हिमांशु सिंह हत्याकांड की CBI जांच की मांग, भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन


जमशेदपुर के बहुचर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सीबीआई (CBI) से कराने की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के द्वारा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में लोकभवन जाकर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा गया।

प्रतिनिधिमंडल ने इस जघन्य हत्याकांड की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कर दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के अलावा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही, प्रदेश मंत्री शैलेंद्र सिंह, प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह, जिला अध्यक्ष संजीव सिन्हा, दिवंगत हिमांशु सिंह के पिताजी अरविन्द सिंह, शंभुनाथ सिंह भी उपस्थित रहे।

हेमन्त सोरेन: झारखंड में इको टूरिज्म और स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनेगी, कलाकारों का डेटाबेस तैयार

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों की उपस्थिति में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों एवं चालू वित्तीय वर्ष की कार्य योजना एवं प्राथमिकताओं पर गहन विचार-विमर्श कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, खेल अवसंरचनाओं, पर्यटन स्थलों का विकास, धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण तथा राज्य के युवाओं के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के भीतर कई अंडरग्राउंड कोल माइंस क्षेत्र हैं। इन अंडरग्राउंड माइंस क्षेत्रों को चिन्हित कर टूरिज्म की संभावनाओं पर कार्य योजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, लातेहार, हजारीबाग, रांची सहित अन्य जिले जहां-जहां इको टूरिज्म की संभावनाएं हैं ऐसे जगहों को विकसित करने हेतु शीघ्र कार्य तैयार करने का निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री श्री सुदिव्य कुमार उपस्थित थे।

झारखंड में इको टूरिज्म की असीम संभावनाएं

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि झारखंड में इको टूरिज्म की असीम संभावनाएं हैं। यहां इको टूरिज्म सर्किट विकसित कर पर्यटन को नई पहचान दिलाई जा सकती है। जरूरत है कि हम एक बेहतर इको टूरिज्म सर्किट प्लान के साथ आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के भीतर प्राकृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक एवं इको टूरिज्म स्थलों का योजनाबद्ध एवं समग्र विकास सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने झारखंड राज्य की पर्यटन नीति तैयार करने का निर्देश भी अधिकारियों को दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पतरातू घाटी की सुंदरता देखने योग्य है। पतरातू व्यू पॉइंट बनाए जाने के कार्य को गति प्रदान करें तथा पतरातू सहित अन्य अन्य जरूरत वाले पर्यटन स्थलों पर रोपवे स्थापित किए जाने का प्लान तैयार करें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि लातेहार जिले में अवस्थित नेतरहाट में ग्लास वॉच टावर अथवा ग्लास ब्रिज लगाए जाने की कार्य योजना बनाएं साथ ही वहां कोयल व्यू पॉइंट कॉटेज बनाने, ट्रैकिंग की सुविधा विकसित करने तथा स्विमिंग पूल आदि कार्यों पर के विकास पर बल दिया तथा लोध फॉल में इको टूरिज्म के बढ़ावा देने पर जोर दिया।

स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाने की जरूरतों पर तैयार करें कार्य योजना

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि कोई भी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतिस्पर्धाओं में मेडल प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों द्वारा सब्जी बेचने या अन्य कोई कार्य करने संबंधी सूचना या शिकायत नहीं आनी चाहिए। ऐसे खिलाड़ियों का डेटाबेस तैयार करें तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि देने संबंधी योजनाएं तैयार करें। मुख्यमंत्री ने खेलगांव में स्थापित मेगा स्पोर्ट्स व्यवस्था की अद्यतन स्थिति का सुक्षमता से आकलन कर उसका मेंटनेंस, वित्त प्रबंधन, खिलाड़ियों की मुलभूत सुविधाओं आदि से संबंधित कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया। साथ ही इसमें शामिल खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों आदि के लिए भी बेहतर प्लान तैयार करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने झारखंड में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना हेतु क्या-क्या कार्य किया जा सकते हैं इसकी कार्य योजना भी तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही विभिन्न खेल के क्षेत्र में नामचीन व्यक्तियों को झारखंड में परिदर्शन कराने तथा झारखंड के खिलाड़ियों को भी दूसरे राज्यों में एक्सपोजर विजिट कराने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को दूसरे राज्यों के उत्कृष्ट खेल प्रशिक्षण केन्द्रों, खेल अकादमियों, खेल संस्थाओं में भ्रमण कराए जाने से उनके खेल प्रदर्शन में और अधिक निखार लाया जा सकेगा।

