यूपी में 20 आईएएस अफसरों का तबादला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार देर रात को 20 आईएएस अफसरों के स्थानांतरण किया है। इनमें सचिव और विशेष सचिव स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा बलिया, आजमगढ़, और इटावा जिले मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) शामिल है।

तबादले के क्रम में सुधा वर्मा को सचिव राजस्व से श्रमायुक्त बनाया गया है। डा. सारिका मोहन को महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा तथा सचिव चिकित्सा शिक्षा से महानिरीक्षक निबंधन, नेहा शर्मा महानिरीक्षक निबंधन से महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा तथा सचिव चिकित्सा शिक्षा, अरुण कुमार अपर महानिदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म से मिशन निदेशक उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन बनाए गया हैं।

वहीं, जे रीभा को विशेष सचिव भूतत्व एवं खनिकर्म के वर्तमान पद के साथ अपर निदेशक का प्रभार सौंपा गया है। दीपा रंजन को मिशन निदेशक राज्य आजीविका मिशन से विशेष सचिव संस्कृति विभाग, संजय कुमार प्रथम को विशेष सचिव संस्कृति एवं निदेशक धर्मार्थ कार्य को विशेष सचिव संस्कृति के प्रभार से कार्यमुक्त उन्हें निदेशक संस्कृति का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। विशाल सिंह को विशेष सचिव सस्कृति, निदेशक सूचना एवं निदेशक संस्कृति विभाग से विशेष सचिव संस्कृति तथा निदेशक संस्कृति के प्रभार से अवमुक्त कर दिया गया है।

इसी तरह संदीप भागिया अपर आयुक्त राज्य कर गौतमबुद्धनगर तथा अपर आयुक्त राज्य कर गाजियाबाद द्वितीय से प्रबंध निदेशक मध्याचंल विद्युत वितरण निगम बनाया गया हैं। परीक्षित खटाना को मुख्य विकास अधिकारी आजमगढ़ से अपर आयुक्त राज्य कर गौतमबुद्ध नगर, राकेश कुमार पटेल को अपर आयुक्त लखनऊ मंडल से मुख्य विकास अधिकारी आजमगढ़, रेणु तिवारी को विशेष सचिव महिला कल्याण तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग तथा सचिव रज्य महिला आयोग को विशेष सचिव बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के पद से कार्यमुक्त कर दिया गया है।

इनके अलावा जग प्रवेश को नगर आयुक्त मथुरा-वृंदावन से विशेष सचिव वन पर्यावरण एवं जलवायु प्रवर्तन विभाग, ओजस्वी राज को मुख्य विकास अधिकारी बलिया से नगर आयुक्त मथुरा-वृंदावन, आलोक कुमार एडीएम (वि/रा) से मुख्य विकास अधिकारी बलिया। अजय कुमार गौतम को मुख्य विकास अधिकारी इटावा से अपर आयुक्त राज्य कर गाजियाबाद प्रथम, संजय कुमार सिंह को एडीएम (प्रशासन) से मुख्य विकास अधिकारी इटावा, प्रतीक्षारत मनिकंदन ए को अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त राजस्व परिषद और डा. वंदना वर्मा को विशेष सचिव चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग तथा संयुक्त प्रबंध निदेशक राज्य चीनी निगम को संयुक्त प्रबंध निदेशक सहकारी चीनी मिल्स संघ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
यूपी में अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली से हुए नुकसान पर सीएम योगी सख्त, 24 घंटे में मुआवजा देने के निर्देश

-  जनहानि, पशुहानि और आर्थिक क्षति का तत्काल आकलन कर राहत पहुंचाने के आदेश, अधिकारियों को फील्ड में रहकर प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद करने के निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने से हुई जनहानि, पशुहानि एवं आर्थिक नुकसान का संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने इस आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनहानि, पशुहानि और फसल सहित अन्य आर्थिक क्षति का तत्काल आकलन कराया जाए तथा पात्र प्रभावितों को 24 घंटे के भीतर राहत एवं मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
सीएम योगी ने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की सतत निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं प्रभावित परिवारों से संवाद स्थापित करें और उन्हें हर संभव सरकारी सहायता समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराएं।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि राहत कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराते हुए स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए।
यूपी में बारिश का असर: गाजियाबाद, मेरठ और कासगंज में 12वीं तक के सभी स्कूल बंद, ऑरेंज अलर्ट जारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और मौसम विभाग की गंभीर चेतावनी के बीच कई जिलों में जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। गाजियाबाद, मेरठ और कासगंज में शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। यह फैसला छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

