लखनऊ में दो युवकों की मौत से सनसनी, एक ने किराए के कमरे में फांसी लगाई, दूसरे की होटल में संदिग्ध मौत
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में मंगलवार को दो अलग-अलग घटनाओं में दो युवकों की मौत से सनसनी फैल गई। चिनहट क्षेत्र में एक युवक ने किराए के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी, जबकि गोमतीनगर स्थित नोवोटेल होटल के एक कमरे में ठहरे युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दोनों मामलों में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम व फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। किराए के कमरे में फंदे से लटका मिला बीटेक पास युवक चिनहट थाना क्षेत्र के ग्राम शाहपुर स्थित कौशल विहार कॉलोनी में मंगलवार रात करीब आठ बजे पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही थाना पुलिस और फील्ड यूनिट मौके पर पहुंची। जांच में मृतक की पहचान जितेश सिंह उर्फ अमन सिंह (27) पुत्र जयप्रकाश सिंह निवासी सराय दुनौली, थाना टिकैतनगर, जनपद बाराबंकी के रूप में हुई। वह अपने मित्र शिवम मौर्य के साथ शाहपुर स्थित किराए के मकान में रह रहा था। शिवम निजी सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि जितेश ने कमरे में चादर के सहारे पंखे से फांसी लगा ली। वह बीटेक उत्तीर्ण था और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। पुलिस ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच जारी है। नोवोटेल होटल के कमरे में अचेत मिला युवक, अस्पताल में मृत घोषित दूसरी घटना में पुलिस को सूचना मिली कि नोवोटेल होटल के एक कमरे में ठहरा युवक दरवाजा नहीं खोल रहा है और फोन भी रिसीव नहीं कर रहा। सूचना पर डायल-112 और स्थानीय पुलिस तत्काल होटल पहुंची। होटल कर्मचारियों की मदद से कमरा खोला गया तो युवक अचेत अवस्था में मिला। युवक की पहचान राहुल सिंह (22) पुत्र संजय सिंह निवासी असमन छपरा, बीजापार, जनपद महराजगंज के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार राहुल 13 जुलाई को होटल में ठहरा था और ड्रोन इनोवेशन एवं वैज्ञानिक कार्य से जुड़ा हुआ था। राहुल के भाई ने फोन का जवाब न मिलने पर चिंता जताई थी। इसके बाद परिजन होटल पहुंचे और कमरे का दरवाजा खुलवाया गया। युवक को तत्काल डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। फॉरेंसिक जांच के बाद सामने आएगी मौत की वजह दोनों घटनाओं में पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थलों का निरीक्षण कर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा। दोनों मामलों में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है।
चित्रकूट मंडी घोटाले में ईओडब्ल्यू का बड़ा एक्शन, ₹8 करोड़ गबन के दो मुख्य आरोपी अफसर गिरफ्तार
लखनऊ। चित्रकूट जनपद के कर्वी स्थित विशिष्ट मंडी परिषद के निर्माण कार्य में लगभग 8 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी धन के कथित गबन के बहुचर्चित मामले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू), उत्तर प्रदेश ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात थे और उन पर सरकारी धन के दुरुपयोग तथा अनियमित भुगतान कराने का आरोप है।

निविदा प्रक्रिया के माध्यम से कार्यदायी संस्था का चयन किया गया था

ईओडब्ल्यू के अनुसार, वर्ष 2014 में चित्रकूट के कर्वी स्थित विशिष्ट मंडी के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया के माध्यम से कार्यदायी संस्था का चयन किया गया था। आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान तत्कालीन उपनिदेशक (निर्माण) और सहायक लेखाधिकारी ने कार्यदायी संस्था मेसर्स ग्लेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, गाजियाबाद के अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं कीं।

जांच में सामने आया कि अभियुक्तों ने निर्माण कार्य का वास्तविक सत्यापन और वित्तीय परीक्षण किए बिना नियमों के विपरीत अधिक माप (ओवर मेजरमेंट), अनुचित मूल्यांकन तथा अनधिकृत भुगतान को स्वीकृति दी। इसके चलते कार्यदायी संस्था को लगभग 8 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त भुगतान कर दिया गया, जिससे शासन को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