कलाकारों का डेटा बेस हो रहा तैयार

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कला-संस्कृति विभाग की समीक्षा के दौरान विभिन्न कला विधाओं से जुड़े कलाकारों का डेटाबेस तैयार करने का निर्देश दिया। विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि राज्य में अबतक करीब 12 हजार कलाकारों का निबंधन हुआ है। मुख्यमंत्री ने सभी निबंधित कलाकारों की सूची जिलों में भेजकर उसका सत्यापन करने का निर्देश दिया। साथ ही देश के अन्य राज्यों में स्थापित स्कूल ऑफ फाइन आर्ट प्रबंधन से समन्वय बनाकर निबंधित कलाकारों का एक्सपोजर विजिट कराने तथा दूसरे राज्यों के कलाकारों को भी यहां बुलाकर कला विधा से जुड़े आर्टिस्ट की कला को बेहतर करने का निर्देश दिया। इससे राज्य के कला-संस्कृति को मजबूती मिलेगी तथा राज्य के कलाकारों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फलक पर बेहतर अवसर और वातावरण तैयार हो सकेगा। बैठक में ललित कला, साहित्य कला एवं अन्य कलाओं के समग्र विकास पर चर्चा हुई।

पर्यटन के विकास से रोजगार के अवसर सृजित होंगे

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि पर्यटन के विकास से राज्य की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा मिलेगी साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जा सकेंगे, इस निमित्त यह जरूरी है कि पर्यटन परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन परियोजनाओं की गुणवत्ता एवं आधुनिकता पर विशेष फोकस रखें।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार, निदेशक पर्यटन श्री नमन प्रियेश लकड़ा, निदेशक खेल श्री छवि रंजन, सहित विभाग के वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

सीएम हेमन्त सोरेन से IFS अधिकारियों की शिष्टाचार भेंट, विकास और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी पर हुई चर्चा


रांची:

झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से सोमवार को झारखंड मंत्रालय में भारतीय विदेश सेवा के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने शिष्टाचार मुलाकात की।

मुख्यमंत्री से मिलने वाले अधिकारी 2010 बैच के IFS अधिकारी श्री मोहम्मद शाहिद आलम और श्री सुशील प्रसाद हैं। श्री आलम वर्तमान में लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में और श्री प्रसाद नैरोबी स्थित भारतीय उच्चायोग में पदस्थापित हैं। दोनों अधिकारी मध्यावधि प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए झारखंड प्रवास पर आए हैं।

भेंट के दौरान राज्य सरकार की प्रमुख विकासात्मक योजनाओं, निवेश की संभावनाओं और आर्थिक विकास पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकासात्मक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों की भूमिका अहम है।

इस क्रम में Migration and Mobility Partnership, वन्यजीव पर्यटन, कौशल विकास, शिक्षा क्षेत्र में सहयोग और भारतीय प्रवासी समुदाय की भागीदारी जैसे मुद्दों पर भी बातचीत हुई। साथ ही झारखंड की शासन व्यवस्था और विकास यात्रा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।

इस अवसर पर राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार भी उपस्थित थे।

झारखण्ड में 7 दिन में 1 करोड़ मतदाताओं तक पहुंचा इन्यूमरेशन फॉर्म: बीएलओ के साथ बीएलए-2 भी सक्रिय

रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य की प्रगति साझा करते हुए बताया कि राज्य में मतदाताओं के इन्यूमरेशन फॉर्म भरने की प्रक्रिया बेहद तेजी और सुचारू रूप से चल रही है। उन्होंने कहा कि बूथ लेवल अधिकारियों के साथ-साथ मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट भी अपनी जिम्मेदारी को बखूबी समझते हुए जमीनी स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण और सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। दोनों के आपसी समन्वय के कारण ही राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण के शुरुआती 7 दिनों के भीतर ही बीएलओ राज्य के लगभग 39.73% कुल 1,05,13,490 मतदाताओं तक सफलतापूर्वक पहुंच चुकी है, जहां घर-घर जाकर पात्र भारतीय नागरिकों का इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराया गया है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची का यह विशेष गहन पुनरीक्षण एक पूर्णतः सहभागी प्रक्रिया है, जिसे बिना सबके सहयोग के शत-प्रतिशत सफल नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि एक शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिहीन मतदाता सूची बनाने के लिए सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपेक्षा है। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे बूथ स्तर पर अपने बीएलए-2 की सक्रियता और उपस्थिति निरंतर बनाए रखें ताकि स्थानीय स्तर पर पात्र भारतीय नागरिकों को ससमय इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराया जा सक एवं इसका डिजिटाइजेशन भी किया जा सके।

श्री के रवि कुमार ने कहा कि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए 2 अपने मतदान केंद्र क्षेत्र के 5 श्रेणी 1.एब्सेंट, 2.शिफ्टेड, 3. डेथ, 4.डुप्लीकेट एवं 5. रिफ्यूज टू साइन (गैर भारतीय) सूची के मतदाता को छोड़कर प्रतिदिन 50 मतदाताओं के इन्यूमरेशन फॉर्म अपने बीएलओ को जमा कर सकते हैं। बशर्ते उन्हें इनके सत्यापन हेतु प्रमाण पत्र भी अपने स्तर से जारी करने होंगे। बीएलए 2 द्वारा दिए गए प्रमाण पत्र में उनके द्वारा निम्न घोषणा एवं सत्यापन अनिवार्य है:–

"मैं एतद्द्वारा घोषित करता/करती हूँ कि मेरे द्वारा दी गई सूचना मुझे सौंपे गए निर्वाचक नामावली (वोटर लिस्ट) के भाग के उचित सत्यापन पर आधारित है और मैं झूठी घोषणा करने के लिए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के दंडात्मक प्रावधानों से अवगत हूँ।" दिनांक, (बी.एल.ए. के पूर्ण हस्ताक्षर),पूरा नाम, दल (पार्टी) का नाम।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में बीएलए 2 एवं बीएलओ द्वारा संग्रहित किये गए इन्यूमरेशन फॉर्म को बीएलओ/ बीएलओ सुपरवाईजर द्वारा नियमानुसार वेरिफाई करते हुए इसके डिजिटाइजेशन का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीएलए 2 एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ, डुप्लीकेट एवं रिफ्यूज टू साईन (गैर भारतीय) श्रेणी के मतदाताओं की सूची तैयार करेंगें एवं बीएलए 2 के साथ होने वाले बैठक में बीएलओ द्वारा बनाए गए सूची से मिलान भी कराएंगे। उन्होंने कहा कि बीएलए 2 द्वारा वेरिफिकेशन के उपरांत ही एएसडीडी सूची का प्रकाशन किया जाएगा। 5 अगस्त को होने वाले मतदाता सूची के ड्राफ्ट पब्लिकेशन के समय इस सूची को भी प्रकाशित किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि विगत के विशेष गहन वाले मतदाता सूची से मैपिंग को सुपीरियर डॉक्यूमेंट के रूप में माना गया है जिन मतदाताओं की मैपिंग हो गई है उन्हें सामान्यतः किसी अन्य प्रकार के दस्तावेज समर्पित नहीं करने होंगे। उन्होंने कहा बीएलओ जब घर घर जाएं तो मतदाताओं से उनका यथासंभव मैपिंग अवश्य कराएं।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का टिकैत उमराव सिंह शूटिंग रेंज का औचक निरीक्षण, अव्यवस्था पर जताई कड़ी नाराजगी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज रांची के खेलगांव स्थित टिकैत उमराव सिंह शूटिंग रेंज परिसर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। उन्होंने शूटिंग रेंज परिसर की आधारभूत संरचनाओं के रख-रखाव, शूटिंग उपकरणों, खिलाड़ियों की सुरक्षा मानक, प्रदान की जा रही खेल सुविधाओं एवं अन्य व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री शूटिंग रेंज परिसर के रखरखाव की बदहाल स्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्ति की।

