इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर रवाना हुए पीएम मोदी, जानें क्यों अहम है ये यात्रा?

#pmmodi6dayindopacificmissionvisittoindonesiaaustralianewzealand

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के त्रिपक्षीय दौरे के लिए रवाना हो गए। पीएम मोदी की यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी, महासागर विजन के साथ-साथ एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक के प्रति भारत के दृष्टिकोण को और मजबूत करेगी। इस दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए कई अहम बैठकें होंगी। यात्रा के दौरान महत्वपूर्ण समझौतों और घोषणाओं पर भी नजर रहेगी।

रवाना होने से पहले क्या बोले पीएम मोदी

तीन देशों की यात्रा के लिए रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि इसका मकसद इन कीमती विकास साझेदारों के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना होगा कि आने वाले समय में हमारे देश के युवाओं को और मौके मिलें।

आर्थिक और रणनीतिक सहयोग बढ़ेगा

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना लेख साझा किया और कहा, ‘अगले कुछ दिनों में मैं इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हो रहा हूं। इन मीटिंग का मकसद अहम विकास साझेदारों के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना होगा कि आने वाले समय में हमारे देश के युवाओं को और मौके मिलें।’

इंडोनेशिया से होगी दौरे की शुरूआत

प्रधानमंत्री मोदी अपने तीन देशों के दौरे की शुरुआत 6 से करेंगे। पीएम मोदी 11 जुलाई तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्रा पर रहेंगे। अपनी यात्रा की शुरूआत इंडोनेशिया से करेंगे। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति महामहिम प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर वे 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया में रहेंगे। इस यात्रा के दौरान, वे इंडोनेशिया में रहने वाले भारतीय प्रवासियों से भी बातचीत करेंगे। राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ योग्याकार्ता स्थित प्रंबानन मंदिर परिसर का दौरा भी करेंगे।

8 से 10 जुलाई तक मेलबर्न का दौरा

दौरे के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया पहुंचेंगे। मोदी 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न का दौरा करेंगे। यह यात्रा ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के निमंत्रण पर हो रही है। यहां मेलबर्न में भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक नेताओं का शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। क्वॉड के तहत सहयोग को और मजबूत करने पर भी जोर रहेगा। दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड जाएंगे। भारत और न्यूजीलैंड ने इसी साल मुक्त व्यापार समझौते पर साइन किए हैं।

चार दशक बाद भारतीय पीएम का न्यूजीलैंड दौरा

ऑस्ट्रेलिया के बाद प्रधानमंत्री मोदी 10 से 11 जुलाई तक न्यूजीलैंड के ऑकलैंड की आधिकारिक यात्रा करेंगे। करीब चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक न्यूजीलैंड यात्रा होगी। ऑकलैंड में प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेता व्यापार, वाणिज्य, रक्षा और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा करेंगे, जिनमें पिछले दो वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

ममता बनर्जी हाउस अरेस्ट…', बारुईपुर जाने से पहले सिक्यॉरिटी बढ़ाने पर टीएमसी का गंभीर आरोप

#mamatabanerjeesecuritytmcallegesobstructioninbaruipurvictim_case

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 साल वर्षीय बच्ची के दुष्कर्म और हत्या के मामले को लेकर सूबे की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी इस घटना के बाद बारुईपुर का दौरा करने वाली हैं। हालांकि, इससे पहले उनके आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई। आवास के बाहर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।वहां बैरिकेड्स भी लगाए गए हैं। इसका मकसद ममता बनर्जी को बारुईपुर जाने से रोकना है। टीएमसी ने इसे पूर्व मुख्यमंत्री को नजरबंद करने की साजिश बताया है।

ममता बनर्जी के घर के बाहर भारी पुलिस बल और बैरिकेड्स लगा

टीएमसी ने बताया कि ममता बनर्जी का घर कालीघाट में है। उनके घर के बाहर की संकरी गली में 10 से ज्यादा पुलिस की गाड़ियां खड़ी कर दी गई हैं। पास में ही पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का भी घर है। वहां भी पुलिस तैनात है। टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पूर्व सीएम बारुईपुर जाने वाली थीं। लेकिन उन्हें घर से निकलने से रोकने के लिए बाहर भारी पुलिस बल और बैरिकेड्स लगा दिए गए।

ममता ने पूछा- क्या वे मुझे नजरबंद करने की कोशिश कर रहे हैं?

