प्राकृतिक खेती ही किसानों के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी: डॉ. युवराज सिंह
भुसेरा में एक दिवसीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला में जुटे सैकड़ों किसान

भाजपा नेता डॉ. युवराज सिंह ने किसानों को किया सम्मानित, विशेषज्ञों ने बताईं जैविक खेती की आधुनिक तकनीकें

अमृतपुर, फर्रुखाबाद।खेती की बढ़ती लागत, घटती भूमि उर्वरता और रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों के बीच किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से ग्राम भुसेरा स्थित जी.एस. चौहान पैलेस में एक दिवसीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के आयोजक भाजपा नेता डॉ. युवराज सिंह रहे। उन्होंने क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे किसानों एवं कृषक महिलाओं को सम्मानित करते हुए प्राकृतिक खेती को आत्मनिर्भर और समृद्ध किसान का मजबूत आधार बताया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद राजपूत उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश सरकार किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत कम होती है, मिट्टी की गुणवत्ता सुधरती है और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलती है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया।

कार्यशाला में कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. खलील खान, मृदा विशेषज्ञ एस.एम. सुनील पांडे, मौसम विशेषज्ञ डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह परिहार, सीनियर रिसर्च फेलो प्रशांत सिंह परिहार तथा चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर के पूर्व शोध निदेशक डॉ. एच.जी. श्रीवास्तव ने किसानों को प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों ने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल खेती की पद्धति नहीं, बल्कि मिट्टी, जल और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम भी है।

विशेषज्ञों ने किसानों को जीवामृत, घन जीवामृत और गोबर आधारित किण्वित जैविक खाद तैयार करने की विधि समझाई। उन्होंने बताया कि किसान अपने घरों और खेतों में उपलब्ध संसाधनों से ही गुणवत्तापूर्ण जैविक खाद तैयार कर सकते हैं, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर होने वाला खर्च काफी हद तक कम किया जा सकता है। यह खाद बुवाई से 7 से 10 दिन पूर्व खेत में डालने के साथ-साथ खड़ी फसल में भी प्रयोग की जा सकती है।

डॉ. एच.जी. श्रीवास्तव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि खेतों में आवश्यकता से अधिक रासायनिक खाद एवं उर्वरकों का प्रयोग मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता को नुकसान पहुंचाता है। इससे भूमि की गुणवत्ता धीरे-धीरे कमजोर होती जाती है और आने वाली फसलों का उत्पादन प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाकर किसान इस समस्या से काफी हद तक निजात पा सकते हैं। प्राकृतिक एवं जैविक संसाधनों के उपयोग से मिट्टी की सेहत बेहतर होती है, उत्पादन लागत घटती है और लंबे समय तक बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।

कार्यक्रम में जैविक खाद के वैज्ञानिक महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। विशेषज्ञों ने बताया कि कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट में फसलों, सब्जियों, पौधों और पशुओं से प्राप्त अपशिष्ट पदार्थों को वैज्ञानिक प्रक्रिया से जैविक खाद में बदला जाता है। इस खाद में 12 से 25 प्रतिशत कार्बनिक पदार्थ, 1 से 3 प्रतिशत नाइट्रोजन, 0.5 से 2.5 प्रतिशत फास्फोरस, 1 से 3 प्रतिशत पोटाश तथा 15 से 25 प्रतिशत नमी पाई जाती है, जो भूमि की संरचना सुधारने और फसल उत्पादन बढ़ाने में सहायक है।

