महाराणा प्रताप जयंती पर वृषांक सुपर मार्केट में शरबत वितरण कार्यक्रम आयोजित
आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। मेवाड़ के महान वीर योद्धा, राष्ट्र गौरव एवं स्वाभिमान के प्रतीक महाराणा प्रताप की जयंती के पावन अवसर पर वृषांक सुपर मार्केट, मुजफ्फरनगर में शरबत वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजसेवियों, व्यापारियों, गणमान्य नागरिकों एवं क्षेत्रवासियों ने सहभागिता कर महाराणा प्रताप को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के अद्वितीय साहस, राष्ट्रभक्ति, त्याग एवं स्वाभिमान से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन संघर्ष, सम्मान और मातृभूमि के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है, जो आज भी प्रत्येक भारतीय को प्रेरित करता है।

कार्यक्रम के आयोजक एवं अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष तथा युवा उ. प्र. उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह ने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों, समाज बंधुओं एवं क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है।

कार्यक्रम के दौरान राहगीरों एवं उपस्थित जनसमूह को शीतल शरबत वितरित किया गया। सभी उपस्थित लोगों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए आयोजकों को शुभकामनाएं दीं।

जारीकर्ता: विजय प्रताप सिंह जिलाध्यक्ष, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा
जिलाध्यक्ष, युवा उ. प्र. उद्योग व्यापार संगठन
मुजफ्फरनगर

भाकियू तोमर ने विशाल रेलवे आंदोलन को प्रशासनिक सूझबूझ के बाद टाल दिया गया

आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर के नेतृत्व में 16 जून 2026 को जनपद मुजफ्फरनगर में होने वाले विशाल रेलवे आंदोलन को प्रशासनिक सूझबूझ के बाद टाल दिया गया है।

अधिकारियों ने की देर रात की वार्ता, सुबह तक हुआ समाधान आंदोलन की संवेदनशीलता को देखते हुए 15 जून की रात को ही सीओ मंडी और सीओ सदर और थाना छपार प्रभारी के साथ मौके पर पहुंचे , अधिकारियों ने किसान नेताओं से गहन वार्ता की और उच्चाधिकारियों से संवाद कराया सुबह तक समस्याओं के निस्तारण का ठोस आश्वासन दिया।

प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए 16 जून की सुबह 10:00 बजे तक संगठन द्वारा उठाए गए अधिकांश मामलों का निस्तारण कर दिया।
इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर, सीओ सदर और छपार थाना प्रभारी ने संयुक्त रूप से भाकियू तोमर के राष्ट्रीय कार्यालय पहुंचकर मर्यादापूर्वक सरकार के नाम ज्ञापन लिया।

युवाओं की ताकत के आगे झुका प्रशासन:(अंकित गुर्जर)

इस पूरे घटनाक्रम और सफलता पर भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के युवा प्रदेश अध्यक्ष अंकित गुर्जर ने संगठन की एकजुटता की सराहना करते हुए बड़ा बयान जारी किया है।
"यह किसानों और युवाओं की एकजुटता की बहुत बड़ी जीत है। हमारा मकसद रेलवे को बाधित कर आम जनता को परेशान करना कभी नहीं था, बल्कि अपनी जायज मांगों को गूंगी-बहरी सरकार तक पहुंचाना था।

राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी संजीव तोमर के एक आह्वान पर हजारों युवा और किसान पटरियों पर बैठने के लिए तैयार थे।
दामाद और उसके दोस्त को ससुरालियों ने पीट पीटकर अधमरा किया
पत्नी को भाई व दोस्त के साथ ससुराल लेने आया था दामाद

विपिन राठौर

मुज़फ्फरनगर, मीरापुर।-छुट्टियों में मायके आई हुई पत्नी व बच्चों को भाई व दोस्त के साथ लेने ससुराल आये दामाद  व उसके दोस्त को ससुरालियों ने पीट पीटकर अधमरा कर दिया।पीड़ित दामाद ने सास-ससुर,पत्नी व साढू को नामजद व 10-15अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है।

मेरठ जनपद के थाना परीक्षितगढ़ के गांव दुर्वेशपुर निवासी रवि पुत्र राजेन्द्र ने मीरापुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है कि करीब 8 वर्ष पूर्व उसकी शादी मीरापुर थानाक्षेत्र के गांव मुकल्लमपुरा निवासी आरती पुत्री ब्रजपाल के साथ हुई थी।शादी के बाद दोनों के दो बच्चें है।वर्तमान में उसकी पत्नी 5 माह की गर्भवती है।आरोप है कि रवि के ससुराल वाले आर्थिक रूप से कमजोर है जिसके चलते उसकी पत्नी अक्सर उससे रुपये लेकर मायके भेजती रहती है।इसके बाद भी पत्नी व ससुराल वाले अक्सर उससे लड़ते रहते है और बिना पंचायत के उसकी पत्नी को साथ नही भेजते है।