बारुईपुर में एक नाबालिग लड़की से कथित दुष्कर्म और हत्या के बाद पीड़िता के परिवार से मिलने के उनके प्रस्तावित दौरे से पहले पूर्व सीएम ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित घर के बाहर केंद्रीय बल और पुलिसकर्मी तैनात किए गए। इस पर ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने 11 साल की लड़की के परिवार से मिलने के लिए बारुईपुर जाने का प्लान बनाया था। ऐसा क्या हुआ कि इतनी बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई है? मैं बारुईपुर जाकर परिवार से मिलना चाहती थी। उन्होंने मेरे घर के बाहर इतनी पुलिस क्यों लगा दी है? क्यों? क्या वे मुझे नजरबंद करने की कोशिश कर रहे हैं?’

टीएमसी ने कहा- सुपर इमरजेंसी

वहीं, टीएमसी सांसद डोला सेन ने इसे सुपर इमरजेंसी करार दिया। डोला सेन ने पत्रकारों से कहा कि बंगाल और कोलकाता में क्या हो रहा है? हर कोई जानता है कि बारुईपुर में क्या हुआ। दीदी (ममता बनर्जी) जन-नेता हैं। इतनी भयानक घटना के बाद वह वहां जाना चाहती थीं। लेकिन क्या उन्होंने उन्हें नजरबंद कर दिया है? ऐसा करके क्या वे दीदी को रोक पाएंगे? मुझे इसी वजह से यहां आना पड़ा। बिना किसी वजह के यहां इतनी पुलिस और प्रशासन तैनात कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन जो कर रहा है, वह सही नहीं है। यह सुपर इमरजेंसी है।

क्या है मामला?

यह सारा विवाद बच्ची का शव मिलने के कुछ घंटों बाद शुरू हुआ। यह बच्ची एक दिन पहले लापता हो गई थी। उसका शव कोलकाता से करीब 15 किलोमीटर दूर बारुईपुर के सूर्यपुर हाट इलाके में मिला। बच्ची का शव एक बोरे में भरा हुआ था। इसके बाद स्थानीय लोग भड़क गए। लोगों ने सड़कें जाम कर दीं और टायर जलाए। गुस्साए लोगों ने पुलिस की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की। लोग दोषियों पर तुरंत कार्रवाई की मांग कर रहे थे। बाद में यह घटना और हिंसक हो गई। एक गुस्साई भीड़ ने अपराध में शामिल होने के आरोपी एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने बच्ची की मौत के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

दिल्ली को मिलेगी 300 नई इलेक्ट्रिक बसों की सौगात, 7 जुलाई को अमित शाह करेंगे शुभारंभ

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और अधिक आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 जुलाई को आरके पुरम में आयोजित एक समारोह में 300 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, नई बसों की खेप दिल्ली पहुंच चुकी है और विभिन्न डिपो में इनके संचालन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इन बसों के सड़कों पर उतरने से यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन सेवा उपलब्ध होगी।
दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (डीटीसी) के मुताबिक, नई बसों में अधिकांश 9 मीटर लंबी इलेक्ट्रिक बसें हैं, जिन्हें राजधानी के भीड़भाड़ वाले और व्यस्त मार्गों पर संचालित किया जाएगा। इससे यात्रियों का इंतजार कम होगा, कनेक्टिविटी बेहतर होगी और अंतिम छोर (लास्ट-माइल) तक परिवहन सुविधा मजबूत होगी।
अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े में यह बढ़ोतरी राजधानी में वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। इन बसों में महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
वर्तमान में दिल्ली में 6,100 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं। नई 300 बसों के शामिल होने के बाद यह संख्या और बढ़ जाएगी। दिल्ली सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026 के अंत तक राजधानी में 7,500 बसें संचालित करने तथा 2029 तक 14,000 इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा तैयार करने का है। इसका उद्देश्य निजी वाहनों पर निर्भरता कम करना, सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ बनाना और स्वच्छ, हरित एवं टिकाऊ परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देना है।
दिल्ली के चंदन होला की फैक्ट्री में भीषण आग, 15 दमकल गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू


नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के चंदन होला इलाके में रविवार तड़के एक फैक्ट्री में भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसके चलते दिल्ली फायर सर्विस को बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाना पड़ा। आग बुझाने के लिए 15 दमकल गाड़ियों को मौके पर तैनात किया गया।
दमकल विभाग के अनुसार, आग लगने की सूचना रात करीब 2:11 बजे कंट्रोल रूम को मिली। सूचना मिलते ही दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग तेजी से पूरी फैक्ट्री में फैल चुकी थी। हालात की गंभीरता को देखते हुए आग को पहले 'मेक-4' और बाद में 'मेक-6' श्रेणी में घोषित किया गया, जिसके बाद अतिरिक्त दमकल वाहन और संसाधन तत्काल मौके पर भेजे गए।
आग बुझाने के अभियान में 6 वॉटर टेंडर, 7 वॉटर बाउजर, एक BFT और एक MP सहित कुल 15 दमकल वाहन लगाए गए। राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी डिविजनल ऑफिसर आर. अटवाल, एडीओ संतोष, एडीओ सरबजीत समेत वरिष्ठ अधिकारी लगातार करते रहे।
दमकल कर्मियों ने कई घंटे तक कड़ी मशक्कत करते हुए आग को आसपास की इमारतों तक फैलने से रोकने में सफलता हासिल की। समाचार लिखे जाने तक आग पर पूरी तरह काबू पाने के प्रयास जारी थे।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, जिससे बड़ी जनहानि टल गई। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। दमकल विभाग और संबंधित एजेंसियां आग के कारणों की जांच में जुटी हैं। आग पूरी तरह बुझने के बाद हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा।
पेपर लीक के खिलाफ राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान, दिल्ली में कांग्रेस की बड़ी तैयारी

नई दिल्ली। देशभर में पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में कांग्रेस ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में शुरू किए गए ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने की तैयारी तेज कर दी है। पार्टी 25 जून से 9 अगस्त तक देश के 28 राज्यों और 28 प्रमुख शहरों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर छात्रों की आवाज को राष्ट्रीय मंच देने का दावा कर रही है।
इसी कड़ी में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव के निर्देश पर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें अभियान की रूपरेखा और कार्यक्रमों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है, लेकिन सरकार इस गंभीर मुद्दे पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।
दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. नरेंद्र नाथ ने बताया कि राजस्थान के कोटा में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी ने इस अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर चलाने की घोषणा की थी। उन्होंने बताया कि दिल्ली में 2 से 6 जुलाई तक विधानसभा स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जबकि 14 जुलाई को राजधानी में एक बड़ा कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसके आयोजन स्थल की घोषणा जल्द की जाएगी।
डॉ. नरेंद्र नाथ ने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में देशभर में कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे छात्रों में गहरा आक्रोश है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय की जवाबदेही तय होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
बैठक में एआईसीसी के दिल्ली प्रभारी काजी निज़ामुद्दीन, सह-प्रभारी दानिश अबरार, संगठन महासचिव अनिल भारद्वाज सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने भाग लिया। कांग्रेस का कहना है कि यह अभियान छात्रों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
विहिप के अध्यक्ष आलोक कुमार ने अयोध्या पुलिस को लिखा पत्र, चढ़ावा चोरी पर विपक्ष के दावों के सबूत मांगे

#vhppresidentdemandsprobeagainstpriyankagandhikejriwalinrammandirdonationscam

अयोध्या के राम मंदिर चंदा चोरी मामले में विपक्ष लगातार हमलावर है। अब विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने विपक्षी नेताओं पर बड़ा पलटवार किया है। विहिप के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने इस मामले के मुख्य जांच अधिकारी को एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने प्रियंका गांधी वाड्रा, राम गोपाल यादव, संजय सिंह, अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं के हालिया बयानों पर आपत्ति जताई गई है और पुलिस से कार्रवाई से मांग की गई है।

आरोप लगाने वाले नेताओं के बयान दर्ज कराने की मांग

विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने अयोध्या सीओ आशुतोष तिवारी को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि राम जन्मभूमि थाने में दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष, बड़े स्तर पर तथ्यपरक जांच के लिए सार्वजनिक रूप से बड़े आरोप लगाने वाले नेताओं के बयान भी दर्ज किए जाएं। आलोक कुमार ने यह मांग भी की है कि यदि इन नेताओं के आरोप निराधार और झूठे पाए जाते हैं तो इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