विवेचना आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) को सौंप दी गई

इस मामले में वर्ष 2019 में चित्रकूट के कोतवाली नगर थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 120-बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में 22 जून 2021 के शासनादेश के अनुसार मामले की विवेचना आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) को सौंप दी गई।

ईओडब्ल्यू ने दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्यों, तकनीकी परीक्षण तथा वित्तीय अभिलेखों की गहन जांच के बाद दोनों अधिकारियों की भूमिका प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की गई, लेकिन दोनों गिरफ्तारी से बचने के लिए लंबे समय से फरार चल रहे थे।

दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही

ईओडब्ल्यू की टीम ने तकनीकी विश्लेषण, खुफिया सूचना और लगातार निगरानी के आधार पर 13 जुलाई 2026 को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अशोक कुमार, तत्कालीन उपनिदेशक (निर्माण), राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद, बांदा तथा सतीश कुमार यादव, तत्कालीन सहायक लेखाधिकारी, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद, बांदा शामिल हैं।

ईओडब्ल्यू ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है। यदि जांच में अन्य अधिकारियों या संबंधित व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कांवड़ यात्रा पर डीजीपी का बड़ा एक्शन प्लान, अपराधियों के 100 प्रतिशत सत्यापन और जीरो हादसों का दिया लक्ष्य
अपराधियों के 100 प्रतिशत सत्यापन और जीरो हादसों का दिया लक्ष्य

मिशन शक्ति केन्द्रो की स्थापना से महिला सम्बन्धी अपराधो में कमी

लखनऊ। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने आगामी कांवड़ यात्रा एवं अन्य प्रमुख पर्वों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और दुर्घटनारहित ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और यातायात प्रबंधन के सभी आवश्यक इंतजाम समय रहते पूरे करने होंगे, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो और कानून-व्यवस्था पूरी तरह बनी रहे।

मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित ऑनलाइन अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस महानिदेशक ने प्रदेश के सभी अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा पुलिस अधीक्षकों के साथ कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की। बैठक में कांवड़ यात्रा, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण, अपराधियों के सत्यापन, महिला सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, गुमशुदा बच्चों की बरामदगी तथा थानों में खड़े वाहनों के निस्तारण सहित अनेक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए। कांवड़ मार्गों, शिविरों, घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा के साथ-साथ बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था तथा यातायात संचालन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर शांति समितियों के साथ समन्वय बनाए रखते हुए सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखा जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर निरोधात्मक कार्रवाई भी की जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि न्यायालय और शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप कांवड़ यात्रा में प्रयुक्त ध्वनि विस्तारक यंत्रों की ऊंचाई और ध्वनि का स्तर निर्धारित मानकों के अनुसार रखा जाए। इसके अलावा ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी कैमरों तथा सामाजिक माध्यमों की निगरानी के जरिए प्रत्येक गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाए। सीमावर्ती जनपदों और पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ भी लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

अपराध नियंत्रण की समीक्षा करते हुए पुलिस महानिदेशक ने हत्या, डकैती, लूट, चेन स्नैचिंग सहित अन्य गंभीर अपराधों के लंबित मामलों का शीघ्र खुलासा करने और सक्रिय अपराधियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गैंगस्टर अधिनियम, गुंडा अधिनियम तथा अन्य प्रभावी कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई में तेजी लाई जाए।

बैठक में बीट व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि बीट संबंधी सूचनाएं पुलिस के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसलिए सक्रिय अपराधियों का शत-प्रतिशत सत्यापन कराया जाए। यदि सत्यापन के दौरान कोई अपराधी अपने पते पर नहीं मिलता है तो उसकी तलाश के लिए एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध शराब, धार्मिक मतांतरण तथा अन्य संवेदनशील गतिविधियों से संबंधित सूचनाएं भी नियमित रूप से दर्ज कराई जाएं।

थानों में लंबे समय से खड़े वाहनों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान अलीगढ़ और रायबरेली पुलिस द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की गई। सभी जिलों को निर्देश दिए गए कि वे डंपिंग यार्ड विकसित कर थानों में खड़े वाहनों को वहां स्थानांतरित कराएं, जिससे थानों में अनावश्यक रूप से वाहनों का जमाव न रहे।

