उत्तर प्रदेश सरकार और IIM इंदौर के बीच हुआ MoU, शहरी निकायों को मिलेगा विश्वस्तरीय प्रशिक्षण
-  क्षमता संवर्धन, अनुसंधान और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा, व्यवहार आधारित प्रशिक्षण से मजबूत होगा शहरी सुशासन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास विभाग के अंतर्गत कार्यरत अर्बन ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (UTRI), लखनऊ और भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM), इंदौर के बीच शहरी विकास, क्षमता संवर्धन, प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए मंगलवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान किया गया। यह प्रक्रिया वर्चुअल माध्यम से नगर विकास विभाग के सचिव एवं यूटीआरआई के निदेशक अनुज कुमार झा तथा आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय की उपस्थिति में संपन्न हुई।
इस साझेदारी का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) की संस्थागत क्षमता को मजबूत करना, आधुनिक प्रबंधन प्रणाली को बढ़ावा देना तथा व्यवहार आधारित (Behavioural) शहरी प्रशासन विकसित करना है। साथ ही सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) प्रणाली को भी अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाया जाएगा।
समझौते के तहत पहले चरण में वरिष्ठ अधिकारियों, नगर आयुक्तों, पार्षदों, जनप्रतिनिधियों और यूटीआरआई के मेंटर्स के लिए व्यवहार आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (ToT) कार्यक्रम संचालित होंगे, जिससे प्रदेश के सभी शहरी निकायों के लिए एक मजबूत प्रशिक्षण तंत्र विकसित किया जा सके। इसके अलावा शहरी विकास से जुड़े विषयों पर व्यापक शिक्षण पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे तथा मिशन कर्मयोगी की तर्ज पर ई-लर्निंग और वेबिनार आधारित प्रशिक्षण मॉड्यूल विकसित किए जाएंगे।
एमओयू के तहत स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM), स्मार्ट सिटी अवधारणा, यातायात प्रबंधन, आईईसी रणनीति, प्रशिक्षण मॉड्यूल निर्माण, शोध एवं नीति आधारित अनुसंधान पर भी संयुक्त रूप से कार्य किया जाएगा। आईआईएम इंदौर विभिन्न शहरी निकायों का व्यवहार विश्लेषण (Behavioural Analysis) कर उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप प्रभावी आईईसी कार्ययोजना तैयार करेगा तथा स्वच्छता के प्रति जनभागीदारी और व्यवहार परिवर्तन आधारित अभियानों को मजबूती देगा। साझेदारी के तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाले और अपेक्षाकृत कमजोर शहरी निकायों का तुलनात्मक अध्ययन भी किया जाएगा, ताकि श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को पूरे प्रदेश में लागू किया जा सके।
नगर विकास विभाग के सचिव एवं यूटीआरआई के निदेशक अनुज कुमार झा ने कहा कि यह समझौता ज्ञान के आदान-प्रदान, क्षमता संवर्धन और नवाचार आधारित सुशासन को नई दिशा देगा। वहीं, आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने कहा कि व्यवहार आधारित प्रशिक्षण, शोध और नियमित समीक्षा के माध्यम से शहरी प्रशासन को अधिक प्रभावी, नागरिक-केंद्रित और परिणामोन्मुख बनाया जाएगा। यह पहल उत्तर प्रदेश में सतत, स्मार्ट और बेहतर शहरी विकास के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
संकेत' केंद्र का निरीक्षण कर मंत्री नरेंद्र कश्यप ने जताई नाराजगी, दिव्यांगों के लिए आरक्षित सीटें भरने के दिए निर्देश
-  मंडल और जिला स्तर पर शिविर लगाकर योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश, लखनऊ व अयोध्या मंडल के अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप ने मंगलवार को मोहान रोड स्थित डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के ‘संकेत’ मूक-बधिर (श्रवण बाधित) केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दिव्यांगजन के लिए आरक्षित 50 प्रतिशत सीटों को पूर्ण रूप से भरने के निर्देश दिए तथा निरीक्षण के दौरान मिली अव्यवस्थाओं पर नाराजगी व्यक्त की।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने समेकित विद्यालयों में दिव्यांग विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही शैक्षिक, आवासीय एवं पुनर्वास संबंधी सुविधाओं का जायजा लिया। साथ ही विद्यालयों में संचालित गतिविधियों, आधारभूत सुविधाओं और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा की।
इसके बाद मंत्री नरेंद्र कश्यप ने लखनऊ एवं अयोध्या मंडल के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में छात्रवृत्ति, दिव्यांगजन पेंशन, विशेष विद्यालयों का संचालन, पुनर्वास कार्यक्रम, बजट व्यय, निर्माण कार्य और अन्य विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि कई पात्र लाभार्थी केवल जानकारी के अभाव में योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। इसे देखते हुए प्रदेश के सभी मंडलों और जनपदों में विशेष शिविर आयोजित कर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।
नरेंद्र कश्यप ने कहा कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजन और पिछड़े वर्ग के सामाजिक, शैक्षिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने विशेष विद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पुनर्वास के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया।
बैठक में लखनऊ एवं अयोध्या मंडल के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अखिलेश यादव ने सोनम वांगचुक से की अनशन समाप्त करने की अपील

