सोनभद्र में ससुराल आए दंपति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पति फंदे पर तो पत्नी चारपाई पर मृत मिली
कमरे में मिला चार साल का सहमा हुआ मासूम; महिला के मुंह से झाग निकलने की चर्चा, जांच में जुटी पुलिस

विकास कुमार सोनभद्र।थाना क्षेत्र के रायपुर गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब ससुराल आए एक युवा दंपति के शव संदिग्ध परिस्थितियों में घर के भीतर पाए गए। पति का शव कमरे में धरण (फंदे) से लटका हुआ था, जबकि उसकी पत्नी का शव पास ही चारपाई पर बेसुध पड़ा मिला। इस दोहरी मौत की खबर जंगल की आग की तरह फैली और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। दिल दहला देने वाली इस घटना के वक्त घर में कोई अन्य बड़ा सदस्य मौजूद नहीं था।

कमरे में रोता मिला चार वर्षीय मासूम, मुंह से झाग निकलने की चर्चा
घटनास्थल का नजारा बेहद खौफनाक था। बदहवास कमरे के भीतर दंपति का चार साल का मासूम बेटा अकेले सदमे की हालत में मिला, जो माता-पिता की इस हालत से पूरी तरह अनजान और सहमा हुआ था। स्थानीय लोगों के बीच दबी जुबान में यह चर्चा है कि मृतका के मुंह और नाक से झाग निकल रहा था, जो किसी जहरीले पदार्थ के सेवन की ओर इशारा करता है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

पारिवारिक कलह या कुछ और? पुलिस हर एंगल से खंगाल रही है सुराग

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घटना के पीछे पति-पत्नी के बीच हुआ कोई गहरा विवाद बताया जा रहा है। वारदात के समय घर के अन्य सदस्यों का बाहर होना और अचानक दोनों की मौत हो जाना कई अनसुलझे सवाल खड़े कर रहा है। शुरुआती कयासों में इसे आपसी झगड़े के बाद आत्मघाती कदम (मर्डर और सुसाइड का एंगल) के रूप में देखा जा रहा है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
सूचना मिलते ही रायपुर थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद दोनों शवों को फंदे और चारपाई से नीचे उतारा और कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामला बेहद संवेदनशील है। फॉरेंसिक टीम और पुलिस सभी पहलुओं और साक्ष्यों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। मौत की असली वजह और घटनाक्रम की सटीक कड़ियां पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेंगी।
सोनभद्र: सोन नदी में नहाने गए दो मासूम डूबे, चीख-पुकार के बीच NDRF और पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी
विकास कुमार सोनभद्र। जनपद के चोपन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मीतापुर में बुधवार की सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। परिवार की महिलाओं के साथ सोन नदी में नहाने गए दो मासूम बच्चों के गहरे पानी में डूब जाने से गांव में मातम पसर गया है। घटना के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पैर फिसलने से गहरे पानी में समाए मासूम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह लगभग 9:30 बजे मीतापुर निवासी बोल बम केवट (16 वर्ष) पुत्र लोधी केवट तथा दीपक केवट (10 वर्ष) पुत्र भगवान दास केवट, परिवार की महिलाओं के साथ सोन नदी के मीतापुर घाट पर स्नान करने गए थे। नदी में नहाने के दौरान अचानक दोनों बच्चों का संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने के कारण वे गहरे पानी में चले गए। देखते ही देखते दोनों बच्चे नदी की तेज धारा में लापता हो गए। साथ मौजूद महिलाओं ने शोर मचाकर उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण वे असफल रहीं। महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और नदी में बच्चों की खोजबीन शुरू की।

परिजनों में कोहराम, गांव में पसरा सन्नाटा
जैसे ही यह खबर गांव में फैली, नदी किनारे सैकड़ों ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। अपने जिगर के टुकड़ों के डूबने की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। माता-पिता और सगे-संबंधियों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे मीतापुर गांव का माहौल गमगीन हो चुका है और हर कोई बच्चों की कुशलता के लिए प्रार्थना कर रहा है।

