बिरसा मुंडा मैदान में चला वृक्षारोपण अभियान, जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने लगाए 51 पौधे
Mirzapur हलिया विकास खंड के हथेड़ा गांव स्थित बिरसा मुंडा मैदान में बुधवार को "एक पेड़ माँ के नाम" वृक्षारोपण महाअभियान-2026 के तहत वृहद पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छानबे विधायक रिंकी कोल, एसडीएम अजीत कुमार और बीडीओ विमल प्रकाश पाण्डेय ने आम, पीपल, बरगद, सीताफल एवं महुआ के पौधे लगाकर अभियान का शुभारंभ किया। छानबे विधायक रिंकी कोल ने कहा कि "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान प्रधानमंत्री की प्रेरणा से संचालित हो रहा है। प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मां के नाम पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अधिक से अधिक पौधरोपण आवश्यक है। एसडीएम अजीत कुमार ने ग्रामीणों से पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण की भी अपील की। वहीं बीडीओ विमल प्रकाश पाण्डेय ने बताया कि अभियान के तहत ग्राम पंचायतों में बड़े पैमाने पर छायादार एवं फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। हथेड़ा के बिरसा मुंडा मैदान में बुधवार को 51 पौधों का रोपण किया गया। जिनकी सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड भी लगाए जाएंगे। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान, कानूनगो शिव कुमार चौबे, लेखपाल सर्वेश सिंह, पंचायत सचिव चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, रोजगार सेवक स्कन्द दुबे, तुलसी दास पाल, जनार्दन कोल, शशिकांत पटेल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया।
स्वास्थ्य- सेहत: चुनौतीपूर्ण होती है 6 वर्ष तक के बच्चों में टीबी की जांच 

*वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर्स द्वारा बच्चों में होने वाले टीबी की बीमारी के बारे में किया गया प्रशिक्षित*

मिर्ज़ापुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज के अधीक्षक डॉक्टर संजय सिंह की अध्यक्षता में वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर्स द्वारा बच्चों ने होने वाले टीबी की बीमारी के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। मास्टर ट्रेनर डॉक्टर कैलाश कुमार बिंद ने समस्त स्टाफ एनटीईपी और एएनएम आयुष्मान आरोग्य मन्दिर के सीएचओ, आरबीएस के स्टाफ मेडिकल ऑफिसर को प्रशिक्षण  देते हुए कहा कि बच्चों में होने वाली टीबी जैसी गंभीर बीमारी को पहचाना जा सके और उनका उपचार किया जा सके इसके लिए बच्चों में टीबी की समय से पहचान और उपचार न केवल संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने में सहायक है, बल्कि गंभीर जटिलताओं की रोक थाम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि ६ वर्ष तक के बच्चों में टीबी की जांच चुनौतीपूर्ण होती हैं, क्यों कि ये पर्याप्त मात्रा में बलगम नहीं निकाल पाते, ऐसे मामलों में गैस्ट्रिक एस्पिरेशन के माध्यम से नमूना लिया जाता है। जिसके लिए विशेष तकनीकी दक्षता और आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है। डॉक्टर संजय सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों को टीबी स्क्रीन तथा पेडियाट्रिक टीवी के निदान और उपचार संबंधी प्रक्रिया में दक्ष बनाना था, ताकि बच्चों में टीबी की समय पर पहचान और जांच होने से सुनिश्चित किया जा सके, जिससे बच्चों में होने वाली टीबी की बीमारी पहचान कर ट्रीटमेंट स्टार्ट किया जा सके। प्रशिक्षण में  डॉक्टर संजय सिंह, मास्टर ट्रेनर डॉक्टर कैलाश बिन्द, डॉक्टर मनिंदर सिंह, डॉक्टर पंकज, वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर्स से धनंजय प्रसाद श्रीवास्तव, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक शमीम अहमद,  लैब टेक्नीशियन नीरज सिंह, सिद्धार्थ उपाध्याय, मुकेश, राजेश, बिमलेश, अभय गर्ग, अंजुल, अम्बुज, अदीब, निकिता पटे, कल्पना, निर्मला देवी, मीनू पांडे आदि लोग उपस्थित रहे।
दो पत्नियों की मौत के बाद अकेलेपन ने तोड़ा, बडेर में साड़ी के फंदे से लटका मिला शव