कार्यशाला में उपस्थित कृषक महिलाओं ने भी प्राकृतिक खेती के प्रति विशेष रुचि दिखाई और विशेषज्ञों से तकनीकी जानकारियां प्राप्त कीं। किसानों ने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाने से न केवल खेती की लागत कम की जा सकती है, बल्कि स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उत्पादन भी संभव है।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. युवराज सिंह ने सभी वैज्ञानिकों, अतिथियों, किसानों और कृषक महिलाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसानों को नई कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे। एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में बड़ी संख्या में किसान, कृषक महिलाएं, कृषि विशेषज्ञ और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
एंटी करप्शन टीम ने जिला खनन अधिकारी को 24 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा
फर्रुखाबाद l एंटी करप्शन टीम के सदस्यों ने शुक्रवार को जनपद के चर्चित जिला खनन अधिकारी के रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया है l प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। खनन अधिकारी संजय प्रताप के ड्राइवर ने अवधेश नामक व्यक्ति से काम करवाने के नाम पर रुपए मांगे। बाद में 24 हजार रुपयों में मामला तय हो गया। इस प्रकार रिश्वत मांगने की शिकायत एंटी करप्शन में की गई, एंटी करप्शन टीम ने शुक्रवार को खनन अधिकारी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया था । एंटी करप्शन टीम के सदस्यों ने शुक्रवार को दोपहर बाद खनन अधिकारी को पकड़ने के लिए उनके आवास के पास एंटी करप्शन टीम के सदस्य वहां पहुंच गए ,तभी अवधेश नामक रुपए लेकर खनन अधिकारी के आवास पर गया। खनन अधिकारी ने अवधेश से 24000 रुपए की रिश्वत ले ली, रुपए लेते ही एंटी करप्शन टीम ने खनन अधिकारी संजय प्रताप को पड़कर रिश्वत में लिए गए रुपए बरामद कर हिरासत में ले लिया । एंटी करप्शन टीम खनन अधिकारी संजय प्रताप व उनके ड्राइवर को भी कार में बिठाकर फतेहगढ़ कोतवाली ले आई,जिले में बरसों से रह रहे खनन अधिकारी अवैध रूप से खनन करवा रहे थे यहीं नहीं खनन अधिकारी पर रिश्वत लेकर अवैध खनन कराए जाने के आरोप भी लगते रहे पर वह दांव पच से बचते रहे ।
अमैयापुर में भूमि कब्जा विवाद का हुआ निस्तारण, नायब तहसीलदार ने पुलिस बल के साथ कराया कब्जा मुक्त

अमृतपुर फर्रुखाबाद।तहसील अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम अमैयापुर में भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला शासन स्तर तक पहुंचने के बाद प्रशासन हरकत में आया। शिकायतकर्ता द्वारा मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को भेजे गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया था कि कई बार शिकायत और राजस्व विभाग की पैमाइश के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया।

प्रार्थना पत्र के अनुसार गाटा संख्या 223, रकबा 0.166 हेक्टेयर भूमि खातेदार नरेंद्र पाल सिंह पुत्र रामपाल सिंह के नाम दर्ज है। शिकायतकर्ता का आरोप था कि लंबे समय तक गांव से बाहर रहने के दौरान उसकी भूमि पर कथित रूप से कब्जा कर लिया गया था। भूमि पर अस्थायी एवं स्थायी निर्माण के साथ अन्य सामग्री रखकर कब्जा बनाए रखने की बात भी कही गई थी।

मामले में वर्ष 2025 के दौरान राजस्व विभाग द्वारा पैमाइश कराई गई थी तथा अतिक्रमण हटाने का प्रयास भी किया गया था, लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार कार्रवाई पूर्ण नहीं हो सकी। इसके बाद दोबारा निरीक्षण और पैमाइश के बावजूद कथित कब्जा बरकरार रहने की शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई।

शिकायतकर्ता ने कुछ लोगों को नामजद करते हुए भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया था तथा निष्पक्ष जांच एवं कब्जा हटवाने की मांग की थी।मामले को गंभीरता से लेते हुए अमृतपुर के नायब तहसीलदार अपनी राजस्व टीम एवं पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई करते हुए भूमि को कब्जा मुक्त कराया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद शिकायतकर्ता ने राहत महसूस की है। स्थानीय लोगों के अनुसार कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
लेखपाल पैमाइश के नाम पर मांग रहा पैसे, पुलिस पर जांच के लिए रुपए मांगने का आरोप
फर्रुखाबाद। जाति विशेष के लोग जबरन खेतों पर कब्जा करने की नीयत से लेखपाल को क्षेत्र की पैमाइश नहीं करने दे और ना ही पुलिस को जांच करने दे रहे हैं।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के पीड़ित में मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला अधिकारी को शिकायती पत्र दिया है जिसमें कहा है कि गांव के दबंग खेतों पर कब्जा करके अपने नाम ही नहीं बल्कि खेती तक नहीं करने दे रहे हैं। पीड़ित ने जिलाधिकारी को बताया कि गांव के लोग आए दिन परेशान करते हैं पुलिस को शिकायत देने पर जांच करने के नाम पर 10000 रुपए मांगने का आरोप लगाया है। लेखपाल से खेतों की पैमाइश के लिए कहा तो वह जांच करने और पैमाइश करने के लिए नहीं आ रहा है। पीड़ित ने जिलाधिकारी से कहा कि खेतों की पैमाईश और दबंगों से खेत मुक्त कराए जाने की गुहार लगाई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशों को चुनौती दे रहे झोलाछाप डॉक्टर, ग्रामीण क्षेत्रों में धड़ल्ले से जारी इलाज
राजेपुर फर्रुखाबाद


