झारखण्ड में 7 दिन में 1 करोड़ मतदाताओं तक पहुंचा इन्यूमरेशन फॉर्म: बीएलओ के साथ बीएलए-2 भी सक्रिय

रांची। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य की प्रगति साझा करते हुए बताया कि राज्य में मतदाताओं के इन्यूमरेशन फॉर्म भरने की प्रक्रिया बेहद तेजी और सुचारू रूप से चल रही है। उन्होंने कहा कि बूथ लेवल अधिकारियों के साथ-साथ मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट भी अपनी जिम्मेदारी को बखूबी समझते हुए जमीनी स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण और सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। दोनों के आपसी समन्वय के कारण ही राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण के शुरुआती 7 दिनों के भीतर ही बीएलओ राज्य के लगभग 39.73% कुल 1,05,13,490 मतदाताओं तक सफलतापूर्वक पहुंच चुकी है, जहां घर-घर जाकर पात्र भारतीय नागरिकों का इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराया गया है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची का यह विशेष गहन पुनरीक्षण एक पूर्णतः सहभागी प्रक्रिया है, जिसे बिना सबके सहयोग के शत-प्रतिशत सफल नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि एक शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिहीन मतदाता सूची बनाने के लिए सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपेक्षा है। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे बूथ स्तर पर अपने बीएलए-2 की सक्रियता और उपस्थिति निरंतर बनाए रखें ताकि स्थानीय स्तर पर पात्र भारतीय नागरिकों को ससमय इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराया जा सक एवं इसका डिजिटाइजेशन भी किया जा सके।

श्री के रवि कुमार ने कहा कि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए 2 अपने मतदान केंद्र क्षेत्र के 5 श्रेणी 1.एब्सेंट, 2.शिफ्टेड, 3. डेथ, 4.डुप्लीकेट एवं 5. रिफ्यूज टू साइन (गैर भारतीय) सूची के मतदाता को छोड़कर प्रतिदिन 50 मतदाताओं के इन्यूमरेशन फॉर्म अपने बीएलओ को जमा कर सकते हैं। बशर्ते उन्हें इनके सत्यापन हेतु प्रमाण पत्र भी अपने स्तर से जारी करने होंगे। बीएलए 2 द्वारा दिए गए प्रमाण पत्र में उनके द्वारा निम्न घोषणा एवं सत्यापन अनिवार्य है:–

"मैं एतद्द्वारा घोषित करता/करती हूँ कि मेरे द्वारा दी गई सूचना मुझे सौंपे गए निर्वाचक नामावली (वोटर लिस्ट) के भाग के उचित सत्यापन पर आधारित है और मैं झूठी घोषणा करने के लिए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के दंडात्मक प्रावधानों से अवगत हूँ।" दिनांक, (बी.एल.ए. के पूर्ण हस्ताक्षर),पूरा नाम, दल (पार्टी) का नाम।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में बीएलए 2 एवं बीएलओ द्वारा संग्रहित किये गए इन्यूमरेशन फॉर्म को बीएलओ/ बीएलओ सुपरवाईजर द्वारा नियमानुसार वेरिफाई करते हुए इसके डिजिटाइजेशन का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीएलए 2 एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ, डुप्लीकेट एवं रिफ्यूज टू साईन (गैर भारतीय) श्रेणी के मतदाताओं की सूची तैयार करेंगें एवं बीएलए 2 के साथ होने वाले बैठक में बीएलओ द्वारा बनाए गए सूची से मिलान भी कराएंगे। उन्होंने कहा कि बीएलए 2 द्वारा वेरिफिकेशन के उपरांत ही एएसडीडी सूची का प्रकाशन किया जाएगा। 5 अगस्त को होने वाले मतदाता सूची के ड्राफ्ट पब्लिकेशन के समय इस सूची को भी प्रकाशित किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि विगत के विशेष गहन वाले मतदाता सूची से मैपिंग को सुपीरियर डॉक्यूमेंट के रूप में माना गया है जिन मतदाताओं की मैपिंग हो गई है उन्हें सामान्यतः किसी अन्य प्रकार के दस्तावेज समर्पित नहीं करने होंगे। उन्होंने कहा बीएलओ जब घर घर जाएं तो मतदाताओं से उनका यथासंभव मैपिंग अवश्य कराएं।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का टिकैत उमराव सिंह शूटिंग रेंज का औचक निरीक्षण, अव्यवस्था पर जताई कड़ी नाराजगी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज रांची के खेलगांव स्थित टिकैत उमराव सिंह शूटिंग रेंज परिसर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। उन्होंने शूटिंग रेंज परिसर की आधारभूत संरचनाओं के रख-रखाव, शूटिंग उपकरणों, खिलाड़ियों की सुरक्षा मानक, प्रदान की जा रही खेल सुविधाओं एवं अन्य व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री शूटिंग रेंज परिसर के रखरखाव की बदहाल स्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्ति की।