मीरजापुर। मड़िहान थाना क्षेत्र के गोपलपुर गांव में गुरुवार सुबह ग्राम प्रधान की सूचना पर पुलिस ने एक घर का दरवाजा तोड़ा तो अंदर का नजारा देखकर सभी सन्न रह गए। गांव निवासी 45 वर्षीय अमृत लाल का शव घर के बडेर में साड़ी के फंदे से लटका मिला। आशंका है कि मौत करीब 3-5 दिन पहले हुई थी।  
ग्राम प्रधान ने गुरुवार सुबह करीब साढ़े सात बजे पुलिस को सूचना दी कि अमृत लाल कई दिनों से घर से बाहर नहीं निकले और घर से तेज दुर्गंध आ रही है। सूचना पर साढ़े आठ बजे मड़िहान पुलिस मौके पर पहुंची।अंदर से बंद दरवाजा तोड़ा गया तो कमरे से उठी दुर्गंध इतनी तेज थी कि पुलिसकर्मियों के भी होश उड़ गए। 
करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस जवानों ने असहनीय दुर्गंध के बीच बडेर में साड़ी के फंदे से लटके शव को नीचे उतारा।इस दौरान दुर्गंध इतनी ज्यादा थी कि आसपास के ग्रामीण भी दूर से ही नजारा देखते रहे। कोई भी शव के पास तक नहीं पहुंच सका। फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए।मृतक के पिता लालधारी कोल ने बताया कि अमृतलाल मूल रूप से सोनभद्र के घोरावल थाना क्षेत्र के देवरी काठ गांव का निवासी था। 
पहली शादी जसमत्ती से हुई थी। जिससे 23 वर्षीय पुत्र सुरेंद्र है। सुरेंद्र के जन्म के तुरंत बाद जसमत्ती की मौत हो गई थी।  इसके बाद अमृतलाल ने क्षेत्र के ही दूसरे गांव की तेसरी देवी नामक महिला से प्रेम विवाह कर लिया और घर से भागकर करीब 20 साल पहले गोपलपुर आकर बस गया। यहां 6 विस्वा जमीन खरीदकर मकान बना लिया। तेसरी से 18 वर्षीय पुत्र संजय है। पिछले साल होली के दिन ही तेसरी देवी की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।पहली पत्नी का बेटा सुरेंद्र पुणे में प्राइवेट कंपनी में मजदूरी करता है। दूसरी पत्नी का बेटा संजय नासिक में मजदूरी करता है। दोनों पत्नियों की मौत के बाद अमृतलाल डेढ़ साल से गोपलपुर स्थित घर में बिल्कुल अकेला रह रहा था। उसने पूरे परिवार से नाता तोड़ लिया था। 
मृतक तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। दो भाई रामसजीवन और नरेश हैं। मौत की खबर सुनते ही बीमार मां फुला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।   
मड़िहान थानाध्यक्ष रविंद्र भूषण मौर्य ने बताया कि शव को बडेर से उतारकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का सही कारण और समय स्पष्ट होगा। 
घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है।
मीरजापुर : तीन मौतों के बाद कुदारन में बवाल, जाम के दौरान पुलिस-ग्रामीण आमने-सामने
-पथराव के बाद लाठीचार्ज, कई पुलिसकर्मी घायल, घंटों बाधित रहा वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग

मीरजापुर। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जनपद में अहरौरा थाना क्षेत्र के कुदारन गांव में ट्रक हादसे में तीन लोगों की मौत के बाद गुरुवार सुबह माहौल तनावपूर्ण हो गया। मुआवजे और कार्रवाई की मांग को लेकर परिजन व ग्रामीणों ने वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग जाम कर दिया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच कहासुनी के बाद स्थिति बिगड़ गई। पथराव होने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। घटना में कुछ पुलिसकर्मियों के भी चोटिल होने की सूचना है।