उन्होंने शूटिंग रेंज में खिलाड़ियों को दी जा रही प्रशिक्षण, सुरक्षा मानकों, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता एवं खिलाड़ियों के अभ्यास की व्यवस्था एवं अन्य सुविधाओं का बारिकी से अवलोकन कर अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की तथा कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने 10 मीटर, 25 मीटर एवं 50 मीटर शूटिंग रेंज का औचक निरीक्षण के दौरान शूटिंग परिसर की वर्तमान स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए चिंता जताई। मौके पर विभागीय मंत्री श्री सुदिव्य कुमार उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड खेल प्रतिभाओं की धरती है। राज्य के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर झारखंड का गौरव बढ़ाया है। ऐसे में यहां के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण एवं अत्याधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य की उभरती खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाई जाए। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस पहल की जाए, ताकि वे अपनी खेल प्रतिभा का पूर्ण विकास कर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राज्य का प्रतिनिधित्व कर सकें। उन्होंने कहा कि खेल प्रतिस्पर्धा में भाग लेने के साथ-साथ युवाओं के व्यक्तित्व विकास, अनुशासन और आत्मविश्वास का भी आधार है। राज्य सरकार खेल अवसंरचना के विकास, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण तथा उन्हें हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शूटिंग रेंज के समग्र विकास के लिए आवश्यक कार्यों की कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित किये जाएं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो, इसके लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। राज्य में खेलों के विकास हेतु दीर्घकालिक एवं प्रभावी रणनीति के साथ कार्य किये जाएं, ताकि राज्य के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के अनुरूप यहां के शूटिंग रेंज में प्रशिक्षण का माहौल तैयार हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां का संसाधन खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिस्पर्धा में भाग लेने के स्तर का है। निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं दुरुस्त होने से खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन करेंगे।

मुख्यमंत्री ने यहां के उपकरणों का आवश्यक सुधार करने एवं बेहतर रखरखाव का भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान शूटिंग राइफल से निशान भी साधा।

मुख्यमंत्री ने वहां अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों से बातचीत कर शूटिंग संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने फायर इक्सटिंग्विशर एवं फायर हाइड्रेट के मॉक ड्रिल से संबंधित जानकारी प्राप्त करते हुए समय-समय पर मॉक ड्रिल कराने, सीसीटीवी से निगरानी की व्यवस्था को दुरुस्त कराने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के क्रम में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार एवं खेलकूद विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे

जेपीएससी 14वीं PT परीक्षा रद्द कर CBI जांच हो: प्रतुल शाहदेव

रांची। भारतीय जनता पार्टी के झारखंड प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने जेपीएससी की हालिया प्रतियोगिता परीक्षाओं और परिणामों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हेमंत सोरेन सरकार के संरक्षण में जेपीएससी अब योग्यता नहीं, बल्कि अव्यवस्था, अपारदर्शिता और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का प्रतीक बन चुका है।उन्होंने कहा कि एक ओर सिविल सेवा परीक्षा में 103 पदों के लिए 2204 अभ्यर्थियों को सफल घोषित कर दिया जाता है, लेकिन कटऑफ तक जारी नहीं किया जाता, तीनों सदस्यों के हस्ताक्षर तक नहीं होते और मेरिट सूची पर गंभीर सवाल खड़े हो जाते हैं। दूसरी ओर बैकलॉग पीटी परीक्षा में 832 अभ्यर्थियों का एक साथ कोई अता-पता नहीं रहता, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ जाती है। यह सामान्य प्रशासनिक भूल नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य के साथ किया जा रहा क्रूर मजाक है।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाएं अब प्रतिभा की नहीं, बल्कि अनिश्चितता, भ्रम और मानसिक प्रताड़ना की परीक्षा बन गई हैं। वर्षों तक परीक्षा नहीं होती, फिर परिणाम आते हैं तो वे विवादों से घिर जाते हैं। कभी मॉडल उत्तर गलत, कभी कटऑफ गायब, कभी हस्ताक्षर नहीं, कभी सैकड़ों अभ्यर्थियों का कोई रिकॉर्ड नही।प्रतुल ने कहा कि अब जेपीएससी को ‘झारखंड का भविष्य बर्बाद आयोग और 'झारखंड परीक्षा संकट आयोग' कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि ओएमआर शीट में भी बड़े पैमाने पर धांधली की खबरें आ रही है ।उन्होंने उदाहरण देते हुए एक ओएमआर शीट दिखाते हुए बताया कि इस परीक्षार्थी को पहले प्रश्न पत्र में 48 नंबर आए हैं 100 में।दूसरे पेपर में उसे 97/100 आना चाहिए सफल होने के लिए। परीक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह संभव ही नहीं है। इसलिए पूरी परीक्षा जो है वह संदेह के घेरे में है।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि भाजपा मांग करती है कि जेपीएससी की पीटी परीक्षा को रद्द करते हुए सरकार सीबीआई जांच की अनुशंसा करें। हालिया विवादित परीक्षाओं और परिणामों की भी सीबीआई जांच कराई जाए, सभी कटऑफ, मेरिट निर्धारण की प्रक्रिया और मूल्यांकन का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

प्रतुल शाहदेव ने राज्य के सभी प्रतियोगी छात्रों से अपील करते हुए कहा कि यह लड़ाई किसी एक परीक्षा या एक बैच की नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य की लड़ाई है। अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से एकजुट होकर आवाज उठाइए। भाजपा हर उस छात्र के साथ खड़ी रहेगी जिसके भविष्य के साथ सरकार और जेपीएससी ने अन्याय किया है।उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार को यह समझना होगा कि युवाओं के धैर्य की भी एक सीमा होती है।झारखंड का युवा अब अपने भविष्य के साथ हो रहे इस अन्याय को चुपचाप सहने वाला नहीं है।

प्रेस वार्ता में प्रदेश के सह मीडिया प्रभारी अजय राय और नीरज सिंह भी उपस्थित थे।

रामगढ़ में पुलिस को बड़ी सफलता: प्रिंस खान का शूटर शिवा एनकाउंटर में घायल


रामगढ़ जिला के भुरकुंडा ओपी क्षेत्र के रिवरसाइड केंद्रीय विद्यालय में प्रिंस खान के शूटर शिवा का एनकाउंटर 2 पिस्टल, 59 गोली और 2 मोबाइल

पैर में लगी गोली कोई बड़ी घटना को अंजाम देने वाले थे शिवा,कुज्जु थाना क्षेत्र से 2 पिस्टल और 21 जिंदा कारतूस के साथ अपराधी शिवराज का सहयोगी भी हुआ गिरफ्तार

रामगढ़ : रामगढ़ जिले के भुरकुंडा क्षेत्र में सोमवार सुबह पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। यह घटना भुरकुंडा रिवर साइड स्थित केंद्रीय विद्यालय के पास हुई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रिंस खान गैंग का सक्रिय सदस्य शिवराज राम उर्फ शिवा किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में है।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर संदिग्ध को पकड़ने का प्रयास किया। इस दौरान शिवराज राम ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें शिवराज राम गंभीर रूप से घायल हो गया।

घायल अपराधी को तत्काल इलाज के लिए रामगढ़ सदर अस्पताल भेजा गया, जहां उसका उपचार जारी है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और घटना स्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

खाली बेड, खाली दवा और रिम्स पार्ट-2 का सपना? स्वास्थ्य मंत्री को राफिया का करारा जवाब

भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज़ ने स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी के रिम्स पार्ट-2 संबंधी बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि झारखंड की जनता को नए सपने नहीं, बल्कि अस्पतालों में जीवन बचाने वाली सुविधाएं चाहिए। जब राज्य का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल रिम्स आज भी डॉक्टरों, नर्सों, दवाइयों, बेड और आवश्यक उपकरणों की कमी से जूझ रहा है, तब रिम्स पार्ट-2 की घोषणा जनता के जख्मों पर मरहम नहीं, बल्कि नमक छिड़कने जैसा ही है।

