लखनऊ में रात की खामोशी तोड़ गई गोली की आवाज! कमरे में खून से लथपथ मिला BBA छात्र का शव
लखनऊ। यूपी की राजधानी के के महानगर थाना क्षेत्र में सोमवार की  देर रात एक दर्दनाक घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। न्यू हैदराबाद स्थित घर में 19 वर्षीय बीबीए द्वितीय सेमेस्टर के छात्र हर्ष सिंह का शव उसके कमरे में खून से लथपथ मिला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवक ने कथित तौर पर अपनी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली।

कमरे का निरीक्षण करने पर हर्ष सिंह मृत अवस्था में मिला

रात करीब 9:30 बजे घटना की सूचना मिलते ही महानगर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। कमरे का निरीक्षण करने पर हर्ष सिंह मृत अवस्था में मिला, जबकि पास में एक रिवॉल्वर भी बरामद हुई। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए।

शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस के अनुसार, मृतक के परिजनों ने किसी प्रकार की आशंका व्यक्त नहीं की है।अब पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना के हर पहलू की जांच कर रही है। फिलहाल पूरे मामले में विधिक कार्रवाई जारी है।
1 लाख का इनामी ढेर! STF से मुठभेड़ में मारा गया बसपा नेता हत्याकांड का मास्टरमाइंड, पुलिसकर्मी भी घायल
लखनऊ /गोरखपुर। उत्तर प्रदेश एसटीएफ और खोराबार पुलिस ने सोमवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लाख रुपये के इनामी बदमाश मुस्तफिजुल रहमान उर्फ बाबू को मुठभेड़ में मार गिराया। बसपा नेता कलामुद्दीन खान उर्फ कमालू हत्याकांड का मुख्य आरोपी और लंबे समय से फरार चल रहा मुस्तफिजुल पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश कर रहा था। जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जिला अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मुठभेड़ के दौरान बदमाश की गोली से एसटीएफ के मुख्य आरक्षी महेंद्र सिंह भी घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि मुस्तफिजुल कुशीनगर की ओर आने वाला है। इस सूचना पर रामनगर-कड़जहां फोरलेन पर घेराबंदी की गई। पुलिस को देखकर उसने बाइक मोड़कर भागने का प्रयास किया और फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पहले उसके पैर और फिर बाईं आंख के पास गोली लगी।
मौके से पुलिस ने .32 बोर की पिस्टल, एक बाइक, कई कारतूस और खोखे बरामद किए हैं।
मुस्तफिजुल रहमान आजमगढ़ के मेहनगर थाना क्षेत्र के खुंदनपुर गांव का निवासी था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश, धमकी, चोरी और पुलिस हिरासत से फरार होने समेत 10 संगीन मुकदमे दर्ज थे। वर्ष 2021 में पूर्व बसपा प्रत्याशी कलामुद्दीन खान हत्याकांड में उसका नाम मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आया था। पुलिस जांच में उसके तार दुबई में बैठे अपराधियों और मुख्तार अंसारी गैंग से भी जुड़े पाए गए थे।
दिसंबर 2024 में वह महाराष्ट्र के अमरावती के पास पुलिस हिरासत से चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गया था, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। एसटीएफ अब उसके पूरे आपराधिक नेटवर्क, सहयोगियों और आर्थिक स्रोतों की जांच में जुटी है।
पशुधन में कृत्रिम गर्भाधान व टीकाकरण की गुणवत्ता बढ़ाने पर मंथन, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 10 जिले सम्मानित
-  लखनऊ में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला में आधुनिक तकनीकों, सेक्स्ड सीमेन, डिजिटल रिकॉर्डिंग और भारत पशुधन एप के प्रभावी उपयोग पर विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

