डी मॉनफॉर अकादमी के विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, पौधारोपण कर बांटे कागज़ के लिफाफे
बहसूमा (मेरठ)। डी मॉनफॉर अकादमी में पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता अभियान के तहत विद्यार्थियों ने पौधारोपण और प्लास्टिक मुक्त समाज के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए समाज को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान कक्षा 8 के विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर में विभिन्न औषधीय पौधों का पौधारोपण किया। उन्होंने पौधों के औषधीय महत्व को समझते हुए परिसर को हरित बनाने का संकल्प लिया। वहीं कक्षा 9 के विद्यार्थियों ने कागज़ के लिफाफे तैयार कर रामराज क्षेत्र की दुकानों पर उनका वितरण किया। इस दौरान उन्होंने दुकानदारों को प्लास्टिक के थैलों से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान की जानकारी दी और कागज़ के लिफाफों के उपयोग के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करते हैं।

विद्यालय की निर्देशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने कहा कि बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ सामाजिक एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारियों का व्यावहारिक अनुभव भी मिलना चाहिए। विद्यालय के निर्देशक डॉ. के.के. शर्मा ने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा प्लास्टिक मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

उपप्रधानाचार्या श्रीमती ऋतु चिकारा ने विद्यार्थियों के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार
विद्यालय प्रांगण में एनसीसी सीनियर एवं जूनियर डिवीजन भर्ती सम्पन्न

आज नवजीवन इंटर कॉलेज, बहसूमा के विद्यालय प्रांगण में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के सीनियर एवं जूनियर डिवीजन की भर्ती प्रक्रिया सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। भर्ती में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

भर्ती प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता, स्वास्थ्य, अनुशासन एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप परीक्षण किया गया। इस अवसर पर कस्बे के एम.बी.बी.एस. चिकित्सक डॉ. पवन गोयल ने स्वास्थ्य परीक्षण में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। चयन प्रक्रिया पूर्णतः निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से सम्पन्न कराई गई।

विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट योगेश कुमार ने प्रतिभागी विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि एनसीसी युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, राष्ट्रभक्ति, सेवा भावना तथा आत्मविश्वास का विकास करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से एनसीसी के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रथम अधिकारी अतुल देव गौतम, रोहित कुमार, ललित कुमार, एनसीसी यूनिट से नायब सूबेदार शंकर सिंह एवं हवलदार विकल कुमार सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ ने भर्ती प्रक्रिया को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया तथा चयनित एवं प्रतिभागी सभी कैडेटों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
आलू के बेहतर विपणन एवं निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एफपीओ गठन, ग्रेडिंग एवं तकनीकी सहायता पर दिया गया जोर


फर्रुखाबाद ।जनपद में आलू के बेहतर विपणन, गुणवत्ता संवर्धन एवं निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), वाराणसी के सहयोग से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में एपीडा के बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर ने प्रतिभाग करते हुए कृषि उत्पादों के निर्यात की संभावनाओं एवं आवश्यक तकनीकी व्यवस्थाओं पर विस्तृत जानकारी दी।जिलाधिकारी ने जनपद के कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ई-जीएम (e-GM) पोर्टल पर जनपद का डाटा शीघ्र अपलोड कराने, गुणवत्तायुक्त बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा निर्यात योग्य गुणवत्तापूर्ण आलू के उत्पादन को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया।
जिलाधिकारी ने फर्रुखाबाद में आलू आधारित कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) के गठन, आधुनिक ग्रेडिंग, पैकेजिंग एवं सॉर्टिंग व्यवस्था विकसित करने तथा किसानों एवं व्यापारियों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक विशेष एफपीओ केवल आलू उत्पादन, गुणवत्ता संवर्धन एवं विपणन के क्षेत्र में कार्य करे, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके, इसके साथ ही जनपद में मैंगो पल्प यूनिट स्थापित किए जाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
     बैठक में बताया गया कि जनपद में लगभग 43,400 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू तथा 16.75 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आम की खेती की जाती है। जनपद में प्रतिवर्ष लगभग 15.53 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन होता है, जिससे फर्रुखाबाद प्रदेश के प्रमुख आलू उत्पादक जनपदों में शामिल है। एपीडा द्वारा कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए पंजीकरण, तकनीकी मार्गदर्शन, बाजार विश्लेषण, प्रशिक्षण एवं विपणन संबंधी विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
      बैठक में बताया गया कि निर्यात के लिए 45 से 80 मिलीमीटर आकार के साफ, चिकने, बिना दाग-धब्बे तथा बिना कटे-फटे आलू की अधिक मांग रहती है, साथ ही निर्यातकों को परिवहन भाड़े पर 25 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराने का भी प्रावधान है, जिससे निर्यात को और अधिक गति मिल सकती है।
      आलू विकास अधिकारी ने किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों का संतुलित प्रयोग किया जाए तथा वर्मी कम्पोस्ट, गोबर की खाद एवं ढैंचा जैसी हरित खादों का उपयोग बढ़ाया जाए, उन्होंने बताया कि स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली अपनाने से जल संरक्षण के साथ-साथ उत्पादन एवं गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होता है। जिलाधिकारी ने उपनिदेशक कृषि (प्रसार) कार्यालय को किसानों को मिट्टी परीक्षण रिपोर्ट समय से उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
      बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि फर्रुखाबाद का आलू वर्तमान में सऊदी अरब, नेपाल, ओमान, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) तथा श्रीलंका सहित विभिन्न देशों को निर्यात किया जा रहा है, हाल ही में रूस से 'कुफरी बहार' किस्म के आलू की मांग प्राप्त हुई है तथा इराक द्वारा भी भारत से आलू आयात को स्वीकृति प्रदान की गई है। ऐसे में जनपद के किसानों के लिए निर्यात की संभावनाएं और अधिक बढ़ी हैं।
एपीडा के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में एपीडा से अनुमोदित छह पैकिंग सेंटर संचालित हैं तथा वाराणसी स्थित एपीडा कार्यालय से किसान एवं निर्यातक तकनीकी एवं विपणन संबंधी आवश्यक सहयोग प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने जनपद का डाटा नियमित रूप से पोर्टल पर अद्यतन करने तथा तकनीकी टीम को और अधिक सक्रिय बनाने पर भी बल दिया।
      बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सहित कृषि, उद्यान एवं अन्य संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन, अभिभावकों ने विद्यालय विकास में सहयोग का लिया संकल्प
फर्रुखाबाद । पीएम श्री महीयसी महादेवी वर्मा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, फतेहगढ़ में बुधवार को विद्यालय प्रबंधन समिति के गठन हेतु अभिभावकों की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में लगभग 150 अभिभावकों ने सहभागिता करते हुए विद्यालय के विकास एवं छात्राओं के शैक्षिक उत्थान के लिए अपने सुझाव दिए।
बैठक में सर्वसम्मति से मनोज प्रकाश को विद्यालय प्रबंधन समिति का अध्यक्ष नामित किया गया। समिति में शिक्षाविद् के रूप में पूर्व प्रधानाचार्या मीना यादव, पुरातन छात्रा सदस्य के रूप में रिचा तिवारी, स्वास्थ्य कार्यकर्त्री सुषमा राठौर तथा अभिभावक सदस्य सुरेंद्र कुमार सहित अन्य सदस्यों का चयन किया गया। शिक्षक सदस्यों के रूप में शैलजा मौर्य, ज्योति एवं आरती यादव उपस्थित रहीं।
समिति के गठन के उपरांत विद्यालय की वार्षिक कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में माइनर रिपेयरिंग के अंतर्गत विद्यालय भवन की छत की मरम्मत, फर्नीचर की मरम्मत सहित अन्य आवश्यक कार्यों को कराने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
इस दौरान इको क्लब, गणित-विज्ञान क्लब एवं करियर क्लब की प्रभारी शिक्षिकाओं ने शासन द्वारा संचालित विभिन्न शैक्षिक एवं सह-शैक्षिक गतिविधियों की जानकारी देते हुए छात्राओं की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने पर बल दिया।
स्वास्थ्य कार्यकर्त्री सुषमा राठौर ने किशोरियों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए एचपीवी  वैक्सीन के महत्व की जानकारी दी तथा अभिभावकों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए टीकाकरण के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या दीपिका राजपूत ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय की प्रगति में अभिभावकों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पीएम श्री योजना के अंतर्गत प्राप्त विभिन्न मदों के अनुदान, उनके उपयोग तथा वर्षभर संचालित की जाने वाली कार्ययोजना से अभिभावकों को अवगत कराया। साथ ही छात्राओं की शत प्रतिशत उपस्थिति, नामांकन वृद्धि, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, सुरक्षित एवं प्रेरणादायी विद्यालय वातावरण तथा छात्राओं के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया।
बैठक में अनेक अभिभावकों ने विद्यालय के विकास कार्यों में सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन विद्यालय एवं समुदाय के संयुक्त प्रयासों से छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के संकल्प के साथ हुआ। शिक्षिका निर्मला सिंह ने संचारी रोग से बचाव हेतु स्वच्छता के संबंध में शपथ ग्रहण कराई। छात्रा मन्नत में गीत गाकर सभी का स्वागत किया। इस अवसर पर वो अर्चना गुप्ता दीप्ति सिंह गुलशन जहाँ मौनी चौहान रीता मीनाक्षी आदि शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र को मिली विकास की रफ्तार : कृपाशंकर सिंह