बैठक में लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए विकसित नए निगरानी पोर्टल की भी जानकारी दी गई। इस व्यवस्था के माध्यम से विवेचकों और पर्यवेक्षण अधिकारियों को किसी भी विवेचना की समय-सीमा पूरी होने से 15 दिन पहले सूचना मिल जाएगी, जिससे समय रहते कार्रवाई कर मामलों का निस्तारण किया जा सकेगा।

महिला सुरक्षा के संबंध में पुलिस महानिदेशक ने कहा कि मिशन शक्ति केंद्रों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। समीक्षा में पाया गया है कि इन केंद्रों की स्थापना के बाद दहेज हत्या के मामलों में लगभग 43 प्रतिशत तथा दहेज प्रताड़ना के मामलों में करीब 13 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने अधिकारियों को इन केंद्रों की नियमित समीक्षा करने और इनके प्रभावी संचालन के निर्देश दिए।

सड़क सुरक्षा अभियानों की समीक्षा के दौरान पुलिस महानिदेशक ने बताया कि इस वर्ष एक जनवरी से 30 जून तक की अवधि में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में नौ प्रतिशत तथा दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में दस प्रतिशत की कमी आई है। इससे 800 से अधिक लोगों का जीवन सुरक्षित बचाया जा सका है। उन्होंने सड़क सुरक्षा अभियानों को और अधिक प्रभावी ढंग से चलाने के निर्देश दिए।

बैठक के अंत में पुलिस महानिदेशक ने निर्देश दिए कि प्रत्येक महत्वपूर्ण घटना की सही एवं समयबद्ध जानकारी मीडिया को उपलब्ध कराई जाए। सामाजिक माध्यमों पर भ्रामक और भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने वालों के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए। गुमशुदा व्यक्तियों, महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करते हुए विशेष अभियान चलाकर गुमशुदा बच्चों की सकुशल बरामदगी सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने सेवा संबंधी विवरण निर्धारित पोर्टल पर समय से अद्यतन करने के भी निर्देश दिए।
पुलिस ने नकली करेंसी के साथ युवक काे पकड़ा
अभियुक्त के पास से 700 रुपये की नकली भारतीय मुद्रा एवं 4,110 रुपये की वास्तविक मुद्रा बरामद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र में भारतीय नकली मुद्रा की तस्करी के मामले में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त के पास से 700 रुपये की नकली भारतीय मुद्रा एवं 4,110 रुपये की वास्तविक मुद्रा बरामद हुआ है।

प्रभारी निरीक्षक श्रीकान्त राय ने मंगलवार काे बताया कि थाना दुबग्गा पुलिस ने नकली भारतीय मुद्रा के अवैध कारोबार में संलिप्त एक वांछित ठाकुरगंज निवासी सुधीर यादव को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से 500 रुपये का एक एवं 100 रुपये के दो, कुल 700 रुपये के नकली भारतीय नोट बरामद हुए। नकली नोटों को बाजार में खपाकर अर्जित की गई 4,110 रुपये की वास्तविक भारतीय मुद्रा भी बरामद की गई।

गिरफ्तार अभियुक्त से की गई पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह नकली भारतीय मुद्रा को विभिन्न स्थानों पर कम कीमत पर लोगों को उपलब्ध कराता था। बाजार, दुकानों एवं शराब की दुकानों सहित अन्य स्थानों पर भी अवसर मिलने पर नकली नोटों को असली मुद्रा के रूप में चलाता था।

अभियुक्त ने यह भी बताया कि नकली नोटों के प्रचलन से प्राप्त वास्तविक धनराशि से वह अपना एवं अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने 4,110 रुपये की वास्तविक भारतीय मुद्रा, जिसे अभियुक्त ने नकली नोट चलाकर प्राप्त करना स्वीकार किया, भी बरामद कर नियमानुसार सील कर सुरक्षित कर लिया गया। अभियुक्त के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच किया जा रहा है।
रबी फसलों के समर्थन मूल्य पर मंथन, गेहूं समेत छह फसलों की MSP बढ़ाने की सिफारिश केंद्र को भेजेगा यूपी
-  कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में राज्य मूल्य परामर्शदात्री परिषद की बैठक, किसानों के हित में लिया गया अहम फैसला


