अपराधियों के लिए यूपी में जगह नहीं, करें सख्त कार्रवाई : सीएम योगी
-मुख्यमंत्री योगी ने किया 'जनता दर्शन', हर पीड़ित की समस्या सुन समाधान के लिए दिए निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को 'जनता दर्शन' किया। उन्होंने प्रदेश भर से आए हर फरियादी से मुलाकात की, उनकी शिकायत सुनी और अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। अवैध कब्जे से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायत मिलने पर ऐसे मामलों की सख्ती से जांचकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करें। धमकी के मामले में मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों के लिए यूपी में कोई जगह नहीं है, पुलिस ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई करे।

अपराध व अवैध कब्जे से जुड़े मामलों की विवेचना में की जाय शीघ्रता

मुख्यमंत्री योगी के समक्ष अवैध कब्जे से जुड़े मामले आये। पीड़ितों ने आरोपितों पर धमकी देने का भी आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने फरियादियों के प्रार्थना पत्र लेकर शासन के अधिकारियों को प्रेषित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। अवैध कब्जा करने व धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें। साथ ही अपराध व कब्जे से जुड़े मामलों की विवेचना में तेजी कर पीड़ितों को ससमय न्याय और दोषियों को दंड दिलाया जाय।

बिल्डर के खिलाफ शिकायत लेकर पहुंचे लोग, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के आदेश

गाजियाबाद, मेरठ व नोएडा से जुड़े एक बिल्डर की शिकायत भी 'जनता दर्शन' के माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुंची। पीड़ितों ने बताया कि बिल्डर ने एक ही फ्लैट कई लोगों को रजिस्ट्री कर दिया है। इस पर मुख्यमंत्री ने इस प्रकरण को गम्भीरता से लिया और कहा कि जांच में बिल्डर के दोषी मिलने पर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर पीड़ितों को न्याय दिलाना सुनिश्चित किया जाय।
'टीबी की राजधानी' से कंट्रोल मॉडल बना यूपी, देश के टॉप-6 राज्यों में बनाई जगह
दीपक कुमार

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में देश के सबसे ज्यादा टीबी (क्षय रोग) के मरीज हैं। भारत का हर पांचवां टीबी मरीज यूपी से है। इसलिए उत्तर प्रदेश को 'टीबी की राजधानी' भी कहा जाता है। हालांकि, सबसे ज्यादा मरीज होने के बावजूद राज्य में टीबी पर काबू पाने में लगातार कामयाबी मिल रही है। टीबी की समय पर पहचान, जांच, इलाज और मरीजों को पोषण सहायता मुहैया कराने सहित विभिन्न मानकों पर बेहतर काम के आधार पर उत्तर प्रदेश टीबी पर नियंत्रण के मामले में देश के शीर्ष छह राज्यों में शामिल हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि कि टीबी को पूरी तरह खत्म करने के लिए ज्यादा से ज्यादा मरीजों की पहचान और दवाइयों का पूरा कोर्स करना सबसे कारगर उपाय है।

टीबी मरीजों के ग्राफ में उतार-चढ़ाव

केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2022 में उत्तर प्रदेश में करीब पांच लाख टीबी के मरीज थे। 2023 में इनकी संख्या बढ़कर 6.24 लाख हो गई। 2024 में 6.73 लाख के ज्यादा टीबी के मरीजों की पहचान की गई। जो 2024 के केन्द्रीय टीबी प्रभाग के लक्ष्य से 6.5 लाख से ज्यादा थे। इसके बाद टीबी के मरीजों की संख्या में कमी आई। सात दिसम्बर 2024 से 19 अक्टूबर 2025 के बीच उच्च जोखिम वाले 2.38 करोड़ लोगों की जांच की गई। इसमें 5.14 लाख लोगों में टीबी की पुष्टि हुई। 

