जिले के 90+ कोचिंग सेंटर में से सिर्फ 12 के पास फायर एनओसी: मानकों की अनदेखी, बच्चों की सुरक्षा पर सवाल

जिले भर में 90 से अधिक कोचिंग सेंटर संचालित हैं, लेकिन डीआईओएस कार्यालय में सिर्फ 15 पंजीकृत हैं। इनमें से केवल 12 कोचिंग सेंटरों ने अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लिया है। लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में हुए हादसे के बाद जिले में कोचिंग सेंटरों के संचालन और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

शासन ने कोचिंग सेंटरों के संचालन के लिए स्पष्ट नियम निर्धारित किए हैं। इनमें पंजीकरण, अग्निशमन एनओसी, अग्निशमन उपकरण, योग्य शिक्षक, उचित बैठने की व्यवस्था, शौचालय, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग और स्वच्छता जैसे मानक शामिल हैं। इसके बावजूद, जिले के कई सेंटरों पर इन मानकों की अनदेखी देखी गई।

लखनऊ हादसे के बाद एक टीम ने जिले भर में कोचिंग सेंटरों की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई सेंटर तंग गलियों या बेसमेंट में संचालित होते मिले। कुछ सेंटरों में तीन से चार कमरों में कई शिफ्टों में कक्षाएं चल रही थीं।

ज्ञानपुर में मिश्रा मार्केट के पीछे संकरी गली और भदोही में ज्ञानदेवी स्कूल के पास बेसमेंट में कोचिंग सेंटर संचालित पाए गए, जहां एक शिफ्ट में 100 से 125 बच्चे पढ़ते हैं। गोपीगंज के वार्ड नंबर एक स्थित महात्मा गांधी लिंक मार्ग पर भी सुरक्षा व्यवस्था का अभाव दिखा।

भदोही के रजपुरा फेज-टू, चौरी रोड, औराई रोड, मूंसीलाटपुर और स्टेशन रोड स्थित कोचिंग सेंटरों के तीन से चार कमरों में बच्चे पढ़ते मिले। जमुनीपुर में एक शटर के भीतर कोचिंग संचालित होती दिखी। नईबाजार के उत्तरा फाटक, आजादनगर और चांदनी चौक में भी ऐसे सेंटर मिले, जहां केवल एक निकास द्वार था और अग्निशमन व्यवस्था नदारद थी।

डीआईओएस अंशुमान ने बताया कि जिले की तीनों तहसीलों में दो सदस्यीय टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें जिले भर में कोचिंग सेंटरों की जांच करेंगी। मानक के अनुरूप न मिलने पर उन्हें बंद कराया जाएगा और जिनका पंजीकरण नहीं हुआ है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।


फीस मोटी, लेकिन व्यवस्थाएं शून्य
बच्चों का भविष्य संवारने के नाम पर कोचिंग संचालक विद्यार्थियों से मोटी फीस वसूल रहे हैं। गणित, साइंस और अन्य महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई के लिए संचालक 500 से एक हजार रुपये तक शुल्क ले रहे हैं, लेकिन सेंटरों पर व्यवस्थाएं शून्य हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

एक माह पहले पंजीकरण के लिए दी थी चेतावनी
जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि एक माह पहले सार्वजनिक नोटिस जारी कर सभी संचालकों को पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया था, लेकिन केवल 15 कोचिंग सेंटरों ने पंजीकरण कराया। इसी प्रकार अग्निशमन विभाग ने गर्मी शुरू होने से पहले सभी को एनओसी के लिए पत्र जारी किया था, लेकिन केवल 12 ने एनओसी ली।

कोचिंग खोलने के लिए ये मानक अनिवार्य
पार्किंग की सुचारु व्यवस्था होनी चाहिए।
कोचिंग में उतने ही बच्चों को बैठाया जाए, जितनी सीटें उपलब्ध हों।
लड़के एवं लड़कियों के लिए अलग-अलग वॉशरूम होने चाहिए।
इमरजेंसी अलार्म का होना आवश्यक है।
यदि कोचिंग क्लास बेसमेंट में है, तो वहां दो दरवाजे होना जरूरी है।
प्रत्येक कमरे में दो दरवाजे और सीसीटीवी कैमरा होना चाहिए।




