कानरा महाविद्यालय अब काशी नरेश विश्वविद्यालय: 75 साल का स्वर्णिम युग इतिहास बना, मुख्य गेट पर बदला नाम
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। ज्ञानपुर स्थित काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का 75 वर्षों का स्वर्णिम युग अब इतिहास बन गया है। यह महाविद्यालय अब 'काशी नरेश विश्वविद्यालय' के रूप में जाना जाएगा। वर्षों के संघर्ष और लंबी प्रक्रिया के बाद विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने पर, मुख्य गेट पर महाविद्यालय का नाम बदलकर 'काशी नरेश विश्वविद्यालय' दर्ज कर दिया गया है। इसके साथ ही काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय का अस्तित्व समाप्त हो गया है।

इसकी स्थापना 1 अगस्त 1951 को हुई थी, जिसका उद्घाटन महाराजा काशी नरेश ने खुर्शीद मंजिल में किया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री पंडित गोविंद वल्लभ पंत, शिक्षामित्र डॉ. संपूर्णानंद और काशी नरेश महाराज डॉ. विभूति नारायण सिंह जूदेव की शैक्षणिक उदारता और दानशीलता के प्रतीक के रूप में इसकी स्थापना हुई थी। मात्र 12 प्राध्यापकों और 27 छात्र-छात्राओं के साथ शुरू हुई इसकी शैक्षणिक यात्रा 75वें वर्ष में 600 से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच चुकी थी।

महाविद्यालय के वनस्पति विज्ञान के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. कमाल अहमद सिद्दीकी बताते हैं कि काशी और प्रयाग जैसे प्राचीन शिक्षा केंद्रों की निकटता के कारण यह महाविद्यालय आरंभ से ही छात्र-छात्राओं और शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणा और आकर्षण का केंद्र रहा है। वर्तमान में महाविद्यालय परिवार में 117 प्राध्यापक और 89 तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के पद सृजित हैं। यहां विज्ञान, कला, वाणिज्य और शिक्षक संकाय के साथ स्नातक स्तर पर 19 विषयों में पठन-पाठन और सभी स्नातकोत्तर विषयों में शोध की सुविधा उपलब्ध है। कृषि संकाय के रूप में अब महाविद्यालय का पांचवां संकाय भी स्थापित हो चुका है।

स्थापना के प्रारंभ में यह आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध रहा। इसके बाद 1975 से गोरखपुर विश्वविद्यालय, 1999 से 2008 तक पूर्वांचल विश्वविद्यालय और 2009 से महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी विश्वविद्यालय से संबद्ध रहा।

वर्ष 2025 में इसे मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय मिर्जापुर से जोड़ा गया था। हालांकि, अब 2026 में यह स्वयं एक पूर्ण विश्वविद्यालय बन चुका है।
भदोही पुलिस ने हत्या के प्रयास का वांछित अभियुक्त पकड़ा: आपराधिक धमकी और मारपीट के मामले में हुई गिरफ्तारी


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने आपराधिक धमकी, मारपीट और हत्या के प्रयास के मामले में वांछित एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। गोपीगंज थाना पुलिस ने यह कार्रवाई रेलवे स्टेशन ज्ञानपुर से की।
पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में गोपीगंज पुलिस टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई की। अभियुक्त मु0अ0सं0 246/26 धारा 109(1) 115(2), 351(3) बीएनएस से संबंधित मामले में वांछित था।

गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान सुजीत पाण्डेय पुत्र सूर्य प्रकाश पाण्डेय, निवासी ग्राम इनारगांव, थाना कोईरौना, जनपद भदोही, उम्र 35 वर्ष के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त के विरुद्ध विधिक कार्यवाही की गई और उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश करने के उपरांत जेल भेज दिया गया।

इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार यादव के साथ कांस्टेबल दिनेश, कांस्टेबल रामआशीष और रिक्रूट कांस्टेबल मोहित शामिल थे।
जिले के 52 गांवों से 35 किमी गुजरेगा विंध्य एक्सप्रेस-वे, डीपीआर का काम शुरू