इस साल टीबी के मरीज घटने का दावा

राज्य क्षय रोग अधिकारी (एसटीओ) डॉ. ऋषि कुमार सक्सेना ने बताया कि उत्तर प्रदेश में इस साल 24 मार्च से जुलाई के पहले हफ्ते तक 31 लाख से अधिक लोगों की टीबी जांच करायी गयी। इसके लिए 25,821 आयुष्मान आरोग्य शिविरों लगाए गए। उच्च जोखिम वाले 26 हजार से अधिक गांवों और वार्डों में से 24 हजार से अधिक क्षेत्रों को कवर किया गया। अभी तक राज्य में टीबी के 1.85 लाख नए मरीज खोजे गए हैं। डॉ.सक्सेना के अनुसार, वर्ष 2025 से अभी तक के आंकड़ों से साबित होता है कि इस साल (2026) भी टीबी के मरीज घटेंगे।

हवाई अड्डों पर यात्रियों की हुई टीबी जांच

एसटीओ ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय हवाई अड्डों पर टीबी की जांच करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (लखनऊ), नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर), लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (वाराणसी) और महायोगी गोरखनाथ हवाई अड्डा (गोरखपुर) पर हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीनों से 800 लोगों की टीबी की जांच की गई।

अभियान में जनप्रतिनिधि शामिल

डॉ. सक्सेना के अनुसार, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के करीब 212 मंत्रियों ने 100 दिवसीय गहन टीबी उन्मूलन अभियान में हिस्सा लिया। यूपी समेत देश भर के 182 सांसद, 909 विधायक और विधान परिषद सदस्य, राज्य के 8458 स्कूलों के चार लाख छात्र-छात्राएं, पांच हजार महाविद्यालयों के माध्यम से तीन लाख से अधिक युवा टीबी के खिलाफ चलाए गए जनजागरूकता अभियान से जुड़े।

2.06 लाख से अधिक पोषण किट वितरित

इस दौरान नौ हजार नगरीय निकाय प्रतिनिधियों और 34 हजार पंचायती राज जनप्रतिनिधियों ने गांव-गांव जाकर लोगों को टीबी के बारे में जागरूक किया। वहीं, 13302 टीबी विजेताओं (टीबी से ठीक हो चुके लोगों) ने भी अपने—अपने क्षेत्रों में लोगों को टीबी के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि मरीजों को पोषण और सामाजिक सहायता देने के लिए 5 हजार से अधिक नए निक्षय मित्रों का पंजीकरण किया गया। इनकी मदद से अब तक 2.06 लाख से अधिक पोषण किट वितरित की जा चुकी हैं।

शरीर के हर अंग में हो सकती है टीबी

बलरामपुर अस्पताल के वरिष्ठ क्षय रोग विशेषज्ञ डॉ. आनंद कुमार गुप्ता ने बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है। यह माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस जीवाणु से होती है। उन्होंने बताया कि बाल और नाखून को छोड़कर शरीर के किसी भी हिस्से में टीबी हो सकती है। लगभग 90 प्रतिशत मामलों में टीबी फेफड़ों में होती है, जिसे पल्मोनरी टीबी कहा जाता है। टीबी का जीवाणु फेफड़ों की जगह शरीर के अन्य अन्य अंगों को प्रभावित करता है तो यह एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी (EPTB) कहलाती है।

हर संक्रमित व्यक्ति नहीं होता टीबी मरीज

डॉ. गुप्ता के मुताबिक, टीबी के जीवाणु से संक्रमित हर व्यक्ति बीमार नहीं पड़ता। संक्रमण और बीमारी अलग—अलग हैं। जब टीबी का जीवाणु शरीर में जाने पर निष्क्रिय (सुप्त) रहता है, वह लेटेंट टीबी होती है। इसमें कोई लक्षण दिखाई नहीं देते। व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ महसूस करता है और उसे कोई बीमारी नहीं होती। रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर जीवाणु शरीर में पनपने पर फेफड़ों या अन्य अंगों को प्रभावित करता है। उन्होंने बताया कि केवल 10 प्रतिशत लोगोंं को ही सक्रिय टीबी होती हैं। टीबी के इलाज में लापरवाही से यह बीमारी घातक हो सकती है।