रवि के अनुसार उसकी पत्नी 2 जून को मायके आयी थी।जिसे लेने के लिए रवि अपने भाई कमल व अपने दोस्त सोनू के साथ मुकल्लमपुरा आया था।आरोप है कि जैसे वह यहाँ पहुँचा तो उसकी ससुराल वालों ने 10-15 अज्ञात बदमाश बुला रखें थे तथा उन्हें देखते ही सास सुनीता,ससुर ब्रजपाल,साढू संजय ,पत्नी आरती व 10-12 अज्ञात लोगों ने लाठी-डंडों व सरियों से उन पर हमला कर दिया तथा उसे व उसके दोस्त को पीट पीटकर अधमरा कर दिया और उन्हें मरा समझकर मौके से फरार हो गए।उसका दोस्त सोनू गंभीर हालत में बेहोश हो गया।जिस पर होश आने पर उसने पुलिस को सूचना दी।पुलिस भी उसके दोस्त को मरा समझ गई।पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए भेजा।पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी।
हिन्दू नाम बताकर लोन दिलाने के नाम पर 40 हजार ठगे
मुस्लिम युवक को राजीव नाम बताकर आरोपी ने पांच लाख का लोन दिलाने के नाम पर 40 हज़ार ठगे

मीरापुर।-एक ठग ने हिन्दू नाम बताकर मुस्लिम युवक को पांच लाख का लोन दिलाने के नाम पर उससे 40 हजार रुपये  ठग लिए।पीड़ित ने तहरीर देकर कार्यवाही की मांग की है।

कस्बें के मौहल्ला कोटला निवासी शहजाद पुत्र इकबाल ने थाने में तहरीर देते हुए बताया कि कुछ दिन पूर्व एक युवक जिसने अपना नाम राजीव बताया उसने मीरापुर में लोन दिलाने का ऑफिस खोला।आरोप है कि उक्त कथित राजीव ने शहजाद को पांच लाख का लोन दिलाने का आश्वासन दिया तथा उससे 18,000 रुपये फोन पे तथा 22,000 रुपये नकद लोन दिलाने की एवज में लिए।आरोप है कि इसके बाद आरोपी कई महीनों तक उसे लोन दिलाने के नाम पर टरकाता रहा। जब उसने लोन दिलाने या अपने 40,000 रुपये वापस मांगे तो आरोपी ने उसे गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि इसके बाद आरोपी फरार हो गया। शहजाद का आरोप है कि जब कथित राजीव के बारे में जानकारी की तो पता चला उसका असली नाम नफीस है और वह मवाना क्षेत्र का रहने वाला है।जिसके बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित ने मीरापुर थाने में आरोपी के विरुद्ध तहरीर दी है।
खेत पर चार लेने जा रहे युवक के साथ मारपीट
विपिन राठौर

मुज़फ्फरनगर ,मीरापुर।- गांव सिखरेडा में खेत पर चारा लेने जा रहे एक युवक को गांव के ही तीन युवकों ने मार-पीटकर घायल कर दिया। पीड़ित की पत्नी ने तीनों युवकों के विरुद्ध तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।

सिखरेडा निवासी महिला नीलम पत्नी विक्की ने थाने में तहरीर देते हुए बताया कि उसका पति विक्की सोमवार को खेत पर चारा लेने के लिए जा रहा था।इस दौरान गांव के ही सोनी पुत्र रामचंद्र, लक्की पुत्र तोला सिंह और रामचंद्र पुत्र मंगल ने उसे रास्ते में रोक लिया तथा आरोप है कि तीनों युवकों ने उसके पति विक्की के साथ गाली-गलौज करते हुए उसे मारपीट कर घायल कर दिया।दी।मारपीट में विक्की को गंभीर चोटें आयी है।बाद में आरोपी मौके से फरार हो गए।पुलिस मामलें की जांच कर रही है।
मुज़फ्फरनगर )अथर्व हॉस्पिटल के एमडी डॉ आलोक शर्मा ने वीडियो जारी कर झोलाछाप चिकित्सक व मैडिकल स्टोर संचालकों की खोली पोल
डॉ आलोक ने बिना किसी डायग्नोज के ईलाज कर मरीजों के जीवन से खिलवाड़ के आरोप लगाए


