दिल्ली के चंदन होला की फैक्ट्री में भीषण आग, 15 दमकल गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू


नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के चंदन होला इलाके में रविवार तड़के एक फैक्ट्री में भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसके चलते दिल्ली फायर सर्विस को बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाना पड़ा। आग बुझाने के लिए 15 दमकल गाड़ियों को मौके पर तैनात किया गया।
दमकल विभाग के अनुसार, आग लगने की सूचना रात करीब 2:11 बजे कंट्रोल रूम को मिली। सूचना मिलते ही दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन आग तेजी से पूरी फैक्ट्री में फैल चुकी थी। हालात की गंभीरता को देखते हुए आग को पहले 'मेक-4' और बाद में 'मेक-6' श्रेणी में घोषित किया गया, जिसके बाद अतिरिक्त दमकल वाहन और संसाधन तत्काल मौके पर भेजे गए।
आग बुझाने के अभियान में 6 वॉटर टेंडर, 7 वॉटर बाउजर, एक BFT और एक MP सहित कुल 15 दमकल वाहन लगाए गए। राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी डिविजनल ऑफिसर आर. अटवाल, एडीओ संतोष, एडीओ सरबजीत समेत वरिष्ठ अधिकारी लगातार करते रहे।
दमकल कर्मियों ने कई घंटे तक कड़ी मशक्कत करते हुए आग को आसपास की इमारतों तक फैलने से रोकने में सफलता हासिल की। समाचार लिखे जाने तक आग पर पूरी तरह काबू पाने के प्रयास जारी थे।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, जिससे बड़ी जनहानि टल गई। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। दमकल विभाग और संबंधित एजेंसियां आग के कारणों की जांच में जुटी हैं। आग पूरी तरह बुझने के बाद हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा।
पेपर लीक के खिलाफ राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान, दिल्ली में कांग्रेस की बड़ी तैयारी

नई दिल्ली। देशभर में पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में कांग्रेस ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में शुरू किए गए ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने की तैयारी तेज कर दी है। पार्टी 25 जून से 9 अगस्त तक देश के 28 राज्यों और 28 प्रमुख शहरों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर छात्रों की आवाज को राष्ट्रीय मंच देने का दावा कर रही है।
इसी कड़ी में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव के निर्देश पर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें अभियान की रूपरेखा और कार्यक्रमों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है, लेकिन सरकार इस गंभीर मुद्दे पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।
दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. नरेंद्र नाथ ने बताया कि राजस्थान के कोटा में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी ने इस अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर चलाने की घोषणा की थी। उन्होंने बताया कि दिल्ली में 2 से 6 जुलाई तक विधानसभा स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जबकि 14 जुलाई को राजधानी में एक बड़ा कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसके आयोजन स्थल की घोषणा जल्द की जाएगी।
डॉ. नरेंद्र नाथ ने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में देशभर में कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे छात्रों में गहरा आक्रोश है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय की जवाबदेही तय होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
बैठक में एआईसीसी के दिल्ली प्रभारी काजी निज़ामुद्दीन, सह-प्रभारी दानिश अबरार, संगठन महासचिव अनिल भारद्वाज सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने भाग लिया। कांग्रेस का कहना है कि यह अभियान छात्रों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
विहिप के अध्यक्ष आलोक कुमार ने अयोध्या पुलिस को लिखा पत्र, चढ़ावा चोरी पर विपक्ष के दावों के सबूत मांगे

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अयोध्या के राम मंदिर चंदा चोरी मामले में विपक्ष लगातार हमलावर है। अब विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने विपक्षी नेताओं पर बड़ा पलटवार किया है। विहिप के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने इस मामले के मुख्य जांच अधिकारी को एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने प्रियंका गांधी वाड्रा, राम गोपाल यादव, संजय सिंह, अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं के हालिया बयानों पर आपत्ति जताई गई है और पुलिस से कार्रवाई से मांग की गई है।

आरोप लगाने वाले नेताओं के बयान दर्ज कराने की मांग

विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने अयोध्या सीओ आशुतोष तिवारी को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि राम जन्मभूमि थाने में दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष, बड़े स्तर पर तथ्यपरक जांच के लिए सार्वजनिक रूप से बड़े आरोप लगाने वाले नेताओं के बयान भी दर्ज किए जाएं। आलोक कुमार ने यह मांग भी की है कि यदि इन नेताओं के आरोप निराधार और झूठे पाए जाते हैं तो इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