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में मंगलवार को विधानसभा स्थित कक्ष संख्या-8 में राज्य मूल्य परामर्शदात्री परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में रबी 2026-27 (विपणन वर्ष 2027-28) की प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के संबंध में भारत सरकार को सिफारिश भेजने का निर्णय लिया गया।

बैठक में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर तथा लाही-सरसों के समर्थन मूल्य की संस्तुति कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP), भारत सरकार को भेजने पर सहमति बनी।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से विभिन्न फसलों के समर्थन मूल्य के संबंध में विस्तृत विचार-विमर्श कर प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।
बैठक में खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पांडे, कुशीनगर के सांसद, कृषि विभाग के प्रमुख सचिव रविंद्र, सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव अजय कुमार शुक्ला, खाद्य एवं रसद विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, अयोध्या के कुलपति, कृषि निदेशक, कृषि सांख्यिकी एवं फसल बीमा विभाग के निदेशक तथा विभिन्न विभागों और कृषि विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में रबी फसलों के लागत मूल्य, उत्पादन, बाजार की स्थिति और किसानों के हितों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
'मैं IAS अफसर हूं...' कहकर रचाई शादी, फिर 40 लाख की डिमांड : बरेली की 'फर्जी अफसर दुल्हन' गिरफ्तार
-  फेसबुक पर दोस्ती के बाद हुई शादी, पति ने लगाया जेवर हड़पने, ठगी और हत्या के प्रयास का आरोप; पुलिस जांच में जुटी

बरेली/ लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बरेली से कथित फर्जी पहचान के जरिए शादी और ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक महिला पर खुद को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी बताकर युवक से शादी करने, लाखों रुपये के जेवर हड़पने, 40 लाख रुपये की मांग करने और विरोध करने पर पति की हत्या का प्रयास करने का आरोप लगा है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।

-  फेसबुक से शुरू हुई दोस्ती, शादी तक पहुंचा रिश्ता
फरीदपुर थाना क्षेत्र के पचौमी गांव निवासी अभिषेक के अनुसार उसकी पहचान फेसबुक पर बदायूं जिले के बिल्सी थाना क्षेत्र की रहने वाली साधना से हुई थी। बातचीत के दौरान साधना ने खुद को चयनित IAS अधिकारी बताया और दावा किया कि एक न्यायालयीन मामले के कारण उसकी नियुक्ति रुकी हुई है। अभिषेक का कहना है कि इसी भरोसे पर दोनों ने 7 फरवरी 2025 को विवाह कर लिया।

-  सरकारी नौकरी दिलाने का भी दिया भरोसा
शिकायत में कहा गया है कि साधना के पिता नरेंद्र पाल सिंह, भाई सूर्यप्रताप और रिश्तेदार राजेंद्र सिंह ने भी परिवार को भरोसा दिलाया कि कोर्ट का मामला खत्म होते ही साधना IAS अधिकारी के रूप में कार्यभार संभाल लेगी। साथ ही यह भी कहा गया कि वह अपने प्रभाव से अभिषेक को सरकारी नौकरी दिला देगी।

-  जेवर हड़पने और 40 लाख रुपये मांगने का आरोप
अभिषेक का आरोप है कि शादी के बाद साधना ने कोर्ट केस और नियुक्ति का हवाला देकर घर के सोने-चांदी के जेवर अपने कब्जे में ले लिए। शिकायत के मुताबिक करीब 15 तोला सोना, डेढ़ किलो चांदी, सोने की चेन, अंगूठी और अन्य कीमती सामान उसने अपने पास रख लिया। इसके बाद परिवार पर 20 बीघा जमीन बेचकर अस्पताल बनवाने और 40 लाख रुपये देने का दबाव बनाया। विरोध करने पर कथित तौर पर पूरे परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई।

