मॉडल संकुल संघ के लेखाकार एवं एमआईएस सहायकों का 10 दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, प्रतिभागियों को मिले प्रमाण पत्र

- एसआईआरडी में वित्तीय प्रबंधन, लेखांकन और डेटा प्रबंधन की दी गई उन्नत ट्रेनिंग

लखनऊ। दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान (एसआईआरडी), बख्शी का तालाब में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत आयोजित मॉडल संकुल संघ के लेखाकार एवं एमआईएस सहायकों का 10 दिवसीय राज्य स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण शनिवार को संपन्न हो गया। 18 से 27 जून तक चले इस प्रशिक्षण के समापन अवसर पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य मॉडल संकुल संघों के लेखाकारों और एमआईएस सहायकों को वित्तीय प्रबंधन, लेखांकन प्रणाली और डेटा प्रबंधन में दक्ष बनाना था, ताकि ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्यों में पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।
संयुक्त मिशन निदेशक प्रवीणानंद ने कहा कि मॉडल संकुल संघ ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। प्रशिक्षित लेखाकार एवं एमआईएस सहायक स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और "गरीबी मुक्त गांव" के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को समूह गठन, सामुदायिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली, वित्तीय प्रबंधन, दोहरी लेखा प्रणाली, ऋण एवं बचत प्रबंधन, बीमा, डेटा प्रबंधन तथा संकुल स्तरीय संघों की कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया।
समापन सत्र में डॉ. सीमा राठौर और डॉ. नन्दकिशोर साह ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए। प्रशिक्षण में गाजीपुर, कन्नौज, बिजनौर और शामली जनपदों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर राज्य संसाधन व्यक्ति बैजनाथ राम, अमित कुमार सिंह तोमर, मेघा वर्मा, सोनिया, देवेंद्र मिश्रा, कुमारी विमलेश, राजेंद्र सिंह, सूरज सिंह सहित कई प्रशिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
1 जुलाई से लागू होगी 'विकसित भारत-जी राम जी' योजना, ग्रामीण परिवारों को मिलेगा 125 दिन का रोजगार

-  उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बोले- आत्मनिर्भर गांवों और मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में ऐतिहासिक कदम


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 1 जुलाई 2026 से "विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (VB-GRAM G)" लागू होने जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोजगार का अवसर मिलेगा। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ग्राम्य विकास विभाग ने प्रदेशभर में व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यह योजना ग्रामीण भारत के विकास, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इससे ग्रामीण परिवारों की आय सुरक्षा मजबूत होगी, स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और गांवों के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
उन्होंने बताया कि रोजगार की गारंटी अवधि बढ़ाकर 125 दिन किए जाने से ग्रामीण श्रमिकों को अतिरिक्त रोजगार मिलेगा, जिससे उनकी आजीविका सुदृढ़ होगी और विकास कार्यों में तेजी आएगी। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "विकसित भारत" के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से ग्रामीण श्रमिकों को सम्मानजनक रोजगार और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस योजना से गांवों में रोजगार बढ़ने के साथ-साथ आधारभूत विकास कार्यों को भी नई गति मिलेगी तथा उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर और समृद्ध गांवों के निर्माण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करेगा।
प्रोजेक्ट प्रवीण' से 36 हजार से अधिक युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण, 15 जुलाई से शुरू होंगी कक्षाएं

-  राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल बोले— योगी सरकार युवाओं को शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगार के लिए सक्षम बनाने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए "प्रोजेक्ट प्रवीण" के तहत अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण (STT) का लक्ष्य जारी कर दिया है। इस वर्ष प्रदेश के 36,103 छात्र-छात्राओं को विभिन्न रोजगारपरक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि योगी सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक युवा को हुनरमंद बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट प्रवीण के माध्यम से राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को सामान्य शिक्षा के साथ तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे भविष्य में रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण आईटी-आईटीईएस, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, अपैरल, ब्यूटी एंड वेलनेस, एग्रीकल्चर, मैनेजमेंट तथा ग्रीन जॉब्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों में दिया जाएगा। प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक बैच में अधिकतम 35 प्रशिक्षणार्थियों को शामिल किया जाएगा तथा प्रत्येक पाठ्यक्रम की अवधि अधिकतम 300 घंटे निर्धारित की गई है।
प्रदेश के आगरा, बरेली, आजमगढ़, ललितपुर, वाराणसी, रामपुर, शाहजहांपुर, जालौन और सोनभद्र सहित विभिन्न जनपदों के राजकीय विद्यालयों में सूचीबद्ध प्रशिक्षण प्रदाताओं (टीपी) के माध्यम से यह प्रशिक्षण संचालित किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सभी प्रशिक्षण प्रदाताओं को 15 जुलाई 2026 तक प्रशिक्षण केंद्रों पर कक्षाएं शुरू करनी होंगी। बैच प्रारंभ होने के सात कार्य दिवसों के भीतर सभी प्रशिक्षणार्थियों को अध्ययन सामग्री वितरित कर उसकी जानकारी और तस्वीरें मिशन के पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई प्रशिक्षण प्रदाता निर्धारित समय-सीमा का पालन नहीं करता है अथवा उसके विरुद्ध शिकायत प्राप्त होती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ: इटौंजा में मकान का छज्जा गिरा, 2 बच्चों की मौत, 10 घायल
लखनऊ। थाना इटौंजा क्षेत्र के मोहल्ला पखरिया (मोहना) में एक मकान का छज्जा गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में 2 बच्चों की मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, 26 जून 2026 की रात करीब 10:15 बजे मकान के छज्जे से लोगों को पेय पदार्थ बांटा जा रहा था। इसी दौरान छज्जा अचानक गिर गया और लोग उसकी चपेट में आ गए।

