माननीय अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार ने अपने आज कार्यालय कक्ष में सदस्यों की नव निर्मित विधायक आवास परिषद में हो रही समस्या पर चर्चा की





बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम
कुमार ने आज अपने कार्यालय कक्ष में वीरचंद पटेल पथ स्थित नवनिर्मित विधायक आवासीय परिसर तथा अन्य विषयों के संबंध में भवन निर्माण विभाग की माननीय मंत्री श्रीमती लेशी सिंह के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में माननीय सदस्यों को नवनिर्मित विधायक आवासीय परिसर में हो रही समस्याओं एवं परिसर में अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा सभा सचिवालय के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों हेतु विधान सभा पुल में अतिरिक्त आवास उपलब्ध कराने एवं नए आवासीय परिसर के निर्माण के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। माननीय अध्यक्ष डॉ० प्रेम कुमार ने माननीय मंत्री को माननीय सदस्यों के लिए नवनिर्मित विधायक आवासीय परिसर की विभिन्न समस्याओं एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी से अवगत कराया। बैठक में सभा सचिवालय के कार्यबल के अनुरूप गर्दनीबाग, पटना स्थित आवासीय परिसर के ब्लॉक ए, बी, सी एवं डी में अतिरिक्त आवास उपलब्ध कराने पर भी विचार–विमर्श हुआ। साथ ही, सभा सचिवालय के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों हेतु आवास की कमी को देखते हुए नए आवासीय परिसर के निर्माण पर चर्चा हुई । माननीय मंत्री श्रीमती लेशी सिंह ने माननीय अध्यक्ष को आश्वस्त किया कि नवनिर्मित विधायक आवासीय परिसर की विभिन्न समस्याओं को शीघ्र दूर कर दिया जायेगा एवं परिसर में मूलभूत सुविधाओं को भी शीघ्र बहाल किया जायेगा। उन्होंने गर्दनीबाग, पटना स्थित आवासीय परिसर के ब्लॉक ए, बी, सी एवं डी में अतिरिक्त आवास उपलब्ध कराने पर सहमति व्यक्त की। साथ ही, उन्होंने सभा सचिवालय के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों हेतु आर ब्लॉक के समीप नए बहुमंजिले आवासीय परिसर के निर्माण पर सहमति व्यक्त की। इस बैठक में भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री प्रणव कुमार एवं सभा सचिवालय के वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। *जनसंपर्क पदाधिकारी* *बिहार विधान सभा, पटना ।*
सूर्यमुखी की खेती एवं मधुमक्खी पालन का एकीकृत मॉडल किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में प्रभावी पहल*




: विजय कुमार सिन्हा पटना, 7 जुलाई। बिहार के कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य तेल–तिलहन मिशन (NMEO-OS) के अंतर्गत राज्य में सूर्यमुखी की खेती के साथ मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण रोजगार सृजित करने तथा खाद्य तेलों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रभावी पहल की जा रही है। और इसके काफी सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं l कृषि मंत्री ने कहा कि गर्मी के मौसम में जब फूलों की उपलब्धता कम हो जाती है, तब सूर्यमुखी की फसल मधुमक्खियों के लिए प्राकृतिक अमृत (नेक्टर) एवं पराग का महत्वपूर्ण स्रोत बनती है। इससे मधुमक्खी कॉलोनियों का संरक्षण होता है तथा उच्च गुणवत्ता वाले शहद के उत्पादन को भी बढ़ावा मिलता है। दूसरी ओर मधुमक्खियों द्वारा प्राकृतिक परागण से सूर्यमुखी की फसल में दानों का भराव बेहतर होता है, बीजों की गुणवत्ता में सुधार आता है तथा उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। यह मॉडल किसानों और मधुमक्खी पालकों दोनों के लिए समान रूप से लाभकारी सिद्ध हो रहा है। श्री सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार केवल तिलहन उत्पादन बढ़ाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि कटाई उपरांत प्रसंस्करण (Post-Harvest Processing) एवं मूल्य संवर्धन (Value Addition) पर भी विशेष बल दे रही है। योजना के अंतर्गत तेल मिलों की स्थापना