पुलिस और NDRF की टीमें तलाश में जुटीं
स्थानीय ग्रामीणों की सूचना पर चोपन थाना पुलिस तत्काल बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करवाया। मामले की संवेदनशीलता और पानी की गहराई को देखते हुए प्रशासन द्वारा एनडीआरएफ (NDRF) की टीम को भी तत्काल बुला लिया गया है।

समाचार लिखे जाने तक दोनों बच्चों का सुराग नहीं लग सका था। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य है। स्थानीय गोताखोरों और एनडीआरएफ की मदद से महा-सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बच्चों को ढूंढने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
घने जंगल में जिंदगी और मौत के बीच फंसा था वाराणसी का चालक, पुलिस और समाजसेवियों ने बचाई जान
विकास कुमार


सोनभद्र।जनपद के हाथीनाला-हथवानी मुख्य मार्ग पर शनिवार, 20 जून 2026 को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक तेज रफ्तार भारी टैंकर और ट्रक के बीच सीधी और भीषण भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह पिचक गए। इस दर्दनाक हादसे में ट्रक चालक केबिन के मलबे में ही जिंदगी और मौत के बीच फंस गया।
घने जंगल के बीच हुए इस हादसे में यदि समय पर मदद न मिलती तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। लेकिन स्थानीय समाजसेवियों और हाथीनाला पुलिस ने संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दुर्घटना के फौरन बाद वहां से गुजर रहे स्थानीय राहगीरों ने इसकी सूचना सामाजिक कार्यकर्ताओं को दी। सूचना मिलते ही सेवादार बिना एक पल गंवाए रेणुकूट से 12 किलोमीटर दूर घने जंगली इलाके में स्थित दुर्घटनास्थल की ओर रवाना हो गए।

टीम ने रास्ते में ही स्थानीय हाथीनाला पुलिस को हादसे की सटीक जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस बल भी मुस्तैदी के साथ मौके पर पहुंच गया। मलबे में लहूलुहान हालत में फंसे चालक को पुलिस और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सूझबूझ से सुरक्षित बाहर निकाला। केबिन से रेस्क्यू किए गए गंभीर रूप से घायल ट्रक चालक की पहचान उत्तर प्रदेश के वाराणसी (बनारस) जिले के निवासी के रूप में हुई है।
घायल चालक को एम्बुलेंस के जरिए पुलिस की मौजूदगी में तत्काल लोढ़ी जिला अस्पताल भिजवाया गया, जहां उसकी स्थिति पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं। इसके साथ ही चालक के पास मिले नंबरों के आधार पर वाराणसी में उसके परिजनों को भी एक्सीडेंट की सूचना दे दी गई है।

इस सफल और जीवन रक्षक रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने के बाद संस्था के प्रमुख संरक्षक विजय प्रताप सिंह उर्फ डब्लू सिंह ने सोशल मीडिया पर क्षेत्रवासियों और डिजिटल मीडिया के साथियों से एक बेहद भावुक अपील की है। उन्होंने कहा "प्रिय साथियों, समाज के प्रति सही दिशा में लगातार निस्वार्थ सेवाभाव का कार्य चल रहा है। संकट की इस भीषण घड़ी में हमारी पूरी टीम ने मुस्तैदी से अपना मानवीय फर्ज निभाया है। यदि आपको हमारा यह प्रयास, दौड़-भाग और सेवाभाव सही लगता है, तो इस जानकारी को अधिक से अधिक शेयर करें ताकि समाज में अन्य लोग भी संकट में फंसे इंसानों की मदद के लिए प्रेरित हो सकें। मैं डब्लू सिंह, सदैव आपकी सेवा में तत्पर हूँ।"

आपको बताते चलें कि घने जंगल के बीच 12 किलोमीटर दूर दौड़कर पहुंचना और पुलिस के समन्वय से एक घायल की जान बचाना वाकई सराहनीय है। हाथीनाला पुलिस और स्थानीय समाजसेवियों के इस त्वरित कदम की क्षेत्र में हर कोई तारीफ कर रहा है।
सोनभद्र: आंधी-बारिश के बीच वज्रपात का कहर, आकाशीय बिजली की चपेट में आने से पांच लोग झुलसे