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र के विकास को गति और पूर्णता मिली। महाराष्ट्र में डिजिटल क्रांति और कृषि सुधार की दिशा में मुख्यमंत्री द्वारा किए गए कार्य बेमिसाल हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के जन्मदिन पर सहयाद्री गेस्ट हाउस में उनका सम्मान करने के बाद महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि राज्य में रिकॉर्ड विदेशी पूंजी निवेश हुआ है। मुख्यमंत्री ने ई गवर्नेंस और जलयुक्त शिवार जैसी योजनाओं के माध्यम से गांव को पानी की समस्या से मुक्त कर दिया है। कृपाशंकर ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यों से प्रभावित दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्री भी आज महाराष्ट्र की योजनाओं को अपने राज्यों में लागू करने में लगे हैं। महाराष्ट्र ने महिलाओं को कानूनी रूप से किसानों का दर्जा देने के लिए जो क्रांतिकारी महिला किसान सशक्तिकरण अधिनियम पारित किया है, उसे कई अन्य राज्य अपने कृषि ढांचे में लागू करने पर विचार कर रहे हैं। कृपाशंकर ने कहा कि महाराष्ट्र भारत का पहला राज्य है जहां यह अधिनियम पारित किया गया है। इससे महिला सशक्तिकरण को ताकत मिलेगी।
43 प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर्स ने किया यूपी-112 मुख्यालय का भ्रमण
समझी आपातकालीन सेवाओं की आधुनिक कार्यप्रणाली

कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को स्मृति चिह्न भेंट किए गए