-  सपा मुखिया बोले- आपका जीवन देश और दुनिया के लिए अनमोल


लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक का जीवन केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए अनमोल है।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि मानवता, पर्यावरण और लोकतंत्र के प्रति सोनम वांगचुक की प्रतिबद्धता उन्हें विशिष्ट बनाती है। उन्होंने उनसे आग्रह किया कि वे अपना अनशन समाप्त करें, क्योंकि देश को उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन की आवश्यकता है।
इस दौरान अखिलेश यादव ने केंद्र की भाजपा सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस सरकार को जगाने के लिए सोनम वांगचुक आमरण अनशन पर बैठे हैं, वह असंवेदनशील और जनभावनाओं की उपेक्षा करने वाली सरकार है। उन्होंने कहा कि ऐसी सरकार से नैतिक परिवर्तन या संवेदनशीलता की उम्मीद करना व्यर्थ है।
सपा प्रमुख ने कहा कि लोकतंत्र, युवाओं और पर्यावरण की रक्षा के संघर्ष में सोनम वांगचुक का मनोबल और नैतिक शक्ति देशवासियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कामना की कि वांगचुक भविष्य में भी नकारात्मक शक्तियों के विरुद्ध लोकतांत्रिक मूल्यों और पर्यावरण संरक्षण के लिए संघर्ष करते रहें।
लखनऊ में हत्या की सूचना से मचा हड़कंप, जांच में सामने आई युवती की आत्महत्या
लखनऊ । राजधानी के मड़ियांव थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात एक युवती की हत्या की सूचना से हड़कंप मच गया। डायल-112 पर सूचना मिली थी कि अन्ना मार्केट स्थित ग्रीन वैली स्कूल के पास एक युवती की गला दबाकर हत्या कर दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।जांच के दौरान मामला अलग निकला। मृतका के पिता लक्ष्मण प्रसाद कनौजिया ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनकी 20 वर्षीय पुत्री रंजना कनौजिया ने अपने कमरे में छत के पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

फॉरेंसिक टीम ने आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए

पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कराया और फॉरेंसिक टीम ने आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।पुलिस का कहना है कि मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच जारी है।प्रारंभिक डायल-112 सूचना हत्या की थी, लेकिन पुलिस की शुरुआती जांच में परिजनों के बयान के आधार पर मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। मृत्यु के कारणों की अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी।
लखनऊ में रात की खामोशी तोड़ गई गोली की आवाज! कमरे में खून से लथपथ मिला BBA छात्र का शव
लखनऊ। यूपी की राजधानी के के महानगर थाना क्षेत्र में सोमवार की  देर रात एक दर्दनाक घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। न्यू हैदराबाद स्थित घर में 19 वर्षीय बीबीए द्वितीय सेमेस्टर के छात्र हर्ष सिंह का शव उसके कमरे में खून से लथपथ मिला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवक ने कथित तौर पर अपनी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली।