घायलों को तत्काल 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय बीकेटी भेजा गया, जहां इलाज के दौरान दो बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया। पांच गंभीर घायलों को केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। अन्य घायलों का इलाज चल रहा है।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और क्षेत्र में स्थिति सामान्य है।
एक  लाख का इनामी बदमाश संजय उर्फ संजीव पुलिस मुठभेड़ में ढेर, बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का था मुख्य शूटर
लखनऊ के इंदिरा कैनाल रोड पर पुलिस से हुई मुठभेड़, कई सनसनीखेज हत्याओं में था वांछित

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में शनिवार को पुलिस और एक लाख रुपये के इनामी बदमाश संजय उर्फ संजीव के बीच हुई मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी मारा गया। पुलिस के अनुसार, संजय हाल ही में हुए चर्चित बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर था और उस पर पुलिस आयुक्त लखनऊ द्वारा एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

पुलिस के मुताबिक, संजय उर्फ संजीव पुत्र हरीराम, थाना अहिरौली क्षेत्र के ग्राम चक कोदार, जनपद अंबेडकरनगर का निवासी था। वह लंबे समय से हत्या समेत कई संगीन मामलों में वांछित चल रहा था।

इंदिरा कैनाल रोड पर हुई मुठभेड़

शनिवार, 27 जून 2026 को अपर पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लखनऊ के इंदिरा कैनाल रोड पर घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, इस दौरान हुई मुठभेड़ में संजय उर्फ संजीव गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया।

घायल अपराधी को तत्काल उपचार के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर

पुलिस के अनुसार, संजय उर्फ संजीव 27 मई 2026 को पीजीआई थाना क्षेत्र में हुए चर्चित बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का मुख्य शूटर था। इस हत्याकांड के बाद से उसकी तलाश तेज कर दी गई थी और उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

कई जिलों में फैला था आपराधिक नेटवर्क

प्रारंभिक पुलिस जानकारी के अनुसार, संजय ने अंबेडकरनगर, बस्ती और अयोध्या समेत कई जिलों में हत्या जैसी सनसनीखेज वारदातों को अंजाम दिया था। वह अंबेडकरनगर के कुख्यात अपराधी दिलीप वर्मा और खान मुबारक गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर कई जघन्य अपराधों में शामिल रहा।

आगे की कार्रवाई जारी

पुलिस ने मुठभेड़ के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही संजय के आपराधिक नेटवर्क, उसके सहयोगियों और गैंग से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि संगठित अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
टेलीविजन धारावाहिकों और मॉडलिंग का चेहरा अब बंगाली सिनेमा में
लखनऊ। बंगाली मनोरंजन उद्योग में करियर अक्सर समय के साथ विभिन्न प्रदर्शन माध्यमों से गुजरते हैं। अभिनेता सुशोभन सोनू राय का 2016 से काम नृत्य प्रशिक्षण, टेलीविजन धारावाहिकों, वाणिज्यिक मॉडलिंग असाइनमेंट और फिल्म-संबंधित कार्यों तक फैला हुआ है। वह वर्तमान में बंगाली फिल्म 'टेक केयर भालोबासा' से जुड़े हैं, जिसमें वह 'जय' की भूमिका में दिखाई देते हैं।

