पद्मश्री उदित नारायण और पलक मुच्छल की आवाज़ में सजा रोमांटिक गीत "मेरे मन को" हुआ रिलीज़
![]()
मुंबई। भारतीय संगीत जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके उभरते हुए कलाकार एवं रॉक-स्टार संगीत मासूम एक बार फिर अपने नए रोमांटिक गीत "मेरे मन को" के साथ श्रोताओं के दिलों को छूने के लिए तैयार हैं। मासूम फ़िल्म कंपनी एवं द ग्रेट बॉलीवुड के बैनर तले प्रस्तुत यह गीत रिलीज़ होते ही संगीत प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। गीत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे अपनी मधुर और भावपूर्ण आवाज़ से सजाया है पद्मश्री एवं पद्म भूषण उदित नारायण तथा लोकप्रिय गायिका पलक मुच्छल ने। गीत का संगीत अमन श्लोक ने तैयार किया है, जबकि इसके भावपूर्ण बोल सुप्रसिद्ध गीतकार एवं लेखक मुकेश कुमार मासूम ने लिखे हैं। वीडियो का निर्देशन अनिल एस. मेहता ने किया है, कोरियोग्राफी संजय चौधरी ने की है तथा इसकी निर्माता सीमा हैं। म्यूज़िक वीडियो में संगीत मासूम और गंगा अधिकारी की जोड़ी ने अपने सशक्त अभिनय से प्रेम और भावनाओं को जीवंत कर दिया है। संगीत मासूम आज हिंदी संगीत जगत के उन युवा कलाकारों में शामिल हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर अलग पहचान बनाई है। उन्होंने प्रसिद्ध नृत्य निर्देशक सरोज खान से नृत्य का प्रशिक्षण प्राप्त किया है तथा रोशन तनेजा अभिनय अकादमी से अभिनय का चार माह का डिप्लोमा किया है। हाल ही में हिंदी फ़िल्म अभिनेता विवेक ओबेरॉय के हाथों उन्हें उत्कृष्ट अभिनय के लिए सम्मानित भी किया गया, जो उनके निरंतर बढ़ते कलात्मक सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। इससे पहले संगीत मासूम "दिल का ख़ुदा", "ब्रेकअप पार्टी", "साजन के शहर" और "बेदर्दी" जैसे चर्चित एवं लोकप्रिय गीतों के माध्यम से संगीत प्रेमियों के बीच अपनी मजबूत पहचान बना चुके हैं। अब "मेरे मन को" से भी उनसे बड़ी उम्मीदें की जा रही हैं। गीत के बोल मुकेश कुमार मासूम द्वारा रचे गए हैं, जो शब्दों के माध्यम से प्रेम, संवेदनाओं और मानवीय भावनाओं को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त करते हैं। मुकेश कुमार मासूम समकालीन हिंदी साहित्य, सिनेमा और वैचारिक लेखन के एक संवेदनशील, प्रखर एवं बहुआयामी रचनाकार हैं। उनकी लेखनी की पहचान सरल भाषा में गहन भाव, तथ्यात्मक स्पष्टता और साहित्यिक प्रवाह के साथ समाज को सकारात्मक दिशा देने वाले विचार हैं। मुकेश कुमार मासूम स्क्रीन राइटर्स एसोसिएशन तथा इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के सदस्य हैं, जो उनके साहित्य और फ़िल्म उद्योग से गहरे जुड़ाव का प्रमाण है। वे बॉलीवुड के स्थापित गीतकारों में गिने जाते हैं। उनके लोकप्रिय गीतों में "दिल तोड़ने वाला, दिल का ख़ुदा निकला" (उदित नारायण), "दारू सिगरेट छोड़ दे" (ममता शर्मा), "जीवन एक अमृत है" (उदित नारायण), "मेरे मन को" (उदित नारायण एवं पलक मुच्छल), "भगवान ज़रूरी है" (अल्तमश फ़रीदी), "खाटू श्याम जाना है" (अनूप जलोटा), "जय भीम बोलो रे" (स्वर्गीय मोहम्मद