विपिन राठौर,मीरापुर।मीरापुर के अथर्व हॉस्पिटल के एमडी डॉ. आलोक शर्मा ने रविवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर मीरापुर में चिकित्सा जगत में चल रहें भ्रष्टाचार की पोल खोली।उन्होंने कस्बें के झोलाछाप चिकित्सकों व कुछ मैडिकल स्टोर संचालकों पर मरीजों के जीवन से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए लोगों को ऐसे उपचार से बचने की सलाह दी।
डॉ आलोक शर्मा ने रविवार को सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करते हुए आम नागरिकों को जागरूक करते हुए बताया कि मीरापुर कस्बें में अप्रशिक्षित चिकित्सक व मैडिकल स्टोर संचालक मरीजों का ईलाज कर रहें है।उन्होंने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि अप्रशिक्षित चिकित्सक व मैडिकल स्टोर संचालक बिना किसी डायग्नोज के मरीजों को ईलाज कर रहे है तथा उन्हें स्टोरायड देकर घर भेज देते है।

मरीजों के तीमारदारों से मोटी रकम वसूलते है। बाद में मरीजों की हालत बिगड़ जाती है।डॉ आलोक ने आरोप लगाया कि उक्त अप्रशिक्षित चिकित्सक व मैडिकल स्टोर संचालक लोगों को प्राइमरी उपचार देने में सक्षम नही है।डॉ आलोक शर्मा ने लोगों को ऐसे अप्रशिक्षित चिकित्सकों व मैडिकल स्टोर संचालकों को बहरूपियों की संज्ञा देते हुए इनसे सचेत रहने की सलाह दी।बता दें कि मीरापुर क्षेत्र में चिकित्सा विभाग की मिलीभगत से बिना प्रशिक्षित चिकित्सकों के दर्जनों अवैध अस्पताल चल रहें है।जहाँ धड़ल्ले से झोलाछाप द्वारा ऑपरेशन किये जा रहे है।तथा कई बार लोगों की जान भी जा चुकी है।किन्तु शिकायत के बाद भी इन पर कार्यवाही के नाम पर केवल औपचारिकता होती है।
-वीडियो जारी करने वाले अथर्व हॉस्पिटल के एमडी डॉ आलोक शर्मा
मुज़फ्फरनगर )किशोरी को भगा ले जाने वाला मुस्लिम युवक गिरफ्तार

विपिन राठौर,मीरापुर। क्षेत्र के एक गांव में अपनी बुआ के घर आई हुई एक किशोरी को दो दिन पूर्व मेरठ के सरधना निवासी गुलफाम पुत्र इद्दू बहला फुसलाकर भगा ले गया था। पुलिस ने शनिवार को किशोरी को बरामद करने के बाद आरोपित को भी घर से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया। जहां से उसे जेल भेजा गया है। बता दें कि मामला दो समुदाय का होने के चलते गांव में तनाव था। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ही किशोरी को बरामद कर लिया था।
खाद की कालाबाजारी के विरोध में किसानों का हल्ला बोल, हाईवे जाम की कोशिश नाकाम
तहसीलदार व सीओ को सौंपा ज्ञापन

पुलिस प्रशासन की सूझबूझ के चलते बडा टकराव टला।

सीओ जानसठ ऋषिका सिंह, इंस्पेक्टर विनोद कुमार, भारी पुलिस फोर्स के साथ डटे रहे और पुलिस प्रशासन सूझबूझ से काम न लेता तो हो सकता था बड़ा टकराव