जिले में संचालित कोचिंग सेंटरों की जांच के लिए टीम गठित हो चुकी है। दो टीमें जिले भर के कोचिंग सेंटरों पर पहुंचकर उनकी फायर सेफ्टी की जानकारी लेंगी। ओम प्रकाश, प्रभारी अग्निशमन अधिकारी
भदोही में साइबर धोखाधड़ी के ₹40,000 वापस: एसपी अभिनव त्यागी के निर्देश पर कोइरौना साइबर हेल्प डेस्क की कार्रवाई

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही जिले में साइबर धोखाधड़ी का शिकार हुए एक व्यक्ति को उसके ₹40,000 वापस मिल गए हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर कोइरौना थाना की साइबर हेल्प डेस्क ने यह राशि पीड़ित के खाते में वापस कराई।

ग्राम धनतुलसी, थाना कोइरौना निवासी हिमांशु सिंह पुत्र राकेश कुमार सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि साइबर धोखाधड़ी के कारण उनके खाते से ₹40,000 कट गए थे।

पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए सभी साइबर हेल्प डेस्क को पीड़ितों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में कोइरौना साइबर हेल्प डेस्क ने हिमांशु सिंह के प्रार्थना पत्र का तत्काल संज्ञान लिया।

साइबर हेल्प डेस्क ने पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में कोर्ट के माध्यम से कार्रवाई करते हुए हिमांशु सिंह की पूरी ₹40,000 की धनराशि उनके बैंक खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दी।

अपनी खोई हुई धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित हिमांशु सिंह ने भदोही पुलिस अधीक्षक और कोइरौना थाना की साइबर हेल्प डेस्क के प्रति आभार व्यक्त किया है।
36 लाख से राजा पार्क से कोतवाली तक बनेगी नाली
नगर पंचायत ने शुरू कराया काम, जलभराव से मिलेगी मुक्ति

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। नगर के राजा पार्क के पास हर साल बारिश में होने वाले जलजमाव से अब निजात मिलेगी। नगर पंचायत की ओर से राजा पार्क से ज्ञानपुर कोतवाली तक 36 लाख रुपये से 400 मीटर तक नाली निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस मार्ग पर जिला अस्पताल, कोतवाली के साथ महिला थाना जैसे महत्वपूर्ण कार्यालय हैं। बारिश के सीजन में हर साल राजा पार्क से कोतवाली तक पूरा रास्ता जल मग्न हो जाता है।

बरसात का पानी सड़कों पर करीब दो से ढ़ाई फीट तक लग जाता है। आवागमन में दिक्कत होती है। बाइक सवार फिसल कर गिरते हैं। बरसात का पानी लोगों को घरों, दुकानों और जिला अस्पताल में भी प्रवेश कर जाता है।

इन सभी समस्याओं से छुटकारा दिलाने के लिए 400 मीटर तक नाली निर्माण कराने के लिए नगर पंचायत प्रशासन ने तीन महीने पहले शासन को प्रस्ताव भेजा था। जिसकी स्वीकृति मिलने के बाद काम भी शुरू कर दिया गया है। बारिश के मौसम के पहले नाली निर्माण हो जाने से काफी हद तक लोगों को राहत मिलेगी।
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चार बार पत्राचार के बाद भी नहीं हटा ट्रांसफॉर्मर
नगर पंचायत की ओर से नाली निर्माण तो शुरू करा दिया गया है, लेकिन पुरानी तहसील के बाद बिजली निगम का ट्रांसफॉर्मर एक बड़ी बाधा बनकर खड़ा हो गया है। जिससे नाली निर्माण में समस्या आ रही है। नगर पंचायत प्रशासन की ओर से ट्रांसफॉर्मर को दूसरी जगह शिफ्ट किए जाने के लिए चार बार पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन अब तक बिजली निगम की ओर से कोई पहल नहीं की गई है। अब अगर कुछ दिन में बारिश का मौसम शुरू होता है तो काम अधूरा रह सकता है।


36 लाख से नाली का निर्माण किया जा रहा है। पुरानी तहसील के पास ट्रांसफाॅर्मर को हटाने के लिए चार बार पत्राचार किया जा चुका है। अब तक केवल आश्वासन मिला है। - डॉ. घनश्यामदास गुप्ता, चेयरमैन, ज्ञानपुर।
भदोही में वाहन चोर गिरोह के 4 आरोपी गिरफ्तार:चोरी की 4 बाइक बरामद, बेचने की फिराक में थे आरोपी