अज़ीज़), "ब्रेकअप पार्टी" (हरमन नाज़िम), "मेनू हँसके विदा कर दे" (शबाब साबरी), "बौद्ध धर्म के अनुयायी" (अनूप जलोटा) तथा "उस बेदर्दी ने दिल तोड़ा" (अगम कुमार निगम) जैसे अनेक लोकप्रिय गीत शामिल हैं। उन्होंने अगम कुमार निगम, समीर खान, ममता शर्मा, अल्तमश फ़रीदी, शबाब साबरी, स्वर्गीय मोहम्मद अज़ीज़, पद्मश्री कुमार शानू, पद्मश्री अनूप जलोटा तथा पद्मश्री एवं पद्म भूषण उदित नारायण जैसे प्रतिष्ठित गायकों के लिए गीत लिखे हैं। उनके गीतों में भावनात्मक गहराई, लोकसंवेदना और आत्मीयता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
वर्तमान में मुकेश कुमार मासूम सिनेविस्टा लिमिटेड जैसी प्रतिष्ठित फ़िल्म एवं धारावाहिक निर्माण कंपनी सहित बॉलीवुड की अनेक प्रमुख हस्तियों के लिए लेखन कार्य कर रहे हैं। साहित्य के क्षेत्र में भी उनकी सक्रिय उपस्थिति है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीवन पर आधारित पुस्तक "योगी आदित्यनाथ : अध्यात्म और राजनीति के आकाश पर चमकता सितारा" लिखी है। हाल ही में इस पुस्तक के संबंध में उन्होंने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट भी की।उच्च गुणवत्ता वाले संगीत, उत्कृष्ट गायन, प्रभावशाली अभिनय और भावपूर्ण शब्दों से सजा "मेरे मन को" अब विभिन्न डिजिटल संगीत मंचों पर उपलब्ध है। संगीत प्रेमियों और समीक्षकों का मानना है कि यह गीत वर्ष के चर्चित रोमांटिक गीतों में अपनी विशेष पहचान बनाने की क्षमता रखता है।


मुंबई । महानगर के उत्कृष्ट साहित्यकार गज़लकार एन बी सिंह नादान किसी पहचान के मुहताज नहीं जिन्होंने अपनी क़लम एवं लेखनी से महाराष्ट्र ही नहीं अपितु भारत के सभी प्रदेशों में ख्यातिप्राप्त हुए हैं।ऐसे गज़लकार से कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप की शिष्टाचार मुलाकात हुई जहां दीप ने अंगवस्त्र देकर नादान जी का सम्मान किया।नादान ने शिष्टाचार मुलाकात में दीप को उपहार स्वरूप अपनी यादगार पुस्तकें भेंट की।दीप ने कहा 2024-25 में नादान की उत्कृष्ट काव्य खंड महाराणा प्रताप बहुत चर्चित रही जिसे पाठकों ने खूब सराहा।पहली पुस्तक 1993 में ग़ज़ल नज़्म संग्रह- शाखों में नमी कम खूब प्रसिद्धि पाई।तत्पश्चात हंसते हुए गम ग़ज़ल संग्रह, भले मानुस सुन-कविता गीत,फूल और पंखुड़ियां-काव्य, पत्थर के शहर -गजल मुक्तक, कागज़ कलम दवात - ग़ज़ल,दीन धर्म ईमान- गजल, आखिरी पल तक -गजल,सुख है ढलती शाम-दोहा,आपके लिए -गज़ल, जिंदगी एक धूप छांव -मुक्तक,दर्द का रिश्ता -गज़ल, खुशनुमा एहसास -गज़ल,रास्ता ए नहीं आखिरी है -गज़ल, ख्वाब जो सज न सके -गज़ल,हम वतन की आबरु -गीत गज़ल, रुबरु जिंदगी से,दुष्यंत कुमार और उनके बाद की ग़ज़ल,नई सदी के स्वर एवं अपना सा कोई चेहरा - ग़ज़ल संग्रह प्रकाशन में आई और पाठकों के बीच सराही गई।आज एन बी सिंह नादान वरिष्ठ साहित्यकार,लेखक, गज़लकार के रुप में सम्मानित हैं जिन्हें महाराष्ट्र राज्य हिन्दी साहित्य अकादमी ने प्रथम पुस्तक प्रकाशन हेतु 1991 में अनुदान दें चुकी है तत्पश्चात ठाणे महानगर पालिका गुणिजन, काव्य भूषण सम्मान, पाक्षिक उत्तर दर्शन द्वारा डॉ राममनोहर त्रिपाठी 2012, भारतीय जनभाषा प्रचार समिति द्वारा समाजसेवी सम्मान 2014, प्रोग्रोसिव युथ फेडरेशन द्वारा राज्य स्तरीय मिर्जा गालिब पुरस्कार 2015 से सम्मानित किए जा चुके हैं।
