26 वां राज्य काॅलेज बना केएनपीजी विवि
संयुक्त सचिव शकील अहमद ने कुलपति को लिखा पत्र, विद्यार्थियों को मिलेंगी सुविधाएं
नितेश श्रीवास्तव
भदोही। प्रदेश सरकार द्वारा सूबे का 26वां राज्य विश्वविद्यालय केएनपीजी कालेज को बनाया गया है। इससे 20 महाविद्यालय जोड़ने का ऐलान किया है। उधर, प्रदेश सरकार के संयुक्त सचिव शकील अहमद सिद्दीकी ने कुल सचिव काशी नरेश विश्व विद्यालय को आठ जून को पत्र भेजा। जिसमें नव सृजित विश्विद्यालय के संचालन का आदेश दिया गया है। बता दें कि काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सूबे का 26वां राज्य विश्वविद्यालय बन गया है। गत माह में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने इसका अनुमोदन किया था।
विधान मंडल के दोनों सदनों से प्रक्रिया पूरी करने के बाद विश्वविद्यालय बना दिया गया था। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को लंबे समय से विश्वविद्यालय बनाने की मांग हो रही थी। एक अगस्त 1951 को स्थापित इस महाविद्यालय ने 75 साल में उच्च शिक्षा में मानकों को स्थापित किया है। बीते दिनों जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 50 एकड़ जमीन की उपलब्धता होने पर महाविद्यालय को राज्य विश्वविद्यालय का दर्जा दिए जाने का वादा किया था। उन्होंने जिला प्रशासन को जमीन की तलाश करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद डीएम शैलेष कुमार ने स्थानीय स्तर पर जमीन की तलाश कराई। जिसके बाद राजस्व टीम की ओर से केएनपीजी की जमीन की पैमाइश कराई गई। महाविद्यालय के पास खुद की लगभग 63 एकड़ जमीन है। जमीन की उपलब्धता के बाद जिलाधिकारी ने शासन को रिपोर्ट भेजी और उसके बाद सौगात मिली।
महाविद्यालय के पास है इतनी जमीन
भदोही। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पास जोरई, वेदपुर, ददरहां महाविद्यालय के जीर्ण-शीर्ण भवन को मिलाकर 15.56 हेक्टेयर यानी 38.5 एकड़ भूमि है। महाविद्यालय का मुख्य एवं प्रशासनिक भवन 3.380 हेक्टेयर यानी 3.35 एकड़ और वेदपुर में ही 6.668 हेक्टेयर यानी 16.50 एकड़ महाविद्यालय की जमीन वेटरनरी कॉलेज के नाम से दर्ज है।
महाविद्यालय का सफरनामा
भदोही। एक अगस्त 1951 : काशी नरेश ने रखी थी आधारशिला। अब तक आगरा विश्वविद्यालय (1951-1959), गोरखपुर विश्वविद्यालय (1959-1988), पूर्वांचल विवि जौनपुर (1988-1995), काशी विद्यापीठ, वाराणसी (1995-2025) एवं विंध्याचल विवि (2025)। इसके अलावा छह हजार से ज्यादा विद्यार्थी हैं। नैक का बी ग्रेड प्राप्त है। करीब सवा सौ प्राध्यापक, करीब सौ तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। 19 विषयों की पढ़ाई होती है। उधर, स्मार्ट क्लास, मल्टीपरपज हॉल, लैब, पुस्तकालय, ई-लाइब्रेरी, आर्यभट्ट, भास्कर एवं ओबीसी छात्रावास हैं। खेल, एनसीसी, एनएसएस, रोवर्स-रेंजर्स व स्काउट गाइड जैसी व्यवस्थाएं हैं।
निर्माण को मिले हैं 551.19 लाख रुपये
भदोही। संयुक्त सचिव ने पत्र में कहा कि सरकार ने 551.19 लाख रुपये का बजट स्वीकृति कर निर्माण की अनुमति दी है। 2021 से कृषि संज्ञान भवन बना है, उसे महाविद्यालय का अंग माना जाएगा। इसके अलावा 15 एकड़ जमीन प्रयोगात्मक कार्य को खरीदी जाएगी। कहा कि वेटनरी कालेल का निर्माण नहीं हुआ है। ऐसे में उक्त जमीन वापस की जाएगी। महाविद्यालय के समस्त पदों को विश्व विद्यालय पद मान लिया जाएगा।
3 hours ago
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