विकास कुमार दुद्धी सोनभद्र। प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला। शाम करीब साढ़े चार बजे आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के दौरान आकाशीय बिजली (वज्रपात) के झटके से अलग-अलग गांवों में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए 108 एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दुद्धी में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है

अलग-अलग गांवों में ऐसे हुआ हादसा:
  ग्राम डुमरडीहा निवासी सुनीता देवी (38) पत्नी ओमप्रकाश अपने घर की खिड़की के पास बैठी थीं। इसी दौरान अचानक कड़कड़ाती हुई बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से वह बुरी तरह झुलस गईं।ग्राम बघाडू में बेबी देवी (32) पत्नी विनय अपने बच्चों के साथ घर के बाहरी कमरे में मौजूद थीं। बिजली के जोरदार झटके के असर से बेबी देवी मौके पर ही अचेत (बेहोश) हो गईं, हालांकि गनीमत रही कि उनके साथ मौजूद बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं। सबसे दुखद वाकया बरखोहरा गांव में हुआ, जहां एक ही परिवार के तीन सदस्य वज्रपात का शिकार हो गए। अमरनाथ की पत्नी मनीषा देवी (28), पुत्री नंदनी (8) और माता शकुंतला देवी (45) घर के अंदर बैठकर भोजन कर रहे थे, तभी बिजली के तेज झटके ने तीनों को अपनी चपेट में ले लिया।

सीएचसी दुद्धी में लाए गए सभी पांचों मरीजों का त्वरित संज्ञान लेते हुए प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया गया है। फिलहाल सभी की स्थिति नियंत्रण में और सामान्य है। डरने की कोई बात नहीं है, हमारी टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।"

प्रशासन व डॉक्टरों की अपील
मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए डॉक्टरों और स्थानीय प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि तेज कड़क और तूफान के दौरान घरों से बाहर न निकलें। खिड़की-दरवाजों से दूर रहें और किसी भी हाल में खुले मैदान या पेड़ों के नीचे शरण न लें। सुरिक्षत पक्के मकानों में रहना ही बचाव का एकमात्र उपाय है।
वोर्टेक्स कप 2026 के सिर सजा ताज आर्यन बिल्ली ओबरा बना चैंपियन, फाइनल में सुपर किंग हार
विकास कुमार ओबरा

सोनभद्र।स्थानीय खेल मैदान पर दूधिया रोशनी (फ्लड लाइट्स) के बीच खेले गए प्रतिष्ठित 'वोर्टेक्स कप 2026' रात्रिकालीन टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता का भव्य और रोमांचक समापन हो गया। फाइनल के इस महामुकाबले में आर्यन बिल्ली ओबरा ने अपनी सटीक रणनीति और उत्कृष्ट खेल भावना के बूते सुपर किंग को 6 विकेट से करारी शिकस्त देकर खिताबी ट्रॉफी पर अपना नाम लिखवा लिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही विजेता टीम और उसके प्रशंसकों में जश्न का माहौल है।

मुकाबले की शुरुआत टॉस से हुई, जिसे आर्यन बिल्ली ओबरा के कप्तान ने जीता और पिच की स्थिति को देखते हुए पहले गेंदबाजी करने का साहसिक निर्णय लिया। कप्तान का यह फैसला टीम के गेंदबाजों ने बिल्कुल सही साबित कर दिखाया।

धारदार गेंदबाजी के आगे पस्त हुई सुपर किंग, मिला आसान लक्ष्य
पहले बल्लेबाजी करने उतरी सुपर किंग की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। आर्यन बिल्ली ओबरा के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही कसी हुई और धारदार गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बना दिया और उन्हें खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया। इस कड़े दबाव के आगे सुपर किंग के विकेट नियमित अंतराल पर गिरते रहे। निर्धारित 8 ओवरों के इस सीमित मुकाबले में पूरी टीम महज 9 विकेट खोकर सिर्फ 42 रन ही बना सकी।