लखनऊ। उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी, लखनऊ में चल रहे डिप्टी कलेक्टर्स के 90वें आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत बुधवार को 43 प्रशिक्षु अधिकारियों ने यूपी-112 मुख्यालय का भ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य भविष्य के प्रशासनिक अधिकारियों को प्रदेश की आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली  और यूपी-112 की कार्यप्रणाली से प्रत्यक्ष रूप से अवगत कराना था। बुधवार को दोपहर 2:45 बजे यूपी-112 मुख्यालय पहुंचे प्रशिक्षु अधिकारियों का स्वागत किया गया। इसके बाद उन्हें मुख्यालय के विभिन्न महत्वपूर्ण अनुभागों का भ्रमण कराया गया और आपातकालीन सेवाओं की तकनीकी व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षु अधिकारियों ने सबसे पहले कॉल टेकिंग सेंटर  का निरीक्षण किया। यहां उन्हें आपातकालीन कॉल प्राप्त करने की प्रक्रिया, कॉल फ्लो और अन्य सहयोगी डेस्कों की कार्यप्रणाली के बारे में बताया गया। अधिकारियों ने जाना कि किसी भी आपात स्थिति में सूचना प्राप्त होने से लेकर सहायता पहुंचाने तक की पूरी प्रक्रिया किस तरह संचालित होती है। इसके बाद प्रशिक्षु अधिकारियों ने डीएस हॉल का भ्रमण किया, जहां उन्हें सीएडी एप्लीकेशन  की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। उन्हें बताया गया कि तकनीक के माध्यम से आपात सूचना मिलते ही किस प्रकार कम से कम समय में पीआरवी  को घटनास्थल के लिए रवाना किया जाता है। मुख्यालय स्थित प्रज्ञा कक्ष में प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए यूपी-112 की कार्यप्रणाली पर विशेष प्रस्तुति आयोजित की गई। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक (डीजी) यूपी-112 विनोद कुमार सिंह ने प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर्स से सीधा संवाद किया और उनके सवालों के जवाब दिए। डीजी यूपी-112 ने अपने संबोधन में आपातकालीन सेवाओं में त्वरित प्रतिक्रिया के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय को प्रभावी शासन व्यवस्था के लिए आवश्यक बताया। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को स्मृति चिह्न भेंट किए गए। इस भ्रमण के माध्यम से प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रदेश की अत्याधुनिक आपातकालीन सेवा व्यवस्था, तकनीकी संसाधनों और त्वरित सहायता प्रणाली की व्यवहारिक जानकारी प्राप्त हुई।
ताइक्वांडो कलर बेल्ट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली दो छात्राओं को कलर बेल्ट पहनाकर सम्मानित किया गया
संभल, चंदौसी। आज एबीसी किड्ज़ मॉन्टेसरी स्कूल, चंदौसी में आज ताइक्वांडो कलर बेल्ट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली दो छात्राओं को कलर बेल्ट पहनाकर सम्मानित किया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती संगीता भार्गव ने छात्राओं को बेल्ट पहनाकर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। सम्मानित होने वाली छात्राओं में एविशा ने ग्रीन बेल्ट तथा अंशवी ने येलो बेल्ट प्राप्त की। दोनों छात्राओं ने सफलतापूर्वक ताइक्वांडो कलर बेल्ट परीक्षा पास कर अपनी मेहनत और लगन का परिचय दिया। इस अवसर पर प्रधानाचार्या संगीता भार्गव ने कहा, "यदि ये दोनों बेटियां ताइक्वांडो सीख सकती हैं, तो अन्य छात्र-छात्राएं भी अवश्य सीख सकते हैं। आत्मरक्षा हमारे अपने हाथ में होती है। ताइक्वांडो केवल एक खेल नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और सुरक्षा का माध्यम है।" दोनों छात्राओं को पिछले काफी समय से अंकुश ताइक्वांडो क्लब के कोच अंकुश राणा द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उनकी मेहनत और निरंतर अभ्यास का परिणाम है कि दोनों खिलाड़ियों ने सफलतापूर्वक कलर बेल्ट परीक्षा उत्तीर्ण कर विद्यालय एवं अपने अभिभावकों का नाम रोशन किया। विद्यालय परिवार एवं अंकुश ताइक्वांडो क्लब ने दोनों छात्राओं को उनकी इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन की शुभकामनाएं दीं। इसमें स्कूल की काजल शालू निशा प्रिया सिल्की इशिता मनप्रीत रक्षा अर्शी कुमुद वंशिका हिमांशी आरती अध्या रूपाली शिल्पा मनप्रीत शिल्की अंकिता मीनू आदि शिक्षिकाओं का सहयोग रहा।
गुरु पूर्णिमा की तैयारियों का एसपी ने लिया जायजा, पड़ाव स्थित अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम का किया निरीक्षण
चंदौली  l गुरु पूर्णिमा पर्व के मद्देनज़र पुलिस अधीक्षक चंदौली आकाश पटेल ने पड़ाव स्थित अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम पहुंचकर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आश्रम परिसर, प्रवेश एवं निकास मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आश्रम पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी जाए और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न होने पाए। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान संबंधित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने भी व्यवस्थाओं की जानकारी दी और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए जा रहे इंतजामों से पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया।
तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्राली से कुचलकर महिला की मौत
पुत्र के साथ बाइक पर घरेलू सिलेंडर लेने जा रही थी मृतका

ब्यूरो रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।कोतवाली क्षेत्र के पाली रोड पर आगमपुर के निकट बुधवार की सुबह करीब 11 बजे पुत्र के साथ बाइक पर घरेलू गैस सिलेंडर लेने जा रही महिला की तेज रफ़्तार ट्रैक्टर ट्राली की चपेट मे आने से घटना स्थल पर ही मृत्यु हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे मे लेकर पंचनामा की कार्यवाही कर पोस्टमार्टम के लिए हरदोई भिजवाया है। अज्ञात ट्रैक्टर ट्राली चालक की पुलिस ने तलाश शुरू कर दी है।
      प्राप्त विवरण मे पाली थाना क्षेत्र के ग्राम दौलतपुर निवासी रामकली (55) पत्नी रामकरण अपने पुत्र धीरज के साथ बाइक संख्या यूपी 30 सीएच 4417 से सिरोमननगर गैस एजेंसी से घरेलू गैस सिलेंडर लेने जा रही थीं। थाना क्षेत्र के ग्राम आगमपुर के निकट सामने से आ रही तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक ने उसकी बाइक मे टक्कर मार दी। जिसमे रामकली की ट्राली से कुचलकर घटना स्थल पर ही मृत्यु हो गई। दुर्घटना के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पुलिस फरार चालक और ट्रैक्टर-ट्रॉली की तलाश में जुटी है।मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, गांव में शोक का माहौल व्याप्त है।
डीसीएम श्रीराम शुगर यूनिट ने आयोजित किया संयुक्त कृषक समारोह