सुबह करीब आठ बजे बड़ी संख्या में ग्रामीण कुदारन चौराहे पर एकत्र होकर सड़क पर बैठ गए। इसी दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच विवाद बढ़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस के बाद माहौल अचानक उग्र हो गया और पुलिस पर पथराव शुरू हो गया। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख मौके पर पीएसी और आसपास के थानों की अतिरिक्त पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर सड़क खाली कराई। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के दौरान क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा। आसपास के लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों में दुबक गए। बाद में पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण पा लिया।

घंटों जाम से यात्रियों और कर्मचारियों की बढ़ी परेशानी

कुदारन चौराहे पर जाम के कारण वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा। पुलिस ने वाराणसी से सोनभद्र जाने वाले वाहनों को अदलहाट से इमलिया चट्टी मार्ग की ओर तथा सोनभद्र से वाराणसी आने वाले वाहनों को अहरौरा-जमुई-इमलिया चट्टी मार्ग से डायवर्ट किया। इससे ड्यूटी पर जाने वाले शिक्षक, बैंक कर्मचारी, निजी संस्थानों के कर्मी और अन्य यात्रियों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा। अपर पुलिस अधीक्षक आपरेशन राजकुमार मीणा का कहना है कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
बेकाबू ट्रक घर के बाहर सो रहे लोगों पर चढ़ा, तीन की मौत
- दो घायल, रात तीन बजे हुए हादसे से कुदारन गांव में मचा कोहराम

मीरजापुर। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर में अहरौरा थाना क्षेत्र के वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर स्थित कुदारन गांव में बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में घर के बाहर सो रहे तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

ट्रक सड़क किनारे घर के बाहर सो रहे लोगों पर चढ़ गया

जानकारी के अनुसार, बुधवार रात करीब तीन बजे वाराणसी से सोनभद्र की ओर जा रहा एक तेज रफ्तार ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे घर के बाहर सो रहे लोगों पर चढ़ गया। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही राजा राजभर (42), उनकी मां सुखिया देवी (75) तथा चंद्रतारा देवी (55) पत्नी सीताराम राजभर की मौत हो गई।हादसे में सुहानी राजभर (14) और सुनील शर्मा (37) गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही अहरौरा पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी

घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए।प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार मिश्र ने बताया कि अनियंत्रित ट्रक सड़क किनारे सो रहे लोगों पर चढ़ गया, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई और दो घायल हुए हैं। घायलों का उपचार कराया जा रहा है। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है तथा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
मीरजापुर के लाल पेड़ा कारोबारियों को मिलेगी आर्थिक उड़ान
*लाल पेड़ा कारोबार से जुड़े व्यवसायियों को प्रोत्साहित करने के लिए योगी सरकार दे रही भारी अनुदान*

*एक जिला एक व्यंजन (ODOC) योजना के तहत मीरजापुर के लाल पेड़ा को किया था शामिल*



मीरजापुर। हस्त निर्मित कालीनों के लिए प्रसिद्ध मीरजापुर के पारंपरिक स्वाद को वैश्विक पटल पर पहचान दिलाने के लिए प्रदेश की योगी सरकार एक जिला-एक व्यंजन यानि ओडीओसी योजना के तहत चयनित लाल पेड़ा के कारोबार को प्रोत्साहित करने के लिए अनुदान प्रदान करेगी। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत कुछ दिनों पहले ही लाल पेड़ा का चयन किया गया है। सरकार की ओर से दी जा रही आर्थिक मदद लाल पेड़ा को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ ही इसके कारोबार से जुड़े कारीगरों के लिए आर्थिक समृद्धि के द्वार खोलने का भी काम करेगी।

जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त संदीप कुमार ने बताया कि एक जिला-एक व्यंजन योजना के तहत 25 लाख रुपए से लेकर 5 करोड़ रुपए तक की परियोजना लागत पर उद्यमी को अनुदान प्रदान किया जाएगा। परियोजना लागत 25 लाख रुपए तक पर अनुदान राशि 25 प्रतिशत, 25 लाख से अधिक और 50 लाख तक पर परियोजना लागत का 20 प्रतिशत, 50 लाख से अधिक एवं 1.5 करोड़ रुपए तक पर परियोजना लागत का 10 प्रतिशत या 10 लाख में से जो अधिक हो और 1.5 करोड़ से अधिक की परियोजना लागत पर 10 प्रतिशत या 50 लाख में से जो कम हो, वह अनुदान प्रदान किया जाएगा।