फर्रुखाबाद जनपद  के विकास खंड राजेपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर कार्रवाई और चेतावनी जारी किए जाने के बावजूद कई स्थानों पर बिना मान्यता प्राप्त चिकित्सक खुलेआम मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांवों में संचालित हो रहे कई निजी क्लीनिकों पर न तो आवश्यक पंजीकरण है और न ही योग्य चिकित्सक उपलब्ध हैं। इसके बावजूद मरीजों का इलाज किया जा रहा है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न हो रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रह जाती है, जबकि झोलाछाप डॉक्टरों का कारोबार पहले की तरह जारी है। क्षेत्र में बढ़ती इस समस्या को लेकर लोगों ने प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बिना चिकित्सीय योग्यता वाले व्यक्तियों से इलाज कराना मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ हो सकता है। ऐसे में संबंधित विभागों को नियमित जांच अभियान चलाकर अवैध क्लीनिकों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
साइबर क्राइम के प्रति लोगों को जागरूक किया
अमृतपुर- फर्रुखाबाद। जनपद में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम एवं आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से थाना राजेपुर पुलिस द्वारा लगातार साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना अध्यक्ष नागेंद्र सिंह के निर्देशन में ग्राम महेशपुर में विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।कार्यक्रम के दौरान उपनिरीक्षक आशुतोष कुमार, एएसआई सत्येन्द्र कुमार एवं महिला कांस्टेबल भावना ने ग्रामीणों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले नए-नए तरीकों की जानकारी दी। पुलिस टीम ने बताया कि आजकल साइबर ठग फर्जी बैंक अधिकारी, केवाईसी अपडेट, लॉटरी, नौकरी, निवेश योजना तथा सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को अपने जाल में फंसाकर आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं।ग्रामीणों को बताया गया कि किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक खाता विवरण, एटीएम कार्ड नंबर अथवा अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। मोबाइल पर प्राप्त होने वाले संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें तथा अनजान कॉल और संदेशों पर विश्वास न करें। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराए और संबंधित पुलिस थाने को सूचना दे।थाना अध्यक्ष ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता है। पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को पहले से सतर्क और जागरूक बनाना भी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे डिजिटल लेन-देन करते समय विशेष सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को साइबर सुरक्षा से संबंधित आवश्यक सुझाव दिए गए तथा उन्हें अपने परिवार, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। ग्रामीणों ने पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना करते हुए इसे समय की आवश्यकता बताया।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधों के विरुद्ध यह जागरूकता अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के अधिक से अधिक लोग जागरूक होकर साइबर ठगी जैसी घटनाओं से स्वयं को सुरक्षित रख सकें। पुलिस की इस पहल से ग्रामीणों में उत्साह देखने को मिला और लोगों ने साइबर सुरक्षा नियमों का पालन करने का संकल्प लिया।
प्रदेश के पर्यटन एवं प्रभारी मंत्री ने पार्टी कार्यकर्ताओं के घरों पर जाकर शोक संवेदना व्यक्त की

फर्रुखाबाद l रविवार को उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने अपने एक दिवसीय जनपद दौरे के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए एवं उन्होंने भाजपा की वरिष्ठ नेत्री स्वर्गीय डॉ रजनी सरीन के लोहाई रोड स्थित आवास पर जाकर उनके परिजनों से भेंट कर शोक संवेदनाएं व्यक्त की। पूर्व ब्लाक प्रमुख भास्कर दत्त द्विवेदी के सेनापत स्थित आवास पर पहुंचकर मुलाकात की इसके बाद पूर्व विधायक स्वर्गीय महरम सिंह के आवास पर पहुंचकर उनके पुत्र एवं परिवार जनों से मुलाकात की।

प्रभारी मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह का काफिला पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंच जहां उन्होंने भाजपा के जिला पदाधिकारीयों की बैठक में आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा की। जिला अध्यक्ष फतेहचंद वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित जिला कमेटी की बैठक में उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि विधानसभा चुनाव में 6 महीने का वक्त रह गया है पार्टी कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी सरकार की योजनाओं और उपलब्धियां की जानकारी जनता तक पहुंचाएं योगी सरकार की विभिन्न योजनाएं जिनका लाभ पात्र लोगों को मिलने से वंचित रह गया है उनको लाभान्वित कराने का कार्य करें तीसरी बार सरकार बनाने के लिए अथक मेहनत और प्रयास करने पड़ेंगे सरकार द्वारा प्रदेश में दिया गया सुरक्षित माहौल जनता के बीच अति लोकप्रिय है इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को जनता के बीच ले जाएं।