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी की चार मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। यह कार्रवाई चौरी थाना क्षेत्र में की गई।

चौरी थाना पुलिस टीम क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ शातिर वाहन चोर चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी की।

चेकिंग के दौरान ग्राम कन्धिया मेन रोड कपसेठी और चौरी बॉर्डर पुलिया से पहले चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर कुल चार चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। प्रारंभिक पूछताछ में इन सभी मोटरसाइकिलों के विभिन्न थाना क्षेत्रों से चोरी होने की पुष्टि हुई है।

पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि वे मास्टर चाबी की मदद से सूने स्थानों और बाजारों में खड़ी मोटरसाइकिलों को निशाना बनाते थे। उन्होंने 5 जून 2026 को तक्खु की बौली से एक मोटरसाइकिल और 14 मई 2026 को पाल चौराहा बरदहा के आगे एक बारात से एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल चोरी की थी। इसके अलावा, जौनपुर के नेवढ़िया से भी एक मोटरसाइकिल चोरी की गई थी। वे नंबर प्लेट बदलकर इन मोटरसाइकिलों को बेचने जा रहे थे।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नितेश पटेल उर्फ नन्हकू पटेल (उम्र करीब 20 वर्ष), राज पटेल उर्फ छोटू पटेल (उम्र करीब 19 वर्ष), आर्यन गुप्ता उर्फ विशेष गुप्ता (उम्र करीब 19 वर्ष) और प्रियांसु सिंह उर्फ मोनू (उम्र करीब 30 वर्ष) के रूप में हुई है। ये सभी चौरी थाना क्षेत्र के अमवा कला (भवानीपुर) और बरदहा के निवासी हैं।

इस उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक भदोही द्वारा वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ करने वाली पुलिस टीम को 10,000 रुपये का नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
देश की शिक्षा व्यवस्था पर गहरा संकट- कांग्रेस कोऑर्डिनेटर:भदोही में दयाशंकर बोले- बार-बार हो रहे पेपर लीक और अनियमितताओं से छात्रों का भविष्य अस

रिपोर्टर -‌ नितेश

भदोही।जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय, ज्ञानपुर में सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कॉर्डिनेटर दयाशंकर पांडेय, जिला कांग्रेस कमेटी भदोही के अध्यक्ष वसीम अंसारी तथा पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र कुमार दुबे (राजन) ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार संकट और अव्यवस्था का सामना कर रही है। विशेष रूप से नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को असुरक्षित बना दिया है।

वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2018, 2021, 2022, 2024 और 2026 में नीट परीक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। 3 मई 2026 को आयोजित नीट परीक्षा में लगभग 22 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए थे, लेकिन परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद परीक्षा की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग गया। कांग्रेस पार्टी लगातार मांग कर रही है कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि बार-बार हो रहे नीट घोटालों और परीक्षा अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) लगातार विवादों और विफलताओं के कारण अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है, इसलिए कांग्रेस पार्टी एनटीए को भंग करने (बैन करने) तथा उसकी जगह एक स्वतंत्र, पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा प्राधिकरण के गठन की मांग करती है, जिससे छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ पर रोक लग सके।

प्रेस वार्ता में बताया गया कि पिछले एक दशक में देशभर में 90 से अधिक भर्ती एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि केवल पिछले 12 वर्षों में 23 राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं विवादों में रही हैं। इन घटनाओं का छात्रों पर गहरा मानसिक प्रभाव पड़ा है और कई छात्रों ने निराशा में आत्महत्या तक कर ली।

वक्ताओं ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी द्वारा शुरू किए गए “छात्रों की गूंज” अभियान का उद्देश्य देशभर के छात्रों की आवाज को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना है। राहुल गांधी जी ने हाल ही में कोटा में छात्रों से संवाद करते हुए बताया कि देश के लाखों परिवार अपनी आय का बड़ा हिस्सा बच्चों की शिक्षा पर खर्च करने को मजबूर हैं, जबकि शिक्षा और रोजगार की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का बजट घटने, सरकारी विद्यालयों की संख्या कम होने और निजीकरण बढ़ने से आम एवं मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। कांग्रेस पार्टी छात्रों, युवाओं और अभिभावकों की समस्याओं को लेकर सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखेगी तथा निष्पक्ष, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के लिए आवाज उठाती रहेगी। प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से
युवा कांग्रेस एनएसयूआई जिला अध्यक्ष शक्ति मिश्रा, सुरेश गौतम, अवधेश पाठक,  विनोद सरोज, अजय प्रजापति विशाल गौतम
उपस्थित रहे।
सेहत का भी रखें विशेष ध्यान

