पशुधन में कृत्रिम गर्भाधान व टीकाकरण की गुणवत्ता बढ़ाने पर मंथन, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 10 जिले सम्मानित
- लखनऊ में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला में आधुनिक तकनीकों, सेक्स्ड सीमेन, डिजिटल रिकॉर्डिंग और भारत पशुधन एप के प्रभावी उपयोग पर विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
लखनऊ। प्रदेश में पशुधन की नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा कृत्रिम गर्भाधान एवं टीकाकरण के दायरे में गुणात्मक सुधार लाने के उद्देश्य से सोमवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में एक दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद एवं पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में देशभर के वैज्ञानिकों, पशु चिकित्सकों, विशेषज्ञों और पशुपालन क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों ने आधुनिक तकनीकों और डिजिटल प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए अपर मुख्य सचिव, पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि प्रदेश सरकार पशुधन की उत्पादकता बढ़ाने, पशुओं को रोगमुक्त रखने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए आधुनिक तकनीकों को तेजी से अपनाने पर जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम गर्भाधान, गुणवत्तापूर्ण टीकाकरण, डिजिटल अभिलेखीकरण और माइक्रो प्लानिंग से पशुधन विकास कार्यक्रमों को नई गति मिलेगी तथा उत्तर प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में पशुपालन क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने विशेषज्ञों से प्राप्त तकनीकी जानकारी को फील्ड स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान करते हुए कहा कि वर्गीकृत वीर्य (सेक्स्ड सीमेन), डिजिटल मॉनिटरिंग, उच्च गुणवत्ता वाले टीकाकरण तथा सीरो-सर्विलांस जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं से पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर होगा और पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा।
कार्यशाला में कृत्रिम गर्भाधान की आधुनिक तकनीक, सेक्स्ड सीमेन के उपयोग, सीमेन स्ट्रॉ एवं वैक्सीन की कोल्ड चेन व्यवस्था, पशु प्रजनन प्रबंधन, टीकाकरण की गुणवत्ता, भारत पशुधन एप पर डेटा अपलोडिंग, डिजिटल मॉनिटरिंग तथा सीरो-सर्विलांस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी दी। प्रतिभागियों को भारत पशुधन एप की एमआईएस एवं रिपोर्टिंग प्रणाली से भी अवगत कराया गया।
प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 216.30 लाख कृत्रिम गर्भाधान के लक्ष्य के तहत भारत पशुधन एप पर उत्कृष्ट फीडिंग करने वाले हापुड़, पीलीभीत, कौशाम्बी, हरदोई और शामली जनपदों को सम्मानित किया गया। वहीं एफएमडी टीकाकरण (राउंड-7) के 351.86 लाख वार्षिक लक्ष्य की दिशा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर अलीगढ़, लखनऊ, गाजियाबाद, जौनपुर और पीलीभीत को सम्मानित किया गया।
कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में कृत्रिम गर्भाधान की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी), पशुओं की गर्भ जांच, प्रसव प्रबंधन, कृमिनाशन, टीकाकरण अभियान, उपचार, पोस्टमार्टम, वैक्सीन की सुरक्षित कोल्ड चेन, माइक्रो प्लानिंग और फील्ड स्तर पर डेटा प्रबंधन जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया। साथ ही भारत पशुधन एप के उपयोग में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम में एनडीयूएटी अयोध्या, डुवासु मथुरा, आईवीआरआई बरेली तथा पशुपालन विभाग के विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर तकनीकी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
इस अवसर पर विशेष सचिव पशुधन देवेन्द्र पाण्डेय, निदेशक (प्रशासन एवं विकास) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, निदेशक डॉ. संगीता तिवारी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
10 hours ago
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