घटना हो सकती है। पीड़िता ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भूमाफियाओं और दबंग तत्वों पर अंकुश लगाना जरूरी है, ताकि गरीब और कमजोर लोगों की जमीन सुरक्षित रह सके तथा उन्हें न्याय मिल सके।

गया को मिली आधुनिक ईएनटी सुविधा की सौगात, एपी कॉलोनी में सत्यार्थी ईएनटी क्लिनिक का भव्य शुभारंभ

कान, नाक, गला एवं हेड-नेक से संबंधित बीमारियों का होगा इलाज

गया। शहर के गया कॉलेज मोड़ स्थित वी-मार्ट 3, एपी कॉलोनी में सत्यार्थी ईएनटी क्लिनिक का भव्य शुभारंभ पूजा-अर्चना एवं फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर स्थानीय लोगों, चिकित्सकों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही। 

क्लिनिक में ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. विक्रम सत्यार्थी (एमबीबीएस, एमएस ईएनटी) द्वारा कान, नाक, गला एवं हेड-नेक से संबंधित बीमारियों का आधुनिक तकनीक से इलाज किया जाएगा। उद्घाटन के मौके पर डॉ. विक्रम सत्यार्थी ने बताया कि वह चार वर्ष पहले भी गया में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके बाद एक वर्ष तक जमुई और फिर पुनः गया के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उन्होंने यहां अपनी सेवा शुरू करने का निर्णय लिया।

उन्होंने कहा कि सत्यार्थी ईएनटी क्लिनिक में कान, नाक और गले से जुड़ी सभी प्रकार की बीमारियों की जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध है। यहां अत्याधुनिक मशीनों की मदद से कान से पानी आना, कान के परदे में छेद होना, कान की हड्डी गलना, सुनने में परेशानी, साइनस, टॉन्सिल और गले की अन्य बीमारियों का इलाज किया जाएगा। साथ ही ईएनटी से जुड़े ऑपरेशन और सर्जरी की भी व्यवस्था रहेगी।

क्लिनिक की विशेषता यह है कि यहां दूरबीन (एंडोस्कोपी) द्वारा जांच की आधुनिक सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे मरीजों की बीमारी का सटीक निदान संभव होगा। शहरवासियों ने इस नई स्वास्थ्य सुविधा का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे गया और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को काफी लाभ मिलेगा।

"बिहारी होना गर्व की बात, युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ना समय की मांग" : विकास वैभव

बौधायन कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी का भव्य उद्घाटन, शिक्षा और रोजगार के नए युग की शुरुआत

गया: गया शहर के ए.पी. कॉलोनी स्थित बौधायन कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के भव्य उद्घाटन समारोह में शिक्षा, रोजगार और बिहार के गौरव को लेकर प्रेरणादायक संदेशों की गूंज सुनाई दी। समारोह का उद्घाटन मगध क्षेत्र के आईजी विकास वैभव, कॉलेज के चेयरमैन कैप्टन राज कुमार सिंह, निदेशक डॉ. नेहा राज सिंह तथा संस्थान के बोर्ड सदस्यों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षाविद एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि आईजी विकास वैभव ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार की पहचान केवल एक राज्य के रूप में नहीं, बल्कि ज्ञान, शिक्षा और संस्कृति की वैश्विक धरोहर के रूप में रही है। उन्होंने कहा, “बिहारी होना किसी भी दृष्टि से अपमान नहीं, बल्कि गर्व की बात है। आज आवश्यकता है कि युवा अपनी प्रतिभा और शिक्षा के बल पर बिहार को फिर से उसकी गौरवशाली पहचान दिलाएं।”

उन्होंने युवाओं से रोजगारपरक एवं व्यावहारिक शिक्षा को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कॉलेज की निदेशक डॉ. नेहा राज सिंह ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल शैक्षणिक डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन के हर क्षेत्र में सफल बनाने के लिए आवश्यक कौशल, संस्कार और नेतृत्व क्षमता विकसित करना है।