अधूरा इलाज खतरनाक

क्षय रोग विशेषज्ञ ने बताया कि टीबी का मरीज जब छींकता, खांसता, हंसता या थूकता है, तो हवा में ड्रापलेट से टीबी के जीवाणु फैलते हैं। जीवाणुओं के साथ हवा में सांस लेने वाला कोई भी व्यक्ति संक्रमित हो सकता है। उन्होंने बताया कि टीबी का इलाज पूरी तरह संभव है। बशर्ते मरीज छह महीने तक नियमित दवाइयां लें। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा बंद करने से बीमारी दोबारा और ज्यादा गंभीर रूप एमडीआर (मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट) टीबी में लौट सकती है। रिकार्ड के अनुसार, बलरामपुर अस्पताल की ओपीडी में रोजाना सात से आठ टीबी के मरीज आ रहे हैं।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का आज होगा उद्घाटन, दोपहर 1 बजे से कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू
लखनऊ। नवनिर्मित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन कार्यक्रम के मद्देनजर सोमवार 13 जुलाई को दोपहर 1 बजे से कार्यक्रम समाप्त होने तक राजधानी के कई मार्गों पर यातायात डायवर्जन लागू रहेगा। पुलिस ने आमजन से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और यातायात व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है।

जारी यातायात व्यवस्था के अनुसार, जुनाबगंज तिराहा से दरोगाखेड़ा की ओर भारी, बड़े और व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे वाहन जुनाबगंज तिराहा से दाहिने मुड़कर सिसेंडी तिराहा के रास्ते अपने गंतव्य तक जाएंगे।

बंथरा बाजार से दरोगाखेड़ा की ओर भी भारी और व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश नहीं होगा। इन वाहनों को बंथरा थाना तिराहे से दाहिने मुड़कर बिजनौर चौराहे के रास्ते भेजा जाएगा।

दरोगाखेड़ा से स्कूटर इंडिया की ओर जाने वाले व्यावसायिक वाहनों को किसान पथ का उपयोग करना होगा। वहीं स्कूटर इंडिया से गौरी बाजार की ओर भी व्यावसायिक वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा और उन्हें बिजनौर थाना मार्ग से होकर गुजरना होगा।

गौरी बाजार से कार्यक्रम स्थल की ओर भी व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। ऐसे वाहनों को यू-टर्न लेकर नहर तिराहे के रास्ते अपने गंतव्य तक भेजा जाएगा।

सीतापुर और हरदोई रोड की ओर से आने वाले भारी एवं व्यावसायिक वाहन किसान पथ रैंप से कानपुर रोड पर नहीं जा सकेंगे। उन्हें बिजनौर अंडरपास, सिसेंडी मोड़ और जुनाबगंज तिराहा होते हुए कानपुर की ओर भेजा जाएगा।

इसी प्रकार सुल्तानपुर, फैजाबाद और रायबरेली रोड से आने वाले भारी एवं व्यावसायिक वाहन भी किसान पथ से सीधे कानपुर रोड पर प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इनके लिए बिजनौर किसान पथ अंडरपास, सिसेंडी मोड़ और जुनाबगंज तिराहा होकर वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया गया है।

इसके अलावा नादरगंज तिराहा से सैनिक स्कूल तिराहा की ओर भी व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे वाहनों को अमौसी रेलवे स्टेशन मार्ग से होकर अपने गंतव्य तक जाना होगा।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वीवीआईपी कार्यक्रम के दौरान यदि किसी व्यक्ति की चिकित्सकीय आपात स्थिति उत्पन्न होती है और वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं है, तो एम्बुलेंस, शव वाहन, फायर ब्रिगेड तथा स्कूली वाहनों को ट्रैफिक पुलिस एवं स्थानीय पुलिस की निगरानी में प्रतिबंधित मार्गों से भी गुजरने की अनुमति दी जाएगी।

यातायात संबंधी किसी भी सहायता या जानकारी के लिए नागरिक ट्रैफिक कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर 9454405155 पर संपर्क कर सकते हैं।

पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले निर्धारित डायवर्जन की जानकारी प्राप्त कर वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें, जिससे अनावश्यक जाम और असुविधा से बचा जा सके।
मुख्यमंत्री योगी ने किया'वृक्षारोपण महायज्ञ का शुभारंभ, दोपहर 12 बजे तक रोपे गये 16 करोड़ पौधे
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर में 'पवित्र त्रिवेणी' के पौधों को रोपकर 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' का शुभारंभ किया। इस अवसर पर वन मंत्री डा. अरूण कुमार सक्सेना भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने विकास वाटिका की स्थापना, वन विभाग के तत्वावधान में वानिकी पर आधारित कैलेंडर का विमोचन एवं 'मौलश्री' का पौधा लगाकर 'हरित उत्तर प्रदेश' के पावन संकल्प को नई ऊर्जा दी। साथ ही योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को पौधे एवं वनाच्छादन अभियान में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करने वाले महानुभावों को चेक भी प्रदान किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं प्रदेश वासियों का आह्वान करूंगा- 'वृक्षारोपण महायज्ञ-2026' का हिस्सा बनें। जहां कहीं भी आप हैं, एक पेड़ लगायें और उसकी सुरक्षा करें। अपनी मां और धरती माँ के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कम से कम 'एक पेड़ माँ के नाम' अवश्य लगाएं और 35 करोड़ पौधरोपण के इस हरित महायज्ञ को जनभागीदारी से सफल बनाएं।

योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि यूपी ने अपने वनाच्छादन को विस्तार देने में भी सफलता प्राप्त की है। पिछले 9 वर्षों के अंदर उत्तर प्रदेश में 242 करोड़ पौधरोपण संपन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के असंतुलन को संतुलित करने के लिए आवश्यक है कि पर्यावरण के प्रति हर नागरिक अपने दायित्व का निर्वहन करे। दोपहर 12 बजे तक प्रदेशभर में 16 करोड़ पौधे लगाये गये।
यूपी 112 मुख्यालय में 'वृक्षारोपण महायज्ञ अभियान 2026' के तहत ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पर वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम संपन्न

लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार के वृक्षारोपण महायज्ञ अभियान 2026 के अंतर्गत आज यूपी 112 मुख्यालय, लखनऊ परिसर में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता और हरित आवरण को बढ़ाने के उद्देश्य से वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम विशेष रूप से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पर आयोजित किया गया। जिसमें मातृशक्ति और प्रकृति माता के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।इस महाभियान में यूपी 112 के पुलिस महानिदेशक  विनोद कुमार सिंह के मार्गदर्शन में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और 300 से अधिक फलदार और छायादार पौधे रोपे गए ।


पर्यावरण को शुद्ध करने और परिसर को हरा-भरा बनाने के लिए जामुन, अनार, नींबू, शरीफा, लीची, आम, आंवला जैसे फलदार एवं छायादार वृक्षों के पौधे रोपे गए। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक यूपी112  द्वारा  पौधों की निरंतर देख-रेख करने वाले मालियों के कार्य की सराहना करते हुए उत्सा‍हवर्धन के लिए  सम्मा‍नित किया गया।
यूपी में मिलावटी दूध पर बड़ा प्रहार: 42 डेयरियों पर छापे, 34 क्विंटल खाद्य पदार्थ जब्त, 4 एफआईआर दर्ज
-  116 नमूने जांच के लिए भेजे गए, ₹28.50 लाख का खाद्य पदार्थ जब्त; अमरोहा, अलीगढ़, बदायूं और मथुरा में बड़ी कार्रवाई