-  पति ने लगाया हत्या के प्रयास का आरोप
अभिषेक ने आरोप लगाया कि 12-13 मार्च 2026 की रात साधना ने उसका गला दबाकर हत्या करने की कोशिश की। किसी तरह वह वहां से बच निकला और डायल-112 पर सूचना दी। बाद में गांव में पंचायत भी हुई। शिकायत के अनुसार पंचायत में साधना ने जेवर अपने पास होने की बात स्वीकार की थी।

-  पुलिस ने किया गिरफ्तार, जांच जारी
पीड़ित ने 28 जून को फरीदपुर थाने में साधना, उसके पिता, भाई और रिश्तेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने एफआईआर के आधार पर कार्रवाई करते हुए साधना को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में पति की शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है और सभी आरोपों की पुष्टि साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। अन्य नामजद आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है।
सारे नियम कानून सवर्ण के खिलाफ बन रहे हैं संबौधानिक व्यवस्था में सवर्ण को पीछे धकेला जा रहा है : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष
लखनऊ । सारे नियम कानून सवर्ण के खिलाफ बन रहे हैं संवैधानिक व्यवस्था में सवर्ण को पीछे धकेला जा रहा है हम बिखरे हुए हैं वोट बैंक नहीं ,एक होने का समय है यह बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा की बैठक लेते हुए कहा चौबे ने आगे कहा कि एससीएसटी एक्ट व आरक्षण की इतनी प्रताड़ना के बाद भी सवर्ण समाज के बहुत सारे लोग विभिन्न दलों में अपने बच्चों का व सवर्ण समाज का सुनहरा भविष्य तलाश रहे हैं। वे यातो मूरख है या फिर मानसिक रूप से पागल हो गए हैं बंद करो भाजपा सपा बसपा कांग्रेस की चाटुकारिता ताकि इन राजनीतिक दलों की सवर्ण समाज की एकजुटता और राजनीतिक ताग़त का एहसास हो सके भाजपा के जो सवर्ण नेता यूजीसी पर नहीं बोले उनको वोट दे कर क्या समझते हो यह नेता तुम्हारे लिए मुसीबत में खड़े होगे।

कभी नहीं सभी सवर्ण को बताना चाहता हु सवर्ण अभी भी नहीं जागे तो आप के बच्चों का भविष्य खत्म हो जाएगा सवर्ण अभी कहते थे कि विकल्प क्या है राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा सवर्ण का विकल्प ही नहीं सभी समस्या का समाधान है ग्वालियर उच्चन्यालय वार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट अनिल कुमार मिश्रा राष्ट्रीय अध्यक्ष है पूर्व न्यायधीश चंद्रभूषण पांडेय राष्ट्रीय संयोजक है उत्तर प्रदेश के प्रभारी एक प्रदेश अध्यक्ष पूर्व पुलिस उप महानिरीक्षक IPS जुगल किशोर तिवारी जी है जिनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के आगामी 2027 के विधान सभा चुनाव में राष्ट्रीय विकल्प मोर्चा सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा से पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को बीजेपी ने टिकट नहीं दिया तो कोई शेर कहता है, कोई महाशेर लेकिन समाज पूछ रहा है _जब सवर्ण समाज पर संकट था तब आप कहा थे? क्या कभी भी UGC जैसे गंभीर मुद्दे पर बोले ? क्या भारत भूषण तिवारी हत्या कांड पर श्रद्धांजलि देवे गए क्या भरत तिवारी हत्या पर कुछ बोले क्या समाज के दर्द मे कभी खड़े दिखाई दिए? सच तो यह है कि कुछ लोग सिर्फ जय_जयकार करने में लगे हैं। आज जब सत्ता ने धक्का दे दिया तब मगर मक्छ की आशु बहा रहे हैं नम्बर सबका आयेगे यह तो ट्रेलर है पूरी पिक्चर बाकी है सत्ता के लिए राजनीत नहीं समाज के लिए संघर्ष चाहिए जो समाज के UGC मुद्दे पर एससीएसटी एक्ट के तहत उत्पीड़न होने पर,युवाओ और शाहिद भरत तिवारी की हत्या पर कभी नहीं बोला आरक्षण जो सवर्ण बच्चों के प्रतिभा का हत्या कर रहा है उस पर नहीं बोला ऐसे कुल कलंकियों का साथ देना आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से खिलवाड़ है।
खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड देगा उत्कृष्ट इकाइयों को पुरस्कार, 18 जुलाई तक करें आवेदन