एवं आधुनिकीकरण के लिए सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे किसानों को अपनी उपज का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण कराने की सुविधा मिलेगी, परिवहन लागत घटेगी, शुद्ध खाद्य तेल का स्थानीय उत्पादन बढ़ेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि "उत्पादन से प्रसंस्करण तक (Production to Processing)" की अवधारणा को साकार करने वाला यह एकीकृत मॉडल बिहार की कृषि को अधिक लाभकारी, टिकाऊ एवं आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग, ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा तथा किसानों की आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित होगी। कृषि मंत्री ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत बांका जिले के धोरैया प्रखंड, शिवहर जिले के पिपराही प्रखंड तथा सारण जिले में 25-25 एकड़ के क्लस्टर में सूर्यमुखी की खेती के साथ मधुमक्खी पालन का कार्य किया जा रहा है। इन मॉडलों से प्राप्त सकारात्मक परिणामों के आधार पर इसे राज्य के अन्य जिलों में भी चरणबद्ध तरीके से विस्तारित किया जाएगा। श्री विजय कुमार सिन्हा ने किसानों से आह्वान किया कि वे सूर्यमुखी की खेती, मधुमक्खी पालन एवं मूल्य संवर्धन आधारित कृषि मॉडल को अपनाकर अपनी आय बढ़ाएँ तथा विकसित एवं आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण में सहभागी बनें।
पारस हेल्थ, पटना में पहली बार सफल लिवर एवं किडनी का संयुक्त प्रत्यारोपण* •
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एक ही मरीज का एक साथ हुआ लिवर और किडनी ट्रांसप्लांट, बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि • अंगदाता: माता - किडनी दाता, पुत्र - लीवर दाता पटना। पारस हेल्थ, पटना ने अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए अस्पताल का पहला सफल लिवर ट्रांसप्लांट किया है। इस उपलब्धि को और भी विशेष बनाते हुए चिकित्सकों की टीम ने एक ही मरीज का लिवर और किडनी का संयुक्त (सिमल्टेनियस) प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया। यह अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण सर्जरी मानी जाती है और इसके सफल निष्पादन ने बिहार में उन्नत चिकित्सा सेवाओं की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। 42 वर्षीय पुरुष मरीज, जो ईएसआरडी- ईण्ड स्टेज रिनल डिजीज यानी अंतिम चरण की किडनी फेल और सीएलडी- क्रोनिक लिवर डिजीज यानी लीवर सिरोसिस से पीड़ित थे। डायलिस और दवाओं के बाद भी दोनों अंग काम नहीं कर रहे थे। संयुक्त अंग प्रत्यारोपण देश के गिने-चुने केंद्रों में ही संभव है। इसमें एक साथ दो दाता सर्जरी और एक मरीज की सर्जरी, लगभग 15-18 घंटे तक टीम वर्क से की जाती है। इस जटिल सर्जरी को सफल बनाने में ट्रांसप्लांट सर्जरी, नेफ्रोलॉजी, हेपेटोलॉजी, एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर, ओटी, आईसीयू नर्सिंग, ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेशन, माइक्रोबायोलॉजी, रेडियोलॉजी, ब्लड बैंक, फार्मेसी एवं अस्पताल प्रशासन सहित सभी विभागों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।




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स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने एलएनजेपी अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, मरीजों की सुविधाओं में सुधार के दिए सख्त निर्देश





पटना