गाजियाबाद में सभी स्कूलों की छुट्टी

गाजियाबाद के जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने जिले के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया है। बीएसए द्वारा जारी आदेश के अनुसार भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 10 जुलाई को तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। सड़कों पर पानी भरने से विद्यार्थियों के सुरक्षित आवागमन में परेशानी हो सकती है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने नर्सरी से कक्षा 12 तक के सभी विद्यालयों को बंद रखने का निर्णय लिया है।

यह आदेश जिले के सभी परिषदीय (सरकारी), सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, निजी विद्यालयों के साथ-साथ सीबीएसई, आईसीएसई, उत्तर प्रदेश बोर्ड और अन्य सभी बोर्डों से संबद्ध स्कूलों पर लागू होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मेरठ में भी स्कूलों पर ताला

मेरठ जिला प्रशासन ने भी मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी किया।

मौसम विभाग ने मेरठ के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन का कहना है कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

कासगंज में भी डीएम का बड़ा फैसला

कासगंज जिले में भी लगातार बारिश के चलते जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने शुक्रवार को नर्सरी से लेकर कक्षा 12 तक के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया है। जिला प्रशासन ने सभी शिक्षण संस्थानों को आदेश का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने और मौसम संबंधी आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील की है।

प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। ऐसे में जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी एहतियाती कदम उठाए जा सकते हैं।
वीरांगना रानी अवंती बाई का बलिदान देशवासियों के लिए प्रेरणा: बांदा में प्रतिमा अनावरण के दौरान बोले सीएम योगी

-  बांदा में वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की भव्य प्रतिमा का अनावरण, बोले— अच्छे नेतृत्व में महापुरुषों को मिलता है सम्मान

लखनऊ/बांदा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को बांदा के कालू कुआं चौराहे पर वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रानी अवंती बाई ने देश की आन-बान-शान और आजादी की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनका त्याग, साहस और बलिदान आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरांगना रानी अवंती बाई की प्रतिमा का अनावरण उनके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने बांदा सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने जिले के प्रमुख स्थलों पर राष्ट्रनायकों और वीर-वीरांगनाओं की प्रतिमाएं स्थापित कर वर्तमान और भावी पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया है।

- गौरवशाली परंपरा को मिला विस्तार
सीएम योगी ने कहा कि लगभग तीन वर्ष पूर्व भी उन्हें बांदा में दो महत्वपूर्ण प्रतिमाओं के अनावरण का अवसर मिला था और अब वीरांगना अवंती बाई की प्रतिमा के साथ यह गौरवशाली परंपरा आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा कि बांदा का सिटी डेवलपमेंट प्लान, बेहतर होती सड़कें और अन्य विकास कार्य योजनाबद्ध विकास की नई पहचान बन रहे हैं।

-  1857 के वीरों को किया याद
मुख्यमंत्री ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में पूरे देश में स्वतंत्रता की चेतना जाग उठी थी। उन्होंने मंगल पांडे, धन सिंह गुर्जर, तात्या टोपे और महारानी लक्ष्मीबाई का स्मरण करते हुए कहा कि उसी महान परंपरा में वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी ने भी राष्ट्रधर्म को सर्वोपरि मानते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
उन्होंने कहा कि भले ही वीरांगना अवंती बाई आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका संघर्ष, शौर्य और बलिदान सदैव आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करता रहेगा।

-  अच्छे नेता चुनने पर मिलता है महापुरुषों को सम्मान
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब अच्छे नेतृत्व का चयन होता है, तब राष्ट्रनायकों और महापुरुषों को उचित सम्मान मिलता है। उन्होंने कहा कि वीरांगना अवंती बाई जैसी महान विभूतियों का सम्मान उनके राष्ट्रधर्म और बलिदान के प्रति समाज की कृतज्ञता का प्रतीक है।
कार्यक्रम में जलशक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद, लोक निर्माण विभाग के राज्यमंत्री कुंवर बृजेश सिंह, बांदा विधायक प्रकाश द्विवेदी, नरैनी विधायक ओममणि वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष कल्लू राजपूत सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
12 जुलाई को यूपी में 35 करोड़ पौधरोपण का महाअभियान
-  मुख्यमंत्री योगी गोरखपुर में लगाएंगे ‘एक पेड़ मां के नाम’

