राजधानी लखनऊ में वर्षभर सजेंगी संस्कृति की महफिलें, एक दर्जन से अधिक सांस्कृतिक आयोजनों की तैयारी
-  काकोरी शहीद स्मृति समारोह, अटल जयंती, यूपी दिवस, गुरू लच्छू महाराज समारोह समेत कई ऐतिहासिक व सांस्कृतिक अवसरों पर होंगे आयोजन; स्थानीय कलाकारों को भी मिलेगा मंच और मानदेय

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने और स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राजधानी लखनऊ में एक दर्जन से अधिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। इन आयोजनों के माध्यम से राष्ट्रीय पर्वों, महापुरुषों की जयंती, ऐतिहासिक घटनाओं और आस्था स्थलों से जुड़ी सांस्कृतिक धरोहर को जनमानस तक पहुंचाया जाएगा।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इन आयोजनों में देश और प्रदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकारों के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। साथ ही उन्हें मानदेय देकर आर्थिक रूप से भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 9 अगस्त 2026 को काकोरी ट्रेन एक्शन की वर्षगांठ पर बाजनगर शहीद स्मारक स्थल पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं 19 दिसंबर 2026 को काकोरी बलिदान दिवस तथा अक्टूबर में आयोजित होने वाले गिरजा देवी समारोह में भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी।
दिसंबर 2026 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर विशेष सांस्कृतिक समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा 24 और 25 जुलाई 2026 को रिवर वैली सिविलाइजेशन ऑफ उत्तर प्रदेश एवं आर्कियोलॉजिकल कल्चरल हेरिटेज टूरिज्म प्रोजेक्ट विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी और सेमिनार का आयोजन पुरातत्व निदेशालय के सहयोग से किया जाएगा।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि 11 नवंबर 2026 को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्थान द्वारा विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। वहीं नवंबर-दिसंबर में उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पश्चिम बंगाल की समृद्ध कठपुतली परंपरा पर आधारित 'पुतुल पर्व' का आयोजन भी किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जनवरी 2027 में यूपी दिवस के अवसर पर राज्य ललित कला अकादमी के तत्वावधान में पांच दिवसीय सैंड आर्ट शिविर आयोजित होगा। इसके अलावा 10 जनवरी 2027 से राज्य संग्रहालय, लखनऊ में संग्रहालय विज्ञान और प्राचीन सिक्कों पर आधारित छह दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
इसी क्रम में 19 अगस्त 2026 को मोक्ष सप्तमी पर एक दिवसीय सेमिनार तथा 31 अगस्त और 1 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के सौजन्य से कत्थक सम्राट गुरु लच्छू महाराज समारोह आयोजित होगा। इस प्रतिष्ठित आयोजन में देश-प्रदेश के नामचीन कलाकारों के साथ स्थानीय कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि इन आयोजनों का उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार करना है। साथ ही युवा एवं स्थानीय कलाकारों को मंच उपलब्ध कराकर उनकी प्रतिभा को नई पहचान दिलाना भी सरकार की प्राथमिकता है।
कृषि क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का राष्ट्रीय परचम, 17वां एग्रीकल्चर लीडरशिप अवॉर्ड 2026 हासिल
-  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही को किया सम्मानित, बोले— मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी बना देश का कृषि ग्रोथ इंजन

नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने कृषि क्षेत्र में नीतिगत नवाचार, उत्पादकता वृद्धि और किसान हितैषी योजनाओं के दम पर एक और राष्ट्रीय उपलब्धि अपने नाम कर ली है। एग्रीकल्चर टुडे ग्रुप द्वारा आयोजित समारोह में प्रदेश को 17वें एग्रीकल्चर लीडरशिप अवॉर्ड-2026 से सम्मानित किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही को प्रदान किया।
समारोह में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे, गुजरात के कृषि मंत्री जीतुभाई वघानी, भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश पी. सदाशिवम, एग्रीकल्चर टुडे ग्रुप के चेयरमैन डॉ. रमजान खान और सीईओ डॉ. हारिस खान सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
सम्मान प्राप्त करने के बाद कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व और किसानों की मेहनत का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश ने कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव दर्ज किए हैं और आज राज्य देश की कृषि अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनकर उभरा है।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार के गठन के बाद किसानों के 86 लाख कृषि ऋण खातों के लगभग 36 हजार करोड़ रुपये की कर्जमाफी का निर्णय लिया गया, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली और खेती के प्रति उनका विश्वास मजबूत हुआ। इसका परिणाम यह रहा कि प्रदेश का खाद्यान्न उत्पादन 543 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 750 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया। आज देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 22 प्रतिशत है।
कृषि मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश वर्तमान में दूध, सब्जी और फल उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है। इसके साथ ही शहद, अंडा और मत्स्य उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की विकास दर 7.5 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है, जबकि दलहन उत्पादन में लगभग 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
सूर्य प्रताप शाही ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके केंद्रीय कृषि मंत्री रहते हुए शुरू की गई किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना ने किसानों को सस्ती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया। पहले जहां किसानों को सहकारी क्षेत्र से लगभग 18 प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलता था, वहीं अब वे 4 प्रतिशत की प्रभावी ब्याज दर पर कृषि ऋण प्राप्त कर रहे हैं, जिससे कृषि निवेश और उत्पादन दोनों में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने हाल ही में पशुधन बीमा योजना को भी मंजूरी दी है। इस योजना के तहत किसान को केवल 15 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा, जबकि 35 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और शेष राज्य सरकार वहन करेगी।
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य अगले चार वर्षों में उत्तर प्रदेश की कृषि उत्पादकता को पंजाब और हरियाणा के स्तर तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि एग्रीकल्चर टुडे ग्रुप ने उत्तर प्रदेश के कृषि नवाचार, स्टार्टअप और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दी है। उन्होंने विश्वास जताया कि "विकसित भारत" के संकल्प को साकार करने में उत्तर प्रदेश कृषि आत्मनिर्भरता और ग्रामीण समृद्धि का अग्रदूत बनकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यूपी कांग्रेस को झटका: अशोक सिंह ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से दिया इस्तीफा

-  मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा इस्तीफा; कारण बताओ नोटिस और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप के बाद लिया फैसला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। वरिष्ठ नेता अशोक सिंह ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा है।
जानकारी के अनुसार, कांग्रेस ने 4 जुलाई को अशोक सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस में उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने का आरोप लगाया गया था और उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया था। बताया जा रहा है कि इन आरोपों से आहत होकर अशोक सिंह ने पार्टी छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हुए अपना पत्र राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेज दिया।
अशोक सिंह के इस्तीफे को उत्तर प्रदेश कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। फिलहाल पार्टी की ओर से उनके इस्तीफे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
चित्रकूट: अयोध्या विवाद पर विपक्ष पर बरसे सीएम योगी
-  बोले- 'राम की आस्था को बदनाम करने की साजिश बर्दाश्त नहीं'