राफिया नाज़ ने कहा कि झारखंड का गरीब मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचता है, लेकिन उसे इलाज से पहले लंबी कतारें, खाली वार्ड, दवाइयों की कमी और डॉक्टरों का इंतजार मिलता है। कई परिवार अपने परिजनों को बचाने के लिए कर्ज लेने, जमीन बेचने और दर-दर भटकने को मजबूर हैं। यह केवल व्यवस्था की कमी नहीं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की संवेदनहीनता का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की 2025 की रिपोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को उजागर कर दिया है। मार्च 2022 तक राज्य में 3,634 स्वीकृत चिकित्सा पदों में से 2,210 पद, 5,872 स्टाफ नर्सों में से 3,033 पद तथा 1,080 पैरामेडिकल पदों में से 864 पद रिक्त थे। वर्षों बीत जाने के बावजूद इन रिक्तियों को नहीं भर पाना बताता है कि स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकताओं में गरीब मरीज कभी शामिल ही नहीं रहे।

राफिया नाज़ ने कहा कि रिम्स की बदहाल व्यवस्था किसी से छिपी नहीं है। दवाइयों की कमी, उपकरणों का अभाव, लंबी प्रतीक्षा और संसाधनों की कमी से रोज़ मरीज और उनके परिजन परेशान होते हैं। झारखंड उच्च न्यायालय भी कई बार रिम्स की अव्यवस्था और रिक्त पदों पर सवाल उठा चुका है। ऐसे में पहले रिम्स पार्ट-1 को पूरी तरह सक्षम बनाना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है, उसके बाद ही किसी नए प्रोजेक्ट की बात होनी चाहिए।

राफिया नाज ने कहा कि भाजपा को राज्य सरकार के रिम्स टू की योजना से रत्ती भर भी आपत्ति नहीं है। आपत्ति है इसके लिए सरकार द्वारा गलत स्थल चयन को लेकर, आपत्ति है राज्य में पूर्व के चिकित्सीय संस्थान में बिना व्यवस्था दुरुस्त किए नए संस्थान का सपना दिखाने से। क्या सिर्फ आलीशान भवन समुचित इलाज की गारंटी होती है ? या इसके लिए अस्पतालों में उपकरण, दवा, डॉक्टर सहित अन्य तमाम संसाधन जरूरी होते हैं। रही बात भाजपा की तो भाजपा ने झारखंड में एम्स बनाया, कई मेडिकल कॉलेज बनाया। आयुष्मान योजना जैसी योजना दी, जो गरीबों के लिए वरदान बनी।

उन्होंने कहा कि हाल ही में रांची के एक निजी अस्पताल में एक मरीज के इलाज के बाद लगभग 22 लाख रुपये का बिल थमा दिया गया। यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की विफलता है, जिसने निजी अस्पतालों की मनमानी पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी ही छोड़ दी है। यदि सरकारी अस्पताल मजबूत होते तो गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को ऐसी आर्थिक तबाही का सामना नहीं करना पड़ता।

राफिया नाज़ ने कहा कि आज भी झारखंड के कई जिलों में ब्लड बैंक की सुविधा नहीं है। कहीं गलत ब्लड चढ़ने से लोगों की जान जा रही है, तो कहीं समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलने से मरीज रास्ते में दम तोड़ रहे हैं। गर्भवती महिलाओं को समय पर इलाज नहीं मिल रहा, गंभीर मरीज अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं और सरकारी अस्पतालों में मुफ्त मिलने वाली दवाइयां तक उपलब्ध नहीं हैं। मजबूर होकर गरीब मरीज बाहर से महंगी दवाइयां खरीदते हैं या इलाज अधूरा छोड़ देते हैं। आखिर इन मौतों और इस पीड़ा की जिम्मेदारी कौन लेगा?