सुशोभन का सबसे पहला औपचारिक प्रशिक्षण पश्चिमी नृत्य में था। दमदम मोतीझील रवींद्र महाविद्यालय से बी.कॉम की डिग्री करते हुए, जो उन्होंने 2016 में पूरी की, उन्होंने लगभग दो वर्षों तक प्रशिक्षण लिया और कोलकाता में मंचीय कार्यक्रमों और सांस्कृतिक आयोजनों में भाग लिया। बाद में उनकी रुचि अभिनय की ओर बढ़ी और 2016 से 2018 के बीच उन्होंने निर्देशक एवं निर्माता पियूष साहा के मार्गदर्शन में अभिनय कार्यशालाओं में भाग लिया।

उनकी पहली टेलीविजन उपस्थिति 2019 में आकाश आठ चैनल के धारावाहिक 'आनंदमयी माँ' से हुई, जिसका निर्देशन स्वर्गीय देवीदास भट्टाचार्य ने किया था। इस धारावाहिक में उन्होंने एक वैष्णव भक्त की भूमिका निभाई। 2019 से 2021 के बीच, वह 'मोहर', 'कोड़ापाखी', 'तितली', 'खेलाघर' और 'जमुना ढाकी' सहित कई बंगाली टेलीविजन प्रस्तुतियों में दिखाई दिए। 'कोड़ापाखी' में उन्होंने अभिनेत्री पार्नो मित्रा के विपरीत एक नकारात्मक चरित्र निभाया।

कोविड-19 महामारी के दौरान, जब टेलीविजन उत्पादन धीमा हो गया, सुशोभन वाणिज्यिक मॉडलिंग में शामिल हो गए। 2023 के बाद से, वह हॉलिडे इन होटल, डाबर, टाइटन आई+, वेलोसिटी आईवियर, अमेज़न, स्पेंसर, कैंपस शूज़, बिग बाज़ार, बायोटिक और फियामा डी विल्स सहित ब्रांडों के अभियानों में दिखाई दिए। 2025 में, उन्होंने कोलकाता में आयोजित 'एथनिक एलिगेंस 2025' प्रतियोगिता में भाग लिया, जहाँ वह प्रथम रनर-अप रहे।

सुशोभन बंगाली फिल्म 'टेक केयर भालोबासा' में 'जय' के रूप में दिखाई देते हैं। फिल्म चार दोस्तों के बीच संबंधों और समय के साथ उभरने वाले भावनात्मक बदलावों की पड़ताल करती है। जॉय कई ऐसे क्षणों में दिखाई देता है जहाँ कहानी के आगे बढ़ने के साथ समूह के संबंधों में बदलाव सामने आने लगते हैं।

19 जुलाई 1994 को हावड़ा में जन्मे सुशोभन ने अपना कुछ बचपन गुवाहाटी में बिताया। उन्होंने साढ़े तीन साल की उम्र में अपने पिता को खो दिया, जिसके बाद उनकी माँ ने परिवार के पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी संभाली।

पर्दे पर आधारित कार्यों में प्रवेश करने के बाद से, सुशोभन अपने करियर के विभिन्न चरणों में टेलीविजन धारावाहिकों, मॉडलिंग अभियानों और फिल्म परियोजनाओं से जुड़े रहे हैं। उनकी स्क्रीन उपस्थिति में विभिन्न परियोजनाओं में भक्ति, नकारात्मक और चरित्र-आधारित भूमिकाएँ शामिल रही हैं।
बिहार के भोजपुर भरत तिवारी  हत्याकांड की दोषियों को फांसी दिया जाय: सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष

लखनऊ। सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने बिहार के भोजपुर के ब्राह्मण शिरोमणि एव शहीद भरत तिवारी के हत्याकांड में दोषी को फांसी दिया जाय एव परिवार को एक करोड़ का मुवायजा देने की मांग करते हुए कहा कि वर्तवान केन्द्र प्रदेश की भाजपा सरकार में सवर्ण समाज का लगातार उत्पीड़न हो रहा है ,सवर्ण समाज के लोगों को फर्जी मुकदमे में फ़साने और तथा उनको फर्जी एंकाउंटर में हत्या करने की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है आज सवर्ण समाज अपने ऊपर हो रहे अत्याचार उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठा रहा है,शहीद भरत तिवारी केवल सवर्ण समाज की बात नहीं कर रहे थे वह दलित पिछड़े जिनको मूलभूत सुविधा भी नहीं मिल रही थी उनके लिए संघर्ष कर रहे थे, भरत तिवारी न अपराधी था न ही उसके ऊपर किसी तरह का मुकदमा दर्ज था , भरत तिवारी समाज के लिए शहीद हो गया।