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि इस मौसम में सेहत को लेकर विशेष सतर्क रहना होगा। इस मौसम में हर 15-20 मिनट में सादा पानी पिएं। इसके अलावा नींबू पानी, ओआरएस, छाछ या लस्सी का सेवन करें। स्ट्रीट फूड खाने से बचें। तरबूज, खीरा और ककड़ी जैसे मौसमी फल खाने में शामिल करें।

दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। जरूरी हो, तो सूती हल्के और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। इसके अलावा धूप से घर लौटने के तुरंत बाद ठंडा पानी पीने या पंखे के नीचे बैठने से बचें।
भदोही में 1.63 करोड़ रुपये का मादक पदार्थ नष्ट: ऑपरेशन दहन' के तहत 316 किग्रा गांजा-डायजापाम का विनष्टीकरण

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने सोमवार, 22 जून 2026 को 1.63 करोड़ रुपये मूल्य के 316.465 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थों को नष्ट किया। यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन दहन' विशेष अभियान के तहत की गई।

नष्ट किए गए मादक पदार्थों में 316.400 किलोग्राम गांजा और 65 ग्राम डायजापाम शामिल था। इन पदार्थों को जनपद प्रयागराज के थाना हंडिया क्षेत्र स्थित धानूपुर में "संगम मेडीसर्व प्राइवेट लिमिटेड" के इन्सिनेटर के माध्यम से विनष्ट किया गया।

यह विनष्टीकरण जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी (DDC) द्वारा किया गया, जिसका गठन माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में मादक पदार्थों के अधिग्रहण, भंडारण और निस्तारण के लिए किया गया है। जनपद के विभिन्न थानों में लंबे समय से जमा मादक पदार्थों के नियमानुसार निस्तारण हेतु यह अभियान चलाया जा रहा है।

ड्रग डिस्पोजल कमेटी के अध्यक्ष पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी हैं, जबकि अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल और क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर चमन सिंह चावड़ा इसके सदस्य हैं। यह कार्रवाई जनपद के 05 थानों में अवैध मादक पदार्थों की बरामदगी से संबंधित कुल 10 अभियोगों के माल के निस्तारण हेतु माननीय न्यायालय द्वारा जारी आदेशों के अनुपालन में की गई।
भदोही में 1.63 करोड़ रुपये का मादक पदार्थ नष्ट: ऑपरेशन दहन' के तहत 316 किग्रा गांजा-डायजापाम का विनष्टीकरण

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने सोमवार, 22 जून 2026 को 1.63 करोड़ रुपये मूल्य के 316.465 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थों को नष्ट किया। यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन दहन' विशेष अभियान के तहत की गई।

नष्ट किए गए मादक पदार्थों में 316.400 किलोग्राम गांजा और 65 ग्राम डायजापाम शामिल था। इन पदार्थों को जनपद प्रयागराज के थाना हंडिया क्षेत्र स्थित धानूपुर में "संगम मेडीसर्व प्राइवेट लिमिटेड" के इन्सिनेटर के माध्यम से विनष्ट किया गया।

यह विनष्टीकरण जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी (DDC) द्वारा किया गया, जिसका गठन माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में मादक पदार्थों के अधिग्रहण, भंडारण और निस्तारण के लिए किया गया है। जनपद के विभिन्न थानों में लंबे समय से जमा मादक पदार्थों के नियमानुसार निस्तारण हेतु यह अभियान चलाया जा रहा है।

ड्रग डिस्पोजल कमेटी के अध्यक्ष पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी हैं, जबकि अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल और क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर चमन सिंह चावड़ा इसके सदस्य हैं। यह कार्रवाई जनपद के 05 थानों में अवैध मादक पदार्थों की बरामदगी से संबंधित कुल 10 अभियोगों के माल के निस्तारण हेतु माननीय न्यायालय द्वारा जारी आदेशों के अनुपालन में की गई।
भदोही पुलिस ने 117 गुम मोबाइल फोन बरामद किए:करीब ₹19.89 लाख कीमत के फोन मालिकों को लौटाए गए