नितेश श्रीवास्तव


भदोही। बहुप्रतीक्षित विंध्य एक्सप्रेस-वे विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) का काम शुरू हो गया है। 333 किमी का यह एक्सप्रेस-वे भदोही के 52 गांवों से होकर गुजरेगा। जिले में इसकी लंबाई करीब 35 किलोमीटर होगी। यह एक्सप्रेस-वे सिक्स लेन का होगा, जिसे आठ लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने प्रशासन से तहसीलवार गांवों और भूमि संबंधी रिपोर्ट मांगी है। विंध्य एक्सप्रेसवे प्रयागराज जिले से होकर भदोही और मिर्जापुर होते हुए सोनभद्र तक जाएगा। इससे जिले में कनेक्टिविटी और बेहतर हो सकेगी।
वर्ष 2020 में प्रयागराज-वाराणसी सिक्सलेन, 2025 में भदोही-मछलीशहर हाईवे के बाद अब अब प्रदेश सरकार ने विंध्य एक्सप्रेस की स्वीकृति दी है। इसके लिए डीपीआर का काम शुरू कर दिया गया है। एक्सप्रेस-वे के सर्वे के बाद मिट्टी की जांच आदि पूरी हो चुकी है। यह एक्सप्रेस-वे प्रयागराज के सोरांव तहसील के जुड़ापुर दांदू गांव से शुरू होगा। उसके बाद भदोही, मिर्जापुर, चंदौली, सोनभद्र से होकर छत्तीसगढ़ की सीमा तक जाएगा।


विंध्य एक्सप्रेस - वे के लिए डीपीआर का काम यूपीडा को ही करना है। इसके लिए प्रभावित गांवों और जमीन संबंधों जानकारी मांगी गई है। जिसके लिए सर्वे कराया जा रहा है। 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपने की तैयारी है। 

शैलेश कुमार डीएम भदोही
पांच हजार शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का बनेगा हेल्थ कार्ड
*पांच लाख रुपए तक मुफ्त इलाज की मिलेगी सुविधा, पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू*

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ जिले के पांच हजार शिक्षकों, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों और उनके परिजनों को मिलेगा। इसके तहत हर पांच लाख रुपये तक निशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। योजना के क्रियान्वयन के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पॉयलट प्रोजेक्ट के तहत 60 शिक्षकों का कार्ड बन चुका है।
जिले में 885 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें चार हजार शिक्षक, 700 शिक्षामित्र और 400 अनुदेशक तैनात हैं। सूबे के मुख्यमंत्री ने शिक्षक दिवस के दिन शिक्षकों, शिक्षामित्र और अनुदेशकों को पांच लाख कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। अब उसको अमली जामा पहनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। शुरूआत में 60 शिक्षकों का कार्ड बनाया गया। अब सभी का कार्ड बनाने के लिए पंजीकरण शुरू किया गया है। इससे शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक अपने परिवार का पांच लाख तक निशुल्क उपचार करा सकेंगे। शिक्षक नेता अरुण पांडेय और मनोज उपाध्याय ने कहा कि यह योजना उनके लिए बड़ी राहत लेकर आई है। गंभीर बीमारी की स्थिति में इलाज पर होने वाले भारी खर्च से अब काफी हद तक सहूलियत मिलेगी। साथ ही परिवार के सदस्यों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी।



बीएसए शिवम पांडेय ने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना क पॉयलट प्रोजेक्ट के तहत 60 शिक्षकों का कार्ड बन चुका है। साथ ही परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
दो सौ गांवों में तैयार होंगे बाग-बगीचे
*आंखों को सुकून देगी हरियाली*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही । प्रभागीय वनाधिकारी विवेक कुमार ने बताया कि जिले मे कुल 546 ग्राम पंचायत हैं। इनमें दो सौ गांव में वन विभाग द्वारा सघन वन तैयार किया जाएगा। पौधा रोपित करने के साथ ही नियमित निगरानी संग सिंचाई की जाएगी। जिन स्थानों पर पौधा सूखेगा वहां पुन: पौधा रोपित होगा। इस मुहिम में वन विभाग के साथ ही एनजीओ एवं अन्य संस्थाओं द्वारा पौधों का संरक्षण किया जाएगा। तीन वर्ष में हर एक गांव में वन तैयार होगा।
हरियाली बढ़ाने की दिशा में वन विभाग ने नई मुहिम शुरू कर दी है। निरंतर हो रही वृक्षों की कटाई से पर्यावरण प्रभावित हो रहा था। ऐसे में दो सौ गांव में बाग-बगीचा तैयार करने की तैयारी शुरू हो गई है। वन विभाग जिले के दो सौ गांव में सघन वन स्थापित करेगा। पौधरोपण के लिए विभागीय स्तर से पौधरोपण होने वाले गांवों को चिन्हित किया जा रहा है। इसके बाद बड़ी संख्या में पौधे रोपित करने के साथ ही नियमित संरक्षण किया जाएगा। डीएफओ विवेक कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से एक ही जगह पर 300 से 1000 पौधे रोपित किए जाएंगे। गांव की बंजर और जीएस की जमीनों को इस अभियान के माध्यम से उपयोग में लाया जाएगा। एक दशक पहले तक हर गांव में बाग बगीचा होते थे, लेकिन आधुनिकता की अंधी दौड़ के बीच लोगों ने तेजी से पेड़ों की कटाई की। जिससे गांवों में बाग-बगीचे कम होते चले गए। स्थिति यह है कि अब गांवों में जाने के बाद किसी पेड़ की छांव मिलना मुश्किल होता है। ऐसे में वन विभाग अब नए सिरे से गांवों में बगीचे स्थापित करेगा। विभाग तीन साल में जिले के 546 ग्राम पंचायत में पौधा लगाएगा और मॉनीटरिंग भी करेगा। जो भी पौधे रोपित किए जाते हैं। उसमें 75 से 80 फीसदी पौधे जिंदा रहते हैं।
विकसित भारत प्रदर्शनी में केंद्र-प्रदेश सरकार की उपलब्धियां प्रदर्शित: जनप्रतिनिधियों ने सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की उपलब्धियां गिनाईं