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दूध एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने शनिवार को प्रदेशव्यापी विशेष छापामार अभियान चलाया। अभियान के तहत 27 अंतरजनपदीय टीमों ने 42 डेयरी इकाइयों, मिल्क चिलिंग सेंटर, मिल्क कलेक्शन सेंटर और निर्माण प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 116 खाद्य नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए, 34 क्विंटल खाद्य पदार्थ जब्त किए गए और गंभीर अनियमितताओं पर चार एफआईआर दर्ज की गईं।
आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर चलाए गए अभियान में खाद्य सुरक्षा मानकों, स्वच्छता, कच्चे माल की गुणवत्ता, पैकेजिंग, लेबलिंग और संभावित मिलावट की गहन जांच की गई। कार्रवाई के दौरान करीब ₹28.50 लाख मूल्य के 34 क्विंटल खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जबकि मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए गए 9 क्विंटल खाद्य पदार्थों को नष्ट कराया गया, जिनकी अनुमानित कीमत ₹8.50 लाख है।

-  इन जिलों में दर्ज हुई एफआईआर
अमरोहा: उमंग डेयरी लिमिटेड से पांच नमूने लिए गए। यहां से 5,000 किलोग्राम व्हे पाउडर और 27,875 किलोग्राम स्क्रैप पाउडर (कुल मूल्य लगभग ₹25.49 लाख) जब्त किया गया। साथ ही 699 किलोग्राम बटर और 99 किलोग्राम पनीर नष्ट कराया गया। जांच में वेजिटेबल फैट एवं प्रतिबंधित अपमिश्रकों से बटर निर्माण मिलने पर एफआईआर दर्ज की गई।

अलीगढ़: चंडौस क्षेत्र के ग्राम सुदेशपुर स्थित बरकत अली की पनीर निर्माणशाला से नौ नमूने लिए गए। मौके पर 200 लीटर दूध और 400 किलोग्राम नकली पनीर नष्ट कराया गया। अपमिश्रकों से नकली पनीर बनाने पर एफआईआर दर्ज हुई।

बदायूं: ग्राम कोल्हाई स्थित कादरी डेयरी से आठ नमूने लिए गए। यहां चीनी, रिफाइंड पामोलीन ऑयल और घी जब्त किया गया, जबकि 78 लीटर अपमिश्रित दूध नष्ट कराया गया। नकली दूध एवं घी बनाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई।

मथुरा: अनीता डेयरी में पूर्व में सील किए गए प्रतिष्ठान को बिना लाइसेंस संचालित करते हुए पाए जाने पर दो नमूने लिए गए और एफआईआर दर्ज की गई।

-  अन्य प्रमुख कार्रवाई
मथुरा की राधिका डेयरी से तीन नमूने लेकर 88 किलोग्राम घी जब्त किया गया तथा 130 किलोग्राम अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार पनीर नष्ट कराया गया। वहीं मधु डेयरी से चार नमूने लिए गए और मिलावट के संदेह में 104 किलोग्राम घी जब्त किया गया।
आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्रवाई के दौरान छोटे दुकानदारों, खुदरा व्यापारियों और हाकरों का किसी भी प्रकार से उत्पीड़न न किया जाए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान का उद्देश्य संगठित रूप से खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है और ऐसे विशेष अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
भाजपा की प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक: बूथ सशक्तीकरण, जनसंपर्क और डिजिटल प्रशिक्षण पर जोर
-  प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी बोले— कार्यकर्ता ही भाजपा की सबसे बड़ी ताकत, विपक्ष के दुष्प्रचार का तथ्यों से दें जवाब; 26 जुलाई को पूरे प्रदेश में मनाया
     जाएगा कारगिल विजय दिवस