एलएनजेपी अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत, साफ-सफाई, जांच व्यवस्था और इलाज में लापरवाही पर जताई नाराजगी स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने एलएनजेपी अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की, 24 घंटे पैथोलॉजी सेवा और स्टाफ बढ़ाने के दिए निर्देश पटना। स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने मंगलवार को लोकनायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल का निरीक्षण कर अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, साफ-सफाई, उपचार व्यवस्था तथा मरीजों को दी जा रही सेवाओं का जायजा लिया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री कुमार रवि भी उनके साथ मौजूद रहे। निरीक्षण की शुरुआत स्वास्थ्य मंत्री ने ट्रॉमा सेंटर से की, जहां उन्होंने भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा इलाज और अस्पताल की सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने मरीजों एवं उनके परिजनों की शिकायतें भी सुनीं और अस्पताल प्रशासन को साफ-सफाई की व्यवस्था में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने वार्ड, ओपीडी और पुरुष शौचालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने मरीजों के ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और अन्य पैथोलॉजी जांच में हो रही देरी पर भी चिंता व्यक्त करते हुए पैथोलॉजी विभाग को 24 घंटे संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही लैब टेक्नीशियन और पैरामेडिकल कर्मियों की संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रस्ताव विभाग को भेजने को कहा। निरीक्षण के दौरान सामने आई विभिन्न कमियों और अव्यवस्थाओं पर स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के निदेशक डॉ. राकेश कुमार चौधरी को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मरीजों की सुविधा और उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल की ओपीडी व्यवस्था, डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की भी समीक्षा की। इस दौरान स्वास्थ्य सचिव श्री कुमार रवि ने निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों को बिना एप्रन के कार्य करते पाया, जिस पर उन्होंने उन्हें निर्धारित ड्रेस कोड का अनिवार्य रूप से पालन करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने इमरजेंसी वार्ड के बाहर मरीजों के परिजनों से भी बातचीत कर अस्पताल में मिल रही सुविधाओं के संबंध में फीडबैक लिया। इसके बाद उन्होंने दवा वितरण केंद्र का निरीक्षण कर दवाओं की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा की। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन 400 बेड वाले नए अस्पताल भवन का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एमआरआई जांच केंद्र का जायजा लेकर वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान बीएमएसआईसीएल के प्रबंध निदेशक श्री सुब्रत कुमार सेन ने उन्हें बताया कि नए भवन का निर्माण कार्य अगस्त 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा तथा सितंबर 2026 से यह भवन पूरी तरह संचालित होने लगेगा। वहीं, माननीय मंत्री ने मरीज की शिकायत पर ओपीडी वार्ड में एयर कंडीशनर (AC) काम नहीं किये जाने पर उसे दुरुस्त करने का निर्देश दिया है। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने मरीजों को भोजन उपलब्ध कराने वाली कैंटीन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, वितरण व्यवस्था तथा मरीजों को दिए जा रहे भोजन के संबंध में विस्तृत जानकारी ली और निर्देश दिया कि मरीजों को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ, पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन समय पर उपलब्ध कराया जाए। अंत में स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत और स्वास्थ्य सचिव श्री कुमार रवि ने अस्पताल के निदेशक के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में अस्पताल में प्राप्त शिकायतों, कमियों तथा पारा मेडिकल स्टाफ की कमी की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। स्वास्थ्य मंत्री ने निदेशक को निर्देश दिया कि अस्पताल में अनियमितताओं को शीघ्र दूर किया जाए तथा रेडियोलॉजिस्ट, लैब टेक्नीशियन, पैरामेडिकल स्टाफ एवं अन्य आवश्यक स्वास्थ्यकर्मियों की रिक्तियों की सूची तैयार कर विभाग को उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवश्यक नियुक्ति एवं प्रतिनियुक्ति की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जा सके। निरीक्षण के दौरान बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए वरिष्ठ सर्जन डॉ. आर.