इस तरह आर्यन बिल्ली ओबरा के सामने जीत के लिए 43 रनों का बेहद साधारण लक्ष्य था। जवाब में, 43 रनों के छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी आर्यन बिल्ली ओबरा की शुरुआत सधी हुई रही। हालांकि, सुपर किंग के गेंदबाजों ने शुरुआती झटके देकर मैच में वापसी की पुरजोर कोशिश की, लेकिन आर्यन बिल्ली के बल्लेबाजों ने अपना धैर्य नहीं खोया। टीम ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए 7 ओवरों में मात्र 4 विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर लिया और 6 विकेट शेष रहते टूर्नामेंट के सरताज बन गए।

पुरस्कारों की बौछार: चंद्रप्रकाश बने 'मैन ऑफ द मैच', विजेता को मिले 51 हजार
मैच की समाप्ति के बाद आयोजित भव्य पुरस्कार वितरण समारोह में खिलाड़ियों पर इनामों की भारी बारिश हुई। फाइनल मुकाबले में अपनी धारदार गेंदबाजी और शानदार प्रदर्शन से टीम को जीत दिलाने वाले आर्यन बिल्ली ओबरा के खिलाड़ी चंद्रप्रकाश को दलवीर समरा और मुजफ्फर खान की ओर से मैन ऑफ द मैच' के प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया।

विजेता टीम की हौसला अफजाई करते हुए मुख्य अतिथि रमेश सिंह की तरफ से ₹51,000 का बंपर नकद पुरस्कार दिया गया, जबकि उप-विजेता (सुपर किंग) को वोर्टेक्स की तरफ से ₹25,000 की नकद राशि सौंपी गई।

मुख्य और विशिष्ट अतिथियों ने बढ़ाया खिलाड़ियों का मान
इस रात्रिकालीन महामुकाबले का गवाह बनने के लिए मैदान पर भारी संख्या में खेल प्रेमी और क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद थे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रमेश सिंह के प्रतिनिधि दीपक केशरी एवं तस्लीम खान ने मैदान पर पहुंचकर दोनों टीमों के खिलाड़ियों की पीठ थपथपाई।

वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष (रेणुकूट) निशा बबलू सिंह, अजय प्रताप सिंह (ओबरा तापीय परियोजना), राष्ट्रीय खिलाड़ी रमेश सिंह यादव, अमरजीत कुमार, संतोष साहनी, समाजसेवी डब्लू सिंह (रेणुकूट) और गोविंदा जायसवाल ने संयुक्त रूप से खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के रात्रिकालीन आयोजनों से स्थानीय खेल प्रतिभाओं को निखरने और आगे बढ़ने का एक बेहतरीन मंच मिलता है।

प्रतियोगिता को पूरी तरह निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए आयोजन समिति की जमकर तारीफ हो रही है। पूरे टूर्नामेंट के दौरान इन प्रमुख चेहरों ने मुख्य कमान संभाली नेतृत्व में राजेश पंडित (आयोजन अध्यक्ष) एवं प्रदीप शर्मा (आयोजन सचिव)।प्रचार-प्रसार: अजीत सिंह और विकास कुमार अग्रहरी (प्रतियोगिता मीडिया प्रभारी)।
प्रबंधन व सहयोग टीम: सोनू राय, विमलेश दीक्षित, फैजल खान, शुभम जायसवाल, आयुष माली, सिद्धार्थ गौतम, शुभम सिंह और आबिद खान।

मैच के सफल समापन के बाद आयोजन समिति ने टूर्नामेंट को सफल बनाने के लिए आए हुए सभी अतिथियों, खिलाड़ियों और दर्शकों के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया।
गुरमा जेल में 'फिट इंडिया' के तहत अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस सप्ताह का भव्य आयोजन: सजग होंगे बंदी -योग गुरु आचार्य अजय कुमार पाठक



विकास कुमार गुरमा

सोनभद्र।'फिट इंडिया' अभियान के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में गुरमा जेल प्रशासन के सहयोग से एक भव्य योग एवं ध्यान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। धनवन्तरी पतंजलि योग संस्थान और सेवा भारती (उत्तर प्रदेश) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस विशेष शिविर का भव्य उद्घाटन दिनांक 18 जून 2026 को होना सुनिश्चित किया गया है।