लखनऊ। प्रदेश में पशुधन की नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा कृत्रिम गर्भाधान एवं टीकाकरण के दायरे में गुणात्मक सुधार लाने के उद्देश्य से सोमवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में एक दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद एवं पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में देशभर के वैज्ञानिकों, पशु चिकित्सकों, विशेषज्ञों और पशुपालन क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों ने आधुनिक तकनीकों और डिजिटल प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए अपर मुख्य सचिव, पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि प्रदेश सरकार पशुधन की उत्पादकता बढ़ाने, पशुओं को रोगमुक्त रखने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए आधुनिक तकनीकों को तेजी से अपनाने पर जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम गर्भाधान, गुणवत्तापूर्ण टीकाकरण, डिजिटल अभिलेखीकरण और माइक्रो प्लानिंग से पशुधन विकास कार्यक्रमों को नई गति मिलेगी तथा उत्तर प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में पशुपालन क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने विशेषज्ञों से प्राप्त तकनीकी जानकारी को फील्ड स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान करते हुए कहा कि वर्गीकृत वीर्य (सेक्स्ड सीमेन), डिजिटल मॉनिटरिंग, उच्च गुणवत्ता वाले टीकाकरण तथा सीरो-सर्विलांस जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं से पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर होगा और पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा।
कार्यशाला में कृत्रिम गर्भाधान की आधुनिक तकनीक, सेक्स्ड सीमेन के उपयोग, सीमेन स्ट्रॉ एवं वैक्सीन की कोल्ड चेन व्यवस्था, पशु प्रजनन प्रबंधन, टीकाकरण की गुणवत्ता, भारत पशुधन एप पर डेटा अपलोडिंग, डिजिटल मॉनिटरिंग तथा सीरो-सर्विलांस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी दी। प्रतिभागियों को भारत पशुधन एप की एमआईएस एवं रिपोर्टिंग प्रणाली से भी अवगत कराया गया।
प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 216.30 लाख कृत्रिम गर्भाधान के लक्ष्य के तहत भारत पशुधन एप पर उत्कृष्ट फीडिंग करने वाले हापुड़, पीलीभीत, कौशाम्बी, हरदोई और शामली जनपदों को सम्मानित किया गया। वहीं एफएमडी टीकाकरण (राउंड-7) के 351.86 लाख वार्षिक लक्ष्य की दिशा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर अलीगढ़, लखनऊ, गाजियाबाद, जौनपुर और पीलीभीत को सम्मानित किया गया।
कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में कृत्रिम गर्भाधान की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी), पशुओं की गर्भ जांच, प्रसव प्रबंधन, कृमिनाशन, टीकाकरण अभियान, उपचार, पोस्टमार्टम, वैक्सीन की सुरक्षित कोल्ड चेन, माइक्रो प्लानिंग और फील्ड स्तर पर डेटा प्रबंधन जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया। साथ ही भारत पशुधन एप के उपयोग में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम में एनडीयूएटी अयोध्या, डुवासु मथुरा, आईवीआरआई बरेली तथा पशुपालन विभाग के विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। प्रश्नोत्तर सत्र में प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर तकनीकी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
इस अवसर पर विशेष सचिव पशुधन देवेन्द्र पाण्डेय, निदेशक (प्रशासन एवं विकास) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, निदेशक डॉ. संगीता तिवारी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
जनसुनवाई में एक्शन मोड में दिखे मंत्री ए.के. शर्मा, पेयजल समेत जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश
-  सरकारी आवास पर सुनीं विभिन्न जिलों से आए लोगों की शिकायतें, केजीएमयू में इलाज, पेयजल समस्या और दिव्यांग को ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने के तत्काल निर्देश