ब्यूरो रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।डीसीएम श्रीराम लिमिटेड शुगर समूह द्वारा हरियाली आफिस शाहाबाद में रूपापुर, हरियावां और लोनी इकाइयों के किसानों सम्मान समारोह बुधवार को आयोजित किया। इस अवसर पर 154 किसानों को सम्मानित किया गया, कीर्तिमान स्थापित करने वाले किसानों में रूपापुर चीनी मिल के अमर सिंह S/O जयपाल सिंह, ग्राम महसूलापुर (2430 कु0/हे0), हरियावां चीनी मिल के रामचरन S/O खिवराज, ग्राम नूरूद्दीनपुर (2404 कु0/हे0) तथा लोनी चीनी मिल के रामप्रकाष S/O राम भरोसे, ग्राम भदेवनी (2128 कु0/हे0) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिन्होंने प्रति हेक्टेयर 1,500 क्विंटल से अधिक गन्ने की उपज प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।दो वर्ष पूर्व डीसीएम श्रीराम समूह ने सुख-समृद्धि का संकल्प, अधिक उपज ही एक विकल्प के नारे के साथ उपज बढ़ाओ अभियान’ प्रारंभ किया था। इस अभियान के अंतर्गत किसानों को विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण, वैज्ञानिक खेती की तकनीकों, उर्वरकों एवं जैविक खाद के संतुलित उपयोग, कृषि यंत्रों की उपलब्धता तथा रोग एवं कीट प्रबंधन संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इन सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम आज प्रतियोगिता के उत्कृष्ट परिणामों के रूप में सामने आया है।
       कार्यक्रम का उद्घाटन अपर गन्ना आयुक्त (विकास) वी.के. शुक्ल ने किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल किसानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देती हैं तथा किसानों की आय बढ़ाने के सरकारी प्रयासों को मजबूती प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि गन्ने की खेती को टिकाऊ और लाभकारी बनाने का सबसे प्रभावी उपाय अधिक पैदावार प्राप्त करना है। अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि गन्ना विभाग किसानों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सट्टा नीति 2025-26 से मशीनीकृत गन्ना कटाई तथा नए एवं लघु किसानों को प्राथमिकता के आधार पर गन्ना आपूर्ति का प्रावधान किया गया है। ताकि गन्ने की खेती को टिकाऊ एवं सरल बनाया जा सके। उन्होंने किसानों से अपना संपूर्ण गन्ना चीनी मिलों को ही आपूर्ति करने का आग्रह किया, जिससे उन्हें उचित मूल्य प्राप्त हो सके। साथ ही अवगत कराया कि सोसाइटी का नया सदस्य बनने की अंतिम तिथि 30 सितंबर, 2026 निर्धारित की गयी है।
      निदेशक, भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान(ISRI), लखनऊ डॉ. एस.एन. सुशील ने अधिक पैदावार के साथ-साथ गन्ने के रकबे में वृद्धि पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम किसानों को नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं और उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने किसानों से मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित पोषक तत्वों का प्रयोग, उच्च गुणवत्ता वाले बीज, समयबद्ध बुवाई, उचित सिंचाई प्रबंधन, जैविक एवं प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम उपयोग तथा रोग एवं कीटों की नियमित निगरानी करने का आह्वान किया। उप गन्ना आयुक्त (परिक्षेत्र-बरेली)  राजेश मिश्र ने विजेता किसानों की सफलता का श्रेय वैज्ञानिक पद्धति से की गई गन्ना खेती, मिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सतत मार्गदर्शन तथा किसानों की मेहनत को दिया। उन्होंने कहा कि आज गन्ना खेती केवल परिश्रम का ही नहीं, बल्कि विज्ञान, तकनीक और मौसम के अनुरूप योजनाबद्ध कृषि प्रबंधन का परिणाम है।
      इस अवसर पर डीसीएम श्रीराम लिमिटेड के शुगर एवं इथनॉल व्यवसाय के अधिशासी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी आर.एल. टामक ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास का मार्ग चीनी मिलों से होकर गुजरता है। उन्होंने कहा कि उपज बढ़ाने की इस पहल के माध्यम से गन्ना खेती को डिजिटल तकनीकों से जोड़ते हुए किसानों की आजीविका में निरंतर सुधार किया जा रहा है। यह अभियान गन्ना उद्योग में एक नई सोच का प्रतीक है, जिसने किसानों में नया उत्साह और आत्मविश्वास पैदा किया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की उपजाऊ भूमि, पर्याप्त जल संसाधन और अनुकूल जलवायु गन्ने की अधिक उपज के लिए अत्यंत उपयुक्त है, इसलिए यह अभियान प्रारंभ किया गया।
     इस अभियान के अंतर्गत कुल 289 किसानों ने प्रति हेक्टेयर 1,500 क्विंटल से अधिक गन्ने की उपज प्राप्त की। कार्यक्रम के दौरान सभी किसानों को तकनीकी जानकारी से युक्त एक विशेष पुस्तिका भी वितरित की गई, जिसमें वैज्ञानिक गन्ना खेती तथा पूर्ण मशीनीकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गई है।
     रोशन लाल टामक ने मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और उसकी सेहत सुधारने के लिए गोबर की खाद (FYM) एवं कम्पोस्ट के अधिकाधिक उपयोग पर बल दिया। उन्होंने बताया कि डीसीएम श्रीराम समूह ने प्रेसमड आधारित फर्मेंटेड ऑर्गेनिक खाद *’’फसल अमृत’’* का उत्पादन एवं वितरण भी प्रारंभ कर दिया है। उन्होंने किसानों से खेती की लागत कम करने के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों का अधिकाधिक उपयोग करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने बताया कि डीसीएम श्रीराम समूह प्रत्येक वर्ष कृषि यंत्र मेले का आयोजन करता है, जिसमें विभिन्न आधुनिक कृषि उपकरणों तथा उनके संचालन एवं रखरखाव का प्रदर्शन किया जाता है।
     कार्यक्रम में जिला गन्ना अधिकारी (हरदोई) एवं शाहजहांपुर, संबंधित गन्ना समिति के सचिव तथा ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक उपस्थित रहे।
डीसीएम श्रीराम समूह की ओर से अज़बापुर, रूपापुर, हरियावां एवं लोनी इकाइयों के इकाई प्रमुख, उप इकाई प्रमुख, विभागाध्यक्ष (गन्ना) तथा सभी अधिकारी एवं कर्मचारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
डी मॉनफॉर अकादमी के विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश, पौधारोपण कर बांटे कागज़ के लिफाफे
बहसूमा (मेरठ)। डी मॉनफॉर अकादमी में पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता अभियान के तहत विद्यार्थियों ने पौधारोपण और प्लास्टिक मुक्त समाज के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए समाज को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान कक्षा 8 के विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर में विभिन्न औषधीय पौधों का पौधारोपण किया। उन्होंने पौधों के औषधीय महत्व को समझते हुए परिसर को हरित बनाने का संकल्प लिया। वहीं कक्षा 9 के विद्यार्थियों ने कागज़ के लिफाफे तैयार कर रामराज क्षेत्र की दुकानों पर उनका वितरण किया। इस दौरान उन्होंने दुकानदारों को प्लास्टिक के थैलों से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान की जानकारी दी और कागज़ के लिफाफों के उपयोग के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करते हैं।