राफिया नाज़ ने कहा कि झारखंड की जनता को घोषणाओं और बड़े-बड़े दावों से नहीं, बल्कि बेहतर इलाज से भरोसा मिलेगा। स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी जनता को बताएं कि हजारों रिक्त पद कब भरेंगे, सरकारी अस्पतालों में दवाइयां और डॉक्टर कब उपलब्ध होंगे और रिम्स पार्ट-1 को विश्वस्तरीय बनाने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। जब तक मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत नहीं किया जाता, तब तक रिम्स पार्ट-2 की बातें केवल एक छलावा और जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ हैं।

झारखंड में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार: टेक्सटाइल और निवेश प्रोत्साहन नीति 2026 का ड्राफ्ट जारी

रांची। राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने और निवेश के नए अवसर सृजित करने की दिशा में झारखंड सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उद्योग निदेशालय ने झारखंड टेक्सटाइल, परिधान एवं फुटवियर नीति 2026 तथा झारखंड औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति (JIIPP) 2026 के ड्राफ्ट जारी कर दिए हैं। इन नीतियों पर सरकार ने हितधारकों, उद्योग विशेषज्ञों और आम जनता से सुझाव एवं प्रतिक्रिया आमंत्रित की है।

दोनों नीतियों के विस्तृत प्रारूप झारखंड सिंगल विंडो पोर्टल पर सार्वजनिक किए गए हैं, ताकि व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श के बाद इन्हें अंतिम रूप दिया जा सके। सरकार का उद्देश्य इन नीतियों को आधुनिक औद्योगिक मानकों के अनुरूप बनाते हुए राज्य में घरेलू और वैश्विक निवेश आकर्षित करना है।

इसी कड़ी में 8 और 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर का हितधारक परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 9 जुलाई को होने वाले विशेष फीडबैक सत्र की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन करेंगे। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के उद्योगपति, विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधि, टेक्सटाइल विशेषज्ञ और अर्थशास्त्री भाग लेंगे।

कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है, जिससे राज्य में औद्योगिक निवेश और सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

पारदर्शिता और सहभागिता पर जोर

ड्राफ्ट नीतियों को सार्वजनिक करना सरकार की पारदर्शी और सहभागी नीति निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे अंतिम कैबिनेट मंजूरी से पहले विभिन्न वर्गों के सुझावों को शामिल कर नीतियों को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

उद्योग निदेशालय के अनुसार, इन नीतियों का प्रकाशन झारखंड को औद्योगिक रूप से सशक्त और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

रांची में सुबह-सुबह घर-घर पहुंचे BLO, SIR-2026 के तहत Enumeration Form वितरण शुरू

भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशानुसार संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 के अंतर्गत रांची जिले में Enumeration Form के वितरण, संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन का कार्य जारी है।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में आज प्रातःकाल से ही बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर पहुंचकर मतदाताओं के बीच Enumeration Form का वितरण करने में जुटे हैं। उन्होंने सभी BLO को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे प्रतिदिन सुबह के समय अधिक से अधिक घरों तक पहुंचकर फॉर्म का वितरण एवं संग्रहण करें, क्योंकि इस समय अधिकांश मतदाता अपने घरों पर उपलब्ध रहते हैं। इससे ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं तक पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी तथा अभियान को गति मिलेगी।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा यह भी निर्देश दिया गया है कि दोपहर बाद में BLO द्वारा संग्रहित Enumeration Form का समयबद्ध डिजिटाइजेशन किया जाए, ताकि वितरण, संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन—तीनों कार्य समानांतर रूप से प्रभावी ढंग से संचालित हो सकें और विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान निर्धारित समयसीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके।

आज जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में BLO द्वारा उत्साहपूर्वक घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क स्थापित किया गया तथा उन्हें Enumeration Form उपलब्ध कराते हुए आवश्यक जानकारी भी दी गई। जिला प्रशासन ने सभी पात्र मतदाताओं से एक बार फिर से अपील की है कि वे BLO के साथ पूर्ण सहयोग करें, Enumeration Form सही एवं पूर्ण रूप से भरकर समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।