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा ने सोमवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित जनसुनवाई में विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को फोन कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनसमस्याओं के समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
जनसुनवाई के दौरान पेयजल, आवास, सफाई, बिजली बिल संशोधन, अतिक्रमण, स्वास्थ्य सुविधाओं और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई मामले सामने आए। मंत्री ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
लखनऊ निवासी विजय ने गंभीर स्वास्थ्य समस्या बताते हुए आर्थिक सहायता की मांग की। इस पर मंत्री ए. के. शर्मा ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उनका किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में समुचित उपचार सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। वहीं गोमतीनगर के एक नागरिक ने क्षेत्र में पेयजल संकट की शिकायत की। इस पर मंत्री ने नगर आयुक्त गौरव कुमार से दूरभाष पर वार्ता कर समस्या के स्थायी और शीघ्र समाधान के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय लोगों को राहत मिल सके।
इटावा से आए अतुल कुमार ने ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। मंत्री ने जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, इटावा को तत्काल ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिससे उन्हें दैनिक जीवन में सुविधा मिल सके।
जनसुनवाई के दौरान मंत्री ए. के. शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी फरियादी को अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का निस्तारण संवेदनशीलता, पारदर्शिता और तय समयसीमा के भीतर किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की संतुष्टि ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।
अपराधियों के लिए यूपी में जगह नहीं, करें सख्त कार्रवाई : सीएम योगी
-मुख्यमंत्री योगी ने किया 'जनता दर्शन', हर पीड़ित की समस्या सुन समाधान के लिए दिए निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 'जनता दर्शन' किया। उन्होंने प्रदेश भर से आए हर फरियादी से मुलाकात की, उनकी शिकायत सुनी और अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। अवैध कब्जे से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायत मिलने पर ऐसे मामलों की सख्ती से जांचकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करें। धमकी के मामले में मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों के लिए यूपी में कोई जगह नहीं है, पुलिस ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई करे।

अपराध व अवैध कब्जे से जुड़े मामलों की विवेचना में की जाय शीघ्रता

मुख्यमंत्री योगी के समक्ष अवैध कब्जे से जुड़े मामले आये। पीड़ितों ने आरोपितों पर धमकी देने का भी आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने फरियादियों के प्रार्थना पत्र लेकर शासन के अधिकारियों को प्रेषित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। अवैध कब्जा करने व धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें। साथ ही अपराध व कब्जे से जुड़े मामलों की विवेचना में तेजी कर पीड़ितों को ससमय न्याय और दोषियों को दंड दिलाया जाय।

बिल्डर के खिलाफ शिकायत लेकर पहुंचे लोग, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

गाजियाबाद, मेरठ व नोएडा से जुड़े एक बिल्डर की शिकायत भी 'जनता दर्शन' के माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुंची। पीड़ितों ने बताया कि बिल्डर ने एक ही फ्लैट कई लोगों को रजिस्ट्री कर दिया है। इस पर मुख्यमंत्री ने इस प्रकरण को गम्भीरता से लिया और कहा कि जांच में बिल्डर के दोषी मिलने पर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर पीड़ितों को न्याय दिलाना सुनिश्चित किया जाय।
'टीबी की राजधानी' से कंट्रोल मॉडल बना यूपी, देश के टॉप-6 राज्यों में बनाई जगह
दीपक कुमार

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में देश के सबसे ज्यादा टीबी (क्षय रोग) के मरीज हैं। भारत का हर पांचवां टीबी मरीज यूपी से है। इसलिए उत्तर प्रदेश को 'टीबी की राजधानी' भी कहा जाता है। हालांकि, सबसे ज्यादा मरीज होने के बावजूद राज्य में टीबी पर काबू पाने में लगातार कामयाबी मिल रही है। टीबी की समय पर पहचान, जांच, इलाज और मरीजों को पोषण सहायता मुहैया कराने सहित विभिन्न मानकों पर बेहतर काम के आधार पर उत्तर प्रदेश टीबी पर नियंत्रण के मामले में देश के शीर्ष छह राज्यों में शामिल हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि कि टीबी को पूरी तरह खत्म करने के लिए ज्यादा से ज्यादा मरीजों की पहचान और दवाइयों का पूरा कोर्स करना सबसे कारगर उपाय है।