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। ज्ञानपुर के विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में विकसित भारत प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन और सूचना विभाग द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्देश्य केंद्र सरकार के 12 वर्षों के सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के कार्यों तथा प्रदेश सरकार की विकासपरक उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना है।

प्रदर्शनी के तीसरे दिन का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, औराई विधायक दीनानाथ भास्कर, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा, सांसद प्रतिनिधि संजय बिन्द और मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला ने दीप प्रज्वलित कर किया।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन, राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और गरीब कल्याण के क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलताएं हासिल की हैं। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है, जिससे करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

वक्ताओं ने प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं का उल्लेख किया। इन योजनाओं ने आमजन के जीवन स्तर में व्यापक सुधार किया है। आज भारत वैश्विक मंच पर एक सशक्त, आत्मविश्वासी और निर्णायक राष्ट्र के रूप में स्थापित हुआ है।

जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने बताया कि केंद्र और प्रदेश सरकार के प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और आजीविका के अवसर बढ़े हैं। इससे लोगों को स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भर बनने में मदद मिली है। वहीं, विधायक दीनानाथ भास्कर ने कहा कि सरकार बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के लिए योजनाएं चला रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और विद्युत जैसी आधारभूत सुविधाओं में लगातार सुधार हो रहा है।

भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में संगठन और प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने नागरिकों से इन योजनाओं का लाभ उठाने और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सहयोग करने का आह्वान किया।
ऑपरेशन दहन: विशेष लोक अभियोजक माया मोहन पाण्डेय सम्मानित: भदोही पुलिस अधीक्षक ने मादक पदार्थ निस्तारण में उत्कृष्ट कार्य के लिए दिया प्रशस्ति पत

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने विशेष लोक अभियोजक (एनडीपीएस एक्ट) माया मोहन पाण्डेय को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें 'ऑपरेशन दहन' अभियान के तहत अवैध मादक पदार्थों के विधिसम्मत विनष्टीकरण और निस्तारण में उनकी उत्कृष्ट भूमिका के लिए दिया गया।
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के निर्देशानुसार 1 मार्च 2026 से 30 जून 2026 तक 'ऑपरेशन दहन' नामक विशेष अभियान चलाया गया था। इस अभियान के अंतर्गत भदोही पुलिस ने जनपद में जब्त किए गए भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थों के कानूनी निस्तारण की कार्यवाही सफलतापूर्वक पूरी की।
श्री माया मोहन पाण्डेय ने इस महत्वपूर्ण विधिक प्रक्रिया में प्रभावी पैरवी की। उन्होंने एनडीपीएस अधिनियम की धारा 52ए और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत न्यायालय में कुशलता से पक्ष रखा, जिसके परिणामस्वरूप आवश्यक आदेश और अनुमतियां प्राप्त हुईं।
उनकी विधिक दक्षता के कारण जनपद भदोही के विभिन्न मुकदमों से संबंधित निम्नलिखित मादक पदार्थों का विधिसम्मत विनष्टीकरण सुनिश्चित हो सका:
गांजा: लगभग 2132.93 किलोग्राम
डायजेपाम गोलियां: 65 गोलियां
अन्य मादक पदार्थ: 0.065 किलोग्राम
पुलिस अधीक्षक भदोही, अभिनव त्यागी ने विशेष लोक अभियोजक माया मोहन पाण्डेय की विधिक दक्षता, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट कार्यशैली की सराहना की।
जल निकासी को 25 लाख स्वीकृत:जिला अस्पताल मोड़ से लालानगर मार्ग पर बनेगी 400 मीटर ओपन नाली


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिला अस्पताल मोड़ से पुरानी बाजार होते हुए लालानगर मार्ग पर बांध तक लगभग 400 मीटर लंबी ओपन नाली का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए शासन ने 25 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया है। इस नाली के निर्माण से बारिश के दिनों में होने वाली जलभराव की समस्या दूर हो जाएगी।