उपायुक्त ने बताया कि जनपद में लाल पेड़ा बनाने की लगभग 65 ईकाइयां क्रियाशील हैं, जहां लगभग 400 लोग इस कारोबार से जुड़े हुए हैं। बताया कि सामान्य श्रेणी के लाभार्थी को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत स्वयं के अंशदान के रूप में जमा करना होगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, ट्रांसजेंडर, महिला एवं दिव्यांग लाभार्थी को परियोजना लागत का 5 प्रतिशत स्वयं के अंशदान के रूप में जमा करना होगा। उद्यम शुरू करने के दो वर्ष बाद सफलतापूर्वक संचालित होने पर अनुदान राशि बैंक ऋण में समायोजित की जाएगी। बताया कि अनुदान प्राप्त करने के लिए संबंधित उद्यमी विभागीय पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के मकसद से सरकार मार्जिन मनी के रूप में अनुदान प्रदान करेगी। इससे ओडीओसी के अंतर्गत चयनित लाल पेड़ा से जुड़े उद्यमियों के काम को बढ़ावा मिलेगा।


*प्रशिक्षण से बढ़ेगी पेड़ा की मिठास, निखरेगा हुनर*

उन्होंने बताया कि लाल पेड़ा बनाने वाले मीरजापुर के कारीगरों के पारंपरिक हुनर को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए सरकार विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाएगी। इसमें व्यंजनों की पैकेजिंग, गुणवत्ता, स्वच्छता के मानक और लंबी शेल्फ-लाइफ सुनिश्चित करने के गुर सिखाए जाएंगे। जिससे मीरजापुर के बने ये लाल पेड़े बिना खराब हुए देश-विदेश के बाजारों तक पहुंच सकें।
मिर्जापुर : घोरावल विधानसभा से ब्राह्मण नेता को अपना चेहरा बना सकती है बीएसपी, सुनील पांडेय (जैकी बाबा ) पर नजर


*मिर्जापुर : बीएसपी कार्यकर्ता समीक्षा बैठक में घोरावल विधानसभा चर्चा का विषय रहा जहाँ सुनील पांडेय (जैकी बाबा)के समर्थको ने सपा,भाजपा व संघ के पदाधिकारी व कार्यकर्ता छोड़ जैकी बाबा की अगुवाई में बड़ी संख्या में बीएसपी में हुए शामिल*

मिर्जापुर जनपद में बहुजन समाज पार्टी के तत्वावधान में मंडल स्तरीय एक दिवसीय कार्यकर्ता समीक्षा बैठक की गई.बैठक में मुख्य अतिथि पूर्व एमएलसी व मुख्य मंडल प्रभारी दिनेश चंद्रा रहे इन्होंने सभी मिर्जापुर मंडल के विधानसभा के पदाधिकारियों की समीक्षा की इस दौरान उन्होंने कहा कि 2027 विधानसभा चुनाव नजदीक है सभी तैयारी में जुट जाए बहन मायावती को पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनना है. इस दौरान भारी संख्या में सोनभद्र के घोरावल से आए सुनील पांडेय (जैकी बाबा )के साथ सपा और बीजेपी छोड़ बसपा में शामिल होते भी बीएसपी कार्यकर्ता समीक्षा बैठक में घोरावल विधानसभा चर्चा का विषय बन गया। घोरावल विधानसभा में इस बार बीएसपी ब्राह्मण चेहरा को मौका दे सकती है.



