खाद की कालाबाजारी के विरोध में किसानों का हल्ला बोल, हाईवे जाम की कोशिश नाकाम
तहसीलदार व सीओ को सौंपा ज्ञापन
पुलिस प्रशासन की सूझबूझ के चलते बडा टकराव टला।
सीओ जानसठ ऋषिका सिंह, इंस्पेक्टर विनोद कुमार, भारी पुलिस फोर्स के साथ डटे रहे और पुलिस प्रशासन सूझबूझ से काम न लेता तो हो सकता था बड़ा टकराव
समस्याओं का समाधान न होने पर किसानों ने उग्र आंदोलन का दिया अल्टीमेटम
ब्रह्म प्रकाश शर्मा
जानसठ। क्षेत्र में खाद की कथित कालाबाजारी और किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध न होने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में किसानों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसान एकत्र होकर जानसठ तहसील पहुंचे और प्रशासन के ख़िलाफ़ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए।
धरने के दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि सहकारी समितियों एवं निजी केंद्रों पर खाद की उपलब्धता को लेकर भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं, जिससे किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। किसानों का कहना था कि बुवाई एवं फसलों की देखभाल के महत्वपूर्ण समय में खाद की कमी से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
धरना प्रदर्शन के बीच स्थिति उस समय बहुत ही तनावपूर्ण हो गई जब आक्रोशित किसानों के सब्र का बांध टूट गया किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में हाईवे जाम करने का प्रयास किया। लेकिन किसानों के धरना प्रदर्शन के मद्देनजर जानसठ, रामराज , मीरापुर पुलिस को तैनात किया गया था। सीओ जानसठ ऋषिका सिंह जैसे ही गाड़ी से अपने दफ्तर आने के लिए तहसील परिसर में पहुंची तो उनकी गाड़ी को भी रास्ते में ही रूकना पड़ा, और गाड़ी से उतरकर पैदल ही अपने ऑफिस जाना पड़ा।
इंस्पेक्टर जानसठ विनोद कुमार भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर डटे रहे और लगातार किसानों को समझानें का प्रयास करते नजर आए और आखिरकार कड़ी मशक्कत के बाद किसानों को समझानें में सफलता हासिल करने में कामयाब हो गए ,इसी क्रम के चलते किसानों और प्रशासन के बीच का रास्ता निकालते हुए किसानों से हाईवे पर ही सीओ जानसठ ऋषिका सिंह, तहसीलदार श्रद्धा गुप्ता द्वारा ज्ञापन लिया गया, और किसानों को समस्याओं का समाधान कराये जाने का मजबूत आश्वासन दिया।
इस दौरान पुलिस की सूझ-बूझ एवं संयमित कार्रवाई के चलते किसी प्रकार के टकराव की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई और माहौल शांतिपूर्ण बना रहा।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि खाद की कालाबाजारी पर तत्काल रोक लगाकर किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं कराई गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
तहसीलदार श्रद्धा गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि किसानों की समस्याओं का ज्ञापन लिया गया और ज्ञापन को प्रेषित करनें व समस्याओं का समाधान करानें का आश्वासन दिया गया है।
धरना-प्रदर्शन और हाईवे जाम की कोशिश को लेकर क्षेत्र में दिनभर चर्चाओं का माहौल बना रहा, जबकि पुलिस और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए रहे। प्रशासनिक अधिकारियों से मिले आश्वासन के बाद किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपने गंतव्य को लौट गए, तब कहीं जाकर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। इस दौरान मुख्य रूप से ओमप्रकाश शर्मा, मास्टरमहकर सिंह, बिट्टू ठाकुर, सहंसरपाल, खालिद गुर्जर, मौ. इरशाद सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
Jun 18 2026, 17:04
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