विद्यालय की निर्देशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने कहा कि बच्चों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ सामाजिक एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारियों का व्यावहारिक अनुभव भी मिलना चाहिए। विद्यालय के निर्देशक डॉ. के.के. शर्मा ने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा प्लास्टिक मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

उपप्रधानाचार्या श्रीमती ऋतु चिकारा ने विद्यार्थियों के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार
विद्यालय प्रांगण में एनसीसी सीनियर एवं जूनियर डिवीजन भर्ती सम्पन्न

आज नवजीवन इंटर कॉलेज, बहसूमा के विद्यालय प्रांगण में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के सीनियर एवं जूनियर डिवीजन की भर्ती प्रक्रिया सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। भर्ती में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

भर्ती प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता, स्वास्थ्य, अनुशासन एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप परीक्षण किया गया। इस अवसर पर कस्बे के एम.बी.बी.एस. चिकित्सक डॉ. पवन गोयल ने स्वास्थ्य परीक्षण में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। चयन प्रक्रिया पूर्णतः निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से सम्पन्न कराई गई।

विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट योगेश कुमार ने प्रतिभागी विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि एनसीसी युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, राष्ट्रभक्ति, सेवा भावना तथा आत्मविश्वास का विकास करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से एनसीसी के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रथम अधिकारी अतुल देव गौतम, रोहित कुमार, ललित कुमार, एनसीसी यूनिट से नायब सूबेदार शंकर सिंह एवं हवलदार विकल कुमार सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ ने भर्ती प्रक्रिया को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया तथा चयनित एवं प्रतिभागी सभी कैडेटों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
आलू के बेहतर विपणन एवं निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एफपीओ गठन, ग्रेडिंग एवं तकनीकी सहायता पर दिया गया जोर


फर्रुखाबाद ।जनपद में आलू के बेहतर विपणन, गुणवत्ता संवर्धन एवं निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), वाराणसी के सहयोग से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में एपीडा के बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर ने प्रतिभाग करते हुए कृषि उत्पादों के निर्यात की संभावनाओं एवं आवश्यक तकनीकी व्यवस्थाओं पर विस्तृत जानकारी दी।जिलाधिकारी ने जनपद के कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ई-जीएम (e-GM) पोर्टल पर जनपद का डाटा शीघ्र अपलोड कराने, गुणवत्तायुक्त बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा निर्यात योग्य गुणवत्तापूर्ण आलू के उत्पादन को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया।
जिलाधिकारी ने फर्रुखाबाद में आलू आधारित कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) के गठन, आधुनिक ग्रेडिंग, पैकेजिंग एवं सॉर्टिंग व्यवस्था विकसित करने तथा किसानों एवं व्यापारियों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक विशेष एफपीओ केवल आलू उत्पादन, गुणवत्ता संवर्धन एवं विपणन के क्षेत्र में कार्य करे, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके, इसके साथ ही जनपद में मैंगो पल्प यूनिट स्थापित किए जाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
     बैठक में बताया गया कि जनपद में लगभग 43,400 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू तथा 16.75 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आम की खेती की जाती है। जनपद में प्रतिवर्ष लगभग 15.53 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन होता है, जिससे फर्रुखाबाद प्रदेश के प्रमुख आलू उत्पादक जनपदों में शामिल है। एपीडा द्वारा कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए पंजीकरण, तकनीकी मार्गदर्शन, बाजार विश्लेषण, प्रशिक्षण एवं विपणन संबंधी विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
      बैठक में बताया गया कि निर्यात के लिए 45 से 80 मिलीमीटर आकार के साफ, चिकने, बिना दाग-धब्बे तथा बिना कटे-फटे आलू की अधिक मांग रहती है, साथ ही निर्यातकों को परिवहन भाड़े पर 25 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराने का भी प्रावधान है, जिससे निर्यात को और अधिक गति मिल सकती है।
      आलू विकास अधिकारी ने किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों का संतुलित प्रयोग किया जाए तथा वर्मी कम्पोस्ट, गोबर की खाद एवं ढैंचा जैसी हरित खादों का उपयोग बढ़ाया जाए, उन्होंने बताया कि स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली अपनाने से जल संरक्षण के साथ-साथ उत्पादन एवं गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होता है। जिलाधिकारी ने उपनिदेशक कृषि (प्रसार) कार्यालय को किसानों को मिट्टी परीक्षण रिपोर्ट समय से उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
      बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि फर्रुखाबाद का आलू वर्तमान में सऊदी अरब, नेपाल, ओमान, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) तथा श्रीलंका सहित विभिन्न देशों को निर्यात किया जा रहा है, हाल ही में रूस से 'कुफरी बहार' किस्म के आलू की मांग प्राप्त हुई है तथा इराक द्वारा भी भारत से आलू आयात को स्वीकृति प्रदान की गई है। ऐसे में जनपद के किसानों के लिए निर्यात की संभावनाएं और अधिक बढ़ी हैं।
एपीडा के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में एपीडा से अनुमोदित छह पैकिंग सेंटर संचालित हैं तथा वाराणसी स्थित एपीडा कार्यालय से किसान एवं निर्यातक तकनीकी एवं विपणन संबंधी आवश्यक सहयोग प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने जनपद का डाटा नियमित रूप से पोर्टल पर अद्यतन करने तथा तकनीकी टीम को और अधिक सक्रिय बनाने पर भी बल दिया।
      बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सहित कृषि, उद्यान एवं अन्य संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन, अभिभावकों ने विद्यालय विकास में सहयोग का लिया संकल्प
फर्रुखाबाद । पीएम श्री महीयसी महादेवी वर्मा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, फतेहगढ़ में बुधवार को विद्यालय प्रबंधन समिति के गठन हेतु अभिभावकों की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में लगभग 150 अभिभावकों ने सहभागिता करते हुए विद्यालय के विकास एवं छात्राओं के शैक्षिक उत्थान के लिए अपने सुझाव दिए।
बैठक में सर्वसम्मति से मनोज प्रकाश को विद्यालय प्रबंधन समिति का अध्यक्ष नामित किया गया। समिति में शिक्षाविद् के रूप में पूर्व प्रधानाचार्या मीना यादव, पुरातन छात्रा सदस्य के रूप में रिचा तिवारी, स्वास्थ्य कार्यकर्त्री सुषमा राठौर तथा अभिभावक सदस्य सुरेंद्र कुमार सहित अन्य सदस्यों का चयन किया गया। शिक्षक सदस्यों के रूप में शैलजा मौर्य, ज्योति एवं आरती यादव उपस्थित रहीं।
समिति के गठन के उपरांत विद्यालय की वार्षिक कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में माइनर रिपेयरिंग के अंतर्गत विद्यालय भवन की छत की मरम्मत, फर्नीचर की मरम्मत सहित अन्य आवश्यक कार्यों को कराने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
इस दौरान इको क्लब, गणित-विज्ञान क्लब एवं करियर क्लब की प्रभारी शिक्षिकाओं ने शासन द्वारा संचालित विभिन्न शैक्षिक एवं सह-शैक्षिक गतिविधियों की जानकारी देते हुए छात्राओं की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने पर बल दिया।
स्वास्थ्य कार्यकर्त्री सुषमा राठौर ने किशोरियों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए एचपीवी  वैक्सीन के महत्व की जानकारी दी तथा अभिभावकों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए टीकाकरण के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या दीपिका राजपूत ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय की प्रगति में अभिभावकों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पीएम श्री योजना के अंतर्गत प्राप्त विभिन्न मदों के अनुदान, उनके उपयोग तथा वर्षभर संचालित की जाने वाली कार्ययोजना से अभिभावकों को अवगत कराया। साथ ही छात्राओं की शत प्रतिशत उपस्थिति, नामांकन वृद्धि, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, सुरक्षित एवं प्रेरणादायी विद्यालय वातावरण तथा छात्राओं के सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया।
बैठक में अनेक अभिभावकों ने विद्यालय के विकास कार्यों में सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन विद्यालय एवं समुदाय के संयुक्त प्रयासों से छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के संकल्प के साथ हुआ। शिक्षिका निर्मला सिंह ने संचारी रोग से बचाव हेतु स्वच्छता के संबंध में शपथ ग्रहण कराई। छात्रा मन्नत में गीत गाकर सभी का स्वागत किया। इस अवसर पर वो अर्चना गुप्ता दीप्ति सिंह गुलशन जहाँ मौनी चौहान रीता मीनाक्षी आदि शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र को मिली विकास की रफ्तार : कृपाशंकर सिंह