जेल के बंदियों को मिलेगा योग और ध्यान का संबल इस शिविर का मुख्य उद्देश्य कारागार में निरुद्ध बंदियों को मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाना, उनके स्वास्थ्य में सुधार करना और उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए प्रेरित करना है। 'फिट इंडिया' के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए जेल प्रशासन ने इस सकारात्मक पहल के लिए संस्थान का पूरा सहयोग किया है।

योग गुरु आचार्य अजय कुमार पाठक कराएंगे अभ्यास
शिविर में मुख्य योगाचार्य के रूप में वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर योग गुरु आचार्य अजय कुमार पाठक  उपस्थित रहेंगे। उनके कुशल निर्देशन में बंदियों और जेल कर्मियों को विभिन्न योग आसनों, प्राणायाम और गहरी ध्यान विधाओं का अभ्यास कराया जाएगा, जिससे नैतिक और आत्मिक विकास को बढ़ावा मिल सके।

प्रमुख जनों की गरिमामयी उपस्थिति
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में धनवन्तरी पतंजलि योग संस्थान के अध्यक्ष रमेश कुमार सिंह की मुख्य भूमिका है। कार्यक्रम के सह-आयोजक और निवेदक के रूप में सेवा भारती, उत्तर प्रदेश की टीम पूरी तत्परता से जुड़ी हुई है।

संस्थान के अध्यक्ष रमेश कुमार सिंह ने बताया
"योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। गुरमा जेल प्रशासन के सहयोग से आयोजित यह शिविर बंदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और उन्हें निरोगी बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।"
सोनभद्र में सनसनी: दो दिन से लापता युवक का पुलिया के नीचे मिला शव, हत्या की आशंका,छानबीन में जुटी पुलिस

विकास कुमार सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के डाला बारी-कजरहट संपर्क मार्ग पर स्थित गोरादह में शुक्रवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक पुलिया के नीचे करीब दो दिन पुराना युवक का शव बरामद हुआ। युवक बीते दो दिनों से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता था। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और हत्या की आशंका जताते हुए मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह एक चरवाहा गोरादह स्थित पुलिया के पास मवेशी चरा रहा था। इसी दौरान उसे तेज दुर्गंध महसूस हुई। जब उसने पुलिया के नीचे जाकर देखा, तो वहां एक युवक का क्षत-विक्षत शव पड़ा हुआ था। चरवाहे के शोर मचाने पर भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए और तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।

शव की शिनाख्त डाला बारी स्थित वैष्णो मंदिर के पीछे रहने वाले रवि धयिकार (30 वर्ष) पुत्र राम गरीब के रूप में हुई है। शिनाख्त होते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन भी तत्काल घटना स्थल पर पहुंच गए। परिजनों ने बताया कि रवि पिछले दो दिनों से घर नहीं लौटा था और वे लोग लगातार अपने स्तर से उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल सका था।

घटना की सूचना मिलते ही पीआरवी (डायल-112) और डाला चौकी प्रभारी घनश्याम तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद शव को पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच कर रही है। मौत के सही कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध मानते हुए हत्या की आशंका के तहत भी सुराग जुटाए जा रहे हैं, जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
सोनभद्र में महुआ के पेड़ से लटका मिला युवती का शव, सुसाइड नोट और प्रेमी की तस्वीर बरामद
विकास कुमार सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के बभनी थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ के बरवाटोला गांव स्थित सेवड़ी टोला में एक 19 वर्षीय युवती ने महुआ के पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान सोनशाय की बेटी फूलमती के रूप में हुई है। शुक्रवार की सुबह जब कुछ बच्चे बागीचे में महुआ बीनने पहुंचे, तो उन्होंने युवती का शव पेड़ से लटका देखा। बच्चों के शोर मचाने पर भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए, जिसके बाद ग्राम प्रधान ने तुरंत स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना दी।