इस दौरान जिला महामंत्री अमरदीप दीक्षित हिमांशु गुप्ता गोपाल राठौर जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह कठेरिया जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश सहसंयोजक वीरेंद्र सिंह राठौड़ आदि लोग मौजूद रहे।

प्रभारी मंत्री ने जिला कोर ग्रुप की बैठक की जिसमें उन्होंने भाजपा जिला अध्यक्ष फतेह चंद्र वर्मा भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी कायमगंज विधायक डॉक्टर सुरभि अपना दल एस जिला अध्यक्ष रिंकू कटियार निषाद पार्टी जिला अध्यक्ष अनिल बाथम सुहेलदेव पार्टी जिला अध्यक्ष अतुल बाथम पूर्व जिलाध्यक्ष रूपेश गुप्ता जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर पुलिस अधीक्षक आरती सिंह आदि लोग मौजूद रहे।

विश्व रक्तदान शिविर में नमामि गंगे के योद्धाओं ने किया योगदान

फर्रुखाबाद। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर जिला गंगा समिति की टीम के द्वारा लोहिया अस्पताल में रक्तदान किया गया। इस दौरान जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल‌ के साथ नमामि गंगे की टीम के गंगा योद्धा दीक्षा, राम रहीश, विवेक तिवारी एवं अन्य युवाओं ने रक्तदान किया। जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने बताया कि रक्तदान एक महादान है। इससे बड़ा दान कुछ भी नहीं हो सकता है। प्रत्येक व्यक्ति जो स्वस्थ है उसको रक्तदान अवश्य करना चाहिए जिससे किसी का जीवन बच सके। हम सभी जानते हैं हर वर्ष लाखों करोड़ों लोगों को रक्त की आवश्यकता होती है जो कि किसी मशीन द्वारा उत्पादन नहीं किया जा सकता है सिर्फ एक व्यक्ति के द्वारा ही रक्त उपलब्ध होता है। इससे हर साल लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है। यह बहुत बड़ा सामाजिक कार्य है प्रत्येक व्यक्ति को इस महादान में अपना सहयोग देना चाहिए। रक्तदान करने से न सिर्फ किसी की जान बचती है बल्कि वह व्यक्ति स्वयं भी स्वस्थ रहते हैं।जो भी व्यक्ति निरंतर रक्तदान करता है वह शरीर से भी स्वस्थ रहता है एवं कई बीमारियों से दूर भी रहता है। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में भी जब सभी लोग घर से बाहर निकलने में भी घबरा रहे थे ऐसे में उनके द्वारा एक बच्ची को रक्त देकर उसकी जान बचाई थी। इसके अतिरिक्त कई बार रक्तदान कर लोगों का सहयोग किया है। उनके द्वारा अन्य युवाओं को भी रक्तदान के लिए प्रेरित कर समय-समय पर रक्तदान किया जा रहा है।

जमीन के अधिकार के संरक्षण हेतु "जन सत्याग्रह" का शंखनाद: अमलैया आशामंद में किसानों ने किया संकल्प

फर्रुखाबाद l रविवार को अमलैया आशामंद में 'किसान आंदोलन' के बैनर तले एक विशाल किसान सम्मेलन संपन्न हुआ। इस सम्मेलन में औद्योगिक गलियारे के नाम पर प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण का पुरजोर विरोध करते हुए इसे किसानों के साथ बड़ा धोखा करार दिया गया। हजारों की संख्या में एकत्रित किसानों ने एक स्वर में अपनी उपजाऊ भूमि को न सौंपने का संकल्प लिया।

प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल ने अपने संबोधन में कहा कि "वर्ष 1978 में संविधान संशोधन द्वारा संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकार से हटाकर केवल कानूनी अधिकार बना दिया गया। इसके बाद से 1894 के कानून का दुरुपयोग कर देश भर में लाखों एकड़ जमीन जबरन अधिग्रहित की गई और किसानों को उचित मुआवजा तक नहीं मिला। वर्तमान सरकार को चाहिए कि वह संविधान में पुन: संशोधन कर संपत्ति के अधिकार को मूल अधिकार बनाए।"