चित्रकूट। योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े मामले को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और समाजवादी पार्टी अयोध्या और भगवान श्रीराम की आस्था को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी अचानक अयोध्या के मुद्दे पर सक्रिय हो गई हैं, जबकि अतीत में यही लोग अयोध्या का विरोध करते रहे। उन्होंने कहा कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब रामसेतु को तोड़ने की कोशिश की गई और सर्वोच्च न्यायालय में यह शपथपत्र दाखिल किया गया कि भगवान राम काल्पनिक हैं। उन्होंने कहा, "यदि राम और कृष्ण काल्पनिक हैं, तो अयोध्या, चित्रकूट, श्रृंगवेरपुर, मथुरा, बरसाना और वृंदावन क्या हैं? हमारे आराध्य को काल्पनिक बताने वाले आज किस मुंह से आस्था की बात कर रहे हैं?"
मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट का भगवान श्रीराम के जीवन में विशेष स्थान रहा है। उन्होंने कहा कि चित्रकूट ने भगवान राम को 12 वर्ष अपने यहां निवास करने का अवसर दिया था, इसलिए यहां के लोगों की आस्था का सम्मान होना चाहिए।
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर में लगभग 150 लोग चढ़ावे की गणना का कार्य करते हैं। ट्रस्ट को कुछ शिकायतें मिलने के बाद राज्य सरकार से एसआईटी गठित करने का अनुरोध किया गया था।
उन्होंने बताया कि एसआईटी जांच में 6 लोगों की चोरी में संलिप्तता और 2 लोगों की साजिश में भूमिका सामने आई। जांच रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट ने एफआईआर दर्ज कराई और संबंधित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों की कथित संलिप्तता के आधार पर पूरे ट्रस्ट, अयोध्या और भगवान श्रीराम की विरासत को बदनाम करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी देश की आस्था पर प्रहार करने का काम कर रही हैं।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में भाषा विश्वविद्यालय का 11वां दीक्षांत समारोह संपन्न
-  समारोह में 1,246 विद्यार्थियों को उपाधियां तथा 125 मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रदान किए गए पदक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय का 11वां दीक्षांत समारोह बुधवार को आयोजित किया गया। समारोह में 1,246 विद्यार्थियों को उपाधियां तथा 125 मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक प्रदान किए गए। इनमें 74 पदक छात्राओं और 51 पदक छात्रों को मिले। सभी उपाधियां और अंकपत्र डिजिलॉकर के माध्यम से भी उपलब्ध कराए गए।
समारोह के दौरान जनपद औरैया के आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 250 आंगनबाड़ी किट वितरित की गईं तथा 300 बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण भी कराया गया।
इस अवसर पर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता के पीछे माता-पिता के त्याग और शिक्षकों के मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र ‘मातृदेवो भव, पितृदेवो भव, आचार्यदेवो भव’ का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से अपने अभिभावकों और गुरुओं के प्रति सम्मान बनाए रखने का आह्वान किया।
उन्होंने पदक विजेताओं से समाज और देश के लिए प्रेरणा बनने का आग्रह करते हुए कहा कि दीक्षांत शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि जीवन की नई शुरुआत है। उन्होंने उन विद्यार्थियों का भी उत्साहवर्धन किया जिन्हें इस बार पदक नहीं मिला और कहा कि निरंतर परिश्रम एवं संघर्ष ही सफलता का मार्ग है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों ने गुणवत्ता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कई विश्वविद्यालयों ने NAAC की A++, A+ और A ग्रेड प्राप्त की है, जबकि कुछ विश्वविद्यालय यूजीसी ग्रेड-1 तथा QS विश्व एवं एशिया रैंकिंग में भी स्थान बना चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक ग्रेडेड विश्वविद्यालयों वाला राज्य बनकर उभरा है।
अपने संबोधन के अंत में योगेंद्र उपाध्याय ने विद्यार्थियों से विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति में युवाओं की प्रतिभा, नवाचार और राष्ट्रसेवा की भावना सबसे महत्वपूर्ण होगी।
परिवहन विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी के घर विजिलेंस का छापा,नकदी समेत करोड़ों के जेवरात मिले
लखनऊ। ट्रांसपोर्ट विभाग में सेवानिवृत्त सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास पर विजिलेंस ने बुधवार को छापा मारा। इस दौरान 13 किलो सोना, हीरे के जेवर बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत 20 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।

विजिलेंस के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपित ललित कुमार मूलरूप से रायबरेली जिले का रहने वाला है। उनको खिलाफ कानपुर में तैनाती के दौरान विजिलेंस से भ्रष्टाचार की शिकायत की गई थी। इसके बाद विजिलेंस ने लखनऊ के अलीगंज के चंद्रलोक कालोनी सात और आठ जुलाई को छापेमारी कर 13 किलो सोना, नौ किलो चांदी, हीरे के जेवरात बरामद किए हैं, जिसकी अनुमानित कीमत 20 करोड़ रुपये से अधिक है। इन्हें घर में विभिन्न जगहों पर पैकेट बनाकर रखा गया था।

इसके अलावा टीम को ललित से जुड़े बंगला, कोठियां, दुकानें, खेत और अन्य संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। इस कार्रवाई की सरहना करते हुए डीजीपी राजीव कृष्ण ने कार्यवाही में शामिल टीम को एक लाख रुपये पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की है।
हर हाथ में हुनर, हर परिसर में हरियाली, 12 जुलाई को व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग लगाएगा 2.53 लाख पौधे
-  सभी आईटीआई और कौशल केंद्र होंगे अभियान में शामिल