घटनास्थल से मिले चौंकाने वाले साक्ष्य
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण और रहस्यमयी चीजें बरामद हुई हैं। पेड़ के नीचे मृतका की चप्पलें, गुल की डिब्बी और एक मोबाइल फोन पड़ा मिला, जिसकी बैटरी निकली हुई थी और पास ही एक टूटा हुआ सिम कार्ड भी बरामद हुआ। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जिस दुपट्टे से फंदा बनाया गया था, उसी में एक सुसाइड नोट और एक युवक की तस्वीर भी फंसी हुई मिली। पुलिस ने इन सभी साक्ष्यों को अपने कब्जे में ले लिया है।

प्रेम प्रसंग की आशंका, जांच में जुटी पुलिस
सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक मक्खन लाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को फंदे से नीचे उतरवाकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दुद्धी भेज दिया गया है। प्रभारी निरीक्षक दीन्नू प्रसाद यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह पूरा मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। मोबाइल से सिम और बैटरी का निकाला जाना और फंदे से सुसाइड नोट व तस्वीर का मिलना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोनभद्र में बारातियों का पिकअप वाहन सड़क पर पलटा, तीन की मौत व 13 घायल
सोनभद्र। रामपुर बरकोनिया थाना क्षेत्र में मंगलवार की रात दस बजे मिर्जापुर के मड़िहान से बारातियों को लेकर जा रहा पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे उस पर सवार तीन लोगों की मौत हो गई और 13 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

अपर पुलिस अधीक्षक ऋषभ रुणवाल ने बुधवार को बताया की मिर्जापुर के मड़िहान तहसील के चंदरी बांध निवासी शिव कुमार के पुत्र की बारात सोनभद्र के रामपुर चेनारी गांव जा रही थी। बारातियों से भरी पिकअप बीती रात दस बजे जैसे ही कठार गांव के पास पहुंची, तभी वाहन पर नियंत्रित हाेकर सड़क किनारे पलट गया। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। इस हादसे में वाहन में सवार 16 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची रामपुर बरकोनिया पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तियरा पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया और प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया।

एएसपी रुणवाल ने बताया कि इस दुर्घटना में मिर्जापुर जिले के मड़िहान निवासी 18 वर्षीय अजय गोड़ पुत्र रामबली गोड़, 20 वर्षीय राजन गोड़ पुत्र कन्हैया गोड़ और 35 वर्षीय विनोद गोड़ पुत्र कैलाश गोड़ की मौत हो गई है। घायलों का इलाज मेडिकल कॉलेज लोढ़ी राबर्ट्सगंज में किया जा रहा है जबकि दो घायलों की हालत नाजुक होने पर उन्हें वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया है।
सोनभद्र में बारातियों का पिकअप वाहन सड़क पर पलटा, तीन की मौत व 13 घायल
सोनभद्र। रामपुर बरकोनिया थाना क्षेत्र में मंगलवार की रात दस बजे मिर्जापुर के मड़िहान से बारातियों को लेकर जा रहा पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे उस पर सवार तीन लोगों की मौत हो गई और 13 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

अपर पुलिस अधीक्षक ऋषभ रुणवाल ने बुधवार को बताया की मिर्जापुर के मड़िहान तहसील के चंदरी बांध निवासी शिव कुमार के पुत्र की बारात सोनभद्र के रामपुर चेनारी गांव जा रही थी। बारातियों से भरी पिकअप बीती रात दस बजे जैसे ही कठार गांव के पास पहुंची, तभी वाहन पर नियंत्रित हाेकर सड़क किनारे पलट गया। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। इस हादसे में वाहन में सवार 16 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची रामपुर बरकोनिया पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तियरा पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया और प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया।

एएसपी रुणवाल ने बताया कि इस दुर्घटना में मिर्जापुर जिले के मड़िहान निवासी 18 वर्षीय अजय गोड़ पुत्र रामबली गोड़, 20 वर्षीय राजन गोड़ पुत्र कन्हैया गोड़ और 35 वर्षीय विनोद गोड़ पुत्र कैलाश गोड़ की मौत हो गई है। घायलों का इलाज मेडिकल कॉलेज लोढ़ी राबर्ट्सगंज में किया जा रहा है जबकि दो घायलों की हालत नाजुक होने पर उन्हें वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया है।