उन्होंने शूटिंग रेंज में खिलाड़ियों को दी जा रही प्रशिक्षण, सुरक्षा मानकों, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता एवं खिलाड़ियों के अभ्यास की व्यवस्था एवं अन्य सुविधाओं का बारिकी से अवलोकन कर अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की तथा कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने 10 मीटर, 25 मीटर एवं 50 मीटर शूटिंग रेंज का औचक निरीक्षण के दौरान शूटिंग परिसर की वर्तमान स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए चिंता जताई। मौके पर विभागीय मंत्री श्री सुदिव्य कुमार उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड खेल प्रतिभाओं की धरती है। राज्य के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर झारखंड का गौरव बढ़ाया है। ऐसे में यहां के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण एवं अत्याधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य की उभरती खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाई जाए। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस पहल की जाए, ताकि वे अपनी खेल प्रतिभा का पूर्ण विकास कर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राज्य का प्रतिनिधित्व कर सकें। उन्होंने कहा कि खेल प्रतिस्पर्धा में भाग लेने के साथ-साथ युवाओं के व्यक्तित्व विकास, अनुशासन और आत्मविश्वास का भी आधार है। राज्य सरकार खेल अवसंरचना के विकास, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण तथा उन्हें हरसंभव सहयोग प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शूटिंग रेंज के समग्र विकास के लिए आवश्यक कार्यों की कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित किये जाएं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो, इसके लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। राज्य में खेलों के विकास हेतु दीर्घकालिक एवं प्रभावी रणनीति के साथ कार्य किये जाएं, ताकि राज्य के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के अनुरूप यहां के शूटिंग रेंज में प्रशिक्षण का माहौल तैयार हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां का संसाधन खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिस्पर्धा में भाग लेने के स्तर का है। निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं दुरुस्त होने से खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन करेंगे।

मुख्यमंत्री ने यहां के उपकरणों का आवश्यक सुधार करने एवं बेहतर रखरखाव का भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान शूटिंग राइफल से निशान भी साधा।

मुख्यमंत्री ने वहां अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों से बातचीत कर शूटिंग संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने फायर इक्सटिंग्विशर एवं फायर हाइड्रेट के मॉक ड्रिल से संबंधित जानकारी प्राप्त करते हुए समय-समय पर मॉक ड्रिल कराने, सीसीटीवी से निगरानी की व्यवस्था को दुरुस्त कराने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के क्रम में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार एवं खेलकूद विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे

जेपीएससी 14वीं PT परीक्षा रद्द कर CBI जांच हो: प्रतुल शाहदेव

रांची। भारतीय जनता पार्टी के झारखंड प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने जेपीएससी की हालिया प्रतियोगिता परीक्षाओं और परिणामों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हेमंत सोरेन सरकार के संरक्षण में जेपीएससी अब योग्यता नहीं, बल्कि अव्यवस्था, अपारदर्शिता और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का प्रतीक बन चुका है।उन्होंने कहा कि एक ओर सिविल सेवा परीक्षा में 103 पदों के लिए 2204 अभ्यर्थियों को सफल घोषित कर दिया जाता है, लेकिन कटऑफ तक जारी नहीं किया जाता, तीनों सदस्यों के हस्ताक्षर तक नहीं होते और मेरिट सूची पर गंभीर सवाल खड़े हो जाते हैं। दूसरी ओर बैकलॉग पीटी परीक्षा में 832 अभ्यर्थियों का एक साथ कोई अता-पता नहीं रहता, जिससे पूरी चयन प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ जाती है। यह सामान्य प्रशासनिक भूल नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य के साथ किया जा रहा क्रूर मजाक है।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाएं अब प्रतिभा की नहीं, बल्कि अनिश्चितता, भ्रम और मानसिक प्रताड़ना की परीक्षा बन गई हैं। वर्षों तक परीक्षा नहीं होती, फिर परिणाम आते हैं तो वे विवादों से घिर जाते हैं। कभी मॉडल उत्तर गलत, कभी कटऑफ गायब, कभी हस्ताक्षर नहीं, कभी सैकड़ों अभ्यर्थियों का कोई रिकॉर्ड नही।प्रतुल ने कहा कि अब जेपीएससी को ‘झारखंड का भविष्य बर्बाद आयोग और 'झारखंड परीक्षा संकट आयोग' कहना अतिश्योक्ति नहीं होगा।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि ओएमआर शीट में भी बड़े पैमाने पर धांधली की खबरें आ रही है ।उन्होंने उदाहरण देते हुए एक ओएमआर शीट दिखाते हुए बताया कि इस परीक्षार्थी को पहले प्रश्न पत्र में 48 नंबर आए हैं 100 में।दूसरे पेपर में उसे 97/100 आना चाहिए सफल होने के लिए। परीक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह संभव ही नहीं है। इसलिए पूरी परीक्षा जो है वह संदेह के घेरे में है।

प्रतुल शाहदेव ने कहा कि भाजपा मांग करती है कि जेपीएससी की पीटी परीक्षा को रद्द करते हुए सरकार सीबीआई जांच की अनुशंसा करें। हालिया विवादित परीक्षाओं और परिणामों की भी सीबीआई जांच कराई जाए, सभी कटऑफ, मेरिट निर्धारण की प्रक्रिया और मूल्यांकन का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

प्रतुल शाहदेव ने राज्य के सभी प्रतियोगी छात्रों से अपील करते हुए कहा कि यह लड़ाई किसी एक परीक्षा या एक बैच की नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य की लड़ाई है। अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से एकजुट होकर आवाज उठाइए। भाजपा हर उस छात्र के साथ खड़ी रहेगी जिसके भविष्य के साथ सरकार और जेपीएससी ने अन्याय किया है।उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार को यह समझना होगा कि युवाओं के धैर्य की भी एक सीमा होती है।झारखंड का युवा अब अपने भविष्य के साथ हो रहे इस अन्याय को चुपचाप सहने वाला नहीं है।

प्रेस वार्ता में प्रदेश के सह मीडिया प्रभारी अजय राय और नीरज सिंह भी उपस्थित थे।

रामगढ़ में पुलिस को बड़ी सफलता: प्रिंस खान का शूटर शिवा एनकाउंटर में घायल


रामगढ़ जिला के भुरकुंडा ओपी क्षेत्र के रिवरसाइड केंद्रीय विद्यालय में प्रिंस खान के शूटर शिवा का एनकाउंटर 2 पिस्टल, 59 गोली और 2 मोबाइल

पैर में लगी गोली कोई बड़ी घटना को अंजाम देने वाले थे शिवा,कुज्जु थाना क्षेत्र से 2 पिस्टल और 21 जिंदा कारतूस के साथ अपराधी शिवराज का सहयोगी भी हुआ गिरफ्तार

रामगढ़ : रामगढ़ जिले के भुरकुंडा क्षेत्र में सोमवार सुबह पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। यह घटना भुरकुंडा रिवर साइड स्थित केंद्रीय विद्यालय के पास हुई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रिंस खान गैंग का सक्रिय सदस्य शिवराज राम उर्फ शिवा किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में है।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर संदिग्ध को पकड़ने का प्रयास किया। इस दौरान शिवराज राम ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें शिवराज राम गंभीर रूप से घायल हो गया।

घायल अपराधी को तत्काल इलाज के लिए रामगढ़ सदर अस्पताल भेजा गया, जहां उसका उपचार जारी है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और घटना स्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

खाली बेड, खाली दवा और रिम्स पार्ट-2 का सपना? स्वास्थ्य मंत्री को राफिया का करारा जवाब

भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज़ ने स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी के रिम्स पार्ट-2 संबंधी बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि झारखंड की जनता को नए सपने नहीं, बल्कि अस्पतालों में जीवन बचाने वाली सुविधाएं चाहिए। जब राज्य का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल रिम्स आज भी डॉक्टरों, नर्सों, दवाइयों, बेड और आवश्यक उपकरणों की कमी से जूझ रहा है, तब रिम्स पार्ट-2 की घोषणा जनता के जख्मों पर मरहम नहीं, बल्कि नमक छिड़कने जैसा ही है।

राफिया नाज़ ने कहा कि झारखंड का गरीब मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचता है, लेकिन उसे इलाज से पहले लंबी कतारें, खाली वार्ड, दवाइयों की कमी और डॉक्टरों का इंतजार मिलता है। कई परिवार अपने परिजनों को बचाने के लिए कर्ज लेने, जमीन बेचने और दर-दर भटकने को मजबूर हैं। यह केवल व्यवस्था की कमी नहीं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की संवेदनहीनता का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की 2025 की रिपोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को उजागर कर दिया है। मार्च 2022 तक राज्य में 3,634 स्वीकृत चिकित्सा पदों में से 2,210 पद, 5,872 स्टाफ नर्सों में से 3,033 पद तथा 1,080 पैरामेडिकल पदों में से 864 पद रिक्त थे। वर्षों बीत जाने के बावजूद इन रिक्तियों को नहीं भर पाना बताता है कि स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकताओं में गरीब मरीज कभी शामिल ही नहीं रहे।

राफिया नाज़ ने कहा कि रिम्स की बदहाल व्यवस्था किसी से छिपी नहीं है। दवाइयों की कमी, उपकरणों का अभाव, लंबी प्रतीक्षा और संसाधनों की कमी से रोज़ मरीज और उनके परिजन परेशान होते हैं। झारखंड उच्च न्यायालय भी कई बार रिम्स की अव्यवस्था और रिक्त पदों पर सवाल उठा चुका है। ऐसे में पहले रिम्स पार्ट-1 को पूरी तरह सक्षम बनाना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है, उसके बाद ही किसी नए प्रोजेक्ट की बात होनी चाहिए।

राफिया नाज ने कहा कि भाजपा को राज्य सरकार के रिम्स टू की योजना से रत्ती भर भी आपत्ति नहीं है। आपत्ति है इसके लिए सरकार द्वारा गलत स्थल चयन को लेकर, आपत्ति है राज्य में पूर्व के चिकित्सीय संस्थान में बिना व्यवस्था दुरुस्त किए नए संस्थान का सपना दिखाने से। क्या सिर्फ आलीशान भवन समुचित इलाज की गारंटी होती है ? या इसके लिए अस्पतालों में उपकरण, दवा, डॉक्टर सहित अन्य तमाम संसाधन जरूरी होते हैं। रही बात भाजपा की तो भाजपा ने झारखंड में एम्स बनाया, कई मेडिकल कॉलेज बनाया। आयुष्मान योजना जैसी योजना दी, जो गरीबों के लिए वरदान बनी।

उन्होंने कहा कि हाल ही में रांची के एक निजी अस्पताल में एक मरीज के इलाज के बाद लगभग 22 लाख रुपये का बिल थमा दिया गया। यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की विफलता है, जिसने निजी अस्पतालों की मनमानी पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी ही छोड़ दी है। यदि सरकारी अस्पताल मजबूत होते तो गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को ऐसी आर्थिक तबाही का सामना नहीं करना पड़ता।

राफिया नाज़ ने कहा कि आज भी झारखंड के कई जिलों में ब्लड बैंक की सुविधा नहीं है। कहीं गलत ब्लड चढ़ने से लोगों की जान जा रही है, तो कहीं समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलने से मरीज रास्ते में दम तोड़ रहे हैं। गर्भवती महिलाओं को समय पर इलाज नहीं मिल रहा, गंभीर मरीज अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं और सरकारी अस्पतालों में मुफ्त मिलने वाली दवाइयां तक उपलब्ध नहीं हैं। मजबूर होकर गरीब मरीज बाहर से महंगी दवाइयां खरीदते हैं या इलाज अधूरा छोड़ देते हैं। आखिर इन मौतों और इस पीड़ा की जिम्मेदारी कौन लेगा?