पत्र में चार प्रमुख नेताओं के बयानों का जिक्र

पत्र में चार प्रमुख नेताओं के सार्वजनिक बयानों का उल्लेख किया गया है। डीसीपी को लिखे गए लेटर में आलोक कुमार ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा लगाए गए आरोपों के पीछे क्या तथ्यात्मक आधार है, इसकी जांच की जानी चाहिए। साथ ही इन नेताओं से दिए गए बयान के स्रोत के बारे में पूछा जाना चाहिए।

नेताओं के बयान को लेकर मांगे सबूत

आलोक कुमार ने लेटर में लिखा कि यदि इन नेताओं के पास विश्वसनीय साक्ष्य हैं तो वे जांच एजेंसी को सच्चाई तक पहुंचने में महत्वपूर्ण मदद कर सकते हैं। इन नेताओं ने टीवी चैनलों, सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। कुछ नेताओं ने ₹200 करोड़ से लेकर ₹20,000 करोड़ तक की कथित अनियमितताओं के दावे किए हैं।

झूठे आरोपों पर भी कार्रवाई की भी मांग

पत्र में कहा गया कि यदि इतने बड़े आरोप लगाए गए हैं तो संभव है कि उनके पास इस संबंध में कुछ तथ्य, दस्तावेज या जानकारी हो। पत्र में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति अपने आरोपों के समर्थन में विश्वसनीय सामग्री देता है तो इससे जांच एजेंसी को सच्चाई तक पहुंचने में मदद मिलेगी. लेकिन यदि जांच में यह पाया जाता है कि आरोप जानबूझकर झूठे, लापरवाह या बिना किसी आधार के लगाए गए हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई पर भी विचार किया जाना चाहिए

भारत-अमेरिका की दोस्ती वैश्विक भलाई की ताकत…”यूएस की 250वीं वर्षगांठ पर पीएम मोदी का ट्रंप को संदेश

#usindependencedaypmmodicongratulatedonald_trump

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी जनता को शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को वैश्विक भलाई के लिए एक मजबूत ताकत बताया है। साथ ही उन्होंने अमेरिका के लिए आने वाले वर्षों में और अधिक समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना की है।

दोनों देशों के बीच केवल रणनीतिक साझेदारी नहीं-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, '1.4 अरब भारतीयों की ओर से मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और संयुक्त राज्य अमेरिका के लोगों को आपके ऐतिहासिक 250वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई देता हूं।' उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच केवल रणनीतिक साझेदारी ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र, कानून के शासन और लोगों की असीम क्षमता में साझा विश्वास भी है।

अमेरिका के लिए समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना

प्रधानमंत्री ने कहा कि यही मूल्य भारत-अमेरिका की मित्रता को वैश्विक भलाई की एक मजबूत शक्ति बनाते हैं। उन्होंने अमेरिका के लिए आने वाले 250 वर्षों में और अधिक समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना करते हुए भारत-अमेरिका साझेदारी के नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की उम्मीद जताई।

आईएनएस सुदर्शिनी अमेरिका स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम

इस अवसर पर न्यूयॉर्क स्थित भारतीय मिशन ने भी अमेरिकी नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। मिशन ने अपने संदेश में कहा कि भारत और अमेरिका “वी द पीपल”, स्वतंत्रता, आजादी और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति साझा प्रतिबद्धता का उत्सव मनाते हैं। वहीं, अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए भारतीय नौसेना ने आईएनएस सुदर्शिनी को अमेरिका भेजा है।

पद्म विभूषण तीजनबाई का निधन, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को विश्व पटल पर दिलाई ख्याति

#chhattisgarhfolksingerteejanbaipassesaway

छत्तीसगढ़ की लोक कला पंडवानी को देश और दुनिया में पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का रविवार तड़के निधन हो गया। वह 70 वर्ष की थीं। तीजन बाई ने रविवार सुबह करीब 3.15 बजे एम्स रायपुर में अंतिम सांस ली। वह पिछले कुछ समय से बीमार थीं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।