समस्याओं का समाधान न होने पर किसानों ने उग्र आंदोलन का दिया अल्टीमेटम

ब्रह्म प्रकाश शर्मा

जानसठ। क्षेत्र में खाद की कथित कालाबाजारी और किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध न होने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में किसानों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में किसान एकत्र होकर जानसठ तहसील पहुंचे और प्रशासन के ख़िलाफ़ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए।
धरने के दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि सहकारी समितियों एवं निजी केंद्रों पर खाद की उपलब्धता को लेकर भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं, जिससे किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। किसानों का कहना था कि बुवाई एवं फसलों की देखभाल के महत्वपूर्ण समय में खाद की कमी से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
धरना प्रदर्शन के बीच स्थिति उस समय बहुत ही तनावपूर्ण हो गई जब आक्रोशित किसानों के सब्र का बांध टूट गया किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में हाईवे जाम करने का प्रयास किया। लेकिन किसानों के धरना प्रदर्शन के मद्देनजर जानसठ, रामराज , मीरापुर पुलिस को तैनात किया गया था। सीओ जानसठ ऋषिका सिंह जैसे ही गाड़ी से अपने दफ्तर आने के लिए तहसील परिसर में पहुंची तो उनकी गाड़ी को भी रास्ते में ही रूकना पड़ा, और गाड़ी से उतरकर पैदल ही अपने ऑफिस जाना पड़ा।
इंस्पेक्टर जानसठ विनोद कुमार भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर डटे रहे और लगातार किसानों को समझानें का प्रयास करते नजर आए और आखिरकार कड़ी मशक्कत के बाद किसानों को समझानें में सफलता हासिल करने में कामयाब हो गए ,इसी क्रम के चलते किसानों और प्रशासन के बीच का रास्ता निकालते हुए किसानों से हाईवे पर ही सीओ जानसठ ऋषिका सिंह, तहसीलदार श्रद्धा गुप्ता द्वारा ज्ञापन लिया गया, और किसानों को समस्याओं का समाधान कराये जाने का मजबूत आश्वासन दिया।
इस दौरान पुलिस की सूझ-बूझ एवं संयमित कार्रवाई के चलते किसी प्रकार के टकराव की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई और माहौल शांतिपूर्ण बना रहा।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि खाद की कालाबाजारी पर तत्काल रोक लगाकर किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं कराई गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
तहसीलदार श्रद्धा गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि किसानों की समस्याओं का ज्ञापन लिया गया और ज्ञापन को प्रेषित करनें व समस्याओं का समाधान करानें का आश्वासन दिया गया है।
धरना-प्रदर्शन और हाईवे जाम की कोशिश को लेकर क्षेत्र में दिनभर चर्चाओं का माहौल बना रहा, जबकि पुलिस और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए रहे। प्रशासनिक अधिकारियों से मिले आश्वासन के बाद किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपने गंतव्य को लौट गए, तब कहीं जाकर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। इस दौरान मुख्य रूप से ओमप्रकाश शर्मा, मास्टरमहकर सिंह, बिट्टू ठाकुर, सहंसरपाल, खालिद गुर्जर, मौ. इरशाद सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
एडीजीपी से कोतवाल की शिकायत करनी पड़ी महंगी। सुबह  से शाम तक पुलिस हिरासत में रहे समाजसेवी की तबीयत अचानक बिगड़ी ,जिला अस्पताल रेफर।

ब्रह्म प्रकाश शर्मा

- समाजसेवी अश्वनी शर्मा प्रकरण पर फूटा अधिवक्ताओं का गुस्सा, कोतवाल हटाने की मांग पर अड़े ।

-बार एसोसिएशन का प्रशासन को अल्टीमेटम, कोतवाल नहीं हटे तो होगी अनिश्चितकालीन हड़ता ।

-न्याय की मांग को लेकर अधिवक्ता एकजुट, प्रशासन को दी आर-पार की चेतावनी ।

जानसठ। समाजसेवी अश्वनी शर्मा से जुड़े प्रकरण ने अब तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को अधिवक्ता अन्वेष शर्मा जो समाजसेवी अश्वनी शर्मा के भाई हैं उन्होंने भाई के साथ हुए मामले को  बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद कॉमरेड एवं सचिव दीपेश गुप्ता के समक्ष रखा जिसको लेकर बड़ी संख्या में अधिवक्ता एकजुट होकर पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) कार्यालय पहुंचे और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए कोतवाल को तत्काल हटाए जाने की मांग उठाई। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र अमल नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद शर्मा कॉमरेड  का कहना है कि अश्वनी शर्मा प्रकरण में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, जिससे आमजन में भी असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तभी संभव है जब संबंधित कोतवाल को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। अधिवक्ताओं ने कहा कि न्याय और कानून के राज की स्थापना के लिए प्रशासन को निष्पक्षता का परिचय देना होगा। सीओ ऋषिका सिंह से हुई वार्ता के दौरान अधिवक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि कोतवाल के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो बार एसोसिएशन बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल तक की जा सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। फिलहाल अधिवक्ताओं ने विरोध स्वरूप कलमबंद हड़ताल का ऐलान किया, जिसके चलते न्यायालयों में कई कार्य प्रभावित रहे। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह केवल प्रारंभिक चेतावनी है। यदि प्रशासन ने मामले की गंभीरता को नहीं समझा तो आने वाले दिनों में आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण कर सकता है। बार पदाधिकारियों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि न्याय व्यवस्था और नागरिक अधिकारों से जुड़ा विषय है। उन्होंने प्रशासन को चेताते हुए कहा कि जनभावनाओं की अनदेखी करना भारी पड़ सकता है। अधिवक्ताओं ने मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उधर, अश्वनी शर्मा प्रकरण को लेकर नगर और आसपास के क्षेत्रों में भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। सूत्रों की माने तो अधिवक्ताओं के आंदोलन को विभिन्न सामाजिक संगठनों , त्यागी ब्राह्मण समाज, भाकियू किसान मजदूर संगठन के अलावा अन्य का समर्थन मिलने की बातें सामने आ रही हैं। इससे प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो अधिवक्ताओं का यह विरोध प्रदर्शन एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है। फिलहाल पूरे क्षेत्र की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं और सभी को अगले कदम का इंतजार है।

