जमीनी नेता को मिल रहा जनसमर्थन, अनुभव और सादगी बनी ताकत — झुमरीतिलैया नगर परिषद चुनाव में बढ़ी सक्रियता

झुमरीतिलैया नगर परिषद चुनाव को लेकर शहर में सरगर्मी तेज हो गई है। अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल एक प्रमुख उम्मीदवार को जमीनी स्तर से जुड़ाव, वार्ड पार्षद के अनुभव और सादगीपूर्ण छवि के कारण दिलीप वर्मा को व्यापक जनसमर्थन मिलता दिख रहा है। हालांकि इनसे साथ तीन अन्य उम्मीदवार की सीधी टक्कर है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उम्मीदवार लंबे समय से आम लोगों के बीच सक्रिय रहे हैं। वार्ड पार्षद के रूप में काम करते हुए उन्होंने सड़क, नाली, जलजमाव, अस्पताल ,पानी टंकी, केंद्रीय विद्यालय, सामुदायिक भवन और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को उठाया, जिससे उनकी पहचान एक जमीनी और पहुंच योग्य जनप्रतिनिधि के रूप में बनी।
समर्थकों के अनुसार उनकी सादगी, मृदुभाषी स्वभाव और सहज व्यवहार ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। “वे आम लोगों की तरह रहते हैं, बिना किसी दिखावे के सीधे जनता के बीच पहुंचते हैं,” यह कहना है कई मतदाताओं का। आम साधारण जीवनशैली और विनम्र व्यवहार के कारण उन्हें सभी वर्गों—युवा, महिला और बुजुर्ग—का समर्थन मिल रहा है।
चुनावी माहौल में जहां कई प्रत्याशी बड़े-बड़े वादों और प्रचार अभियानों में लगे हैं, वहीं यह उम्मीदवार घर-घर संपर्क और व्यक्तिगत संवाद पर जोर दे रहे हैं। स्थानीय स्तर पर छोटी बैठकों और मोहल्ला सभाओं के जरिए वे मतदाताओं से सीधे संवाद स्थापित कर रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नगर परिषद चुनाव में स्थानीय मुद्दों और व्यक्तिगत छवि का खास महत्व होता है। ऐसे में जमीनी पकड़ और पूर्व अनुभव चुनावी समीकरण को प्रभावित कर सकते हैं।
अब देखना यह है कि मतदान के दिन जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है, लेकिन फिलहाल शहर में इस उम्मीदवार की सादगी और लोकप्रियता चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
Jul 14 2026, 13:27
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