पत्र में चार प्रमुख नेताओं के बयानों का जिक्र

पत्र में चार प्रमुख नेताओं के सार्वजनिक बयानों का उल्लेख किया गया है। डीसीपी को लिखे गए लेटर में आलोक कुमार ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा लगाए गए आरोपों के पीछे क्या तथ्यात्मक आधार है, इसकी जांच की जानी चाहिए। साथ ही इन नेताओं से दिए गए बयान के स्रोत के बारे में पूछा जाना चाहिए।

नेताओं के बयान को लेकर मांगे सबूत

आलोक कुमार ने लेटर में लिखा कि यदि इन नेताओं के पास विश्वसनीय साक्ष्य हैं तो वे जांच एजेंसी को सच्चाई तक पहुंचने में महत्वपूर्ण मदद कर सकते हैं। इन नेताओं ने टीवी चैनलों, सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। कुछ नेताओं ने ₹200 करोड़ से लेकर ₹20,000 करोड़ तक की कथित अनियमितताओं के दावे किए हैं।

झूठे आरोपों पर भी कार्रवाई की भी मांग

पत्र में कहा गया कि यदि इतने बड़े आरोप लगाए गए हैं तो संभव है कि उनके पास इस संबंध में कुछ तथ्य, दस्तावेज या जानकारी हो। पत्र में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति अपने आरोपों के समर्थन में विश्वसनीय सामग्री देता है तो इससे जांच एजेंसी को सच्चाई तक पहुंचने में मदद मिलेगी. लेकिन यदि जांच में यह पाया जाता है कि आरोप जानबूझकर झूठे, लापरवाह या बिना किसी आधार के लगाए गए हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई पर भी विचार किया जाना चाहिए

भारत-अमेरिका की दोस्ती वैश्विक भलाई की ताकत…”यूएस की 250वीं वर्षगांठ पर पीएम मोदी का ट्रंप को संदेश

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी जनता को शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को वैश्विक भलाई के लिए एक मजबूत ताकत बताया है। साथ ही उन्होंने अमेरिका के लिए आने वाले वर्षों में और अधिक समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना की है।

दोनों देशों के बीच केवल रणनीतिक साझेदारी नहीं-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, '1.4 अरब भारतीयों की ओर से मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और संयुक्त राज्य अमेरिका के लोगों को आपके ऐतिहासिक 250वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई देता हूं।' उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच केवल रणनीतिक साझेदारी ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र, कानून के शासन और लोगों की असीम क्षमता में साझा विश्वास भी है।

अमेरिका के लिए समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना

प्रधानमंत्री ने कहा कि यही मूल्य भारत-अमेरिका की मित्रता को वैश्विक भलाई की एक मजबूत शक्ति बनाते हैं। उन्होंने अमेरिका के लिए आने वाले 250 वर्षों में और अधिक समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना करते हुए भारत-अमेरिका साझेदारी के नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की उम्मीद जताई।

आईएनएस सुदर्शिनी अमेरिका स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम

इस अवसर पर न्यूयॉर्क स्थित भारतीय मिशन ने भी अमेरिकी नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। मिशन ने अपने संदेश में कहा कि भारत और अमेरिका “वी द पीपल”, स्वतंत्रता, आजादी और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति साझा प्रतिबद्धता का उत्सव मनाते हैं। वहीं, अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए भारतीय नौसेना ने आईएनएस सुदर्शिनी को अमेरिका भेजा है।

पद्म विभूषण तीजनबाई का निधन, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को विश्व पटल पर दिलाई ख्याति

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छत्तीसगढ़ की लोक कला पंडवानी को देश और दुनिया में पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का रविवार तड़के निधन हो गया। वह 70 वर्ष की थीं। तीजन बाई ने रविवार सुबह करीब 3.15 बजे एम्स रायपुर में अंतिम सांस ली। वह पिछले कुछ समय से बीमार थीं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।

पडंवानी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई

छत्तीसगढ़ के भिलाई के गनियारी गांव में जन्मीं तीजन बाई ने कम उम्र में ही पंडवानी गायन शुरू कर दिया था। महाभारत की कथाओं को अपनी दमदार आवाज, अभिनय और अनूठी प्रस्तुति के साथ मंच पर जीवंत करने की उनकी शैली ने इस लोक कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।

पहली बार 13 साल की उम्र में 10 रुपए के लिए गाया

तीजन का जन्म 8 अगस्त 1956 को भिलाई के पास के गनियारी गांव में हुआ था। साल 1988 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। तीजन बाई को साल 2003 में पद्म भूषण और 2019 में पद्म विभुषण से सम्मानित किया गया था। उन्होंने 13 की उम्र में पहली बार 10 रुपए के लिए गाया था। उन्होंने कापालिक शैली में पांडवानी गाई थी।