उन्होंने कहा कि कानूनी बारीकियों पर चर्चा करते हुए कहा कि, "किसानों के संघर्ष के बाद 2013 में नया भूमि अधिग्रहण कानून बना, लेकिन बाद में उसमें संशोधन करके किसानों के हितों से खिलवाड़ किया गया। यहाँ तक कि सर्वोच्च न्यायालय के माध्यम से नए कानून की धारा 24(2) के प्रावधानों को भी बदल दिया गया। सरकार को संसद का विशेष सत्र बुलाकर या अध्यादेश लाकर नए कानून को उसके मूल स्वरूप में बहाल करना चाहिए।" उन्होंने 2015 के शासनादेश पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि सीधे खरीद की आड़ में सरकार किसानों को पुनर्वास, पुनर्स्थापन और उपजाऊ जमीन की सुरक्षा के लाभ से वंचित कर रही है, जो कि सरासर अन्याय है। उन्होंने उपस्थित किसानों से शपथ पत्र के माध्यम से अपनी असहमति जिलाधिकारी को सौंपने का आह्वान किया

प्रदेश प्रभारी अशोक कटियार (एडवोकेट) ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि "औद्योगिक गलियारे के लिए यह अधिग्रहण प्रस्ताव पूरी तरह मनमाना है। सरकार उपजाऊ बहुफसली भूमि को उजाड़ने के बजाय पहले से अधिग्रहित बंजर भूमि का उपयोग करे। हम किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं होने देंगे।"

उन्होंने प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के निवासियों के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अन्य राज्यों की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में 300 यूनिट बिजली मुफ्त, महिलाओं को 3,000 रुपये प्रति माह सम्मान राशि और बेरोजगार युवाओं को 4,000 रुपये प्रति माह बेरोजगारी भत्ता देने की मांग की। उन्होंने घोषणा की कि इन मांगों और जमीन के हक के लिए गांव-गांव 'जन सत्याग्रह' की अलख जगाई जाएगी।

आंदोलन की आगामी रणनीति स्पष्ट करते हुए नेताओं ने बताया कि 27 जून को ढाई घर स्थित गंगा तट पर किसान माँ गंगा का आशीर्वाद लेकर पूर्णतः अहिंसक सत्याग्रह की शुरुआत करेंगे। सम्मेलन में जिला प्रचार मंत्री देवेश चतुर्वेदी, आकाश कटियार ( अध्यक्ष ग्राम सुधार समिति ), राजीव यादव, राजवीर कठेरिया , मोनू कटियार, अरविंद राजपूत, प्रमोद गंगवार, मृदुल गंगवार, अभिनंदन गंगवार, प्रभाकर पाण्डेय, आर्येष पटेल, हर्ष गंगवार, वीरेंद्र आर्य , दीपू राठौर , राजाराम शर्मा , गुड्डू शाक्य , राजीव शाक्य , नीरज पाल , रविन्द्र पाल, साहबेज अली समेत क्षेत्र के समस्त प्रधान और हजारों किसान मौजूद रहे।

महिला की मौत पर चार आरोपियों पर दर्ज हुआ मुकदमा

अमृतपुर फर्रुखाबाद 14 जून। थाना राजेपुर क्षेत्र के ग्राम पूरनपुर जिठैली में मारपीट के मामले में मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला की शनिवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।जानकारी के अनुसार ग्राम पूरनपुर जिठोली निवासी गंगा देवी 45 वर्ष पत्नी रामबाबू ने 15 मई 2026 को राजेपुर थाने में तहरीर देकर गांव के ही श्याम मोहन पुत्र संजू,अमरदीप पुत्र संजू, सुमन पत्नी संजू तथा संजू पुत्र उदयपाल के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था।गंगा देवी ने अपनी शिकायत में बताया था कि 15 मई की शाम करीब 7 बजे वह अपने दरवाजे पर बैठी थीं। इसी दौरान श्याम मोहन मोटरसाइकिल लेकर आया और उनकी चारपाई मे जोरदार टक्कर मार दी। विरोध करने पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद अन्य आरोपी भी मौके पर पहुंच गए और सभी ने मिलकर उनके तथा उनके पुत्रों के साथ मारपीट की। घटना में गंगा देवी और उनके पुत्र रामस्वरूप घायल हो गए थे।घायल रामस्वरूप ने बताया कि उनका इलाज जिला लोहिया अस्पताल में कराया गया था, जबकि उनकी मां का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। तीन दिन पूर्व ही उन्हें घर लाया गया था। शनिवार देर रात उनकी तबीयत बिगड़ गई और घर पर ही मौत हो गई।महिला की मौत की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष नागेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू की। उपनिरीक्षक अरविंद अवस्थी ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।थानाध्यक्ष ने बताया कि मारपीट के मामले में पहले से मुकदमा दर्ज है तथा आरोपियों का शांति भंग की कार्रवाई में चालान किया जा चुका है। महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।