एडीजीपी से शिकायत करना पड़ा समाजसेवी को महंगा।।

बताया गया कि समाजसेवी अश्वनी शर्मा ने किसी मामले को लेकर एडीजीपी से जानसठ कोतवाली प्रभारी की शिकायत की थी जिसको लेकर तभी से जानसठ कोतवाल उनसे द्वेष रखें हुए थें कहावत भी है की  पुलिस की यारी और पुलिस की दुश्मनी दोनों ही  महंगी पड़ी है सो वही कहावत यहां देखने को मिलीं है।
पानी की निकासी को लेकर ग्रामीणों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
आशीष कुमार
मुजफ्फरनगर। जनपद के विकासखंड क्षेत्र के ग्राम गांदला में विकास के नाम पर विनाश का एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां वर्तमान ग्राम प्रधान की मनमानी के कारण पूरा गांव नरक जैसी जिंदगी जीने को मजबूर है। गांव के मुख्य रास्ते पर पिछले छह महीनों से घुटनों तक गंदा पानी भरा हुआ है, जिससे प्राथमिक विद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आंगनवाड़ी केंद्र और शिव मंदिर का रास्ता पूरी तरह ठप हो गया है। ग्राम प्रधान की दबंगई से त्रस्त ग्रामीणों ने अब एकजुट होकर जिलाधिकारी  मुजफ्फरनगर से लिखित शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।ग्रामीणों के अनुसार, यह समस्या लगभग 7 वर्ष पहले शुरू हुई थी, जब तत्कालीन प्रधान ने पानी की निकासी वाली मुख्य नाली पर इंटरलॉकिंग करा दी थी, जिससे पानी का बहाव कम हो गया था। लेकिन हद तो तब हो गई जब करीब 6 महीने पहले वर्तमान ग्राम प्रधान ने उस पुरानी इंटरलॉकिंग को उखाड़कर, सड़क पर मिट्टी का भराव किया और रास्ते को और ऊंचा उठाकर दोबारा इंटरलॉकिंग करा दी। इस लापरवाही के कारण घनी आबादी के घरों से निकलने वाले रोजमर्रा के पानी का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया और सारा गंदा पानी मुख्य सड़क पर जमा होने लगा।
इस जलभराव के कारण स्कूल जाने वाले मासूम बच्चे, अस्पताल आने वाले मरीज और गर्भवती महिलाएं आए दिन इस गंदे पानी में फिसलकर गिर रहे हैं और गंभीर रूप से चोटिल हो रहे हैं। गांव में संक्रामक और गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा चरम पर है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब सड़क निर्माण के समय उन्होंने इसका विरोध किया था, तो प्रधान ने जल निकासी का झूठा आश्वासन दिया था। लेकिन अब समस्या बढ़ने पर जब ग्रामीण शिकायत लेकर पहुंचे, तो दबंग प्रधान ने साफ कह दिया— "पानी की निकासी का कोई समाधान नहीं होगा, तुम्हें जहाँ शिकायत करनी है, कर दो।"
प्रधान की इसी दबंगई और खौफ के कारण ग्रामीण अब तक अधिकारियों से सिर्फ मौखिक शिकायत कर रहे थे, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार परेशान होकर मौसज्जाद, प्रमोद कुमार, प्रदीप कुमार, जोगिन्द्र, सुखराम नायक, राजकुमार, अंकित कुमार सहित दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की जांच कराने, दोषी प्रधान पर कार्रवाई करने और जल्द से जल्द जल निकासी का निस्तारण कराने की मांग की है।