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार 12 जुलाई को राज्यभर में 35 करोड़ पौधों का रोपण कर नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस वर्ष का 'पौधरोपण महायज्ञ-2026' जनप्रतिनिधियों और आम जनता की व्यापक भागीदारी के साथ आयोजित किया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ ‘एक पेड़ मां के नाम’ संकल्प को जन-आंदोलन का स्वरूप देना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में पौधरोपण करेंगे। उनके साथ वन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना और राज्यमंत्री केपी मलिक भी मौजूद रहेंगे। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य झांसी तथा ब्रजेश पाठक लखनऊ में पौधरोपण करेंगे।

-  केंद्रीय मंत्री भी बनेंगे महाअभियान का हिस्सा
पौधरोपण अभियान में केंद्र सरकार के कई मंत्री भी शामिल होंगे। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी लखनऊ, जयंत चौधरी बागपत, जितिन प्रसाद पीलीभीत, अनुप्रिया पटेल मिर्जापुर, एसपी सिंह बघेल आगरा, कीर्तिवर्धन सिंह गोंडा, बीएल वर्मा बदायूं तथा कमलेश पासवान देवरिया में पौधरोपण करेंगे।

-  प्रदेश सरकार के मंत्री अलग-अलग जिलों में संभालेंगे जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश सरकार के मंत्री विभिन्न जनपदों में अभियान का नेतृत्व करेंगे। इनमें प्रमुख रूप से सूर्य प्रताप शाही (देवरिया), आशीष पटेल (मिर्जापुर), सुरेश कुमार खन्ना (शाहजहांपुर), स्वतंत्र देव सिंह (जालौन), भूपेंद्र चौधरी (मुरादाबाद), योगेंद्र उपाध्याय (आगरा), बेबी रानी मौर्य (एटा), लक्ष्मी नारायण चौधरी (मथुरा), जयवीर सिंह (फिरोजाबाद), धर्मपाल सिंह (बरेली), नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' (प्रयागराज), अनिल राजभर (चंदौली), राकेश सचान (कानपुर नगर), ए.के. शर्मा (आजमगढ़), संजय निषाद (अंबेडकरनगर), ओमप्रकाश राजभर (गाजीपुर), दारा सिंह चौहान (मऊ), सुनील कुमार शर्मा (नोएडा), मनोज पांडेय (प्रतापगढ़) तथा अनिल कुमार (बिजनौर) शामिल हैं। अन्य राज्यमंत्री भी विभिन्न जिलों में पौधरोपण कार्यक्रमों में भाग लेंगे।

-  आयोगों और बोर्डों के अध्यक्ष भी करेंगे जनसहभागिता
राज्य सरकार के विभिन्न आयोगों और निगमों के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी भी जनता के बीच रहकर पौधरोपण करेंगे। इनमें राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान (बदायूं), अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत (श्रावस्ती), गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता (हमीरपुर), पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा (लखीमपुर खीरी), महिला कल्याण निगम की अध्यक्ष कमलावती सिंह (मैनपुरी), उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष राकेश गर्ग (कासगंज), बिरजू महाराज कथक संस्थान की अध्यक्ष कुमकुम धर (बलरामपुर), राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव (उन्नाव) तथा चारू चौधरी (संतकबीरनगर) प्रमुख रूप से शामिल होंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को जन-आंदोलन के रूप में मनाया जाए, ताकि अधिकतम जनभागीदारी के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
शंकराचार्य से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला, बोले— "धर्म नहीं, धन है प्राथमिकता"

- मंदिर प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग, एसआईटी की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल; विपक्ष पर कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शंकराचार्य से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में भाजपा सरकार और मंदिर प्रकरण की जांच को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य गौ माता के मुद्दे को लेकर बेहद चिंतित हैं और इस विषय पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेताओं पर एफआईआर दर्ज की जा रही है, लेकिन विपक्ष द्वारा कराई जाने वाली शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि कानून का समान रूप से पालन होना चाहिए।

मंदिर परिसर से जुड़े प्रकरण का उल्लेख करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि सभी संबंधित लोगों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच कराई जाए, उनका दावा है कि इससे कई भाजपा से जुड़े लोगों के नाम सामने आएंगे।