राफिया नाज़ ने कहा कि झारखंड की जनता को घोषणाओं और बड़े-बड़े दावों से नहीं, बल्कि बेहतर इलाज से भरोसा मिलेगा। स्वास्थ्य मंत्री इरफ़ान अंसारी जनता को बताएं कि हजारों रिक्त पद कब भरेंगे, सरकारी अस्पतालों में दवाइयां और डॉक्टर कब उपलब्ध होंगे और रिम्स पार्ट-1 को विश्वस्तरीय बनाने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। जब तक मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत नहीं किया जाता, तब तक रिम्स पार्ट-2 की बातें केवल एक छलावा और जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ हैं।

झारखंड में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार: टेक्सटाइल और निवेश प्रोत्साहन नीति 2026 का ड्राफ्ट जारी

रांची। राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने और निवेश के नए अवसर सृजित करने की दिशा में झारखंड सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उद्योग निदेशालय ने झारखंड टेक्सटाइल, परिधान एवं फुटवियर नीति 2026 तथा झारखंड औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति (JIIPP) 2026 के ड्राफ्ट जारी कर दिए हैं। इन नीतियों पर सरकार ने हितधारकों, उद्योग विशेषज्ञों और आम जनता से सुझाव एवं प्रतिक्रिया आमंत्रित की है।

दोनों नीतियों के विस्तृत प्रारूप झारखंड सिंगल विंडो पोर्टल पर सार्वजनिक किए गए हैं, ताकि व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श के बाद इन्हें अंतिम रूप दिया जा सके। सरकार का उद्देश्य इन नीतियों को आधुनिक औद्योगिक मानकों के अनुरूप बनाते हुए राज्य में घरेलू और वैश्विक निवेश आकर्षित करना है।

इसी कड़ी में 8 और 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर का हितधारक परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 9 जुलाई को होने वाले विशेष फीडबैक सत्र की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन करेंगे। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के उद्योगपति, विनिर्माण क्षेत्र के प्रतिनिधि, टेक्सटाइल विशेषज्ञ और अर्थशास्त्री भाग लेंगे।

कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है, जिससे राज्य में औद्योगिक निवेश और सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

पारदर्शिता और सहभागिता पर जोर

ड्राफ्ट नीतियों को सार्वजनिक करना सरकार की पारदर्शी और सहभागी नीति निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे अंतिम कैबिनेट मंजूरी से पहले विभिन्न वर्गों के सुझावों को शामिल कर नीतियों को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

उद्योग निदेशालय के अनुसार, इन नीतियों का प्रकाशन झारखंड को औद्योगिक रूप से सशक्त और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

रांची में सुबह-सुबह घर-घर पहुंचे BLO, SIR-2026 के तहत Enumeration Form वितरण शुरू

भारत निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशानुसार संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 के अंतर्गत रांची जिले में Enumeration Form के वितरण, संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन का कार्य जारी है।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में आज प्रातःकाल से ही बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर पहुंचकर मतदाताओं के बीच Enumeration Form का वितरण करने में जुटे हैं। उन्होंने सभी BLO को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे प्रतिदिन सुबह के समय अधिक से अधिक घरों तक पहुंचकर फॉर्म का वितरण एवं संग्रहण करें, क्योंकि इस समय अधिकांश मतदाता अपने घरों पर उपलब्ध रहते हैं। इससे ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं तक पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी तथा अभियान को गति मिलेगी।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा यह भी निर्देश दिया गया है कि दोपहर बाद में BLO द्वारा संग्रहित Enumeration Form का समयबद्ध डिजिटाइजेशन किया जाए, ताकि वितरण, संग्रहण एवं डिजिटाइजेशन—तीनों कार्य समानांतर रूप से प्रभावी ढंग से संचालित हो सकें और विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान निर्धारित समयसीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूरा किया जा सके।

आज जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में BLO द्वारा उत्साहपूर्वक घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क स्थापित किया गया तथा उन्हें Enumeration Form उपलब्ध कराते हुए आवश्यक जानकारी भी दी गई। जिला प्रशासन ने सभी पात्र मतदाताओं से एक बार फिर से अपील की है कि वे BLO के साथ पूर्ण सहयोग करें, Enumeration Form सही एवं पूर्ण रूप से भरकर समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

डूरंड कप-2026: DC मंजूनाथ भजंत्री ने मोरहाबादी स्टेडियम का किया निरीक्षण, दिए कड़े निर्देश