टीबी मरीजों के ग्राफ में उतार-चढ़ाव

केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2022 में उत्तर प्रदेश में करीब पांच लाख टीबी के मरीज थे। 2023 में इनकी संख्या बढ़कर 6.24 लाख हो गई। 2024 में 6.73 लाख के ज्यादा टीबी के मरीजों की पहचान की गई। जो 2024 के केन्द्रीय टीबी प्रभाग के लक्ष्य से 6.5 लाख से ज्यादा थे। इसके बाद टीबी के मरीजों की संख्या में कमी आई। सात दिसम्बर 2024 से 19 अक्टूबर 2025 के बीच उच्च जोखिम वाले 2.38 करोड़ लोगों की जांच की गई। इसमें 5.14 लाख लोगों में टीबी की पुष्टि हुई। 

इस साल टीबी के मरीज घटने का दावा

राज्य क्षय रोग अधिकारी (एसटीओ) डॉ. ऋषि कुमार सक्सेना ने बताया कि उत्तर प्रदेश में इस साल 24 मार्च से जुलाई के पहले हफ्ते तक 31 लाख से अधिक लोगों की टीबी जांच करायी गयी। इसके लिए 25,821 आयुष्मान आरोग्य शिविरों लगाए गए। उच्च जोखिम वाले 26 हजार से अधिक गांवों और वार्डों में से 24 हजार से अधिक क्षेत्रों को कवर किया गया। अभी तक राज्य में टीबी के 1.85 लाख नए मरीज खोजे गए हैं। डॉ.सक्सेना के अनुसार, वर्ष 2025 से अभी तक के आंकड़ों से साबित होता है कि इस साल (2026) भी टीबी के मरीज घटेंगे।

हवाई अड्डों पर यात्रियों की हुई टीबी जांच

एसटीओ ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय हवाई अड्डों पर टीबी की जांच करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (लखनऊ), नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर), लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (वाराणसी) और महायोगी गोरखनाथ हवाई अड्डा (गोरखपुर) पर हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीनों से 800 लोगों की टीबी की जांच की गई।

अभियान में जनप्रतिनिधि शामिल

डॉ. सक्सेना के अनुसार, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के करीब 212 मंत्रियों ने 100 दिवसीय गहन टीबी उन्मूलन अभियान में हिस्सा लिया। यूपी समेत देश भर के 182 सांसद, 909 विधायक और विधान परिषद सदस्य, राज्य के 8458 स्कूलों के चार लाख छात्र-छात्राएं, पांच हजार महाविद्यालयों के माध्यम से तीन लाख से अधिक युवा टीबी के खिलाफ चलाए गए जनजागरूकता अभियान से जुड़े।

2.06 लाख से अधिक पोषण किट वितरित

इस दौरान नौ हजार नगरीय निकाय प्रतिनिधियों और 34 हजार पंचायती राज जनप्रतिनिधियों ने गांव-गांव जाकर लोगों को टीबी के बारे में जागरूक किया। वहीं, 13302 टीबी विजेताओं (टीबी से ठीक हो चुके लोगों) ने भी अपने—अपने क्षेत्रों में लोगों को टीबी के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि मरीजों को पोषण और सामाजिक सहायता देने के लिए 5 हजार से अधिक नए निक्षय मित्रों का पंजीकरण किया गया। इनकी मदद से अब तक 2.06 लाख से अधिक पोषण किट वितरित की जा चुकी हैं।

शरीर के हर अंग में हो सकती है टीबी

बलरामपुर अस्पताल के वरिष्ठ क्षय रोग विशेषज्ञ डॉ. आनंद कुमार गुप्ता ने बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है। यह माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस जीवाणु से होती है। उन्होंने बताया कि बाल और नाखून को छोड़कर शरीर के किसी भी हिस्से में टीबी हो सकती है। लगभग 90 प्रतिशत मामलों में टीबी फेफड़ों में होती है, जिसे पल्मोनरी टीबी कहा जाता है। टीबी का जीवाणु फेफड़ों की जगह शरीर के अन्य अन्य अंगों को प्रभावित करता है तो यह एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी (EPTB) कहलाती है।