पडंवानी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई

छत्तीसगढ़ के भिलाई के गनियारी गांव में जन्मीं तीजन बाई ने कम उम्र में ही पंडवानी गायन शुरू कर दिया था। महाभारत की कथाओं को अपनी दमदार आवाज, अभिनय और अनूठी प्रस्तुति के साथ मंच पर जीवंत करने की उनकी शैली ने इस लोक कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।

पहली बार 13 साल की उम्र में 10 रुपए के लिए गाया

तीजन का जन्म 8 अगस्त 1956 को भिलाई के पास के गनियारी गांव में हुआ था। साल 1988 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। तीजन बाई को साल 2003 में पद्म भूषण और 2019 में पद्म विभुषण से सम्मानित किया गया था। उन्होंने 13 की उम्र में पहली बार 10 रुपए के लिए गाया था। उन्होंने कापालिक शैली में पांडवानी गाई थी।

तीजन बाई ने परंपराओं को तोड़ बनाई अलग पहचान

महिलाओं के लिए उस दौर में पंडवानी की 'कापालिक शैली' में प्रस्तुति देना वर्जित माना जाता था, लेकिन तीजन बाई ने इस परंपरा को तोड़ते हुए मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई। तीजन बाई ने भारत के साथ-साथ अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान, रूस, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी समेत अनेक देशों में पंडवानी की प्रस्तुति देकर छत्तीसगढ़ की लोककला का डंका बजाया

केयरएज रेटिंग्स की चेतावनी: इस वित्त वर्ष 6% तक रह सकती है खाद्य महंगाई

-  कमजोर मानसून से बढ़ी चिंता, खुदरा महंगाई 5% रहने का अनुमान; खाद्य पदार्थों की कीमतों पर पड़ सकता है असर

नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष 2026-27 में आम आदमी की रसोई पर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। रेटिंग एजेंसी केयरएज रेटिंग्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष देश में औसत खाद्य महंगाई (फूड इन्फ्लेशन) करीब 6 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि खुदरा महंगाई (सीपीआई) लगभग 5 प्रतिशत पर रह सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस अनुमान के पीछे सबसे बड़ी वजह मानसून की कमजोर शुरुआत है। 1 से 30 जून के बीच देश में सामान्य से करीब 40 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई और कृषि उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
केयरएज रेटिंग्स का कहना है कि यदि आने वाले सप्ताहों में बारिश सामान्य नहीं हुई तो खाद्यान्न, सब्जियों और अन्य कृषि उत्पादों की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की रसोई के बजट पर पड़ेगा।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि मई 2026 में खाद्य तेलों की महंगाई दर पहले ही 9.5 प्रतिशत के उच्च स्तर पर पहुंच चुकी थी। ऐसे में कमजोर मानसून की स्थिति बनी रहने पर खाद्य पदार्थों की कीमतों में और तेजी आने की आशंका जताई गई है।
20 जुलाई से 13 अगस्त तक संसद का मानसून सत्र, कई अहम विधेयकों और राजनीतिक मुद्दों पर होगी चर्चा

#parliamentmonsoonsession2026tobeginonjuly20

संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा। यह 13 अगस्त तक चलेगा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसका ऐलान किया। करीब तीन सप्ताह के इस मानसून सत्र में सरकार कई अहम विधेयकों को पारित कराने का प्रयास करेगी।

किरेन रिजिजू ने दी जानकारी

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा कि भारत सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 जुलाई से 13 अगस्त तक संसद के दोनों सदनों की बैठक बुलाने को मंजूरी दे दी है। संसदीय परिपाटी के मुताबिक मानसून सत्र दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा भी कराई जाएगी।

इन मुद्दों पर हंगामे के आसार

बीते दिनों मेडिकल की पढ़ाई से जुड़ी प्रतियोगी परीक्षा- NEET के पेपर लीक, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर का चढ़ावा चोरी विवाद जैसे कई मामले लगातार सुर्खियों में है। ऐसे में संसद सत्र के दौरान हंगामा होने की आशंका है। इन मामलों के अलावा तृणमूल के दो फाड़ होने का मुद्दा भी चर्चा में है। कांग्रेस अंडमान की ग्रेट निकोबार परियोजना पर भी लगातार हमलावर है। ऐसे में हंगामे और नारेबाजी से सत्र की कार्यवाही बाधित हो सकती है।