बदलापुर। भारतीय प्रशासनिक सेवा की वरिष्ठ अधिकारी अर्चना अग्रवाल के राजस्व परिषद अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलते ही उनके नेतृत्व में राजस्व प्रशासन और न्यायिक कार्यों में नया आयाम स्थापित हुआ है। उनके द्वारा लंबित मामलों के निस्तारण और आम जन की समस्याओं के समाधान में भी बेहतर रुचि ली जा रही है। यह बातें राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष एसपी तिवारी ने कही। वह गुरुवार को उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के तत्वावधान में नवागत अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल के सम्मान में आयोजित औपचारिक मुलाकात के दौरान कही। उन्होंने इस मौके पर उन्हें स्मृति चिन्ह ,पुष्प गुच्छ एवं अंगवस्त्रम भेंट कर अपनें अन्य साथियों के साथ सम्मानित किया। अध्यक्ष तिवारी ने कहा कि अर्चना अग्रवाल के लंबे और उत्कृष्ट प्रशासनिक अनुभव बोर्ड ऑफ रेवेन्यू की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाएगा। नवीन दायित्व को संभालने पर संयुक्त परिषद की तरफ से उनके सफल , स्वस्थ और उत्कृष्ट कार्यकाल की कामना करते हुए चेयरमैन अग्रवाल को हार्दिक शुभकामना दिया। 1990 बैच की आईएएस अधिकारी अर्चना अग्रवाल अपनी कुशल प्रशासनिक क्षमता प्रभावी निर्णय लेने की शैली और शासन प्रशासन में लंबे अनुभव के लिए जानी जाती हैं। नई जिम्मेदारी के साथ वह परिवहन विभाग की अपर मुख्य सचिव भी बनी रहेगी। इस दौरान संयुक्त राज्य कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष एसपी तिवारी ने कर्मचारियों के हित के संबंध में भी वार्ता किया। वार्ता के क्रम में उन्होंने विभागीय कर्मचारियों के प्रोन्नति का भी मामला उठाया। इस मुद्दे पर बोर्ड ऑफ रेवेन्यू की अध्यक्ष अर्चना अग्रवाल ने आश्वस्वत किया कि प्रोन्नति के मामले में निर्णय ले लिया गया है। बहुत जल्द ही सात सौ कर्मचारियों की प्रोन्नति सूची जारी कर दी जाएगी। अध्यक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद तिवारी ने रोडवेज में भर्ती का भी मुद्दा उठाया । इस मुद्दे पर अध्यक्ष अग्रवाल ने बताया कि बहुत जल्द ही रोडवेज में चालक और परिचालक के पदों पर संविदा के बजाय नियमित नियुक्ति की जाएगी। ताकि योग्य और अच्छे चालक परिचालक रोडवेज में शामिल हो कर यात्रियों की सुविधा को बेहतर बनाने में अपना सहयोग कर सकें। इस मौके पर राज्य कर्मचारी संयुक्त
–डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार
मुंबई। अंधेरी पश्चिम स्थित वाईडबलुसीए प्रांगण में समन्वय सीनियर सिटीजंस एसोसिएशन का वार्षिक उत्सव उल्लास, आत्मीयता और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों का जोश, अनुशासन और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण यह सिद्ध कर रहा था कि जीवन की संध्या भी उतनी ही रंगीन और ऊर्जावान हो सकती है, जितनी उसकी सुबह। समन्वय सीनियर सिटीजंस एसोसिएशन आज वरिष्ठ नागरिकों के लिए केवल एक संस्था नहीं, बल्कि एक ऐसा परिवार बन चुका है, जहाँ अपनापन, मित्रता और सक्रिय जीवनशैली का अनूठा संगम देखने को मिलता है। संस्था वर्षभर में 65 से अधिक सामाजिक, सांस्कृतिक, स्वास्थ्य, खेलकूद एवं मनोरंजन संबंधी कार्यक्रमों का आयोजन करती है, जिनमें सदस्य पूरे उत्साह और समर्पण के साथ भाग लेते हैं। वार्षिक उत्सव के अवसर पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत 11 सदस्यीय नई कार्यकारिणी समिति का गठन भी किया गया। नई समिति में प्रकाश नायक, एम एस कृष्णन, मुकुल शिर्के, किशोर प्रभु, कौशिक शाह सहित अन्य सदस्यों को जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं। उपस्थित सदस्यों ने नव-निर्वाचित कार्यकारिणी को शुभकामनाएँ देते हुए संस्था को और अधिक ऊँचाइयों तक ले जाने का विश्वास व्यक्त किया।
मुंबई। साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक राष्ट्रीय संस्था नवकुंभ साहित्य सेवा संस्थान के तत्वावधान में बुधवार 24 जून 2026 को वेदमाता गायत्री जयंती के उपलक्ष्य में आनलाइन गूगल मीट के माध्यम से कविगोष्ठी का आयोजन किया। जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार शिक्षाविद् अवनीश कुमार दीक्षित 'दिव्य' ने किया तथा मुख्य अतिथि के रूप में संगीत साहित्य मंच के संस्थापक वरिष्ठ साहित्यकार रामजीत गुप्त उपस्थित थे।ज्ञान की देवी मां गायत्री की वंदना कवयित्री अन्नपूर्णा गुप्ता के मधुर छंद से हुआ।गोष्ठी का संचालन राष्ट्रीय मिडिया प्रभारी विनय शर्मा दीप ने किया। उपस्थित साहित्यकारों में मुंबई से शारदा प्रसाद दुबे शरतचंद्र, ओमप्रकाश सिंह,कवयित्री शोभा स्वप्निल,प्रमोद कुमार शर्मा प्रेमी जौनपुर उत्तर प्रदेश,रमेश चंद्र नंदवंशी सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश से उपस्थित थे। उपस्थित सभी साहित्यकारों ने मां गायत्री की महिमा का गुणगान काव्य के माध्यम छंद, गीत, मुक्तक, भजन, सोहर से किया।उपस्थित सभी श्रोता साहित्यकारो ने सभी की रचनाओं की सराहना किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में अवनीश कुमार दीक्षित दिव्य ने मां गायत्री के पंचमुख एवं दस हाथ की विशेषता को सविस्तार सभी के समक्ष रखा और अपने काव्य विधाओं से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।अंत में आयोजक विनय शर्मा दीप ने उपस्थित सभी साहित्यकारों का आभार व्यक्त करते हुए गायत्री मंत्र उच्चारण के साथ गोष्ठी का समापन किया।
मुंबई।अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देश की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था लोढ़ा फाउंडेशन की चेयरमैन डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा द्वारा योग, ध्यान एवं समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर अनेक कार्यक्रमों का आयोजन एवं सहभागिता की गई।
Jun 27 2026, 17:59
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
1- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
0.1k