हर संक्रमित व्यक्ति नहीं होता टीबी मरीज

डॉ. गुप्ता के मुताबिक, टीबी के जीवाणु से संक्रमित हर व्यक्ति बीमार नहीं पड़ता। संक्रमण और बीमारी अलग—अलग हैं। जब टीबी का जीवाणु शरीर में जाने पर निष्क्रिय (सुप्त) रहता है, वह लेटेंट टीबी होती है। इसमें कोई लक्षण दिखाई नहीं देते। व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ महसूस करता है और उसे कोई बीमारी नहीं होती। रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर जीवाणु शरीर में पनपने पर फेफड़ों या अन्य अंगों को प्रभावित करता है। उन्होंने बताया कि केवल 10 प्रतिशत लोगोंं को ही सक्रिय टीबी होती हैं। टीबी के इलाज में लापरवाही से यह बीमारी घातक हो सकती है।

अधूरा इलाज खतरनाक

क्षय रोग विशेषज्ञ ने बताया कि टीबी का मरीज जब छींकता, खांसता, हंसता या थूकता है, तो हवा में ड्रापलेट से टीबी के जीवाणु फैलते हैं। जीवाणुओं के साथ हवा में सांस लेने वाला कोई भी व्यक्ति संक्रमित हो सकता है। उन्होंने बताया कि टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है। बशर्ते मरीज छह महीने तक नियमित दवाइयां लें। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा बंद करने से बीमारी दोबारा और ज्यादा गंभीर रूप एमडीआर (मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट) टीबी में लौट सकती है। रिकार्ड के अनुसार, बलरामपुर अस्पताल की ओपीडी में रोजाना सात से आठ टीबी के मरीज आ रहे हैं।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का आज होगा उद्घाटन, दोपहर 1 बजे से कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू
लखनऊ। नवनिर्मित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन कार्यक्रम के मद्देनजर सोमवार 13 जुलाई को दोपहर 1 बजे से कार्यक्रम समाप्त होने तक राजधानी के कई मार्गों पर यातायात डायवर्जन लागू रहेगा। पुलिस ने आमजन से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और यातायात व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है।

जारी यातायात व्यवस्था के अनुसार, जुनाबगंज तिराहा से दरोगाखेड़ा की ओर भारी, बड़े और व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे वाहन जुनाबगंज तिराहा से दाहिने मुड़कर सिसेंडी तिराहा के रास्ते अपने गंतव्य तक जाएंगे।

बंथरा बाजार से दरोगाखेड़ा की ओर भी भारी और व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश नहीं होगा। इन वाहनों को बंथरा थाना तिराहे से दाहिने मुड़कर बिजनौर चौराहे के रास्ते भेजा जाएगा।

दरोगाखेड़ा से स्कूटर इंडिया की ओर जाने वाले व्यावसायिक वाहनों को किसान पथ का उपयोग करना होगा। वहीं स्कूटर इंडिया से गौरी बाजार की ओर भी व्यावसायिक वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा और उन्हें बिजनौर थाना मार्ग से होकर गुजरना होगा।

गौरी बाजार से कार्यक्रम स्थल की ओर भी व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। ऐसे वाहनों को यू-टर्न लेकर नहर तिराहे के रास्ते अपने गंतव्य तक भेजा जाएगा।

सीतापुर और हरदोई रोड की ओर से आने वाले भारी एवं व्यावसायिक वाहन किसान पथ रैंप से कानपुर रोड पर नहीं जा सकेंगे। उन्हें बिजनौर अंडरपास, सिसेंडी मोड़ और जुनाबगंज तिराहा होते हुए कानपुर की ओर भेजा जाएगा।

इसी प्रकार सुल्तानपुर, फैजाबाद और रायबरेली रोड से आने वाले भारी एवं व्यावसायिक वाहन भी किसान पथ से सीधे कानपुर रोड पर प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इनके लिए बिजनौर किसान पथ अंडरपास, सिसेंडी मोड़ और जुनाबगंज तिराहा होकर वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया गया है।