कमरे का निरीक्षण करने पर हर्ष सिंह मृत अवस्था में मिला

रात करीब 9:30 बजे घटना की सूचना मिलते ही महानगर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। कमरे का निरीक्षण करने पर हर्ष सिंह मृत अवस्था में मिला, जबकि पास में एक रिवॉल्वर भी बरामद हुई। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए।

शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस के अनुसार, मृतक के परिजनों ने किसी प्रकार की आशंका व्यक्त नहीं की है।अब पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना के हर पहलू की जांच कर रही है। फिलहाल पूरे मामले में विधिक कार्रवाई जारी है।
1 लाख का इनामी ढेर! STF से मुठभेड़ में मारा गया बसपा नेता हत्याकांड का मास्टरमाइंड, पुलिसकर्मी भी घायल
लखनऊ /गोरखपुर। उत्तर प्रदेश एसटीएफ और खोराबार पुलिस ने सोमवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लाख रुपये के इनामी बदमाश मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू को मुठभेड़ में मार गिराया। बसपा नेता कलामुद्दीन खान उर्फ कमालू हत्याकांड का मुख्य आरोपी और लंबे समय से फरार चल रहा मुस्तफिजुल पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश कर रहा था। जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जिला अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मुठभेड़ के दौरान बदमाश की गोली से एसटीएफ के मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह भी घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि मुस्तफिजुल कुशीनगर की ओर आने वाला है। इस सूचना पर रामनगर-कड़जहां फोरलेन पर घेराबंदी की गई। पुलिस को देखकर उसने बाइक मोड़कर भागने का प्रयास किया और फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पहले उसके पैर और फिर बाईं आंख के पास गोली लगी।
मौके से पुलिस ने .32 बोर की पिस्टल, एक बाइक, कई कारतूस और खोखे बरामद किए हैं।
मुस्तफिजुल रहमान आजमगढ़ के मेहनगर थाना क्षेत्र के खुंदनपुर गांव का निवासी था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश, धमकी, चोरी और पुलिस हिरासत से फरार होने समेत 10 संगीन मुकदमे दर्ज थे। वर्ष 2021 में पूर्व बसपा प्रत्याशी कलामुद्दीन खान हत्याकांड में उसका नाम मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आया था। पुलिस जांच में उसके तार दुबई में बैठे अपराधियों और मुख्तार अंसारी गैंग से भी जुड़े पाए गए थे।
दिसंबर 2024 में वह महाराष्ट्र के अमरावती के पास पुलिस हिरासत से चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गया था, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। एसटीएफ अब उसके पूरे आपराधिक नेटवर्क, सहयोगियों और आर्थिक स्रोतों की जांच में जुटी है।
पशुधन में कृत्रिम गर्भाधान व टीकाकरण की गुणवत्ता बढ़ाने पर मंथन, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 10 जिले सम्मानित
-  लखनऊ में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला में आधुनिक तकनीकों, सेक्स्ड सीमेन, डिजिटल रिकॉर्डिंग और भारत पशुधन एप के प्रभावी उपयोग पर विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