सवर्ण आर्मी भारत ने कैंडल मार्च निकाल कर भरत तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित किया राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि 24 जून को भरत तिवारी के गांव बिठौली आरा में सवर्ण समाज की महापंचायत आयोजित किया गया था जिसमें सभी सवर्ण संगठन के लोग उपस्थित रहे एक मां का दर्द देखा गया मां ने बताया कि किस तरह से धोखे से पुलिस वाले हथियार फेंकने के बाद हत्या कर दिए पुलिस द्वारा मनगढ़ंत कहानी बनाई जा रही है,सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने कहा कि 29 जून को भरत तिवारी के परिवार से मिलने बिहार आरा शाहपुर बिलौटी गांव जा रहे हैं जहां पर परिवार को आर्थिक सहयोग के साथ ही स्थानीय प्रशासन से मिल कर भरत तिवारी की हत्या  करने वाले की फांसी दिया जाय एव बिहार सरकार एक करोड रुपए भरत तिवारी के परिवार को दे यह मांग भी रखेंगे।
वंदे मातरम्’ माँ भारती के प्रति अटूट प्रेम, त्याग और राष्ट्रभक्ति का अमर मंत्र है : केशव प्रसाद मौर्य
उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और राजर्षि शाहू जी महाराज को दी श्रद्धांजलि


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास, सात कालिदास मार्ग पर राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के अमर रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय तथा सामाजिक न्याय एवं समानता के अग्रदूत राजर्षि छत्रपति शाहू जी महाराज की जयंती पर उनके स्मृति-चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' मातृभूमि के प्रति प्रेम, आत्मसम्मान, बलिदान और राष्ट्रभक्ति का अमर मंत्र है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशवासियों और क्रांतिकारियों में नई ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने अपनी कालजयी कृति 'आनंदमठ' और साहित्य के माध्यम से जन-जन में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत की। उनका साहित्य और राष्ट्र के प्रति समर्पण सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
राजर्षि छत्रपति शाहू जी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए श्री मौर्य ने कहा कि उन्होंने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सम्मान, शिक्षा और समान अवसर दिलाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। शिक्षा, सामाजिक सुधार और वंचित वर्गों के उत्थान में उनका योगदान अतुलनीय है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि शाहू जी महाराज ने सामाजिक समानता और न्याय के विचारों को केवल व्यक्त ही नहीं किया, बल्कि उन्हें व्यवहार में उतारकर समाज में परिवर्तन की मजबूत नींव रखी। उनके विचार आज भी समतामूलक और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और राजर्षि छत्रपति शाहू जी महाराज जैसी महान विभूतियों का जीवन राष्ट्रसेवा, सामाजिक समरसता, शिक्षा और जनकल्याण के क्षेत्र में सदैव मार्गदर्शन करता रहेगा।
SIT रिपोर्ट के बाद पहली FIR पर बोले सीएम योगी: "रामभक्तों की आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं"

कहा- रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई शुरू, सबूत हैं तो SIT को दें; अयोध्या और भगवान राम पर राजनीति न करने की नसीहत

लखनऊ। अयोध्या में श्रीराम मंदिर से जुड़े मामले में एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर पहली एफआईआर दर्ज होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी और अब कार्रवाई शुरू हो चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, इसलिए इस पर अनावश्यक आक्षेप नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "श्रीराम की मर्यादा का पालन करना सीखिए। सरकार ने पहले दिन ही कहा था कि दूध का दूध और पानी का पानी होगा।"

सीएम योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग आज सवाल उठा रहे हैं, उनकी मंशा ठीक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग पहले भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे, जबकि कुछ लोग जय श्रीराम के उद्घोष पर लाठी-गोली चलवाते थे और रामनवमी व कांवड़ यात्रा जैसे धार्मिक आयोजनों पर प्रतिबंध लगाते थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़े ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक बयानबाजी करने के बजाय एसआईटी के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने कहा, "रामभक्तों की अग्निपरीक्षा मत लो और उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ मत करो। यदि प्रमाण हैं तो उन्हें एसआईटी को सौंपिए, सरकार निष्पक्ष कार्रवाई करेगी।"

मऊ: नोमानी इंटर कॉलेज के पास ट्रैफिक पुलिस का सघन चेकिंग अभियान, नियम तोड़ने वालों पर हुई कार्रवाई

मऊ । शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को नोमानी इंटर कॉलेज के पास ट्रैफिक पुलिस ने सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान दोपहिया और चारपहिया वाहनों की गहन जांच की गई।

चेकिंग के दौरान पुलिस ने वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, हेलमेट, सीट बेल्ट, वाहन के आवश्यक दस्तावेज और अन्य यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित किया। नियमों का उल्लंघन करते पाए गए वाहन चालकों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई तथा उन्हें भविष्य में यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत भी दी गई।

यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की कि सड़क पर निकलते समय सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखें और यातायात नियमों का पालन करें, ताकि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखी जा सके।