इसके अलावा नादरगंज तिराहा से सैनिक स्कूल तिराहा की ओर भी व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे वाहनों को अमौसी रेलवे स्टेशन मार्ग से होकर अपने गंतव्य तक जाना होगा।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वीवीआईपी कार्यक्रम के दौरान यदि किसी व्यक्ति की चिकित्सकीय आपात स्थिति उत्पन्न होती है और वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं है, तो एम्बुलेंस, शव वाहन, फायर ब्रिगेड तथा स्कूली वाहनों को ट्रैफिक पुलिस एवं स्थानीय पुलिस की निगरानी में प्रतिबंधित मार्गों से भी गुजरने की अनुमति दी जाएगी।

यातायात संबंधी किसी भी सहायता या जानकारी के लिए नागरिक ट्रैफिक कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 9454405155 पर संपर्क कर सकते हैं।

पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले निर्धारित डायवर्जन की जानकारी प्राप्त कर वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें, जिससे अनावश्यक जाम और असुविधा से बचा जा सके।
मुख्यमंत्री योगी ने किया'वृक्षारोपण महायज्ञ का शुभारंभ, दोपहर 12 बजे तक रोपे गये 16 करोड़ पौधे
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर में 'पवित्र त्रिवेणी' के पौधों को रोपकर 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' का शुभारंभ किया। इस अवसर पर वन मंत्री डा. अरूण कुमार सक्सेना भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने विकास वाटिका की स्थापना, वन विभाग के तत्वावधान में वानिकी पर आधारित कैलेंडर का विमोचन एवं 'मौलश्री' का पौधा लगाकर 'हरित उत्तर प्रदेश' के पावन संकल्प को नई ऊर्जा दी। साथ ही योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को पौधे एवं वनाच्छादन अभियान में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करने वाले महानुभावों को चेक भी प्रदान किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं प्रदेश वासियों का आह्वान करूंगा- 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' का हिस्सा बनें। जहां कहीं भी आप हैं, एक पेड़ लगायें और उसकी सुरक्षा करें। अपनी मां और धरती माँ के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कम से कम 'एक पेड़ माँ के नाम' अवश्य लगाएं और 35 करोड़ पौधरोपण के इस हरित महायज्ञ को जनभागीदारी से सफल बनाएं।

योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि यूपी ने अपने वनाच्छादन को विस्तार देने में भी सफलता प्राप्त की है। पिछले 9 वर्षों के अंदर उत्तर प्रदेश में 242 करोड़ पौधरोपण संपन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के असंतुलन को संतुलित करने के लिए आवश्यक है कि पर्यावरण के प्रति हर नागरिक अपने दायित्व का निर्वहन करे। दोपहर 12 बजे तक प्रदेशभर में 16 करोड़ पौधे लगाये गये।
यूपी 112 मुख्यालय में 'वृक्षारोपण महायज्ञ अभियान 2026' के तहत ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पर वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम संपन्न

लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार के वृक्षारोपण महायज्ञ अभियान 2026 के अंतर्गत आज यूपी 112 मुख्यालय, लखनऊ परिसर में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और हरित आवरण को बढ़ाने के उद्देश्य से वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम विशेष रूप से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पर आयोजित किया गया। जिसमें मातृशक्ति और प्रकृति माता के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।इस महाभियान में यूपी 112 के पुलिस महानिदेशक  विनोद कुमार सिंह के मार्गदर्शन में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और 300 से अधिक फलदार और छायादार पौधे रोपे गए ।