लखनऊ। प्रदेश में पशुधन की नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा कृत्रिम गर्भाधान एवं टीकाकरण के दायरे में गुणात्मक सुधार लाने के उद्देश्य से सोमवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में एक दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद एवं पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में देशभर के वैज्ञानिकों, पशु चिकित्सकों, विशेषज्ञों और पशुपालन क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों ने आधुनिक तकनीकों और डिजिटल प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए अपर मुख्य सचिव, पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि प्रदेश सरकार पशुधन की उत्पादकता बढ़ाने, पशुओं को रोगमुक्त रखने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए आधुनिक तकनीकों को तेजी से अपनाने पर जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम गर्भाधान, गुणवत्तापूर्ण टीकाकरण, डिजिटल अभिलेखीकरण और माइक्रो प्लानिंग से पशुधन विकास कार्यक्रमों को नई गति मिलेगी तथा उत्तर प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में पशुपालन क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने विशेषज्ञों से प्राप्त तकनीकी जानकारी को फील्ड स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान करते हुए कहा कि वर्गीकृत वीर्य (सेक्स्ड सीमेन), डिजिटल मॉनिटरिंग, उच्च गुणवत्ता वाले टीकाकरण तथा सीरो-सर्विलांस जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं से पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर होगा और पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा।
कार्यशाला में कृत्रिम गर्भाधान की आधुनिक तकनीक, सेक्स्ड सीमेन के उपयोग, सीमेन स्ट्रॉ एवं वैक्सीन की कोल्ड चेन व्यवस्था, पशु प्रजनन प्रबंधन, टीकाकरण की गुणवत्ता, भारत पशुधन एप पर डेटा अपलोडिंग, डिजिटल मॉनिटरिंग तथा सीरो-सर्विलांस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी दी। प्रतिभागियों को भारत पशुधन एप की एमआईएस एवं रिपोर्टिंग प्रणाली से भी अवगत कराया गया।
प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 216.30 लाख कृत्रिम गर्भाधान के लक्ष्य के तहत भारत पशुधन एप पर उत्कृष्ट फीडिंग करने वाले हापुड़, पीलीभीत, कौशाम्बी, हरदोई और शामली जनपदों को सम्मानित किया गया। वहीं एफएमडी टीकाकरण (राउंड-7) के 351.86 लाख वार्षिक लक्ष्य की दिशा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर अलीगढ़, लखनऊ, गाजियाबाद, जौनपुर और पीलीभीत को सम्मानित किया गया।
कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में कृत्रिम गर्भाधान की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी), पशुओं की गर्भ जांच, प्रसव प्रबंधन, कृमिनाशन, टीकाकरण अभियान, उपचार, पोस्टमार्टम, वैक्सीन की सुरक्षित कोल्ड चेन, माइक्रो प्लानिंग और फील्ड स्तर पर डेटा प्रबंधन जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया। साथ ही भारत पशुधन एप के उपयोग में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम में एनडीयूएटी अयोध्या, डुवासु मथुरा, आईवीआरआई बरेली तथा पशुपालन विभाग के विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर तकनीकी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
इस अवसर पर विशेष सचिव पशुधन देवेन्द्र पाण्डेय, निदेशक (प्रशासन एवं विकास) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, निदेशक डॉ. संगीता तिवारी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
जनसुनवाई में एक्शन मोड में दिखे मंत्री ए.के. शर्मा, पेयजल समेत जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश
-  सरकारी आवास पर सुनीं विभिन्न जिलों से आए लोगों की शिकायतें, केजीएमयू में इलाज, पेयजल समस्या और दिव्यांग को ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने के तत्काल निर्देश


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने सोमवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित जनसुनवाई में विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को फोन कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनसमस्याओं के समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
जनसुनवाई के दौरान पेयजल, आवास, सफाई, बिजली बिल संशोधन, अतिक्रमण, स्वास्थ्य सुविधाओं और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई मामले सामने आए। मंत्री ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
लखनऊ निवासी विजय ने गंभीर स्वास्थ्य समस्या बताते हुए आर्थिक सहायता की मांग की। इस पर मंत्री ए. के. शर्मा ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उनका किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में समुचित उपचार सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। वहीं गोमतीनगर के एक नागरिक ने क्षेत्र में पेयजल संकट की शिकायत की। इस पर मंत्री ने नगर आयुक्त गौरव कुमार से दूरभाष पर वार्ता कर समस्या के स्थायी और शीघ्र समाधान के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय लोगों को राहत मिल सके।
इटावा से आए अतुल कुमार ने ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। मंत्री ने जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, इटावा को तत्काल ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिससे उन्हें दैनिक जीवन में सुविधा मिल सके।
जनसुनवाई के दौरान मंत्री ए. के. शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी फरियादी को अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का निस्तारण संवेदनशीलता, पारदर्शिता और तय समयसीमा के भीतर किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की संतुष्टि ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।
अपराधियों के लिए यूपी में जगह नहीं, करें सख्त कार्रवाई : सीएम योगी
-मुख्यमंत्री योगी ने किया 'जनता दर्शन', हर पीड़ित की समस्या सुन समाधान के लिए दिए निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 'जनता दर्शन' किया। उन्होंने प्रदेश भर से आए हर फरियादी से मुलाकात की, उनकी शिकायत सुनी और अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। अवैध कब्जे से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायत मिलने पर ऐसे मामलों की सख्ती से जांचकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करें। धमकी के मामले में मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों के लिए यूपी में कोई जगह नहीं है, पुलिस ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई करे।