डूरंड कप फुटबॉल टूर्नामेंट-2026 के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन की तैयारियों को लेकर आज दिनांक 04.07.2026 को ब द्वारा मोरहाबादी स्थित फुटबॉल स्टेडियम का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने टूर्नामेंट से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं हेतु की जानेवाली तैयारियों के संबंध में संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान उपविकास आयुक्त, रांची श्री संजय भगत, पुलिस अधीक्षक (यातायात), अनुमंडल पदाधिकारी सदर, अपर जिला दण्डाधिकारी (विधि व्यवस्था), उप निदेशक, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग, जिला नजारत उपसमाहर्ता, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी, मेजर आनंद प्रकाश, विद्युत विभाग, सिविल सर्जन कार्यालय सहित अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

निरीक्षण के क्रम में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने स्टेडियम परिसर, दर्शक दीर्घा, प्रवेश एवं निकास द्वार, वीआईपी एवं खिलाड़ियों की आवाजाही की व्यवस्था, नियंत्रण कक्ष, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने निर्देश दिया कि खिलाड़ियों, दर्शकों एवं अधिकारियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं।

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि डूरंड कप देश का प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट है और रांची के लिए इसकी मेजबानी गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि आयोजन को सफल, सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ एक टीम की तरह कार्य करें, ताकि खिलाड़ियों, अधिकारियों एवं दर्शकों को बेहतर अनुभव प्राप्त हो तथा रांची एक उत्कृष्ट मेजबान के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर सके।

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री द्वारा स्पष्ट निर्देश दिया गया कि टूर्नामेंट के दौरान विधि-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था सर्वाेच्च प्राथमिकता होगी। इसके लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति, संवेदनशील स्थलों की पहचान, सीसीटीवी निगरानी, प्रवेश बिंदुओं पर प्रभावी जांच व्यवस्था तथा त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली सुनिश्चित की जाए। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया।

यातायात व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने स्टेडियम एवं आसपास के क्षेत्रों में वाहनों के सुचारु परिचालन के लिए विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने संभावित यातायात दबाव को देखते हुए आवश्यकतानुसार डायवर्जन प्लान, साइन ऐज, पार्किंग प्रबंधन तथा यातायात कर्मियों की पर्याप्त प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्टेडियम के आसपास चिन्हित किए जा रहे पार्किंग स्थलों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि पार्किंग स्थलों का व्यवस्थित तरीके से निर्धारण किया जाए।

जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को मैच के दौरान एम्बुलेंस, चिकित्सकों की टीम, प्राथमिक उपचार केंद्र एवं आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। साथ ही अग्निशमन, विद्युत एवं अन्य आवश्यक सेवाओं को भी पूर्ण रूप से तैयार रखने को कहा ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

रांची में 6 से 10 जुलाई तक ITI परीक्षा केंद्रों के पास धारा-163 लागू, भीड़ और ध्वनि यंत्र पर रोक

निदेशक, श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग, झारखण्ड, राँची के द्वारा अखिल भारतीय व्यावसयिक (शिल्प) Annual परीक्षा 2026 दिनांक-06.07.2026 से 10.07.2026 तक पूर्वाहन 09:30 बजे से संध्या 06:00 बजे तक राँची के विभिन्न औद्योगिकी प्रशिक्षण संस्थानों में आयोजित की गई है। उक्त परीक्षा के कदाचार मुक्त संचालनार्थ एवं विधि-व्यवस्था संधारणार्थ हेतु उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री एवं अपर जिला दण्डाधिकारी, विधि-व्यवस्था, राँची के आदेश द्वारा पुलिस बल एवं पुलिस पदाधिकारी के साथ दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। फिर भी ऐसी आशंका है कि परीक्षा केन्द्रों पर असामाजिक तत्त्वों के द्वारा भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने की चेष्टा कर सकते हैं।

जिसको लेकर श्री कुमार रजत, अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची द्वारा बि०एन०एस०एस० की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में निम्नलिखित निषेधाज्ञा जारी किया गया :-

(1) पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों तथा सरकारी कार्यक्रम एवं शवयात्रा को छोड़कर)।

(2) किसी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र का व्यवहार करना।

(3) किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र, जैसे-बंदुक, राईफल, रिवाल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों को छोड़कर)।