तीजन बाई ने परंपराओं को तोड़ बनाई अलग पहचान

महिलाओं के लिए उस दौर में पंडवानी की 'कापालिक शैली' में प्रस्तुति देना वर्जित माना जाता था, लेकिन तीजन बाई ने इस परंपरा को तोड़ते हुए मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई। तीजन बाई ने भारत के साथ-साथ अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान, रूस, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी समेत अनेक देशों में पंडवानी की प्रस्तुति देकर छत्तीसगढ़ की लोककला का डंका बजाया

केयरएज रेटिंग्स की चेतावनी: इस वित्त वर्ष 6% तक रह सकती है खाद्य महंगाई

-  कमजोर मानसून से बढ़ी चिंता, खुदरा महंगाई 5% रहने का अनुमान; खाद्य पदार्थों की कीमतों पर पड़ सकता है असर

नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष 2026-27 में आम आदमी की रसोई पर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। रेटिंग एजेंसी केयरएज रेटिंग्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष देश में औसत खाद्य महंगाई (फूड इन्फ्लेशन) करीब 6 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि खुदरा महंगाई (सीपीआई) लगभग 5 प्रतिशत पर रह सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, इस अनुमान के पीछे सबसे बड़ी वजह मानसून की कमजोर शुरुआत है। 1 से 30 जून के बीच देश में सामान्य से करीब 40 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई और कृषि उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
केयरएज रेटिंग्स का कहना है कि यदि आने वाले सप्ताहों में बारिश सामान्य नहीं हुई तो खाद्यान्न, सब्जियों और अन्य कृषि उत्पादों की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की रसोई के बजट पर पड़ेगा।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि मई 2026 में खाद्य तेलों की महंगाई दर पहले ही 9.5 प्रतिशत के उच्च स्तर पर पहुंच चुकी थी। ऐसे में कमजोर मानसून की स्थिति बनी रहने पर खाद्य पदार्थों की कीमतों में और तेजी आने की आशंका जताई गई है।
20 जुलाई से 13 अगस्त तक संसद का मानसून सत्र, कई अहम विधेयकों और राजनीतिक मुद्दों पर होगी चर्चा

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संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा। यह 13 अगस्त तक चलेगा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसका ऐलान किया। करीब तीन सप्ताह के इस मानसून सत्र में सरकार कई अहम विधेयकों को पारित कराने का प्रयास करेगी।

किरेन रिजिजू ने दी जानकारी

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा कि भारत सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 20 जुलाई से 13 अगस्त तक संसद के दोनों सदनों की बैठक बुलाने को मंजूरी दे दी है। संसदीय परिपाटी के मुताबिक मानसून सत्र दोनों सदनों के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा भी कराई जाएगी।

इन मुद्दों पर हंगामे के आसार

बीते दिनों मेडिकल की पढ़ाई से जुड़ी प्रतियोगी परीक्षा- NEET के पेपर लीक, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर का चढ़ावा चोरी विवाद जैसे कई मामले लगातार सुर्खियों में है। ऐसे में संसद सत्र के दौरान हंगामा होने की आशंका है। इन मामलों के अलावा तृणमूल के दो फाड़ होने का मुद्दा भी चर्चा में है। कांग्रेस अंडमान की ग्रेट निकोबार परियोजना पर भी लगातार हमलावर है। ऐसे में हंगामे और नारेबाजी से सत्र की कार्यवाही बाधित हो सकती है।

टेलीग्राम पर सरकार सख्त, पायरेटेड फिल्में हटाने का आदेश, 15 दिन में मांगी रिपोर्ट

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देश में ऑनलाइन पाइरेसी को लेकर केंद्र सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलिग्राम (Telegram) के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने टेलीग्राम को नोटिस जारी कर पायरेटेड फिल्मों और ओटीटी कंटेंट की शेयरिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया है।

15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने टेलीग्राम को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर अपनी एंटी-पाइरेसी व्यवस्था को मजबूत करने और इस पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। सरकार का कहना है कि प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में पाइरेटेड फिल्में, ओटीटी कंटेंट और कई कॉपीराइट कंटेंट शेयर किए जा रहे हैं जिससे फिल्म इंडस्ट्री और क्रिएटर इकोनॉमी को भारी नुकसान हो रहा है।

कॉपीराइट का उल्लंघन सामान्य कानूनी विवाद नहीं

सरकार ने टेलीग्राम को याद दिलाया है कि कॉपीराइट का उल्लंघन केवल एक सामान्य कानूनी विवाद नहीं, बल्कि कॉपीराइट अधिनियम, 1957 और सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 के तहत आपराधिक अपराध भी हो सकता है। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और आईटी नियम, 2021 के तहत एक मध्यस्थ (इंटरमीडियरी) के रूप में टेलीग्राम की जिम्मेदारी है कि वह उचित सतर्कता बरते और अवैध सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाए।