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश की प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक शनिवार को पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी की अध्यक्षता तथा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह की उपस्थिति में आयोजित हुई। बैठक में बूथ सशक्तीकरण, जनसंपर्क अभियान, वृक्षारोपण अभियान, डिजिटल बूथ प्रशिक्षण, कारगिल विजय दिवस और अन्य संगठनात्मक कार्यक्रमों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसका समर्पित कार्यकर्ता और मजबूत बूथ संगठन है। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर का कार्यकर्ता ही चुनाव का वास्तविक योद्धा होता है, इसलिए प्रत्येक पदाधिकारी को बूथ स्तर तक नियमित प्रवास, संवाद और संगठनात्मक गतिविधियों को गति देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने के लिए संगठन और सरकार दोनों को पूरी क्षमता के साथ जनता के बीच कार्य करना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि संगठन के प्रत्येक अभियान को जनसंपर्क और जनविश्वास बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बनाया जाए।
प्रदेश अध्यक्ष ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष लगातार भ्रम और दुष्प्रचार फैलाने का प्रयास कर रहा है। ऐसे समय में भाजपा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाएं तथा तथ्यों के आधार पर विपक्ष के आरोपों का जवाब दें।
बैठक में प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने बूथ सशक्तीकरण को संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि भाजपा का संगठन बूथ आधारित है और संगठन की मजबूती का आधार सक्रिय बूथ ही है। उन्होंने पदाधिकारियों से प्रत्येक बूथ पर प्राथमिक एवं सक्रिय सदस्यों, पुराने और नए कार्यकर्ताओं, पूर्व पदाधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने का आह्वान किया।
उन्होंने आगामी वृक्षारोपण अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने पर जोर देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण राष्ट्रीय आवश्यकता है। प्रत्येक कार्यकर्ता पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण का भी संकल्प ले।
धर्मपाल सिंह ने डिजिटल बूथ प्रशिक्षण अभियान को संगठन के लिए ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि प्रत्येक बूथ पर अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को डिजिटल प्रशिक्षण से जोड़कर संगठन को तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल रूप से प्रशिक्षित कार्यकर्ता सरकार की योजनाओं और संगठन की विचारधारा को प्रभावी ढंग से समाज तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बैठक में 26 जुलाई को पूरे प्रदेश में **कारगिल विजय दिवस** श्रद्धा और राष्ट्रभक्ति के साथ मनाने का निर्णय भी लिया गया। इस अवसर पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि, पूर्व सैनिकों का सम्मान तथा युवाओं में राष्ट्रसेवा की भावना जागृत करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों से संगठन द्वारा निर्धारित कार्यक्रमों को अनुशासन, समन्वय और सक्रियता के साथ सफल बनाने तथा बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया गया।
वाराणसी की कैंट विधानसभा में विधायक ने किया इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास
लखनऊ /वाराणसी। वाराणसी की कैंट विधानसभा में शनिवार की सुबह विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने नेवादा क्षेत्र के मुसहर बस्ती में इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। मुसहर बस्ती में स्थानीय लोगों ने बीते दो माह पूर्व ही विधायक सौरभ से सड़क की मांग की थी। विधायक ने लोगों को जल्द सड़क देने का आश्वासन दिया था।

इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य के शिलान्यास के बाद विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि मुसहर बस्ती में सड़क की मांग पर विकास कार्य को जोर देते हुए आज शिलान्यास कर दिया गया है। इस कार्य के सम्पन्न होने पर मुसहर बस्ती के निवासियों का आवागमन और सुगम होगा। शिलान्यास का पूजन यही के वरिष्ठ नागरिक बलवंत पटेल से कराया गया है। जबकि शिलापट्ट का अनावरण भाजपा नेता राकेश मोहन तिवारी व दिनेश पटेल ने किया है। भाजपा नेता प्रेम पटेल ने नारियल फोड़ परियोजना का शुभारंभ किया है। कुछ ही समय में यह सड़क बनकर तैयार हो जाएगी।
यूपी के सभी जिला पंचायत अध्यक्षों को बनाया गया प्रशासक
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को नई जिला पंचायतों के गठन तक निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक के रुप में नियुक्त करने का फैसला लिया है। इन सभी का पांच वर्षीय कार्यकाल 11 जुलाई (शनिवार) को समाप्त हो रहा है। इसकाे देखते हुए शासन ने यह निर्णय किया है। इससे पहले सरकार की ओर से प्रधानों को ग्राम पंचायतों में प्रशासक की भूमिका में तैनात किया गया था। हालांकि, मामले को कोर्ट में चुनौती दे दी गई। कानूनी पेंच प्रक्रिया में फंसा हुआ है।