(4) किसी प्रकार का हरवे हथियार जैसे लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गड़ासा-भाला आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/कर्मचारियों को छोड़कर)

(5) किसी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन करना।

यह निषेधाज्ञा दिनांक 06.07.2026 से 10.07.2026 तक के पूर्वाह्न 06:30 बजे से अपराह्न-09:00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

परीक्षा केन्द्र का नामः-

(1) औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, राँची (सामान्य)।

(2) औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, राँची (कल्याण)।

(3) महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, राँची।

(4) औद्योगिक संस्थान, सिमलिया, हेहल, राँची (IWE)

(5) राँची टेलीवीजन एण्ड इलेक्ट्रॉनिक्स ट्रेनिंग सेन्टर, वेस्टन पार्क, पिस्का मोड़, राँची।

(6) ट्राइवल प्राईवेट आई०टी०आई०, राजा उल्हातु, नामकुम, राँची।

(7) डॉन बास्कों प्राईवेट, आई० टी० आई०, कोकर, राँची।

(8) राँची इन्स्टीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, देवी मंडप रोड, तुपुदाना, राँची।

(9) श्री वेंकटेश्वर प्राईवेटे आई०टी०आई०, कोकर, राँची।

(10) पदमावती इन्सटीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, महली, हुरू, अनगड़ा, राँची।

(11) सरोजनी टेक्नीकल इंस्टिच्यूट, लालगंज, टाटीसिलवे, राँची।

(12) क्राफ्ट प्राईवेट आई०टी०सी०, तिलता, कमड़े, रातु रोड, राँची।

(13) भारत प्राईवेट आई०टी०आई०, कोकर चौक, कोकर, राँची ()

(14) अनगड़ा इन्स्टीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, प्राईवेट आईण्टी०आई०, गुन्दलीपोखर अनगड़ा, राँची।

(15) बूटी इन्स्टीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, सैनिक कॉलोनी, बूटी मोड़, राँची।

(16) प्राईवेट आई०टी०आई०, चापुटोली, राँची।

(17) राँची इन्स्टीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पुन्दाग, राँची।

(18) बोधिसत्व बुद्धा प्राईवेट, आई०टी०आई०, आई०टी०आई०, तुम्बागुट्ट, कर्मटोली, नामकुम रांची।

(19) स्मृति पानों कुँवर प्राईवेट, आई०टी०आई०, नामकुम, राँची।

(20) रांची कॉलेज ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर रुदीया मेसरा नेवरी रांची।

(21) बिस्मी प्राईवेट आई०टी०आई०, मक्का मस्जिद, हिन्दपीडी, राँची।

(22) बिस्मी प्राइवेट आईटीआई त्रिविंदा चौक इटकी रांची।

(23) प्राईवेद आई०टी०आई०, अपर चुटिया, राँची।

(24) राजीव प्राइवेट आईटीआई टाटी रांची।

(25) राजीव प्राईवेट आई०टी०आई०, टाटीसिल्वे, राँची।

(26) कौशल्या प्राइवेट आईटीआई पुंदाग रांची।

(27) किरण प्राईवेट आई०टी०आई० बजरा, हेहल, राँची।

(28) सरदार वल्लभभाई पटेल सेवा प्राइवेट आईटीआई केंद्र लिमिटेड बीआईटी मेसरा रांची।

(29) देश बन्धु प्राईवेट आई०टी०आई०, कमड़े, रातु, राँची।

(30) मीरा इन्स्टीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, दीपाटोली, राँची।

(31) प्रभावती प्राईवेट आई०टी०आई०, अनगड़ा, राँची।

(32) एम०जेड० प्राईवेट आई०टी०आई०, हांदीबिली, ओरमांझी, राँची।

(33) जनजातीय प्राईवेट आई०टी०आई०, बिजुलिया रातु, राँची।

(34) एल० एस० प्राईवेट आई०टी०आई०. काण्ड्री मोड़, चील टोली माण्डर, राँची।

(35) क्वाणटम प्राईवेट आई०टी०आई०, जमुआड़ी, कांके, राँची।

(36) हिन्द प्राईवेट आई०टी०आई०, बेदवाड़ी, चिलदाग, अनगड़ा, राँची।

(37) शैलेन्द्र प्राईवेट आई०टी०आई०, सिंहपुर, मुरी, राँची।

(38) सेंट्रल प्राईवेट आई०टी०आई० मेसरा कल्याण बस्ती, नवरी विकास, राँची।

(39) नेशनल प्राईवेट आई०टी०आई०, पेडरोल, कोकर, राँची।

(40) झारखण्ड एकेडमी ऑफ हेल्थ एण्ड बियूटी प्राईवेट आई०टी०आई०, दाहु, ओरमांझी, रांची।