उन्होंने विशेष जांच दल (एसआईटी) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जांच में लीपापोती की जा रही है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि एसआईटी के एक सदस्य पर धोखाधड़ी (धारा 420) का मामला दर्ज है, इसलिए जांच की निष्पक्षता पर भी प्रश्न उठ रहे हैं।

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के विचार वोट की राजनीति के अनुसार बदलते हैं और उनके लिए धर्म से अधिक धन प्राथमिकता बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि "इन लोगों ने महापाप किया है" और कहा कि "सिर्फ सांचा नहीं, पूरा ढांचा बदलना चाहिए।"

सपा अध्यक्ष ने कहा कि सनातन धर्म के अनुयायी इस पूरे घटनाक्रम से आहत हैं। उन्होंने भाजपा से विपक्ष पर हमले की राजनीति बंद करने की अपील करते हुए कहा, "आज विपक्ष में हम हैं, कल भाजपा भी विपक्ष में हो सकती है।"

होमगार्ड मुख्यालय में मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने की विभागीय समीक्षा,दिए निर्देश
-  कैशलेस चिकित्सा योजना को लेकर अधिकारियों के साथ की विस्तृत चर्चा, बोले— होमगार्ड परिवार की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने गुरुवार को होमगार्ड्स मुख्यालय में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विभागीय कार्यों की प्रगति, सेवा की गुणवत्ता तथा जनोपयोगी योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में आगामी 12 जुलाई को आयोजित होने वाले बृहद वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों पर विशेष चर्चा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक के दौरान मंत्री ने मुख्यमंत्री की पहल पर संचालित होमगार्ड कैशलेस चिकित्सा योजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक होमगार्ड स्वयंसेवकों, अवैतनिक अधिकारियों तथा उनके आश्रित परिवारों को इस योजना से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।
धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह पहल होमगार्ड परिवार के स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति सरकार की संवेदनशील सोच तथा जनकल्याण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण योजना के लिए मुख्यमंत्री के प्रति विभाग की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार होमगार्ड स्वयंसेवकों के कल्याण और सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
बैठक में प्रमुख सचिव, होमगार्ड राजेश कुमार, पुलिस महानिदेशक (होमगार्ड) डी.के. ठाकुर, पुलिस महानिरीक्षक (होमगार्ड) धर्मवीर, महानिरीक्षक संतोष कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
जूनोटिक रोगों से मुकाबले को यूपी तैयार, पशु चिकित्सकों के लिए राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शुरू
-  75 जिलों में तैयार होंगे 150 मास्टर ट्रेनर्स, रोगों की निगरानी, रिपोर्टिंग और नियंत्रण व्यवस्था होगी और मजबूत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जूनोटिक (पशुजन्य) एवं अन्य प्राथमिकता वाले पशु रोगों की रोकथाम और प्रभावी नियंत्रण के लिए पशुपालन विभाग ने राज्य स्तरीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण (Training of Trainers-TOT) कार्यक्रम की शुरुआत की है। 9 और 10 जुलाई तक होटल गोल्डन ट्यूलिप, लखनऊ में आयोजित इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में तकनीकी सहयोग झपाइगो (Jhpiego) द्वारा GHS-RISE परियोजना के अंतर्गत प्रदान किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ पशुपालन विभाग के विशेष सचिव देवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने किया। उन्होंने कहा कि जूनोटिक रोगों की समय पर पहचान, निगरानी और रिपोर्टिंग को मजबूत बनाना समय की आवश्यकता है। संभावित एवं संदिग्ध मामलों की शीघ्र सूचना मिलने से रोगों के प्रसार को प्रभावी ढंग से रोका जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण के तहत तैयार किए जा रहे मास्टर ट्रेनर्स अपने-अपने जनपदों में अन्य पशु चिकित्सकों एवं पैरा-वेटरिनरी कर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे। इससे राज्यभर में रोगों की निगरानी, रिपोर्टिंग और नियंत्रण प्रणाली और अधिक प्रभावी बनेगी।
पहले चरण के इस प्रशिक्षण में प्रदेश के 36 जिलों से दो-दो सरकारी पशु चिकित्सक भाग ले रहे हैं। वहीं, 16 और 17 जुलाई को शेष 39 जिलों के पशु चिकित्सकों के लिए दूसरा राज्य स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। दोनों चरणों के माध्यम से प्रदेश के सभी 75 जिलों के लिए कुल 150 मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए जाएंगे।
प्रशिक्षण का उद्देश्य सरकारी पशु चिकित्सकों की तकनीकी दक्षता बढ़ाना है, ताकि वे जूनोटिक एवं अन्य प्राथमिकता वाले पशु रोगों की शीघ्र पहचान, प्रारंभिक निदान, निगरानी, रिपोर्टिंग, रोकथाम और नियंत्रण की प्रक्रिया को वैज्ञानिक एवं प्रभावी ढंग से लागू कर सकें।
दो दिवसीय प्रशिक्षण में आईवीआरआई, बरेली, पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, कुमारगंज (अयोध्या) तथा अन्य विशेषज्ञ संस्थानों के विशेषज्ञ प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। इसमें हाई पैथोजेनिक एवियन इन्फ्लुएंजा (HPAI), लेप्टोस्पायरोसिस, जापानी इंसेफेलाइटिस, बोवाइन ट्यूबरकुलोसिस, रेबीज, क्रीमियन-कांगो हेमोरेजिक फीवर (CCHF), एन्थ्रेक्स, स्क्रब टाइफस, ग्लैंडर्स, लम्पी स्किन डिजीज, ब्रुसेलोसिस, साल्मोनेलोसिस तथा डर्मेटोफाइटोसिस जैसे महत्वपूर्ण रोगों पर विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
प्रशिक्षण के दौरान रोगों के कारण, लक्षण, संदिग्ध एवं पुष्ट मामलों की पहचान, रोकथाम एवं नियंत्रण, रोग निगरानी एवं रिपोर्टिंग प्रणाली, प्रयोगशाला जांच, जैव सुरक्षा (बायोसेफ्टी) तथा नमूनों के सुरक्षित संग्रह, पैकेजिंग और परिवहन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं पर भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में निदेशक (प्रशासन एवं विकास) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, निदेशक डॉ. संगीता तिवारी, संयुक्त निदेशक (रोग नियंत्रण) डॉ. विवेकानन्द गंगवार, झपाइगो के स्टेट लीड डॉ. संजय त्रिपाठी, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विषय विशेषज्ञ तथा प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए सरकारी पशु चिकित्सक उपस्थित रहे।
पशुपालन विभाग के अनुसार यह पहल 'वन हेल्थ (One Health)' दृष्टिकोण को मजबूत करते हुए राज्य में पशु एवं मानव स्वास्थ्य सुरक्षा के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगी तथा भविष्य में जूनोटिक रोगों के प्रकोप की रोकथाम और प्रभावी प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
राजधानी लखनऊ में वर्षभर सजेंगी संस्कृति की महफिलें, एक दर्जन से अधिक सांस्कृतिक आयोजनों की तैयारी
-  काकोरी शहीद स्मृति समारोह, अटल जयंती, यूपी दिवस, गुरू लच्छू महाराज समारोह समेत कई ऐतिहासिक व सांस्कृतिक अवसरों पर होंगे आयोजन; स्थानीय कलाकारों को भी मिलेगा मंच और मानदेय

