मोदी कैबिनेट में जल्द हो सकता है बड़ा फेरबदल, TMC-शिवसेना के बागियों को मिलेगा इनाम?
#modicabinetreshuffleexpansionpossible
केंद्र की मोदी सरकार कैबिनेट में जल्द ही फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार (28 जून) या सोमवार (29 जून) को अपने मंत्रिपरिषद में बदलाव कर सकते हैं। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
तीसरे कार्यकाल में अब तक कोई फेरबदल नहीं
मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में अभी तक मंत्रिपरिषद में कोई फेरबदल नहीं हुआ है। जबकि तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे हो चुके हैं। हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद मंत्रिपरिषद विस्तार की संभावना जताई जा रही है। सबसे बड़ा घटनाक्रम पश्चिम बंगाल में हुआ, जहां तृणमूल कांग्रेस के 20 लोक सभा सांसद टूट कर अलग हो गए और उन्होंने एनडीए को समर्थन देने का ऐलान किया है। दूसरा बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम महाराष्ट्र में हुआ है, जहां शिवसेना यूबीटी के छह सांसद शिवसेना शिंदे में विलय कर रहे हैं। इससे पहले आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसद बीजेपी में शामिल हो चुके हैं।
टीएमसी और शिवसेना के एक बागियों को मिलेगी जगह
माना जा रहा है शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत शिंदे को केंद्रीय मंत्रिमंडल में कैबिनेट रैंक के साथ शामिल किया जा सकता है। वहीं पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए सांसदों में काकोली घोष, सुदीप बंदोपाध्याय और शताब्दी राय के नामों पर भी विचार चल रहा है। इनमें से किसी एक को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।
नए चेहरों को मिल सकती है जगह
माना जा रहा है कि प्रस्तावित फेरबदल में कुछ नए चेहरों को केंद्रीय कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव हो सकता है। भाजपा सरकार में शामिल कुछ वरिष्ठ नेताओं को संगठन में अहम जिम्मेदारी देने की रणनीति पर काम कर रही है। इसके बदले सरकार में अपेक्षाकृत युवा नेताओं को अवसर देकर नेतृत्व की नई पीढ़ी तैयार करने की कोशिश की जा सकती है। सिर्फ सरकार ही नहीं, बीजेपी के संगठनात्मक ढांचे में भी व्यापक बदलाव की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर कम से कम दो महिला उपाध्यक्षों की नियुक्ति कर सकती है।



नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने देशभर के नागरिकों को "डिजिटल अरेस्ट" के नाम पर बढ़ रही साइबर ठगी से सावधान रहने की सलाह दी है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि भारत में "डिजिटल अरेस्ट" जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया मौजूद नहीं है और इसके नाम पर लोगों को डराकर ठगी की जा रही है।
Jun 26 2026, 14:36
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