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 12 जुलाई को आयोजित होने वाले ‘वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ में उत्तर प्रदेश का व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग 2.53 लाख पौधों का रोपण करेगा। इस अभियान के माध्यम से प्रदेशभर के सरकारी एवं निजी आईटीआई तथा कौशल विकास केंद्रों में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जाएगा।
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि योगी सरकार ने वृक्षारोपण को केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने वाले जन-आंदोलन का स्वरूप दिया है। उन्होंने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत प्रदेश का प्रत्येक युवा हरित उत्तर प्रदेश के निर्माण में सहभागी बन रहा है।
उन्होंने बताया कि विभाग के अधीन संचालित सभी राजकीय आईटीआई, निजी आईटीआई और कौशल विकास केंद्रों को अभियान में सक्रिय भागीदारी के निर्देश दिए गए हैं। लक्ष्य रखा गया है कि प्रत्येक प्रशिक्षु कम से कम एक पौधा लगाए और उसके संरक्षण का संकल्प भी ले।
मंत्री ने कहा कि संस्थानों के परिसर, खाली भूमि और बाउंड्री के आसपास फलदार, छायादार एवं औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। जिन संस्थानों में बाउंड्री नहीं है, वहां पौधरोपण के माध्यम से हरित बाउंड्री विकसित की जाएगी।
कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार का उद्देश्य ‘हुनर के साथ संस्कार और रोजगार के साथ पर्यावरण’ को बढ़ावा देना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान की सफलता केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं होगी, बल्कि पौधों के संरक्षण और संवर्धन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सभी जिला समन्वयकों, प्रधानाचार्यों और निजी आईटीआई संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अभियान से दो दिन पहले वन विभाग से पौधे प्राप्त कर लें तथा 12 जुलाई को जनप्रतिनिधियों, प्रशिक्षुओं और स्थानीय नागरिकों की सहभागिता से वृक्षारोपण महायज्ञ को जन-उत्सव के रूप में आयोजित करें।
महोबा और चित्रकूट में पीपीपी मॉडल पर बनेंगे रोप-वे, श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी सुविधा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जनपद महोबा के गोरखगिरी मंदिर तथा चित्रकूट के लालापुर स्थित बाल्मीकि आश्रम में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर रोप-वे परियोजनाएं विकसित करने का निर्णय लिया है। परियोजनाओं के विकास एवं संचालन के लिए निजी निवेशकों के माध्यम से आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दोनों स्थलों पर जल्द ही रोप-वे सेवा शुरू की जाएगी। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को दर्शन के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी तथा धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।
उन्होंने बताया कि महोबा का गोरखगिरी पर्वत एक प्रमुख धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थल है। मान्यता है कि गुरु गोरखनाथ ने अपने सातवें शिष्य सिद्धो दीपकनाथ के साथ यहां तपस्या की थी। मंदिर ऊंचाई पर स्थित होने के कारण श्रद्धालुओं को पहुंचने में कठिनाई होती है, जिसे रोप-वे सेवा से काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।
इसी प्रकार चित्रकूट के लालापुर स्थित बाल्मीकि आश्रम भी प्रमुख आस्था केंद्र है, जहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। सरकार का मानना है कि रोप-वे शुरू होने से यहां आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
पर्यटन मंत्री ने यह भी बताया कि गोरखपुर स्थित परमहंस योगानंद जन्मस्थली के पर्यटन विकास कार्य पूर्ण होने के बाद उसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी योगदा सत्संग सोसायटी ऑफ इंडिया को सौंपने का प्रस्ताव है। इसके लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) का प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया जारी है।
यूपी में नकली दवाओं के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार: 25 फर्मों पर छापेमारी, 52 नमूने जांच को भेजे गए
लखनऊ। उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने प्रदेश में काउंटरफीट (नकली) और स्प्यूरियस (जाली) दवाओं के सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए विशेष प्रवर्तन अभियान चलाते हुए व्यापक कार्रवाई की है। अभियान के तहत प्रदेशभर में 25 दवा फर्मों पर छापेमारी की गई, 52 संदिग्ध दवा नमूने जांच के लिए भेजे गए तथा नियमों के उल्लंघन पर 12 फर्मों के संचालन पर तत्काल रोक लगा दी गई।

-  लखनऊ में 1.60 लाख रुपये की संदिग्ध दवाएं बरामद
6 जुलाई की रात आलमबाग बस स्टेशन के पास एक गत्ते के कार्टन से लगभग 1.60 लाख रुपये मूल्य की संदिग्ध एलोपैथिक दवाएं बरामद की गईं। इनमें Torrent Pharmaceuticals के ब्रांड Chymoral Forte की 4,800 टैबलेट तथा Relax Pharmaceuticals के Gudcef Plus की 2,940 टैबलेट शामिल थीं। जांच में Gudcef Plus की पैकिंग और स्ट्रिप्स में कई प्रिंटिंग त्रुटियां मिलने पर दवाओं के नकली होने की पुष्टि हुई।
मौके से वाराणसी निवासी विमल कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि दवाएं वाराणसी स्थित न्यू सर्जिकल से बिना बिल और लाइसेंस खरीदी गई थीं। मामले में आलमबाग थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