पाइरेसी रोकना सरकार का है मकसद

सरकार ने टेलीग्राम से उन यूजर्स और नेटवर्क के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने को कहा है जो बार-बार पाइरेटेड कंटेंट साझा करते हैं। इसमें केवल पर्सनल अकाउंट ही नहीं बल्कि चैनल, ग्रुप, बॉट, एडमिन और उनसे जुड़े कई नेटवर्क भी शामिल हैं। सरकार के इस कदम का मसकद ऐसे पूरे नेटवर्क को खत्म करना है जो लगातार फिल्मों और वेब सीरीज की पाइरेटेड कॉपी लोगों तक पहुंचाते हैं।

भूख हड़ताल के सातवें दिन सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ी, 5 किलो से अधिक वजन घटा
-  जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी, शाम को UPSC अभ्यर्थियों के साथ होगा खुला संवाद

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के बीच अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत लगातार बिगड़ रही है। भूख हड़ताल के सातवें दिन जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार उनका वजन 5 किलोग्राम से अधिक कम हो चुका है। डॉक्टरों ने बताया कि उनका ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर सामान्य स्तर से नीचे पहुंच गए हैं। मेडिकल टीम लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखे हुए है और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।
आंदोलन से जुड़े अभिजीत दीपके ने कहा कि जब तक सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक भूख हड़ताल और आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि आंदोलन को समर्थन देने के लिए बड़ी संख्या में लोग लगातार धरना स्थल पर पहुंच रहे हैं।
आंदोलन के तहत शनिवार शाम 7 बजे UPSC अभ्यर्थियों के साथ एक खुला संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान अभिजीत दीपके छात्रों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुनेंगे। आयोजकों के अनुसार, आंदोलन की शुरुआत से ही बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं और परीक्षा प्रक्रिया, आर्थिक दबाव, मानसिक तनाव तथा अन्य चुनौतियों से जुड़े अपने अनुभव साझा कर रहे हैं।
आयोजकों का कहना है कि इस संवाद का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं और सुझावों को नीति-निर्माताओं तक पहुंचाना है। इसके लिए ओल्ड राजेंद्र नगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अभ्यर्थियों के विचारों को संकलित कर व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा।
धरना स्थल पर देश के विभिन्न राज्यों से छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों का पहुंचना लगातार जारी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह आंदोलन केवल किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं की समस्याओं और अपेक्षाओं को आवाज देने का प्रयास है। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा। आने वाले दिनों में छात्रों, शिक्षाविदों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ भी संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
दिल्ली सरकार ने समाप्त की सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था

-  ईंधन संकट में सुधार के बाद आदेश वापस, अब सभी कर्मचारी नियमित समय पर कार्यालय आएंगे

दिल्ली ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए सप्ताह में दो दिन लागू की गई वर्क फ्रॉम होम (WFH) व्यवस्था समाप्त कर दी है। ईंधन आपूर्ति की स्थिति सामान्य होने के बाद सरकार ने यह विशेष व्यवस्था वापस लेते हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पहले की तरह नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
नए आदेश के अनुसार अब सभी सरकारी अधिकारी और कर्मचारी सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक कार्यालयों और सचिवालय में नियमित रूप से कार्य करेंगे।
गौरतलब है कि मई में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़े तनाव के कारण संभावित वैश्विक ईंधन संकट की आशंका के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऊर्जा और ईंधन की बचत के उद्देश्य से सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू किया था। इसके साथ ही सरकारी कार्यालयों के कार्य समय में भी बदलाव किया गया था।
सरकार ने उस दौरान सरकारी वाहनों के उपयोग को कम करने के लिए अधिकारियों के पेट्रोल भत्ते में 20 प्रतिशत तक कटौती की थी। 200 लीटर की मासिक सीमा को घटाकर 160 लीटर तथा 250 लीटर की सीमा को 200 लीटर कर दिया गया था। साथ ही प्रत्येक सोमवार को 'मेट्रो मंडे' के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया था, जिसके तहत मंत्रियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
इसके अलावा, 17 मई को दिल्ली सरकार ने निजी कंपनियों और संस्थानों से भी सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने, कार्यालयों के समय में बदलाव करने तथा कर्मचारियों को कार पूलिंग और सार्वजनिक परिवहन अपनाने की सलाह दी थी, ताकि ईंधन की खपत कम की जा सके।
अब ईंधन संकट में सुधार और आपूर्ति सामान्य होने के बाद सरकार ने यह अस्थायी व्यवस्था समाप्त कर दी है। इसके साथ ही सभी सरकारी कार्यालयों में पूर्ववत नियमित कार्य व्यवस्था बहाल कर दी गई है।