जैकी बाबा लखनऊ में बसपा राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के समक्ष कुछ दिन पहले जॉइन किये थे. मिर्जापुर जनपद पहुंचने पर उनके समर्थको ने जगह-जगह स्वागत किया।फिर मंडल स्तरीय एक दिवसीय कार्यकर्ता समीक्षा बैठक में सुनील पांडेय ने अपने समर्थकों को बसपा में शामिल कराया।बसपा में शामिल होने वाले लोग सपा और बीजेपी छोड़कर मायावती के नीतियों से प्रभावित होकर शामिल हुए हैं. घोरावल विधानसभा में बीएसपी ब्राह्मण प्रत्याशी उतार सकती है जिसकी चर्चा क्षेत्र में अभी से होने लगी है.मुख्य मंडल प्रभारी दिनेश चंद्रा ने भी कहा है कि यूपी विधानसभा के लिए बसपा सबसे पहले प्रत्याशी अपना मैदान में उतारेगी जिसकी तैयारी शुरू हो गई है.


सुनील पांडेय ने बताया कि पहली बार में राजनीतिक पार्टी से जुड़ा हूं. बहुजन समाज पार्टी से जुड़कर  राजनीति की शुरुआत कर रहा हूं. आने वाले विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के हाथ को मजबूत करने का काम करूंगा. पार्टी मौका दिया तो घोरावल विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे तो घोरावल विधानसभा की जो भी मूलभूत समस्याएं होगी उसे पूरा करने का काम करेंगे क्योंकि भाजपा और सपा दोनों पार्टी के विधायक सत्ता में रहते हुए क्षेत्र के विकास के नाम पर जनता को केवल मूर्ख बनाकर ठगने का काम किए हैं आज भी घोरावल मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है


समीक्षा बैठक में इस दौरान विशिष्ट अतिथि अमरजीत गौतम मुख्य मंडल प्रभारी मिर्जापुर,पन्ना लाल भारती मुख्य मंडल प्रभारी,
अतिथि मिर्जापुर जिलाध्यक्ष अलगू राम भारती ,जिला उपाध्यक्ष सद्दाम राईन ,सोनभद्र जिला अध्यक्ष रामचंद्र रत्ना ,भदोही जिला अध्यक्ष जेपी चौधरी, नंदलाल भारती महेश कुमार कुंज बिहारी राम प्रकाश पटेल शिव जोर पाल चंद्रशेखर भारती नंदलाल मोर्य रामसागर राव आदि लोग मौजूद रहे
मिर्ज़ापुर: सौतेली के साथ रहने की खबर से आहत तीन बच्चों संग पत्नी ने निगला जहर, तीन की हुई मौत
*उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार


मीरजापुर। जिले के मड़िहान थाना क्षेत्र के परसौना गांव में सोमवार की देर रात एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया। काम की तलाश में बाहर रह रहे पति के दूसरी महिला के साथ रहने (सौतेली रखने) की सूचना मिलने के बाद पत्नी इस कदर टूट गई कि उसने अपने तीन मासूम बच्चों को जहरीला पदार्थ खिलाने के बाद स्वयं भी जहर निगल लिया। इस दर्दनाक घटना में मां समेत दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है।
मिली जानकारी के अनुसार परसौना गांव निवासी कुशुम (35 वर्ष) पत्नी धर्मेंद्र अपने तीन बच्चों के साथ घर पर रहती थी। बताया जा रहा है कि धर्मेंद्र रोजी-रोटी के लिए बाहर रहता है। इसी दौरान पत्नी को यह जानकारी मिली कि पति दूसरी महिला के साथ रह रहा है। इस खबर ने कुशुम को भीतर तक झकझोर दिया। मानसिक तनाव और पारिवारिक कलह से व्यथित होकर सोमवार की देर रात खौफनाक कदम उठा लिया।
बताया जाता है कि कुशुम ने पहले अपने तीनों बच्चों राधिका (10 वर्ष), मधु (12 वर्ष) और सत्या (6 वर्ष) को जहरीला पदार्थ खिलाया और फिर स्वयं भी जहर निगल लिया। कुछ देर बाद सभी की हालत बिगड़ने लगी। परिजनों को जब इसकी जानकारी हुई तो घर में चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में सभी को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
इलाज के दौरान कुशुम और उसकी एक बेटी की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से बीमार दोनों बच्चों को बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर किया गया। बाद में उपचार के दौरान एक और बच्चे ने दम तोड़ दिया। अब एक बच्ची वाराणसी के अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
इस दर्दनाक घटना के बाद परसौना गांव में मातम पसरा हुआ है।
पड़ोसियों की आंखें नम हैं और हर कोई इस हादसे को लेकर स्तब्ध है।
घटना की सूचना मिलते ही मड़िहान पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। यदि जांच में पति की भूमिका या किसी प्रकार की प्रताड़ना के साक्ष्य सामने आते हैं, तो विधिक कार्रवाई की जाएगी।