अपराध व अवैध कब्जे से जुड़े मामलों की विवेचना में की जाय शीघ्रता

मुख्यमंत्री योगी के समक्ष अवैध कब्जे से जुड़े मामले आये। पीड़ितों ने आरोपितों पर धमकी देने का भी आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने फरियादियों के प्रार्थना पत्र लेकर शासन के अधिकारियों को प्रेषित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। अवैध कब्जा करने व धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें। साथ ही अपराध व कब्जे से जुड़े मामलों की विवेचना में तेजी कर पीड़ितों को ससमय न्याय और दोषियों को दंड दिलाया जाय।

बिल्डर के खिलाफ शिकायत लेकर पहुंचे लोग, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

गाजियाबाद, मेरठ व नोएडा से जुड़े एक बिल्डर की शिकायत भी 'जनता दर्शन' के माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुंची। पीड़ितों ने बताया कि बिल्डर ने एक ही फ्लैट कई लोगों को रजिस्ट्री कर दिया है। इस पर मुख्यमंत्री ने इस प्रकरण को गम्भीरता से लिया और कहा कि जांच में बिल्डर के दोषी मिलने पर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर पीड़ितों को न्याय दिलाना सुनिश्चित किया जाय।
'टीबी की राजधानी' से कंट्रोल मॉडल बना यूपी, देश के टॉप-6 राज्यों में बनाई जगह
दीपक कुमार

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में देश के सबसे ज्यादा टीबी (क्षय रोग) के मरीज हैं। भारत का हर पांचवां टीबी मरीज यूपी से है। इसलिए उत्तर प्रदेश को 'टीबी की राजधानी' भी कहा जाता है। हालांकि, सबसे ज्यादा मरीज होने के बावजूद राज्य में टीबी पर काबू पाने में लगातार कामयाबी मिल रही है। टीबी की समय पर पहचान, जांच, इलाज और मरीजों को पोषण सहायता मुहैया कराने सहित विभिन्न मानकों पर बेहतर काम के आधार पर उत्तर प्रदेश टीबी पर नियंत्रण के मामले में देश के शीर्ष छह राज्यों में शामिल हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि कि टीबी को पूरी तरह खत्म करने के लिए ज्यादा से ज्यादा मरीजों की पहचान और दवाइयों का पूरा कोर्स करना सबसे कारगर उपाय है।

टीबी मरीजों के ग्राफ में उतार-चढ़ाव

केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2022 में उत्तर प्रदेश में करीब पांच लाख टीबी के मरीज थे। 2023 में इनकी संख्या बढ़कर 6.24 लाख हो गई। 2024 में 6.73 लाख के ज्यादा टीबी के मरीजों की पहचान की गई। जो 2024 के केन्द्रीय टीबी प्रभाग के लक्ष्य से 6.5 लाख से ज्यादा थे। इसके बाद टीबी के मरीजों की संख्या में कमी आई। सात दिसम्बर 2024 से 19 अक्टूबर 2025 के बीच उच्च जोखिम वाले 2.38 करोड़ लोगों की जांच की गई। इसमें 5.14 लाख लोगों में टीबी की पुष्टि हुई। 

इस साल टीबी के मरीज घटने का दावा

राज्य क्षय रोग अधिकारी (एसटीओ) डॉ. ऋषि कुमार सक्सेना ने बताया कि उत्तर प्रदेश में इस साल 24 मार्च से जुलाई के पहले हफ्ते तक 31 लाख से अधिक लोगों की टीबी जांच करायी गयी। इसके लिए 25,821 आयुष्मान आरोग्य शिविरों लगाए गए। उच्च जोखिम वाले 26 हजार से अधिक गांवों और वार्डों में से 24 हजार से अधिक क्षेत्रों को कवर किया गया। अभी तक राज्य में टीबी के 1.85 लाख नए मरीज खोजे गए हैं। डॉ.सक्सेना के अनुसार, वर्ष 2025 से अभी तक के आंकड़ों से साबित होता है कि इस साल (2026) भी टीबी के मरीज घटेंगे।