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महाराष्ट्र के विकास को गति और पूर्णता मिली। महाराष्ट्र में डिजिटल क्रांति और कृषि सुधार की दिशा में मुख्यमंत्री द्वारा किए गए कार्य बेमिसाल हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के जन्मदिन पर सहयाद्री गेस्ट हाउस में उनका सम्मान करने के बाद महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि राज्य में रिकॉर्ड विदेशी पूंजी निवेश हुआ है। मुख्यमंत्री ने ई गवर्नेंस और जलयुक्त शिवार जैसी योजनाओं के माध्यम से गांव को पानी की समस्या से मुक्त कर दिया है। कृपाशंकर ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यों से प्रभावित दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्री भी आज महाराष्ट्र की योजनाओं को अपने राज्यों में लागू करने में लगे हैं। महाराष्ट्र ने महिलाओं को कानूनी रूप से किसानों का दर्जा देने के लिए जो क्रांतिकारी महिला किसान सशक्तिकरण अधिनियम पारित किया है, उसे कई अन्य राज्य अपने कृषि ढांचे में लागू करने पर विचार कर रहे हैं। कृपाशंकर ने कहा कि महाराष्ट्र भारत का पहला राज्य है जहां यह अधिनियम पारित किया गया है। इससे महिला सशक्तिकरण को ताकत मिलेगी।
43 प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर्स ने किया यूपी-112 मुख्यालय का भ्रमण
समझी आपातकालीन सेवाओं की आधुनिक कार्यप्रणाली

कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को स्मृति चिह्न भेंट किए गए