के. रौशन से स्वास्थ्य मंत्री ने फोन पर बातचीत की लेकिन जवाब संतोषप्रद नहीं दिये जाने पर उन्हें विभागीय स्तर पर शो-कॉज किया गया है। वहीं, अस्पताल के न्यूरोसर्जन डॉ श्याम किशोर द्वारा मरीज के पुर्जे पर बाहरी जांच लिखे जाने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया। औचक निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री कुमार रवि, बीएमएसआईसीएल के प्रबंध निदेशक श्री सुब्रत कुमार सेन, स्वास्थ्य मंत्री के आप्त सचिव श्री कौशलेंद्र कुमार, एलएनजेपी अस्पताल के निदेशक डॉ. राकेश कुमार चौधरी तथा स्वास्थ्य विभाग एवं अस्पताल प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आईजीआईएमएस (IGIMS) पटना परिसर पुनर्विकास कार्य का स्वास्थ्य सचिव श्री कुमार रवि ने किया स्थल निरीक्षण एवं की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक






500 बेड टीचिंग अस्पताल का कार्य 3 माह में पूरा करने का दिया निर्देश* पटना । स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री कुमार रवि ने शुक्रवार को इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस), पटना का दौरा कर परिसर में चल रहे पुनर्विकास एवं विस्तार कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन 500 बेड वाले टीचिंग अस्पताल, 1200 बेड वाले अस्पताल, हॉस्टल एवं आवासीय भवनों सहित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी से कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की। स्थलीय निरीक्षण के उपरांत स्वास्थ्य सचिव ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। जिसमें संस्थान परिसर में निर्माणाधीन 500 बेड वाले टीचिंग अस्पताल, 1200 बेड वाले अस्पताल, हॉस्टल एवं आवासीय भवनों सहित विभिन्न निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति से स्वास्थ्य सचिव को अवगत कराया गया। समीक्षा के दौरान सचिव महोदय ने 500 बेड वाले टीचिंग अस्पताल के निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्माण एजेंसी को निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल का निर्माण कार्य अगले तीन माह के भीतर पूर्ण किया जाए। मीटिंग के दौरान श्री कुमार रवि ने कहा कि हर सप्ताह निर्माण कार्य प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी। उन्होंने अस्पताल के आंतरिक एवं बाहरी एचवीएसी (HVAC) कार्यों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरा करने का निर्देश दिया। इसके लिए 31 अगस्त 2026 की अंतिम समय-सीमा निर्धारित की गई है। स्वास्थ्य सचिव ने साइट पर चिलर प्लांट, कूलिंग टावर, पंप, वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना, पाइपिंग एवं डक्टिंग सहित सभी शेष कार्यों को तेजी से पूर्ण करने का निर्देश दिया। बैठक में निर्माणाधीन 1200 बेड वाले अस्पताल, हॉस्टल एवं आवासीय भवनों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का 59.24 प्रतिशत कार्य अब तक पूर्ण हो चुका है। स्वास्थ्य सचिव ने निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्वक तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। बैठक के अंत में स्वास्थ्य सचिव श्री कुमार रवि ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिया कि जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करें, ताकि राज्य की जनता को शीघ्र आधुनिक एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।
पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता प्रमोद कुमार सिंह के द्वारा लिखित पुस्तक बेसिक नॉलेज फॉर क्रिमिनल प्रेक्टिस का आज विमोचन किया गया





पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता प्रमोद कुमार सिंह के द्वारा लिखित पुस्तक बेसिक नॉलेज फॉर क्रिमिनल प्रेक्टिस का आज विमोचन किया गया