*दु: शखद: एक ही परिवार के तीन चिराग बुझने से गांव में मातम, भोजन में ज़हर मिलाने का आरोप*

मड़िहान थाना क्षेत्र में एक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ पूरे इलाके को झकझोर गया है। गांव में उस समय मातम पसर गया जब पत्नी और उनके बच्चों के साथ हुई दर्दनाक घटना में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद मृतकों के परिजनों ने गांव के ही एक किसान पर भोजन में ज़हर मिलाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस आरोप के बाद पूरे गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और पुलिस मामले की गहन जांच में जुट गई है।
बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार लंबे समय से गांव के ही एक किसान के खेतों में मजदूरी कर अपना जीवन-यापन करता था। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी और रोज की मजदूरी ही उनके घर का सहारा थी। परिजनों का आरोप है कि परिवार को दिए गए भोजन में जहरीला पदार्थ मिला दिया गया, जिसके सेवन के बाद सभी की हालत अचानक बिगड़ गई। आनन-फानन में उन्हें सीएचसी मड़िहान पहुंचाया गया, जब कि दो की मौत हो चुकी थी। हालत बिगड़ने पर दो को ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। एक की अस्पताल पहुंचने पर जान चली गई। इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक सदस्य जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। गांव में हर ओर चीख-पुकार और मातम का माहौल है। मृतकों के घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है। मासूम बच्चों की मौत ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से भोजन के नमूने और अन्य साक्ष्य एकत्र कर जांच के लिए भेज दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल भोजन में ज़हर मिलाने के आरोप की हर पहलू से जांच की जा रही है।
सपा की बैठक में भाजपा सरकार पर लगा आरोप
पूर्व मंत्री व्यास जी गौड़ बोले- भाजपा धार्मिक मुद्दों के सहारे कर रही राजनीति
2027 के विधानसभा चुनाव में जनता सबक सिखायेगी- देवी प्रसाद चौधरी
*14 जुलाई 2026 को खाद, पानी, बिजली, सड़क को लेकर तहसील पर प्रदर्शन