-  वाराणसी में 25 लाख रुपये की दवाएं जब्त
लखनऊ से मिली सूचना के आधार पर वाराणसी के मडुवाडीह क्षेत्र स्थित न्यू सर्जिकल पर पुलिस के साथ संयुक्त छापेमारी की गई। यहां बिना वैध लाइसेंस के बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाएं भंडारित मिलीं। दुकान संचालक संदीप श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया गया। मौके से 12 दवाओं के नमूने लिए गए तथा लगभग 25 लाख रुपये मूल्य का शेष स्टॉक जब्त कर सील कर दिया गया। प्रारंभिक जांच में यह मामला ब्रांडेड कंपनियों की नकली दवाओं के अंतरजनपदीय नेटवर्क से जुड़ा होने की आशंका जताई गई है।

-  प्रदेशव्यापी अभियान में 25 फर्मों पर कार्रवाई
6 और 7 जुलाई को लखनऊ की दवा मंडी अमीनाबाद, ट्रांसपोर्ट नगर तथा अन्य क्षेत्रों में 18 औषधि निरीक्षकों की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। अभियान के दौरान महालक्ष्मी ट्रेडर्स, जय श्री महाकाल फार्मास्युटिकल्स, भगवती एंटरप्राइजेज, न्यू बाबा फार्मा, आरजी फार्मा, ट्रेडमेड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, दुर्गा डिस्ट्रीब्यूटर्स सहित कुल 25 फर्मों का निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान कई प्रतिष्ठान दवाओं की खरीद-बिक्री से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके। ऐसे मामलों में लगभग 1.77 लाख रुपये मूल्य की दवाओं की बिक्री तत्काल रोक दी गई। साथ ही 52 संदिग्ध औषधियों के नमूने परीक्षण एवं विश्लेषण के लिए एकत्र किए गए।
विभाग ने बताया कि जिन प्रतिष्ठानों में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा नियमावली, 1945 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया, उन 12 फर्मों के संचालन पर धारा 22(1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। दोनों मामलों में दोषियों के विरुद्ध संबंधित अधिनियम के तहत सक्षम न्यायालय में विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक को मिला नया नेतृत्व
-  डॉ. विवेक सिंह तोमर सभापति और रविन्द्र सिंह राठौर उपसभापति निर्विरोध निर्वाचित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड की प्रबंध समिति के सभापति एवं उपसभापति का चुनाव बुधवार को संपन्न हुआ। चुनाव में डॉ. विवेक सिंह तोमर सभापति तथा रविन्द्र सिंह राठौर उपसभापति पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुए।
बैंक की 323 शाखाओं के प्रतिनिधियों का निर्वाचन सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद प्रबंध समिति के 13 सदस्य चुने गए। आगरा निर्वाचन क्षेत्र की अनुसूचित जाति/जनजाति आरक्षित सीट पर कोई प्रतिनिधि निर्वाचित न होने के कारण सहकारिता विभाग ने राकेश कुमार (फिरोजाबाद) को प्रबंध समिति का सदस्य नामित किया।
निर्वाचन प्रक्रिया सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रभारी राम प्रताप सिंह चौहान, सह-संयोजक आलोक सिंह तथा राज्य सरकार द्वारा नियुक्त निर्वाचन अधिकारियों राकेश कुमार सिंह (अपर जिला अधिकारी, वित्त एवं राजस्व) और ज्ञानचन्द्र गुप्ता (सिटी मजिस्ट्रेट) की उपस्थिति में संपन्न हुई।
12 मार्च 1959 को स्थापित उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक प्रदेश की शीर्ष सहकारी संस्था है, जो किसानों को कृषि एवं गैर-कृषि क्षेत्रों की विभिन्न योजनाओं के लिए दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराती है। वर्तमान में बैंक के 14.09 लाख से अधिक सदस्य हैं। स्थापना से अब तक बैंक 60.95 लाख से अधिक किसानों को 15,716 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरित कर चुका है।
नवनिर्वाचित सभापति डॉ. विवेक सिंह तोमर ने कहा कि उनकी प्राथमिकता बैंक की व्यावसायिक गतिविधियों को नई गति देना और प्रदेश सरकार की किसान हितैषी नीतियों के अनुरूप बैंक को अधिक प्रभावी बनाना होगा। उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाएं तैयार की जाएंगी, जिनसे किसानों का बैंक से सीधा जुड़ाव बढ़े, बैंक की सेवाएं गांव-गांव तक पहुंचें और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता के माध्यम से बैंक की पहुंच एवं कार्यक्षमता का और विस्तार हो सके।