उन्होंने बताया कि कॉलेज में आधुनिक शिक्षण पद्धति, तकनीकी संसाधन और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं चेयरमैन कैप्टन राज कुमार सिंह ने कहा कि बौधायन कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि संस्थान में अनुभवी शिक्षकों की टीम, आधुनिक कक्षाएं तथा व्यक्तित्व विकास और करियर मार्गदर्शन की विशेष व्यवस्था की गई है।

समारोह के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहे। गायन, नृत्य और लोकनृत्य की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। पूरे परिसर में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने संस्थान की पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह महाविद्यालय गया और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा एवं रोजगार के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।

गया में डॉक्टर की डिग्री पर घमासान: अर्श हॉस्पिटल ने डॉ. टी शर्मा के दस्तावेजों पर उठाया सवाल, उच्चस्तरीय जांच की उठाई मांग

गया: गया शहर में स्वास्थ्य जगत से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। अर्श हॉस्पिटल प्रबंधन ने चिकित्सक डॉ. टी शर्मा की शैक्षणिक डिग्रियों, प्रमाणपत्रों और अन्य दस्तावेजों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है। इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन की ओर से मगध प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) को एक विस्तृत आवेदन सौंपा गया है, जिसमें कई बिंदुओं पर जांच कराने का अनुरोध किया गया है।

मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में अर्श हॉस्पिटल के अध्यक्ष डॉ. नवनीत निश्चल, प्रबंध निदेशक डॉ. कविता निश्चल, समाजसेवी हरि प्रपन्ना तथा अन्य अधिकारियों ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन पारदर्शी जांच का समर्थक है और चाहता है कि पूरे मामले की निष्पक्ष पड़ताल हो ताकि सच्चाई सामने आ सके। प्रबंधन का आरोप है कि कुछ लोग सुनियोजित तरीके से अस्पताल की छवि धूमिल करने और संस्थान को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही अस्पताल के डॉक्टरों एवं कर्मचारियों को डराने-धमकाने की भी शिकायत की गई है।

प्रबंधन के अनुसार डॉ. टी शर्मा के विभिन्न दस्तावेजों में नाम, जन्मतिथि तथा अन्य व्यक्तिगत जानकारियों को लेकर कथित विसंगतियां दिखाई देती हैं। आवेदन में किर्गिज स्टेट मेडिकल अकादमी से एमबीबीएस की पढ़ाई, नामांकन, डिग्री प्राप्ति, एफएमजी (फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट) परीक्षा, इंटर्नशिप, पासपोर्ट, वीजा, बैंक खातों एवं अन्य संबंधित अभिलेखों की सत्यता की जांच कराने की मांग की गई है। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि कुछ दस्तावेजों में उनका नाम “टिकेंद्र शर्मा” दर्ज है, जबकि एमबीबीएस प्रमाणपत्र में “टिकेंद्र कुमार शर्मा” अंकित बताया गया है।

प्रेस वार्ता कर अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार और बेबुनियाद बताया

वहीं, दूसरी ओर डॉ. टी शर्मा ने भी अलग प्रेस वार्ता कर अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि उनके पास अपनी शैक्षणिक योग्यता और चिकित्सकीय अभ्यास से जुड़े सभी आवश्यक एवं वैध दस्तावेज उपलब्ध हैं। उनका कहना है कि दस्तावेजों में उम्र या व्यक्तिगत विवरण से जुड़ी छोटी-मोटी त्रुटियां कई लोगों के अभिलेखों में हो सकती हैं और बाद में उनका सुधार भी हो जाता है, लेकिन उनकी डिग्री को फर्जी बताना गलत है।

डॉ. टी शर्मा ने कहा कि उन्हें कानून और न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है तथा वे किसी भी निष्पक्ष जांच का स्वागत करते हैं। फिलहाल दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है और अब सबकी निगाहें जांच एजेंसियों की आगामी कार्रवाई और निष्कर्ष पर टिकी हैं।