स्वास्थ्य- सेहत: चुनौतीपूर्ण होती है 6 वर्ष तक के बच्चों में टीबी की जांच
*वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर्स द्वारा बच्चों में होने वाले टीबी की बीमारी के बारे में किया गया प्रशिक्षित*
मिर्ज़ापुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज के अधीक्षक डॉक्टर संजय सिंह की अध्यक्षता में वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर्स द्वारा बच्चों ने होने वाले टीबी की बीमारी के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। मास्टर ट्रेनर डॉक्टर कैलाश कुमार बिंद ने समस्त स्टाफ एनटीईपी और एएनएम आयुष्मान आरोग्य मन्दिर के सीएचओ, आरबीएस के स्टाफ मेडिकल ऑफिसर को प्रशिक्षण देते हुए कहा कि बच्चों में होने वाली टीबी जैसी गंभीर बीमारी को पहचाना जा सके और उनका उपचार किया जा सके इसके लिए बच्चों में टीबी की समय से पहचान और उपचार न केवल संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने में सहायक है, बल्कि गंभीर जटिलताओं की रोक थाम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि ६ वर्ष तक के बच्चों में टीबी की जांच चुनौतीपूर्ण होती हैं, क्यों कि ये पर्याप्त मात्रा में बलगम नहीं निकाल पाते, ऐसे मामलों में गैस्ट्रिक एस्पिरेशन के माध्यम से नमूना लिया जाता है। जिसके लिए विशेष तकनीकी दक्षता और आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है। डॉक्टर संजय सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों को टीबी स्क्रीन तथा पेडियाट्रिक टीवी के निदान और उपचार संबंधी प्रक्रिया में दक्ष बनाना था, ताकि बच्चों में टीबी की समय पर पहचान और जांच होने से सुनिश्चित किया जा सके, जिससे बच्चों में होने वाली टीबी की बीमारी पहचान कर ट्रीटमेंट स्टार्ट किया जा सके। प्रशिक्षण में डॉक्टर संजय सिंह, मास्टर ट्रेनर डॉक्टर कैलाश बिन्द, डॉक्टर मनिंदर सिंह, डॉक्टर पंकज, वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर्स से धनंजय प्रसाद श्रीवास्तव, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक शमीम अहमद, लैब टेक्नीशियन नीरज सिंह, सिद्धार्थ उपाध्याय, मुकेश, राजेश, बिमलेश, अभय गर्ग, अंजुल, अम्बुज, अदीब, निकिता पटे, कल्पना, निर्मला देवी, मीनू पांडे आदि लोग उपस्थित रहे।
Jul 18 2026, 18:11
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