-  मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना और पीएम रोजगार सृजन योजना के लाभार्थियों का होगा चयन, दिए जाएंगे पुरस्कार



लखनऊ। उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 'पुरस्कार योजना' के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली ग्रामोद्योग इकाइयों और लाभार्थियों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। योजना के तहत चयनित इकाइयों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ए.के. गौतम ने बताया कि चयन उन इकाइयों का किया जाएगा, जिन्हें पिछले तीन वर्षों के दौरान मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना अथवा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है और जिन्होंने उत्पादन, बिक्री तथा रोजगार सृजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।

इच्छुक लाभार्थियों को अपनी प्रगति रिपोर्ट, उत्पादन एवं बिक्री का विवरण, बैंक से प्राप्त ऋण संबंधी जानकारी तथा रोजगार सृजन के आंकड़ों सहित आवेदन पत्र 18 जुलाई 2026 शाम 5 बजे तक जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, 8 कैंट रोड, कैसरबाग, लखनऊ में जमा करना होगा।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि प्राप्त आवेदनों का मूल्यांकन जनपद स्तरीय चयन समिति करेगी। चयनित इकाइयों के प्रस्ताव आगे की प्रक्रिया के लिए परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग कार्यालय, लखनऊ मंडल को भेजे जाएंगे, जहां मंडल स्तर पर अंतिम चयन कर पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्रामोद्योग इकाइयों को प्रोत्साहित करना तथा स्वरोजगार और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
डॉ. अभिषेक शुक्ला सर्वश्रेष्ठ शोध पुरस्कार से सम्मानित
लखनऊ। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ के 30वें दीक्षांत समारोह में आज न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉ. अभिषेक एस. शुक्ला को प्रतिष्ठित डॉ. एस.एस. अग्रवाल उत्कृष्ट शोध पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। डॉ. शुक्ला को यह सम्मान उनके शोध पत्र "ब्रेन सर्जरी के बाद प्रारंभिक पोस्ट-ऑपरेटिव सीटी स्कैन की नैदानिक महत्ता और उपयोगिता: एक संभावित अध्ययन" के लिए प्रदान किया गया। इस अध्ययन में 339 मरीजों पर किए गए शोध में पाया गया कि स्थिर या अपेक्षित न्यूरोलॉजिकल स्थिति वाले मरीजों में सर्जरी के तुरंत बाद रूटीन सीटी स्कैन से मरीजों के उपचार में बहुत कम बदलाव आता है। शोध के निष्कर्ष बताते हैं कि विस्तृत न्यूरोलॉजिकल जांच के साथ आवश्यकता पड़ने पर ही चयनात्मक सीटी स्कैन करना अधिक कुशल और लागत प्रभावी तरीका है।यह शोध कार्य *न्यूरोसर्जरी विभाग, एसजीपीजीआई के मार्गदर्शन में पूर्ण किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने पर डॉ. अभिषेक एस. शुक्ला ने कहा कि मुझे एस.एस. अग्रवाल पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर अत्यंत गर्व है। मैं अपने विभाग, गुरुओं और संस्थान का आभार व्यक्त करता हूँ। यह सम्मान मुझे भविष्य में भी रोगियों के हित में शोध कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।
मुख्यमंत्री योगी से मिले अनुराग ठाकुर, आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और विकास के मुद्दों पर हुई चर्चा
-  पूर्व केंद्रीय मंत्री बोले- प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई गति दे रही है योगी सरकार

लखनऊ। पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके सरकारी आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच विभिन्न समसामयिक और विकास से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।
मुलाकात के बाद अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को उत्तर प्रदेश सरकार 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' के माध्यम से प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय और अभिनंदनीय प्रयास कर रही है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने कानून-व्यवस्था, विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उनके अनुसार प्रदेश आज भयमुक्त और माफियामुक्त वातावरण के साथ लोककल्याण और सांस्कृतिक विकास के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश देश के विकास में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।