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने और स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राजधानी लखनऊ में एक दर्जन से अधिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। इन आयोजनों के माध्यम से राष्ट्रीय पर्वों, महापुरुषों की जयंती, ऐतिहासिक घटनाओं और आस्था स्थलों से जुड़ी सांस्कृतिक धरोहर को जनमानस तक पहुंचाया जाएगा।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इन आयोजनों में देश और प्रदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकारों के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। साथ ही उन्हें मानदेय देकर आर्थिक रूप से भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 9 अगस्त 2026 को काकोरी ट्रेन एक्शन की वर्षगांठ पर बाजनगर शहीद स्मारक स्थल पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं 19 दिसंबर 2026 को काकोरी बलिदान दिवस तथा अक्टूबर में आयोजित होने वाले गिरजा देवी समारोह में भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी।
दिसंबर 2026 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर विशेष सांस्कृतिक समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा 24 और 25 जुलाई 2026 को रिवर वैली सिविलाइजेशन ऑफ उत्तर प्रदेश एवं आर्कियोलॉजिकल कल्चरल हेरिटेज टूरिज्म प्रोजेक्ट विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी और सेमिनार का आयोजन पुरातत्व निदेशालय के सहयोग से किया जाएगा।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि 11 नवंबर 2026 को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्थान द्वारा विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। वहीं नवंबर-दिसंबर में उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पश्चिम बंगाल की समृद्ध कठपुतली परंपरा पर आधारित 'पुतुल पर्व' का आयोजन भी किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जनवरी 2027 में यूपी दिवस के अवसर पर राज्य ललित कला अकादमी के तत्वावधान में पांच दिवसीय सैंड आर्ट शिविर आयोजित होगा। इसके अलावा 10 जनवरी 2027 से राज्य संग्रहालय, लखनऊ में संग्रहालय विज्ञान और प्राचीन सिक्कों पर आधारित छह दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
इसी क्रम में 19 अगस्त 2026 को मोक्ष सप्तमी पर एक दिवसीय सेमिनार तथा 31 अगस्त और 1 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के सौजन्य से कत्थक सम्राट गुरु लच्छू महाराज समारोह आयोजित होगा। इस प्रतिष्ठित आयोजन में देश-प्रदेश के नामचीन कलाकारों के साथ स्थानीय कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि इन आयोजनों का उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार करना है। साथ ही युवा एवं स्थानीय कलाकारों को मंच उपलब्ध कराकर उनकी प्रतिभा को नई पहचान दिलाना भी सरकार की प्राथमिकता है।
कृषि क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का राष्ट्रीय परचम, 17वां एग्रीकल्चर लीडरशिप अवॉर्ड 2026 हासिल
-  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही को किया सम्मानित, बोले— मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी बना देश का कृषि ग्रोथ इंजन

नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने कृषि क्षेत्र में नीतिगत नवाचार, उत्पादकता वृद्धि और किसान हितैषी योजनाओं के दम पर एक और राष्ट्रीय उपलब्धि अपने नाम कर ली है। एग्रीकल्चर टुडे ग्रुप द्वारा आयोजित समारोह में प्रदेश को 17वें एग्रीकल्चर लीडरशिप अवॉर्ड-2026 से सम्मानित किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही को प्रदान किया।
समारोह में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे, गुजरात के कृषि मंत्री जीतुभाई वघानी, भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश पी. सदाशिवम, एग्रीकल्चर टुडे ग्रुप के चेयरमैन डॉ. रमजान खान और सीईओ डॉ. हारिस खान सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
सम्मान प्राप्त करने के बाद कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व और किसानों की मेहनत का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश ने कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव दर्ज किए हैं और आज राज्य देश की कृषि अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनकर उभरा है।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार के गठन के बाद किसानों के 86 लाख कृषि ऋण खातों के लगभग 36 हजार करोड़ रुपये की कर्जमाफी का निर्णय लिया गया, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली और खेती के प्रति उनका विश्वास मजबूत हुआ। इसका परिणाम यह रहा कि प्रदेश का खाद्यान्न उत्पादन 543 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 750 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया। आज देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 22 प्रतिशत है।
कृषि मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश वर्तमान में दूध, सब्जी और फल उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है। इसके साथ ही शहद, अंडा और मत्स्य उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की विकास दर 7.5 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है, जबकि दलहन उत्पादन में लगभग 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
सूर्य प्रताप शाही ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके केंद्रीय कृषि मंत्री रहते हुए शुरू की गई किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना ने किसानों को सस्ती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया। पहले जहां किसानों को सहकारी क्षेत्र से लगभग 18 प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलता था, वहीं अब वे 4 प्रतिशत की प्रभावी ब्याज दर पर कृषि ऋण प्राप्त कर रहे हैं, जिससे कृषि निवेश और उत्पादन दोनों में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने हाल ही में पशुधन बीमा योजना को भी मंजूरी दी है। इस योजना के तहत किसान को केवल 15 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा, जबकि 35 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और शेष राज्य सरकार वहन करेगी।
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य अगले चार वर्षों में उत्तर प्रदेश की कृषि उत्पादकता को पंजाब और हरियाणा के स्तर तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि एग्रीकल्चर टुडे ग्रुप ने उत्तर प्रदेश के कृषि नवाचार, स्टार्टअप और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दी है। उन्होंने विश्वास जताया कि "विकसित भारत" के संकल्प को साकार करने में उत्तर प्रदेश कृषि आत्मनिर्भरता और ग्रामीण समृद्धि का अग्रदूत बनकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।