मिर्जापुर। जिला मुख्यालय स्थित समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय लोहियाट्रस्ट में रविवार को अनुसूचित जनजाति के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मंत्री ब्यास जी गोंड ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन की मजबूती पर जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को सशक्त बनाने और आगामी चुनावों की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया।
बैठक के दौरान ब्यास जी गोंड ने प्रदेश सरकार और भाजपा की नीतियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के एक मंत्री द्वारा सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर की गई टिप्पणी निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा धार्मिक मुद्दों के सहारे राजनीति कर रही है और जनता अब उसके वास्तविक चरित्र को समझ चुकी है।
पूर्व मंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि किसान, मजदूर, युवा, पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग सरकार की नीतियों से परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की अधिकांश योजनाएं धरातल पर प्रभावी साबित नहीं हुई हैं, जबकि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने युवाओं का भविष्य प्रभावित किया है।
ब्यास जी गोंड ने दावा किया कि प्रदेश का हर वर्ग बदलाव चाहता है और आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी मजबूत स्थिति में होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि चुनाव के बाद अखिलेश यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सपा की सरकार बनेगी।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे सपा जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी 14 जुलाई 2026 को खाद, पानी, बिजली, सड़क को लेकर तहसील मुख्यालय पर विधानसभा अध्यक्ष के नेतृत्व में माॅग पत्र सौपेगी। 15 जुलाई से 25 जुलाई तक बूथ लेबल एजेंट का सत्यापन किया जायेगा। कहा कि स्नातक एमएलसी चुनाव को देखते हुए अधिक से अधिक लोगो का नाम मतदाता सूची में आये उनका फार्म भरवाने का काम करें। श्री चौधरी ने कहा कि भाजपा सरकार से गरीब, पिछड़ा, अल्पसंख्यक व दलित समाज परेशान है, आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता इन्हे सबक सिखाने का काम करेंगी। उन्होने लगे हाथ कहा सरकार पर आरोप लगाया कि हत्या, लूटपाट की घटनाएं बढ़ी है ऐसी सरकार को उखाड़ फेकने के लिए हमें जनता के बीच जाना होगा।
बैठक में पूर्व सांसद रमेश चन्द बिन्द‚ पूर्व विधायक जगतम्बा सिंह पटेल, शिवशंकर सिंह यादव, रविन्द्र बहादुर सिंह, मुन्नी यादव, परवेज खान, आशीष यादव, अशोक यादव, रामराज पटेल, कीर्ति कोल, दामोदर प्रसाद मौर्या, जैन कुशवाहा, सतीश मिश्रा, डा सुनील सिंह, राणा प्रताप सिंह, शैलेष पटेल, मुकुन्द यादव, कान्धा यादव, अनिल यादव, विनोद सिंह, अनीस खान, मेवालाल प्रजापति, रामप्यारे गौड़, जुम्मन खान, सुरेश पटेल, रवि प्रकाश त्रिपाठी, सुशील यादव, गणेश केसरी, जावेद अली, दीनानाथ प्रजापति, अभय यादव, रम्भा देवी कोल, आशीष कोल, दुर्गा सिंह, आकाश यादव, अनुराग तिवारी, राजकुमार यादव, लवकुश यादव, वीरेन्द्र यादव, अशोक मिश्रा, गणेश सिंह, बृजलाल पाल, रविन्द्र कोल, गौरी यादव, शिवपूजन यादव, अरविन्द गौड़, उपेन्द्र तिवारी, श्याम अचल यादव, कौशिक कन्नौजिया, रमाशंकर कोल, बलराम यादव, महेश मौर्या, बच्चा गौड़, केसरी नन्दन आदि मौजूद रहे।
आज की युवा पीढ़ी अपने आने वाली पीढ़ियों के लिए लगाए वृक्ष : शैलेन्द्र अग्रहरि

मिर्ज़ापुर। आज वृहद वृक्षारोपण अभियान के तहत नगर के तरकापुर स्थित श्री माता प्रसाद माता भीख इंटर कॉलेज के स्पोर्ट्स ग्राउंड में विद्यालय की एनसीसी इकाई के कैडेट्स संग मुख्य रूप से उपस्थित हो वरिष्ठ भाजपा नेता शैलेन्द्र अग्रहरि ने "एक पेड़ माँ के नाम" अंतर्गत पेड़ लगाए।
कैडेट्स को सम्बोधित करते हुए श्री अग्रहरि ने कहा कि एक पेड़ मां के नाम' अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पर शुरू की गई एक अनूठी पहल है, जिसका उद्देश्य मां के प्रति सम्मान और प्रकृति संरक्षण को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भी इस अभियान के तहत व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण महा अभियान चलाया जा रहा है। इसमें हम सब को भी जनभागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना चाहिए। युवा पीढ़ी को अपने आने वाली पीढ़ियों के लिए वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रेम चंद यादव ने भी अभियान में भाग लेकर वृक्षारोपण किया और पर्यावरण को हरित व प्रदूषण रहित रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सभी कैडेट्स ने भारत को हरित बनाने व आस पास हरियाली लाने को अपनी ज़िम्मेदारी समझते हुए पौधारोपण व वृक्षारोपण किया।
इस अवसर पर खेल मैदान में वृहद पौधारोपण व वृक्षारोपण किया गया। इस दौरान उप प्रधानाचार्य श्री नरसिंह राम, प्रवक्ता व एनसीसी प्रभारी श्री संजय सिंह भी उपस्थित रहे।