हवाई अड्डों पर यात्रियों की हुई टीबी जांच

एसटीओ ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय हवाई अड्डों पर टीबी की जांच करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (लखनऊ), नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर), लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (वाराणसी) और महायोगी गोरखनाथ हवाई अड्डा (गोरखपुर) पर हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीनों से 800 लोगों की टीबी की जांच की गई।

अभियान में जनप्रतिनिधि शामिल

डॉ. सक्सेना के अनुसार, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के करीब 212 मंत्रियों ने 100 दिवसीय गहन टीबी उन्मूलन अभियान में हिस्सा लिया। यूपी समेत देश भर के 182 सांसद, 909 विधायक और विधान परिषद सदस्य, राज्य के 8458 स्कूलों के चार लाख छात्र-छात्राएं, पांच हजार महाविद्यालयों के माध्यम से तीन लाख से अधिक युवा टीबी के खिलाफ चलाए गए जनजागरूकता अभियान से जुड़े।

2.06 लाख से अधिक पोषण किट वितरित

इस दौरान नौ हजार नगरीय निकाय प्रतिनिधियों और 34 हजार पंचायती राज जनप्रतिनिधियों ने गांव-गांव जाकर लोगों को टीबी के बारे में जागरूक किया। वहीं, 13302 टीबी विजेताओं (टीबी से ठीक हो चुके लोगों) ने भी अपने—अपने क्षेत्रों में लोगों को टीबी के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि मरीजों को पोषण और सामाजिक सहायता देने के लिए 5 हजार से अधिक नए निक्षय मित्रों का पंजीकरण किया गया। इनकी मदद से अब तक 2.06 लाख से अधिक पोषण किट वितरित की जा चुकी हैं।

शरीर के हर अंग में हो सकती है टीबी

बलरामपुर अस्पताल के वरिष्ठ क्षय रोग विशेषज्ञ डॉ. आनंद कुमार गुप्ता ने बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है। यह माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस जीवाणु से होती है। उन्होंने बताया कि बाल और नाखून को छोड़कर शरीर के किसी भी हिस्से में टीबी हो सकती है। लगभग 90 प्रतिशत मामलों में टीबी फेफड़ों में होती है, जिसे पल्मोनरी टीबी कहा जाता है। टीबी का जीवाणु फेफड़ों की जगह शरीर के अन्य अन्य अंगों को प्रभावित करता है तो यह एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी (EPTB) कहलाती है।

हर संक्रमित व्यक्ति नहीं होता टीबी मरीज

डॉ. गुप्ता के मुताबिक, टीबी के जीवाणु से संक्रमित हर व्यक्ति बीमार नहीं पड़ता। संक्रमण और बीमारी अलग—अलग हैं। जब टीबी का जीवाणु शरीर में जाने पर निष्क्रिय (सुप्त) रहता है, वह लेटेंट टीबी होती है। इसमें कोई लक्षण दिखाई नहीं देते। व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ महसूस करता है और उसे कोई बीमारी नहीं होती। रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर जीवाणु शरीर में पनपने पर फेफड़ों या अन्य अंगों को प्रभावित करता है। उन्होंने बताया कि केवल 10 प्रतिशत लोगोंं को ही सक्रिय टीबी होती हैं। टीबी के इलाज में लापरवाही से यह बीमारी घातक हो सकती है।

अधूरा इलाज खतरनाक

क्षय रोग विशेषज्ञ ने बताया कि टीबी का मरीज जब छींकता, खांसता, हंसता या थूकता है, तो हवा में ड्रापलेट से टीबी के जीवाणु फैलते हैं। जीवाणुओं के साथ हवा में सांस लेने वाला कोई भी व्यक्ति संक्रमित हो सकता है। उन्होंने बताया कि टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है। बशर्ते मरीज छह महीने तक नियमित दवाइयां लें। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा बंद करने से बीमारी दोबारा और ज्यादा गंभीर रूप एमडीआर (मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट) टीबी में लौट सकती है। रिकार्ड के अनुसार, बलरामपुर अस्पताल की ओपीडी में रोजाना सात से आठ टीबी के मरीज आ रहे हैं।