लखनऊ। उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी, लखनऊ में चल रहे डिप्टी कलेक्टर्स के 90वें आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत बुधवार को 43 प्रशिक्षु अधिकारियों ने यूपी-112 मुख्यालय का भ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य भविष्य के प्रशासनिक अधिकारियों को प्रदेश की आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली  और यूपी-112 की कार्यप्रणाली से प्रत्यक्ष रूप से अवगत कराना था। बुधवार को दोपहर 2:45 बजे यूपी-112 मुख्यालय पहुंचे प्रशिक्षु अधिकारियों का स्वागत किया गया। इसके बाद उन्हें मुख्यालय के विभिन्न महत्वपूर्ण अनुभागों का भ्रमण कराया गया और आपातकालीन सेवाओं की तकनीकी व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षु अधिकारियों ने सबसे पहले कॉल टेकिंग सेंटर  का निरीक्षण किया। यहां उन्हें आपातकालीन कॉल प्राप्त करने की प्रक्रिया, कॉल फ्लो और अन्य सहयोगी डेस्कों की कार्यप्रणाली के बारे में बताया गया। अधिकारियों ने जाना कि किसी भी आपात स्थिति में सूचना प्राप्त होने से लेकर सहायता पहुंचाने तक की पूरी प्रक्रिया किस तरह संचालित होती है। इसके बाद प्रशिक्षु अधिकारियों ने डीएस हॉल का भ्रमण किया, जहां उन्हें सीएडी एप्लीकेशन  की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। उन्हें बताया गया कि तकनीक के माध्यम से आपात सूचना मिलते ही किस प्रकार कम से कम समय में पीआरवी  को घटनास्थल के लिए रवाना किया जाता है। मुख्यालय स्थित प्रज्ञा कक्ष में प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए यूपी-112 की कार्यप्रणाली पर विशेष प्रस्तुति आयोजित की गई। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक (डीजी) यूपी-112 विनोद कुमार सिंह ने प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर्स से सीधा संवाद किया और उनके सवालों के जवाब दिए। डीजी यूपी-112 ने अपने संबोधन में आपातकालीन सेवाओं में त्वरित प्रतिक्रिया के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय को प्रभावी शासन व्यवस्था के लिए आवश्यक बताया। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को स्मृति चिह्न भेंट किए गए। इस भ्रमण के माध्यम से प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रदेश की अत्याधुनिक आपातकालीन सेवा व्यवस्था, तकनीकी संसाधनों और त्वरित सहायता प्रणाली की व्यवहारिक जानकारी प्राप्त हुई।
ताइक्वांडो कलर बेल्ट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली दो छात्राओं को कलर बेल्ट पहनाकर सम्मानित किया गया
संभल, चंदौसी। आज एबीसी किड्ज़ मॉन्टेसरी स्कूल, चंदौसी में आज ताइक्वांडो कलर बेल्ट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली दो छात्राओं को कलर बेल्ट पहनाकर सम्मानित किया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती संगीता भार्गव ने छात्राओं को बेल्ट पहनाकर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। सम्मानित होने वाली छात्राओं में एविशा ने ग्रीन बेल्ट तथा अंशवी ने येलो बेल्ट प्राप्त की। दोनों छात्राओं ने सफलतापूर्वक ताइक्वांडो कलर बेल्ट परीक्षा पास कर अपनी मेहनत और लगन का परिचय दिया। इस अवसर पर प्रधानाचार्या संगीता भार्गव ने कहा, "यदि ये दोनों बेटियां ताइक्वांडो सीख सकती हैं, तो अन्य छात्र-छात्राएं भी अवश्य सीख सकते हैं। आत्मरक्षा हमारे अपने हाथ में होती है। ताइक्वांडो केवल एक खेल नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और सुरक्षा का माध्यम है।" दोनों छात्राओं को पिछले काफी समय से अंकुश ताइक्वांडो क्लब के कोच अंकुश राणा द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उनकी मेहनत और निरंतर अभ्यास का परिणाम है कि दोनों खिलाड़ियों ने सफलतापूर्वक कलर बेल्ट परीक्षा उत्तीर्ण कर विद्यालय एवं अपने अभिभावकों का नाम रोशन किया। विद्यालय परिवार एवं अंकुश ताइक्वांडो क्लब ने दोनों छात्राओं को उनकी इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए भविष्य में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन की शुभकामनाएं दीं। इसमें स्कूल की काजल शालू निशा प्रिया सिल्की इशिता मनप्रीत रक्षा अर्शी कुमुद वंशिका हिमांशी आरती अध्या रूपाली शिल्पा मनप्रीत शिल्की अंकिता मीनू आदि शिक्षिकाओं का सहयोग रहा।
गुरु पूर्णिमा की तैयारियों का एसपी ने लिया जायजा, पड़ाव स्थित अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम का किया निरीक्षण
चंदौली  l गुरु पूर्णिमा पर्व के मद्देनज़र पुलिस अधीक्षक चंदौली आकाश पटेल ने पड़ाव स्थित अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम पहुंचकर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आश्रम परिसर, प्रवेश एवं निकास मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आश्रम पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी जाए और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न होने पाए। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान संबंधित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने भी व्यवस्थाओं की जानकारी दी और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए जा रहे इंतजामों से पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया।
तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्राली से कुचलकर महिला की मौत
पुत्र के साथ बाइक पर घरेलू सिलेंडर लेने जा रही थी मृतका

ब्यूरो रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।कोतवाली क्षेत्र के पाली रोड पर आगमपुर के निकट बुधवार की सुबह करीब 11 बजे पुत्र के साथ बाइक पर घरेलू गैस सिलेंडर लेने जा रही महिला की तेज रफ़्तार ट्रैक्टर ट्राली की चपेट मे आने से घटना स्थल पर ही मृत्यु हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे मे लेकर पंचनामा की कार्यवाही कर पोस्टमार्टम के लिए हरदोई भिजवाया है। अज्ञात ट्रैक्टर ट्राली चालक की पुलिस ने तलाश शुरू कर दी है।
      प्राप्त विवरण मे पाली थाना क्षेत्र के ग्राम दौलतपुर निवासी रामकली (55) पत्नी रामकरण अपने पुत्र धीरज के साथ बाइक संख्या यूपी 30 सीएच 4417 से सिरोमननगर गैस एजेंसी से घरेलू गैस सिलेंडर लेने जा रही थीं। थाना क्षेत्र के ग्राम आगमपुर के निकट सामने से आ रही तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली के चालक ने उसकी बाइक मे टक्कर मार दी। जिसमे रामकली की ट्राली से कुचलकर घटना स्थल पर ही मृत्यु हो गई। दुर्घटना के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पुलिस फरार चालक और ट्रैक्टर-ट्रॉली की तलाश में जुटी है।मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, गांव में शोक का माहौल व्याप्त है।
डीसीएम श्रीराम शुगर यूनिट ने आयोजित किया संयुक्त कृषक समारोह