पुस्तक जूनियर वकीलों के लिए लाभदायक है इसका सहारा लेकर जूनियर वकील कोर्ट में प्रैक्टिस कर सकते हैं प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि इसमें स्टेप बाय स्टेप कानून की जानकारी दी गई है fir दर्ज होने के बाद किस तरह से प्रोसेस बाय प्रोसेस बढ़ा जाए वह तमाम जानकारियां इसमें दी गई है।पुस्तक विमोचन समारोह में पटना उच्च न्यायालय एडवोकेट एसोसिएशन के अधिवक्ता सह महासचिव जयशंकर प्रसाद के अलावा अधिवक्ता अमित कुमार अधिवक्ता कमलेश कुमार राणा बलजीत सिंह ,भानु प्रिया मौजूद थे यह पुस्तक खासकर के नए अधिवक्ताओं के लिए लिखी गई है।
पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने आज अपने कार्यालय में वरिष्ठ पदाधिकारीके साथ समीक्षक बैठक किया
सूबे के पथ निर्माण मंत्री ई० शैलेन्द्र ने आज अपने कार्यालय कक्ष में विभागीय वरिष्ठ पदाधिकारियों के समीक्षा बैठक के क्रम में भागलपुर जिला के यातायात व्यवस्था को सुदृढ़, करने हेतु जिलान्तर्गत सोनबरसा दुमुही चौक से एन०एच० 31 तक ग्रामीण कार्य विभाग की सड़क को पथ निर्माण विभाग में अधिग्रहण करते हुए चौड़ीकरण किये जाने का निदेश दिया। इसी प्रकार पंडित दीन दयाल उपाध्याय चौक, खरीक से भवनपुरा तक पथ निर्माण विभाग की सिंगल लेन सड़क का भी चौड़ीकरण कराये जाने का निदेश दिया। ई० शैलेन्द्र ने बताया कि उक्त दोनों पथों के सिंगल लेन रहने के कारण आम नागरिकों को आवागमन में काफी कठिनाई होती है। ऐसी स्थिति में उक्त दोनों पथों को न्यूनतम 2 लेन अथवा अधिक चौड़ाई में चौड़ीकरण कराया जाना आवश्यक है। इस क्रम में उन्होंने अपने पत्रांक 790, दिनांक 16.05.2026 द्वारा सचिव, पथ निर्माण विभाग को पत्र लिखकर भी निदेशित किया है। ई० शैलेन्द्र ने कहा कि पथ निर्माण मंत्री के रूप में पूरे राज्य की सड़कों को सुदृढ़ करना उनकी प्राथमिकता है। इस क्रम में भागलपुर जिला की सड़कों को भी सुदृढ़ किया जाना उनकी पहली प्राथमिकता है।
पटना के पटेल नगर रोड नंबर 2 के समीप “Bihar Sports Point” का भव्य उद्घाटन किया गया।





पटना के पटेल नगर रोड नंबर 2 के समीप “Bihar Sports Point” का भव्य उद्घाटन किया गया।

इस मौके पर सवेरा कैंसर हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ वीपी सिंह एवं दीघा विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजीव चौरसिया जी उपस्थित रहे।
अब खेलकूद से जुड़े सामानों के लिए आपको कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यहां क्रिकेट, बैडमिंटन सहित कई स्पोर्ट्स के बेहतरीन और उम्दा क्वालिटी के सामान उचित कीमतों पर उपलब्ध हैं।
अगर आप क्रिकेट के शौकीन हैं और अच्छे क्वालिटी के स्पोर्ट्स सामान खरीदना चाहते हैं तो एक बार जरूर विजिट करें वही दुकान के प्रोपराइटर ने बताया कि आने वाले समय में खिलाड़ियों से विचार विमर्श करके जरूर की वस्तु को लाया जाएगा ताकि किसी भी खिलाड़ी को एक ही छत के नीचे सब सामान मिल सके
बिहार में आंधी-तूफान के दूसरे दिन भी युद्धस्तर पर राहत कार्य, निगम और एसडीआरएफ की टीमें हटा रहीं मलबा -



पटना के गायघाट, कंकड़बाग, हार्डिंग रोड, हज भवन, म्यूजियम, सचिवालय, गर्दनीबाग, 96 ऑफिसर्स एनक्लेव, हवाई अड्डा, बेली रोड आदि इलाकों में दिन भर चला राहत कार्य पटना, 09 मई। पटना सहित अन्य जिलों में शुक्रवार को आए तेज आंधी-तूफान के बाद राहत एवं बचाव कार्य शनिवार को भी युद्धस्तर पर जारी रहा। आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह के निर्देशानुसार जिला प्रशासन, नगर निगम और वन विभाग की टीमें राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से कार्य करती रहीं ताकि आमजन को शीघ्र राहत एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री रत्नेश सदा और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की ओर से राहत एवं बचाव कार्य की नियमित समीक्षा की जा रही है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को