नगर के दुर्गागंज, पुरानी बाजार, मुखर्जी पार्क के पास और जिला अस्पताल के सामने सहित कई स्थानों पर हल्की बारिश में भी जलभराव हो जाता है। इससे राहगीरों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

नगर में कुल 11 वार्ड हैं, जहां लगभग 25 हजार की आबादी निवास करती है। वर्तमान में छोटी-बड़ी मिलाकर कुल 45 नालियां मौजूद हैं। अब एक और नई नाली का निर्माण होने जा रहा है।

दुर्गागंज त्रिमुहानी से पुरानी बाजार तक बरसात के मौसम में जलभराव के कारण राहगीरों को विशेष दिक्कत होती है, जहां पानी लगभग एक फीट तक जमा हो जाता है। पूर्व में बनी एक भूमिगत नाली में चैंबर के पास कचरा फंसने से पानी का बहाव बाधित हो जाता है, जिससे जलभराव की स्थिति बन जाती है। नई ओपन नाली बनने से बारिश के पानी का बहाव तेजी से होगा।

चेयरमैन डॉ. घनश्याम दास गुप्ता ने बताया कि जिला अस्पताल मोड़ से लालानगर मार्ग पर बांध तक करीब 400 मीटर नाले का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने पुष्टि की कि इससे बारिश के दिनों में होने वाली जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी।
गंगा नदी पर निर्मित पान्टून पुल 15 जून से यातायात हेतु बंद, नागरिक वैकल्पिक मार्गों का करें उपयोग: जिलाधिकारी

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने जनपदवासियों को सूचित किया है कि ग्राम पंचायत गौरा परमानपुर एवं सेमराध नाथ धाम के मध्य गंगा नदी पर निर्मित पान्टून पुल को वर्षा ऋतु के दृष्टिगत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हटाने (डिस्मेटलिंग) का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है।

         उन्होंने बताया कि उक्त पान्टून पुल का निर्माण कराया गया था। कार्यालय प्रमुख अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक वर्ष वर्षा ऋतु प्रारम्भ होने से पूर्व, 15 जून तक पान्टून पुलों को हटाने की कार्यवाही की जाती है।

        इसी क्रम में 15 जून 2026 से पान्टून पुल के डिस्मेटलिंग का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है तथा पुल पर आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने आमजन से अपील की है कि अपनी सुरक्षा एवं सुविधा को ध्यान में रखते हुए उक्त पान्टून पुल का उपयोग न करें तथा आवागमन हेतु निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही प्रयोग करें।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि क्षेत्र में आवश्यक सूचना एवं चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं तथा आमजन को समय रहते जानकारी उपलब्ध कराई जाए, जिससे किसी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना की संभावना न रहे।
भीषण गर्मी को देखते हुए भदोही के आंगनबाड़ी केन्द्रों में 24 जून तक अवकाश घोषित, बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता
जिलाधिकारी के निर्देश पर आंगनबाड़ी केन्द्र 24 जून तक रहेंगे बंद, पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाएं नियमित रूप से जारी रहेंगी



नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिलाधिकारी शैलेष कुमार के निर्देश के क्रम में ग्रीष्मकालीन सत्र में तेज धूप, प्रचण्ड गर्मी एवं लू के प्रकोप से आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों के बचाव हेतु जनपद के समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन  20 मई 2026 से 15 जून 2026 तक बन्द किया गया था।

अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश के क्रम में 16 जून 2026 के द्वारा उ० प्र० बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन संचालित विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश 20 जून तक बढ़ा दिया गया है। आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चे प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों से भी छोटे होते हैं, के क्रम में उक्त के दृष्टिगत आंगनबाड़ी केन्द्रों पर दिनांक 24 जून 2026 तक अवकाश घोषित किया जाता है।

         उक्त अवकाश अवधि में आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका द्वारा लाभार्थियों को अनुपूरक पुष्टाहार का वितरण, वजन, गृह भ्रमण, पोषण ट्रैकर पर फीडिंग, निर्धारित कैलेण्डर के अनुसार सामुदायिक गतिविधियों का आयोजन, वी०एच०एस०एन०डी० सत्र एवं आर०बी०एस०के० टीम द्वारा बच्चों का स्वास्थ्य जाँच व संदर्भन के साथ-साथ अन्य शासकीय / विभागीय कार्य नियमित रूप से सम्पादित किया जायेगा तथा उक्त अवकाश अवधि में बिना सक्षम स्तर पर अवकाश स्वीकृत कराये आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका केन्द्र / मुख्यालय से बाहर नहीं जायेंगी।