ब्यूरो रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।डीसीएम श्रीराम लिमिटेड शुगर समूह द्वारा हरियाली आफिस शाहाबाद में रूपापुर, हरियावां और लोनी इकाइयों के किसानों सम्मान समारोह बुधवार को आयोजित किया। इस अवसर पर 154 किसानों को सम्मानित किया गया, कीर्तिमान स्थापित करने वाले किसानों में रूपापुर चीनी मिल के अमर सिंह S/O जयपाल सिंह, ग्राम महसूलापुर (2430 कु0/हे0), हरियावां चीनी मिल के रामचरन S/O खिवराज, ग्राम नूरूद्दीनपुर (2404 कु0/हे0) तथा लोनी चीनी मिल के रामप्रकाष S/O राम भरोसे, ग्राम भदेवनी (2128 कु0/हे0) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जिन्होंने प्रति हेक्टेयर 1,500 क्विंटल से अधिक गन्ने की उपज प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।दो वर्ष पूर्व डीसीएम श्रीराम समूह ने सुख-समृद्धि का संकल्प, अधिक उपज ही एक विकल्प के नारे के साथ उपज बढ़ाओ अभियान’ प्रारंभ किया था। इस अभियान के अंतर्गत किसानों को विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण, वैज्ञानिक खेती की तकनीकों, उर्वरकों एवं जैविक खाद के संतुलित उपयोग, कृषि यंत्रों की उपलब्धता तथा रोग एवं कीट प्रबंधन संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इन सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम आज प्रतियोगिता के उत्कृष्ट परिणामों के रूप में सामने आया है।
       कार्यक्रम का उद्घाटन अपर गन्ना आयुक्त (विकास) वी.के. शुक्ल ने किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल किसानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देती हैं तथा किसानों की आय बढ़ाने के सरकारी प्रयासों को मजबूती प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि गन्ने की खेती को टिकाऊ और लाभकारी बनाने का सबसे प्रभावी उपाय अधिक पैदावार प्राप्त करना है। अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि गन्ना विभाग किसानों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सट्टा नीति 2025-26 से मशीनीकृत गन्ना कटाई तथा नए एवं लघु किसानों को प्राथमिकता के आधार पर गन्ना आपूर्ति का प्रावधान किया गया है। ताकि गन्ने की खेती को टिकाऊ एवं सरल बनाया जा सके। उन्होंने किसानों से अपना संपूर्ण गन्ना चीनी मिलों को ही आपूर्ति करने का आग्रह किया, जिससे उन्हें उचित मूल्य प्राप्त हो सके। साथ ही अवगत कराया कि सोसाइटी का नया सदस्य बनने की अंतिम तिथि 30 सितंबर, 2026 निर्धारित की गयी है।
      निदेशक, भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान(ISRI), लखनऊ डॉ. एस.एन. सुशील ने अधिक पैदावार के साथ-साथ गन्ने के रकबे में वृद्धि पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम किसानों को नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं और उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने किसानों से मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित पोषक तत्वों का प्रयोग, उच्च गुणवत्ता वाले बीज, समयबद्ध बुवाई, उचित सिंचाई प्रबंधन, जैविक एवं प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम उपयोग तथा रोग एवं कीटों की नियमित निगरानी करने का आह्वान किया। उप गन्ना आयुक्त (परिक्षेत्र-बरेली)  राजेश मिश्र ने विजेता किसानों की सफलता का श्रेय वैज्ञानिक पद्धति से की गई गन्ना खेती, मिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सतत मार्गदर्शन तथा किसानों की मेहनत को दिया। उन्होंने कहा कि आज गन्ना खेती केवल परिश्रम का ही नहीं, बल्कि विज्ञान, तकनीक और मौसम के अनुरूप योजनाबद्ध कृषि प्रबंधन का परिणाम है।
      इस अवसर पर डीसीएम श्रीराम लिमिटेड के शुगर एवं इथनॉल व्यवसाय के अधिशासी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी आर.एल. टामक ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास का मार्ग चीनी मिलों से होकर गुजरता है। उन्होंने कहा कि उपज बढ़ाने की इस पहल के माध्यम से गन्ना खेती को डिजिटल तकनीकों से जोड़ते हुए किसानों की आजीविका में निरंतर सुधार किया जा रहा है। यह अभियान गन्ना उद्योग में एक नई सोच का प्रतीक है, जिसने किसानों में नया उत्साह और आत्मविश्वास पैदा किया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की उपजाऊ भूमि, पर्याप्त जल संसाधन और अनुकूल जलवायु गन्ने की अधिक उपज के लिए अत्यंत उपयुक्त है, इसलिए यह अभियान प्रारंभ किया गया।
     इस अभियान के अंतर्गत कुल 289 किसानों ने प्रति हेक्टेयर 1,500 क्विंटल से अधिक गन्ने की उपज प्राप्त की। कार्यक्रम के दौरान सभी किसानों को तकनीकी जानकारी से युक्त एक विशेष पुस्तिका भी वितरित की गई, जिसमें वैज्ञानिक गन्ना खेती तथा पूर्ण मशीनीकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गई है।
     रोशन लाल टामक ने मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और उसकी सेहत सुधारने के लिए गोबर की खाद (FYM) एवं कम्पोस्ट के अधिकाधिक उपयोग पर बल दिया। उन्होंने बताया कि डीसीएम श्रीराम समूह ने प्रेसमड आधारित फर्मेंटेड ऑर्गेनिक खाद *’’फसल अमृत’’* का उत्पादन एवं वितरण भी प्रारंभ कर दिया है। उन्होंने किसानों से खेती की लागत कम करने के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों का अधिकाधिक उपयोग करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने बताया कि डीसीएम श्रीराम समूह प्रत्येक वर्ष कृषि यंत्र मेले का आयोजन करता है, जिसमें विभिन्न आधुनिक कृषि उपकरणों तथा उनके संचालन एवं रखरखाव का प्रदर्शन किया जाता है।
     कार्यक्रम में जिला गन्ना अधिकारी (हरदोई) एवं शाहजहांपुर, संबंधित गन्ना समिति के सचिव तथा ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक उपस्थित रहे।
डीसीएम श्रीराम समूह की ओर से अज़बापुर, रूपापुर, हरियावां एवं लोनी इकाइयों के इकाई प्रमुख, उप इकाई प्रमुख, विभागाध्यक्ष (गन्ना) तथा सभी अधिकारी एवं कर्मचारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।