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत 117 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन फोनों की अनुमानित कीमत लगभग 19 लाख 89 हजार रुपये है। सोमवार को इन मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को रिजर्व पुलिस लाइन ज्ञानपुर सभागार में सौंपा गया।
पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देश पर जनपद में गुम हुए मोबाइल फोनों की बरामदगी के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता के खोए हुए मोबाइल फोनों को ढूंढकर उनके मालिकों तक पहुंचाना है।
अपर पुलिस अधीक्षक भदोही शुभम अग्रवाल ने जनपद के सभी थानों पर नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों को CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के निर्देश दिए थे। उन्हें जनसुनवाई और डायल 112 जैसे माध्यमों से शिकायत मिलते ही तुरंत मोबाइल का IMEI नंबर और संबंधित जानकारी CEIR पोर्टल पर दर्ज करने को कहा गया था।
पोर्टल से प्राप्त ट्रेसबिलिटी डिटेल्स, जैसे सिम नंबर और लोकेशन का गहन विश्लेषण कर त्वरित कार्रवाई करने और नियमित समीक्षा व फॉलो-अप के माध्यम से अधिक से अधिक मोबाइल बरामद करने के निर्देश दिए गए थे। इन प्रयासों के फलस्वरूप कुल 117 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए गए।
सोमवार को अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने स्वयं इन बरामद मोबाइलों को उनके स्वामियों को सौंपा। अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर मालिकों ने भदोही पुलिस अधीक्षक और जनपदीय पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनकी सराहना की।
चिकित्सक और कर्मियों की बढ़ेगी मुश्किल, नोटेड के बाद मान्य होगी छुट्टी

*पहले पोर्टल से मिलता था अवकाश , अब पोर्टल के बाद आफलाइन कराना होगा नोट*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही । स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर छुट्टी लेकर गायब रहने वाले चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की परेशानी बढ़ने वाली है। पोर्टल पर अवकाश लेेने के बाद उन्हें अपने समकक्ष किसी डॉक्टर, कर्मचारी से छुट्टी नोटेड करानी करानी होगी। उस व्यक्ति के अनुपस्थिति में दूसरा कोई कार्य देख सके। इससे मरीज को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। जिला अस्पताल में यह व्यवस्था शुक्रवार से लागू कर दी गई। जिले में 235 स्वास्थ्य केंद्रों पर 125 से 130 चिकित्सकों सहित 700 स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती अलग-अलग केंद्रों पर है। अभी तक कुछ स्वास्थ्यकर्मी पोर्टल पर छुट्टी लेने के बाद दफ्तर में सूचना देते और कुछ नहीं देते थे। अस्पताल के अधीक्षक को यह पता नहीं होता था। पूछने पर जानकारी मिलती थी कि वह आज अवकाश पर है। इससे मरीजों को परेशानी होती थी, उन्हें बार- बार ओपीडी भवन का चक्कर लगाना पड़ता।

घर बैठे कर्मचारी पोर्टल पर अवकाश लेकर अस्पताल में नहीं आते थे। अब उन्हें पोर्टल पर अवकाश लेने के बाद एक कर्मचारी से नोट करना होगा कि यह छुट्टी पर हैं, इसकी जानकारी मुझे हैं। किसी तरह की जरूरत पड़ने पर वह कार्य मैं कर सकता हूं। जिला अस्पताल ज्ञानपुर सहित कुल 235 स्वास्थ्य केंद्रों पर रोजाना 5500 से 6000 की ओपीडी होती है। जिन्हें जांच पड़ताल करके दवा दी जाती है। कई कर्मचारी लेटलतीफ आते हैं, जब कोई उच्चाधिकारी अस्पताल जांच करने आता है तो पता चलता है कि डॉक्टर अवकाश पर है।


जिला अस्पताल सहित सभी 235 स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक, प्रभारी को निर्देशित किया गया है। पोर्टल पर छुट्टी स्वीकृत होने के बाद उसे समकक्ष कर्मचारी से नोटेड कराया जाएगा। इसके बाद ही अवकाश मान्य होगा। - डॉ. एसके चक, सीएमओ भदोही