हिमांशु सिंह की निर्मम हत्या हेमंत सरकार की ध्वस्त कानून-व्यवस्था का सबसे भयावह उदाहरण : आदित्य साहू

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने जमशेदपुर के हरिओम नगर, आदित्यपुर स्थित दिवंगत हिमांशु सिंह के आवास पहुँचकर शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना देते हुए इस हृदयविदारक घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया।

श्री साहू ने कहा कि विगत दिनों जमशेदपुर में पुलिस की मौजूदगी में हिमांशु सिंह की निर्मम हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। पुलिस की मौजूदगी में दिनदहाड़े एक युवक हिमांशु सिंह की निर्मम हत्या होना हेमंत सोरेन सरकार की ध्वस्त कानून-व्यवस्था का सबसे भयावह उदाहरण है। वहीं इस घटना में एक अन्य युवक कलकत्ता में जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहा है। जब अपराधी पुलिस के सामने ही हत्या कर फरार हो जाएँ, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि झारखंड में अपराधियों के मन से कानून का भय समाप्त हो चुका है। ऐसी घटनाएँ राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती हैं। इस घटना ने यह भी साबित किया है कि झारखंड में पुलिस-प्रशासन की नहीं बल्कि अपराधियों की समानांतर सरकार चल रही है। राज्य सरकार पूरी तरह सो रही है।

दौरे के दौरान प्रदेश अध्यक्ष से स्थानीय नागरिकों एवं क्षेत्रवासियों ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्हें राज्य सरकार और वर्तमान जांच प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है। उन्होंने इस जघन्य हत्याकांड की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच के लिए झारखंड उच्च न्यायालय के माध्यम से जनहित याचिका (PIL) दायर कर सीबीआई जांच जाँच की मांग की, ताकि पूरे मामले का सच सामने आए और दोषियों के साथ-साथ किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वालों पर भी कठोर कार्रवाई हो सके।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा परिवार भी इस मांग का पूर्ण समर्थन करता है और हम मानते हैं कि स्वर्गीय हिमांशु सिंह एवं उनके परिवार को न्याय दिलाने के लिए इस मामले की सीबीआई जांच आवश्यक है। इस मामले को लेकर प्रारंभ से ही जिस प्रकार स्थानीय पुलिस-प्रशासन और राज्य सरकार की मंशा दिखी है, उसे देखते हुए सीबीआई जांच ही मामले में दूध का दूध और पानी का पानी कर सकती है।

श्री साहू ने कहा कि आखिर पुलिस के सामने अपराधियों की इतनी हिम्मत कहां से आ गई ? पुलिस की कमर में जो पिस्टल है, क्या वह सिर्फ शो के लिए उन्हें दी गई है ? पुलिस केवल हवाई फायरिंग भी करती तो अपराधियों में दहशत होता लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही। कहा जा सकता है कि पुलिस की संरक्षण में, पुलिस की मिलीभगत से अपराधियों ने इस घटना को अंजाम दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा फिर यह मांग दोहराती है कि घटना के समय मौजूद पुलिसकर्मियों पर सरकार द्वारा 302 का मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए ताकि फिर से कोई पुलिसकर्मी अपने दायित्व से भागने की हिम्मत नहीं कर सके। प्रशासन के लोग दूसरे पर 302 मुकदमा दर्ज कर मामले को डायवर्ट करना चाहते हैं। यह रवैया अनुचित है।

इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने, शोकाकुल परिवार को शक्ति देने और इलाजरत युवक के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की।

इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही, प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, प्रदेश मंत्री शैलेंद्र सिंह, द्वय प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह, प्रकाश सिंह, द्वय जिला अध्यक्ष हरेकृष्ण प्रधान, संजीव सिन्हा, आदित्यपुर के महापौर संजय सरदार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।