पर्यावरण को शुद्ध करने और परिसर को हरा-भरा बनाने के लिए जामुन, अनार, नींबू, शरीफा, लीची, आम, आंवला जैसे फलदार एवं छायादार वृक्षों के पौधे रोपे गए। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक यूपी112  द्वारा  पौधों की निरंतर देख-रेख करने वाले मालियों के कार्य की सराहना करते हुए उत्सा‍हवर्धन के लिए  सम्मा‍नित किया गया।
यूपी में मिलावटी दूध पर बड़ा प्रहार: 42 डेयरियों पर छापे, 34 क्विंटल खाद्य पदार्थ जब्त, 4 एफआईआर दर्ज
-  116 नमूने जांच के लिए भेजे गए, ₹28.50 लाख का खाद्य पदार्थ जब्त; अमरोहा, अलीगढ़, बदायूं और मथुरा में बड़ी कार्रवाई

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दूध एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने शनिवार को प्रदेशव्यापी विशेष छापामार अभियान चलाया। अभियान के तहत 27 अंतरजनपदीय टीमों ने 42 डेयरी इकाइयों, मिल्क चिलिंग सेंटर, मिल्क कलेक्शन सेंटर और निर्माण प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 116 खाद्य नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए, 34 क्विंटल खाद्य पदार्थ जब्त किए गए और गंभीर अनियमितताओं पर चार एफआईआर दर्ज की गईं।
आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर चलाए गए अभियान में खाद्य सुरक्षा मानकों, स्वच्छता, कच्चे माल की गुणवत्ता, पैकेजिंग, लेबलिंग और संभावित मिलावट की गहन जांच की गई। कार्रवाई के दौरान करीब ₹28.50 लाख मूल्य के 34 क्विंटल खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जबकि मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए गए 9 क्विंटल खाद्य पदार्थों को नष्ट कराया गया, जिनकी अनुमानित कीमत ₹8.50 लाख है।

-  इन जिलों में दर्ज हुई एफआईआर
अमरोहा: उमंग डेयरी लिमिटेड से पांच नमूने लिए गए। यहां से 5,000 किलोग्राम व्हे पाउडर और 27,875 किलोग्राम स्क्रैप पाउडर (कुल मूल्य लगभग ₹25.49 लाख) जब्त किया गया। साथ ही 699 किलोग्राम बटर और 99 किलोग्राम पनीर नष्ट कराया गया। जांच में वेजिटेबल फैट एवं प्रतिबंधित अपमिश्रकों से बटर निर्माण मिलने पर एफआईआर दर्ज की गई।

अलीगढ़: चंडौस क्षेत्र के ग्राम सुदेशपुर स्थित बरकत अली की पनीर निर्माणशाला से नौ नमूने लिए गए। मौके पर 200 लीटर दूध और 400 किलोग्राम नकली पनीर नष्ट कराया गया। अपमिश्रकों से नकली पनीर बनाने पर एफआईआर दर्ज हुई।

बदायूं: ग्राम कोल्हाई स्थित कादरी डेयरी से आठ नमूने लिए गए। यहां चीनी, रिफाइंड पामोलीन ऑयल और घी जब्त किया गया, जबकि 78 लीटर अपमिश्रित दूध नष्ट कराया गया। नकली दूध एवं घी बनाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई।

मथुरा: अनीता डेयरी में पूर्व में सील किए गए प्रतिष्ठान को बिना लाइसेंस संचालित करते हुए पाए जाने पर दो नमूने लिए गए और एफआईआर दर्ज की गई।

-  अन्य प्रमुख कार्रवाई
मथुरा की राधिका डेयरी से तीन नमूने लेकर 88 किलोग्राम घी जब्त किया गया तथा 130 किलोग्राम अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार पनीर नष्ट कराया गया। वहीं मधु डेयरी से चार नमूने लिए गए और मिलावट के संदेह में 104 किलोग्राम घी जब्त किया गया।
आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्रवाई के दौरान छोटे दुकानदारों, खुदरा व्यापारियों और हाकरों का किसी भी प्रकार से उत्पीड़न न किया जाए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान का उद्देश्य संगठित रूप से खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है और ऐसे विशेष अभियान आगे भी जारी रहेंगे।