दिशानिर्देश दिया जा रहा है। गायघाट, कंकड़बाग, हार्डिंग रोड, हज भवन, सचिवालय, गर्दनीबाग, 96 ऑफिसर्स एनक्लेव, हवाई अड्डा, बेली रोड, पुनाईचक, नेहरू पार्क, पटना म्यूजियम एवं आसपास के क्षेत्रों में सफाई के साथ अवरोध हटाने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जा रहा है। संबंधित विभागों की ओर से मार्गों को सामान्य बनाने और जनजीवन को सुचारु रूप से बहाल करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे धैर्य एवं संयम बनाए रखें। किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। सभी नागरिक आपदा प्रबंधन विभाग एवं जिला प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। आवश्यक होने पर प्रशासन को सहयोग प्रदान करें। साथ ही किसी भी आपातकालीन सहायता के लिए आपदा प्रबंधन विभाग के राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के हेल्पलाइन नंबर- 0612-2294204/205 और सहायता नंबर- 1070 पर संपर्क किया जा सकता है।
पारस हेल्थ, पटना में आधुनिक और उन्नत शिशु रोग विभाग की शुरुआत*
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पटना। पारस हेल्थ, पटना में आज से “आधुनिक और उन्नत शिशु रोग विभाग (Pediatrics Department)” की औपचारिक शुरुआत कर दी गई। इस नई सुविधा की घोषणा प्रेस कॉन्फ्रेंस में पारस हेल्थ के जोनल डायरेक्टर श्री अनिल कुमार, निदेशक जेनेरल सर्जरी डॉ. अहमद अब्दुल हई एंव निदेशक वं विभागाध्यक्ष पीडियाट्रिक्स डॉ. विवेक रंजन द्वारा की गई। यह विभाग अत्याधुनिक तकनीक, अनुभवी विशेषज्ञों और 24x7 सेवाओं के साथ बच्चों को समर्पित बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा। नए शिशु रोग विभाग के अंतर्गत 24x7 बाल आपातकालीन सेवाएं, PICU (Pediatric Intensive Care Unit), NICU (Neonatal Intensive Care Unit), सामान्य बाल रोगों का उपचार, टीकाकरण सेवाएं, पोषण एवं विकास परामर्श तथा बुखार, खांसी एवं संक्रमण जैसी समस्याओं का समुचित इलाज उपलब्ध रहेगा। इस अवसर पर *जोनल डायरेक्टर श्री अनिल कुमार* ने कहा कि “पारस हेल्थ, पटना में आधुनिक और उन्नत शिशु रोग विभाग की शुरुआत हमारे लिए गर्व का विषय है। हमारा उद्देश्य बिहार के बच्चों को महानगरों जैसी उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं यहीं उपलब्ध कराना है। अत्याधुनिक PICU और NICU की सुविधा के साथ अब गंभीर रूप से बीमार नवजात और बच्चों का इलाज पूरी दक्षता और संवेदनशीलता के साथ किया जा सकेगा।” वहीं, निदेशक एवं विभागाध्यक्ष पीडियाट्रिक्स, *डॉ. विवेक रंजन* ने कहा कि “बच्चों का स्वास्थ्य केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि सही समय पर पहचान, रोकथाम और समुचित देखभाल भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। हमारे विभाग में अनुभवी चिकित्सकों और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की टीम 24x7 उपलब्ध रहेगी, ताकि हर बच्चे को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके। हमारा लक्ष्य है कि नवजात से किशोरावस्था तक हर आयु वर्ग के बच्चों को समग्र स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं।” पारस हेल्थ, पटना में इस नई पहल से क्षेत्र के अभिभावकों को अपने बच्चों के इलाज के लिए बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें विश्वस्तरीय सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगी। *पारस हेल्थ के बारे में* पारस हेल्थ पटना ने 2013 में परिचालन शुरू किया। यह बिहार का पहला कॉर्पोरेट अस्पताल है जिसके पास परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड द्वारा लाइसेंस प्राप्त कैंसर उपचार केंद्र है। जून 2024 में एक्सेस किए गए एनएबीएच पोर्टल के अनुसार, पारस एचएमआरआई अस्पताल, पटना 2016 में एनएबीएच मान्यता प्राप्त करने वाला बिहार का पहला अस्पताल था। इस अस्पताल की बेड क्षमता 400 से ज्यादा की है, जिसमें 80 आईसीयू बेड शामिल हैं साथ ही 2 LINAC मशीन एंव PET-CT की सुविधा भी उपलब्ध है।