इस संबंध में पंचायती राज विभाग के प्रमुख सचिव पंचायती राज अनिल कुमार ने शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक के रूप में नियुक्त किए जाने का आदेश पत्र जारी किया है। सभी जिलों के जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल शनिवार को समाप्त हो रहा है। इसको ध्यान में रखते हुए सरकार ने उन्हें प्रशासक बनाने का फैसला लिया है।

सरकार की ओर से जारी शासनादेश में साफ किया गया है कि जिला पंचायत अध्यक्ष बने प्रशासक कोई बड़ा नीतिगत फैसला नहीं ले सकेंगे। हालांकि, जिला पंचायत के नियमित तौर पर चलने वाले विकास कार्य, प्रशासनिक संचालन और योजनाओं को लेकर वे निर्णय ले पाएंगे। इससे क्षेत्र में उनकी अहमियत बनी रहेगी।

उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल खत्म होने के बाद अब तक जिले के जिलाधिकारी ही प्रशासक की भूमिका में तैनात होते थे और जिला पंचायतों के कामकाज को प्रशासक के तौर पर देखते थे। हालांकि राज्य सरकार ने नियम में बदलाव किया और जिला पंचायत अध्यक्षों को ही प्रशासक बनाने का निर्णय किया है।
यूपी की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को बड़ा बजट, 20.70 करोड़ रुपये की कार्ययोजना मंजूर


-  25 जिलों के 42 स्मारकों व पुरास्थलों का होगा अनुरक्षण, लहुरादेवा समेत तीन प्राचीन स्थलों की बनेगी चहारदीवारी; पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने दी जानकारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 20 करोड़ 70 लाख रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी दी है। इस राशि से प्रदेश के विभिन्न स्मारकों और पुरास्थलों का अनुरक्षण, जीर्णोद्धार (रेस्टोरेशन) तथा चहारदीवारी निर्माण कराया जाएगा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग ने अब तक 275 स्मारकों और पुरास्थलों को राज्य संरक्षित धरोहर घोषित किया है, जबकि 40 अन्य स्थलों को संरक्षित किए जाने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में 25 जनपदों के 42 स्मारकों एवं पुरास्थलों के अनुरक्षण और संरक्षण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर व्यापक कार्य कराए जाएंगे।

-  इन प्रमुख धरोहरों का होगा संरक्षण
योजना के तहत चित्रकूट का 12वीं सदी का सोमनाथ मंदिर, अयोध्या का गुप्तारघाट मंदिर, आगरा का गांधी स्मारक, मथुरा की बरसाना छतरी, झांसी का रानी महल, ललितपुर के देवगढ़ स्थित गुप्तकालीन बौद्ध, जैन एवं हिंदू गुफा मंदिर, महराजगंज का गुप्तकालीन बौद्ध स्तूप, वाराणसी के पांचों शिवाला, मिर्जापुर का घंटाघर, प्रयागराज का रानी का तालाब, संभल की प्राचीन बावली तथा लखनऊ स्थित लगभग 3,000 वर्ष पुराने नटवाडीह टीले का अनुरक्षण किया जाएगा।

-  इन पुरास्थलों की बनेगी चहारदीवारी
मंत्री ने बताया कि सुलतानपुर के मौर्यकालीन इटिहवा टीला, सीतापुर के मड़वाडीह टीला तथा संतकबीर नगर स्थित लगभग 8,000 वर्ष पुराने लहुरादेवा पुरास्थल की सुरक्षा के लिए चहारदीवारी का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए चालू वित्तीय वर्ष के बजट में 8 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त कानपुर के टिकैतराय शिव मंदिर परियोजना के लिए 1.65 करोड़ रुपये (165 लाख रुपये) की धनराशि प्रस्तावित की गई है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के साथ-साथ उन्हें पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित कर रही है, ताकि सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित रहे और पर्यटन को भी बढ़ावा मिले।